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अनंत अंबानी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान: वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला ग्लोबल अवॉर्ड

नई दिल्ली  वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए अनंत अंबानी को अमेरिका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में ‘ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड फॉर एनिमल वेलफेयर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वनतारा के जरिए जानवरों के बचाव, इलाज, पुनर्वास और संरक्षण में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया।   अनंत अंबानी इस सम्मान को पाने वाले सबसे युवा और पहले एशियाई व्यक्ति बन गए हैं। इससे पहले यह अवॉर्ड अमेरिकी राष्ट्रपतियों जॉन एफ. कैनेडी और बिल क्लिंटन सहित हॉलीवुड हस्तियों और कई वैश्विक नेताओं को दिया जा चुका है। इस अवॉर्ड समारोह में दुनियाभर के वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ और पशु कल्याण से जुड़े नेता शामिल हुए। इस सम्मान से विज्ञान-आधारित संरक्षण पहलों और विश्वभर में संवेदनशील प्रजातियों की रक्षा के लिए किए जा रहे अनंत के सतत प्रयासों को मान्यता मिली है। ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी ने बताया कि यह अवॉर्ड उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिनकी आजीवन प्रतिबद्धता पशुओं और प्रकृति पर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। वनतारा को मिली वैश्विक मान्यता: अनंत अंबानी को यह सम्मान जामनगर (गुजरात) में स्थापित उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘वनतारा’ के लिए दिया गया। वनतारा दुनिया के सबसे बड़े और व्यापक वन्यजीव बचाव, उपचार, पुनर्वास तथा संरक्षण केंद्रों में से एक है। दुनिया के लिए एक मिसाल है यह मॉडल : डॉ. रॉबिन ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी की अध्यक्ष और सीईओ डॉ. रॉबिन गैंजर्ट ने अनंत अंबानी और वनतारा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वनतारा सिर्फ एक रेस्क्यू सेंटर नहीं, बल्कि जानवरों के इलाज, देखभाल और संरक्षण- तीनों को एक साथ जोड़ने वाला एक अनूठा मॉडल है। वनतारा ने यह दिखाया है कि बड़े पैमाने पर जानवरों की मदद कैसे की जा सकती है और यही मॉडल अब दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है। पशु हमें संतुलन और संवेदनशीलता सिखाते हैं : अनंत अवॉर्ड लेने के बाद अनंत अंबानी ने कहा कि यह सम्मान मुझे ‘सर्वभूत हित’ यानी सभी जीवों की भलाई के रास्ते पर और मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जानवर हमें जीवन में संतुलन और संवेदनशीलता सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि वनतारा के जरिए हमारा मकसद हर जीव को सम्मान, देखभाल और एक बेहतर जिंदगी देना है। हमारे लिए संरक्षण भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज की जिम्मेदारी है।  

यह वाकई बड़ा संकट! इंडिगो मामले में अदालत की फटकार, केंद्र की भूमिका पर उठे सवाल

नई दिल्ली  पिछले कुछ दिनों में देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की हजारों उड़ानें रद्द होने के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। इस मामले में दायर एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए अदालत ने इसे एक संकट करार दिया और केंद्र सरकार को यह बताने को कहा कि स्थिति अचानक क्यों बिगड़ी? लाइव लॉ के मुताबिक अदालत ने कहा, 'सवाल यह है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों हुई? जिम्मेदार कौन है?' चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि फंसे हुए यात्रियों को हुई परेशानी के अलावा यह देश की अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान का भी सवाल है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि प्रभावित यात्रियों को सहायता और रिफंड उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मौके का फायदा उठाए जाने से अदालत हैरान बेंच ने इस बात पर भी हैरानी जाहिर की कि दूसरी कंपनियों ने इस मौके के फायदा उठाने की कोशिश की। अदालत ने कहा, 'दूसरी विमानन कंपनियां इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं और टिकट के लिए भारी रकम कैसे वसूल सकती हैं?' केंद्र सरकार ने अदालत से क्या कहा? सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि विधिक प्रावधान पूरी तरह लागू हैं और इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। यह भी कहा गया कि विमानन कंपनी ने काफी क्षमायाचना की है। सरकार के वकील ने यह भी कहा कि संकट विभिन्न नियम उल्लंघनों की वजह से पैदा हुआ है, जिनमें समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन न करना शामिल है। खासकर क्रू सदस्यों के फ्लाइट ड्यूटी घंटों से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया।

दिवाली बनी ग्लोबल हेरिटेज: यूनेस्को की मान्यता पर PM का बयान—‘लोकप्रियता नई ऊंचाई छुएगी’

नई दिल्ली  भारत के प्रमुख पर्व दीपावली को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची’ में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। खुद यूनेस्को ने बुधवार को इसकी घोषणा की। यूनेस्को की यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है, जिसमें 78 देशों से आए दर्जनों नामांकनों पर विचार किया जा रहा है। दिवाली का चयन इस बात को दर्शाता है कि यह त्योहार विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक महत्ता और लोकाचार के कारण विशेष पहचान रखता है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस घोषणा से सभी भारतीय खुश हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'भारत और दुनिया भर के लोग बहुत खुश हैं। हमारे लिए, दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों से बहुत करीब से जुड़ी हुई है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह रोशनी और सच्चाई का प्रतीक है। यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में दीपावली के शामिल होने से इस त्योहार की ग्लोबल लोकप्रियता और भी बढ़ेगी। प्रभु श्री राम के आदर्श हमें हमेशा रास्ता दिखाते रहें।' यह पहली बार है कि भारत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है। इस समिति का 20वां सत्र लाल किले में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। यूनेस्को द्वारा दीपावली उत्सव को प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे हवा में गूंज उठे। यूनेस्को का उद्देश्य इस सूची के माध्यम से दुनिया भर में विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं की विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है। भारत ने दीपावली उत्सव को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यूनेस्को ने शांति और अच्छाई की जीत की शाश्वत मानवीय अभिलाषा का सम्मान किया। दीपावली भारतीयों के लिए बेहद भावनात्मक त्योहार है, जिसे पीढ़ियों से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'कुम्हारों से लेकर कारीगरों तक लाखों हाथ इस विरासत को जीवित रखते हैं। यूनेस्को का यह ‘टैग’ भी एक जिम्मेदारी है; हमें सुनिश्चित करना होगा कि दीपावली हमेशा एक विरासत बनी रहे। हमारे बच्चों को राम राज्य और सुशासन के त्योहार दीपावली के बारे में जानना चाहिए। आगामी दीपावली में सभी को शांति, कृतज्ञता और साझा मानवता का एक अतिरिक्त दीप जलाने के लिए आमंत्रित करें।' दिल्ली में विशेष आयोजन, शहर जगमगाया दिवाली को वैश्विक विरासत सूची में शामिल किए जाने के मौके पर दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में विशेष कार्यक्रमों की घोषणा की है। प्रमुख इमारतों को भव्य रोशनी से सजाया जा रहा है, मुख्य सड़कों पर आकर्षक सजावट की गई है और एक विशाल दीप प्रज्वलन समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। दुनियाभर में मनाया जाने वाला त्योहार दिवाली केवल हिंदू समुदाय ही नहीं, बल्कि सिख, जैन और भारत के बाहर बसे लाखों प्रवासी भारतीय भी इसे बड़े धूमधाम से मनाते हैं। कई समुदायों में यह पांच दिनों तक चलने वाला त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। दिवाली आमतौर पर अमावस्या की रात को मनाई जाती है, जो हर साल अक्टूबर के अंत या नवंबर में पड़ती है। इस दौरान घरों में दीये जलाना, रंगोली सजाना, पटाखे फोड़ना, और लक्ष्मी पूजा की परंपरा विशेष रूप से निभाई जाती है। रामायण से जुड़ी आस्था उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में दिवाली को भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने के रूप में मनाया जाता है, जब उन्होंने रावण का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की थी। इस कारण यह त्योहार उत्सव, प्रकाश और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। दिवाली का गहरा संबंध लक्ष्मी, धन और समृद्धि की देवी की आराधना से भी है। लोग इस दिन नई वस्तुएं खरीदते हैं और व्यापार भी शुभ माना जाता है। विदेश मंत्रालय ने जताई खुशी भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा- एक आनंददायक क्षण, जब दीपावली- अच्छाई पर बुराई की जीत और भगवान राम के अयोध्या लौटने के वैश्विक पर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया। इस घोषणा के बाद भारत के सांस्कृतिक इतिहास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और नई पहचान मिली है और दिवाली का वैश्विक महत्व और भी प्रखर होकर सामने आया है। भारत की 15 चीजें वर्तमान में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हैं, जिनमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा और रामलीला – महाकाव्य ‘रामायण’ का पारंपरिक प्रदर्शन शामिल हैं।

गुजरात के राजकोट में एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाला मामला आया सामने, 6 साल की बच्ची से हुई दरिंदगी

राजकोट  गुजरात के राजकोट में एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 6 साल की बच्ची का अपहरण करके 30 साल के एक शख्स ने उसके साथ दरिंदगी की। खुद 3 बच्चों के इस बाप ने ना सिर्फ मासूम बच्ची के साथ रेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाल दी। पुलिस ने हैवानियत करने वाले आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जख्मी बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।   मामला राजकोट के जिले के अटकोट पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक घटना को 4 दिसंबर को उस वक्त अंजाम दिया गया जब बच्ची के माता-पिता खेत में काम करने के लिए बाहर गए थे। इस दौरान राम सिंह बच्ची को उठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया और वहां उसका मुंह दबाकर हैवानियत करने लगा। मासूम बच्ची के जिस्मों पर अपने हवस का जुल्म ढहाने से जब उसका मन नहीं भरा तो उसने एक फीट का लोहे का रॉड लड़की के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया। इधर, काम से लौटने के बाद जब बच्ची नहीं मिली तो माता-पिता तलाश में जुटे। उन्हें वह घटनास्थल पर लहूलुहान मिली। तुरंत उसे लेकर पास के अस्पताल में गए जहां से बच्ची को राजकोट रेफर कर दिया गया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पुलिस हरकत में आई। 10 टीमों का गठन करके आरोपी की तलाश शुरू की गई। गांव में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच करके इसका विश्लेषण किया गया। पुलिस ने टेलिकॉम कंपनियों से भी डेटा लेकर यह पता लगाया कि कितने मोबाइल फोन उस दौरान घटनास्थल के आसपास ऐक्टिव थे। इस तरह बच्ची ने हैवान को पहचाना पुलिस ने 140 संदिग्धों की सूची बनाकर उनसे पूछताछ की। एसपी राजकोट रुरल विजय सिंह गुर्जर के मुताबिक, पूछताछ के बाद 10 लोगों की तस्वीरें बच्ची को दिखाई गईं। काउंसलर, महिला पुलिस अधिकारी और डॉक्टर्स की मौजूदगी में बच्ची ने एक शख्स की तस्वीर में आरोपी को पहचान लिया। एसपी ने कहा, '30 साल के आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसने ना सिर्फ रेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाला। अभी जांच जारी है।' घटना को अंजाम दे फरार हो गया था राम सिंह पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि उसने एक खेत में पानी की टंकी के पास उस दिन सुबह 11 बजे घटना को अंजाम दिया। लड़की के जख्मी होने और खून निकलने के बाद वह मौके से फरार हो गया। राम सिंह ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है और दो साल से राजकोट में काम करता था। आरोपी राम सिंह और पीड़ित परिवार MP का रहने वाला राम सिंह 12 साल की एक बेटी और दो बेटों का बाप है। पीड़ित बच्ची का परिवार भी मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है और खेतों में मजदूरी करने के लिए राजकोट में रह रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 65 (2) और पॉक्सो ऐक्ट की धारा 5 (I), 5 (M), और 6 (1) के तहत केस दर्ज किया है।

ट्रंप का विवादित बयान: ‘होंठ रुकते ही नहीं’—महिला अधिकारी पर टिप्पणी से मचा बवाल

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपनी ही महिला अधिकारी को लेकर की गई टिप्पणी चर्चा में है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी केरोलाइन लेविट की तारीफ करते हुए 'होंठ जैसे मशीन गन' जैसी बातों का इस्तेमाल किया। हालांकि, यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी ट्रंप उन्हें लेकर इस तरह की टिप्पणियां कर चुके हैं। लेविट के नाम सबसे युवा प्रेस सचिव होने का रिकॉर्ड दर्ज है।   सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रंप लोगों को संबोधित कर रहे हैं। इस बीच वह लेविट का जिक्र करते हैं। वह कहते हैं, 'आज हम अपनी सुपरस्टार को लेकर आए हैं। केरोलाइन। वो शानदार हैं न?' ट्रंप के इस सवाल पर भीड़ शोर मचाकर प्रतिक्रिया देती है। इसके बाद ही वह उनके शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणियां करते हैं। वीडियो में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, 'जब वो टीवी पर जाती हैं, फॉक्स पर। मेरा मतलब है कि वो उन्हें दबाते हैं, दबाते हैं…। जब वह अपने इस खूबसूरत चेहरे के साथ खड़ी होती हैं और वो होंठ, जो रुकते ही नहीं है और मशीन गन की तरह चलते हैं।' ट्रंप इस बारे में बात करते हुए अजीब आवाजें भी निकालते हैं। ट्रंप ने कहा, 'उन्हें (लेविट) को कोई डर नहीं है…। क्योंकि हमारी नीतियां सही हैं। हमारे पास फीमेल स्पोर्ट्स में मेल नहीं हैं…। हमें हर जगह ट्रांसजेंडर भेजने की जरूरत नहीं है। हमें अपनी सीमाएं खोलकर रखने की जरूरत नहीं है, जहां जेलों से हर जगह से दुनियाभर से लोगों को आने की अनुमति हो। ऐसे में उनके पास थोड़ा आसान काम है। मैं दूसरी तरह का प्रेस सचिव नहीं बनना चाहूंगा।' अगस्त में ट्रंप ने कहा था, 'वही चेहरा है, वही दिमाग है, वही होंठ हैं और वो जिस तरह से चलते हैं। वो ऐसे हिलते हैं, जैसे कि कोई मशीन गन हों।' उन्होंने कहा था, 'मुझे नहीं लगता कि किसी के पास केरोलाइन से अच्छी प्रेस सेक्रेटरी रही होगी।' खास बात है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में यानी 2019 से 2021 के बीच लेविट असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी थीं। कांग्रेस इलेक्शन में हार का सामना करने के बाद उन्होंने जनवरी में वाइट हाउस कार रुख किया था और प्रेस सेक्रेटरी बनी थीं।

गोवा अग्निकांड का आरोपी अजय गुप्ता, जिसे पुलिस शहर-शहर ढूंढ रही थी, दिल्ली के अस्पताल में पकड़ा गया

 नई दिल्ली गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में 7 दिसंबर को हुए भीषण आग हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी. गोवा पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा है. इसी केस में आरोपी अजय गुप्ता को दिल्ली से पकड़ा गया है. अजय यहां लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी बताकर भर्ती हो गया था. पुलिस उसे अस्पताल से लेकर सन लाइट कॉलोनी स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंची. इस दौरान अजय गुप्ता से जब सवाल किया गया तो उसने 'आजतक' से कहा कि वो स्लीपिंग पार्टनर था, उसे कुछ नहीं पता. इसके अलावा किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. पुलिस आरोपी अजय गुप्ता को टैक्सी से लेकर सन लाइट कॉलोनी क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंची थी. अजय ने मास्क लगा रखा था. हाथ में ड्रिप की बैंडेज लगी थी. बीते साल जारी किए गए GST सर्टिफिकेट से सामने आया है कि अजय गुप्ता क्लब में लूथरा बंधुओं के साथ पार्टनर था. अजय गुप्ता नार्थ दिल्ली के मशहूर बिल्डर अमित गुप्ता का भाई है, जिसकी 2 साल पहले गोगी गैंग ने बुराड़ी में हत्या कर दी थी. बिल्डर अमित गुप्ता की मौत के बाद खुलासा हुआ था कि अमित गुप्ता के पास कई नामी लोगों का पैसा था, जिन पैसों को मार्केट में लगाता था. अमित की हत्या के बाद उसका भाई अजय गुप्ता का पैसा मार्केट में लगाने लगा. लूथरा बंधुओं के क्लब्स में भी अमित और अजय गुप्ता ने बड़ी रकम लगा रखी थी. गोवा पुलिस अब अजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लूथरा बंधुओं के साथ हुई उसकी ट्रांजेक्शंस के बारे में पता लगाएगी. हादसे के बाद देश छोड़कर भाग गए क्लब के मालिक गोवा क्लब में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए. दोनों के पासपोर्ट रद्द कराने के लिए गोवा पुलिस ने रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को पत्र भेजा. इसके अलावा क्लब के अन्य साझेदार गुरुग्राम के अजय गुप्ता और ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था. हादसे के दिन क्लब के मालिक लूथरा भाइयों ने दिल्ली एयरपोर्ट से विदेश जाने की तैयारी कर ली थी और दोनों विदेश निकल गए थे. वहीं इस घटना के बाद अजय गुप्ता की तलाश गोवा पुलिस के लिए अहम हो गई थी.  अजय गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी का हवाला देकर भर्ती हो गया था. गोवा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा है. पुलिस ने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच ऑफिस में लाया गया. अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लेकर जाने की तैयारी है. गोवा पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश कर सकती है.

नेपाल में SIR पर सख्ती के बाद संकट गहरा, रोहिंग्याओं के घुसपैठ का खतरा; भारत से सहायता की अपील

 पिथौरागढ़ उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद शुरू होने के साथ ही नेपाल ने रोहिंग्याओं की घुसपैठ की आशंका जताई है। इसे लेकर नेपाल ने सीमा चौकियों के लिए अलर्ट जारी किया है। साथ ही सुरक्षा बलों ने चौकसी भी बढ़ा दी है। नेपाल प्रशासन ने भारत से मदद की गुहार लगाई है। उत्तराखंड में एसआईआर को लेकर मेपिंग का कार्य चल रहा है। साथ ही पुलिस का सत्यापन अभियान भी जारी है। नेपाली प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भारत में सख्ती के बाद रोहिंग्या शरणार्थियों की नेपाल में घुसने की आशंका है। नेपाल त्रिनगर सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख और सशस्त्र पुलिस उपाधीक्षक धीरेंद्र शाह का कहना है कि रोहिंग्या शरणार्थियों के भारतीय आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मजदूर के रूप में नेपाल में प्रवेश करने की सूचना मिली है। इसके बाद निगरानी कड़ी कर दी है। सुरक्षा बलों के साथ ही डॉग स्क्वायड भी सीमा पर मुस्तैद है। भारत से नेपाल में प्रवेश करने वालों के आधार कार्ड के साथ दूसरे दस्तावेजों की भी जांच के आदेश दिए हैं। संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी भी ली जा रही है। सहायक मुख्य जिला अधिकारी किरण जोशी ने बताया कि कैलाली में खुले सीमा क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है। मुख्य जिला अधिकारी लक्ष्मण ढकाल ने बताया कि चंपावत जनपद के बनबसा क्षेत्र से लगी कंचनपुर के गड्डाचौकी चौकी पर भी कड़ी निगरानी की गई है। पिथौरागढ़ के दार्चुला और बैतड़ी में भी चौकियों पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री ने चौकियों का किया निरीक्षण नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने भी सीमावर्ती चौकियों का निरीक्षण किया। बीते दिनों गृह मंत्री धनगढ़ी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा संगोष्ठी में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने त्रिनगर सीमा चौकी का निरीक्षण किया। भारत से सहयोग की अपील नेपाल प्रशासन ने रोहिंग्याओं को लेकर अलर्ट को देखते हुए भारत से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने नेपाल सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा एजेंसी एसएसबी से किसी भी तरह की सूचना सामने आने पर साझा करने का अनुरोध किया है। कैलाली नेपाल के सहायक मुख्य जिला अधिकारी किरण जोशी ने बताया कि नेपाल में रोहिंग्याओं के प्रवेश की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। भारत से अवैध तरीके से कोई भी रोहिंग्या नेपाल में प्रवेश न कर सके, इसके लिए सीमावर्ती चौकियों में निगरानी बढ़ाई गई है।

BLO की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, SIR में कोई रुकावट बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि BLOs को धमकाने या उनके काम में बाधा डालने के किसी भी उदाहरण को वह गंभीरता से लेगा। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी गैर-सरकारी संगठन (NGO) सनातनी संसद की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरी के उस आरोप के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता गणना के काम के दौरान BLOs को धमकाया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस मुद्दे को अखिल भारतीय आयाम देते हुए कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। पीठ ने कहा, "यह केवल पश्चिम बंगाल के बारे में नहीं है, बल्कि सभी राज्यों के लिए है। चुनाव आयोग (EC) के काम में असहयोग एक गंभीर मुद्दा है। BLOs को पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए।" कोर्ट ने कहा, "अगर चुनाव आयोग को BLOs की सुरक्षा और संरक्षा के संबंध में राज्य के अधिकारियों या पुलिस से असहयोग की कोई शिकायत है, तो उसे सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करना चाहिए। हम उचित आदेश पारित करेंगे।" CJI की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, "हम BLOs की रक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, अन्यथा अराजकता होगी।" कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगते हुए चुनाव आयोग को सभी राज्यों में स्थिति का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर उचित निर्देश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने को कहा। अदालत में BLOs पर काम के बोझ और तनाव पर भी चर्चा हुई, जिसका संदर्भ कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के उस बयान से मिलता है जिसमें उन्होंने BLOs की मौत का आरोप लगाते हुए SIR को बंद करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिसंबर के अपने आदेश का उल्लेख किया, जिसमें राज्यों को निर्देश दिया गया था कि जो BLOs तनावग्रस्त हैं या स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें SIR कार्य से हटने की अनुमति दी जाए और पर्याप्त प्रतिस्थापन प्रदान किया जाए। चुनाव आयोग ने कहा कि एक BLO को 37 दिनों में अधिकतम 1,200 मतदाताओं की गणना करनी होती है, यानी लगभग 35 मतदाता प्रति दिन। आयोग ने सवाल किया, "क्या यह बहुत अधिक काम है?" जस्टिस बागची ने कहा, "यह डेस्क जॉब नहीं है जहां 35 का कोटा आसानी से पूरा हो जाता है। एक BLO को घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का सत्यापन करना होता है और फिर उसे अपलोड करना होता है। इसमें तनाव और शारीरिक थकान हो सकती है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर SIR बिना किसी रुकावट के हो।" जस्टिस बागची ने पश्चिम बंगाल में BLOs के खिलाफ धमकी के आरोपों को साबित करने के लिए सनातनी संसद द्वारा प्रस्तुत सामग्री पर भी सवाल उठाया। जस्टिस बागची ने पूछा, "एकमात्र FIR के अलावा, आरोपों की पुष्टि के लिए कोई अन्य विश्वसनीय सबूत नहीं है। क्या एक अकेली घटना के आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह केवल पश्चिम बंगाल में हो रहा है, अन्य राज्यों में नहीं? क्या यह एक तरफा बयानबाजी नहीं है? क्या सभी राज्यों की पुलिस को चुनाव आयोग के अधीन कर दिया जाना चाहिए?" राज्य सरकारों का विरोध: EC के वकील ने कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ-साथ तमिलनाडु और केरल में भी समस्याएँ आ रही हैं, क्योंकि वहाँ की राज्य सरकारों ने SIR के प्रति अपना विरोध सार्वजनिक कर दिया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य न केवल तकनीकी और प्रशासनिक है, बल्कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक गंभीर राजनीतिक और कानूनी विवाद का विषय बन गया है।

अमेरिका के फ्लोरिडा में हाइवे पर विमान की क्रैश लैंडिंग, कार से टकराने से हुआ हादसा

फ्लोरिडा अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में  शाम एक बड़ा हादसा उस समय हुआ जब एक छोटे विमान ने मेरिट आईलैंड के पास व्यस्त I-95 हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करते हुए एक कार को टक्कर मार दी. विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट को मजबूरन हाईवे पर उतरना पड़ा, लेकिन ट्रैफिक के बीच उतरते समय विमान एक 2023 मॉडल Toyota कार से टकरा गया. यह विमान Beechcraft 55 मॉडल का था, जिसमें 27 वर्षीय पायलट और उसका हमउम्र साथी मौजूद थे. दोनों को कोई चोट नहीं आई. फ्लोरिडा हाइवे पेट्रोल (FHP) के मुताबिक, विमान के दोनों इंजनों में अचानक पावर लॉस हो गया था, जिसके बाद पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया. टॉयोटा कैमरी चला रही 57 वर्षीय महिला को मामूली चोटें आईं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हादसा सोमवार शाम 5:45 बजे हुआ, जब हाईवे पर भारी ट्रैफिक मौजूद था. टक्कर के बाद विमान हाईवे पर ही रुक गया और पूरे इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए. हादसे के बाद बंद किया गया था हाइवे हादसे के बाद I-95 के दक्षिणी लेन को 201 माइल मार्कर के पास पूरी तरह बंद करना पड़ा. राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की. हाईवे कई घंटों तक बंद रहा और सुबह करीब 9 बजे जाकर दोबारा खोला गया. फ्लोरिडा में उसी दिन दूसरा विमान हादसा दिलचस्प बात यह है कि फ्लोरिडा में इसी दिन एक दूसरा विमान हादसा भी हुआ. ऑरलैंडो से 46 मील दूर DeLand इलाके में एक Cessna 172 विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग की. इस विमान में सवार दो लोग घायल हुए, लेकिन दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है.  

डिजिटल मिशन को रफ्तार: SIR के दूसरे चरण में 99.18% फॉर्म प्रोसेस

नई दिल्ली  भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को दोपहर 3 बजे तक का एसआईआर के दूसरे चरण का विस्तृत बुलेटिन जारी किया। 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 4 नवंबर से शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) द्वारा मतदाताओं से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। चुनाव आयोग ने बताया कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 50.99 करोड़ से अधिक मतदाता सूची में शामिल हैं और अब तक 99.97 प्रतिशत एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण और 99.18 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों ने 100 प्रतिशत एन्यूमरेशन फॉर्म वितरण कर दिया है। वहीं, इन राज्यों में फॉर्म डिजिटाइजेशन की बात करें तो लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 100 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 99.96 प्रतिशत और गुजरात में 99.94 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। वोटर संख्या सबसे अधिक होने के बावजूद बड़े राज्यों ने भी उल्लेखनीय गति से अपडेट पूरा किया है। उत्तर प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 99.97 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 98.14 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हो चुका है। तमिलनाडु में 99.95 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 99.55 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। पश्चिम बंगाल में 99.99 प्रतिशत वितरण और 99.75 प्रतिशत डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आयोग ने बताया कि एसआईआर के कार्य के लिए 5,33,096 बीएलओ तैनात किए गए हैं। 12,43,716 बीएलए की नियुक्ति की गई है। 50,95,77,592 फॉर्म वितरित किए गए हैं और 50,58,01,033 फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं। 11 दिसंबर को एसआईआर प्रक्रिया का दूसरा चरण समाप्त होगा, जिसके बाद डेटा सत्यापन और अंतिम सूची तैयारी की प्रक्रिया शुरू होगी। देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में यह तेज रफ्तार एसआईआर प्रक्रिया एक बड़ा कदम माना जा रहा है।