samacharsecretary.com

VHP का बयान: 3 अक्टूबर के वक्फ आंदोलन पर जताई चिंता, हिंसा हुई तो मुस्लिम संगठनों की जवाबदेही तय होगी

नई दिल्ली वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कई मुस्लिम संगठनों द्वारा 3 अक्टूबर को बुलाए गए देशव्यापी आंदोलन और बंद को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गंभीर चिंता जताई है. वीएचपी के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह आंदोलन देश की शांति और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला साबित हो सकता है. वीएचपी ने कहा कि आश्चर्य इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर अभी केवल अंतरिम आदेश दिया है, जिसे खुद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा ने स्वागत योग्य माना था. ऐसे में अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना इस तरह का आंदोलन शुरू करना पूरी तरह अनुचित है. ‘3 अक्टूबर को हिंसा हुई तो मुस्लिम संगठन होंगे जिम्मेदार’ आलोक कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में बारावफात और उसके बाद हुई हिंसा से यह साफ है कि ऐसे आंदोलनों की आड़ में अराजकता और तोड़फोड़ की संभावना बनी रहती है. वीएचपी ने चेतावनी दी कि यदि 3 अक्टूबर को बुलाए गए बंद और प्रदर्शनों में हिंसा हुई तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह मुस्लिम संगठनों की होगी. वीएचपी की मांग है कि आंदोलन कानून के दायरे और पूरी तरह शांतिपूर्ण हो. केंद्र और राज्य सरकारों को पहले से तैयारी करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले. साथ ही समाज से भी अपील की गई कि आत्मरक्षा और सतर्कता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. वीएचपी अध्यक्ष ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे नेता युवाओं को नेपाल और श्रीलंका जैसी अराजकता की राह पर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भारत में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी. वीएचपी ने साफ किया कि आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसकी आड़ में देश की शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी. सरकार, समाज और कानून व्यवस्था मिलकर किसी भी असामाजिक तत्व के इरादों को नाकाम करेंगे. शहबाज शरीफ को हिंदुत्व वाले बयान पर लताड़ा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र में हिंदुत्व को लेकर दिए बयान पर वीएचपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू कभी अतिवादी नहीं हो सकता, क्योंकि उसकी प्रार्थना ही सबके कल्याण और शांति की होती है. हिंदूफोबिया फैलाने की कोशिश पहले भारत में और अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की जा रही है, लेकिन सच यह है कि हिंदू हिंसक नहीं, बल्कि शांतिप्रिय है और यह सच्चाई दुनिया जानती है.

सोनम वांगचुक पर विवादित बयान: नेपाल विद्रोह और अरब क्रांति का तूल पकड़ता संदेश

लेह सोनम वांगचुक को लद्दाख में क्यों गिरफ्तार किया गया इस बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। लद्दाख प्रशासन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक सोनम वांगचुक की गतिविधियां क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए बड़ा खतरा बन गई थीं। बयान में यह भी कहा गया था कि वांगचुक जिस तरह से नेपाल के विद्रोह और अरब क्रांति का उदाहरण दे रहे थे, उससे लोगों का गुस्सा भड़क रहा था। लद्दाख प्रशासन के मुताबिक लेह में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी जरूरी थी। बयान के मुताबिक वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद जोधपुर में रखा गया है। गौरतलब है लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर केंद्र शासित प्रदेश में हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद शुक्रवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस हिंसक प्रदर्शन में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 अन्य घायल हो गए थे। पुलिस प्रमुख एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने वांगचुक को शुक्रवार दोपहर ढाई बजे हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अब राजस्थान के जोधपुर कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि शांतिप्रिय कस्बे लेह में सामान्य स्थिति बहाल करना बेहद जरूरी है। इससे पहले की सोनम वांगचुक हालात को और खराब करते, उन्हें गिरफ्तार कर लेना जरूरी था। सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। प्रशासन का दावा है कि इसके पीछे उनकी मंशा संदिध थी। अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने मामले पर बातचीत का ऑफर दिया था। लेकिन वांगचुक ने इस पर ध्यान न देते हुए भूख हड़ताल जारी रखी। भाषणों में नेपाल विद्रोह-अरब क्रांति का जिक्र लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक पर यह भी आरोप लगाया है कि उनके भाषण और वीडियो काफी भड़काऊ होते थे। इसके चलते ही 24 सितंबर को इस क्षेत्र में अशांति फैली। प्रशासन की विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि उनके भड़काऊ भाषण, नेपाल के विद्रोह की चर्चा,अरब क्रांति का हवाला और अन्य भ्रामक वीडियोज ने हालात को खराब किया। इसके प्रभाव में संस्थान, इमारतें और वाहन जलाए गए और उसके बाद पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया, जिससे चार व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हुई। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने विशेष जानकारी के आधार पर कार्रवाई की और सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया।  

इमरान खान की जेल से पोस्ट ने हिला दिया पाकिस्तान, रक्षा मंत्री ने बताया क्या कहा भारत के बारे में

इस्लामबाद  पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक इंटरव्यू के दौरान बुरी तरह घिर गए जब उनसे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर पूछ गया। आसिफ ने पहले दावा किया था कि इमरान का एक्स अकाउंट भारत से संचालित हो रहा है। लेकिन ब्रिटिश-अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इमरान खान तो रावलपिंडी की अडियाला जेल से अकाउंट चला रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान हसन ने इमरान खान के हालिया कोर्ट ट्रायल का जिक्र किया जिसमें उनके वकील ने दावा किया कि सुनवाई व्हाट्सऐप पर हुई और न तो जज और न ही इमरान एक-दूसरे को सुन सके। जब आसिफ से पूछा गया कि क्या यह न्यायपूर्ण ट्रायल था, तो उन्होंने इसे नकारते हुए कहा, “ऐसा हुआ ही नहीं। इमरान खान ट्विटर (X) अकाउंट चला रहे हैं।” हसन ने तुरंत पलटवार किया, “आपने अभी कहा कि वह जेल से अकाउंट चला रहे हैं, लेकिन कुछ दिन पहले आपने कहा था कि यह भारत से ऑपरेट हो रहा है।” इस पर आसिफ उखड़ गए और बोले, “सच क्या है? या तो वह जेल से ऑपरेट कर रहे हैं या फिर कम से कम यह बताएं कि कौन चला रहा है।” जब उनसे पूछा गया कि भारत से अकाउंट चलने के दावे का क्या सबूत है तो आसिफ ने कहा कि वह सार्वजनिक रूप से सबूत नहीं बता सकते। उन्होंने कहा, “नहीं, सबूत है, लेकिन यह इंटेलिजेंस से जुड़ा है।” हसन ने तंज कसा – “तो फिर यह दावा क्यों किया?” इसी इंटरव्यू में आसिफ ने पाकिस्तान के विदेश संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान और चीन का रिश्ता समय के साथ जांचा-परखा है। अमेरिका से संबंध अनौपचारिक रहे हैं और उन पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान की अधिकांश हथियार आपूर्ति, एयरफोर्स से लेकर पनडुब्बियों तक चीन से होती है और भविष्य में भी चीन ही सबसे भरोसेमंद रणनीतिक सहयोगी रहेगा।'' आपको बता दें कि हाल ही में आसिफ ने दावा किया था कि इमरान खान का सोशल मीडिया अकाउंट भारत से संचालित हो रहा है। इससे पहले, उन्होंने बाढ़ के दौरान अजीबोगरीब सुझाव दिया था कि लोग घरों में बाढ़ का पानी कंटेनर में भरकर रखें। सोशल मीडिया पर उनके इस तरह के बयान अक्सर मजाक और आलोचना का कारण बनते रहे हैं।  

निखिल गुप्ता पर बढ़ी मुसीबत: US ने लगाया नेपाल व पाकिस्तान में हत्या की योजना रचने का आरोप

न्यूयॉर्क अमेरिकी सरकार ने जेल में बंद भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर नए आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में मनी लॉन्ड्रिंग, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के अलावा नेपाल या पाकिस्तान में किसी व्यक्ति की हत्या की कोशिश का आरोप भी शामिल है। अमेरिकी सरकारी वकीलों ने अदालत में दायर ताजा दस्तावेजों में दावा किया है कि कथित मर्डर-फॉर-हायर (किराए के हत्यारे के जरिए हत्या) की साजिश केवल न्यूयॉर्क तक सीमित नहीं थी, बल्कि नेपाल या पाकिस्तान में भी एक और व्यक्ति की हत्या की योजना बनाई गई थी। यह मामला भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता से जुड़ा है, जिस पर अमेरिका के न्याय विभाग ने पिछले साल आरोप लगाया था कि उसने न्यूयॉर्क में अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश की थी। वकीलों का कहना है कि गुप्ता को यह आदेश भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी के अधिकारी विकाश यादव से मिले थे। गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य से गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, जबकि विकाश यादव अभी भारत में है। अदालत में नए आरोप न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में इस हफ्ते दाखिल दस्तावेजों में अभियोजकों ने कहा है कि निखिल गुप्ता और विकाश यादव ने नेपाल या पाकिस्तान में एक अन्य व्यक्ति की हत्या की योजना बनाई थी। यही नहीं, अदालत में यह भी दावा किया गया है कि दोनों का रिश्ता कनाडा में 2023 में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जुड़ा है। निज्जर खालिस्तानी आतंकी था और भारत में खालिस्तान नामक अलगाववादी देश की मांग का समर्थन करता था। निज्जर और न्यूयॉर्क में निशाना बनाया गया खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू करीबी सहयोगी माने जाते हैं। दोनों ही भारत सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए हैं। भारत का रुख भारत ने पहले कनाडा के आरोपों को खारिज किया था, लेकिन अमेरिका की शिकायत पर आंतरिक जांच शुरू की थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने जांच में पाया कि यह साजिश कुछ भटके हुए एजेंटों द्वारा रची गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने पिछले अक्टूबर में बताया था कि इस मामले में शामिल व्यक्ति को सेवा से हटा दिया गया। हालांकि, ताजा आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोई टिप्पणी नहीं की है। अमेरिका और भारत के रिश्तों में भी हाल के महीनों में खटास आई है। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% का ऊंचा टैरिफ लगाया है, जो क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक है। इसका कारण भारत द्वारा रूस से तेल की लगातार खरीद बताई जा रही है। यह दस्तावेज ऐसे समय आया है जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद बिगड़ गए थे। कनाडाई अधिकारियों ने निज्जर की हत्या के मामले में चार भारतीय नागरिकों पर आरोप तय कर दिए हैं और मुकदमा अदालत में चल रहा है। मुकदमे की अगली तारीख निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में सभी आरोपों से निर्दोष होने की दलील दी है। उनका ट्रायल 3 नवंबर 2025 से न्यूयॉर्क में शुरू होगा। अभियोजकों का कहना है कि उन्होंने गुप्ता और यादव के बीच सैकड़ों व्हाट्सएप चैट्स और ईमेल्स की जांच की है। अदालत में पेश दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि गुप्ता और यादव ने निज्जर को निशाना बनाने, नेपाल या पाकिस्तान में एक और हत्या की योजना बनाने और हथियार उपलब्ध कराने जैसी बातचीत की थी।  

ट्रंप और मेलानिया के बीच तनाव? वायरल वीडियो में उंगली का इशारा बना चर्चा का विषय

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप का राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर (मरीन वन) में हुआ एक तनावपूर्ण क्षण दुनियाभर में सुर्खियों में है। वायरल वीडियो में ट्रंप को मेलानिया की ओर उंगली उठाकर कुछ कहते हुए देखा गया, जिससे उनके रिश्तों को लेकर कयासबाजी तेज हो गई। लेकिन न्यूयॉर्क पोस्ट और द गार्जियन की रिपोर्टों में शामिल फॉरेंसिक लिप-रीडर्स ने इन अटकलों पर काफी हद तक विराम लगा दिया है। उनका कहना है कि यह झगड़ा मेलानिया से नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई एस्केलेटर खराबी को लेकर था। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र भवन में प्रवेश के दौरान ट्रंप दंपत्ति एस्केलेटर से ऊपर जा रहे थे। अचानक एस्केलेटर बीच में ही रुक गया, जिससे मेलानिया झटका खाकर असंतुलित हो गईं। ट्रंप ने बाद में अपने UN भाषण में इसका जिक्र करते हुए कहा, “अगर मेलानिया की तबीयत ठीक नहीं होतीं तो वह गिर जातीं।" वाइट हाउस ने तुरंत जांच की मांग की और आरोप लगाया कि जानबूझकर एस्केलेटर रोका गया हो सकता है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि यदि ऐसा जानबूझकर हुआ है तो जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। वहीं, संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने सफाई दी कि मशीनरी में राष्ट्रपति का सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के ही वीडियोग्राफर ने अनजाने में सुरक्षा सेंसर ट्रिप कर दिया था। लिप रीडर्स ने क्या कहा? रिपोर्ट में लिप रीडर जेरेमी फ्रीमैन के हवाले से कहा ट्रंप ने मेलानिया से कहा, “हाउ कैन यू डू दैट?” यानी उनकी झुंझलाहट एस्केलेटर घटना को लेकर थी। द गार्जिय ने निकोल हिकलिंग के हवाले से कहा ट्रंप ने कहा, “मैं इन्हें माफ नहीं कर सकता, इन्होंने तुम्हें चोट पहुंचाने की कोशिश की।” मेलानिया ने जवाब दिया – “हम ऐसा नहीं कर सकते, हमें सुरक्षित रहना चाहिए, तुम सुरक्षित नहीं हो।” इसके बाद ट्रंप बोले – “ये खत्म हो गए। हमें इन्हें चुनौती देनी होगी।” मरीन वन से उतरते समय वीडियो में तनावपूर्ण पल के बावजूद दोनों हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद साउथ लॉन पर हाथ पकड़कर चलते दिखे। हालांकि एक्सपर्ट ने उनकी बॉडी लैंगवेज को औपचारिक और कठोर बताया है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप दंपत्ति का व्यवहार चर्चा में रहा हो। 2025 के शपथ ग्रहण समारोह में मेलानिया ने ट्रंप का हाथ झटक दिया था। इसके बाद एक और मौके पर उन्होंने ट्रंप को किस करने से रोकने के लिए टोपी का सहारा लिया था।  

BSNL का बड़ा कदम: स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च, 97,000+ साइटों पर सेवा शुरू

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज BSNL का 4G नेटवर्क (5G रेडी) लॉन्च कर दिया है। ये नेटवर्क देशभर में 97 हजार साइटों पर रोलआउट किया गया है। यह नेटवर्क पूरी तरह से स्‍वदेशी तकनीक पर तैयार हुआ है। इसके साथ ही अब भारत उन टॉप-5 देशों में शामिल हो जाएगा, जो अपनी टेलिकॉम टेक्नोलॉजी और इक्पिमेंट्स खुद बनाते हैं। डेनमार्क, स्वीडन, साउथ कोरिया और चीन के बाद भारत पांचवां देश है। इसके साथ ही अब भारत में मौजूद सभी टेलिकॉम ऑपरेटर 4G नेटवर्क से लैस हो गए हैं। बता दें कि Jio, Airtel और Vi (Vodafone Idea) पहले ही देश में अपने 4G और 5G नेटवर्क लॉन्च कर चुके हैं। बता दें कि भारत में बीएसएनएल के 9 करोड़ से ज्यादा एक्टिव वायरलेस (मोबाइल) सब्सक्राइबर्स हैं। टावर लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बीएसएनएल की रजत जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने 97,500 से ज्यादा मोबाइल 4G टावरों का भी उद्घाटन किया, जिनमें बीएसएनएल के 92,600 4G टेक्नोलॉजी साइट भी शामिल हैं। ये टावर लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं। ये टावर सौर ऊर्जा पर काम करते हैं। 5G पर आसानी से शिफ्ट हो जाएगा नेटवर्क बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क क्लाउड-बेस्ड और फ्यूचर रेडी है और इसे आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। इसे 5G में अपग्रेड करने के लिए हार्डवेयर में बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, केवल सॉफ्टवेयर अपडेट से ही यह 5G पर आसानी से शिफ्ट हो जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने डिजिटल भारत निधि के माध्यम से भारत के 100% 4G सैचुरेशन नेटवर्क का भी अनावरण किया, जिसके तहत 29,000 से 30,000 गांवों को मिशन-मोड प्रोजेक्ट के तहत जोड़ा गया है।  

BKI के आतंकवादी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ की अबू धाबी से भारत में सफल वापसी

नई दिल्ली बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कुख्यात आतंकी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ को अबू धाबी (UAE) से सफलतापूर्वक भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के सहयोग से यह कामयाबी हासिल की है. पिंडी विदेश में बैठे कुख्यात आतंकियों हरविंदर सिंह उर्फ ‘रिंदा’ और हैप्पी पासिया का करीबी सहयोगी माना जाता है. वह गुरदासपुर के बटाला इलाके में पेट्रोल बम हमलों, हिंसक वारदातों और जबरन वसूली जैसे कई गंभीर अपराधों में वांछित था. कैसे पकड़ा गया पिंडी? पंजाब पुलिस के मुताबिक, बटाला पुलिस की ओर से अनुरोध किए गए रेड कॉर्नर नोटिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने 24 सितंबर UAE जाकर वहां की सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय कर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपी को भारत लेकर लौट आई. पंजाब पुलिस ने कहा कि यह सफल प्रत्यर्पण राज्य की आतंकवाद और संगठित अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति को दर्शाता है और पुलिस की उन्नत जांच क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर पहुंच को भी साबित करता है. पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों, विदेश मंत्रालय और UAE सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. कौन है पिंडी? परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ का जन्म पंजाब के तरन तारन जिले में हुआ था. वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक सक्रिय सदस्य और ऑपरेटिव है, जो संगठन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह वर्ष 2000 के बाद से विदेशों में रहते हुए भारत में आतंकवादी मॉड्यूल्स को संचालित करने में सक्रिय हो गया. उसकी उम्र लगभग 45-50 साल के बीच मानी जाती है. पिंडी को बब्बर खालसा के वरिष्ठ कमांडरों में से एक माना जाता है, जो हथियारों की तस्करी, टेरर फंडिंग और युवाओं के बीच कट्टरपंथ बढ़ाने में शामिल रहा है. उसका नाम पहली बार 2005 में तब चर्चा में आया, जब पंजाब पुलिस ने बब्बर खालसा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें वह एक प्रमुख साजिशकर्ता था. इसके बाद, उसने भारत छोड़ दिया और विदेश में बसे सिखों के जरिये संगठन को फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना शुरू किया. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पिंडी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियार और विस्फोटक भारत में भेजने का जिम्मा संभाला. 2018 में पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन में उसके नेटवर्क से जुड़े 10 किलो आरडीएक्स जब्त किया. खुफिया जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में है, जो BKI को हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराती है.

लेह में इंटरनेट सेवा बंद, सोनम वांगचुक को जोधपुर की हाई-सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया

लेह   लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर दो दिन पहले हिंसक प्रदर्शन हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हुए. इसके बाद शुक्रवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख पुलिस प्रमुख एस. डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने उन्हें दोपहर करीब ढाई बजे हिरासत में लिया. गिरफ्तारी के बाद वांगचुक को लद्दाख से राजस्थान के जोधपुर की जेल में भेज दिया गया है. यह कदम प्रदर्शन और बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया. वांगचुक पर लगे आरोपों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लद्दाख प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया है. सुरक्षा कारणों से लेह में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. सोनम वांगचुक लंबे समय से ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ जैसे संगठनों की आवाज उठाते रहे हैं. वे लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और लेह व कारगिल के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. पिछले पांच सालों से वे इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. केंद्र ने हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया लेह और कारगिल, 2019 में पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विभाजित कर बनाये गए लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा हैं. केंद्र ने हालिया हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि जलवायु कार्यकर्ता ने सभी आरोपों से इनकार किया है. वांगचुक ने गुरुवार को कहा था, ‘‘यह कहना कि यह (हिंसा) मेरे द्वारा भड़कायी गयी थी, समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय, कोई बलि का बकरा ढूंढने जैसा है, और इससे हमें कोई फायदा नहीं होगा.’’ गृह मंत्रालय ने उठाया सख्त कदम जलवायु कार्यकर्ता की गिरफ्तारी उनके द्वारा स्थापित संगठन ‘स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख’ का विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस गृह मंत्रालय द्वारा रद्द करने के एक दिन बाद हुई. मंत्रालय ने कथित वित्तीय विसंगतियों और ‘‘राष्ट्रीय हित’’ के खिलाफ माने जाने वाले धन अंतरण का हवाला देते हुए वांगचुक के संगठन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया था.

चैतन्यानंद का काला इतिहास: यौन शोषण, बड़े घोटाले और अनगिनत साजिशें सामने आईं

नई दिल्ली दिल्ली के वसंत कुंज में मौजूद श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) का चांसलर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी फरार है. उसके खिलाफ 17 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की छात्राओं ने यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं. दिल्ली पुलिस की कई टीमें अलग-अलग शहरों और राज्यों में छापेमारी कर रही हैं, लेकिन बाबा इतना शातिर है कि अब तक कानून के कटघरे में नहीं आया है. संस्थान में पढ़ने वाली कई लड़कियों ने पुलिस के सामने बाबा का काला सच बयां किया है. एक पूर्व छात्र ने भी 'आज तक' के कैमरे पर बाबा की काली करतूतों का खुलासा किया है, जो हैरान करने वाला है. इस मामले को लेकर 4 अगस्त 2025 को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई, और तब शुरू हुआ पाखंडी बाबा की हरकतों के किस्से बाहर आने का सिलसिला. श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने स्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद बाबा फरार हो गया. कहां छुपा है चैतन्यानंद? शातिर स्वामी का ठिकाना अब बड़ा रहस्य बन गया है. यौन शोषण के आरोप लगने के बाद से वो भगवाधारी फरार है. दिल्ली से भागने में उसकी मदद कौन कर रहा है? ये सवाल भी सिर उठा रहा है. पुलिस को शक है कि संस्थान और बाहर मौजूद उसके कॉकस के लोग इस काम में शामिल हैं. 5 राज्यों में पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं, लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है. लेकिन बाबा का कोई सुराग नहीं मिल रहा. क्या वह भूमिगत हो गया है? देश से बाहर भागा है? या बहुरूपिया बनकर घूम रहा है? दिल्ली की सड़कों पर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली कारों से फर्राटा भरने वाला वो शातिर बाबा लेक्चर, किताबों और वीडियो की आड़ में अपना खेल करता था. लेकिन अब उसका पता नहीं है. फर्जी बाबा चैतन्यानंद मैनेजमेंट, नीति और नैतिकता का लेक्चर दिया करता था, अब वही संगीन आरोपों में घिरा है. अब दिल्ली पुलिस को उसकी तलाश है, जो खुद नामी संस्थान का सर्वेसर्वा था. उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद वह लापता हो गया था. उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि वह मोबाइल, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या UPI का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था फर्जी बाबा माथे पर त्रिपुंड, भगवा वस्त्र, वेदांत की बातें करने वाला वो ढ़ोंगी बाबा लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था. पुलिस को सिर्फ उसकी लग्जरी BMW कार हाथ लगी, जो दिल्ली पुलिस ने बरामद कर ली. दावा है कि इसी BMW से चैतन्या भागा था, लेकिन कहां, यह रहस्य है. इसके अलावा, उसकी वोल्वो कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया. यह कार फर्जी डिप्लोमेटिक नंबर (39 UN 1) वाली थी, जिसके लिए अलग FIR दर्ज हुई. 25 अगस्त 2025 को उसकी कार जब्त की गई. दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. देश के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है. चैतन्यानंद उर्फ पार्थासारथी की तलाश में पुलिस जर्रा-जर्रा छान रही है. पूर्व छात्रों ने बताया कि बाबा के खिलाफ कई बार लड़कियों ने शिकायत की, लेकिन पुलिस से मदद न मिलने पर उनका हौसला टूट गया. साल 2016 में डिफेंस कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज हुई थी. साल 2009 का भी एक पुराना केस था, लेकिन पैसे और रसूख से बाबा हर बार बच निकलता था. पीड़ितों का कहना है कि असफलता से डरकर कई लड़कियां चुप हो जाती थीं. अब उसके खिलाफ 5 FIR दर्ज हैं, जिनमें दो पुरानी और तीन नई है. जिनमें धोखाधड़ी, छेड़छाड़ और फर्जी नंबर प्लेट का केस भी शामिल है. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि बाबा ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था. EWS स्कॉलरशिप वाली छात्राओं को बेहतर करियर और विदेश यात्रा का लालच देकर फंसाया जाता था. जो लड़कियां विरोध करतीं, उन्हें एग्जाम में फेल करने की धमकी दी जाती थी. वॉर्डन लड़कियों को उसके कमरे भेजती थी, WhatsApp पर 'कम टू माय रूम' जैसे मैसेज भेजे जाते. कई बार मैसेज अश्लील होते थे. लिहाजा, चैट्स डिलीट कर दिए जाते थे. CCTV टैम्पर किया जाता. 32 महिलाओं में से 17 ने शोषण की शिकायत की है. पूर्व छात्र ने बताया कि इंस्टीट्यूट में अब भी पढ़ रही लड़कियां ऐसी ही कहानियां सुना रही हैं. यह सिस्टेमैटिक एक्सप्लॉइटेशन था, जो 16 साल से चल रहा था. पुलिस ने 3 वॉर्डन्स से पूछताछ की, जो मैसेज डिलीट करने के आरोपी हैं. लड़कियों का यौन शोषण करने वाले बाबा के बारे में अब कई विस्फोटक बातें सामने आईं हैं. एक पूर्व छात्र ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर जो खुलासा किया, वो हैरान करने वाला है. बाबा अपने रौब और दबदबे से सालों से इंस्टीट्यूट की लड़कियों का शोषण कर रहा था. यकीन नहीं आता, लेकिन पूर्व छात्र ने 'आज तक' से बातचीत में बाबा की मोडस ऑपरेंडी खोलकर रख दी. इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र ने साफ कहा कि सिर्फ पूर्व छात्राएं ही नहीं, बल्कि वर्तमान लड़कियां भी ऐसी शिकायतें कर रही हैं. बाबा के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं, पहले भी कई केस दर्ज हुए हैं. लेकिन शुरू से पुलिस हाथ साफ रखती रही. अब गवाह सामने आ रहे हैं. इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र चैतन्यानंद को लेकर जो खुलासे कर रहा था, हमने उससे पूछा कि क्या किसी लड़की ने खुद शिकायत की? उसका जवाब था कि कई लड़कियों ने कमोबेश एक जैसी कहानियां सुनाईं हैं. शिकायते की हैं. पुलिस ने बाबा के ठिकाने से जो विवादित BMW कार बरामद की, उसमें भी बाबा ने कथित तौर पर ज्यादती की थी. उस कार को खरीदने के बाद बाबा ऋषिकेश पूजा के लिए गया था, लेकिन रास्ते में साथ गई लड़कियों का शोषण भी किया था. श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम का यह दागी चांसलर अब कानून की पहुंच से बाहर है. पुलिस सबूतों के साथ गवाहों को इकट्ठा कर रही. NCW ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तुरंत इस मामले में आरोपी बाबा की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. उधर, दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की अग्रिम … Read more

शहबाज की जीत वाली कहानी पर भारत का UN में करारा जवाब, पाक का सच बयां

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है. भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरा. 'शहबाज ने किया आतंकवाद का महिमामंडन' पेटल गहलोत ने कहा कि सुबह इस सभा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भाषण सुना, जिसमें उन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का अहम हिस्सा है. उन्होंने याद दिलाया कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान ने 'रेसिस्टेंस फ्रंट' जैसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन का बचाव किया था जो जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था. उन्होंने कहा कि यह वही पाकिस्तान है जिसने ओसामा बिन लादेन को सालों तक अपने यहां छिपाए रखा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का दिखावा करता रहा. उनके मंत्रियों ने खुद माना है कि पाकिस्तान दशकों से आतंकी कैंप चलाता आया है. 'टूटे और जले हुए एयरबेस को जीत बता रहा पाकिस्तान'   भारत की राजनयिक ने पाकिस्तान को उसके झूठे दावों पर भी घेरा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जिस 'जीत' की बात कर रहे हैं, वह दरअसल भारतीय हमले में नष्ट हुए उनके एयरबेस, जले हुए हैंगर और टूटे हुए रनवे की तस्वीरें हैं, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. अगर पाकिस्तान इन्हें जीत मानता है, तो उसे मानने दीजिए. 'सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे सभी मुद्दे' गहलोत ने कहा कि सच यही है कि पाकिस्तान भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है और भारत हमेशा अपने लोगों की सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाएगा. भारत ने एक बार फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी मुद्दे हैं, वे केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी.