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फोन पर संबोधन: पीएम मोदी ने रैली में न पहुंच पाने पर बंगालवासियों से जताया खेद

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के ताहिरपुर में रैली में पीएम मोदी खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच पाए। उनका हेलीकॉप्टर खराब मौसम की वजह से वहां लैंड नहीं कर पाया। इसके बाद पीएम मोदी ने फोन के जरिए रैली को संबोधित किया और फिर जनता से माफी मांगते हुए कहा कि मैं वहां आ ही गया था लेकिन खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच पाया। पीएम ने अपनी बात को पूरा करते हुए कहा कि जब वह वहां आएंगे तो फिर पूरी तरह से बंगाल के विजन के ऊपर जनता से बात करेंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने फोन के जरिये रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस उनका और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चाहे जितना विरोध करे लेकिन पश्चिम बंगाल की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। उनकी सरकार का उद्देश्य पिछड़ेपन से जूझ रहे बंगाल के दूर-दराज के इलाकों तक आधुनिक संपर्क सुविधाएं सुनिश्चित करना है। पीएम मोदी ने हाल के समय में बिहार चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार चुना के नतीजों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि वह एक बार राज्य में डबल इंजन सरकार बनाने का अवसर दें। पीएम ने कहा कि वह राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ममता सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन कर रही है। ममता दीदी एसआईआर का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं और इन घुसपैठियों की पहचान को छिपाना चाहती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की जनता को त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि त्रिपुरा में एक समय तक वामपंथियों का शासन था, जिनके राज्य में त्रिपुरा लगातार पिछड़ता चला गया है। अब, जब से वहां पर भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई है, तभी से त्रिपुरा तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल पिछड़ रहा है। पीएम ने कहा, “त्रिपुरा में भी वामपंथियों का शासन था, वह गए और भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई, इसके बाद आप देखिए कि त्रिपुरा लगातार आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में भी वामपंथियों का शासन था। उनके जाने के बाद लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने वामपंथियों के रास्ते पर चलते हुए, उनके ही लोगों को अपने में समाहित कर लिया और बंगाल का हाल और भी ज्यादा बुरा कर दिया।” इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि वह रैली स्थल पर पहुंचने वाले थे, लेकिन मौसम ने ऐसा नहीं होने दिया। ऐसे में वह जल्दी ही एक बार फिर से नादिया आएँगे और जनता के सामने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए अपने विजन को रखेंगे। इससे पहले पीएम मोदी खराब मौसम की वजह से रैली स्थल पर नहीं पहुंच पाए। बाद में खबरें आईं थी कि पीएम मोदी सड़क के रास्ते रैली स्थल पर पहुंच सकते हैं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। पीएम के न आने की खबर सुनकर वहां मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा संभाल लिया गया।

चौंकाने वाला बयान: आतंकी हारून इजहार बोला—मंदिरों-हिंदुओं की सुरक्षा करेंगे, बांग्लादेश में बढ़ी बेचैनी

नई दिल्ली  भारत विरोधी उकसावे और कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए चर्चित बांग्लादेशी देवबंदी मौलवी और आतंकी नेता हारून इजहार ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देकर हलचल मचा दी है। हारून इजहार ने दावा किया है कि बांग्लादेश में स्थित भारतीय हाई कमीशन की सुरक्षा वही और उनके समर्थक करेंगे और बांग्लादेश में किसी तरह की ‘मॉब कल्चर’ मौजूद नहीं है। इतना ही नहीं, हारून इजहार ने यह भी कहा कि बांग्लादेशी हिंदुओं और मंदिरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी वही लोग निभा रहे हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आती है। बीते दिनों यही कट्टरपंथी समूह बार-बार भारतीय हाई कमीशन और सहायक हाई कमीशनों पर हमले की कोशिश करते रहे हैं।   हाल ही में चट्टोग्राम में भारतीय सहायक हाई कमीशन को निशाना बनाकर पथराव किया गया था। इस घटना में 12 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इन्हीं आरोपियों की रिहाई की मांग को लेकर हारून इजहार खुद थाना पहुंचा था। वहीं उसने यह विवादित बयान दिया। हारून इजहार ने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं, क्या दूतावास का कोई शीशा टूटा है? भारत एक आक्रामक और आतंकवादी देश है, लेकिन बांग्लादेश में भारतीय दूतावास एक निर्दोष संस्था है। उसकी सुरक्षा हम देंगे। यहां भारतीय हाई कमीशन के खिलाफ कोई मॉब नहीं बनेगा। पुलिस और प्रशासन बाद की बात है, हम बांग्लादेशी खुद ऐसा होने नहीं देंगे।” उसने आगे कहा, “अगर भारत सीमा पर हमला करेगा, तो हम जवाब देंगे। लेकिन हाई कमीशन निर्दोष है। अगर कोई अलग-थलग व्यक्ति कुछ करता है, तो उसकी जिम्मेदारी हम नहीं लेंगे।” भारत विरोधी धमकियों का लंबा इतिहास हारून इजहार का यह बयान ऐसे समय आया है जब उसका अतीत खुद उसके दावों पर सवाल खड़े करता है। हारून इजहार पहले खुले मंच से कह चुका है, “हमने ढाका को हिला दिया है। अगली बारी दिल्ली की है, इंशाअल्लाह।” हाल के महीनों में भी वह कई बार भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दे चुका है। सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया रिपोर्टों में हारून इजहार के अल-कायदा और लश्कर-ए-तैयबा से संबंध होने के दावे किए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि 2011 में हारून इजहार को लश्कर से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में वह कट्टरपंथी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के साथ सक्रिय हो गया। हालिया दौर में हिफाजत-ए-इस्लाम की ओर से बांग्लादेश में कई भारत-विरोधी कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। ओसमान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा 18 दिसंबर को छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरा बांग्लादेश हिंसा और अशांति की चपेट में आ गया। चट्टोग्राम में भी इसका असर देखने को मिला, जहां भारतीय सहायक हाई कमीशन पर हमला करने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों ने न केवल पानी की बोतलें बल्कि पत्थर भी फेंके। भीड़ ने भारतीय सहायक हाई कमिश्नर के आवास की ओर मार्च किया और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान कट्टरपंथियों ने खुलेआम नारे लगाए कि वे भारतीय हाई कमीशन के साथ युद्ध की स्थिति में हैं।  

शिलांग कोर्ट का सख्त रुख: राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका नामंजूर

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय के शिलांग कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सोनम की जमानत याचिका रद्द कर दी। सोनम पर इस साल मई महीने में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति और राजा रघुवंशी की हत्या कराने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, मेघायलय पुलिस द्वारा इस मामले में दायर की गई 700 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि राजा की हत्या सोनम और उसके कथित प्रेमी राज सिंह कुशवाहा ने मिलकर प्लान की थी। चार्जशीट में भाड़े पर बुलाए गए तीन कथित हत्यारों – आकाश सिंह राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी के नाम भी हैं। इस मामले में एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने आरोपियों पर हत्या के आरोप भी तय किए हैं। यह अपराध उस वक्त सामने आया था जब मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 12 मई को शादी करने वाला यह जोड़ा 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गया था। उन्हें आखिरी बार नोंगियाट में एक होमस्टे से चेक आउट करते हुए देखा गया था। कुछ दिनों बाद, उनके द्वारा किराए पर ली गई स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली थी। फिर उनके लापता होने के लगभग 10 दिन बाद 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स में वेसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था। राजा की पत्नी सोनम जो 8 जून तक लापता थी, उत्तर प्रदेश के वाराणसी-गाजीपुर मेन रोड पर एक ढाबे के पास मिली थी। मेघालय पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सोनम को 21 साल के राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति की हत्या में मुख्य आरोपियों में से एक माना जा रहा है।  

बांग्लादेश संकट पर थरूर का हस्तक्षेप: शांति बहाली के उपाय बताए, यूनुस को दिया संदेश

ढाका  बांग्लादेश में जारी हिंसा को लेकर भारत में कई लोकप्रिय शख्सियतों ने अपनी चिंता जाहिर की है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पड़ोसी देश में प्रेस के ऊपर हो रहे हमलों को लेकर भी दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि यह प्रेस की स्वतंत्रता पर नहीं बल्कि उस देश के बहुलतावाद पर सीधा हमला है। जनता की आवाज मतपेटी के जरिए सुनी जानी चाहिए, न ही हिंसा और हुडदंग के जरिए। इतना ही नहीं हिंसा को खत्म करने के लिए भी थरूर ने यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को कुछ सलाह दी।   सोशल मीडिया साइट एक्स पर बांग्लादेश हिंसा पर थरूर ने अपनी राय साझा की। उन्होंने लिखा, "बांग्लादेश से आ रही खबरों को लेकर मैं चिंता में हू्ं। प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के ऑफिस पर हुए टारगेटेड हमले ने केवल दो संस्थानों पर हमला नहीं किया है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और बहुलतावाद पर हमला किया है। मैं संपादक महफूज अनाम और अन्य साहसी पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हूं।" इससे इतर थरूर ने खुलना और राजशाही में बंद हुए भारतीय सहायक उच्चायोग को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "सुरक्षा खतरों के बढ़ने के कारण खुलना और राजशाही में भारतीय सहायक उच्चायोग का बंद होना एक बड़ा झटका है। इससे छात्रों, मरीजों और गरीब परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा। 12 फरवरी 2026 को होने वाले प्रस्तावित चुनाव से पहले ऐसी हिंसा और असहिष्णुता का माहौल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरनाक है। केरल सांसद ने केवल घटना को लेकर अपने विचार ही नहीं रखे, बल्कि बांग्लादेश को इस समस्या से निकलने के लिए सलाह भी दी। उन्होंने लिखा, "एक स्थिर और समृद्ध पड़ोस के लिए, अंतरिम सरकार को कई चीजें सुनिश्चित करनी होगी। इनमें सबसे पहले पत्रकारों की सुरक्षा, पत्रकारों को अपनी जान बचाने के लिए हड़बड़ी में संदेश पोस्ट करने की नौबत नहीं आनी चाहिए, जबकि उनके ऑफिस को आग लगाई जा रही है। किसी भी तरह से भीड़ तंत्र को हावी नहीं होने दिया जा सकता।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए थरूर ने दूसरे नंबर पर राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को महत्वता दी। उन्होंने लिखा,"राजनयिक मिशनों को सुरक्षित क्षेत्र बने रहना चाहिए, ताकि लोगों के बीच संपर्क और संबंध बने रहें। निशाने पर आए दूतावास और वाणिज्य दूतावास को अतिरिक्त सुरक्षा दी जानी चाहिए। इसके अलावा शांति कि बहाली, अगर देश संक्रमण काल से किसी भी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ बाहर निकलना चाहता है और उसे भीड़ तंत्र की जगह पर राजनैतिक संवाद को अपनाना होगा। इसके लिए मुख्य सलाहकाकर यूनुस को नेतृत्व करना चाहिए।" बकौल थरूर, बांग्लादेश में स्थिरता पूरे क्षेत्र के लिए अहम है। उन्हें उम्मीद है कि वहां शांति लौटेगी और ऐसा सुरक्षित माहौल बनेगा कि जनता की आवाज मतपेटी से सुनी जाएगी, न कि हिंसा और डर के जरिए। गौरतलब है कि पिछले साल शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद बांग्लादेश लगातार जल रहा है। इसके बाद यह आग थोड़ी ठंडी हुई, लेकिन एक छात्र नेता हत्या के बाद माहौल फिर से बिगड़ने लगा है। कट्टरपंथी लोगों ने इस घटना के लिए सबसे पहले तो भारत को जिम्मेदार ठहराया फिर उसके बाद भारतीय राजनियक मिशनों को निशाना बनाया। इतना ही नहीं इन्हीं कट्टरपंथियों ने एक हिंदु युवक को पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को सार्वजनिक रूप से पेड़ से टांगकर आग लगा दी गई।  

रिश्तों का खून: जीवन बीमा के पैसों के लिए बेटों ने सांप से कटवाकर पिता को मारा

तमिलनाडु  तमिलनाडु में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक व्यक्ति कि मौत सांप के काटने की वजह से हुई थी। लोगों ने इसे आम घटना समझा, लेकिन जब असली हकीकत सामने आई तो सभी के पैरों तले से जमीन खिसक गई। दरअसल, पुलिस रिपोर्ट में सामने आया कि 56 वर्षीय ई.पी. गणेशन की मौत संयोग से सांप के काटने से नहीं हुई है, बल्कि उन्हें जानबूझकर सांप के जहर से मारा गया है। आरोप है कि पीड़ित के अपने बेटों ने ही पिता की जीवन बीमा राशि हासिल करने के लिए यह चाल चली।   रिपोर्ट्स के मुताबिक 56 वर्षीय गणेशन एक सरकारी स्कूल में लैब असिस्टेंट के रूप में काम करते थे। अक्तूबर में पोथातुरपेट्टई नामक गांव में उनके अपने घर में ही उनका शव मिला था। परिवार का दावा था कि उनकी मृत्यु सांप के काटने से हुई है, पुलिस ने भी इसे एक सामान्य सर्पदंश की दुर्घटना समझ मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन, जब मृतक के बेटों ने बीमा राशि के लिए आवेदन दिया तो कंपनी को दाल में कुछ काला लगा। इसके बाद उन्होंने लाभार्थियों के व्यवहार को संदिग्ध बताते हुए पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच करने का आग्रह किया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की। इस जांच में सामने आया कि बेटों ने ही मिलकर पिता का तीन करोड़ का जीवन बीमा करवाया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, बेटों ने इसके बाद अपने पिता को सांप से कटवाने की योजना बनाई। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने कुछ जहरीले सांपों का इंतजाम किया। हत्या के एक हफ्ते पहले उन्होंने जहरीले कोबरा से गणेशन को कटवाया था, लेकिन उससे ज्यादा कुछ हुआ नहीं और उनकी योजना फेल हो गई। एक बार प्रयास विफल होने के बाद भी बेटों का दिल अपने पिता के प्रति पसीजा नहीं। उन्होंने दोबारा हत्या करने के लिए विषैले करैत सांप की व्यवस्था की और फिर गणेशन की गर्दन पर कटवाया। इसके बाद उन्होंने सांप को घर के अंदर ही मार दिया। इस बार जब जहर ने असर करना शुरू किया तो उन्होंने अस्पताल ले जाने में भी देर कर दी, ताकि किसी तरह का सबूत न रहे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में गणेशन के दोनों बेटों समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें वह लोग शामिल हैं, जिन्होंने सांप की व्यवस्था कि या फिर हत्या को दुर्घटना का रूप देने में मदद की। मामले की जांच की जा रही है।

इमरान- बुशरा बीबी मामला: कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 17-17 साल की सुनाई सजा

रावलपिंडी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार के एक मामले में 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब जेल में इमरान के साथ कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान को एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में अदालत ने 17 साल की सजा सुनाई है। इसी मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी 17 साल के कारावास की सजा दी गई है। यह जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई ने स्थानीय मीडिया के हवाले से दी है। इमरान खान को पहली बार 9 मई 2023 को भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अगस्त 2023 में उन्हें बहुचर्चित तोशाखाना मामले में दोबारा हिरासत में लिया गया। लगातार कानूनी शिकंजे में फंसे इमरान खान पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं। ताजा सजा ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान सरकार पर इमरान खान के साथ जेल में कथित दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने भी इमरान खान को एकांत कारावास से बाहर निकालने की मांग करते हुए पाकिस्तान सरकार से जवाब तलब किया था। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और उनके समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। वहीं, पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और अदालतों के फैसलों में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर तेज उथल-पुथल मचने के आसार हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

रेल हादसा: राजधानी एक्सप्रेस से टकराने से 8 हाथियों की मौत, पटरी से उतरे 5 डिब्बे

जमुनामुख असम के जमुनामुख के सानरोजा इलाके में एक भयानक रेल हादसा शुक्रवार तड़के करीब 2 बजे हुआ, जिसने न केवल लोगों को हिला कर रख दिया बल्कि वन्यजीवन के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर दिया। खबर है कि सैरांग से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन अचानक हाथियों के एक झुंड से टकरा गई। हादसे का विवरण घटना स्थल से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन का इंजन और पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 8 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ हाथियों के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। यह झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, जिससे ट्रेन और हाथियों की टक्कर हुई। यातायात पर असर इस हादसे के बाद रेल मार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ का मार्ग बदलकर परिचालन किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि प्रभावित लोगों को समय पर जानकारी मिल सके। राहत और बचाव कार्य रेलवे और राज्य प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है। मौके पर रेलवे और वन विभाग की टीमें सक्रिय हैं, ताकि घायल हाथियों और ट्रेन यात्रियों की सहायता सुनिश्चित की जा सके। वन्यजीवन और सुरक्षा पर चिंता इस हादसे ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है, बल्कि वन्यजीवन और मानव-संरक्षण क्षेत्र के बीच संतुलन पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक और हाथियों के आवास क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।  

हिंदू युवक की हत्या से बांग्लादेश में हड़कंप, मुहम्मद यूनुस के ऐक्शन के बाद 7 गिरफ्तारी

बांग्लादेश बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शनिवार को यह जानकारी दी है। यूनुस ने कहा कि रैपिड एक्शन बटालियन ने मैमनसिंह के बालुका में 27 साल के सनातन हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के मामले में संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यूनुस ने कहा, "रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने मैमनसिंह के बालुका में 27 साल के सनातन हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है।" बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारेक हुसैन (19), मोहम्मद मानिक मिया (20), इरशाद अली (39), निजुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38) और मोहम्मद मिराज हुसैन अकन (46) के रूप में हुई है। यूनुस ने कहा कि ये गिरफ्तारियां इलाके में RAB यूनिट्स की समन्वित कार्रवाई के बाद हुई हैं। उन्होंने कहा, "RAB-14 ने अलग-अलग जगहों पर ऑपरेशन चलाकर उपरोक्त संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।" इस बीच बांग्लादेश के एक प्रमुख युवा नेता का शव शुक्रवार को सिंगापुर से ढाका लाए जाने के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अपने नागरिकों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा की गयी हिंसा से दूर रहने का आह्वान किया । युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को छह दिन पहले गोली मार दी गयी थी। वह जुलाई में सरकार के विरूद्ध हुए हिंसक प्रदर्शनों में एक प्रमुख चेहरा थे। पुलिस के अनुसार, हादी का शव सिंगापुर से ढाका पहुंचने के कुछ ही समय बाद, कथित कट्टरपंथी दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में वामपंथी विचारधारा वाली उदिची शिल्पीगोष्ठी के मुख्य कार्यालय में आग लगा दी। देश के विभिन्न हिस्सों में बृहस्पतिवार रात हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं जिनमें चट्टगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पथराव भी शामिल है। ये घटनाएं मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस द्वारा टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए हादी की मौत की पुष्टि करने के बाद हुईं। इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी का शव कड़ी सुरक्षा और व्यापक जन शोक के बीच बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान से स्थानीय समयानुसार शाम लगभग छह बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एचएसआईए) पर लाया गया। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने बिमान के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) बोशरा इस्लाम के हवाले से दी।  

ख़राब मौसम के कारण पीएम मोदी की बंगाल रैली प्रभावित, लौटे कोलकाता

ताहिरपुर पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर ताहिरपुर में उतर नहीं पाया। अधिकारियों के मुताबिक कम दृष्यता की वजह से विमान लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस कोलकाता लौटना पड़ा। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी के सड़क मार्ग के जरिए रैली स्थल पर पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर हेलीपैड के ऊपर कुछ समय तक घूमा और फिर कोलकाता हवाई अड्डे लौट आया। अंतिम खबर मिलने तक प्रधानमंत्री हवाई अड्डे पर मौसम की स्थिति पर आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि मोदी सड़क मार्ग से ताहिरपुर में स्थित रैली स्थल तक पहुंचेंगे या फिर मौसम साफ होने का इंतजार कर हेलीकॉप्टर से रवाना होने का एक और प्रयास करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:40 बजे कोलकाता पहुंचे और फिर हेलीकॉप्टर से नदिया जिले के ताहिरपुर के लिए रवाना हुए। ताहिरपुर पहुंचकर वह पश्चिम बंगाल में राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके बाद भाजपा की राजनीतिक रैली ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे।

PM Kisan 22nd Installment Update: जानें कब मिलेगा 2000 रुपए का लाभ

नई दिल्ली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के करोड़ों लाभार्थी किसान अब 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की 21वीं किस्त जारी की थी, जिसके तहत करीब 9 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। PM Kisan योजना के तहत कितनी मिलती है राशि पीएम किसान योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर साल कुल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में हर चार महीने में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक जारी किस्तों का विवरण 19वीं किस्त: फरवरी 2025 20वीं किस्त: अगस्त 2025 21वीं किस्त: नवंबर 2025 साल 2025 की तीनों किस्तें जारी हो चुकी हैं। अब अगली किस्त 22वीं किस्त होगी, जो 2026 की पहली किस्त मानी जाएगी। PM Kisan 22वीं किस्त कब आएगी? सरकारी तौर पर अभी 22वीं किस्त की तारीख घोषित नहीं हुई है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और पिछली किस्तों के पैटर्न के अनुसार माना जा रहा है कि PM Kisan 22वीं किस्त फरवरी 2026 में जारी हो सकती है। क्योंकि इससे पहले भी साल की पहली किस्त फरवरी महीने में ट्रांसफर की जाती रही है। PM Kisan 22वीं किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें किसान योजना से जुड़ी हर आधिकारिक जानकारी pmkisan.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती है। यहां आप किस्त की स्थिति , लाभार्थी सूची , e-KYC स्टेटस, भुगतान से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही, वेबसाइट पर मौजूद KISAN E-MITRA चैटबोट की मदद से भी किसान अपने सवालों के जवाब पा सकते हैं।