samacharsecretary.com

ऑपरेशन सिंदूर से दहला पाकिस्तान, जरदारी का स्वीकार– हालात ऐसे बने कि बंकर में जाना पड़ा

नई दिल्ली  वैश्विक मंच पर पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा की गई त्वरित सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) के घातक प्रभाव को आखिरकार पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उप प्रधानमंत्री इशाक डार के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय सेना के ड्रोन हमलों ने रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालयों तक को हिला कर रख दिया था। बंकर में शरण लेने की दी गई थी सलाह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को खुलासा किया कि मई में भारतीय जवाबी हमलों के दौरान पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व में भारी खौफ था। जरदारी ने बताया, "मेरे सैन्य सचिव ने मुझसे कहा था कि युद्ध शुरू हो चुका है और मुझे तुरंत सुरक्षा के लिए बंकर में चले जाना चाहिए।" हालांकि, जरदारी ने शेखी बघारते हुए कहा कि उन्होंने बंकर में जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन उनके इस बयान ने उस समय पाकिस्तानी सत्ता के गलियारों में व्याप्त डर की पुष्टि कर दी है। नूर खान एयरबेस पर भारत का सटीक प्रहार पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी साल के अंत में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय कार्रवाई की सटीकता को स्वीकार किया। डार ने पुष्टि की कि भारत ने रावलपिंडी के चकाला स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया था। डार ने बताया, "भारत ने 36 घंटों के भीतर हमारे क्षेत्र में लगभग 80 ड्रोन भेजे थे। हालांकि हमने अधिकांश को रोकने का दावा किया, लेकिन एक ड्रोन ने सीधे हमारे सैन्य प्रतिष्ठान को भारी नुकसान पहुंचाया और वहां तैनात कई सैन्य कर्मी घायल हुए।" यह बयान भारतीय ड्रोन तकनीक और सामरिक सटीकता (Strategic Precision) की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज रक्षा विशेषज्ञों और सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने न केवल आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान के मुख्य वायुसेना अड्डों को भी निशाना बनाया। सैटेलाइट तस्वीरों में इन बेस को हुए नुकसान की पुष्टि हुई है:     नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी)     पीएएफ बेस मुशफ (सरगोधा)     पीएएफ बेस शाहबाज (जैकबबाद)     भोलारी एयर फोर्स स्टेशन इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में स्थित नौ आतंकी लॉन्च पैड्स को भी भारतीय सशस्त्र बलों ने नेस्तनाबूद कर दिया था। पहलगाम हमले का प्रतिशोध यह पूरी कार्रवाई मई 2025 में पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के प्रतिशोध में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान गई थी। भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नई दिल्ली अब आतंकी हमलों के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है और वह सीमा पार दुश्मन के गढ़ में घुसकर हमला करने में सक्षम है।

शादी भारत में, तलाक विदेश में! कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से बदली कानूनी तस्वीर

बेंगलुरु  कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्या करते हुए कहा है कि यदि पति या पत्नी में से कोई एक विदेश में निवास कर रहा है, तो भारत में संपन्न हुई शादी के बावजूद विदेशी अदालत में तलाक के मामले की सुनवाई की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में ऐसी किसी प्रक्रिया पर पूर्ण रोक नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने उस मामले में दिया, जिसमें तलाक के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।   मामला क्या था मामले के अनुसार, दंपती का विवाह 15 दिसंबर 2018 को कोलकाता में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। पति ने 4 सितंबर 2024 को कोलकाता की अलीपुर अदालत में तलाक की याचिका दायर की। इसके बाद 10 अक्टूबर 2024 को पत्नी ने ब्रिटेन की एक अदालत में तलाक और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का मामला दाखिल किया। पत्नी का कहना था कि वह वर्ष 2015 से ब्रिटेन में पहले छात्र वीजा और बाद में वर्क वीजा पर रह रही है, और पति-पत्नी के रूप में उनका अंतिम साझा निवास भी ब्रिटेन में ही था। निचली अदालत का फैसला और हाई कोर्ट की दखल ब्रिटेन की अदालत ने मई 2025 में पति को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन अलीपुर की निचली अदालत ने इस आदेश पर रोक लगा दी। निचली अदालत का मानना था कि चूंकि पति ने पहले भारत में तलाक की अर्जी दी थी और पत्नी के पास ब्रिटेन की स्थायी नागरिकता नहीं है, इसलिए विदेशी अदालत को अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस निर्णय को पलट दिया। हाई कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां हाई कोर्ट ने कहा कि पति ने स्वयं ब्रिटेन की अदालत में उपस्थित होकर गवाही और साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह वहां की न्यायिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल था। ऐसे में वह बाद में उस अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल नहीं उठा सकता। कोर्ट ने पति के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि ब्रिटेन में तलाक का आधार, विवाह का पूरी तरह टूट जाना, भारतीय कानून के अंतर्गत मान्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि जब वैवाहिक संबंध इस हद तक बिगड़ जाएं कि उनके सुधरने की कोई संभावना न बचे, तो इसे क्रूरता के समान माना जा सकता है और यह तलाक का वैध आधार हो सकता है। विदेशी अदालतों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यद्यपि हिंदू विवाह अधिनियम में जिला अदालत से तात्पर्य सामान्यतः भारतीय अदालतों से है, लेकिन बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विदेशी अदालतों की सुनवाई को पूरी तरह अमान्य नहीं ठहराया जा सकता। 

नस्लीय टिप्पणी का विरोध बना मौत की वजह: देहरादून में आदिवासी छात्र की हत्या, त्रिपुरा में उबाल

देहरादून  उत्तराखंड के देहरादून में नस्लीय टिप्पणी के विरोध के बाद एक आदिवासी छात्र पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। छात्र का शव जब त्रिपुरा पहुंचा, तो पूरे राज्य में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया। मृतक की पहचान अंजेल चकमा के रूप में हुई है, जो त्रिपुरा का रहने वाला था। अंजेल देहरादून स्थित जिज्ञासा विश्वविद्यालय में एमबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था। हमले के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और कई दिनों तक अस्पताल में इलाज के दौरान जिंदगी से जूझता रहा, लेकिन आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।   क्या है मामला जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच देहरादून के सेलाकुई इलाके में अंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ किराने का सामान लेने गया था। इसी दौरान शराब के नशे में कुछ लोगों ने दोनों भाइयों पर नस्लीय टिप्पणियां कीं और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर हमलावरों ने मारपीट शुरू कर दी। माइकल के सिर पर वार किया गया, जबकि अंजेल की गर्दन और पेट में चाकू मारा गया। गंभीर हालत में अंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ अंजेल का पार्थिव शरीर दिल्ली के रास्ते अगरतला लाया गया। महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा पर परिजन और कई नेता मौजूद रहे। वहां से शव को अंजेल के पैतृक गांव उनाकोटी ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार से पहले बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। केंद्र से हस्तक्षेप की मांग अंजेल की मौत के बाद परिजनों और विभिन्न छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के युवाओं के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों व हिंसा की घटनाओं पर सख्त कदम उठाने की अपील की है।

सांस लेना हुआ मुश्किल: दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, AQI 400+

नई दिल्ली देश की राजधानी में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का कहर फिर से शुरू हो गया है। दिल्ली और उसके पड़ोसी इलाकों (NCR) में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 390 दर्ज किया गया है जो बहुत खराब श्रेणी में आता है लेकिन शहर के कई हिस्सों में यह आंकड़ा 400 के पार चला गया है जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर (Severe) स्थिति है। प्रदूषण के हॉटस्पॉट: कहां कितनी जहरीली है हवा? दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि वहां सांस लेना मुश्किल हो रहा है। नेहरू नगर इस समय दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका बना हुआ है। इलाका     AQI स्तर     श्रेणी नेहरू नगर     442     गंभीर (Severe) पटपड़गंज     431     गंभीर (Severe) शादीपुर     429     गंभीर (Severe) आरके पुरम     412     गंभीर (Severe) सीरी फोर्ट     402     गंभीर (Severe) शिवाजी पार्क     400     गंभीर (Severe) सरकार का बड़ा फैसला: GRAP-4 की दो पाबंदियां अब स्थायी दिल्ली की हवा में बढ़ते जहर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू होने वाले ग्रैप-4 (GRAP-4) के तहत दो महत्वपूर्ण पाबंदियों को अब स्थायी (Permanent) कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब हवा में सुधार होने के बावजूद भी ये दो नियम लागू रहेंगे ताकि भविष्य में प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके। क्या होता है AQI का मतलब? वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा को दर्शाता है।     0-50: अच्छा     51-100: संतोषजनक     301-400: बहुत खराब     401-500: गंभीर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 400 से ऊपर का AQI स्वस्थ लोगों को भी बीमार कर सकता है और पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।  

दिल्ली के जंतर-मंतर में उन्नाव रेप पीड़िता का धरना, नारेबाज़ी के दौरान बिगड़ी मां की तबीयत

नई दिल्ली  उन्नाव रेप केस में हाई कोर्ट के फैसले के बाद से फिर एक बार राजनीति गरमा गई है। आज दिल्ली के जंतर-मंतर में रेप पीड़िता प्रदर्शन करने पहुंची हैं। उनके साथ उनकी मां भी हैं। हालांकि इस दौरान एक भीड़ के बीच एक व्यक्ति भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा रहा था। इसे लेकर पीड़िता की मां ने विरोध किया। इसके बाद उनकी मां बेहोश हो गईं। उन्नाव रेप पीड़िता की मां ने इस दौरान आरोपी कुलदीप सेंगर के लिए फांसी की भी मांग की थी। भीड़ में कुलदीप सेंगर के समर्थन वाले भी पहुंचे दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन उग्र होते देख पीड़िता की मां को प्रदर्शन स्थल से इधर उधर भी भेजा गया। इस दौरान कुछ लोग हाथों में तख्तियां लिए कुलदीप सेंगर के समर्थन में पहुंचे हैं। भीड़ से एक शख्स को भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाते भी देखा गया है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और मीडिया का जमावड़ा भी देखा जा रहा है। अगर सीबीआई ने पहले… पीड़िता के ये आरोप सीबीआई (CBI) की ओर से कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने पर, पीड़िता ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वह मुझे न्याय देगा। मैं हर महिला की आवाज उठा रही हूं। उसने कहा, "अगर सीबीआई ने यह कदम पहले उठाया होता, तो मुझे न्याय मिल गया होता। कुलदीप सेंगर की जमानत खारिज हो जाती क्योंकि उसने मेरे साथ बलात्कार किया था।" पीड़िता ने भावुक होकर बताया, "मेरे पिता की हत्या कर दी गई। मेरे परिवार के सदस्यों को मार दिया गया।" उसने आरोप लगाया कि उसके परिवार के सदस्यों और गवाहों की सुरक्षा हटा दी गई है। पीड़िता ने आगे बताया, “मेरे पति को उनकी नौकरी से निकाल दिया गया। मेरे बच्चे घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं।”

सीमा पार कर मेघालय से भारत पहुंचे हादी के कातिल, बांग्लादेश पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

ढाका  ढाका महानगर पुलिस ने दावा किया है कि बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत के मेघालय राज्य में प्रवेश कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि हमलावर मयमनसिंह शहर की हलुआघाट सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए और अब वे मेघालय के तुरा शहर में छिपे हो सकते हैं।   ढाका पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त एसएन नजमुल इस्लाम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख के बारे में यह दावा किया है। उनका कहना है कि बताया कि ने स्थानीय साथियों की मदद से दोनों ने सीमा पार की। पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्धों को सीमा पार करने के बाद पुर्ती नाम के एक व्यक्ति ने रिसीव किया। इसके बाद 'समी' नाम के एक टैक्सी ड्राइवर ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। बांग्लादेशी अधिकारियों का दावा है कि इन संदिग्धों की मदद करने वाले दोनों व्यक्तियों को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, बांग्लादेश सरकार औपचारिक और अनौपचारिक माध्यमों से भारत के संपर्क में है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके। कौन थे शरीफ उस्मान हादी? 32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठन 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता और एक प्रमुख छात्र नेता थे। वह शेख हसीना सरकार के खिलाफ पिछले साल हुए 'जुलाई विद्रोह' के मुख्य चेहरों में से एक थे। हादी आगामी फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों में ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भारत की क्षेत्रीय नीतियों और शेख हसीना सरकार के साथ भारत के संबंधों के मुखर आलोचक माने जाते थे। उस्मान हादी पर 12 दिसंबर को मध्य ढाका के बिजयनगर इलाके में उस समय हमला हुआ, जब वे चुनाव प्रचार कर रहे थे। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनके सिर में गोली मारी थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। हादी की मौत की खबर फैलते ही पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' जैसे प्रमुख समाचार पत्रों के दफ्तरों को निशाना बनाया और आगजनी की। ढाका के छायानाट भवन और उदीची शिल्पी गोष्ठी जैसे सांस्कृतिक संगठनों में भी तोड़फोड़ की गई। हादी के समर्थकों ने इस हत्या के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का आरोप लगाते हुए भारतीय उच्चायोग को बंद करने तक की मांग की। फिलहाल बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर इन हत्यारों को पकड़ने का भारी दबाव है। इंकलाब मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे पूरे देश में और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।  

Labour Code Update: इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा असर? नए लेबर कानून को लेकर क्या बदलेगा आपके लिए

नई दिल्ली साल 2026 से निजी और सरकारी क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए सैलरी का कैलकुलेशन बदलने वाला है। सरकार ने 28 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं। इसमें सबसे चर्चित है '50% वेतन नियम' (50% Wage Rule)। आइए समझते हैं कि इसका आपकी जेब और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा? क्या है 50% सैलरी का फॉर्मूला? नए नियमों के मुताबिक आपकी कुल सैलरी (CTC) में 'मूल वेतन' (Basic Pay) और 'महंगाई भत्ता' (DA) का हिस्सा कम से कम 50% होना चाहिए। बाकी के 50% में HRA, बोनस और अन्य भत्ते आएंगे। उदाहरण के तौर पर अगर किसी की सैलरी 50,000 रुपये है और उसकी बेसिक सैलरी अभी सिर्फ 15,000 रुपये है, तो कंपनी को इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये (कुल सैलरी का 50%) करना होगा। PF और ग्रेच्युटी में होगा बड़ा फायदा PF और ग्रेच्युटी की कैलकुलेशन बेसिक सैलरी के आधार पर होती है, इसलिए बेसिक सैलरी बढ़ने से आपका पीएफ योगदान भी बढ़ जाएगा। इससे आपको रिटायरमेंट के समय मिलने वाला फंड (PF और ग्रेच्युटी) काफी बड़ा हो जाएगा। इसके अलावा पेंशन और अन्य लाभों का दायरा भी बढ़ेगा। इन-हैंड सैलरी और टैक्स पर क्या होगा असर? जहाँ एक तरफ भविष्य सुरक्षित होगा, वहीं महीने के अंत में घर ले जाने वाली सैलरी  में थोड़ी कमी आ सकती है क्योंकि पीएफ की कटौती ज्यादा होगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट के अनुसार बेसिक सैलरी बढ़ने से टैक्स छूट वाले भत्तों का हिस्सा कम हो सकता है, जिससे कुछ कर्मचारियों की टैक्स देनदारी बढ़ सकती है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी चाहें तो 15,000 रुपये की वैधानिक सीमा पर ही पीएफ कटवाना जारी रख सकते हैं, जिससे इन-हैंड सैलरी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

आंदोलन के अल्टिमेटम से जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल तेज, महबूबा मुफ्ती सहित कई नेताओं पर नजरबंदी

जम्मू कश्मीर  जम्मू कश्मीर में मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी सहित कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि महबूबा मुफ्ती, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती, श्रीनगर से लोकसभा सदस्य रुहुल्लाह मेहदी, पीडीपी नेता वहीद पारा और श्रीनगर के पूर्व महापौर जुनैद मट्टू को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है। प्रशासन ने कदम इन नेताओं द्वारा उन छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त प्रकट किए जाने के बाद उठाया, जिन्होंने रविवार को गुपकर रोड पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इन नेताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा इस मुद्दे के समाधान के लिए एक समिति गठित किए जाने के एक साल पूरे होने के बावजूद कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलने पर छात्रों की ओर से आयोजित मार्च में शामिल होने की मंशा जताई थी। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पारा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया गया है ताकि वे विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता न प्रकट कर सकें। मेहदी ने शनिवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनके आवास के बाहर सशस्त्र पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह छात्रों के समर्थन में हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए की गई एक पूर्व-नियोजित कार्रवाई है?’’ पारा ने इसी के साथ जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार पर आरक्षण मुद्दे को हल करने की कोई मंशा नहीं दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि मौजूदा आरक्षण नीति अस्तित्व का मामला बन गई है।  

दिल्ली में घना कोहरा बना परेशानी, IGI एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों को किया अलर्ट

नई दिल्ली उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने एक बार फिर से  हवाई सफर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से शनिवार और रविवार (28 दिसंबर) को सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई है, जबकि कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। इसके चलते IGI एयरपोर्ट अथॉरिटी (DIAL) यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए संपर्क में रहने की सलाह दी है। एडवाइजरी में क्या कहा गया? अथॉरिटी  ने कहा कि यात्री एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस (IndiGo, Air India, SpiceJet आदि) से संपर्क करें और फ्लाइट का 'रियल-टाइम स्टेटस' जरूर चेक करें। बता दें कि CAT-III सिस्टम एक ऐसा सिस्टम है जो एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के दौरान विमानों की लैंडिंग के लिए आधुनिक 'CAT-III' तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा कारणों से उड़ानों के समय में बदलाव किया जा रहा है। यात्रियों को हो रही है परेशानी 23 दिसंबर से अब तक लगभग 270 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं और 10 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में 'घने से बहुत घना कोहरा' रहने का अनुमान है, जिससे यह समस्या और बढ़ सकती है।  

मन की बात में पीएम मोदी बोले– एंटीबायोटिक दवाइयों का बेवजह इस्तेमाल बन रहा है बड़ी चुनौती

नई दिल्ली वर्ष 2025 के आखिरी 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल भारत की उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर अपनी राय भी रखी। पीएम ने सबसे बड़ी चिंता एंटी बायोटिक के उपयोग पर जताई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारियों के खिलाफ इसकी उपयोगिता कम हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भारतीयों के अंदर एंटी बायोटिक के उपयोग को लेकर उदासीनता है। हम बिना डॉक्टर की सलाह के भी यह दवाईयां खाने लगे हैं। पीएम ने आग्रह किया कि किसी भी तरह की दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में 2026 दस्तक देने वाला है। मन में इस साल की कई यादें घूम रही हैं। कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने पूरे देश को एक साथ जोड़ दिया और गर्व करने का मौका दिया। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "इस साल ऑपरेशन सिंदूर ने हर भारतीय को गर्व करवाया। पूरी दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया के हर कोने में भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं।" 2025 में खेलों में भारत की उपलब्धि की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "इस साल पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉपी जीती, महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंट ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप में भी भारतीय टीम ने अपना परचम लहराया।" इसके बाद पीएम मोदी ने 2025 में विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंन कहा, "भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी इस वर्ष बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी इस साल शुरू हुईं। इसके अलावा अब भारत में चीतों की संख्या भी 30 से ज्यादा हो गई है। इस साल में आयोजित कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन ने दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, "2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिली। इस आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। पीएम मोदी ने काशी तमिल संगमम का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, "इस साल वाराणसी में काशी तमिल संगमम के दौरान बच्चों ने तमिल सीखने पर खासा जोर दिया। तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। मुझे खुशी है कि आज देश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा के प्रति एक नया आकर्षण दिख रहा है। यही भाषा की ताकत है और भारत की एकता है।