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खिड़कियों के शीशे तोड़ने वाला बच्चा बना वर्ल्ड क्रिकेट का बादशाह—रोहित शर्मा का सफर

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के 'हिटमैन' रोहित शर्मा आज (30 अप्रैल)  39 साल के हो गए. रिकॉर्ड्स की चमक, कप्तानी की ठसक और बल्लेबाजी की सहजता… रोहित का करियर कई रंगों से बना है. लेकिन इस कहानी की सबसे दिलचस्प शुरुआत किसी स्टेडियम से नहीं, बल्कि एक बिल्डिंग की खिड़कियों से होती है. 2017 में टीवी होस्ट गौरव कपूर के शो Breakfast with Champions में रोहित ने अपने बचपन का एक किस्सा सुनाया था, जो आज भी उतना ही जीवंत लगता है. मुंबई की उस बिल्डिंग में, जहां रोहित बड़े हुए, क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, रोजमर्रा की आदत थी. खुद रोहित के शब्दों में, '24 घंटे नहीं, तो कम से कम 16 घंटे हम क्रिकेट देखते थे.' परिवार में चाचा-बुआ तक क्रिकेट खेल चुके थे और चाचा उनकी बल्लेबाजी पर इतनी बारीकी से नजर रखते थे कि छत पर खड़े होकर उनकी हर शॉट को परखते थे. …लेकिन यह जुनून कभी-कभी मुसीबत भी बन जाता था. बिल्डिंग के अंदर खेलते हुए रोहित और उनके दोस्तों ने कई बार पड़ोसियों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए. शिकायतें बढ़ीं, नाराजगी भी. आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंचा. एक दिन पुलिस आई और सख्त लहजे में चेतावनी दे गई, 'अगर दोबारा ऐसा किया, तो जेल में डाल देंगे.' उस चेतावनी के बाद मैदान का रुख जरूर किया गया, लेकिन बिल्डिंग क्रिकेट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. यही जिद, यही लगन उस बच्चे को आगे बढ़ाती रही, जो आगे चलकर दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनरों में गिना गया. रोहित शर्मा का नाम आते ही जो आंकड़ा सबसे पहले याद आता है, वह है- 264. 2014 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई यह पारी आज भी वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है. इससे पहले 209 और बाद में एक और दोहरा शतक (208*)…रोहित ने तीन डबल सेंचुरी जड़कर उस मुकाम को छुआ, जहां पहुंचना आज भी किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना है. उनकी बल्लेबाजी की खासियत सिर्फ बड़े स्कोर नहीं, बल्कि उसे हासिल करने का अंदाज है- सहज, संतुलित और समय पर आधारित. रोहित की टाइमिंग को अक्सर 'कला' कहा जाता है और 264 उस कला की सबसे बड़ी मिसाल है. धीमी शुरुआत, लेकिन ठोस वापसी आज भले ही रोहित का नाम महान बल्लेबाजों में लिया जाता हो, लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने पहले दो मैचों में शतक जरूर जड़े, लेकिन इसके बाद लंबा संघर्ष चला. अगली 16 पारियों में सिर्फ दो बार 50+ का स्कोर- यह आंकड़ा बताता है कि उन्हें खुद को साबित करने में कितना वक्त लगा. असल मोड़ 2013 में आया, जब उन्हें वनडे में ओपनिंग का मौका मिला. चैम्पियंस ट्रॉफी में लगातार अर्धशतक और फिर उसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209…यह वह दौर था, जब रोहित ने खुद को नए रूप में स्थापित किया.यहीं से 'हिटमैन' की कहानी ने रफ्तार पकड़ी. व्हाइट-बॉल का बादशाह, टेस्ट में भी चमक रोहित शर्मा को अक्सर सीमित ओवरों का दिग्गज कहा जाता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 176, 127 और 212 जैसे स्कोर उनके टेस्ट करियर के सुनहरे पन्ने हैं. वहीं 2021 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 161 रनों की पारी ने दिखाया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वह कितने भरोसेमंद हैं. हालांकि 2024 के बाद उनका टेस्ट करियर ढलान पर गया और उसी साल उन्होंने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. लेकिन जो छाप उन्होंने छोड़ी, वह लंबे समय तक याद रखी जाएगी. वर्ल्ड कप: बल्लेबाज और कप्तान- दो अलग कहानियां 2019 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा ने पांच शतक जड़कर 600 से ज्यादा रन बनाए.यह किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना जैसा प्रदर्शन है. लेकिन 2023 में उनका रोल बदल चुका था. इस बार वह सिर्फ रन बनाने वाले खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम के कप्तान थे. 597 रनों के साथ उन्होंने भारत को फाइनल तक पहुंचाया. 2024 में भारत का टी20 वर्ल्ड कप खिताब उन्हीं की कप्तानी में और 2025 की चैम्पियंस ट्रॉफी भी उन्हीं के रहते मिली. यहां रोहित का दूसरा रूप सामने आया- एक ऐसा कप्तान, जो टीम को आगे रखता है और खुद उदाहरण बनकर नेतृत्व करता है. आईपीएल में ‘मास्टरमाइंड’ कप्तान अगर फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बात करें, तो Mumbai Indians के साथ रोहित शर्मा का नाम एक सफल कप्तान के रूप में दर्ज है. 2013 से 2020 के बीच टीम को पांच बार खिताब दिलाना- यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी रणनीतिक समझ का प्रमाण है. रोहित ने न सिर्फ बल्लेबाज के रूप में, बल्कि कप्तान के तौर पर भी टीम को ऊंचाइयों तक पहुंचाया. रोहित शर्मा की कहानी सीधी नहीं है. इसमें संघर्ष है, ठहराव है और फिर विस्फोट है. बिल्डिंग में क्रिकेट खेलते हुए खिड़कियों के शीशे तोड़ने वाला बच्चा… आज क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े स्कोर का मालिक है. 39 साल की उम्र में भी रोहित की विरासत सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि उस अंदाज में है, जिससे उन्होंने खेल को खूबसूरत बनाया. और यही वजह है कि 'हिटमैन' सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक अनुभव है.  

मुंबई का 243 रन भी न था काफ़ी, हैदराबाद ने 6 विकेट से रौंदा

मुंबई  वानखेड़े स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 243 रनों का विशाल स्कोर डिफेंड न कर पाने के बाद मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या बेहद निराश नजर आए। हार के बाद दिए गए बयान में हार्दिक ने हार के कारणों और टीम की स्थिति पर खुलकर बात की। मुंबई इंडियंस ने बोर्ड पर 243 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद ने इस लक्ष्य को 8 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रन-चेज है। मैच के बाद हार्दिक पंड्या ने हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को नहीं बल्कि टीम के ओवरऑल प्रदर्शन और खराब गेंदबाजी को मुख्य कारण बताया। ओपनिंग साझेदारी और खराब गेंदबाजी बनी मुजरिम हार्दिक पंड्या ने स्पष्ट किया कि ओस ने मैच में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाई। उन्होंने हार का असली मुजरिम खराब गेंदों को बताया। हार्दिक ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि ओस की कोई खास भूमिका थी। बात बस इतनी थी कि उन्होंने (अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड) कुछ अच्छे शॉट्स खेले और हमने कुछ बहुत खराब गेंदें फेंकी। उन्हें शानदार शुरुआत मिल गई। हमने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन वह काफी नहीं था।' इतना बड़ा स्कोर नहीं बचा पाने के बावजूद हार्दिक ने अपने गेंदबाजों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह अपने गेंदबाजों को इस हार का इकलौता दोषी मानकर उन पर दबाव नहीं डालेंगे। हार्दिक के अनुसार, 'मैं अपने गेंदबाजों को दोष नहीं दूंगा। मुझे भरोसा था कि 244 का स्कोर डिफेंड किया जा सकता है, लेकिन आज हमारा एग्जीक्यूशन सही नहीं रहा। एक यूनिट के तौर पर हम वो नहीं कर पाए जिसके लिए मुंबई इंडियंस जानी जाती है।' किस्मत और मौकों का हाथ से निकलना मैच में ट्रेविस हेड का एक कैच छूटना या अपील न करना मुंबई को बहुत भारी पड़ा। इस पर हार्दिक ने कहा कि जब आप मौके भुनाते हैं, तब मोमेंटम बदलता है, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते तो यह आपको चोट पहुंचाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस सीजन में किस्मत और मौके उनके पक्ष में नहीं रहे हैं। फैंस की हूटिंग और वफादारी पर दर्द मैच के दौरान वानखेड़े में विपक्षी टीम के नाम के नारे लगने पर हार्दिक ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी दुख होता है जब विपक्षी टीम आती है और फैंस उनके नाम के नारे लगाते हैं। हमारे फैंस बहुत वफादार रहे हैं, लेकिन हमें उन्हें एंटरटेन करने और उनका भरोसा फिर से जीतने की जरूरत है।'  

शुभमन गिल की टाइटंस तैयार, लेकिन भुवनेश्वर कुमार-हेजलवुड की जोड़ी बनेगी सबसे बड़ी चुनौती

नई दिल्ली  आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और गुरुवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक हाई-वोल्टेज मुकाबला होने जा रहा है। गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार आमने-सामने होंगे। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टाइटंस पिछली हार का हिसाब चुकता करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, क्योंकि पिछली भिड़ंत में RCB ने 206 रनों के विशाल लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया था। गुजरात टाइटंस के लिए बदले का मौका गुजरात टाइटंस ने पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर अपनी हार का सिलसिला तोड़ दिया है। यह जीत टीम के मनोबल के लिए संजीवनी साबित हुई है। हालांकि, बेंगलुरु के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए उन्हें अपनी पुरानी गलतियों से सीखना होगा। विशेष रूप से, टाइटंस को अपनी सुरक्षित बल्लेबाजी की रणनीति को बदलकर थोड़ा और आक्रामक रुख अपनाना होगा। RCB का विजय रथ, गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बेजोड़ संतुलन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस समय शानदार फॉर्म में है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मुकाबले में उनके गेंदबाजों ने जो कहर बरपाया, उससे पूरी लीग में खौफ है। पूरी दिल्ली की टीम को मात्र 75 रनों पर समेटकर बेंगलुरु ने अपनी गेंदबाजी की ताकत का लोहा मनवाया है। भुवनेश्वर और हेजलवुड का डबल अटैक बेंगलुरु की सफलता का एक बड़ा श्रेय उनके अनुभवी तेज गेंदबाजों को जाता है। 36 साल के भुवनेश्वर कुमार और 35 साल के जोश हेजलवुड ने साबित कर दिया है कि टी20 क्रिकेट में अनुभव से बढ़कर कुछ नहीं है। पिछले मैच में इन दोनों ने मिलकर सिर्फ 17 रन दिए और 7 महत्वपूर्ण विकेट झटके। टाइटंस के बल्लेबाजों के लिए इस जोड़ी की सटीक लाइन-लेंथ से पार पाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। 200 का आंकड़ा अब बच्चों का खेल RCB की बल्लेबाजी इस समय फीयरलेस मोड में है। फिल साल्ट जैसे विस्फोटक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में भी जैकब बेथेल ने टीम के आक्रमण को कमजोर नहीं होने दिया। बेंगलुरु के लिए अब 200 से अधिक का लक्ष्य पीछा करना या बनाना बेहद आसान नजर आ रहा है। उनकी गहराई भरी बल्लेबाजी लाइन-अप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने की क्षमता रखती है।  

रयान की 123 रनों की शतकीय पारी, MI ने SRH के सामने खड़ा किया बड़ा टारगेट

मुंबई  मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रयान रिकल्टन की शतकीय पारी की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 243 रन बनाए। वानखेड़े स्टेडियम में सलामी बल्लेबाज रयान रिकल्टन ने नाबाद 123 रन बनाए। मुंबई इंडियंस की नई सलामी जोड़ी आज पारी की शुरुआत करने उतरी। मुंबई ने विल जैक्स और रयान रिकल्टन को पारी की शुरुआत के लिए भेजा है। विल जैक्स और रयान रिकल्टन ने टीम को दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। विल जैक्स 22 गेंद में 46 रन बनाकर नितीश का शिकार बने। सूर्यकुमार यादव 5 गेंद में 5 रन ही बना सके। नमन धीर 17 गेंद में 22 रन बनाकर आउट हुए। मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। कलाई की चोट के कारण क्विटंन डिकॉक मुंबई की एकादश का हिस्सा नहीं हैं। रेयान रिकेल्टन और रोबिन मिंज को एकादश में शामिल किया गया है। हार्दिक ने बताया कि चोटिल अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को अब भी एकादश में वापसी के लिए कुछ और मैच लगेंगे।सनराजर्स ने शिवांग की जगह हर्ष दुबे को एकादश में जगह दी है। मुंबई-हैदराबाद प्लेइंग इलेवन मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): रयान रिकेल्टन (विकेट कीपर), विल जैक्स, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या (कप्तान), रॉबिन मिंज, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, एएम गजनफर, अश्विनी कुमार सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा (विकेट कीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्ष दुबे, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे, ईशान मलिंगा    

मुंबई इंडियंस का भावनात्मक इशारा: काली पट्टी में खेला मैच, सोशल मीडिया पर हुई तारीफ

मुंबई  मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में बांह पर काली पट्टी बांधकर खेलने उतरे हैं। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक तौर पर इस कदम के पीछे की दुखद वजह बताई है। मुंबई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि टीम के सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य की बेटी का असामयिक निधन हो गया है। फ्रेंचाइजी ने परिवार के प्रति एकजुटता और संवेदना व्यक्त करने के लिए काली पट्टी बांधी है। फ्रेंचाइजी ने मैच से पहले बयान जारी करके कारण की पुष्टि की। इसमें कहा गया कि खिलाड़ी काली पट्टी परिवार के साथ स्मृति और एकजुटता के प्रतीक के रूप में पहन रहे हैं। फ्रेंचाइजी ने कहा, "हमारे सपोर्ट स्टाफ की बेटी के असामयिक निधन के कारण, परिवार के साथ स्मृति और एकजुटता के प्रतीक स्वरूप मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी आज काली आर्मबैंड पहनेंगे'' मुंबई इंडियंस ने परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हुए सपोर्ट स्टाफ सदस्य या परिवार के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।

ICC की चेतावनी के बीच श्रीलंका सरकार कर सकती है क्रिकेट बोर्ड में अंतरिम नियुक्ति

श्रीलंका श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा भूचाल आ गया है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके साथ ही पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी ने भी सामूहिक रूप से पद छोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के दबाव के बाद लिया गया. सरकार और जनता लगातार क्रिकेट बोर्ड में बदलाव की मांग कर रहे थे. बोर्ड पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप भी लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक, अब सरकार जल्द ही एक अंतरिम समिति (इंटरिम कमेटी) नियुक्त कर सकती है, जो फिलहाल क्रिकेट संचालन संभालेगी. हालांकि, यह फैसला श्रीलंका के लिए मुश्किलें भी बढ़ा सकता है. ICC पहले भी साफ कर चुका है कि वह सरकारी दखल को स्वीकार नहीं करता. ICC सिर्फ चुनी हुई (इलेक्टेड) क्रिकेट बॉडी को ही मान्यता देता है. आईसीसी बन सकता है मुसीबत पहले भी जब श्रीलंका में अंतरिम व्यवस्था लागू की गई थी, तब ICC ने कड़ा रुख अपनाया था. साल 2023 में तो श्रीलंका को ICC से सस्पेंड तक कर दिया गया था, जिससे फंडिंग रोक दी गई और टूर्नामेंट भी छीन लिए गए थे. अगर इस बार भी सरकार ने सीधे नियंत्रण लिया, तो श्रीलंका क्रिकेट को फिर से ICC के एक्शन का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन खास नहीं रहा है. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम 9वें स्थान पर रही थी और हाल के T20 वर्ल्ड कप में भी निराशाजनक प्रदर्शन किया. कोच Gary Kirsten की नियुक्ति के बाद भी हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ. कुल मिलाकर, श्रीलंका क्रिकेट इस वक्त बड़े बदलाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है.  

मुंबई इंडियंस ने जीता टॉस, वानखेड़े में हैदराबाद पहले करेगी गेंदबाजी

 मुंबई  मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल 2026 का 41वां मुकाबला बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। हार्दिक पांड्या के नेतृत्व में टीम सात मैच खेलते हुए सिर्फ दो जीत सकी है। रोहित शर्मा भी चोट के कारण पिछले कुछ मैचों से बाहर हैं, जबकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह गेंद से कमाल नहीं दिखा पा रहे हैं। मुंबई की टीम चार अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर है। मुंबई ने अपना पिछला मैच एक सप्ताह पहले खेला था, जहां चेन्नई सुपर किंग्स से उसे 103 रनों से हार मिली थी और इस वजह से टीम का नेट रन रेट भी नीचे चला गया है। वहीं दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की टीम शुरुआती हार से उबर चुकी है और अपने पिछले चार मुकाबले जीते हैं। पिछले मुकाबले में नियमित कप्तान पैट कमिंस की भी वापसी हुई है। टीम इस प्रकार हैं मुंबई इंडियंस: हार्दिक पांड्या (कप्तान), क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक, मयंक रावत, नमन धीर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, दीपक चाहर, कृष भगत, एएम गजनफर, केशव महाराज, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा. सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रैविस हेड, रविचंद्रन अश्विन, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंडु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवम मावी, शिवांग कुमार, अमित कुमार, गेराल्ड कोएत्ज़ी, प्रफुल्ल हिंगे, साकिब हुसैन, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, ओंकार तरनाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी।

GT और RCB के बीच IPL 2026 का मुकाबला – संभावित प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 42वें मैच में गुजरात टाइटंस (GT) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से 30 अप्रैल को होगा। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली RCB ने अब तक 6 मैच जीते हैं और 2 में शिकस्त झेली है। वहीं, शुभमन गिल के नेतृत्व वाली GT ने 4 मुकाबले जीते हैं और 4 में ही हार झेली है। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहा है लगभग बराबरी का मुकाबला IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान RCB को 4 मैच में जीत मिली है। GT ने भी 3 मुकाबले अपने नाम किए हैं। IPL 2026 की पहली भिड़ंत में RCB ने GT को 5 विकेट से हराया था। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच एक मैच हुआ था। उस मुकाबले को GT ने 8 विकेट से अपने नाम किया था। ऐसी हो सकती है GT की प्लेइंग इलेवन GT ने अपने पिछले मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) को हराया था। उस मैच में साई सुदर्शन ने 87 रन की पारी खेली थी। वह कप्तान गिल के साथ मिलकर एक बार फिर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की कोशिश करेंगे। संभावित एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राशिद खान, जेसन होल्डर, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा और अशोक शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है RCB की टीम RCB ने अपने पिछले मैच में DC को 9 विकेट से हराया था। उस मैच में DC की टीम सिर्फ 75 रन पर सिमट गई थी। RCB से जोश हेजलवुड ने 4 और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लिए थे। तेज गेंदबाजों की ये जोड़ी अगले मैच में भी कहर बरपाना चाहेगी। संभावित एकादश: जैकब बेथल, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, और सुयश शर्मा। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर GT: राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, मानव सुथार, कुलवंत खेजरोलिया और अनुज रावत। RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, और अभिनंदन सिंह। कैसा है नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच का मिजाज? नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में काली और लाल मिट्टी की अलग-अलग पिचें हैं। लाल मिट्टी की पिचें काली मिट्टी की तुलना में तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करती हैं। यहां बल्लेबाजों को आमतौर पर रन बनाना आसान रहता है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। काली मिट्‌टी की पिच पर उछाल सामान्य होता है, लेकिन स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पहली पारी का औसत स्कोर 179 रन है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 30 अप्रैल को अहमदाबाद में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें कोहली इस सीजन में भी निरंतर रन बना रहे हैं। उन्होंने 8 पारियों में 58.50 की औसत और 162.50 की स्ट्राइक रेट के साथ 351 रन बनाए हैं। GT के कप्तान गिल ने 7 पारियों में 47 की औसत और 148.64 की स्ट्राइक रेट के साथ 330 रन अपने नाम किए हैं। गेंदबाजी में भुवनेश्वर इस सीजन में अब तक 16.85 की औसत और 7.61 की इकॉनमी रेट से 14 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RCB और GT के बीच यह मुकाबला 30 अप्रैल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट केस: IPL नियम और भारतीय कानून दोनों में फंस सकते हैं पराग

नई दिल्ली जिस मैच के लिए राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग की तारीफ होनी चाहिए थी, उस मैच के लिए उनकी जमकर आलोचना हो रही है। इतना ही नहीं, रियान पराग को कड़ी सजा बीसीसीआई और भारतीय कानून दे सकता है। मामला कुछ यूं है कि राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग आईपीएल 2026 के मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट के कश लगाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। इस पर अब बवाल मचा हुआ है, लेकिन आप जान लीजिए कि रियान पराग को क्या सजा इस मामले में मिल सकती है। सबसे पहली बात तो यह है कि भले ही रियान पराग की वैपिंग की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन बीसीसीआई किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले मैच के फुटेज की प्रमाणिकता जांचेगी और फिर रियान पराग के साथ-साथ राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट से भी पूछताछ करेगी। मैच अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा जो खिलाड़ी इस फ्रेम में नजर आ रहे हैं। उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। अगर पाया गया कि रियान पराग ने वाकई में ई-सिगरेट का सेवन ड्रेसिंग रूम में किया है तो उन्हें कड़ी सजा मिलना स्वाभाविक है। क्या है रियान पराग का वैपिंग का मामला? दरअसल, आईपीएल 2026 के 40वें मैच में पंजाब किंग्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की टीम जब रन चेज कर रही थी, तो 16वें ओवर के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ड्रेसिंग रूम के अंदर वैपिंग करते कैमरे में कैद हुए थे। शुरुआती तस्वीरों को देखकर साफ कहा जा सकता है कि वे ई-सिगरेट से कश लगाते नजर आ रहे थे। अभी तक आईपीएल या राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक बयान इस पर नहीं आया है। क्या हैं IPL के नियम और सजा? IPL मैचों के दौरान ड्रेसिंग में रूम नौ स्मोकिंग जोन के अंतर्गत आता है। बीसीसीआई ने तंबाकू से संबंधित सभी उत्पादों को प्रतिबंधित किया हुआ है। ऐसे में ई-सिगरेट यानी वैपिंग करना भी ड्रेसिंग रूम में बैन है। ऐसा करने पर बीसीसीआई खिलाड़ी या अन्य सपोर्ट स्टाफ को फटकार लगा सकती है। मैच फीस का फाइन ठोक सकती है या फिर खिलाड़ी को बैन भी कर सकती है। ये अपराध तय होने के बाद की बात है। अभी तक कोई आधिकारिक फैसला आईपीएल की ओर से नहीं आया है। क्या कानूनी कार्रवाई होगी? आपकी जानकारी के लिए बता दें, ई-सिगरेट 2019 से ही भारत में बैन हैं। The Prohibition of Electronic Cigarettes Act (PECA), 2019 एक्ट के अनुसार ई-सिगरेट बनाना, बेचना, रखना और यहां इसका उपयोग करना भी प्रतिबंधित है। इसके लिए भारतीय कानून में सजा का भी प्रावधान है। पहली बार इसका उल्लंघन करने पर एक साल तक की सजा या एक लाख तक का फाइन लग सकता है। दोनों सजा भी दी जा सकती हैं। बार-बार यह अपराध करने पर 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना मुकर्रर किया गया है। यहां तक कि ई-सिगरेट रखने पर भी सजा मिल सकती है। क्या पहले भी हुआ है IPL में ऐसा मामला? आईपीएल में पहली बार इस तरह की हरकत किसी खिलाड़ी ने की है। आईपीएल में स्मोकिंग को लेकर सख्त नियम हैं। ड्रेसिंग रूम और डगआउट में वैपिंग की अनुमति नहीं है। पहली बार ऐसा मामला सामने आया है। इस पर बीसीसीआई ऐक्शन इस वजह से भी ले सकती है कि आगे ऐसी कोई हरकत खिलाड़ी न करे। हालांकि, इसी सीजन राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उन पर फाइन लगाया गया था। क्यों उछल रहा है ये मामला? रियान पराग का वैपिंग करने का मामला इसलिए भी तूल पकड़ रहा है, क्योंकि रियान पराग की व्यक्तिगत फॉर्म इस सीजन बहुत खराब रही है। 117 रन ही वे इस सीजन अब तक खेले गए 9 मैचों में बना पाए हैं। स्ट्राइक रेट भी उनका 125 से कम का है। क्लिप के वायरल होने पर अब आईपीएल और राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी पर भी दबाव होगा, क्योंकि फैंस के प्रति वही जवाबदेह हैं।

सिर्फ 9 मैचों में 37 छक्के! सूर्यवंशी बने IPL 2026 के सबसे खतरनाक बल्लेबाज

नई दिल्ली मंगलवार रात न्यू चंडीगढ़ में पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के मुकाबले ने सिर्फ मैच का नतीजा नहीं बदला, बल्कि ऑरेंज कैप की तस्वीर भी फिर पलट दी… और जैसे ही धुआंधार 16 गेंदों में 43 रन की पारी आई- 5 छक्कों के साथ…सूर्यवंशी फिर नंबर-1. 400 पार… और बाकी सब पीछे IPL 2026 में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले वह पहले बल्लेबाज बन गए हैं. 9 मैच, 400 रन, 238+ का स्ट्राइक रेट- ये आंकड़े सिर्फ अच्छे नहीं, दबदबे वाले हैं. सीजन की शुरुआत 52, 31, 39 और 78 जैसी पारियों से हुई, फिर थोड़ी गिरावट आई, लेकिन असली खिलाड़ी वही होता है जो वापसी करना जानता है. और सूर्यवंशी ने वापसी भी ऐसी की- – 46 रन – 103 रन (37 गेंद, 12 छक्के!) – और अब 43 (16 गेंद) IPL 2026 में छक्कों की बरसात की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी सबसे आगे खड़े हैं. 9 मैचों में 37 छक्के ठोककर बाकी सभी को पीछे छोड़ दिया है. उनके बाद अभिषेक शर्मा 28 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं, जबकि प्रियांश आर्य (26), रजत पाटीदार (23) और श्रेयस अय्यर (22) भी इस रेस में हैं, लेकिन सूर्यवंशी की रफ्तार सबसे अलग नजर आती है. (आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड आज भी क्रिस गेल के नाम है. उन्होंने 2012 में RCB के लिए खेलते हुए सिर्फ 14 पारियों में 59 छक्के जड़ दिए थे.) एक पारी में अकेले 12 छक्के…. 25 अप्रैल, जयपुर- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 103 रनों की पारी, जिसमें 12 छक्के… एक पारी, जिसने पूरे सीजन का टोन सेट कर दिया. IPL के इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड अभी भी क्रिस गेल (17) के नाम है… लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की बात करें, तो अब इस लिस्ट में एक नया नाम सबसे ऊपर चमक रहा है और वह कोई और नहीं वैभव सूर्यवंशी हैं. दरअसल,  SRH के खिलाफ जयपुर में 37 गेंदों में 103 रनों की पारी खेलते हुए वैभव ने 12 छक्के जड़ दिए और इसके साथ ही वह IPL इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की टॉप लिस्ट में शामिल हो गए. ऑरेंज कैप की रेस: लेकिन लीडर साफ… पीछे भी बड़े नाम हैं, लेकिन फिलहाल सब सूर्यवंशी के पीछे – – वैभव सूर्यवंशी- 400 रन – अभिषेक शर्मा- 380 रन – केएल राहुल- 358 रन – विराट कोहली- 351 रन – हेनरिक क्लासेन- 349 रन (आंकड़े इस आईपीएल में अब तक खेले गए 40 मैचों तक)  क्यों अलग हैं सूर्यवंशी? सिर्फ स्ट्राइक रेट नहीं, उनका गेम टेम्परामेंट अलग है. – शुरुआत से अटैक – स्पिन और पेस- दोनों पर बराबर हमला – मैच की स्थिति बदलने की क्षमता – और सबसे बड़ी बात- डर का नाम नहीं. कहानी अभी बाकी है… आईपीएल लंबा है, फॉर्म बदलती है, लेकिन अभी की तस्वीर साफ है- ऑरेंज कैप सिर्फ एक कैप नहीं, यह इस वक्त सूर्यवंशी के ‘राज’ का प्रतीक है. अगर यही लय जारी रही, तो IPL 2026 सिर्फ एक सीजन नहीं रहेगा- यह वैभव सूर्यवंशी के नाम का अध्याय बन जाएगा.