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बेंगलुरु की जीत से टॉप पर पहुंची टीम, लखनऊ को हराया, कोहली और रसिक की बेहतरीन बल्लेबाजी

बेंगलुरु लखनऊ सुपर जाएंट्स को आईपीएल 2026 में अपनी तीसरी हार का सामना बुधवार, 15 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ करना पड़ा। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी एलएसजी की टीम चिन्नास्वामी जैसे छोटे मैदान पर भी 146 रन ही बना पाई। यहां आरसीबी के गेंदबाजों की भी तारीफ बनती है, जिन्होंने कसी हुई गेंदबाजी कर लखनऊ के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। हालांकि 147 रनों के टारगेट को डिफेंड करते हुए लखनऊ ने एक ऐसी बड़ी गलती की, जिसे कहा जा सकता है कि यही उनकी हार की वजह भी बनी। LSG के पास पहले ही ओवर में था विराट कोहली को आउट करने का मौका मोहम्मद शमी ने आरसीबी के खिलाफ पहले ओवर में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर से कुल 6 रन ही लुटाए। पहले ओवर की आखिरी गेंद पर विराट कोहली स्ट्राइक पर थे। कोहली ने शमी की गेंद को हलके हाथों से खेला और रन के लिए दौड़ पड़े। गेंद सीधा फील्डर हिम्मत सिंह के पास गई। कोहली रन के लिए दौड़ पड़े थे और फील्डर गेंद के बेहद नजदीक था, तब सॉल्ट ने रन लेने से इनकार किया, मगर तब तक कोहली आधी क्रीज तक पहुंच गए थे। रनआउट करने के प्रयास में हिम्मत सिंह ने अपनी नजरें गेंद से हटा ली थी, जिस वजह से वह गेंद को उठा ही नहीं पाए। गेंद फील्डर से दूर चली गई जिसके बाद सॉल्ट रन के लिए दौड़ और रन पूरा किया। अगर इस मौके पर लखनऊ सुपर जाएंट्स विराट कोहली को आउट करने में कामयाब रहता तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। विराट कोहली ने खेली शानदार पारी इस जीवनदान के बाद विराट कोहली लखनऊ सुपर जाएंट्स के गेंदबाजों पर कहर बनकर बरसे। विराट ने 6 चौकों और 1 गगनचुंबी छक्के की मदद से 49 रनों की पारी खेली। हालांकि वह एक रन से अर्धशतक से चूक गए। आवेश खान के 11वें ओवर की पहली गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में विराट लॉन्ग ऑन की दिशा में कैच थमा बैठे। हालांकि कोहली आरसीबी की जीत की नींव रख चुके थे। कैसा रहा RCB vs LSG मैच? रसिख सलाम और भुवनेश्वर कुमार की तूफानी गेंदबाजी के बाद विराट कोहली की अगुआई में बल्लेबाजों के उम्दा प्रदर्शन से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम इंडियन प्रीमियर लीग में बुधवार को यहां लखनऊ सुपर जाइंट्स को पांच विकेट से हराकर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। सुपर जाइंट्स के 147 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने कोहली की 34 गेंद में छह चौकों और एक छक्के से 49 रन की पारी की बदौलत 29 गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 149 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। कोहली ने देवदत्त पडिक्कल (10) के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रन भी जोड़े। सुपर जाइंट्स की ओर से प्रिंस यादव (32 रन पर तीन विकेट) ने तीन जबकि आवेश खान (23 रन पर दो विकेट) ने दो विकेट चटकाए लेकिन अपनी टीम को पांच मैच में तीसरी हार से नहीं बचा पाए। इस जीत से बेंगलुरु की टीम पांच मैच में चार जीत से आठ अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गई है। राजस्थान रॉयल्स के भी आठ अंक हैं लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम बेहतर नेट रन रेट के कारण शीर्ष पर है। रसिख (24 रन पर चार विकेट) और भुवनेश्वर (27 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने सुपर जाइंट्स की टीम पारी की अंतिम गेंद पर 146 रन पर सिमट गई। कृणाल पंड्या ने भी 38 रन देकर दो विकेट हासिल किए। सुपर जाइंट्स की ओर से सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने सर्वाधिक 40 रन बनाए जबकि मुकुल चौधरी ने 39 और आयुष बडोनी ने 38 रन का योगदान दिया लेकिन तीनों में से कोई भी अच्छी शुरुआत को बड़ी परी में नहीं बदल पाया।

हॉकी में उभरता मध्यप्रदेश: बेटों के साथ बेटियों ने भी बढ़ाया राज्य का मान

हॉकी में उभरता मध्यप्रदेश: बेटियों के साथ बेटों ने भी बढ़ाया प्रदेश का मान महिला खिलाड़ियों के साथ पुरुष वर्ग में भी कई खिलाड़ियों का राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए चयन, SAI भोपाल में होगा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण भोपाल  मध्यप्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों के साथ अब प्रदेश के बेटों ने भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए राज्य को गौरवान्वित किया है। Hockey India द्वारा आयोजित सब-जूनियर (अंडर-18) राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए महिला वर्ग में 5 एवं पुरुष वर्ग में भी प्रदेश के कई खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जो राज्य में विकसित हो रही खेल प्रतिभाओं और सुदृढ़ प्रशिक्षण तंत्र का प्रमाण है। SAI भोपाल में होगा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हॉकी इंडिया के निर्देशन में 19 अप्रैल से 25 मई 2026 तक Sports Authority of India (SAI) केंद्र, भोपाल में राष्ट्रीय कोचिंग कैंप आयोजित किया जाएगा। इस कैंप में देशभर से चयनित 40-40 उत्कृष्ट खिलाड़ी (महिला एवं पुरुष वर्ग) भाग लेंगे, जिन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह कैंप आगामी अंडर-18 एशिया कप (जापान) के लिए टीम चयन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश की चयनित महिला खिलाड़ी—प्रदेश का गौरव महिला वर्ग में मध्यप्रदेश से चयनित खिलाड़ियों में महक परिहार, शालिनी सिंह, स्नेहा दवाड़े, नम्मी गीताएवं नौसीन नाज़ शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने रांची (झारखंड) में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह उपलब्धि अर्जित की है। पुरुष वर्ग में भी मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन पुरुष वर्ग में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में स्थान बनाया है। चयनित खिलाड़ियों में अंश बहुत्रा, सिद्धार्थ बेन, आयुष राजक, करण गौतम, गज़ी खान एवं अवि माणिकपुरी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का चयन राजगीर (बिहार) में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश में हॉकी का विकास संतुलित रूप से बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में हो रहा है।  सुदृढ़ खेल नीति एवं प्रशिक्षण का प्रतिफल यह उपलब्धि राज्य शासन द्वारा संचालित खेल अकादमियों, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति, आधुनिक खेल अधोसंरचना तथा अनुभवी प्रशिक्षकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा खेलों के समग्र विकास हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों से प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल मंत्री सारंग ने दी शुभकामनाएं प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने चयनित सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की क्षमता, अनुशासन एवं समर्पण का परिचायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये खिलाड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। प्रदेश में हॉकी को मिल रही नई दिशा मध्यप्रदेश में हॉकी खेल के प्रति बढ़ती रुचि एवं उपलब्धियों से यह स्पष्ट है कि राज्य खेलों के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। खेल अकादमियों में उपलब्ध उन्नत प्रशिक्षण, पोषण प्रबंधन एवं प्रतिस्पर्धात्मक अवसरों के माध्यम से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के लिए तैयार किया जा रहा है। अकादमी प्रशिक्षण बना सफलता का आधार मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमियों में आधुनिक तकनीक, फिटनेस मैनेजमेंट और अनुभवी कोचिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को निखारा जा रहा है। यही कारण है कि अब प्रदेश के खिलाड़ी लगातार महिला और पुरुष दोनों वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हो रहे हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।  

32 की उम्र में विक्टर एक्सेलसन का रिटायरमेंट, बैडमिंटन जगत को झटका

 नई दिल्‍ली  डेनमार्क के शटलर विक्‍टर एक्‍सेलसन ने बुधवार को पेशेवर बैडमिंटन से संन्‍यास लिया। एक्‍सेलसन ने 32 की उम्र में संन्‍यास लेकर बैडमिंटन जगत को चौंकाया। उन्‍होंने इंस्‍टा पोस्‍ट के जरिये संन्‍यास लेने की असली वजह बताई। महान लिन डान के बाद एक्‍सेलसन दूसरे शटलर हैं, जिन्‍होंने अपने ओलंपिक गोल्‍ड मेडल की रक्षा की। एक्‍सेलसन ने आखिरी बार फ्रेंच ओपन में हिस्‍सा लिया था। पिछले काफी समय से पीठ की चोट से जूझ रहे विक्‍टर ने आखिरी प्रमुख खिताब इंडिया ओपन जीता था। एक्‍सेलसन का इंस्‍टा पोस्‍ट आज का दिन मेरे लिए आसान नहीं हैं। लगातार पीठ की चोट की समस्‍या के कारण मैं उच्‍च स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धा और ट्रेनिंग नहीं कर पाऊंगा। एंडोस्‍कोपिक सर्जरी के बाद कई इंजेक्‍शन लगे, नई ट्रेनिंग मेथड अपनाई, उपचार कराया और लंबे समय तक वो हर कुछ किया, जिससे दर्द से आराम मिले। मुझे लंबे समय तक स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान देने की सलाह मिली है। इस स्थिति को स्‍वीकार करना मेरे लिए काफी मुश्किल है। मगर अब मैं उस जगह पहुंच गया हूं, जहां मेरा शरीर लगातार खेलने की अनुमति नहीं दे रहा है पिछले साल काफी परेशान विक्‍टर एक्‍सेलसन के करियर का टर्निंग प्‍वाइंट साल 2025 बना, जहां चोटों से वो घिर गए और आखिरकार संन्‍यास लेना पड़ा। अप्रैल 2025 में उन्‍होंने डिस्‍क हर्नियेशन को ठीक करने के लिए एंडोस्‍कोपिक सर्जरी कराई, जिसके कारण वो पांच महीने एक्‍शन से दूर रहे। इस वजह से वो पेरिस में वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में हिस्‍सा नहीं ले पाए। सितंबर में विक्‍टर की बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी हुई, लेकिन हांगकांग ओपन के पहले ही दौर में वो बाहर हो गए। उन्‍होंने इस खराब प्रदर्शन के लिए शारीरिक कठिनाई को दोषी करार दिया। विक्‍टर का दर्द लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्‍हें असमायिक ही संन्‍यास की घोषणा करना पड़ी। विक्‍टर की उपलब्धियां     ओलंपिक – 2016 में ब्रॉन्‍ज, 2020 और 2024 में गोल्‍ड मेडल     वर्ल्‍ड चैंपियनशिप्‍स – 2014 में ब्रॉन्‍ज, 2017 और 2022 में गोल्‍ड।     ऑल इंग्‍लैंड चैंपियनशिप्‍स – 2020 और 2022 के विजेता।  

IPL 2026 में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी पर संकट, पहले भी झेल चुके हैं कप्तानी का दबाव

कलकत्ता IPL 2026 के बीच में अगर एक कप्तान से कप्तानी छीन ली जाए तो हैरान मत होना। आईपीएल का इतिहास ऐसा रहा है। टीमें बीच सीजन में अपने कप्तान बदल देती हैं या फिर खिलाड़ी कप्तानी छोड़ देते हैं। आईपीएल 2026 में ऐसा कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे के साथ हो सकता है। आखिर रहाणे से केकेआर कप्तानी क्यों छी सकती है? इसके पीछे कई कारण हैं, उनके बारे में जान लीजिए। सबसे पहले बात आईपीएल 2026 में टीम के प्रदर्शन की करें, तो कोलकाता नाइट राइडर्स ने एक भी मुकाबला नहीं जीता है। एक अंक टीम के खाते में जरूर है, लेकिन वह भी उन्हें बारिश से बाधित मैच के रद्द होने की वजह से मिला था। उस मुकाबले में भी टीम की हालत खस्ता थी। बाकी के चार मुकाबले टीम हार ही चुकी है। हालांकि, इसमें सिर्फ कप्तान का दोष नहीं है, क्योंकि बाकी खिलाड़ी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे, लेकिन क्रिकेट में हमेशा कप्तान को ही ज्यादा जिम्मेदार हार के लिए ठहराया जाता है, मगर जीत के लिए उतना श्रेय शायद नहीं मिलता है। आईपीएल 2025 में भी अजिंक्य रहाणे टीम के कप्तान थे। केकेआर की टीम ने 2024 में खिताब (श्रेयस अय्यर की कप्तानी में) जीता था, लेकिन अगले ही साल टीम प्लेऑफ्स के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाई। 14 मैच रहाणे की कप्तानी में पिछले सीजन केकेआर ने खेले और उनमें से सिर्फ 5 मैचों में टीम को जीत मिली। 7 मुकाबले टीम ने गंवाए और दो मुकाबले बेनतीजा रहे। इस तरह 12 अंक केकेआर के खाते में थे। रहाणे खराब कप्तान अब आते हैं अजिंक्य रहाणे के आईपीएल में कप्तानी करियर पर तो वे अब तक 43 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं और 14 मुकाबलों में अपनी टीमों को जीत दिला पाए हैं। उनका जीत प्रतिशत महज 34.14 का है, जो 30 से ज्यादा मैचों में कप्तानी करते हुए सबसे घटिया है। वे कोलकाता नाइट राइडर्स से पहले राजस्थान रॉयल्स और राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स की कप्तानी कर चुके हैं। अजिंक्य रहाणे की मौजूदा फॉर्म पर नजर डालें तो पांच मैचों में एक अर्धशतक और एक 41 रनों की पारी जरूर है, लेकिन उतनी प्रभावी पारियां नहीं रही हैं। यहां तक कि आईपीएल करियर का उनका स्ट्राइक रेट 125 के आसपास है। आज के समय में इम्पैक्ट प्लेयर के आने से ये स्ट्राइक रेट कुछ भी नहीं है। पिछले कुछ सालों में स्ट्राइक रेट में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन इतनी नहीं है कि वे बाकी के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को मात दे सकें। केकेआर और आईपीएल का इतिहास आईपीएल में हम कई टीमों के साथ देख चुके हैं कि उन्होंने बीच सीजन में कप्तान बदला है। यहां तक कि कोलकाता नाइट राइडर्स में भी एक बार ऐसा हो चुका है। दिनेश कार्तिक ने कप्तानी छोड़कर इयोन मोर्गन को सौंपी थी। कार्तिक ने इसके पीछे का कारण बैटिंग पर फोकस करना बताया था, लेकिन अंदर क्या बात हुई होगी, ये सभी को पता है। टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी। हम रिकी पोंटिंग, डेविड वॉर्नर, गौतम गंभीर, दिनेश कार्तिक, रविंद्र जडेजा, डेविड मिलर, शिखर धवन, शेन वॉटसन, डैनियल विटोरी और खुद अजिंक्य रहाणे से बीच सीजन में कप्तानी जाते हुए देख चुके हैं। अगर अजिंक्य रहाणे को केकेआर की कप्तानी से हटाया जाता है तो उनके लिए यह नया नहीं होगा। वे इस जिल्लत को पहले भी झेल चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान वे 2019 में थे, लेकिन मैनेजमेंट ने बीच सीजन में स्टीव स्मिथ को कप्तानी सौंप दी थी। बाद में फिर से रहाणे ने उस सीजन कप्तानी की थी। रहाणे नहीं तो कौन होगा केकेआर का कप्तान? ये सबसे बड़ा सवाल है कि अगर अजिंक्य रहाणे से कप्तानी छीनी जाती है तो फिर केकेआर का कप्तान अगला कौन होगा? बहुत ज्यादा विकल्प टीम के पास नहीं हैं। रिंकू सिंह एक विकल्प हैं, जो कि उपकप्तान नियुक्त किए गए हैं, लेकिन उनकी फॉर्म भी अच्छी नहीं है। मनीष पांडे विकल्प हैं, लेकिन वह भी लगातार नहीं खेल रहे और न ही फॉर्म में हैं। रोवमैन पॉवेल के पास कप्तानी का अनुभव है और उनका रिकॉर्ड भी वेस्टइंडीज के साथ ठीकठाक रहा है, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन और विदेशी खिलाड़ी की वजह से उन्हें शायद कंसीडर न किया जाए। देखा जाए तो कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2025 के रिटेंशन के दौरान ही गलती कर दी थी। जिस कप्तान ने आपको टूर्नामेंट जिताया था, उसे आपने रिटेन तक नहीं किया। यहां तक कि श्रेयस के लिए केकेआर ने 9.75 करोड़ से ज्यादा की बोली नहीं लगाई थी। और भी कई बड़े नाम कप्तान के तौर पर ऑक्शन में थे, लेकिन केकेआर गई अपने तीसरे या चौथे कैप्टेंसी ऑप्शन पर जो अजिंक्य रहाणे थे। अब टीम का हाल हम देख रहे हैं।

बार्सिलोना का सफर खत्म, एटलेटिको मैड्रिड 3-2 एग्रीगेट से आगे

नई दिल्ली  यूईएफए चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल में बार्सिलोना का सफर खत्म हो गया। दूसरे लेग में शानदार शुरुआत और 2-1 की जीत के बावजूद स्पेनिश क्लब कुल एग्रीगेट स्कोर में पीछे रह गया। पहले लेग में मिली 2-0 की हार आखिरकार निर्णायक साबित हुई और एटलेटिको मैड्रिड 3-2 के कुल स्कोर के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया। यह एटलेटिको मैड्रिड की 2017 के बाद पहली चैंपियंस लीग सेमीफाइनल एंट्री है। टीम ने दबाव में संयम, रक्षात्मक मजबूती और सही समय पर गोल कर दिखाया कि बड़े मुकाबलों में अनुभव कितना मायने रखता है। अब अगले दौर में उसका सामना आर्सेनल या स्पोर्टिंग लिस्बन में से किसी एक से हो सकता है। शुरुआती 24 मिनट में बार्सिलोना का दमदार प्रदर्शन मैच की शुरुआत से ही बार्सिलोना ने आक्रामक रुख अपनाया। घरेलू दर्शकों के सामने टीम ने तेज पासिंग, विंग अटैक और हाई प्रेसिंग से एटलेटिको की डिफेंस लाइन को लगातार दबाव में रखा। चौथे मिनट में ही बार्सिलोना को पहली सफलता मिल गई। युवा स्टार लेमिन यमल ने एटलेटिको के डिफेंडर की गलती का फायदा उठाते हुए शानदार गोल किया। इस गोल ने स्टेडियम का माहौल पूरी तरह बदल दिया और बार्सिलोना के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। इसके बाद 24वें मिनट में फेरान टोरेस ने दानी ओल्मो के सटीक पास पर गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस समय ऐसा लग रहा था कि बार्सिलोना मुकाबले पर पूरी तरह हावी है और सेमीफाइनल में पहुंचने की मजबूत दावेदार बन चुकी है। लुकमैन के गोल ने बदला मैच का रुख जब बार्सिलोना पूरी लय में दिख रही थी, तभी एटलेटिको मैड्रिड ने वापसी की। 31वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे ने शानदार मूव बनाया और गेंद एडमोला लुकमैन तक पहुंचाई। लुकमैन ने मौके को भुनाते हुए अहम गोल दाग दिया। यह गोल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस गोल के बाद एग्रीगेट स्कोर का समीकरण बदल गया और बार्सिलोना पर दबाव बढ़ गया। एटलेटिको ने इसके बाद रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखा और बार्सिलोना को खुलकर खेलने से रोका। दूसरे हाफ में बार्सिलोना ने किए कई प्रयास दूसरे हाफ में बार्सिलोना ने बराबरी और एग्रीगेट बढ़त हासिल करने के लिए लगातार हमले किए। टीम ने कई मौके बनाए, लेकिन फिनिशिंग में चूक और एटलेटिको की मजबूत डिफेंस उसके रास्ते में खड़ी रही। फेरान टोरेस ने एक बार फिर गेंद जाल में पहुंचाई, लेकिन रेफरी ने इसे ऑफसाइड करार दिया। यह फैसला बार्सिलोना के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। एटलेटिको के गोलकीपर ने भी कुछ शानदार बचाव किए, जिससे बार्सिलोना को तीसरा गोल नहीं मिल सका। मिडफील्ड में भी दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। कोच के फैसलों पर उठे सवाल मैच के बाद बार्सिलोना के कोच हांसी फ्लिक की रणनीति चर्चा का विषय बनी रही। उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों रॉबर्ट लेवांडोव्स्की और मार्कस रैशफोर्ड को शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया। फ्लिक ने युवा खिलाड़ियों और तेज अटैकिंग विकल्पों पर भरोसा जताया। शुरुआती मिनटों में यह फैसला सही साबित होता दिखा, लेकिन मैच के निर्णायक दौर में अनुभव की कमी साफ नजर आई। विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े नॉकआउट मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद हो सकती थी। रेड कार्ड ने बढ़ाई मुश्किल मैच के अंतिम चरण में बार्सिलोना की मुश्किलें और बढ़ गईं। डिफेंडर एरिक गार्सिया को रेड कार्ड दिखाया गया। उन्होंने गोल की ओर बढ़ रहे एटलेटिको के खिलाड़ी को रोकने के लिए फाउल किया, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें सीधे मैदान से बाहर भेज दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही बार्सिलोना ने आखिरी मिनटों तक संघर्ष किया, लेकिन टीम जरूरी गोल नहीं कर सकी। 2015 के बाद से जारी है यूरोपीय खिताब का इंतजार बार्सिलोना ने आखिरी बार 2015 में चैंपियंस लीग ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद से क्लब कई बार नॉकआउट चरण में पहुंचा, लेकिन खिताब तक नहीं पहुंच सका। इस हार के बाद भी टीम के प्रदर्शन में कुछ सकारात्मक संकेत दिखे। युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छा खेल दिखाया और टीम ने वापसी की मानसिकता भी दिखाई। हार के बाद मिडफील्डर फ्रेंकी डी जोंग ने कहा कि टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। उनके मुताबिक, टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले सीजन में और मजबूत होकर लौटेगी। एटलेटिको के लिए बड़ी उपलब्धि एटलेटिको मैड्रिड के लिए यह जीत सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्लब के आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगी। टीम ने दिखाया कि बड़े मैचों में धैर्य, अनुशासन और मौके का सही इस्तेमाल जीत दिला सकता है। अब सेमीफाइनल में एटलेटिको की नजर फाइ

पंजाब किंग्स का अजेय अभियान, मुंबई इंडियंस के लिए जीत जरूरी

नई दिल्ली पिछले कुछ मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा की संभावित गैरमौजूदगी के बावजूद गुरुवार को पंजाब किंग्स से जीतने के लिए जोर लगाएगी। पंजाब की टीम आईपीएल 2026 में अब तक अजेय चल रही है। 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस अभी पॉइंट्स टेबल में नौवें पायदान पर है। पंजाब के खिलाफ मैच में रोहित शर्मा के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ पिछले मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण हिटमैन लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे। मुंबई को अब हर हाल में जीत की दरकार है और ऐसे में यह देखना होगा कि रोहित इस मैच के लिए उपलब्ध रहते हैं या नहीं। वैसे अगर मुंबई को अगर वापसी करनी है तो उसके सभी खिलाड़ियों को अपना योगदान देना होगा। मुंबई ने पिछले 13 सत्र में पहली बार अपना शुरुआती मैच जीता था लेकिन इसके बाद उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। मुंबई इंडियंस का पावरप्ले में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और उसे इस क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। उसने चार मैचों में पहले छह ओवरों के महत्वपूर्ण चरण में केवल तीन विकेट लिए हैं। इसमें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बारिश से प्रभावित मैच भी शामिल है जिसमें पावरप्ले 3.2 ओवर का था। जसप्रीत बुमराह रन रोकने में तो सफल रहे हैं, लेकिन यह स्टार भारतीय तेज गेंदबाज अब तक चार मैचों में विकेट नहीं ले पाया है। ट्रेंट बोल्ट और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी के बावजूद मुंबई इंडियंस के गेंदबाज अभी तक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। यहां तक की बल्लेबाजी में भी मुंबई इंडियंस ने पावरप्ले का पूरा फायदा नहीं उठा पाया है। इससे उसके मध्यक्रम पर दबाव बन रहा है। उसके मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा भी शामिल हैं, जिन्होंने काफी हद तक निराश किया है। भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार ने एक अर्धशतक लगाया है लेकिन तिलक ने अब तक 20, 00, 14 और 01 रन ही बनाए हैं। टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स की अनुपलब्धता मुंबई इंडियंस के लिए एक और समस्या है। मुंबई इंडियंस को लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इसके लिए कुछ खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी जिम्मेदार नहीं है बल्कि टीम का अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाना है। आरसीबी के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने लगातार ऐसी गेंदें फेंकीं जिन्हें बल्लेबाजों ने बाउंड्री के पार पहुंचाया, जबकि उसके बल्लेबाज पावरप्ले में दबाव नहीं बना सके। मुंबई के दोनों स्पिनर मयंक मार्कंडे और मिचेल सैंटनर को हर बार अपनी लेंथ से भटकने के कारण नुकसान उठाना पड़ा। पिछले सत्र की तरह श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स ने एक बार फिर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है और उसे हराना आसान नहीं होगा। पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। इसका एक नमूना सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में देखने को मिला जिसमें उसने पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 93 रन बनाए थे। प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य की जोड़ी खतरनाक नजर आ रही है, जबकि अय्यर के आत्मविश्वास और कूपर कोनोली के आने से उसकी टीम और भी मजबूत हो गई है। पंजाब किंग्स की गेंदबाजी की बात करें तो उसके मुख्य गेंदबाज अर्शदीप सिंह अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अब तक खेले गए चार मैचों में 84 गेंदों पर 149 रन लुटाए हैं और केवल दो विकेट ही लिए हैं। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हार्दिक पांड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सैंटनर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडे, मो. इज़हार, रघु शर्मा। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), विष्णु विनोद (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, कूपर कोनोली, मार्को यानसन, मुशीर खान, मिशेल ओवेन, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, बेन द्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विशाल निशाद, विजयकुमार वैशाक, यश ठाकुर। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर सवाल, कप्तानी पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए आगामी कुछ महीने उनके करियर की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने इसी साल टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया लेकिन बल्ले के साथ उनकी हालिया फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है। टूर्नामेंट में 242 रन बनाने वाले सूर्या ने अमेरिका के खिलाफ 84 रनों की नाबाद पारी से शुरुआत तो धमाकेदार की थी लेकिन इसके बाद नॉकआउट और बड़े मुकाबलों में उनके बल्ले से रन निकलना बंद हो गए। नहीं चल रहा सूर्या का बल्ला दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ उनका फ्लॉप शो अब चर्चा का विषय बन गया है। सूर्या की यह खराब फॉर्म आईपीएल 2026 में भी जारी है जहां मुंबई इंडियंस के लिए चार मैचों में वह केवल 106 रन ही बना सके हैं। इस गिरावट को देखते हुए अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या 35 वर्षीय सूर्यकुमार 2028 के टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजिल्स ओलंपिक में टीम का नेतृत्व करने के लिए सही विकल्प हैं। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज सूर्या के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होगी। गौतम गंभीर ने भी की मांग इसी बीच कोच गौतम गंभीर अब अपने कार्यकाल को विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। जुलाई 2024 में वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक के लिए नियुक्त हुए गंभीर अब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2028 तक टीम के साथ बने रहना चाहते हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार दो आईसीसी खिताब जीतने वाले पहले कोच बनने का गौरव हासिल करने के बाद गंभीर अब 2028 के मेगा इवेंट तक अनुबंध बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। सूर्या को ही चाहते हैं कप्तान कप्तानी के मोर्चे पर गंभीर ने एक बार फिर सूर्यकुमार यादव पर अपना भरोसा जताया है और वह अब भी टी20 फॉर्मेट में उन्हें ही पहली पसंद मानते हैं। हालांकि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि 2028 के ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप तक सूर्या की उम्र 38 वर्ष के करीब होगी। बीसीसीआई के सूत्र ने क्या कहा? बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से बातचीत में स्पष्ट कहा, 'जाहिर तौर पर सूर्या अभी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखनी होगी। वह यूके दौरे पर कप्तानी करेंगे लेकिन उसके बाद 2028 तक के रोडमैप पर चर्चा पूरी तरह से उनके निजी प्रदर्शन पर आधारित हो सकती है।'

PCB चीफ Mohsin Naqvi के बयान से बवाल: भारत में पेट्रोल संकट का दावा, सोशल मीडिया पर घिरे

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी का एक बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है. पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल 2026) में खाली स्टेडियम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने भारत में पेट्रोल संकट होने का दावा कर दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, पीएसएल 2026 के मुकाबले बिना दर्शकों के कराए जा रहे हैं. जब इस पर सवाल उठे, तो नकवी ने कहा कि पाकिस्तान में कोई ईंधन संकट नहीं है, बल्कि भारत में पेट्रोल की कमी है और वहां पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं. हालांकि, उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई यूजर्स ने इसे बेबुनियाद बताया और कहा कि भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है. अप्रैल 2026 तक भारत में पेट्रोल की सप्लाई सामान्य रही है और कहीं भी लंबी कतारों की खबर नहीं आई है. अपने ही बयान से पलटे नकवी नकवी का ये झूठ ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले खुद उन्होंने पीएसएल में दर्शकों की एंट्री पर रोक के पीछे पाकिस्तान में ईंधन संकट को वजह बताया था. उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण देश में फ्यूल की कमी हो गई है, इसलिए लोगों की आवाजाही सीमित करने के लिए यह फैसला लिया गया. 22 मार्च को उन्होंने इस फैसले के लिए फैंस से माफी भी मांगी थी और कहा था कि सरकार ने लोगों से कम यात्रा करने की अपील की है. ऐसे में स्टेडियम में हजारों लोगों को इकट्ठा होने देना सही नहीं होगा. लेकिन अब उनके ताजा बयान ने पूरी कहानी बदल दी है. एक तरफ पीएसएल के मैच अब भी खाली स्टेडियम में हो रहे हैं, दूसरी तरफ पीसीबी चीफ भारत में संकट होने की बात कर रहे हैं. इस विरोधाभास को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है. यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि अगर पाकिस्तान में कोई संकट नहीं है, तो फिर मैच खाली स्टेडियम में क्यों खेले जा रहे हैं. पीएसएल 2026 फिलहाल अपने अंतिम चरण में है. 14 अप्रैल को एक दिन के ब्रेक के बाद टूर्नामेंट फिर शुरू होगा और 3 मई तक चलेगा.    

बेंगलुरु vs लखनऊ, आज होगा ज़बरदस्त मुकाबला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में बुधवार यानी आज बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) से होगा। इस मैच में दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी इस सीजन 4 में से 3 मुकाबले अपने नाम कर चुकी है। इस टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पहला मैच 6 विकेट से अपने नाम किया और फिर चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हराया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने आरसीबी की जीत का क्रम तोड़ा। उस मैच में आरसीबी को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। अपने चौथे मैच में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 18 रन से जीत हासिल की। 4 में से 2 मुकाबले हार चुकी है लखनऊ दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 4 में से 2 मैच गंवा चुकी है। इस टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना पहला मैच 6 विकेट से हारा, जिसके बाद शानदार वापसी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद (5 विकेट) और कोलकाता नाइट राइडर्स (3 विकेट) के खिलाफ जीत हासिल की। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ 7 विकेट से मैच गंवा दिया। आरसीबी और लखनऊ का हेड टू हेड रिकॉर्ड लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरसीबी ने 4 मुकाबले जीते और एलएसजी को सिर्फ 2 जीत नसीब हुई। साल 2022 में आरसीबी ने दोनों मुकाबलों में एलएसजी को शिकस्त दी थी। इसके बाद साल 2023 में दोनों टीमों ने एक-एक मैच अपने नाम किए। साल 2024 में एलएसजी ने 28 रन से मुकाबला जीता था। पिछली बार जब आईपीएल 2025 में ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं, तो आरसीबी ने छह विकेट से आसान जीत हासिल की। मैच के लिए दोनों टीमें इस प्रकार हैं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेजलवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पांड्या, रसिक डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल सॉल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्करम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्जके, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नॉर्खिया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान। मैच का समय: शाम को 7 बजकर 30 मिनट पर मैच शुरू होगा। टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर मैच लाइव आएगा जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

IPL 2026: KKR को चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 रन से हराया

चेन्नई कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर को आईपीएल 2026 में अभी भी पहली जीत का इंतजार है। केकेआर ने इस सीजन पांच मैच खेल लिए हैं, जिनमें से चार मैचों में हार उनको मिली है और एक मैच बारिश में धुल गया था। एक पॉइंट ही केकेआर के खाते में हैं। मंगलवार 14 अप्रैल को सीएसके के खिलाफ उनको करारी हार मिली। इस हार के पीछे की वजह केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बताई है। उनका कहना है कि एक बल्लेबाज की जरूरत थी, जो मैच को आखिर तक ले जाए। इसके अलावा उन्होंने टीम कॉम्बिनेशन को भी हार का जिम्मेदार ठहराया है। KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, "बिल्कुल। मुझे लगा कि बॉल से हमने सच में अच्छा किया। इस विकेट पर 190 का स्कोर सच में अच्छा था, खासकर पावरप्ले में जो उन्होंने बनाया, 70 के आस-पास रन। उसके बाद, 190 तक रोकना हमारी बॉलिंग यूनिट का कमाल का काम था। मुझे लगा कि शुरू में हमारी बैटिंग में, हमने पावरप्ले में सिर्फ 36 या 37 रन बनाए। मुझे लगा कि यह सच में जरूरी था। बीच का फेज, स्पिनरों को हिट करना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन इसके अलावा, विकेट सच में अच्छा था। हमें एक बैटर की जरूरत थी जो डीप तक बैटिंग करे और फिर आखिर में मैच ले जाए।".  आखिर किंग खान की इस टीम की चमक अचानक कैसे फीकी पड़ गई? यहां वो 5 बड़ी वजहें दी गई हैं जिन्होंने KKR के विजय रथ को पटरी से उतार दिया है.  1. प्रेरणादायक कप्तान का अभाव और रहाणे का गिरता फॉर्म अजिंक्य रहाणे की कप्तानी इस बार सवालों के घेरे में है. टीम में वो जोश और ऊर्जा नहीं दिख रही है जिसके लिए KKR जानी जाती थी. बल्ले से भी रहाणे सामान्य रहे हैं. उन्होंने 5 पारियों में केवल 152 रन बनाए हैं, जिसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक अर्धशतक के अलावा कोई बड़ी पारी नहीं दिखी. रहाणे रणनीतिक फैसलों और टीम को एकजुट करने में अब तक विफल रहे हैं।  2. वरुण चक्रवर्ती: विश्व कप के 'मैच विनर' से आईपीएल के 'फ्लॉप शो' तक  वरुण चक्रवर्ती की नाकामी टीम के लिए सबसे बड़ा झटका है. टी20 विश्व कप 2026 में 14 विकेट चटकाने वाला यह 'मिस्ट्री स्पिनर' आईपीएल में बिल्कुल बेअसर दिख रहा है. इस IPL सीजन वरुण ने 3 मैचों में 9 ओवर की गेंदबाजी जिसमे 105 रन लुटाए और विकेटों का खाता अब तक नहीं खुला है. पावरप्ले में उनसे गेंदबाजी कराने के फैसले की भी काफी आलोचना हो रही है।  3. कैमरून ग्रीन: नाम बड़े और दर्शन छोटे  कैमरन ग्रीन को 2026 के IPL ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ₹25.20 करोड़ में खरीदा था जिससे वो IPL के इतिहास में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने. KKR ने ग्रीन पर बड़ा दांव जरूर खेला था, लेकिन वह अब तक पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. ग्रीन ने 5 पारियों (18, 2, 4, 32, 0) में कुल मिलाकर महज 56 रन बनाए हैं. गेंदबाजी में भी 2 मौके पर वह अब तक सिर्फ एक सफलता (LSG के खिलाफ) ही हासिल कर पाए हैं।  4. टॉप ऑर्डर की लगातार नाकामी  टीम की ओपनिंग जोड़ी (फिन एलन और रहाणे) और नंबर 3 पर ग्रीन की विफलता के कारण टीम को ठोस शुरुआत नहीं मिल पा रही है. शुरुआती झटकों के चलते मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह रही है।  5. रणनीतिक चूक और रोल क्लैरिटी की कमी  मैदान पर खिलाड़ियों को अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं दिख रही है. रहाणे के रणनीतिक फैसलों, जैसे कि फॉर्म से बाहर चल रहे वरुण को पावरप्ले में गेंदबाजी देना, टीम के लिए उल्टा साबित हो रहा है. टीम का आत्मविश्वास इतना गिर चुका है कि वो जीते हुए मैच भी करीबी अंतर से हार रहे हैं।