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मुंबई की हवा गंभीर स्तर पर, GRAP 4 नियमों के तहत पाबंदियां शुरू

 मुंबई राजधानी दिल्ली में पलूशन की समस्या सालों से चली आ रही है, लेकिन मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नै जैसे अन्य महानगरों में कमोबेश राहत रही है। अब यह राहत मुंबई भी खत्म होती दिख रही है। आर्थिक राजधानी में पलूशन का लेवल बढ़ने और हवा खराब होने के चलते पाबंदियां लगाई गई हैं। मुंबई में GRAP 4 की पाबंदियां लागू की गई हैं ताकि पलूशन पर कंट्रोल पाया जा सके। इस तरह मुंबई भी अब पलूशन के मामले में दिल्ली की कतार में आकर खड़ा हो गया है। मुंबई के कई इलाकों की हवा खराब और अत्यंत खराब की श्रेणी में आ गई है। इन इलाकों में मडगांव, देवनार, मलाड, बोरिवली ईस्ट, चकाला-अंधेरी ईस्ट, नेवी नगर, पोवई और मुलुंड शामिल हैं। इसके चलते बीएमसी ने तमाम निर्माण कार्यों और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जिनसे धूल उड़ती है। इसके अलावा दर्जनों साइट्स की मॉनिटरिंग की जा रही है। करीब 50 निर्माण स्थलों को नोटिस जारी किया है। इन पर अब काम रोकने या फिर पूरी तरह स्थगित करने के नोटिस लगे हैं। इसके अलावा लघु उद्योगों, बेकरीज और मार्बल कटिंग यूनिट्स को आदेश दिया गया है कि वे अपने कामकाज में इस बात का ध्यान रखें कि धूल कम उड़े। ऐसा ना होने पर उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जा सकता है। यही नहीं बीएमसी ने हर वार्ड में फ्लाइंग स्क्वॉड की भी नियुक्ति की है ताकि धूल पर नियंत्रण किया जाए और पलूशन पर पूरी निगरानी रहे। सबसे ज्यादा पलूशन वाले दुनिया के 10 शहरों में तीन भारत के समुद्र के किनारे होने और हवा की रफ्तार अमूमन दिल्ली जैसे शहरों के मुकाबले तेज होने के चलते मुंबई में पलूशन कम रहा है, लेकिन वहां भी समस्या बढ़ने से चिंताएं पैदा हुई हैं। इन पाबंदियों को लागू करने के बाद भी मुंबई का AQI 187 है, जो अनहेल्डी कैटिगरी में आता है। वहीं बेंगलुरु का AQI 118 है और कोलकाता में तो यह काफी ज्यादा बढ़कर 236 हो गया है। बता दें कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले 10 शहरों में तीन शहर भारत के ही हैं।

‘हताशा’ टिप्पणी पर सियासी तूफान, विपक्ष ने मोदी को याद दिलाई PM पद की मर्यादा

नई दिल्ली  संसद के शीतकालीन सत्र में सदन से बाहर ही पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए बयान पर हंगामा शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने सदन में जाने से पहले मीडिया से बात की और विपक्ष से संवाद की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बिहार चुनाव के नतीजों की बात करते हुए हार की हताशा वाला तंज कस दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि मैं अपील करूंगा कि हार की हताशा से बाहर निकलकर संसद में कामकाज करने दिया जाए। उनका कहना था कि विपक्ष को हार की हताशा से उबरते हुए संसद में चर्चा करनी चाहिए और महत्वपूर्ण विषयों पर बात हो। इसे लेकर विपक्ष पूरी तरह हमलावर है।   आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि पीएम मोदी खुद किस हताशा में हैं। उन्होंने कहा, 'पीएम ने यदि इस तरह बोला है कि विपक्ष हार की हताशा में है तो फिर वे किस हताशा में हैं। आप के अंदर कौन सी हताशा है। चुनाव मौलिक मुद्दों पर ना लड़कर कट्टा, भैंस और मुजरा जैसी बातें कहीं। क्या यह प्राइम मिनिस्टर की गरिमा है।' यही नहीं केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका वाड्रा ने भी पीएम मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना कब से ड्रामा करना हो गया। उन्होंने कहा कि कई गंभीर मसले हैं। चुनाव की स्थिति, SIR और पलूशन बड़े मुद्दे हैं। इन मसलों पर बात होनी चाहिए। आखिर संसद किसलिए होती है। मुद्दे उठाना ड्रामा तो नहीं है। ड्रामा यह है कि चर्चा ही नहीं करने दिया जाता। लोकतंत्र की हद में रहकर जनता के मसले उठाना तो कोई ड्रामा नहीं है। कांग्रेस की ही सांसद नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि आखिर कौन हमें समझा रहा है। जो सबसे बड़े ड्रामा मास्टर हैं। हमें उनसे सीखना है कि ड्रामा कैसे करना है और कब करना है। यह हमें नहीं आता। कपड़े बदलकर और कैमरे का ऐंगल बदलकर कैसे ड्रामा किया जाता है, हमें यह सीखना होगा। ऐसा लग रहा है कि विश्व गुरु अब मानसिक गुरु भी बन गए हैं। रेणुका चौधरी ने कहा कि हम लोग संसद में SIR का मसला जरूर उठाएंगे। हम लोग बहुत मजबूत हैं और किसी भी तरह की हताशा में नहीं हैं। सपा सांसद रामगोपाल यादव, अवधेश कुमार आदि ने भी संसद में SIR का मुद्दा उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक SIR पर बात नहीं हो जाती, हम किसी और मसले पर बात ही नहीं करेंगे।  

शीतकालीन सत्र में टकराव के आसार: विपक्ष SIR पर एकजुट, सरकार पेश करेगी दिवाला-बीमा सहित 14 बिल

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र की आज से शुरुआत हो रही है. यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान संसद के दोनों सदनों की 15-15 बैठकें होंगी. विपक्षी दल एसआईआर, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड पर चर्चा की मांग कर रहे हैं. दूसरी तरफ, सरकार चाहती है कि वंदे मातरम् पर चर्चा हो. शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. राष्ट्रनीति के लिए सकारात्मकता जरूरी- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रनीति के लिए सकारात्मकता जरूरी है. सदन हंगामे के लिए नहीं है. नारेबाजी के लिए पूरा देश खाली है. सदन में नकारात्मकता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सुझाव देने के लिए तैयार हूं, कि परफॉर्म कैसे किया जाता है. हार की हताशा सदन में ना निकालें. विपक्ष अपनी रणनीति बदले. विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए. देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकल मजबूत मुद्दे उठाए- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले कहा है कि भारत ने यह सिद्ध किया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर. उन्होंने कहा कि यह सत्र विकसित भारत के प्रयास में और ऊर्जा भरने का अवसर है. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकलकर आए और मजबूत मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए. नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए. यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए. राष्ट्रनीति पर बात होनी चाहिए. आज सोमवार से संसद का शीत सत्र शुरू हो रहा है. इस सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. संसद का यह सत्र बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के कुछ दिनों बाद हो रहा है. इस दौरान सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के प्रावधान वाले विधेयक के साथ सुधारों से जुड़े अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएगी, जबकि विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है. इस सत्र के लिए कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सत्र के दौरान सदन में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए रविवार को संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई. सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश करने के लिए कुल 10 विधेयकों को सूचीबद्ध किया है जिनमें निजी कंपनियों के लिए असैन्य परमाणु क्षेत्र को खोलने के प्रावधान वाला एक विधेयक भी शामिल है. परमाणु ऊर्जा विधेयक- 2025 भारत में परमाणु ऊर्जा के उपयोग और विनियमन को नियंत्रित करने के उद्देश्य लाया जा रहा है. सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 10 मीडिया को संबोधित करेंगे. वह सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बताएंगे और सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील करेंगे. पीएम मोदी के बयान पर बोलीं प्रियंका- एसआईआर और पॉल्यूशन के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी की ओर से दिए गए बयान पर प्रियंका गांधी ने कहा कि एसआईआर और पॉल्यूशन के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष को सदन में ड्रामा नहीं करना चाहिए.  सदन में पराजय की बौखलाहट निकालने का काम न करें- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि सदन में चुनाव का वार्मअप या फिर पराजय की बौखलाहट निकालने का काम नहीं करना चाहिए. कुछ दलों ने ये परिचय दिया है कि राज्य चुनाव से पहले सदन को इस्तेमाल करें. ऐसे दल अपने आपको बदलें. सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर दें. मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि राष्ट्र प्रगति की राह पर चल चुका है.  पहली बार चुने गए सांसदों को मौका मिले- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि सभी दलों के युवा सांसद जो पहली बार चुनकर आए हैं उनको बोलने का मौका मिलना चाहिए. उनके अनुभवों का फायदा देश को मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि संसद ड्रामे का केंद्र नहीं है. संसद से बाहर ड्राम करने की कई जगहें हैं. जो लोग बिहार में ड्रामा करके आए हैं उनको अन्य राज्यों में भी ड्रामा करने के मौका मिलेंगे.  कुछ दल पराजय भी नहीं पचा पा रहे- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि ये शीत सत्र ऊर्जा भरने का काम करेगा. विपक्ष के कुछ दल पराजय को नहीं पचा रहे हैं. उनको सही मुद्दे उठाने चाहिए.  लोकतंत्र के बीच अर्थतंत्र को मजबूती से विश्वसाव और मजबूत हुआ- पीएम मोदी  प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के बीच अर्थतंत्र को मजबूती हमारा विश्वसाव और मजबूत हुआ है. इसने साबित किया है कि लोकतंत्र भी डिलिवरी कर सकता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सार्थक चर्चा करनी चाहिए. उनको परायज की निराशा से बाहर निकलना चाहिए.   राष्ट्रगान के साथ संसद सत्र की शुरुआत संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हो गई है. दोनों सदनों में राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत के बाद लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने सदन के पांच पूर्व सदस्यों के निधन की सूचना दी और शोक व्यक्त किया. वहीं, राज्यसभा में जम्मू कश्मीर से उच्च सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही है. मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पर विपक्ष की बड़ी बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्ष की बड़ी बैठक चल रही है. इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता संसद के दोनों सदनों में अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने पर मंथन कर रहे हैं. इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ साथ ही डीएमके की कनिमोझी, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, जॉन ब्रिटास, प्रेमचंद गुप्ता मौजूद हैं. 'सार्थक योगदान दें सभी सदस्य', स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पर किया पोस्ट शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. स्पीकर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि संसद राष्ट्र की अपेक्षाओं, जन आकांक्षाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है. संसद का प्रत्येक सत्र हमें कर्तव्य-निष्ठा, संयम और लोककल्याण की उस प्रेरणा की ओर भी उन्मुख करता है, जो जनप्रतिनिधित्व की भावना को और … Read more

संसद का शीतकालीन सत्र गर्माने को तैयार: SIR पर घिरने की तैयारी, सरकार 14 अहम बिल लाने को तैयार

 नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा. संसद सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं. नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई एफआईआर को लेकर कांग्रेस नाराज है. इसके अलावा देश में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर घमासान मच सकता है.  देश के 12 राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने संसद में सरकार को घेरने का प्लान बनाया है. इसके अलावा दिल्ली आत्मघाती बम धमाके और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की खराब स्थिति पर चर्चा की मांग कर सत्र को हंगामेदार बनाने के आसार जता दिए हैं. वहीं, सरकार इस सत्र में असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने समेत 14 विधेयकों के जरिये अपने सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ाने की तैयारी की है. सरकार ने कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी. सरकार 14 बिल कराएगी पास संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें होंगी. इस दौरान सरकार का फोकस 14 विधेयक पास कराने की है. सरकार दिवाला कानून, बीमा कानून, सिक्योरिटीज मार्केट, कॉर्पोरेट कानून, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सेस बिल संसद में पेश करेगी.  शीतकालीन सत्र के दौरान अनुदानों की अनुपूरक मांगों का पहला बैच भी प्रस्तुत किया जाएगा, उन पर चर्चा की जाएगी और मतदान होगा. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं, संसद सबकी है, देश की है.  उन्होंने कहा कि संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है. नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं.' संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और सभी गतिरोध को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेंगे.  सरकार को संसद में घेरेगा विपक्ष शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी विपक्ष ने कर ली है. एसआईआर प्रक्रिया के मुद्दे पर विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है. कांग्रेस से लेकर टीएमसी, समाजवादी पार्टी और DMK तक ने वोटर लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ संसद में सरकार के घेरने की तैयारी की है. विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा कराने की बात सरकार से की है. सोनिया गांधी के नेतृव में कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में यह मांग उठाई कि एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि एसआईआर में बीएलओ की आत्महत्या गंभीर मुद्दा है और इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर पिछड़े, दलित, वंचित गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाकर बीजेपी अपनी मनमाफिक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है. इसे मुद्दे को सांसद उठाना होगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सभी सांसद अपने-अपने इलाकों के स्थानीय मुद्दों को सदन में उठाएं. उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को एक बड़ा मुद्दा बताया और कहा कि दिल्ली में हुआ आतंकी हमला एक बड़ी चूक है. बैठक में उन्होंने कहा कि एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए सरकार पर दबाव बनाना होगा. कांग्रेस से लेकर सपा, टीएमसी सहित तमाम विपक्षी दलों ने एसआईआर के साथ ही दिल्ली में आतंकी हमले, की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. साथ ही उन्होंने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषयों पर सत्र के दौरान चर्चा कराने का आग्रह किया. संसद सत्र में होगा टकराव शीतकालीन सत्र में सरकार का एक बड़ा फोकस नेशनल सॉन्ग, 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर प्रस्तावित चर्चा है. सरकार इस गीत पर चर्चा करान चाहती है. यह एक ऐसा टॉपिक जिसे पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में यह आरोप लगाकर फिर से उठाया कि कांग्रेस ने 1937 में कई लाइनें हटा दीं. एक ऐसा काम जिसने उनके अनुसार विभाजन के बीज बोए हैं.   सरकार ने साफ कर दिया है कि एसआईआर का मुद्दा संसद में नहीं उठाया जा सकता. सरकार का कहना है कि वोटर रोल में बदलाव चुनाव आयोगका एक रूटीन प्रोसेस है और इस पर संसद में बहस नहीं हो सकती. उसने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव निकाय ने पहले ही कोर्ट के गाइडेंस के हिसाब से काम किया है. ऐसे में साफ है कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की संभावना है. 

रेलवे की नई सुविधा: स्लीपर कोच में मिलेगा कंबल, तकिया और चादर, जानें अतिरिक्त चार्ज

चेन्नई इंडियन रेलवे स्लीपर कोच में सफर करने वाले पैसेंजर के लिए नई सुविधा शुरू कर रही है। अब एसी कोच की तरह स्लीपर कोच में भी पैसेंजर को कंबल-तकिया और चादर की सुविधा दी जाएगी। यह बदलाव उन यात्रियों के लिए खास है जिन्हें अब अपना बेडरोल साथ ढोने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दक्षिण रेलवे के चेन्नई डिविजन से इस सुविधा की शुरुआत हो रही है। चेन्नई डिविजन ने 1 जनवरी 2026 से चुनिंदा ट्रेनों में स्लीपर क्लास के लिए ऑन-डिमांड बेडरोल सुविधा लागू करने की घोषणा की है। इसे लेने के लिए यात्री को रिक्वेस्ट करनी होगी और फिर एक तय चार्ज चुकाकर बेडरोल मिल जाएगा। यह सर्विस ऑन-डिमांड मॉडल पर होगी यानी जिसे जरूरत होगी वह यात्री पैसे देकर बेडशीट, तकिया या पूरा बेडरोल सेट ले सकेगा। सोशल मीडिया पर भी रेलवे के इस फैसले की काफी चर्चा है क्योंकि इससे स्लीपर क्लास की यात्रा पहले से ज्यादा आरामदायक हो जाएगी। स्लीपर कोच में इस सुविधा के लिए यात्रियों को कितने पैसे देने होंगे चलिए आपको बताते हैं। बेडरोल सेट बेडशीट, तकिया, तकिए का कवर – 50  तकिया, तकिए का कवर  – 30 बेडशीट- 20 कब से मिलेगी यह सुविधा? दक्षिण भारत से इसकी शुरुआत हो रही है. दक्षिण रेलवे के चेन्नई डिविजन ने 1 जनवरी 2026 से चुनिंदा ट्रेनों में स्लीपर क्लास के लिए ऑन-डिमांड बेडरोल सुविधा लागू करने की घोषणा की है। यह बेडरोल पूरी तरह सैनिटाइज्ड और तुरंत इस्तेमाल करने योग्य होगा। इसे लेने के लिए यात्री को रिक्वेस्ट करनी होगी और फिर एक तय चार्ज चुकाकर बेडरोल मिल जाएगा। रेलवे ने 2023-24 में NINFRIS स्कीम के तहत  पायलट प्रोजेक्ट से शुरू किया गया था. उस समय यात्रियों ने इस सर्विस को लेकर अच्छा रिस्पॉन्स दिया। जिसके बाद रेलवे ने इसे स्थाई रूप से लागू करने का फैसला लिया। दक्षिण रेलवे का मानना है कि यह सुविधा खासकर रात की यात्राओं में स्लीपर क्लास के पैसेंजर्स को बड़ा आराम देगी।

दिसंबर छुट्टियाँ: जानें किन-किन तारीखों को स्कूल रहेंगे बंद

नई दिल्ली कल दिसंबर का महीना शुरू हो रहा है। इसके बाद नया साल यानी 2026 शुरू हो जाएगा। स्कूलों में बच्चों के लिए दिसंबर का महीना मौज मस्ती का रहता है क्योंकि इस महीने में स्कूली बच्चों को छुट्टियों की मौज लगती है। 25 दिसंबर के बाद सर्दियों की छुट्टियां इस महीने 6 और 7 दिसंबर को शनिवार और रविवार है। उसके बाद 13 को महीने का दूसरा शनिवार और 14 को रविवार है। 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस है।  20 और 21 को भी वीकेंड पड़ेगा। अंत में महीने का आखिरी शनिवार 27 दिसंबर को और 28 दिसंबर को रविवार है। 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी मिलती है। इस दिन पूरे भारत में (लगभग सभी राज्यों में) गजेटेड हॉलिडे रहता है। 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस है। हालांकि कुछ राज्यों में 26 दिसंबर को भी छुट्टी है, जैसे हरियाणा में यह शहीद उधम सिंह जयंती है और कुछ राज्यों में यह क्रिसमस का फ़ॉलो-अप हॉलिडे भी है। 25 दिसंबर के बाद ज्यादातर सभी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां हो जाती हैं जो जनवरी तक चलती हैं। ऐसे में दिसंबर में स्कूली बच्चों की मौज होने वाली है।  

SIR फॉर्म जमा करने की तारीख बढ़ी, 11 दिसंबर नई डेडलाइन, 16 दिसंबर को आएगा ड्राफ्ट

नई दिल्ली  देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR Deadline Extended) की प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नए कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि अब 11 दिसंबर तय की गई है, जो पहले 4 दिसंबर थी। इसी तरह केरल में भी एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है। दोनों राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को जारी होगी। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। एसआईआर संशोधन देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। चुनाव आयोग के अनुसार संशोधित शेड्यूल में 11 दिसंबर तक पोलिंग स्टेशनों को व्यवस्थित करने और आवश्यक सुधार कार्य पूरे किए जाएंगे। उसके बाद 12 से 15 दिसंबर तक कंट्रोल टेबल को अपडेट करने और ड्राफ्ट रोल तैयार करने की प्रक्रिया चलेगी। 16 दिसंबर को आयोग ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी करेगा, जिसके बाद नागरिक 15 जनवरी तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे।   निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 16 दिसंबर से 7 फरवरी के बीच प्राप्त गणना फॉर्म और दावों-आपत्तियों पर निर्णय लें। इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आयोग 12 फरवरी को नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। शेड्यूल में किया गया यह बदलाव उन बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) के लिए राहत लेकर आया है, जो अभी तक गणना फॉर्म जमा कराने और उनके डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा नहीं कर पाए थे।

आज के नए नियम: LPG कीमतें, बैंक चार्ज और लोन रेट—जानें किन बदलावों का पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्ली  नया महीना यानी दिसंबर 2025 आपकी जेब के लिए कई नई चुनौतियां लेकर आ रहा है। LPG और ATF की कीमतों से लेकर बैंक छुट्टियों व लोन रेट्स तक कई बदलाव आपके रोजमर्रा के खर्चों पर सीधा असर डाल सकते हैं। पहले से ही जरूरी आर्थिक प्लानिंग करना बेहद जरूरी हो जाता है। LPG और ATF की कीमतों में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को ऑयल कंपनियाँ LPG यानी कुकिंग गैस और ATF के दामों में अपडेट करती हैं। ऐसे में 1 दिसंबर को रेट बढ़े तो गैस सिलेंडर और हवाई यात्रा दोनों और महंगी हो सकती हैं। बैंक हॉलिडे और लेन-देन की योजना दिसंबर में पूरे महीने में कुल 17 दिनों तक बैंक बंद रहेंगे, जिनमें रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार के साथ राज्य-वार छुट्टियाँ शामिल हैं। ऐसे में लोन EMI, चेक क्लियरेंस और नकद लेन-देन की प्लानिंग समय रहते कर लें, वरना असुविधा हो सकती है।   लोन रेट पर फैसला दिसंबर के पहले हफ्ते में RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी। इसमें रेपो रेट में कटौती या बदलाव पर चर्चा होगी। अगर रेपो रेट में बदलाव होता है, तो बैंक लोन की EMI भी बदल सकती है। यानी बढ़ोतरी हुई तो जेब पर दबाव और राहत मिली तो बजट में आराम। पेंशन और अन्‍य लाभों में बदलाव पेंशन से जुड़े दिशानिर्देशों में भी दिसंबर से कुछ परिवर्तन लागू हो सकते हैं। ऐसे में पेंशनधारकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके मासिक लाभों में क्या बदलाव हो रहा है, ताकि वे अपने खर्च को बेहतर मैनेज कर सकें।

क्लीन चिट की जंग: नेतन्याहू की राष्ट्रपति से माफी की गुहार पर बढ़ी सियासी हलचल

इजरायल  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश के राष्ट्रपति से औपचारिक रूप से क्षमादान की मांग की है ताकि उनके खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के लंबे मुकदमे को समाप्त किया जा सके। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि नेतन्याहू ने राष्ट्रपति भवन के कानूनी विभाग को क्षमादान का औपचारिक आवेदन सौंप दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे 'असाधारण अनुरोध' करार देते हुए स्वीकार किया कि इसके 'गंभीर और दूरगामी निहितार्थ' हैं।   बता दें कि यह आवेदन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप के उस सार्वजनिक आग्रह के कुछ सप्ताह बाद आया है, जिसमें उन्होंने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से नेतन्याहू को क्षमा करने की अपील की थी। राष्ट्रपति कार्यालय ने अनुरोध मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस पर पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से विचार किया जाएगा। क्षमादान की प्रक्रिया में न्याय मंत्रालय की राय लेना और जनहित का मूल्यांकन करना अनिवार्य होता है। कार्यालय ने कहा कि हमें पता है कि यह एक असामान्य अनुरोध है जिसके व्यापक प्रभाव हैं। सभी संबंधित पक्षों की राय लेने के बाद राष्ट्रपति पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ फैसला लेंगे। गौरतल है कि नेतन्याहू इजरायली इतिहास के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो पद पर रहते हुए आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन पर तीन अलग-अलग मामलों में धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वतखोरी के आरोप हैं। इनमें धनी राजनीतिक समर्थकों से अनुचित लाभ लेने और मीडिया मालिकों को फायदा पहुंचाने के बदले सकारात्मक कवरेज हासिल करने के आरोप शामिल हैं। अभी तक उन्हें किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।

भारत का अभेद्य किला तैयार: रणनीतिक ‘चिकन नेक’ में राफेल, ब्रह्मोस और S-400 की तैनाती

नई​ दिल्ली  भारत ने अपनी पूर्वी सीमा पर अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती शुरू कर दी है. सिलिगुड़ी कॉरिडोर, यानी 22 किलोमीटर चौड़ा वह क्षेत्र जिसे चिकन नेक कहते हैं, जिसके जरिए उत्तर-पूर्वी भारत के सात राज्य देश की मुख्य भूमि से जुड़े हैं, अब पूरी तरह अभेद्य किला बनने जा रहा है. इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में तीन नए मिलिट्री स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जो नई दिल्ली की सैन्य रणनीति में मूलभूत बदलाव का संकेत देते हैं. असम के धुबरी के पास लाचित बोरफुकन मिलिट्री स्टेशन स्थापित किया जा रहा है. वहीं बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में फॉरवर्ड बेस बनाए जा रहे हैं. चोपड़ा फारवर्ड बेस बांग्लादेश सीमा से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ये सिर्फ सैन्य अड्डे नहीं, रैपिड डिप्लॉयमेंट फोर्स, पैरा स्पेशल फोर्सेज, इंटेलिजेंस यूनिट और हाई-टेक सर्विलांस उपकरणों से लैस स्ट्रैटेजिक नोड हैं, जो किसी भी विपरीत परिस्थिति में 'सिलिगुड़ी कॉरिडोर' की सुरक्षा सनिश्चित करेंगे.   भारत के इस बड़े रणनीतिक कदम की असली वजह बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन है. शेख हसीना की भारत समर्थक सरकार की जगह मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम प्रशासन ने ले ली है, जिसकी विदेश नीति में भारत के मुकाबले चीन और पाकिस्तान को तरजीह दी जा रही है. रिपोर्ट्स की मानें तो बांग्लादेश 2.2 अरब डॉलर में चीन से J-10C फाइटर जेट खरीदने जा रहा है. ड्रोन बनाने में भी चीन से सहयोग ले रहा है. वहीं पाकिस्तान ने उसे JF-17 ब्लॉक-C थंडर जेट ऑफर किए हैं.  भारत ने रिएक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव रुख अपनाया बांग्लादेश के साथ लगने वाली सीमा भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है. बांग्लादेश का चीन और पाकिस्तान की ओर झुकाव भारत के लिए रणनीतिक लिहाज से अच्छा संकेत नहीं है. सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो अपने सबसे संकरे बिंदु पर सिर्फ 22 किलोमीटर चौड़ा है, पूर्वोत्तर के 4.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. दुश्मन देश किसी विपरीत परिस्थिति में उत्तर-पूर्वी राज्यों को भारत की मुख्य भूमि से अलग-थलग करने के लिए इस महत्वपूर्ण संपर्क को निशाना बना सकते हैं. इसलिए अब भारत ने रिएक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव रुख अपनाया है. ये तीनों नए सैन्य अड्डे पूरे सिलि​गुड़ी कॉरिडोर को सिक्योरिटी कवरेज प्रदान करते हैं. पश्चिम बंगाल का चोपड़ा मिलिट्री स्टेशन बांग्लादेश की सीमा से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है. इन सैन्य ठिकानों से बांग्लादेश के अंदर तक निगरानी संभव है और किसी भी खतरे की स्थिति में भारत की सेनाएं  मिनटों में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हो सकती हैं. भारत ने पूर्वी सीमा पर राफेल लड़ाकू विमानों, ब्रह्मोस मिसाइलों और S-400 जैसे अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की है. बांग्लादेश के लिए, संदेश स्पष्ट है. भारत और उसके बीच सैन्य ताकत का अंतर बहुत बड़ा है. उसकी तरफ से कोई भी गलत कदम उठाया गया तो भारत का जवाब भयानक होगा. सिलिगुड़ी कॉरिडोर अब भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि मजबूत स्ट्रेटेजिक एसेट बन चुका है. देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.