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नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई: नई FIR में शीर्ष नेताओं पर 2000 करोड़ का मामला दर्ज

 नई दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर की गई है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ उठाया है। एफआईआर में शामिल प्रमुख नाम और आरोप आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा ने तीन अक्तूबर को गांधी परिवार और सात अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 403 (बेईमानी से संपत्ति का गबन), 406 (आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के साथ-साथ यंग इंडियन (वाईआई), डॉटैक्स मर्चेंडाइज लिमिटेड (Dotex Merchandise Ltd), डॉटैक्स प्रमोटर सुनील भंडारी और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) तथा अज्ञात अन्य को आरोपी बनाया गया है। ईडी सूत्रों के अनुसार, संघीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत उपलब्ध शक्तियों का उपयोग करके पुलिस FIR दर्ज कराई। यह धारा केंद्रीय एजेंसी को कानून प्रवर्तन एजेंसी द्वारा आपराधिक पूर्ववर्ती अपराध के पंजीकरण के लिए सबूत साझा करने की अनुमति देती है, ताकि बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया जा सके और जांच को आगे बढ़ाया जा सके। यह एफआईआर ईडी के मामले को मजबूत करेगी, जिसका आरोप पत्र एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, दिल्ली के आदेश से उत्पन्न हुआ है। यह आदेश भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 26 जून, 2014 को एजेएल की संपत्तियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिया गया था। एफआईआर में ईडी द्वारा 4 सितंबर को ईओडब्ल्यू को भेजे गए एक पत्र में लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया गया है। ईडी के इस संचार की सामग्री वही है जो केंद्रीय एजेंसी ने अपने आरोप पत्र में बताई है। ईडी ने अपने आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि एक "आपराधिक साजिश" कांग्रेस पार्टी के पहले परिवार के नेतृत्व में, जिसमें सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, साथ ही दुबे, पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन शामिल हैं। एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के धोखाधड़ी वाले अधिग्रहण से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग योजना में शामिल थे। एजेएल नेशनल हेराल्ड समाचार मंच (समाचार पत्र और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारक हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं। कुछ साल पहले ईडी ने इस मामले में दोनों से घंटों पूछताछ भी की थी। ईडी का दावा है कि उसकी जांच ने "निर्णायक रूप से" पाया है कि यंग इंडियन, जो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के "लाभकारी स्वामित्व" वाली एक निजी कंपनी है, ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में "अधिग्रहित" किया, जो उसके मूल्य से काफी कम था। यह भी आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने यंग इंडियन कंपनी के माध्यम से स्वयं और अपने बेटे राहुल गांधी के व्यक्तिगत लाभ के लिए "सार्वजनिक धन को आत्म-उपयोग के लिए परिवर्तित" करके पूर्व आईएसीसी अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति का "दुरुपयोग" किया। कांग्रेस पार्टी ने पहले इस जांच को "तुच्छ प्रतिशोध की रणनीति" करार दिया था और ईडी को भाजपा का "गठबंधन सहयोगी" बताया था।  

अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी , चार की मौत, 10 घायल

कैलिफोर्निया अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी की घटना हुई है। पुलिस ने बताया कि कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई है और 10 लोग घायल हुए हैं। एक बच्चे की बर्थडे पार्टी के दौरान गोलीबारी हुई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी में मरने वाले लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। स्टॉकटन के उप-मेयर ने दी जानकारी सैन जाओकिन काउंटी शेरिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट पर बताया कि मरने वालों में दो बच्चे और दो व्यस्क शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि इन लोगों की निशाना बनाकर हत्या की गई। गोलीबारी की घटना एक बैंक्वेट हॉल के भीतर हुई। पुलिस गोलीबारी के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी की घटना स्टॉकटन के लुसिले एवेन्यू के 1900वें ब्लॉक में घटी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्टॉकटन के उप-मेयर जेसन ली ने बताया कि एक बच्चे के बर्थडे के दौरान गोलीबारी की घटना हुई। उन्होंने घटना पर दुख जताया और कहा कि वह अधिकारियों के संपर्क में हैं। पुलिस ने एहतियातन घटनास्थल की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया है। मिसिसिपी में हुई गोलीबारी में हुई थी छह की मौत बीते माह अमेरिका के मिसिसिपी डेल्टा क्षेत्र में भी गोलीबारी की घटना हुई थी। दो अलग-अलग जगहों पर हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य लोग घायल हो गए। राज्य के सीनेटर डेरिक सिमंस ने बताया कि एक घटना में लीलैंड शहर में हाई स्कूल फुटबॉल होमकमिंग गेम के बाद गोलीबारी हुई। इसमें चार लोगों की मौत हुई और 4 अन्य घायल हो गए। वहीं दूसरी घटना हाइडलबर्ग शहर में हाई स्कूल होमकमिंग वीकेंड के दौरान स्कूल परिसर में गोलीबारी हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।  

नए मकान किराया नियम: लैंडलॉर्ड की मनमानी पर रोक, किरायेदारों के अधिकार होंगे मजबूत

नई दिल्ली  अगर आप खुद क‍िराये पर रहते हैं या आपने अपना मकान किराये पर दे रखा है तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, सरकार की तरफ से साल 2025 से पूरे देश में क‍िराये के घरों के ल‍िए सख्‍त नियम लागू क‍िये गए हैं. सरकार ने 'न्यू रेंट रूल्स 2025' (New Rent Rules) लाकर मकान मालिक और किरायेदार दोनों की मनमानी को रोका है. अब सब ऑनलाइन, पारदर्शी और तय समय के अंदर होगा. अब क‍िसी भी रेंट एग्रीमेंट को साइन करने के 60 दिन के अंदर ऑनलाइन रजिस्टर कराना पड़ेगा. नोटरी के कागज वाला जमाना अब गया जी हां, इस बदलाव के साथ ही अब पुराना जमाना चला गया जब नोटरी वाला कागज चल जाता था. यद‍ि आपने इसे ऑनलाइन रज‍िस्‍टर नहीं कराया तो शुरुआती जुर्माना 5,000 रुपये होगा. इसका फायदा यह होगा क‍ि नकली एग्रीमेंट, पीछे की तारीख वाला खेल और बिना नोटिस न‍िकालना सब बंद हो जाएगा. इसके साथ ही नए न‍ियम के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट की मनमानी भी खत्‍म हो जाएगी. जी हां, मकान माल‍िक अध‍िकतम दो महीने का क‍िरया एडवांस ले सकेगा. वहीं, दुकान या ऑफ‍िस के ल‍िए एडवांस क‍िराया छह महीने का ल‍िया जा सकेगा. किराया बढ़ाने के भी न‍ियम तय क‍िये गए इसके तहत किराया बढ़ाने के भी न‍ियम तय क‍िये गए हैं. अब कोई भी मकान माल‍िक तय अवध‍ि के बीच में क‍िराया नहीं बढ़ा सकेगा. 12 महीने का समय पूरा होने पर ही किराये में इजाफा क‍िया जा सकेगा. क‍िराये बढ़ाने से कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होगा. बिना नोटिस या मनमर्जी से क‍िराये बढ़ाने पर किरायेदार कोर्ट जा सकेगा. किरायेदारों को म‍िलेगी सुरक्षा बिना अदालती आदेश के मकान खाली नहीं कराया जा सकता. ताला तोड़ना, बिजली-पानी काटने पर सीधी जेल या भारी जुर्माना की सजा हो सकती है. मकान मालिक घर में घुसने से पहले 24 घंटे का लिखित नोटिस देगा. इसके अलावा जरूरी मरम्‍मत मकान माल‍िक की तरफ से 30 द‍िन में नहीं करायी गई तो किरायेदार खुद करवाकर पैसा किराये से काट लेगा. मकान मालिकों को भी फायदा क‍िरायेदार की तरफ से क‍िराया नहीं द‍िये या एग्रीमेंट तोड़ने पर 60 दिन में केस निपटेगा. पहले इस तरह के कामों में अदालत में 5-7 साल का समय लग जाता था. छोटे मकान मालिकों को टीडीएस (TDS) में छूट मिलने की उम्मीद है. फेक किरायेदार और ओवरस्टे करने वालों पर भी लगाम लगायी जा सकेगी. नई रेंट कोर्ट और रेंट ट्रिब्यूनल हर केस (बेदखली, किराया न देना, नुकसान) 60 दिन में निपटाएंगे. 

मानव नहीं, रोबोट करेंगे चीन बॉर्डर पर ड्यूटी, AI टेक्नोलॉजी ने सीमाओं पर बदल दी तस्वीर

बीजिंग   टेक्नोलॉजी की दुनिया से बड़ी खबर सामने आ रही है. जरा सोचिए दो देशों के सीमा पर जहां अभी तक लंबी लाइनों में इंसानी स्टाफ यात्रियों को गाइड करते हैं वहीं काम अब रोबोट संभालेंगे! पड़ोसी मुल्क चीन ने अपने बॉर्डर क्रॉसिंग पर ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट्स का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है और अब दिसंबर से इनकी तैनाती भी शुरू कर देगा. यह कदम न सिर्फ यात्रा प्रक्रिया को तेज बनाएगा बल्कि बार्डर मैनेजमेंट में टेक्नोलॉजी की नई क्रांति का संकेत भी देता है. शेन्जेन स्थित कंपनी यूबीटेक रोबोटिक्स (UBTech Robotics) को इस प्रोजेक्ट के लिए करीब ₹308 करोड़ रुपये मिले हैं. कंपनी के वॉकर नाम के  ह्यूमनॉइड मॉडल्स का इस्तेमाल वियतनाम बॉर्डरके पास एक टेस्टिंग सुविधा में किया जाएगा. रोबोट क्या करेंगे? इस ट्रायल के तहत ये रोबोट्स को दिसंबर में तैनात कर दिया जाएगा. ये रोबोट्स कई बॉर्डर- कंट्रोल कार्यों में मदद करेंगे, जिनमें शामिल हैं- बॉर्डर पार करने वाले यात्रियों को सही दिशा दिखाना. लंबी लाइनों को व्यवस्थित करना. लॉजिस्टिक्स कामों को संभालना ये रोबोट पास की फैक्ट्रियों में गश्त भी कर सकते हैं. इन रोबोट्स की एक सबसे खास बात यह है कि ये अपनी बैटरी खुद बदल सकते हैं जिससे वे बिना रुके काम कर सकते हैं. लेकिन यह साफ नहीं है कि  ये रोबोट ऑनबोर्ड AI पर काम करेंगे या इन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जाएगा. चीन का रोबोटिक्स पर जोर चीन का यह कदम सरकार के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत पब्लिक सर्वस में रोबोट्स को तेजी से तैनात किया जा रहा है. चीन ने रोबोटिक्स को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया है. एक कंसल्टेंसी के मुताबिक चीन का ह्यूमनॉइड बिजनेस 2025 तक CNY 82 बिलियन यानी करीब ₹95,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है जो ग्लोबल सेल का लगभग आधा होगा. जानकारों का मानना है कि प्रोडक्शन में वृद्धि हो सकती है लेकिन वास्तविक दुनिया में उनकी तैनाती अभी भी सीमित है. ड्रैगन का यह कदम बताता है कि चीन अपनी सीमाओं पर आधुनिकता लाने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है. 

भारत को IMF का नया लक्ष्य—कुछ साल बाद 5 ट्रिलियन डॉलर क्लब में एंट्री!

 नई दिल्‍ली       इंटरनेशल मोनिटरी फंड (IMF) ने भारत को नया टारगेट दे दिया है. IMF ने 26 नवंबर को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुसार भारत के अब वित्त वर्ष 29 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के मील के पत्थर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पहले के अनुमान से एक पूरा वर्ष बाद है.  भारत का लंबे समय से 5 ट्रिलियन डॉलर के जीडीपी टारगेट पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. आईएमएफ की रिपेार्ट में कहा गया है कि लक्ष्य तक पहुंचने में देरी, उम्‍मीद से धीमी ग्रोथ और अनुमान से कहीं ज्‍यादा तेज रुपये में बदलाव को दिखाती है.  आईएमएफ के 2025 के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 28 में भारत का GDP सिर्फ़ 4.96 ट्रिलियन डॉलर रहेगा, जो इस साल की शुरुआत में अनुमानित 5.15 ट्रिलियन डॉलर से कम है और 2023 के 5.96 ट्रिलियन डॉलर के अनुमान से भी काफी कम है.  जीडीपी अनुमान में क्‍यों कटौती?  आईएमएफ ने कहा कि डॉलर बेस्‍ड GDP पूर्वानुमान में कटौती का मुख्‍य कारण रुपये में गिरावट है. आईएमए ने वित्त वर्ष 2025 के लिए विनिमय दर अनुमान को 82.5 रुपये प्रति डॉलर से संशोधित कर 84.6 रुपये प्रति डॉलर कर दिया है.र्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के लिए, अब यह क्रमशः 87 रुपये और 87.7 रुपये तक और कमजोर होने का अनुमान है. 21 नवंबर को रुपया 89.49 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था.  नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान इस बदलाव ने IMF को भारत के एक्‍सचेंज रेट व्‍यवस्‍था को 'स्थिर' से 'क्रॉल जैसे' में क्‍लासिफाइड करने के लिए प्रेरित किया है, जो करेंसी में हुए बदलाव के ट्रांसपैरेंसी का संकेत देता है. आईएमएफ ने नॉमिननल जीडीपी ग्रोथ अनुमानों  में भ्‍ली कटौती की है.  आईएमएफ अब वित्त वर्ष 26 में 8.5% की वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जो 2024 के 11% के अनुमान से कम है. डॉलर के संदर्भ में इसका अर्थ है कमजोर ग्रोथ वित्त वर्ष 26 में 5.5% और वित्त वर्ष 27 में 9.2% रहेगा, क्योंकि विनिमय दर संबंधी अनुमान वास्तविक विस्तार को कमज़ोर कर रहे हैं.  इन झटकों के बावजूद, आईएमएफ का मानना ​​है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है, जिसका श्रेय मज़बूत घरेलू मांग और बेहतर होते इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को जाता है. रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अगर प्रमुख व्यापार समझौते अंतिम रूप ले लेते हैं और सुधारों की गति बनी रहती है, तो भारत का भविष्य बेहतर हो सकता है.  भारत ने कुछ धारणाओं को खारिज कर दिया है, विशेष रूप से इस उम्मीद को कि भारतीय निर्यात पर 50% अमेरिकी टैरिफ जारी रहेगा, मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में आईएमएफ के नजरिए को अत्यधिक रूढ़िवादी बताया गया है.

डराने वाले आंकड़े! संयुक्त राष्ट्र ने कहा—हर 10 मिनट में एक महिला की होती है हत्या

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) और महिला सशक्तिकरण के लिए संस्था (UN Women) ने एक साझा रिपार्ट प्रकाशित की है, जो बताती है कि वर्ष 2024 में, 50 हज़ार लड़कियों और महिलाओं को, उन्हीं के अंतरंग साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों मार डाला गया. रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 मिनट में 1 लड़की या महिला की हत्या होना यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद, आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं आया है.हर दिन औसतन 137 लड़कियों और महिलाओं की हत्या कर दी जाती है.  83 हज़ार इरादतन हत्या के मामले महिलाओं की हत्या – 2025 नामक यह रिपोर्ट, महिलाओं के प्रति हिंसा उन्मूलन के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रकाशित की गई है.2024 में, 83 हज़ार लड़कियों और महिलाओं की इरादतन हत्या कर दी गई, जिनमें से 50 हज़ार यानि 60 प्रतिशत हत्याएँ अंतरंग साथी या परिवार के किसी सदस्य के हाथों की गई.  रिपोर्ट के अनुमानों के अनुसार, इस तरह की हत्याएँ सबसे अधिक अफ़्रीका में – हर 1 लाख में से 3 लड़की या महिला, और योरोप में सबसे कम दर्ज की गई हैं.जबकि, इसके उलट अपने किसी अंतरंग साथी या पारिवारिक सदस्य के हाथों हत्या के शिकार होने वाले पुरुषों का आँकड़ा 11 प्रतिशत है. संयुक्त राष्ट्र के 'इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वॉयलेंस अगेंस्ट विमेन' के मौके पर जारी 2025 फेमिसाइड रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में महिलाओं और लड़कियों की हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इनमें कोई वास्तविक सुधार नहीं दिख रहा. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 83,000 महिलाओं और लड़कियों की हत्या की गई, जिनमें से 60% यानी 50,000 महिलाएं और लड़कियां अपने करीबी साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों मारी गईं. इसका मतलब है कि हर दस मिनट में एक महिला या लड़की घर के अंदर या परिवार के हाथों जान गंवा रही है. इसके उलट पुरुषों की हत्याओं में केवल 11% मामलों में साथी या परिवार जिम्मेदार थे. यह अंतर हिंसा की प्रकृति और खतरे की गंभीरता को उजागर करता है. यूएन विमेन की नीति विभाग की निदेशक सारा हेंड्रिक्स ने कहा कि फेमिसाइड अकेले नहीं होता. यह अक्सर नियंत्रण, डराने-धमकाने, ऑनलाइन उत्पीड़न या डिजिटल हिंसा की शुरुआत से लेकर बढ़ते-बढ़ते जानलेवा रूप ले लेता है. उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल हिंसा अक्सर ऑफलाइन भी फैलती है और कई बार महिलाओं की हत्या तक पहुंच जाती है. यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक जॉन ब्रांडोलिनो ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में ‘घर’ महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे खतरनाक जगह बन चुका है. उन्होंने महिलाओं की हत्या को रोकने के लिए बेहतर रणनीतियों, मजबूत कानूनों और प्रभावी आपराधिक न्याय व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया.2025 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह हिंसा दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में मौजूद है. सबसे ज्यादा फेमिसाइड दर अफ्रीका (3 प्रति 1 लाख महिलाएं) में दर्ज की गई, जिसके बाद अमेरिका (1.5), ओशिआनिया (1.4), एशिया (0.7) और यूरोप (0.5) का स्थान आता है. रिपोर्ट बताती है कि घर के बाहर यानी सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली फेमिसाइड का डेटा अभी भी सीमित है, जिसकी वजह से वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन करना मुश्किल है. डेटा की कमी दूर करने के लिए यूएन विमेन और यूएनओडीसी 2022 के सांख्यिकीय फ्रेमवर्क के आधार पर देशों के साथ काम कर रहे हैं ताकि ऐसी हत्याओं की बेहतर पहचान, रिकॉर्डिंग और वर्गीकरण किया जा सके. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2024 में परिवार/साथी के हाथों मारी गई महिलाओं की संख्या (50,000) पिछली रिपोर्ट (51,100) से थोड़ी कम जरूर है, लेकिन यह गिरावट वास्तविक कमी का संकेत नहीं है, बल्कि कई देशों में डेटा उपलब्धता में बदलाव की वजह से ऐसा दिख रहा है. 16 Days Campaign क्या है?  हर साल 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलने वाला 16 Days of Activism अभियान महिलाओं के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के लिए UN Women की पहल है. 2025 में यह अभियान डिजिटल हिंसा को खत्म करने पर केंद्रित है, जिसमें ऑनलाइन उत्पीड़न, स्टॉकिंग, जेंडर्ड डिसइन्फॉर्मेशन, डीपफेक्स और बिना अनुमति निजी तस्वीरें शेयर करने जैसी समस्याएं शामिल हैं. यह सभी तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ तेजी से बढ़ रही हैं. UN Women ने सरकारों, टेक कंपनियों और समुदायों से अपील की है कि कानूनों को मजबूत बनाया जाए, डिजिटल हिंसा पर सख्त कार्रवाई हो, और पीड़ितों के लिए सुरक्षित व सहायक वातावरण तैयार किया जाए. सुरक्षित रहने का अधिकार यूएन वीमैन की नीति विभाग की निदेशक सारा हैंड्रिक्स का कहना है कि महिलाओं की हत्या, किसी एकाकी घटना का परिणाम नहीं होती. यह अक्सर हिंसा की निरन्तर श्रृंखला का हिस्सा होती है, जो नियंत्रण करने वाले व्यवहार, धमकियों और उत्पीड़न से भी शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र का 16 दिनों तक चला अभियान, यह उजागर करता है कि डिजिटल हिंसा, सिर्फ़ ऑनलाइन ही सीमित नहीं है. यह ऑनलाइन मंचों से हटकर वास्तविकता में भी गम्भीर रूप ले सकती है, और ये हिंसा, अत्यंत भयावह मामलों में हत्या का रूप भी ले सकती है.निदेशक सारा हैंड्रिक्स ने कहा कि हर लड़की और महिला को अपने जीवन के हर पहलू में, सुरक्षित रहने का अधिकार है.  इन हत्याओं से बचने के लिए ज़रूरत है ऐसे क़ानूनों को कड़ाई से लागू किए जाने की, जो महिलाओं और लड़कियों के जीवन में हिंसा के ऑनलाइन और ऑफ़लाइन रूपों को समझें और अपराधियों की कठोर जवाबदेही तय करें.UNODC के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक जॉन ब्रांडोलिनो ने कहा कि दुनिया भर में बहुत-सी महिलाओं और लड़कियों के लिए घर, आज भी एक ख़तरनाक और कई बार जानलेवा जगह बने हुए हैं.  महिलाओं की हत्याएँ घर के बाहर भी होती हैं, पर इनके आँकड़े बेहद सीमित हैं.  इन कमियों को दूर करने के लिए यूएन वीमैन और UNODC, वर्ष 2022 के सांख्यिकीय ढाँचे के ज़रिए, बेहतर पहचान और आलेखन पर काम कर रहे हैं. सटीक डेटा बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि समस्या की वास्तविक गम्भीरता समझी जा सके, प्रभावी क़दम उठाए जा सकें और पीड़ितों को न्याय मिल सके.

YouTube पर भारत का रिकॉर्ड तोड़ा ‘श्री हनुमान चालीसा’, 5 अरब व्यूज पार, सेकंड नंबर भी रोचक

मुंबई  'श्री हनुमान चालीसा' YouTube पर 5 अरब से भी ज्यादा बार देखा जाने वाला भारत का पहला वीडियो बन गया है। भारत में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो की लिस्ट में यह सबसे ऊपर है। दूसरे नंबर आए वीडियो ने 2 अरब व्यूज का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया है। वहीं, 'श्री हनुमान चालीसा' को 5 अरब से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह वीडियो 10 मई, 2011 को रिलीज हुआ था और इसमें टी-सीरीज के दिवंगत गुलशन कुमार नजर आते हैं। 14 साल पुराने इस वीडियो को आज भी काफी पसंद किया जाता है। इस वीडियो में हरिहरन की आवाज और ललित सेन का म्यूजिक दिया गया है। इसने कई बॉलीवुड गानों को पीछे छोड़ दिया है। आप जानकर हैरान होंगे कि दूसरे नंबर पर बॉलीवुड का कोई हिंदी गाना नहीं है। दूसरे नंबर पर कौन सा वीडियो? भारत में यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियोज की लिस्ट में 'श्री हनुमान चालीसा' केबाद कोई हिंदी नहीं बल्कि पंजाबी गाना है। जी हां, दूसरे नंबर पर पंजाबी गाना 'लहंगा' है, जिसे 1.8 अरब व्यूज मिले हैं। इसके बाद हरियाणवी गाना '52 गज का दामन' और तमिल गाना 'रॉडी बेबी' हैं। इन दोनों वीडियोज को 1.7 अरब व्यूज मिले हैं। इनके अलावा, टॉप लिस्ट में 'जरुरी था', 'वास्ते', 'लॉन्ग लाची', 'लुट गए', 'दिलबर' और 'बम बम बोले' जैसे दूसरे लोकप्रिय भारतीय वीडियो भी शामिल हैं। दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखे गए ये वीडियो भारत के अलावा, हम अगर दुनिया भर में यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो की बात करें तो इस लिस्ट में 16.38 अरब व्यूज के साथ 'बेबी शार्क डांस', 8.85 अरब व्यूज के साथ 'डेस्पैसिटो', 8.16 अरब व्यूज के साथ 'व्हील्स ऑन द बस', 7.28 अरब व्यूज के साथ 'बाथ सॉन्ग' और 7.12 अरब व्यूज के साथ 'जॉनी जॉनी यस पापा' जैसे वीडियो टॉप में हैं। इन चुनिंदा ग्लोबल वीडियो की लीग में 'श्री हनुमान चालीसा' भी शामिल हो गया है। पहले भी बना चुका है रिकॉर्ड इस वीडियो ने पहली बार कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया है। साल 2023 में भी इसने इतिहास रचा था। तब यह 3 बिलियन व्यूज वाला भारत का पहला वीडियो बना था। हनुमान चालीसा के रिकॉर्ड तोड़ वीडियो में गुलशन कुमार भगवान हनुमान जी की मूर्ति के सामने गाते हुए दिख रहे हैं। वीडियो की लम्बाई 9.42 मिनट की है। वीडियो टी-सीरीज ने 2011 में बनाया था जिसको अब 14 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। वीडियो को 2 करोड़ लाइक्स भी मिल चुके हैं। इस पर 30 लाख के करीब कमेंट्स भी किए गए हैं। साथ ही यूजर्स ने इस वीडियो के 5 अरब व्यूज पार करने पर खुशी भी जाहिर की है। यह यू-ट्यूब पर अबतक देखे गए टॉप 10 वीडियोज में से एक है।  श्री हनुमान चालीसा को ललित सेन ने रचा है। इस वीडियो का निर्देशन शंभू गोपाल ने किया है। हरिहरन की मखमली आवाज में उपलब्ध यह वीडियो दुनियाभर में श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और शक्ति का एक स्रोत बनी हुई है जिसे लाखों लोग रोज देखते और सुनते हैं।  लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें। गुलशन कुमार ने बेटे ने जाहिर की खुशी इस मौके पर टी-सीरीज के मैनेजिंग डायरेक्टर और गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा है कि हनुमान चालीसा करोड़ों लोगों के दिलों में एक खास जगह रखता है, मेरे दिल में भी। मेरे पिता, श्री गुलशन कुमार जी ने अपना जीवन आध्यात्मिक संगीत को हर घर तक पहुंचाने में लगा दिया था। 5 अरब व्यूज पार करना और यूट्यूब के अब तक के टॉप 10 सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल होना सिर्फ एक डिजिटल उपलब्धि नहीं है। यह इस देश में लोगों की अटूट भक्ति को दिखाता है। 'हनुमान चालीसा' के कई वर्जन को छोड़ा पीछे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूट्यूब पर 'हनुमान चालीसा' के कई वर्जन हैं। इन सब के बीच सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग और व्यूज के मामले में टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार के इस वीडियो के बाजी मार ली है। इस वीडियो को शंभू गोपाल ने डायरेक्ट किया है।

शहबाज़ सरकार का इमरान पर विदेशी निर्वासन का दबाव? PTI नेता का बड़ा खुलासा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर उनकी पार्टी आंदोलन चला रही है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ जेल में बंद इमरान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रही है। इस बीच तहरीक-ए-इंसाफ से जुड़े सीनेटर खुर्रम जीशान ने बड़ा दावा किया है। खुर्रम जीशान ने कहा है कि पाकिस्तानी सरकार इमरान खान के साथ डील करने में जुटी हुई है। पाकिस्तान की शाहबाज सरकार इमरान पर दबाव बना रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री देश छोड़कर चले जाएं। रियायतें देने का वादा पीटीआई नेता ने आगे बताया कि सरकार की तरफ से इमरान खान को रियायतें देने का वादा भी किया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि वह विदेश चले जाएं या फिर पाकिस्तान में अपनी पसंद की जगह पर चुपचाप रहें। उन्होंने कहा कि लेकिन इमरान ख़ान कभी भी इन बातों को लेकर सहमति नहीं देंगे। वह जिस तरह के नेता हैं, वह इसे कभी मंजूर नहीं करेंगे। हमारे पास आंदोलन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

तूफान ने रोकी उड़ानें: श्रीलंका एयरपोर्ट पर फंसे सैकड़ों भारतीय, हालात बने गंभीर

श्रीलंका  चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ ने तमिलनाडु और श्रीलंका में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसी कारण करीब 300 भारतीय यात्री, जिनमें लगभग 150 तमिलनाडु के यात्री शामिल हैं, पिछले तीन दिनों से कोलंबो के बांदरणायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। सभी यात्री दुबई से भारत के लिए श्रीलंका होते हुए लौट रहे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण चेन्नई आने वाली उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं।  फंसे यात्रियों की हालत गंभीर यात्रियों ने बताया कि उन्हें  पर्याप्त खाना-पानी नहीं मिल रहा, आराम की उचित जगह नहीं है, और एयरपोर्ट पर सुविधाएं बेहद सीमित हो गई हैं।उड़ानों की अनिश्चितता के चलते कई लोग चिंतित और परेशान दिखाई दिए। यात्रियों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने  पब्लिक डिपार्टमेंट के सचिव को निर्देश दिए और भारतीय उच्चायोग, कोलंबो से तत्काल समन्वय करने को कहा। इसके बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने फंसे भारतीयों से संपर्क शुरू किया। उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए चर्चा की जा रही है।तमिलनाडु सरकार ने एयरपोर्ट पर फंसे सभी यात्रियों के लिए समय पर सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।    तमिलनाडु में बंद हुए स्कूल चक्रवात के असर से  चेन्नई, कडलूर, तंजावुर, नागपट्टिनम, कुंभकोणम, मयिलाडुथुरई,और रमेश्वरम में तेज हवाओं और भारी वर्षा की खबरें हैं। कई जिलों में स्कूल बंद,समुद्र तटों पर प्रवेश रोक,और निम्न इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। रमनाथपुरम में एक टूरिस्ट वैन पानी में फंस गई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। IMD का अपडेट मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात दित्वाह श्रीलंका के उत्तर क्षेत्र से सटा हुआ बहुत धीरे-धीरे 8 किमी/घंटा की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है।सुबह 5:30 बजे यह करेकाल से 190 किमी दक्षिण-पूर्व, पुदुचेरी से 300 किमी और चेन्नई से 400 किमी दक्षिण स्थित था।    भारत ने श्रीलंका को बढ़ाई मानवीय सहायता तूफान से श्रीलंका में बिगड़ी स्थिति को देखते हुए भारत ने अपना ह्यूमैनिटेरियन मिशन “ऑपरेशन सागर बंधु” तेज किया है। शनिवार सुबह 12 टन राहत सामग्री लेकर  IAF का C-130J विमान कोलंबो पहुंचा। इससे पहले INS विक्रांत और INS उदयगिरि श्रीलंका को 4.5 टन सूखी राशन, 2 टन ताज़ा खाद्य सामग्री सहित अन्य आवश्यक सहायता पहुँचा चुके हैं। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि “कठिन समय में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। यह हमारे 'Neighbourhood First' नीति की प्रतिबद्धता है।”  

भागवत का संदेश: राष्ट्रवाद की अवधारणा भारत में पश्चिमी सोच से अलग, भाईचारा हमारी पहचान

नागपुर   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि विवादों में पड़ना भारत के स्वभाव में नहीं है और देश की परंपरा ने हमेशा भाईचारे और सामूहिक सद्भाव पर जोर दिया है. नागपुर में एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि भारत की राष्ट्रवाद की अवधारणा पश्चिमी सोच से पूरी तरह अलग है. नागपुर में एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि भारत की राष्ट्रवाद की अवधारणा पश्चिमी सोच से पूरी तरह अलग है. उन्होंने कहा, 'हमारी किसी से कोई बहस नहीं होती. हम झगड़ों से दूर रहते हैं. झगड़ा करना हमारे देश के स्वभाव में नहीं है. साथ रहना और भाईचारा बढ़ाना हमारी परंपरा है.' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के दूसरे हिस्से टकराव वाले हालात में ही बने हैं.' उन्होंने कहा, 'एक बार कोई राय बन जाने के बाद उस विचार के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं होता. वे दूसरे विचारों के लिए दरवाजे बंद कर देते हैं और उसे इज्म कहना शुरू कर देते हैं.' भागवत ने यह भी कहा कि भारत की राष्ट्र की अवधारणा पश्चिमी व्याख्याओं से मूल रूप से अलग है.' उन्होंने जोर देकर कहा, 'वे राष्ट्र के बारे में हमारे विचार नहीं समझते, इसलिए उन्होंने इसे 'राष्ट्रवाद' कहना शुरू कर दिया.' 'राष्ट्र' का हमारा कॉन्सेप्ट, राष्ट्र के पश्चिमी विचार से अलग है. हमारे बीच इस बारे में कोई मतभेद नहीं है कि यह राष्ट्र है या नहीं — यह एक 'राष्ट्र' है और यह पुराने समय से मौजूद है.' उन्होंने दावा किया, 'हम राष्ट्रीयता शब्द का इस्तेमाल करते हैं, राष्ट्रवाद का नहीं. देश पर बहुत ज्यादा गर्व की वजह से दो वर्ल्ड वॉर हुए. इसीलिए कुछ लोग राष्ट्रवाद शब्द से डरते हैं.' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत का राष्ट्रवाद घमंड या गर्व से पैदा नहीं हुआ है, बल्कि लोगों के बीच गहरे जुड़ाव और प्रकृति के साथ उनके सह-अस्तित्व से पैदा हुआ है. उन्होंने ज्ञान के महत्व पर भी जोर दिया जिससे समझदारी आती है और इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ जानकारी से ज्यादा व्यावहारिक समझ और एक सार्थक जीवन जीना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सच्ची संतुष्टि दूसरों की मदद करने से मिलती है. यह एक ऐसी भावना है जो अस्थायी सफलता के विपरीत, जीवन भर बनी रहती है.