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मनी प्लांट लगाते समय न करें ये 5 गलतियां, वास्तु के अनुसार घर में कहां रखना माना जाता है शुभ?

Money Plant: मनी प्लांट को घर की सजावट के लिए काफी पसंद किया जाता है. इसकी हरी पत्तियां घर को सुंदर बनाती हैं, कम देखभाल में भी यह पौधा आसानी से बढ़ता है.  वास्तु शास्त्र में भी मनी प्लांट को धन, तरक्की और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, इससे जुड़ी कुछ मान्यताएं हैं, जिनके अनुसार पौधे को सही दिशा और जगह पर रखना जरूरी माना जाता है.  आइए जानते हैं कि मनी प्लांट कहां नहीं लगाना चाहिए, इसकी देखभाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 1. उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से बचें वास्तु मान्यताओं के अनुसार, मनी प्लांट को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से बचना चाहिए.  इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है.  मान्यता है कि इस दिशा में मनी प्लांट रखने से वास्तु संतुलन प्रभावित हो सकता है.  हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. 2. तेज धूप में न रखें मनी प्लांट को ऐसी जगह रखने से बचें, जहां दिनभर सीधी और तेज धूप पड़ती हो.  इससे इसकी पत्तियां पीली या झुलसी हुई दिख सकती हैं.  पौधे को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां पर्याप्त लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी मिले.  सही रोशनी और जरूरत के अनुसार पानी देने से पौधा स्वस्थ रह सकता है. 3. बेल को जमीन पर न फैलने दें वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट की बेल का ऊपर की ओर बढ़ना तरक्की का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसकी बेल को जमीन पर फैलने देने के बजाय किसी स्टैंड, जाली या सहारे की मदद से ऊपर चढ़ाया जा सकता है.  इससे पौधा व्यवस्थित भी दिखता है. उसकी देखभाल करना भी आसान होता है. 4. बेड के बिल्कुल पास न रखें कुछ वास्तु मान्यताओं में मनी प्लांट को सोने की जगह के बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है.  अगर आप इसे बेडरूम में रखना चाहते हैं, तो ऐसी जगह चुनें जहां पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले, वह आने-जाने में परेशानी न पैदा करे.  पौधे को बेड के पास रखने से नुकसान होने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. 5. सूखी पत्तियों और खराब गमले पर दें ध्यान मनी प्लांट की पत्तियां सूखने या पीली पड़ने लगें, तो उनकी वजह जानना जरूरी है.  जरूरत से ज्यादा पानी, कम रोशनी या पानी की निकासी ठीक न होने से भी ऐसा हो सकता है.  सूखी पत्तियों को हटा दें और अगर गमला टूटा हुआ है या उसमें पानी जमा रहता है, तो उसे बदल दें.  गमले में पानी निकलने के लिए छेद होना चाहिए. मनी प्लांट लगाने की सही दिशा क्या है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को अच्छा माना जाता है.  इसे शुक्र ग्रह और सुख-समृद्धि से जोड़ने की मान्यता है.  इसलिए कई लोग इस दिशा में मनी प्लांट लगाना पसंद करते हैं.  ध्यान रखें कि दिशा से धन बढ़ने या आर्थिक स्थिति बदलने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.  पौधे को ऐसी जगह रखना ज्यादा जरूरी है, जहां उसे सही रोशनी, पानी और बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके.

सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश आज, वृषभ समेत 6 राशियों को करियर और धन में मिल सकते हैं लाभ

ग्रहों की चाल में बदलाव को ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.  सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व, मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है.  सूर्य  आज11 अक्टूबर 2026 को सूर्य चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं.  चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल माने जाते हैं.  ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य और मंगल के प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा के मामले में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.  आइए जानते हैं किन 6 राशियों के लिए यह गोचर खास माना जा रहा है. कब होगा सूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर? पंचांग संबंधी गणना के अनुसार, सूर्य 11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.  ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल, प्रशासन, पिता और प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है, जबकि चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता, कौशल और निर्माण का प्रतीक माना जाता है.  इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है. 1. वृषभ राशि: करियर में मिल सकती है सफलता वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  नौकरी करने वालों को अपनी मेहनत दिखाने और नई जिम्मेदारियां संभालने का मौका मिल सकता है.  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को भी अपने प्रयास जारी रखने चाहिए.  आर्थिक मामलों में रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है.  हालांकि, किसी भी बड़े वित्तीय फैसले से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा. 2. मिथुन राशि: रचनात्मक कामों में मिलेगा फायदा मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन रचनात्मकता और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है.  लेखन, कला, डिजाइन, मीडिया और शोध से जुड़े लोगों को अपने काम में नए अवसर मिल सकते हैं.  विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने से लाभ हो सकता है.  परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है.  सफलता के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी रहेगा. 3. सिंह राशि: आत्मविश्वास और संपर्कों में होगा इजाफा सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं.  ऐसे में सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन को इस राशि के जातकों के लिए अहम माना जा रहा है.  कार्यक्षेत्र में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और नए लोगों से संपर्क बनाने का मौका मिल सकता है.  मीडिया, मार्केटिंग, संचार और लेखन से जुड़े लोगों को अपने कौशल के दम पर आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं.  छोटी यात्राएं भी काम के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती हैं. 4. धनु राशि: आय बढ़ाने के मिल सकते हैं मौके धनु राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसरों की तलाश करने का संकेत दे सकता है.  नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को अपने कौशल और अनुभव के अनुसार विकल्प तलाशने चाहिए.  कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना हो सकती है.  पुराने निवेश से लाभ की उम्मीद करने के बजाय अपनी आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करना बेहतर रहेगा.  सामाजिक दायरा बढ़ने से भी भविष्य में काम के अवसर मिल सकते हैं. 5. मकर राशि: करियर में आगे बढ़ने का अवसर मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने वाला माना जा रहा है.  नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल सकता है.  नई जिम्मेदारी या पद में बदलाव की संभावना पर विचार किया जा सकता है.  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को नियमित अभ्यास और मेहनत जारी रखनी चाहिए.  करियर में स्थायी प्रगति के लिए जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा. 6. कुंभ राशि: भाग्य और शिक्षा से जुड़े मामलों पर रहेगा ध्यान कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश शिक्षा, यात्रा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े मामलों को महत्वपूर्ण बना सकता है.  उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए.  काम के सिलसिले में यात्रा या नए लोगों से मुलाकात के अवसर मिल सकते हैं.  परिवार के अनुभवी लोगों की सलाह उपयोगी हो सकती है.  किसी भी बड़े फैसले में तथ्यों और परिस्थितियों को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा. चित्रा नक्षत्र का क्या है महत्व? ज्योतिष शास्त्र में चित्रा 27 नक्षत्रों में से एक है और इसका स्वामी मंगल माना जाता है.  इसे रचनात्मकता, सुंदरता, निर्माण-कौशल और नई चीजें बनाने की क्षमता से जोड़ा जाता है.  वहीं सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है.  इसी आधार पर सूर्य के चित्रा नक्षत्र में प्रवेश को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है.

बुध का नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर को, वृषभ समेत इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, तर्क क्षमता और व्यापार का कारक माना जाता है.  यही वजह है कि बुध की चाल में होने वाला बदलाव लोगों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित करने वाला माना जाता है.  बुध समय-समय पर अपनी राशि के साथ नक्षत्र भी बदलते हैं. पंचांग के अनुसार,  इस बार 12 अक्टूबर को बुध नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. इस परिवर्तन से कुछ राशियों के लोगों को फायदा मिल सकता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने से कुछ राशि के जातकों के लिए अच्छे मौके बन सकते हैं. उन्हें पैसों, नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर उसकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है. आइए जानते हैं कि बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों के लिए शुभ रह सकता है. कब होगा बुध का नक्षत्र परिवर्तन? द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध ग्रह 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को शाम 6 बजकर 48 मिनट पर स्वाति नक्षत्र से निकलकर विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस नक्षत्र में बुध का गोचर 3 नवंबर 2026, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. ज्योतिष में विशाखा को 27 नक्षत्रों में 16वां स्थान प्राप्त है. इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं. वहीं, विशाखा का संबंध तुला और वृश्चिक राशि से है. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश फायदेमंद साबित हो सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.  आपके काम और व्यवहार से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रह सकता है. लेखन, साहित्य और कला से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. लगातार प्रयास करने से कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन कई सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है.  इस दौरान में आपकी संवाद शैली में सुधार हो सकता है. अपनी बात को सही तरीके से रखने की क्षमता के कारण आप कार्यक्षेत्र में लोगों को प्रभावित कर सकते हैं. कामकाज के सिलसिले में यात्रा करने के अवसर प्राप्त होंगे, जो आगे चलकर लाभकारी साबित हो सकते हैं. नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में गोचर लकी साबित हो सकता है, नौकरी करने वालों को अच्छा परिणाम मिल सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. कारोबार को आगे बढ़ाने में सफलता मिलने की संभावना है. आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं. पहले से चल रहे कामों में भी सुधार  होगा. जमीन-जायदाद या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं.  

नवरात्रि का पहला दिन आज, मां शैलपुत्री को चढ़ाएं सफेद मिठाई और घी का भोग; जानें पूजा विधि

Navratri 1st Day Maa Shailputri ; शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ मनाया जाता है. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से माता की उपासना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस दौरान देवी को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. उज्जैन के आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखकर माता की आराधना की जा सकती है.  आज  से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है. वर्ष 2026 में प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इसी दिन घट स्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी. मां शैलपुत्री की पूजा का क्या है महत्व? नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता ने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसलिए उनका नाम शैलपुत्री पड़ा. देवी के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित है. उनका वाहन वृषभ यानी बैल है. मां शैलपुत्री को शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े अशुभ प्रभावों को शांत करने में सहायता मिलती है. सफेद मिठाई और घी का लगाएं भोग आचार्य के अनुसार, मां शैलपुत्री को सफेद रंग प्रिय माना जाता है. ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन उन्हें सफेद बर्फी, दूध से बनी मिठाई, रबड़ी, मावे के लड्डू या गाय के घी से तैयार हलवे का भोग अर्पित कर सकते है. पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें. भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार माता को भोग लगाकर सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना कर सकते हैं. जरूर करें इन मंत्रों का जाप ऊं देवी शैलपुत्र्यै नमः।। या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:।। वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।।

नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का सही तरीका क्या है? घी, बत्ती और दिशा से जुड़े नियम जानें

Shardiya Navratri Akhand Jyoti Niyam: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. यह पर्व मां दुर्गा को समर्पित है, जो पूरे नौ दिनों तक चलता है.  इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ अखंड ज्योति जलाने की भी परंपरा है. कई भक्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाते हैं. मान्यता है कि नौ दिनों तक लगातार जलने वाली ज्योति मां दुर्गा के प्रति आस्था और भक्ति का प्रतीक है. हालांकि, अखंड ज्योति जलाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. अखंड ज्योति जलाने के लिए सही दीपक, बत्ती और घी या तेल का इस्तेमाल करना जरूरी है. साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि दीपक में घी या तेल कम न हो और उसकी लौ लगातार जलती रहे. तो आइए जानते हैं नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का सही तरीका क्या है. साथ ही जानिए इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. अखंड ज्योति जलाने की शुभ दिशा वास्तु के अनुसार, नवरात्रि में अखंड ज्योति रखने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को शुभ माना जाता है. इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से है. पूजा घर में जगह हो, तो यहां दीपक रख सकते हैं. ध्यान रखें कि ज्योति ऐसी जगह हो, जहां उसकी देखभाल आसानी से हो सके और आग लगने का खतरा भी न रहे. नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने की सही विधि नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करने के बाद पूजा घर की सफाई कर लें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा की तैयारी करें.  फिर अखंड ज्योति रखने के लिए साफ-सुथरा जगह चुनें. अब एक लकड़ी की चौकी पर साफ लाल कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर दीपक रखें. दीपक ऐसी जगह रखें, जहां वह स्थिर रहे और आसानी से गिर न सके. अखंड ज्योति के लिए ऐसी बत्ती चुनें, जो लंबे समय तक जल सके.  आप गाय के घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घी उपलब्ध न हो तो तिल या सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.  इस बात का ध्यान रखें कि बत्ती को दीपक में ठीक तरह से लगाएं, ताकि लौ स्थिर बनी रहे. दीपक जलाने से पहले मां दुर्गा का ध्यान करें. नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा करने का संकल्प लें. मन में अपनी श्रद्धा और मनोकामना व्यक्त करते हुए देवी से पूजा पूरी करने की प्रार्थना करें. इसके बाद अखंड ज्योति प्रज्वलित करें. फिर दीपक के पास फूल और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा करें. साथ ही, आरती के साथ उनका स्मरण करें. अखंड ज्योति जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान अगर आपने नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लिया है, तो इसकी देखभाल के लिए पहले से इंतजाम कर लें. घर में कोई न कोई व्यक्ति इसकी निगरानी  जरूर करें. जलते हुए दीपक को अकेला छोड़ने से आग लगने का खतरा हो सकता है. अखंड ज्योति को चौकी पर रखना शुभ माना जाता है. दीपक को हमेशा समतल और सुरक्षित जगह पर रखें. इसके आसपास पर्दे, कागज या कपड़े जैसी चीजें न रखें. साथ ही, दीपक को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें. दीपक में घी या तेल कम होने पर ज्योति बुझ सकती है. इसलिए समय-समय पर घी या तेल की मात्रा चेक करते रहें. इसे डालते समय सावधानी बरतें और दीपक को पूरा न भरें. साथ ही, बत्ती का आकार दीपक के हिसाब से रखें. इसके अलावा अखंड ज्योति से दूसरा दीपक जलाने और बार-बार उसकी बत्ती बदलने से बचना चाहिए. अखंड ज्योति का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में दीपक को रोशनी, आस्था और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाकर भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और नौ दिनों तक उनकी आराधना करते हैं. मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

आज का राशिफल 11 अक्टूबर 2026: रविवार को इन 5 राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार, आर्थिक लाभ के योग

मेष आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से धन प्राप्ति हो सकती है। भवन या जमीन जायदाद के सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। वृषभ आज आपको निवेश से बचना चाहिए, वरना नुकसान हो सकता है। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अपनों का साथ मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात के संकेत हैं। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। यात्रा फलदायी रहेगी। व्यापार में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। मिथुन आज आपका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अगर आप ग्रुप एक्टिविटी में शामिल होंगे तो आप नए दोस्त बनाएंगे। आपके आस-पास के लोग कुछ ऐसा कर सकते हैं जिसके कारण आपका जीवनसाथी एक बार फिर आपके प्यार में पड़ जाएगा। कार्यों को सफलतापूर्वक करने में सफल रहेंगे। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। कर्क आज आपको किसी पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है। जिन लोगों ने किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर अपना पैसा निवेश किया था उन्हें आज लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को शुभ समाचार मिल सकता है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होने से आपका दिन बनेगा। सिंह आज का दिन आपके लिए खुशी व आनंद से भरा रहने वाला है। कार्यस्थल पर आपके पिता की कोई सलाह फायदेमंद साबित हो सकती है। आप काम से समय निकालकर दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं। किसी को प्यार में सफल होने की कल्पना करने में मदद करें। आज आपका खाली समय किसी बेकार के काम की वजह से बर्बाद होगा। आज आप अपने जीवनसाथी के प्यार की गर्माहट महसूस करेंगे। कन्या आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। अगर आप पैसों से जुड़े किसी मामले में फंसे थे तो आज कोर्ट आपके पक्ष में फैसला सुनाएगा। आपको आर्थिक लाभ होगा। प्रेमी-प्रेमिका के बीच अनबन हो सकती है। विवाहित जातकों को जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी में बदलाव के नए अवसरों की प्राप्ति होगी। तुला आज मानसिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए योग व ध्यान का सहारा लें। लंबी दूरी की यात्रा संभव है। किसी इवेंट या फंक्शन में शामिल होने का मौका मिल सकता है। अगर आप आज का काम कल के लिए टाल रहे हैं तो आपको प्रतिकूल परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन ठीक ठाक रहने वाला है। व्यापारियों को पार्टनरशिप के नए मौके मिलेंगे। वृश्चिक सेहत पर आज नजर रखने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति में सुधार निश्चित है। आज का दिन आपके परिवार में खुशियों की सौगात ला सकता है। यह आपके रिश्ते को सुधारने की बजाय बिगाड़ भी सकता है। जीवनसाथी के साथ दिन अच्छा बीतेगा। कार्यस्थल पर आपको सीनियर्स का साथ मिलेगा। धनु आज आपका आत्मविश्वास व एनर्जी बढ़ी हुई रहेगी। एनर्जी बढ़ने से कार्यों में गति आएगी। जिन लोगों ने किसी से पैसा उधार लिया है उन्हें किसी भी परिस्थिति में उधार चुकाना पड़ सकता है। आज रोमांस की कोई उम्मीद नहीं है। आपका जीवनसाथी आज कठिन परिस्थितियों में आपका साथ देगा। व्यापारिक रूप से दिन सामान्य रहने वाला है। मकर आज आपको मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। अपने भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए आपने अतीत में जो भी पैसा निवेश किया था, उसका आज फल मिलेगा। आपके व्यक्तिगत मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण विकास होगा- जो आपके और आपके पूरे परिवार के लिए खुशी लाएगा। आप लंबे समय के बाद दोस्तों के साथ मौज-मस्ती कर सकते हैं, लेकिन अपने स्वास्थ्य को इग्नोर नहीं करें। कुंभ आज आपको घरेलू परेशानियां घेर सकती हैं लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है आप इनका हल निकाल लेंगे। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। दोस्तों व रिश्तेदारों का साथ मिलने से किसी काम में सफलता मिल सकती है। आपका जीवनसाथी दूसरों के प्रतिकूल प्रभाव में आ सकता है और आपसे झगड़ सकता है। व्यापारिक उन्नति के संकेत हैं। मीन आज खर्चों में वृद्धि हो सकती है। परिवार के बड़े-बुजुर्ग धन से जुड़ी कीमती सलाह दे सकते हैं। लव लाइफ के लिहाज से दिन अच्छा रहने वाला है। ज्यादा खाली समय होने से आज नकारात्मक विचार आपको परेशान कर सकते हैं। कार्यस्थल पर आपको उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।

Shardiya Navratri 2026: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और नियम

Shardiya Navratri 2026 शक्ति की उपासना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026, रविवार से आरंभ हो रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय महापर्व में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस दौरान घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना), अखंड ज्योति, दुर्गा सप्तशती का पाठ और कन्या पूजन जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं. नवरात्र के पहले दिन सही समय पर कलश स्थापना करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे माता रानी की विशेष कृपा मिलती है. घटस्थापना की तिथि और पंचांग नियम हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 09:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर 2026 की रात 09:30 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, कलश स्थापना 11 अक्टूबर को ही की जाएगी. इस दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की जाती है. 11 अक्टूबर 2026 को कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त यदि आप 11 अक्टूबर को कलश स्थापित करने जा रहे हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखें: प्रातःकाल मुख्य मुहूर्त: समय: सुबह 06:19 बजे से सुबह 10:12 बजे तक अवधि: इस बार भक्तों को कलश स्थापना के लिए करीब 4 घंटे लंबा प्रात:काल मुहूर्त मिल रहा है, जो पूजा के लिए अति उत्तम है. अभिजित मुहूर्त (दोपहर का शुभ समय): समय: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक महत्व: यदि किन्हीं कारणों से आप सुबह के समय घटस्थापना न कर पाएं, तो इस अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापित किया जा सकता है. शुभ चौघड़िया मुहूर्त (दिन के समय) चौघड़िया के अनुसार पूजा या शुभ कार्य करने के लिए ये समय भी बहुत अच्छे माने गए हैं: चर (सामान्य): सुबह 07:33 बजे से सुबह 09:00 बजे तक लाभ (उत्तम): सुबह 09:00 बजे से सुबह 10:28 बजे तक अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 10:28 बजे से सुबह 11:56 बजे तक शुभ (उत्तम): दोपहर 01:24 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक इस समय भूलकर भी न करें घटस्थापना (राहुकाल) ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य में राहुकाल का त्याग करना चाहिए. 11 अक्टूबर को राहुकाल शाम 4:34 बजे से शाम 6:01 बजे तक रहेगा. इस समयावधि में कलश स्थापना या कोई भी नया कार्य करने से बचना चाहिए. मां दुर्गा का हाथी पर आगमन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा का पृथ्वी लोक पर आगमन अलग-अलग वाहनों से होता है. इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का आरंभ रविवार के दिन होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे बेहद शुभ, लाभकारी और उत्तम वर्षा-समृद्धि का प्रतीक माना गया है. वहीं, इस बार व्रत का समापन और मां की विदाई मुर्गे की सवारी पर हो रही है.

शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, मां दुर्गा के स्वागत की करें तैयारी

इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कल यानि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होने जा रही है. यह पर्व पूरे नौ दिनों तक चलता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान कई भक्त व्रत रखते हैं और कलश स्थापना कर मां दुर्गा से सुखी जीवन की कामना करते हैं. वहीं, नवरात्रि आने से पहले घरों में साफ-सफाई और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  घर में मौजूद कई चीजों की वजह से नकारात्मकता बढ़ सकती है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर से लेकर दूसरे कमरों तक की सफाई कर लेनी चाहिए. अगर आपके घर में भी ये चीजें रखी हैं, तो नवरात्र शुरू होने से पहले इन्हें घर से हटा देना चाहिए. तो आइए जानते हैं, नवरात्रि से पहले घर से कौन-कौन सी चीजें हटा देनी चाहिए. टूटी हुई भगवान की मूर्तियां नवरात्रि से पहले घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई कर लें. वहां रखी मूर्तियों को भी देखें. अगर कोई मूर्ति टूटी हुई है, तो उसे पूजा घर से हटा दें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी हुई मूर्तियों को मंदिर में नहीं रखना चाहिए. इसलिए उन्हें पूरे सम्मान के साथ विसर्जित कर दें. सूखे और मुरझाए पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन समय पर देखभाल न होने की वजह से कुछ पौधे सूख जाते हैं. इसलिए नवरात्रि से पहले ऐसे पौधों को देखें और जो पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं, उन्हें हटा दें. पुरानी और टूटी झाड़ू हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसे सही तरीके से रखना चाहिए. अगर घर की झाड़ू टूट गई है या खराब हो गई है, तो उसकी जगह नई झाड़ू ले आएं. इस बात का भी ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को भी घर में इधर-उधर बिखेरकर न रखें.  बंद घड़ी और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान अगर घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे ठीक करवा लें या घर से हटा दें. इसी तरह खराब बिजली के उपकरणों को भी घर में जमा करके न रखें. वास्तु के अनुसार, बंद घड़ी को तरक्की में रुकावट से जोड़कर देखा जाता है. टूटे बर्तन और खराब कांच का सामान नवरात्रि से पहले रसोई और घर के बाकी हिस्सों की भी अच्छी तरह सफाई कर लें. टूटे बर्तन, चटका हुआ कांच और बेकार सामान घर में जमा न रखें. इससे घर में जगह घिरती है और टूटे कांच से चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए सफाई करते समय ऐसे सामान को सावधानी से हटाएं. नवरात्रि से पहले घर की सफाई क्यों है जरूरी? नवरात्रि में भक्त अपने घरों में घटस्थापना करते हैं. इसलिए पूजा घर और उसके आसपास की जगह को साफ रखें. घर से बेकार सामान हटा दें और पूजा की सामग्री को सही तरीके से रखें. इससे घर साफ रहेगा और त्योहार की तैयारी करना भी आसान होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे घर में पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर को व्यवस्थित करें. साथ ही,  मां दुर्गा की पूजा की तैयारी श्रद्धा के साथ करें.  

सूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर, 24 अक्टूबर तक मेष समेत 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का स्थान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.  सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र गोचर का प्रभाव भी सभी 12 राशियों के जीवन पर सीधा असर डालता है. 11 अक्टूबर को सूर्य देव अपनी स्थिति में बदलाव करते हुए मंगल के स्वामित्व वाले चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं.  इस नक्षत्र परिवर्तन से अगले 14 दिनों तक यानी 24 अक्टूबर तक कुछ चुनिंदा राशियों के जातकों को चौतरफा लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. जब भी सूर्य ग्रह ऊर्जा के कारक मंगल के नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो जातकों के आत्मबल और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होती है.  इस अवधि में व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के साहसी निर्णय लेते हैं, जिससे उन्हें करियर, बिजनेस और प्रॉपर्टी के मामलों में बंपर सफलता हाथ लगती है.  आइए जानते हैं कि सूर्य के इस महत्वपूर्ण नक्षत्र गोचर से किन 5 भाग्यशाली राशियों की किस्मत चमकने वाली है: 1. मेष राशि (Aries) सूर्य का यह नक्षत्र गोचर मेष राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी लेकर आएगा.  कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी और नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.  लंबे समय से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे, जिससे मन प्रसन्न रहेगा.  आर्थिक मोर्चे पर भी राहत मिलने के पूरे आसार हैं. 2. कर्क राशि (Cancer) चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि के लोगों के लिए यह गोचर करियर में तरक्की के नए द्वार खोलेगा.  ऑफिस में आपके काम और मेहनत की खुलकर सराहना होगी.  यदि कोई सरकारी काम अटका हुआ था, तो उसमें सफलता मिलने से बड़ी राहत महसूस होगी.  इस दौरान परिवार का पूरा सहयोग आपके साथ रहेगा. 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दुनिया के सामने साबित करने का सुनहरा मौका मिलेगा.  नौकरीपेशा और व्यवसाय से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के नए और बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे.  इसके साथ ही पैतृक संपत्ति या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई विवाद सुलझ सकता है, जिससे किसी अच्छी खबर की प्राप्ति होगी. 4. धनु राशि (Sagittarius) सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से धनु राशि वालों के जीवन में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होगा.  आलस्य दूर होगा. अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे.  नौकरी कर रहे जातकों को प्रमोशन या करियर में ग्रोथ के बेहतरीन मौके मिल सकते हैं, और आपकी लीडरशिप स्किल्स में भी निखार आएगा. 5. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के जातकों के लिए यह 14 दिन का समय आर्थिक दृष्टि से बेहद लाभदायक रहने वाला है.  नौकरी में आ रही बाधाएं दूर होंगी.  यदि आपने पहले कहीं निवेश किया था, तो उससे अब अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है.  जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में भी आपको अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे.

शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ समय क्या है? जानें 11 अक्टूबर का मुहूर्त और मां शैलपुत्री की पूजा विधि

Sharadiya Navratr2026 : शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है.  इस दिन घरों और मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है.  अगर आप भी नवरात्र में घटस्थापना की तैयारी कर रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और स्थापना की विधि जान लेना जरूरी है.  साल 2026 में शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को कलश स्थापना की जाएगी.  नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के मुताबिक, घटस्थापना का सुबह का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है.  वहीं, वैकल्पिक अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा.   ध्यान रखें कि घटस्थापना का मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है.  इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए समय की पुष्टि कर लें. कब शुरू होगी प्रतिपदा तिथि? हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक रहेगी.  उदया तिथि के आधार पर नवरात्र का पहला दिन 11 अक्टूबर को माना जाएगा.  इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की परंपरा है. कलश स्थापना के लिए किन चीजों की जरूरत होगी? घटस्थापना से पहले पूजा की सामग्री तैयार कर लेना बेहतर रहता है.  इसके लिए मिट्टी का पात्र, जौ, साफ मिट्टी, जल से भरा कलश, नारियल, आम या अशोक के पत्ते, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप और फल जैसी सामग्री रख सकते हैं.  परंपरा के अनुसार सामग्री में क्षेत्र और परिवार की पूजा-पद्धति के आधार पर अंतर हो सकता है. कैसे करें कलश स्थापना? सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें . मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा को साफ स्थान पर स्थापित करें.  इसके बाद पूजा की चौकी तैयार करें. परंपरा के अनुसार मिट्टी के पात्र में मिट्टी और जौ बोएं. अब कलश में जल भरें.  उसमें सुपारी, अक्षत या सिक्का डालें.  कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाकर नारियल स्थापित करें.  इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए विधिवत पूजा के बाद आरती करें. नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.  धार्मिक मान्यताओं में उन्हें शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है.  भक्त इस दिन पूजा-अर्चना और व्रत का संकल्प लेते हैं.  इसके बाद नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है. नवरात्र से पहले इन बातों का रखें ध्यान कलश स्थापना से पहले पूजा स्थल को साफ रखें, जरूरी सामग्री पहले से जुटा लें.  पूजा के दौरान स्वच्छता और अपनी परंपरा के अनुसार नियमों का पालन करें.  अगर अखंड ज्योति जलाने की योजना है, तो उसकी सुरक्षित व्यवस्था भी पहले कर लें.