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30 नवंबर को BSF प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी का कार्यकाल पूरा, IPS प्रवीण कुमार संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की ओर से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नेतृत्व में बदलाव किया गया है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक प्रवीण कुमार (ITBP chief IPS Praveen Kumar) को BSF DG का अतिरिक्त भार सौंपा गया है। प्रवीण कुमार 30 नवंबर से यह अतिरिक्त पदभार संभालेंगे। बता दें कि बीएसएफ के वर्तमान डीजी दलजीत सिंह चौधरी (BSF DG Daljit Singh Chaudhary) के 30 नवंबर 2025 को रिटायर हो रहे हैं। जिसे देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, स्थायी नियुक्ति होने तक या अगले निर्देश जारी होने तक प्रवीण कुमार BSF की कमान भी संभालेंगे। सरकार की ओर से प्रवीण कुमार की नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा जताया गया है।   1993 बैच के IPS अधिकारी हैं प्रवीण कुमार बता दें कि ITBP के वर्तमान डीजी प्रवीण कुमार पश्चिम बंगाल कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। प्रशासन के कार्य में उन्हें लंबा अनुभव है, जिसे देखते हुए सरकार की ओर से उन्हें यह अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि दलजीत सिंह चौधरी के रिटायरमेंट के बाद BSF DG का अतिरिक्त प्रभार प्रवीण कुमार को सौंपा जा रहा है। यह व्यवस्था 30 नवंबर से प्रभाव में आ जाएगी। इंटेलिजेंस ब्यूरो में लंबे समय तक दी सेवाएं प्रवीण कुमार ने 1 अक्टूबर 2025 को ITBP के DG का पदभार संभाला था। इससे पहले वे दो दशक से अधिक समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में विभिन्न अहम जिम्मेदारियों में जुड़े रहे। खुफिया संचालन और फील्ड ऑपरेशन के अनुभव के कारण उन्हें BSF जैसे बड़े सीमा सुरक्षा बल की कमान संभालने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। BSF सबसे बड़ा बॉर्डर-गार्डिंग फोर्स पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा संभालने की जिम्मेदारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स या बीएसएफ की है। यह देश का सबसे बड़ा बॉर्डर-गार्डिंग फोर्स है। ऐसे में करीब 2.70 लाख से अधिक जवानों वाली इस फोर्स के DG का पद देश की सुरक्षा व्यवस्था में अत्यंत रणनीतिक और महत्वपूर्ण माना जाता है। ITBP और अब BSF दोनों की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रवीण कुमार पर देश की दो अहम सीमाई एजेंसियों का नेतृत्व एक साथ संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दोनों बलों के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सोशल मीडिया पर सोफिक की चर्चा, एक दिन में कई लाख नए फॉलोअर्स जुड़े

कोलकाता बंगाल के सोशल मीडिया स्टार सोफिक हाल ही में अपनी निजी वीडियो लीक होने की वजह से चर्चा में रहे। वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। लीक वीडियो से उनकी काफी आलोचना हुई, लेकिन अश्लील MMS ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया है। उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 5 लाख तक बढ़ गई। कई फॉलोअर्स ने उन्हें समर्थन दिया विवाद सामने आने के बाद Sofik SK के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। कुछ दिनों के भीतर ही यह आंकड़ा 4.96 लाख से भी अधिक पहुंच गया। वहीं, अब सोफिक ने नया डांस रील अपलोड किया है। डांस वीडियो में फैंस ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई फॉलोअर्स ने उन्हें समर्थन दिया और खुशी जताई कि वह फिर से कंटेंट क्रिएट कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग पुराने लीक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्हें लगातार ट्रोल करते रहे। बता दें कि वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। माफी वीडियो में सोफिक ने स्पष्ट किया कि वीडियो एक साल पहले रिकॉर्ड हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उनका एक करीबी दोस्त, जिसे उनके और उनकी गर्लफ्रेंड के फोन तक पहुंच थी, वीडियो निकालकर उन्हें ब्लैकमेल करता रहा। सोफिक के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने उस दोस्त से दूरी बनाई, उसने बदला लेने के लिए वीडियो ऑनलाइन अपलोड कर दिया। उन्होंने बंगाली में कहा, "मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिसे मैं भाई की तरह मानता था, वह मुझे इस तरह धोखा देगा।" कौन हैं सोफिक SK सोफिक पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और वह लोकप्रिय ग्रुप पल्लि ग्राम TV के मुख्य सदस्य हैं। यह ग्रुप अपनी कॉमेडी, लोक-थिएटर और बंगाली ड्रामा रील्स के लिए जाना जाता है। सोफिक लगातार पल्ली ग्राम टीवी प्रोडक्शंस में दिखाई देते हैं, जहां वे ग्रामीण जीवन पर आधारित हास्य किरदार निभाते हैं। वे कॉमेडी, लोक थिएटर और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी गर्लफ्रेंड Sonali भी कंटेंट क्रिएटर हैं  

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट और धरना, लोकतांत्रिक मर्यादा पर प्रहार: बिंदल का आरोप

शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला अवसर है, जब मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार के दौरान आयोजित विधानसभा सत्र को छोड़कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संवैधानिक व्यवस्था पर संकट बताया। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि विधानसभा परिसर में कांग्रेस सरकार का तख्तियां लेकर धरने पर बैठना तथा मंत्रियों का सड़क पर उतर कर नारेबाज़ी करना प्रदेश की बदहाली का जीता-जागता प्रमाण है। सत्ता चलाने वाले स्वयं सत्ता छोड़कर सड़क पर उतर आए—यह साफ संकेत है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार यह स्वीकार कर चुकी है कि वे प्रदेश की सरकार चलाने में पूरी तरह असफल हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में हिमाचल की जनता ने जो विश्वास कांग्रेस को देकर सत्ता का दायित्व सौंपा था, उस जनमत के साथ कांग्रेस ने छल किया। झूठ और फरेब के आधार पर सत्ता प्राप्त करने वाली कांग्रेस सरकार ने तीन वर्षों में प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से दिवालिया कर दिया है। हजारों वरिष्ठ नागरिक अपने हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, और विडंबना यह है कि उसी समय सरकार भी सड़कों पर नारे लगाने निकल पड़ी। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि जनता पूछ रही है कि फरियादी तो इसलिए सड़क पर हैं क्योंकि सरकार ही उनका हक मार रही है, लेकिन जो सत्ता का भरपूर आनंद ले रहे हैं, वे भी सड़क पर उतर गए—तो ऐसी सरकार के सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस की वर्तमान सरकार अपना अस्तित्व खो चुकी है और सत्ता में बने रहने का हक भी। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में 45 हजार करोड़ का कर्ज, 50 से अधिक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की फौज, और माफिया को संरक्षण—इन्हीं के दम पर यह सरकार चल रही है। अब जब जनता सवाल पूछ रही है तो सरकार सड़क पर उतर कर केवल मोदी जी को गाली देने और भाजपा पर आरोप लगाने में व्यस्त है। यदि नारे लगाने का इतना ही शौक है तो सत्ता छोड़ दें—जनता खुद सरकार चला लेगी और कांग्रेस चाहे जितने नारे लगाती रहे। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि तीन साल भाजपा को गाली देने के बाद अब कांग्रेस ने संघ को गाली देने का ठेका भी ले लिया है। देश के विभाजन और लाखों भारतीयों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार कांग्रेस आज उन स्वयंसेवकों को गाली दे रही है जिन्होंने संकट के समय जनता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत माता के टुकड़े-टुकड़े करने वाले तत्वों को संरक्षण देने वाली कांग्रेस, चीन को 40 हजार वर्ग मील भूमि सौंपने वाली कांग्रेस, कश्मीर में वर्षों तक नरसंहार होने देने वाली कांग्रेस, 10 करोड़ घुसपैठियों को भारत में बसाकर वोट बैंक बनाने वाली कांग्रेस—आज संघ को राष्ट्रविरोधी बताने का दुस्साहस कर रही है। राम मंदिर, कृष्ण जन्मस्थान, और देशभक्त क्रांतिकारियों का लगातार अपमान करने वाली कांग्रेस का चरित्र देश जान चुका है। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि कांग्रेस के पाप का घड़ा भर चुका है, इसलिए पूरे देश से कांग्रेस का सफाया होना तय है। बिहार में करारी हार के बाद हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी खीज उतारने के लिए अब स्वयं सड़कों पर उतर आई है।

MMS लिक के बाद 3 और वीडियोज इंटरनेट पर वायरल

15 मिनट का अश्लील MMS वायरल होने के बाद बंगाली क्रिएटर सोफिक SK और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली इन दिनों काफी चर्चा में हैं। उनका वीडियो इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया। इसके चलते भले ही दोनों को भारी विवादों का सामना करना पड़ा, लेकिन इंस्टाग्राम पर इनके फॉलोअर्स तेजी से बढ़ गए। इसी बीच अब सोफिक की गर्लफ्रेंड सोनाली के लगातार तीन वीडियोज तेजी से वायरल हो रहे हैं। हर वीडियो में क्रिएटर का अलग और बोल्ड अंदाज दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। पहले वीडियो में क्रिएटर को रूफटॉप पर डांस मूव्स दिखाते हुए देखा गया, जहां उनका स्टाइलिश लुक लोगों को खूब पसंद आ रहा है।   दूसरे वीडियो में वे स्लो म्यूजिक पर डांस करती नजर आईं, जिसमें उनका ग्रेसफुल परफॉर्मेंस दर्शकों का ध्यान खींच रहा है। वहीं तीसरा वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिस पर लगातार कमेंट्स और लाइक्स बढ़ते जा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के PM अल्बानीज ने की दूसरी पारी की शुरुआत, 62 वर्ष की उम्र में जोडी हेडन से विवाह

कैनबरा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 62 साल की उम्र में दूसरी बार शादी की है। उनकी लाइफ पार्टनर और पिछले कई साल से साथ रह रहीं जोडी हेडन अब आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलिया की फर्स्ट लेडी बन गई हैं। यह ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में पहली बार है जब कोई प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए शादी के बंधन में बंधा है। कैनबरा स्थित प्रधानमंत्री आवास 'द लॉज' में आयोजित इस सादगी भरे समारोह में केवल निकटतम परिवार और मित्र ही शामिल हुए। पिछले साल वेलेंटाइन डे पर अल्बनीज ने हेडन को प्रपोज किया था, जिसके बाद से ही इस शादी का इंतजार था। लेकिन समारोह की तारीख और तैयारियों को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में अल्बनीज ने कहा- हम अपने परिवार और सबसे करीबी दोस्तों के सामने एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम और जीवनभर साथ निभाने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए बेहद खुश हैं। जोडी हेडन लंबे समय से अल्बनीज के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती रही हैं। वे 2022 के चुनाव अभियान के दौरान भी उनके साथ थीं, और इस वर्ष मई में उनकी लेबर पार्टी की शानदार जीत के समय भी वे उनके साथ उपस्थित थीं। शादी में हेडन ने सिडनी के डिजाइनर 'रोमांस वाज बॉर्न' का डिजाइन किया हुआ ड्रेस पहना, जबकि प्रधानमंत्री ने MJ Bale का सूट चुना। हेडन की पांच वर्षीय भांजी, एला, फ्लावर गर्ल बनीं, और प्रधानमंत्री के पालतू कुत्ते टोतो ने रिंग बेयरर की भूमिका निभाई। मेहमानों को विली द बोटमैन नाम की ब्रेवरी द्वारा तैयार किए गए विशेष कैन में बीयर परोसी गई, जो सिडनी के इनर वेस्ट इलाके में स्थित है। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन ने स्टीवी वंडर के मशहूर गाने Signed, Sealed, Delivered (I’m Yours) पर हाथों में हाथ डाले गलियारे से बाहर कदम रखा। इसके बाद दोनों ने अपना पहला डांस फ्रैंक सिनात्रा के क्लासिक गीत The Way You Look Tonight पर किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, अल्बनीज और हेडन अब सोमवार से अगले शुक्रवार तक ऑस्ट्रेलिया में ही अपना हनीमून मनाएंगे, जिसके सभी खर्च वे निजी रूप से वहन करेंगे। इस अंतरंग लेकिन ऐतिहासिक शादी ने ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, और देशभर से नवविवाहित जोड़े के लिए शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई है। एंथनी अल्बनीज का परिचय एंथनी अल्बनीज का जन्म 2 मार्च 1963 को सिडनी के डार्लिंगहर्स्ट में एक सिंगल मदर मैरीएने एलरी के घर हुआ था, जो एक आयरिश मूल की ऑस्ट्रेलियाई महिला थीं। उनके पिता कार्लो अल्बनीज एक इतालवी जहाज स्टूअर्ड थे, जिनसे उनकी मां की मुलाकात 1962 में एक जहाज यात्रा के दौरान हुई थी, लेकिन कार्लो वापस इटली लौट गए। बचपन में अल्बनीज को बताया गया कि उनके पिता की मौत कार दुर्घटना में हो गई थी, लेकिन 2009 में उन्होंने अपने पिता से इटली में पहली बार मुलाकात की, जहां उन्होंने अपने दो सौतेले भाई-बहनों की भी खोज की; कार्लो की 2014 में मृत्यु हो गई। गरीबी में पले-बढ़े अल्बनीज को उनकी मां ने काउंसिल हाउसिंग में पाला, जो रूमेटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित थीं और डिसेबिलिटी पेंशन पर निर्भर रहीं। 2000 में एंथनी अल्बनीज ने कैरमेल टेबुट से शादी की, जिनसे उनका बेटा नाथन पैदा हुआ, लेकिन 2019 में उनका तलाक हो गया।

मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर: इज़रायल की कार्रवाई से 13 की मौत, हमास ने दी कड़ी चेतावनी

गाजा गाजा के बाद अब इजरायल ने दक्षिणी सीरिया के गांव को निशाना बनाया है। गांव में रात के अंधेरे में तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। सीरिया की न्यूज एजेंसी SANA ने इसकी पुष्टि की है। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इजरायल के इस ऑपरेशन की निंदा की है। सीरियाई प्रशासन ने इसे युद्ध अपराध बताया है और कहा कि इजरायल एक बार फिर पूरे क्षेत्र को अशांत करने और हिंसा की आग भड़काने की कोशिश कर रहा है। हमले में घायल हुए इयाद ताहिर ने कहा, हम रात में सोए और सुबह नींद खुली तो भयंकर गोलीबारी चल रही थी। हम बाहर निकले तो देखा कि गांव में इजरायली सेना का अभइयान चल रहा है। चारों ओर सैनिक और टैंक तैनात हैं। इसके बाद हवाई बमबारी शुरू हो गई। अस्पताल में भर्ती अहमद कमाल ने एएफपी को बताया कि उन्होंने भी खुद की रक्षा के लिए फायरिंग की। अहमद ने बताया कि गोलीबारी में उनके भाई की मौत हो गई और वह बुरी तरह घायल हो गए। इजरायली सेना का दावा है कि गांव से जामा इस्लामिया ग्रुप के खतरनाक आतंकियों को पकड़ा गया है। यह इस्लामिक संगठन भी हमास और हूतियों के साथ मिलकर इजरायल के खिलाफ साजिश रच रहा था। आईडीएफ के मुताबिक उसके भी 6 सैनिक घायल हुए हं। आर्मी ने दावा किया कि इस अभियान में कई आतंकी मारे गए हैं। वहीं इलाके में अब भी जवान तैनात हैं। बता दें कि बशर अल असद की सरकार गिरने और फिर नई इस्लामिक सरकार बनने के बाद सैकड़ों बार इजरायल सीरिया में हमले कर चुका है। इजरायल ने बफर जोन में भी अपने सैनिक तैनात कर दिए हैं। इजरायल ने सीरिया के गोलन हाइट्स पर भी कब्जा कर लिया। स्थानीय न्जूय एजेंसी के मुताबिक सैनिकों का मुकाबला करने के लिए ग्रामीण भी हथियार लेकर बाहर निकले थे जिनमें से कई की मौत हो गई । सीरिया के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह हमला ‘एक भयानक नरसंहार’ था और मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इजराइली सेना ने दावा किया कि उसके सैनिकों ने गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई की और इस दौरान हवाई हमले की मदद ली गई। उसने बताया कि अभियान समाप्त हो गया है, सभी संदिग्धों को पकड़ लिया गया है और कई उग्रवादी मारे गए हैं। दोनों देश के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। हालांकि, तनाव कम करने के लिए एक संभावित सुरक्षा समझौते पर दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं। सीरियाई अधिकारियों ने इजराइली घुसपैठ की निंदा करते हुए इसे सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। सीरियाई सरकार ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइली घुसपैठ को रोकने के लिए ‘तत्काल कार्रवाई’ करने का आह्वान किया। वहीं, गांव में एक स्थानीय अधिकारी वालिद ओकाशा ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि मारे गए लोग आम नागरिक थे।  

बढ़ते टैरिफ तनाव के दौरान भारत ने अमेरिका से किया 7995 करोड़ का नेवी सौदा

नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के साए में भी भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती मिल रही है। शुक्रवार को दोनों देशों ने भारतीय नौसेना के एमएच-60आर 'सीहॉक' हेलीकॉप्टर बेड़े के रखरखाव के लिए 7,995 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया। यह सौदा न केवल नौसेना की परिचालन क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि व्यापारिक तनाव के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकेत भी देता है। इससे पहले वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि साल के अंत तक व्यापार समझौता होने की संभावना है, जो टैरिफों को कम करने का रास्ता खोलेगा।   यह समझौता पांच साल के फॉलो-ऑन सपोर्ट और फॉलो-ऑन सप्लाई सपोर्ट के तहत किया गया है। भारतीय नौसेना ने इन अपग्रेडेड मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों के 24 यूनिट अमेरिकी सरकार से फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के तहत 2020 में लगभग 2.4 अरब अमेरिकी डॉलर में खरीदे थे। इनमें से 15 हेलीकॉप्टर अब तक नौसेना में शामिल किए जा चुके हैं। MH-60R हेलीकॉप्टर लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित हैं और इन्हें एडवांस एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सहित कई आधुनिक सैन्य भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। हालिया दिनों में तीसरा बड़ा रक्षा सौदा यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका के डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने कुछ ही दिन पहले भारत को दो बड़े हथियार पैकेजों की संभावित बिक्री को मंजूरी दी है। इसमें शामिल हैं:     एक्सकैलिबर प्रिसिजन गाइडेड प्रोजेक्टाइल और संबंधित उपकरण- अनुमानित लागत 47.1 मिलियन डॉलर     जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम और संबंधित उपकरण- अनुमानित लागत 45.7 मिलियन डॉलर आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नए LOAs पर हस्ताक्षर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हुए। मंत्रालय ने बताया कि यह सपोर्ट पैकेज एक व्यापक व्यवस्था है, जिसमें शामिल हैं-     स्पेयर पार्ट्स और सपोर्ट इक्विपमेंट की उपलब्धता     प्रोडक्ट सपोर्ट व प्रशिक्षण     तकनीकी सहायता     रिपेयर और कंपोनेंट रीप्लेनिशमेंट     भारत में ‘इंटरमीडिएट लेवल’ रिपेयर सुविधाओं और पीरियॉडिक मेंटेनेंस इंस्पेक्शन सेटअप की स्थापना मंत्रालय ने कहा कि भारत में इन सुविधाओं के विकास से लंबे समय में स्वदेशी क्षमता निर्माण होगा और अमेरिका पर निर्भरता कम होगी, जो सरकार के आत्मनिर्भर भारत विजन के अनुरूप है। इससे भारतीय MSMEs और अन्य घरेलू कंपनियों को भी रक्षा विनिर्माण और सेवाओं में नए अवसर मिलेंगे। परिचालन क्षमता में होगा बड़ा इजाफा मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह सतत समर्थन पैकेज MH-60R हेलीकॉप्टरों की ऑपरेशनल उपलब्धता और मेंटेनबिलिटी को और अधिक मजबूत करेगा। ये हेलीकॉप्टर हर मौसम में उपयोग योग्य हैं और दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने व उन्हें निशाना बनाने की अत्याधुनिक क्षमता रखते हैं। इस नए समझौते के साथ, भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग एक नए स्तर पर पहुंच गया है, और भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमता और अधिक सुदृढ़ होने जा रही है। बता दें कि यह बेड़ा फरवरी 2020 में 15,157 करोड़ रुपये के मूल समझौते के तहत खरीदा गया था। पहली तीन इकाइयां 2021 में डिलीवर हुईं, और मार्च 2024 में कोच्चि के आईएनएस गरुड़ पर INAS 334 स्क्वाड्रन के रूप में पूरी तरह तैनात हो गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सौदा लंबे समय में करोड़ों डॉलर की बचत करेगा, क्योंकि भारत में रखरखाव सुविधाओं का विकास होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ भारत की समुद्री शक्ति को मजबूत करेगा। एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की क्षमता से नौसेना को सबमरीन शिकार और सतह-से-सतह हमलों में बढ़त मिलेगी। व्यापारिक तनाव के बीच सकारात्मक संकेत यह रक्षा सौदा ऐसे समय में आया है जब अगस्त 2025 के अंत में ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिए थे। इसमें 25 प्रतिशत 'जवाबी' टैरिफ और अतिरिक्त 25 प्रतिशत 'पेनल्टी' (रूस से तेल आयात जारी रखने के कारण) शामिल हैं। ट्रंप ने इसे भारत की 'रूस के साथ निकटता' और पाकिस्तान-भारत तनाव में मध्यस्थता अस्वीकार करने से जोड़ा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे 'अनुचित' बताते हुए कहा कि रूसी तेल आयात वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच 1.4 अरब नागरिकों के लिए आवश्यक है। हालांकि ट्रंप ने हाल ही में कहा कि भारत के साथ सौदा बहुत करीब है। रूसी तेल बंद होने से टैरिफ कम होंगे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने पुष्टि की कि साल के अंत तक व्यापार समझौता हो सकता है। इसमें भारत अमेरिकी ऊर्जा आयात बढ़ाएगा, जबकि अमेरिका कृषि उत्पादों (मकई, सोयाबीन) पर छूट देगा। संभावित रूप से टैरिफ 15-20 प्रतिशत तक गिर सकते हैं।

रामदेव की पतंजलि को कोर्ट की फटकार: मिलावटी घी मामले में कार्रवाई, कंपनी ने दी सफाई

देहरादून योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि पर गाय का घटिया घी बेचने का आरोप लगा है। इसके लिए कोर्ट के आदेश पर पतंजलि घी के निर्माता और वितरक पर कुल 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड इस पर सफाई देते हुए इस आदेश को त्रुटिपूर्ण तथा विधि-विरुद्ध है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पतंजलि घी के सैंपल फेल होने पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पतंजलि घी के निर्माता, वितरक और खुदरा विक्रेता पर राज्य और सेंट्रल लैब में घी के सैंपल फेल होने के बाद क्रमशः 1.25 लाख और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। पिथौरागढ़ के सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त आरके शर्मा ने न्यूज एजेंसी वार्ता को बताया, "एडीएम पिथौरागढ़ की अदालत में तीनों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 46/4 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसने 19 नवंबर को फैसला सुनाया, जिसकी कॉपी हमें आज मिली।" शर्मा के अनुसार, अक्टूबर 2020 में घी के सैंपल एकत्र किए गए और रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में भेजे गए, जहां सैंपल फेल रहे। इसके बाद व्यापारियों ने सितंबर 2021 में केंद्र सरकार की प्रयोगशाला से टेस्ट कराने का अनुरोध किया, जहां सैंपलों को 2022 में फेल घोषित किया गया। पिथौरागढ़ के सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने कहा, "उसके बाद उस समय हमारे खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप कुमार जैन को 17 फरवरी, 2022 को एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जिसका फैसला इसी महीने 19 नवंबर को आया। कोर्ट के आदेश पर क्या बोली पतंजलि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की ओर से शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर इसको लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। बयान में कहा गया, कि एक यह स्पष्टीकरण मीडिया रिपोर्ट से हमारे संज्ञान में आए खाद्य सुरक्षा विभाग, पिथौरागढ़ द्वारा 20 अक्टूबर 2020 को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लिए गए पतंजलि गाय का घी के नमूने के संदर्भ में मुकदमा और न्यायालय द्वारा संबंधित आदेश के विषय में है।‌ यह आदेश निम्नलिखित कारणों से त्रुटिपूर्ण तथा विधि-विरुद्ध है: 1.रेफरल प्रयोगशाला NABL से गाय के घी के परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त नहीं थी, इसलिए वहां किया गया परीक्षण कानून की दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। यह हास्यास्पद और घोर आपत्तिजनक है कि एक सब-स्टैंडर्ड लैब ने पतंजलि के सर्वश्रेष्ठ गाय के घी को सब-स्टैंडर्ड बताया है। 2.जिन पैरामीटरों के आधार पर नमूना असफल घोषित किया गया, वे उस समय लागू ही नहीं थे, इसलिए उनका प्रयोग करना विधिक रूप से गलत है। 3.दोबारा परीक्षण सैंपल की एक्सपायरी डेट बीत जाने के बाद किया गया, जो कानून के अनुसार अमान्य है। कोर्ट ने इन सभी प्रमुख तर्कों पर विचार किए बिना प्रतिकूल आदेश पारित किया है, जो विधि की दृष्टि से सही नहीं है। इस आदेश के विरुद्ध फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर की जा रही है, और हमें पूर्ण विश्वास है कि ट्राइब्यूनल के समक्ष हमारे पक्ष के ठोस आधारों पर यह मामला हमारे पक्ष में निर्णयित होगा। वैसे भी इस फैसले में कहीं भी पतंजलि गाय का घी उपयोग के लिए हानिकारक नहीं बताया गया है। सिर्फ घी में RM Value के मानक से नाम-मात्र का अंतर पाया जाना ही स्पष्ट किया गया है। यह RM Value घी में volatile fatty acid (जो घी के गर्म करने पर उड़नशील होता है) का लेवल बताता है। यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे घी की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता। जैसे शरीर में नाम-मात्र का हीमोग्लोबिन के अंतर प्राकृतिक होता है। यह RM Value का मानक पशुओं के आहार और जलवायु आदि के आधार पर क्षेत्रीय स्तर पर भिन्न-भिन्न होता है। यहां तक कि सरकारी नियामक संस्था FSSAI भी इस RM Value को बदलती रहती है। कभी क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग RM Value का प्रावधान तो कभी राष्ट्रीय स्तर पर एक RM Value निश्चित किया जाता रहा है। पतंजलि पूरे देश से कड़े मानदंडों और जांच के आधार पर दूध एवं गाय का घी एकत्र करके राष्ट्रीय स्तर पर विक्रय करती है।  

ऑक्सफोर्ड डिबेट में पाकिस्तान की पोल खुली, सवालों से बचकर भारत पर ठीकरा फोड़ा

ब्रिटेन  ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड में भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली एक बहस रद्द कर दी गई है। इस बहस के रद्द होने का दुनिया के ज्यादातर लोगों को कोई पता नहीं चला। लेकिन झूठे पाकिस्तान को यह कहां बर्दाश्त था। भारत के खिलाफ मिली हर हार को अपनी जीत बनाकर पेश करने वाले पाकिस्तान ने यहाँ पर भी बहस से भागकर इसे जीत बनाने की कोशिश करनी शुरू कर दी। ब्रिटेन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने ट्वीट करके दावा किया कि ऑक्सफोर्ड में होने वाली बहस से भारतीय प्रतिनिधि पीछे हट गए हैं। बाद में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के वकील जे साईं दीपक ने पाकिस्तान के इस झूठ का सबूतों के साथ पर्दाफाश कर दिया।   पाकिस्तानी उच्चायोग की तरफ से ट्वीट करके कहा गया कि ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी में 'भारत की पाकिस्तान नीति एक सुरक्षा नीति के रूप में बेची गई जनप्रिय रणनीति है।' नामक शीर्षक पर बहस होनी थी, लेकिन भारतीय वक्ता अंतिम समय पर इस बहस से पीछे हट गए। पाकिस्तानी उच्चायोग ने इस बहस के लिए भारत की तरफ से जिन वक्ताओं के नाम बताए उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे, सुब्रमण्यम स्वामी और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का नाम था। वहीं, पाकिस्तान की तरफ से पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त मोहम्मद फैसल और पाकिस्तानी सेना के पूर्व जनरल जुबैर महमूद हयात शामिल थे। जे साईं दीपक ने खोली पोल पाकिस्तान के ब्रिटेन स्थित हाईकमीशन द्वारा फैलाए जा रहा यह झूठ जब तक दुनिया तक पहुंचता उससे पहले भी भारतीय सुप्रीम कोर्ट के वकील जे साईं दीपक ने इसकी बखियां उधेड़ दीं। उन्होंने पाकिस्तानी दावों का खंडन सबूतों के साथ किया। उन्होंने कहा ऑक्सफोर्ड द्वारा भेजी गई अपनी भागीदारी की पुष्टि वाली ईमेल को भी साझा करते हुए लिका कि उनके साथ पूर्व सेना प्रमुख नरवाने और स्वामी भी भारतीय पक्ष की तरफ से वक्ता थे। उन्होंने लिखा, "पाकिस्तानी लोग ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को भी गड़बड़ कर देते हैं और हमेशा की तरह इस बार भी वह सच बोलने की ताकत नहीं रखते।" दीपक ने कहा, "इस ईमेल के बाद यूनिवर्सिटी की तरफ से बताया गया कि नरवाने और स्वामी इस कार्यक्रम में नहीं आ सकते हैं। उन्होंने मुझसे कोई नए नाम भेजने के लिए कहा। लेकिन जब तक मैं विकल्प भेज पाता उससे पहले ही मुझे बताया गया कि इस बहस के लिए सुहेल सेठ और राज्य सभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से संपर्क किया गया है और उन्होंने शामिल होना स्वीकार किया है। मुझे लगा की ठीक है मामला खत्म हुआ। लेकिन इसके बाद मुझे बताया गया कि दोनों ने एक दम से नोटिस देने की वजह से इस कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है।" प्रियंका चतुर्वेदी ने भी की पुष्टि प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें जुलाई में ही इसका आमंत्रण मिल गया था लेकिन उसके बाद कोई संपर्क नहीं किया गया। इसलिए मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन हाल ही में एक दम उनका फोन आया। इसलिए उन्होंने इनकार कर दिया। दीपक अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इसके बाद भी अंतिम समय पर मैं लंदन पहुंच कर बहस में शामिल होने के लिए तैयार था। यहां पर उन्होंने मनु खजूरिया और पंडित सतीश शर्मा के साथ मिलकर एक टीम भी तैयार कर ली। लेकिन बहस के तीन घंटे पहले उन्हें बताया गया कि बहस रद्द कर दी गई है क्योंकि पाकिस्तानी दल लंदन पहुंचा ही नहीं है। दीपक ने लिखा, “इस बात में मैं गुस्सा था, क्योंकि इसमें काफी मेहनत लगी थी।” इतना ही नहीं दीपक ने सबूत के तौर पर इस पूरी बहस के आयोजक मूसा हरराज की कॉल लॉग भी साझा की। पाकिस्तान को दी चुनौती इसके बाद दीपक ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए लिखा कि बाद में मुझे पता चला कि इस बहस के आयोजक मूसा हरराज, जिनके पिता पाकिस्तान में मंत्री हैं। उन्होंने इस पूरी झूठी कहानी को गढ़ा है। पाकिस्तान की टीम लंदन में ही मौजूद थी। लेकिन बहस नहीं करना चाहती थी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान की टीम तैयारी के साथ है तो फिर बहस के लिए सामने आ जाए। उन्हें इसमें आतंकियों की तरह छिपने की जरूरत नहीं है।  

बुलडोजर चला तो आगे आए पड़ोसी: हिंदू युवक ने पत्रकार को दिया प्लॉट, नया घर बनवाने का वादा

जम्मू-कश्मीर  जम्मू-कश्मीर में एक मुस्लिम पत्रकार के घर पर जब बुलडोजर चला दिया गया तो उसके हिंदू पड़ोसी मदद के लिए आगे आ गए। बीजेपी नेता रविंदर रैना ने भी पत्रकार के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि हमारे प्रधानमंत्री लोगों को घर देने पर विश्वास करते हैं और यह सरकार लोगों के घर उजाड़ रही है। पत्रकार ने कहा था कि घर पर बुलडोजर चलवाने से पहले उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई तानाशाही है। जम्मू डिवेलपमेंट अथॉरिट ने पत्रकार अराफाज अहमद दैंग का घर ढहा दिया था। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात कर दिया गया था।   पत्रकार ने बताया था कि उनका घर 40 साल पुराना था और उनके पिता भी इसी घर में रहते थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल उनका एक घर ढहा दिया गया था और इसके बाद वह इस घर में रहने लगे ते। बता दें कि दैंग जम्मू- में एक न्यूज पोर्टलल चलाते थे। उन्होंने सरकार की डिमोलिशन ड्राइव के खिलाफ रिपोर्टिंग करनी शुरू कर दी थी। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह केवल सरकार को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल की तरफ से नियुक्त किए गए अधिकारियों ने ही यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकार के खिलाफ साजिश रची जा रही है। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है सोशल मीडिया पर लोग हिंदू समुदाय के इस कदम की सराहना कर रे हैं। वहीं पत्रकार का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि घर ढहाने के वक्त पुलिसबल उन्हें खींचकर दूर ले जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस तरह से किसी का घर ढहाना तानाशाही है। कुलदीप शर्मा ने गिफ्ट कर दिया प्लॉट पड़ोसी पत्रकार का घर ढहाए जाने के बाद उनके पड़ोसी कुलदीप शर्मा सामने आए और उन्होंने एक प्लॉट उन्हें गिफ्ट कर दिया। उन्होंने कहा, मैं अपने भाई को इस तरह टूटने नहीं दे सकता। कुछ भी हो जाए, मैं उनका घर बनवाऊंगा। उन्होंने तीन मारला प्लॉट पर बने घर को गिराया, मैं उन्हें पांच मारला का प्लॉट दे रहा हूं।