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मस्जिद में विस्फोट के बाद सीरिया में फैल गया सांप्रदायिक तनाव, दर्जनों घायल और मरे

होम्स सीरिया के होम्स शहर में धार्मिक अल्पसंख्यक अलवी समुदाय के प्रदर्शनकारियों और विरोधी पक्ष के बीच झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। होम्स शहर में एक अलवी मस्जिद में नमाज के दौरान हुए बम धमाके में आठ लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने की घटना के दो दिन बाद ये झड़प हुईं। हजारों प्रदर्शनकारी लजीकिया, तरतूस और अन्य स्थानों पर एकत्र हुए थे। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी है कि तरतूस क्षेत्र में थाने पर हथगोला फेंके जाने से सुरक्षा बलों के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं लजीकिया में सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी गई। बाद में सरकारी समाचार एजेंसी सना ने खबर दी कि सुरक्षा बल का एक सदस्य गोलीबारी में मारा गया। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में तीन लोग मारे गए और 60 अन्य घायल हुए। अलवी संप्रदाय के लोगों को निशाना बनाना चाहते थे कट्टरपंथी अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि शुक्रवार के बम हमले में होम्स की मस्जिद में विस्फोटक उपकरण लगाए गए थे, लेकिन संदिग्ध की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। मृतकों के अंतिम संस्कार शनिवार को किए गए। खुद को सराया अंसार अल-सुन्ना कहने वाले कम चर्चित समूह ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें यह संकेत दिया गया कि हमला अलवी संप्रदाय के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। गाड़ियों में लगा दी गई आग  प्रदर्शन का आह्वान विदेश में रहने वाले अलवी शेख गजल गजल ने किया था। वह 'सुप्रीम अलवाइट इस्लामिक काउंसिल' के प्रमुख हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक फोटोग्राफर ने लजीकिया में देखा कि सरकार समर्थक प्रतिपक्षी प्रदर्शनकारी अलवी प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंक रहे थे। सुरक्षा बलों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की और उन्हें तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। झड़पों में प्रदर्शनकारी घायल हुए, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि कितने लोग घायल हुए। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी है कि तरतूस क्षेत्र में थाने पर हथगोला फेंके जाने से सुरक्षा बलों के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं लजीकिया में सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी गई।

मेक्सिको ट्रेन हादसा: 13 की मौत, 100 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल

मेक्सिको  दक्षिण मेक्सिको के ओक्साका राज्य में एक भीषण रेल दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रशांत महासागर और मेक्सिको की खाड़ी को जोड़ने वाले  रेल मार्ग पर एक यात्री ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई। इस हादसे में अब तक 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 100 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। आधी रात के बाद मचा कोहराम हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार के साथ दौड़ रही थी। अचानक हुए इस पटरी विचलन (Derailment) के कारण ट्रेन की बोगियां एक के ऊपर एक चढ़ गईं और पलट गईं। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय प्रशासन और मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) ने मोर्चा संभाला। नौसेना द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार: कुल यात्री: 241 लोग सफर कर रहे थे। कर्मचारी: 9 क्रू मेंबर्स ड्यूटी पर तैनात थे। रेस्क्यू: 13 शव बरामद किए जा चुके हैं और 100 घायलों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सत्ता के गलियारों में शोक मेक्सिको की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से नौसेना सचिव को घटनास्थल पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। क्या सुरक्षित है यह नया रेल नेटवर्क? यह दुर्घटना उस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट पर हुई है जिसका उद्घाटन साल 2023 में पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर ने किया था। इस रूट का उद्देश्य मेक्सिको के दक्षिण-पूर्वी हिस्से का आर्थिक कायाकल्प करना था।

टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो डिब्बों में भीषण आग, AC बोगियों में मची अफरा-तफरी

 एलामंचिली टाटा-एर्नाकुलम एक्‍सप्रेस ट्रेन में आग लग गई. इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई. आंध्र प्रदेश के एलामंचिली के पास रविवार को आधी रात के बाद टाटा–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीषण आग लग गई. यह ट्रेन हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ, जब ट्रेन एलामंचिली के नजदीक से गुजर रही थी. ट्रेन के पैंट्री कार से सटे B-1 और M-2 AC कोच में अचानक आग की लपटें उठने लगीं. रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन के लोको पायलटों ने धुआं और आग देखकर तुरंत ट्रेन को रोक दिया. हालांकि, दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, उससे पहले ही दोनों AC कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए. आग के कारण कोचों में घना धुआं भर गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए. इस हादसे में एक पैसेंजर की जिंदा जलने से मौत हो गई. दमकल विभाग की टीमें पास के फायर स्टेशनों से मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. रेलवे अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और एहतियात के तौर पर एंबुलेंस भी बुलाई गईं. हादसे के बाद करीब 2,000 यात्री स्टेशन पर फंस गए, जिन्हें ठंड में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. इस दर्दनाक हादसे में विजयवाड़ा के 70 वर्षीय चंद्रशेखर सुंदर की मौत हो गई. वे B-1 AC कोच में यात्रा कर रहे थे और आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए. इसके अलावा आग से प्रभावित दोनों कोचों में यात्रियों का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया. कोहरे ने बढ़ाई आफत आग की लपटें बढ़ते ही धुआं बोगियों में फैल गया था, जिसके चलते यात्री घबरा गए और प्लेटफॉर्म पर उतर गए। कई यात्री समझ ही नहीं सके कि आखिर क्या हुआ था। चश्मदीदों का कहना है कि घने कोहरे के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके चलते कन्फ्यूजन और डर बढ़ गया था। इस हादसे में जान गंवाने वाले शख्स की उम्र 70 वर्ष थी। क्या थी वजह रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन तय समय से 4 घंटे देरी से अनकपल्ली पहुंची। रिपोर्ट में रेलवे सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनकपल्ली से ट्रेन के रवाना होने के बाद नरसिंहबल्ली चिंगारियां और लपटें देखी गई थीं। माना जा रहा है कि इसकी वजह बी1 एसी कोच के ब्रेक के गर्म होना और आग पकड़ना थी। मौके पर आग बुझाने पहुंची अनकपल्ली, एलमान्चिली और नक्कापल्ली की टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उनकी तमाम कोशिशों के बाद भी दो कोच पूरी तरह से जल चुके थे और वहां मौजूद यात्रियों का सामान भी तबाह हो गया था। ट्रेन सेवाओं पर असर घटना का असर विशाखापत्तनम–विजयवाड़ा रेल मार्ग पर भी पड़ा. इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या देरी से चलाया गया. बाद में यात्रियों को अन्य कोचों में शिफ्ट किया गया और जले हुए कोच हटाने के बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया. रेलवे प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. बिहार में भी हादसा बिहार के जमुई जिले में शनिवार देर रात बड़ा रेल हादसा हो गया था. मालगाड़ी की 19 बोगियां बेपटरी हो गई थीं, जिनमें से 10 पुल के नीचे गिर गई थीं. इस वजह से नई दिल्‍ली-पटना-किउल-झाझा-हावड़ा रेलखंड पर ट्रेन सर्विस बुरी तरह से प्रभावित हुई है. दर्जनों ट्रेनों को डावर्ट करना पड़ा. इससे हजारों की तादाद में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है. सोमवार 29 दिसंबर 2025 तक भी इस रेलखंड पर सेवाएं सामान्‍य नहीं हो पाईं. रेलवे के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर ट्रेन ऑपरेशन को जल्‍द ही बहाल कर दिया जाएगा.

नितिन गडकरी की सख्त चेतावनी: पेट्रोल-डीजल पर रोक नहीं लगी तो होगी कार्रवाई, ऑटो सेक्टर अलर्ट

नई दिल्ली नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि देश को पारंपरिक ईंधनों से बाहर निकलना होगा और इसके लिए सरकार वैकल्पिक ईंधन को तेजी से बढ़ावा दे रही है। गडकरी ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि बतौर परिवहन मंत्री उन्होंने इस दिशा में कड़ा रुख अपनाया है। ‘डीजल और पेट्रोल बंद करो, वरना यूरो-6 लागू करूंगा’ कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा, “मैं ट्रांसपोर्ट मंत्री हूं और मैंने डंडा लगाया है। डीजल और पेट्रोल बंद करो, वरना यूरो-6 के इमिशन नॉर्म्स लागू कर दूंगा।” उन्होंने बताया कि सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में पेट्रोल-डीजल की जगह स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन को अपनाया जा सके। फ्लेक्स इंजन तकनीक पर तेजी से काम गडकरी ने जानकारी दी कि अब ट्रैक्टर कंपनियां भी फ्लेक्स इंजन तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, 100 फीसदी इथेनॉल और सीएनजी से चलने वाले फ्लेक्स इंजन ट्रैक्टर तैयार हो चुके हैं। यह तकनीक किसानों और परिवहन क्षेत्र के लिए लागत कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी। वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार अल्टरनेटिव फ्यूल और बायो फ्यूल को अपनाने वालों को आर्थिक प्रोत्साहन भी दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट के लिए फाइनेंस कराने वाले लोग अगर वैकल्पिक ईंधन या बायो फ्यूल आधारित मशीनें चुनते हैं, तो उन्हें पांच प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसका उद्देश्य इन नई और स्वच्छ तकनीकों को तेजी से लोकप्रिय बनाना है। हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाले ट्रक हुए लॉन्च नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि हाल ही में हाइड्रोजन आधारित तकनीक पर तीन ट्रकों को लॉन्च किया गया है। इनमें से दो ट्रक ऐसे हैं, जिनमें डीजल या पेट्रोल इंजन के साथ हाइड्रोजन का मिश्रण इस्तेमाल किया गया है, जबकि एक ट्रक पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के प्रयोग कंस्ट्रक्शन और कृषि उपकरणों में भी किए जा रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में गडकरी ने कहा कि भारत का भविष्य अल्टरनेटिव फ्यूल और बायो फ्यूल से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में यही तकनीकें देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएंगी और प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेंगी।  

वैष्णो देवी यात्रा और ज्यादा सुरक्षित: श्राइन बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान, 700 CCTV कैमरों की तैनाती

जम्मू नए साल 2026 के स्वागत के लिए लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की तैयारी कर रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कटरा बेस कैंप से लेकर भवन तक पूरे 13 किलोमीटर के ट्रैक को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम पूरी यात्रा मार्ग पर लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। इनका नियंत्रण कक्ष सीधे कटरा स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ा है। संवेदनशील इलाकों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटेज टीमों को तैनात किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और श्राइन बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड के तहत दिन-रात पेट्रोलिंग कर रहे हैं। बिना वैलिड RFID कार्ड के किसी भी यात्री को बाणगंगा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार कार्ड की 24 घंटे की समय सीमा (Time Limit) भी तय की गई है। भीड़ प्रबंधन के लिए नए नियम श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे दर्शन के तुरंत बाद वापस कटरा की ओर प्रस्थान करें ताकि भवन क्षेत्र में भीड़ जमा न हो। इसके अलावा, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं और आरएफआईडी (RFID) कार्ड अपने पास संभाल कर रखें।

जनवरी से लागू नया नियम: कंफर्म टिकट की डेट बदलना अब बिना शुल्क

नई दिल्ली भारतीय रेलवे नए साल 2026 से यात्रियों को एक बड़ी सौगात देने जा रहा है। अब रेल यात्रियों को अपने कंफर्म टिकट की तारीख बदलने के लिए पुराने टिकट को कैंसिल करने की जरूरत नहीं होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, जनवरी 2026 से यात्री बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के अपने कंफर्म टिकट की यात्रा तिथि को ऑनलाइन बदल सकेंगे। क्या है नई व्यवस्था? वर्तमान नियम के अनुसार, यदि किसी यात्री को अपनी यात्रा की तारीख बदलनी होती है, तो उसे पहले टिकट कैंसिल करना पड़ता है, जिसमें भारी कैंसिलेशन या क्लर्केज चार्ज कटता है। इसके बाद नए सिरे से टिकट बुक करना होता है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत, IRCTC ऐप या वेबसाइट पर एक नया फीचर जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री सीधे अपनी यात्रा को आगे (Postpone) बढ़ा सकेंगे। इस प्रक्रिया में कोई कैंसिलेशन फीस नहीं ली जाएगी। सीट उपलब्धता और किराए का गणित इस सुविधा का लाभ लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा:     सीट की गारंटी नहीं: तारीख बदलने पर नई तिथि में बर्थ की उपलब्धता के आधार पर ही कंफर्म सीट मिलेगी।     किराये का अंतर: यदि नई तारीख का किराया पुरानी टिकट से अधिक है, तो यात्री को केवल अंतर की राशि का भुगतान करना होगा। यदि किराया कम हुआ, तो शेष राशि रिफंड कर दी जाएगी।     केवल कंफर्म टिकट: फिलहाल यह सुविधा सिर्फ कंफर्म ई-टिकट पर ही लागू होगी। वेटिंग टिकटों के लिए अभी पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। उदाहरण और प्रभाव मान लीजिए आपके पास 20 जनवरी का दिल्ली से इंदौर का कंफर्म टिकट है, लेकिन अब आप 25 जनवरी को जाना चाहते हैं। नए नियम के तहत, आप बिना टिकट कैंसिल किए सीधे तारीख बदल सकेंगे। इससे न केवल यात्रियों के पैसों की बचत होगी, बल्कि रिफंड के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी। रेल मंत्री के मुताबिक, यह सिस्टम अपडेट होने के बाद IRCTC के प्लेटफॉर्म पर 'री-बुकिंग' का विकल्प दिखाई देगा। रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे करोड़ों रेल यात्रियों को सीधा फायदा होगा।  

Holiday List 2026: साल भर छुट्टियों की सौगात, 15 लॉन्ग वीकेंड से घूमने का मिलेगा गोल्डन मौका

नई दिल्ली  नए साल की शुरुआत के साथ ही घुमक्कड़ों और छुट्टियों के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। साल 2026 कैलेंडर के लिहाज से बेहद खास होने वाला है। अगर आप भी दफ्तर की भागदौड़ से दूर ब्रेक की तलाश में रहते हैं, तो अपनी डायरी निकाल लीजिए। साल 2026 में कुल 15 लॉन्ग वीकेंड आ रहे हैं, जिन्हें स्मार्ट तरीके से प्लान करके आप करीब 50 दिनों तक की लंबी छुट्टियों का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां साल 2026 का 'हॉलिडे प्लानर' दिया गया है: साल की शुरुआत: जनवरी में जश्न की झड़ी जनवरी की शुरुआत ही छुट्टियों से हो रही है। 1 जनवरी (गुरुवार) को नया साल है, इसके बाद 3 और 4 जनवरी को वीकेंड की छुट्टी। वहीं, महीने के अंत में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) सोमवार को पड़ रहा है, जिससे 24-26 जनवरी तक का पहला बड़ा लॉन्ग वीकेंड मिलेगा। फरवरी में कोई बड़ा लॉन्ग वीकेंड नहीं है, लेकिन मार्च में कसर पूरी हो जाएगी।  मार्च और अप्रैल: ईस्टर और ईद की छुट्टी     मार्च: 20 मार्च (ईद-उल-फितर) शुक्रवार को है, जिसके साथ शनिवार-रविवार मिलकर 3 दिन का ब्रेक देंगे।     अप्रैल: 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के साथ 4-5 अप्रैल का वीकेंड छुट्टियां लेकर आ रहा है। मई और जून: गर्मी की छुट्टियों का डबल डोज     बुद्ध पूर्णिमा: 1 मई (शुक्रवार) से 3 मई तक का समय घूमने के लिए बेस्ट है।     ईद-उल-अजहा: 23-24 मई का वीकेंड और 26 मई की छुट्टी के बीच 25 तारीख को एक दिन की 'स्मार्ट लीव' लेकर आप 4 दिन का ब्रेक पा सकते हैं।     जून: 26 जून को मुहर्रम (शुक्रवार) और फिर वीकेंड, यानी तीन दिन की मौज। अगस्त और सितंबर: सबसे ज्यादा छुट्टियां     अगस्त: महीने के अंत में दो बार 3-3 दिनों के लंबे वीकेंड मिलेंगे (22-25 अगस्त और 28-30 अगस्त)।     सितंबर: 4 सितंबर (जन्माष्टमी) शुक्रवार को है, जिससे 3 दिन का ऑफ मिलेगा। वहीं गणेश चतुर्थी 14 सितंबर (सोमवार) को होने से 12-14 सितंबर तक का समय घूमने के लिए मुफीद है। अक्टूबर से दिसंबर: त्योहारों का सीजन     अक्टूबर: 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) शुक्रवार को है। इसके अलावा 20 अक्टूबर को दशहरा (मंगलवार) है, यदि आप 19 तारीख (सोमवार) की छुट्टी लेते हैं, तो शनिवार से मंगलवार तक 4 दिन का बड़ा वेकेशन मिल सकता है।     नवंबर: इस महीने में भी दो बार लॉन्ग वीकेंड का मौका मिलेगा (गुरु नानक जयंती के आसपास)।     दिसंबर: 25 दिसंबर (क्रिसमस) गुरुवार को है। शुक्रवार की एक छुट्टी लेकर आप रविवार तक 4 दिनों के लिए विंटर ट्रिप पर जा सकते हैं। अपने ट्रिप और होटल्स की बुकिंग अभी से कर लें, क्योंकि इन 'हॉलिडे गैप्स' के कारण साल भर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ रहने की उम्मीद है।

तकनीक की ताकत! चीन ने रचा इतिहास, सबसे लंबी टनल से यात्रा समय हुआ मिनटों में सिमटा

बीजिंग चीन ने इंजीनियरिंग और तकनीक के क्षेत्र में एक बार फिर वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का निर्माण पूरा कर लिया है। शिनजियांग प्रांत में स्थित इस 'तियानशान शेंगली टनल' की कुल लंबाई 22.13 किलोमीटर है। इस सुरंग के शुरू होने से दुर्गम पर्वतीय रास्तों पर होने वाला 4 घंटे का सफर अब मात्र 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। समय और दूरी में भारी कटौती यह विशाल टनल 324 किलोमीटर लंबे उरुमकी-युली एक्सप्रेस-वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार होने से उरुमकी और कोरला के बीच लगने वाला समय भी 7 घंटे से घटकर केवल 3 घंटे रह गया है। करीब 60 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट चीन की ढांचागत शक्ति का प्रमाण है।   अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा इस निर्माण के साथ चीन ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का खिताब चीन की ही 18.04 किलोमीटर लंबी सुरंग के नाम था। वर्ष 2020 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अपनी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चर्चा में रहा, लेकिन पाँच साल के कड़े परिश्रम के बाद अब यह यातायात के लिए तैयार है।

साइबर वार का आरोप: हंडाला हैकर्स बोले—नेतन्याहू के शीर्ष सहयोगी का डेटा लीक, इजरायल ने नकारा

नई दिल्ली ईरान से जुड़े हैक्टिविस्ट ग्रुप 'हंडाला हैकिंग टीम' ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी शीर्ष सहयोगी जाची ब्रेवरमैन का फोन हैक कर कई डिटेल्स लीक कर दिए।  इजरायल के मुताबिक इस ग्रुप का संबंध ईरान से है, और ये वही ग्रुप है जिसने पिछले हफ्ते पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के फोन में सेंध लगाई थी और दावा किया है कि वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ, जाची ब्रेवरमैन का फोन भी हैक करने में कामयाब रहे। ग्रुप का कहना है कि उसे जाची ब्रेवरमैन के इस्तेमाल किए गए आईफोन 16 प्रो मैक्स का लंबे समय तक एक्सेस मिला। ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे मैसेज में, हैकर्स ने दावा किया कि उनके पास डिवाइस से ली गई फाइलें, प्राइवेट चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो मटीरियल हैं, और उन्होंने कंटेंट को अलग-अलग हिस्सों में पब्लिश करने की धमकी दी। हंडाला हैकर्स का कहना है कि वे फिर नई जानकारी जारी करेंगे जो ब्रेवरमैन को कतरगेट स्कैंडल से जोड़ती है। वहीं, यरूशलम पोस्ट ने पीएमओ के हवाले से कहा कि “ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।” नेतन्याहू के दो सलाहकारों पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के यहां काम करते हुए कतर की तरफ से परसेप्शन पीआर फर्म के लिए काम किया, जिसके हेड नेतन्याहू के पूर्व कैंपेन मैनेजर यिसरायल आइन्हॉर्न हैं। फेल्डस्टीन ने दावा किया कि ब्रेवरमैन को लीक की गई एक सीक्रेट आईडीएफ जांच के बारे में पता चला और उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसे रद्द किया जा सकता है। ब्रेवरमैन को यूके में इजरायल का राजदूत बनना है, लेकिन आरोप की वजह से नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। ब्रेवरमैन और नेतन्याहू दोनों ने घोटालों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। बता दें, करीब दो हफ्ते पहले, इसी ग्रुप ने दावा किया था कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का टेलीग्राम अकाउंट हैक कर लिया था। बेनेट के ऑफिस ने शुरू में इस रिपोर्ट से इनकार किया, लेकिन हैकर्स ने बाद में डॉक्यूमेंट्स, इमेज और बड़ी कॉन्टैक्ट लिस्ट जारी कर दीं। बेनेट ने बाद में माना कि उनके टेलीग्राम अकाउंट में सच में सेंध लगी थी।

सुरक्षा बलों की गहन कार्रवाई से आतंकियों को करारा जवाब, भारत का सम्मान बढ़ा: अमित शाह

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के दृढ़ निर्देश के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का 5वां आतंकवाद-विरोधी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान एनआईए ने शनिवार को भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने सम्मेलन में आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया और देश के आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधन में राज्यों को भारत की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकसमान आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) संरचना को शीघ्रता से लागू करने का निर्देश दिया।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे देश में मजबूत, एकसमान और सुसंगत परिचालन क्षमता के बिना हम खुफिया जानकारी का उचित उपयोग और प्रभावी समन्वित जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकते। अमित शाह ने पहलगाम और दिल्ली के लाल किले पर हुए आतंकी हमलों में विभिन्न एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों की सफल कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में इन एजेंसियों की गहन कार्रवाई ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इस जघन्य हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ट्रैक करके मार गिराने का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकी कृत्य की योजना बनाने वालों को सजा दी और 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने इस दोहरी कार्रवाई को पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं के खिलाफ भारत सरकार, भारत के सुरक्षा बलों और भारत की जनता की ओर से एक मजबूत और निर्णायक जवाब बताया। अमित शाह ने लगातार बदलती प्रौद्योगिकी और आतंकी परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियों से साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध के प्रति सतर्कता, बहु-सुरक्षा स्तर और खुफिया जानकारी के निर्बाध प्रवाह जैसे अंतरराष्ट्रीय आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि यह भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करने का एक साधन है, चाहे वह सीमा पार आतंकवाद हो, मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद हो या साइबर आतंकवाद। उन्होंने देश के सामने मौजूद विभिन्न खतरों, विशेष रूप से कट्टरता, भर्ती और कमजोर युवाओं के शोषण से उत्पन्न होने वाले खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया।