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Silver Price Hike: अचानक बढ़ी चांदी की कीमत, जानें 10 ग्राम सिक्के का ताजा रेट

नई दिल्ली चांदी के भाव में आज उछाल दर्ज की जा रही है। शुक्रवार के बंद भाव के मुकाबले चांदी 13930 रुपये प्रति किलो की छलांग लगाकर 267200 रुपये पर पहुंच गई है। यह रेट bullions.co.in ने जारी किया है। इस रेट के मुताबिक दिल्ली में आज का चांदी का भाव 266250 रुपये प्रति किलो है और दिल्ली में 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव 2397 रुपये पर पहुंच गया है। मुंबई में चांदी के रेट 266710 और चेन्नई में 267620 रुपये प्रति किलो हैं। बिहार की राजधानी पटना में आज 1 किलो चांदी का भाव 266700 रुपये किलो है। वहीं, राजस्थान की राजधानी जयपुर में 266810 रुपये प्रति किलो ग्राम। यूपी की राजधानी लखनऊ में आज चांदी का भाव 266920 रुपये है। IBJA Rates के मुताबिक क्या हैं भाव आईबीजेए के मुताबिक आज चांदी 15236 रुपये की छलांग लगाकर 265550 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली। जीएसटी समेत 2.73 लाख के पार चली गई है। अगर 29 जनवरी के इसके सर्राफा मार्केट के ऑल टाइम हाई 385933 रुपये किलो से तुलना करें तो अभी चांदी शिखर से 120383 रुपये प्रति किलो सस्ती है। सवाल: 1kg चांदी की कीमत क्या है? जवाब: 1KG चांदी की कीमत IBJA के मुताबिक 265550 रुपये प्रति किलो है। सवाल: आज दिल्ली में चांदी का क्या रेट है? जवाब: आज दिल्ली में चांदी bullions.co.in के मुताबिक 266290 रुपये प्रति किलो है। सवाल: 3 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव क्या था? जवाब: 3 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव 145610 रुपये प्रति किलो था। सवाल: 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव क्या है? जवाब: bullions.co.in के मुताबिक दिल्ली में 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव 2397 रुपये है। सवाल: 1 किलो सोना कितने का है? जवाब: 1 किलो सोना bullions.co.in के मुताबिक दिल्ली में 1,59,63,000 रुपये है। क्यों आई सोने-चांदी में तेजी अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोमवार को चांदी के भाव में तेजी आई। ऐसा अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील्स को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बने रहने की वजह से हुआ। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार पर रोक लगा दी, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश वाली चीजों (गोल्ड-सिल्वर) की तरफ रुख किया। सोने की कीमतें भी तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। एमसीएक्स पर क्या है भाव एमसीएक्स पर चांदी का भाव 6.3% (15,931 रुपये) उछलकर 2,68,875 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं, एमसीएक्स पर सोना 1.4% (3,724 रुपये) बढ़कर 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर का हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 3.1% उछलकर 87.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो दो हफ्ते से ज्यादा का उच्चतम स्तर है। वहीं, स्पॉट गोल्ड 1.2% बढ़कर 5,163.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो तीन हफ्ते से ऊपर का स्तर है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी) में 2% की तेजी रही और यह 5,184.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। SC के झटके के बाद ट्रंप का नया टैरिफ बता दें शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि वह ट्रेड प्रोटेक्शन बनाए रखने के लिए दुनिया भर पर 15% टैरिफ लगाएंगे। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने इमरजेंसी पॉवर का इस्तेमाल कर रेसिप्रोकल ड्यूटी लगाने के उनके फैसले को खारिज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद डॉलर के नरम पड़ने से विदेशी खरीदारों के लिए कीमती धातुएं सस्ती हो गईं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिला। कोर्ट के फैसले ने अमेरिका के प्रमुख साझेदारों के साथ की गई ट्रेड डील्स पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यूरोपीय संसद के ट्रेड प्रमुख ने कहा कि वह अमेरिका के साथ हुए एक समझौते की पुष्टि में देरी का प्रस्ताव रखेंगे। भारतीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे अमेरिका की अपनी निर्धारित यात्रा टाल देंगे, वहीं जापान की सत्तारूढ़ पार्टी के एक सदस्य ने इस स्थिति को 'बहुत बड़ी गड़बड़ी' बताया। कीमतें बढ़ाने भी इनका भी हाथ भू-राजनीतिक मोर्चे पर ईरान ने अमेरिका पर संभावित हमले को टालने की कोशिश करते हुए संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत में प्रतिबंधों में राहत और यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को मान्यता देने के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर रियायतें देने को तैयार है। बाजार में उतार-चढ़ाव को और बढ़ाते हुए, चीन के बाजार चीनी नव वर्ष की छुट्टियों के लिए बंद रहे, जिससे कारोबार की मात्रा कम रही। मंगलवार को वहां कारोबार फिर से शुरू होगा। क्या आपको खरीदना चाहिए सोना-चांदी? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च, हरीश वी ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संघर्षों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं क्योंकि ये धातुएं बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और जब मुद्राएं और वित्तीय बाजार अनिश्चितता का सामना कर रहे होते हैं तो ये भरोसेमंद हेज (बचाव) का काम करती हैं। हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें तेज बढ़त पर अस्थायी रूप से रोक लगा सकती हैं, लेकिन लगातार या बढ़ता तनाव संभवतः जोखिम से बचने वाले निवेश (रिस्क-एवर्स फ्लो) को बढ़ाए रखेगा, जिससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है।"  

Gold-Silver Update: सोना ₹3000 उछला, चांदी एक झटके में ₹15558 तक महंगी

नई दिल्ली : एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर कांट्रैक्ट आज 1.94 पर्सेंट ऊपर 159921 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। जबकि, सिल्वर मार्च फ्यूचर 5.79 पर्सेंट की उड़ान के साथ 267600 रुपये प्रति किलो के रेट से खुला। सोना करीब 3000 रुपये महंगा हुआ सोना 156993 है और चांदी के भाव में 15558 रुपये की उछाल थी। 20 फरवरी को एमसीएक्स पर सोना करीब 153000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। जबकि, चांदी 252042 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।  Gold-Silver Rate Update 23 Feb: सोने और चांदी के भाव में आज सोमवार, 23 फरवरी को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोने की कीमतों में 1.61% और चांदी की कीमतों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आई है, जिसमें अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। निवेशक अब इसके बाद अमेरिका की ओर से संभावित नए कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर पर "पारस्परिक" टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। इस फैसले के साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए कई महत्वपूर्ण टैरिफ अब समाप्त हो गए हैं। इस फैसले के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि रद्द किए गए टैरिफ को बदलने के लिए वैकल्पिक तंत्र लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा शुल्कों के अलावा, कानून की धारा 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मामलों से जुड़े मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे। वहीं, जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले से वहां पहले से मौजूद आंतरिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है और यह अमेरिका के लिए एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। क्या सोना-चांडी के भाव में और तेजी आ सकती है? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें कीमतों में तेज उछाल को फिलहाल रोक सकती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हरीश ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, क्योंकि ये धातुएं मूल्य संरक्षण करती हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और मुद्राओं व वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के समय एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करती हैं।" नई ऊंचाई छूने की संभावना एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने सोने की कीमतों के तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली का हिस्सा है और व्यापक रुझान तेजी वाला ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 4,500-4,700 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है और अगर कीमतें 5,100-5,200 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई ऊंचाई छूने की संभावना बन सकती है। वहीं, चांदी के भाव पर पोनमुडी ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, बड़े समय के फ्रेम में तेजी वाली संरचना बरकरार है। 65-70 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी का समर्थन स्तर है। अगर यह आधार बना रहता है और कीमतें 85-92 डॉलर के स्तर को पार करके वापसी करती हैं, तो तेजी का रुख फिर से मजबूत हो सकता है। मिड टू लॉन्ग टर्म नजरिए से चांदी के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।

Bitcoin Crash: बिटकॉइन की कीमत में 40% की गिरावट, खरीदार गायब, बिटकॉइन की हालत बदतर

वाशिंगटन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का बुरा हाल और इसमें लगातार तेज गिरावट देखने को मिल रही है. अपने हाई लेवल से इसका दाम करीब 40 फीसदी से ज्यादा टूट (Bitcoin Price Crash) चुका है और पैसे लगाने वालों के अरबों डॉलर स्वाहा हो चुके हैं. सबसे बड़ी और चिंता भरी बात तो ये है कि इस तगड़ी गिरावट के बाद भी इस Crypto Currency के खरीदार गायब हैं. इनकी वापसी ही नहीं हो पा रही है. इसके पीछे कई कारण नजर आ रहे हैं.  क्रैश हुआ भाव, खरीदार गायब ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में Bitcoin को लेकर निवेशकों की बेरुखी को आंकड़ों के साथ दर्शाया गया है. इसमें बताया गया है कि बिटकॉइन की कीमत में अपने हालिया उच्चतम स्तर से 40% से अधिक गिरावट आ चुकी है और इससे हुए नुकसान के चलते अब निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है. लेकिन कीमत में गिरावट इतनी बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी चिंता की बात है, गिरावट आने पर खरीदारों की वापसी न होना. शनिवार को आई इस रिपोर्ट में कहा गया कि गिरावट के समय खरीदारी करने वाले गायब हैं और वे वजह जो सामान्यतः बाजार में उछाल को बढ़ावा देती हैं, अब बिटकॉइन के विपरीत काम कर रही हैं. बीते 3 महीने में ताबड़तोड़ निकासी रिपोर्ट में ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों को देखें, तो बीते तीन महीने में ही अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) से 16 अरब डॉलर से अधिक (करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) की निकासी हुई, तो वहीं दूसरी ओर स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ (Spot Bitcoin ETF) से लगभग 3.3 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) की निकासी हुई.  BTC पर क्या कह रहे एक्सपर्ट?  बिटकॉइन में लगातार जारी गिरावट को लेकर एक्सपर्ट इसके पीछे के कारण बताते हुए नजर आ रहे हैं. एकेडियन एसेट मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर ओवेन लैमोंट ने कहा कि Bitcoin की असली कहानी Price Surge यानी कीमतों में उछाल रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है और कीमतें तेजी से टूट रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शेयर या कमोडिटीज़ से अलग बिटकॉइन का मूल्य काफी हद तक भरोसे पर आधारित रहा है, खासतौर पर उन कहानियों पर जो नए खरीदारों को क्रिप्टो मार्केट में एंट्री लेने के लिए प्रेरित करती हैं. एक्सपर्ट ने कहा कि अब इन कहानियों की परीक्षा हो रही है और हालिया तेजी का फायदा उठाने वाले खुदरा निवेशक घाटे में हैं. 'बिटकॉइन नहीं है सोना…' सेवन्स रिपोर्ट के प्रेसिडेंट टॉम एस्से ने भी बिटकॉइन को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंन कहा कि,'लोग समझ रहे हैं कि Bitcoin वही है जो वह हमेशा से रहा है यानी एक सट्टा निवेश. बिटकॉइन सोने की जगह नहीं ले रहा है और यह डिजिटल गोल्ड नहीं है. यह न तो सोने जैसा काम करता है और न ही उसके जैसी उपयोगिता है. दूसरे शब्दों में कहें, तो यह महंगाई से बचाव का साधन नहीं है.' एस्से के मुताबिक, सच में इससे बेहतर महंगाई से बचाव के दूसरे कई साधन मौजूद हैं, जहां आपको अस्थिरता की चिंता करने की जरूरत ही नहीं है.

iPhone 16 की कीमत में मिल रहा है iPhone 17, फ्लिपकार्ट पर बंपर डिस्काउंट ऑफर

 नई दिल्ली  Apple iPhone की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एक बेहद ही खास डील मिल रही है. iPhone 16 से भी सस्ते दाम में अब iPhone 17 मिल रहा है.आइए इस डील के बारे में जानते हैं.  iPhone 17 एक लेटेस्ट हैंडसेट है, जिसको कुछ महीने पहली ही लॉन्च किय गया है, जबकि iPhone 16 करीब डेढ़ साल पुराना हैंडसेट है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि iPhone 17 का शुरुआती वेरिएंट 256GB स्टोरेज के साथ आता है.  iPhone 17 पर मिल रही ये खास डील  दोबारा फ्लिपकार्ट डील पर लौटते हैं, 82,900 रुपये में लॉन्च होने वाला iPhone 17 (256GB) अब फ्लिपकार्ट पर सिर्फ 79,999 रुपये में लिस्ट है. सभी ऑफर्स मिलाकर इसे 74,900 रुपये में खरीदा जा सकेगा. वहीं ऑफिशियल पोर्टल iPhone 16 (128GB) की कीमत 69,900 रुपये है, जबकि iPhone 16 (256GB) के लिए 10 हजार रुपये एक्स्ट्रा खर्च करने पड़ेंगे. हालांकि कंपनी ने iPhone 16 (256GB) को डिसकंटीन्यू कर दिया है. iPhone 17 के स्पेसिफिकेशन्स  iPhone 17 में 6.3 इंच का LTPO Super Retina XDR OLED डिस्प्ले दिया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट्स दिया है. इसमें सेरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्सन और एंटी रिफ्लेक्टिंग कोटिंग का यूज किया है. iPhone 17 का चिपसेट iPhone 17 में Apple A19 (3 nm) चिपसेट का यूज किया गया है. यह हैंडसेट iOS 26.3 के साथ आता है. इसमें Apple GPU (5-core graphics) का यूज किया है. इसमें स्टोरेज के 2 ऑप्शन मिलते हैं, जो 256GB और 512GB स्टोरेज मिलती है.  iPhone 17 का कैमरा  iPhone 17 में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें दोनों ही सेंसर 48 MP-48 MP सेंसर दिए हैं. इसके साथ Dual-LED फ्लैश लाइट का यूज किया है. इसमें 18MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. यह हैंडसेट ब्लैक, व्हाइट मिस्ट ब्लू और लेवेंडर जैसे कलर हैं. इसमें वायर और वायरलेस चार्जिंग दोनों का सपोर्ट मिलता है. वायरलेस चार्जिंग के लिए MagSafe का सपोर्ट मिलता है. 

टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट भारत में आई, 355 किमी की रेंज का दावा

मुंबई  भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट को मजबूत करते हुए Tata Motors ने अपनी सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई टाटा पंच ईवी की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 9.69 लाख रुपये रखी गई है। यह मॉडल कंपनी की एंट्री-लेवल ईवी रेंज का पहला बड़ा अपडेट माना जा रहा है, जिसमें हल्के डिजाइन बदलाव, नया बैटरी विकल्प और बेहतर रियल-वर्ल्ड रेंज पर खास ध्यान दिया गया है। वेरिएंट और कीमत की रणनीति नई टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट को स्मार्ट, एडवेंचर और एम्पावर्ड—इन तीन वेरिएंट्स में पेश किया गया है। अलग-अलग वेरिएंट और बैटरी पैक के हिसाब से इसकी कीमत 9.69 लाख रुपये से लेकर 12.59 लाख रुपये एक्स-शोरूम तक जाती है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को इस तरह पोजिशन किया है कि यह पारंपरिक पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत के ज्यादा करीब नजर आए, जिससे पहली बार ईवी खरीदने वालों के लिए फैसला आसान हो सके। बैटरी सब्सक्रिप्शन से कम होगी शुरुआती कीमत टाटा ने पंच ईवी फेसलिफ्ट के साथ बैटरी-एज़-ए-सर्विस यानी BaaS विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इस स्कीम के तहत ग्राहक कार को 6.49 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीद सकते हैं, जबकि बैटरी के लिए प्रति किलोमीटर लगभग 2.6 रुपये का चार्ज देना होगा। इस मॉडल का मकसद शुरुआती खर्च को कम करना है, ताकि इलेक्ट्रिक कार ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सके। खास बात यह है कि फेसलिफ्ट का बेस वेरिएंट पहले के मुकाबले करीब 30 हजार रुपये सस्ता भी हो गया है। एक्सटीरियर में हल्के लेकिन साफ बदलाव डिजाइन के मामले में पंच ईवी फेसलिफ्ट को ज्यादा आक्रामक बदलाव नहीं दिए गए हैं, लेकिन इसके फ्रंट में नया बंपर और ज्यादा सादा लुक देखने को मिलता है। हेडलैंप्स को जोड़ने वाली पुरानी ब्लैक स्ट्रिप को हटाया गया है, जिससे फ्रंट फेस ज्यादा क्लीन लगता है। साइड प्रोफाइल में नए 16-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो बड़े टाटा ईवी मॉडलों से प्रेरित हैं। पीछे की तरफ कनेक्टेड एलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं, जो इसे नए पेट्रोल पंच के डिजाइन से जोड़ते हैं। इंटीरियर और फीचर्स में टेक्नोलॉजी पर जोर केबिन के अंदर लेआउट पहले जैसा ही रखा गया है, लेकिन ट्रिम फिनिश में बदलाव किए गए हैं। टॉप वेरिएंट्स में 10.25 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और उतना ही बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एंबिएंट लाइटिंग, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स वेरिएंट के अनुसार मिलते हैं। नई बैटरी और बेहतर रेंज फेसलिफ्ट पंच ईवी की सबसे बड़ी खासियत नया 40kWh बैटरी पैक है। यह बैटरी एआरएआई सर्टिफाइड साइकिल में 468 किमी की रेंज और करीब 355 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज का दावा करती है। इसके अलावा 30kWh बैटरी का विकल्प भी जारी रखा गया है, जिसकी रेटेड रेंज 365 किमी है। फास्ट चार्जिंग की सुविधा के तहत 65kW डीसी चार्जर से बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत तक सिर्फ 26 मिनट में चार्ज किया जा सकता है। सेफ्टी और पोजिशनिंग सुरक्षा के लिहाज से टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट में सभी वेरिएंट्स में छह एयरबैग्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं। भारतीय बाजार में यह कार सिट्रोएन ईसी3 को टक्कर देती है और टाटा की ईवी लाइन-अप में टियागो ईवी और नेक्सॉन ईवी के बीच अपनी जगह बनाती है।

टैरिफ पर ट्रंप को तगड़ा झटका, जबकि शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में बमबम रैली

मुंबई  अमेरिका (America) में मची किसी भी हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर देखने को मिलता रहा है. बीते सप्ताह भी यूएस में तमाम बड़े घटनाक्रम देखने को मिले, जिनमें सबसे अहम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की हार अहम है, US Supreme Court ने राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया, तो ट्रंप ने इस फैसले के तुरंत बाद दुनिया के सभी देशों पर नया 10% का टैरिफ लगा गया और 24 घंटे में ही इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया. इसके असर की बात करें, तो जिस टैरिफ से दुनिया के बाजारों में हड़कंप मचा नजर आया था, उसके हटते ही तेजी देखने को मिली है और Sensex-Nifty भी खुलने के साथ ही रॉकेट बने नजर आए हैं.   Sensex-Nifty ने खुलते ही मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 82,814.71 की तुलना में उछलकर 82,906.83 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 83,486 पर जा पहुंचा. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले शुक्रवार के बंद 25,571.25 की तुलना में चढ़कर 25,678 पर ट्रेड शुरू किया और फिर रॉकेट की तरह भागते हुए 25,771.45 के लेवल पर जा पहुंचा. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे Share Market में शुरुआती तेजी के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Adani Ports Share (2.80%), Axis Bank Share (2.10%), Kotak Bank Share (1.60%) और HDFC Bank Share (1.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी को देखें, तो Bharat Forge Share (2%), Policy Bazar Share (1.95%), Paytm Share (1.95%) और BHEL Share (1.50%) की तेजी लिए हुए दिखा. इसके अलावा स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल Cohance Share (4.80%) और IIFL Share (4.20%) में देखने को मिला.  टैरिफ का डर खत्म, तो झूमे बाजार बता दें कि Donald Trump के रेसिप्रोकल टैरिफ का डर खत्म होने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला, एशियाई बाजारों में जापान को छोड़कर लगभग सभी मार्केट ग्रीन जोन में नजर आए थे. विदेशों से मिले इन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में भी बमबम नजर आया. शुरुआती कारोबार में करीब 1,676 शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए, जबकि 830 शेयरों ने गिरावट के साथ शुरुआत की, वहीं 257 शेयर बिना किसी चेंज के खुले यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही. 

कच्चे तेल के आयात में बड़ा बदलाव: भारत ने रूस की जगह इस देश पर बढ़ाया भरोसा, इराक तीसरे स्थान पर

 नई दिल्ली भारत की क्रूड ऑयल की आयात रणनीति अब एक नए बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है। आयातित खेप के आंकड़े और एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सऊदी अरब के नेतृत्व में पश्चिम एशिया के आपूर्तिकर्ता अपनी बाजार हिस्सेदारी फिर से हासिल कर रहे हैं। वहीं, रूसी तेल की आवक अब भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन जियो पॉलिटिक्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते इसमें कमी आ रही है। भारत अब रूस से कितना तेल खरीद रहा है? रूस से होने वाली आपूर्ति में कमी आने के कारण एक से 18 फरवरी के दौरान भारत का कुल कच्चा तेल आयात गिरकर औसतन 48.5 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रह गया। यह जनवरी के 5.25 लाख बीपीडी के मुकाबले आठ प्रतिशत कम है। पिछले महीने प्रमुख रूसी निर्यातकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों और यूरोपीय संघ के 18वें प्रतिबंध पैकेज के प्रभावी होने के बाद वहां से आने वाले तेल के प्रवाह में यह गिरावट देखी गई है। जहाजों की आवाजाही के निगरानी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत को होने वाली रूसी आपूर्ति दिसंबर, 2025 के 12.8 लाख बीपीडी से घटकर जनवरी में 12.2 लाख बीपीडी रह गई और फरवरी की शुरुआत में यह लगभग 10 प्रतिशत और घटकर 10.9 लाख बीपीडी पर आ गई। मार्च में और होगी कटौती वैश्विक जिंस आंकड़े एक्सपर्ट्स कंपनी 'केपलर' के चीफ रिसर्च हेड सुमित रितोलिया ने कहा, “फरवरी में भारत का रूसी कच्चा तेल आयात लगभग 10-12 लाख बीपीडी रहने का अनुमान है, जिसके मार्च में घटकर करीब 8-10 लाख बीपीडी तक आने की संभावना है।” वर्ष 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद भारी छूट पर मिलने के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद बड़े पैमाने पर शुरू की थी, लेकिन अब यह आवक बढ़ने के बजाय स्थिर होती दिख रही है। उन्होंने कहा, “हालांकि, हम इसे एक अल्पकालिक स्थिरता के रूप में देख रहे हैं, न कि 2025 के मध्य में देखे गए उच्चतम स्तर पर वापसी के रूप में। हमारा अनुमान है कि व्यावसायिक और नीतिगत बाधाओं के कारण, 2024-2025 की तुलना में 2026 में भारत के कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम होकर एक निचले स्तर पर स्थिर हो जाएगी।” वर्तमान आकलन के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच एक व्यावहारिक समझ बनी है जो भारत को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए रूसी आयात की अनुमति देती है, लेकिन इसे और अधिक बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती। सऊदी अरब से जमकर हो रही खरीदारी जैसे-जैसे रूसी तेल की मात्रा कम हो रही है, पश्चिम एशिया खाड़ी देश इस कमी को पूरा कर रहे हैं। रितोलिया ने बताया कि सऊदी अरब से होने वाली आपूर्ति फरवरी में 10 लाख से 11 लाख बीपीडी तक पहुंचने की उम्मीद है, जो नवंबर, 2019 के बाद का उच्चतम स्तर है। महीने की शुरुआत से अब तक सऊदी अरब से आने वाले तेल का प्रवाह लगभग 14 लाख बीपीडी दर्ज किया गया है। हालांकि, मार्च की शुरुआत में इसमें कुछ नरमी आने की संभावना है। वर्तमान रुझानों के आधार पर, सऊदी अरब फरवरी में भारत के शीर्ष आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है, जिसके बाद रूस और इराक का नंबर आता है।

फार्मा सेक्टर में LIC की बढ़ती दिलचस्पी, दिग्गज कंपनी के शेयर पर एक्सपर्ट्स की नजर

नई दिल्ली लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी LIC ने फार्मा सेक्टर की सिप्ला लिमिटेड में हिस्सेदारी बढ़ाई है। जानकारी के मुताबिक LIC ने तीन महीने की अवधि में सिप्ला लिमिटेड में 2% से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इससे फार्मा कंपनी में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 9.09% हो गई है। हिस्सेदारी में बढ़ोतरी के साथ LIC अब सिप्ला में एक बड़ी शेयरधारक बन गई है। बता दें कि पिछले साल नवंबर तक चार महीनों में LIC ने दवा निर्माता कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 5.025% से बढ़ाकर 7.055% कर दी थी। शेयर का हाल शुक्रवार को BSE पर सिप्ला के शेयर बढ़त के साथ 1341.45 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। जनवरी 2026 में शेयर 1,283 रुपये के निचले स्तर पर थ। इस लिहाज से शेयर ने एक महीने से भी कम समय में रिकवरी दिखाई है। दिसंबर 2025 में शेयर 1,672.20 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई लेवल है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? बता दें कि दिसंबर तिमाही के उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने सिप्ला की रेटिंग घटा दी थी। ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए अमेरिका में बिक्री में नरमी और प्रमुख उत्पादों की आपूर्ति में व्यवधान को कारण बताया। जेफरीज ने ग्रेवलिमिड और लैनरियोटाइड के राजस्व में क्रमिक गिरावट और वित्त वर्ष 2026 के एबिटा मार्जिन अनुमान में 175-300 आधार अंकों की कमी का हवाला देते हुए सिप्ला को "अंडरपरफॉर्म" श्रेणी में रखा और इसका लक्ष्य ₹1,170 निर्धारित किया। साथ ही, इसने वित्त वर्ष 2026-वित्त वर्ष 2028 के ईपीएस अनुमानों को भी 19-21% तक कम कर दिया। वहीं, एचएसबीसी ने प्रबंधन द्वारा वित्त वर्ष 2026 के एबिटा मार्जिन अनुमान को 22.75-24% से घटाकर 21% करने के बाद सिप्ला की रेटिंग घटाकर "होल्ड" कर दी और इसका लक्ष्य ₹1285 तय कर दिया। एक अन्य ब्रोकरेज मैक्वेरी ने शेयर की ₹1,490 के लक्ष्य के साथ "आउटपरफॉर्म" रेटिंग बरकरार रखी है। सिप्ला के तिमाही नतीजे बीते दिनों सिप्ला ने दिसंबर में समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए थे। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मुनाफा 57 प्रतिशत घटकर 676 करोड़ रुपये रहा। अमेरिकी बाजार में बिक्री में गिरावट के कारण कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ा है। मुंबई स्थित इस दवा कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 1,571 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। तिमाही के दौरान परिचालन आय 7,074 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 7,073 करोड़ रुपये थी। कंपनी की उत्तरी अमेरिका में बिक्री इस तिमाही के दौरान 22 प्रतिशत घटकर 1,485 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,906 करोड़ रुपये थी।  

सोने-चांदी के दाम औंधे मुंह गिरे, आज के रेट और मार्केट ट्रेंड देखें

भोपाल  बुलियन मार्केट में आज सोने ने निवेशकों और खरीदारों को झटका दिया है। शनिवार 21 फरवरी, 2026 को सोने की कीमतों में गिरावट आई है, जबकि चांदी की चमक बरकरार रही। भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 21 फरवरी 2026, शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बदलाव देखा गया है. ध्यान रहे कि यहां दिए गए रेट पिछले दिन के बाजार बंद होने के भाव और आज सुबह के शुरुआती रुझानों के आधार पर हैं. जहां कल सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी, वहीं आज मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू हुआ है. वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक को प्रभावित किया है. आज भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 15,738 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई है. कल के मुकाबले इसमें प्रति 10 ग्राम पर 10 रुपये की मामूली बढ़त देखी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों को लेकर निवेशक थोड़े सतर्क हैं, जिसकी वजह से बाजार में एक दायरे में कारोबार हो रहा है. 22 कैरेट सोने का भाव आज 1,44,260 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है. आज सोने के भाव वजन (Gram) 24 कैरेट सोना  22 कैरेट सोना  18 कैरेट सोना 1 ग्राम ₹15,738 ₹14,426 ₹11,804 8 ग्राम ₹1,25,904 ₹1,15,408 ₹94,432 10 ग्राम ₹1,57,380 ₹1,44,260 ₹1,18,040 100 ग्राम ₹15,73,800 ₹14,42,600 ₹11,80,400 प्रमुख शहरों में आज सोने के दाम  शहर (City) 24 कैरेट सोना (1g) 22 कैरेट सोना (1g) 18 कैरेट सोना (1g) मुंबई ₹15,738 ₹14,426 ₹11,804 दिल्ली ₹15,753 ₹14,441 ₹11,819 चेन्नई ₹15,730 ₹14,419 ₹12,349 बेंगलुरु ₹15,738 ₹14,426 ₹11,804 हैदराबाद ₹15,738 ₹14,426 ₹11,804 कोलकाता ₹15,738 ₹14,426 ₹11,804 केरल ₹15,738 ₹14,426 ₹11,804 Aaj Ka Sona Chandi Bhav: चांदी की चमक बढ़ी या घटी? चांदी के खरीदारों के लिए आज मिला-जुला दिन है. आज चांदी की कीमतों में 100 रुपये प्रति किलो की हल्की गिरावट देखी गई है. भारत में आज 1 किलो चांदी का भाव 2,69,900 रुपये है. फरवरी की शुरुआत में चांदी जहां 3.50 लाख के स्तर पर थी, वहां से अब तक इसमें लगभग 22% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो औद्योगिक मांग में कमी की ओर इशारा करती है. आज चांदी के भाव वजन (Weight) आज का भाव (21 Feb) कल का भाव (20 Feb) बदलाव (Change) 1 ग्राम ₹269.90 ₹270 – ₹0.10 10 ग्राम ₹2,699 ₹2,700 – ₹1 100 ग्राम ₹26,990 ₹27,000 – ₹10 1 किलोग्राम ₹2,69,900 ₹2,70,000 – ₹100 प्रमुख शहरों में आज चांदी के दाम शहर (City) 10 ग्राम चांदी 100 ग्राम चांदी 1 किलोग्राम चांदी मुंबई ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900 दिल्ली ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900 चेन्नई ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900 बेंगलुरु ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900 हैदराबाद ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900 कोलकाता ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900 केरल ₹2,699 ₹26,990 ₹2,69,900   सोना सस्ता हुआ है, लेकिन चांदी ने आज भी निवेशकों का मन जीत लिया। अगर आप सोना या चांदी खरीदने का सोच रहे हैं, तो आज ही मार्केट में नजर डालें।  

DA Hike Update: 8वें वेतन आयोग से पहले 10% बढ़ोतरी, लाखों कर्मचारियों को राहत

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। इस इंतजार के बीच कुछ राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर फैसले ले रही हैं। इसी कड़ी में केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार के DA की दर 25% से बढ़ाकर 35% कर दी गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मार्च महीने के वेतन में दिखाई देगा। इसी के साथ राज्य सरकार ने पेंशनरों के लिए भी फैसला लिया गया है। पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बढ़ा हुआ DR अप्रैल से मिलने वाली पेंशन में शामिल किया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि इस संशोधन से बनने वाले बकाया के भुगतान की प्रक्रिया अलग आदेश के माध्यम से बाद में तय की जाएगी। किसे मिलेगा फायदा केरल सरकार के इस फैसले का फायदा राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मिलेगा। यह सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर भी लागू होगा। इसके अलावा फुल-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। संशोधित DA का लाभ पार्ट-टाइम शिक्षकों, पार्ट-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों और दोबारा नियुक्त किए गए पेंशनरों को भी मिलेगा। इनके लिए भत्ते की गणना उनकी पात्र वेतन राशि के आधार पर की जाएगी। वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार है। बता दें कि वेतन आयोग का गठन पिछले साल नवंबर महीने में किया गया था। इससे पहले, जनवरी के महीने में वेतन आयोग गठन का ऐलान हुआ। वेतन आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीने में लागू होने की उम्मीद है। हाल ही में सरकार ने आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं। जवाब जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च, 2026 है। इससे पता चलता है कि प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है लेकिन अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी समय लगेगा। फिटमैंट फैक्टर की बड़ी भूमिका ऐसा माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में फिटमैंट फॉर्मूले की बड़ी भूमिका होगी। कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से लेकर 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। बता दें कि सातवें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।