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स्टाइल और पावर का परफेक्ट कॉम्बिनेशन! Jawa 42 Ivory लॉन्च, Royal Enfield की बढ़ी टेंशन

 नई दिल्ली Jawa 42 Ivory Price & Features: देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी जावा येज्डी मोटरसाइकिल ने भारतीय बाजार में अपनी मशहूर बाइक Jawa 42 के कलर लाइन-अप को अपडेट किया है. रेट्रो लुक और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के लिए मशहूर बाइक Jawa 42 अब एक नए रंग के साथ पेश की गई है. कंपनी ने इस बाइक को अब आइवरी शेड में लॉन्च किया है, जो बाइक को एक अलग और प्रीमियम लुक देता है. यह नया रंग उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया गया है, जो क्लासिक स्टाइल के साथ एक्सक्लूसिव फील चाहते हैं. जावा 42 के नए आइवरी कलर वेरिएंट की कीमत कीमत 1.85 लाख (एक्स-शोरूम) रुपये रखी गई है. यह अब इस मॉडल का सबसे महंगा कलर वेरिएंट बन गया है. इससे पहले ड्यूल-चैनल एबीएस और अलॉय व्हील वाला वेरिएंट 1.83 लाख रुपये तक जाता था. नई कीमत के साथ यह वेरिएंट सीधे तौर पर प्रीमियम ग्राहकों को टारगेट करता है. डिजाइन में क्या है खास पेस्टल आइवरी शेड बाइक के फ्रंट फेंडर, हेडलैंप कवर, फ्यूल टैंक, साइड पैनल और रियर फेंडर पर दिया गया है. टैंक पर बड़े और बोल्ड अक्षरों में ‘Forty Two’ लिखा गया है, जबकि साइड पैनल पर ‘42’ का नंबर दिया गया है. यह डिटेल्स इसे बाकी कलर वेरिएंट्स से अलग बनाती हैं. इंजन और अन्य पार्ट्स को ब्लैक पेंट से फिनिश किया गया है, जिससे बाइक को फैक्ट्री कस्टम जैसा लुक मिलता है. मैकेनिकल तौर पर नई आइवरी जावा 42 में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें 294.7 सीसी का लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है. जो 27 बीएचपी की पावर और 26.84 न्यूटर मीटर (Nm) का टॉर्क जेनरेट करता है. इंजन के साथ छह-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है, जिसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच की सुविधा भी मिलती है. बाइक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनी है और इसमें आगे टेलिस्कोपिक फोर्क तथा पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं. हाई-स्पेक वेरिएंट में अलॉय व्हील मिलते हैं, जबकि ग्राहक वायर-स्पोक रिम्स का विकल्प भी चुन सकते हैं. वारंटी और सर्विस सपोर्ट Jawa Yezdi की ओनरशिप एश्योरेंस प्रोग्राम के तहत जावा 42 के साथ 4 साल या 50,000 किलोमीटर की स्टैंडर्ड वारंटी दी जाती है. इसके अलावा ग्राहक कुछ और पैसे खर्च कर एक्सटेंडेड वारंटी भी ले सकते हैं. जिसके बाद कुल वारंटी 6 साल तक की हो जाएगी. इसके अलावा बाइक पर 8 साल तक की रोडसाइड असिस्टेंस और 5 साल तक का एएमसी पैकेज भी उपलब्ध है, जो पूरे देश में लागू होता है.  

भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में YouTube ठप, लाखों यूज़र्स प्रभावित

 नई दिल्ली YouTube की सर्विस अचानक से कई देशों में ठप हो गई है. डाउनडिटेक्टर ने भी इसकी जानकारी दी है और लाखों लोगों ने इसकी रिपोर्ट भी की है. जब लोगों ने Youtube पर विजिट किया तो वह उसकी सर्विस को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी शेयर की है. अमेरिका में 3 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउन डिटेक्टर पर इसकी रिपोर्ट की है.  यूट्यूब होमपेज डाउनलोड नहीं हो रहा है और उनको ये मैसेज दिखा रहा है, जिसका स्क्रीनशॉट हमने नीचे शेयर किया है. भारत, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में Youtube प्रभावित हुआ है.  Youtube ने किया पोस्ट  Youtube की सर्विस ठप होने के बाद कंपनी ने इसको लेकर X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया है. कंपनी ने बताया है अगरआपको अभी भी यूट्यूब की सर्विस एक्सेस करने में परेशानी हो रही है तो आप अकेले नहीं है. कंपनी जल्द ही इस प्रॉब्लम को सॉल्व करेगी, उनकी टीम इसपर काम कर रही है.   दुनियाभर के पोर्टल की सर्विस और आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर ने भी Youtube Down होने की जानकारी दी है. यह प्रॉब्लम पोर्टल और ऐप दोनों पर सामने आई है. इसकी वजह से वीडियो स्ट्रीमिंग को लेकर बड़ी समस्या हो रही है. गूगल का Youtube दुनियाभर में पॉपलर है. इसका इस्तेमाल एंटरटेनमेंट से लेकर भजन आदि सुनने में भी किया जाता है. बहुत से स्टूडेंट Youtube की मदद से पढ़ाई भी करते हैं. ऐसे में सर्विस ठप होने की वजह से उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.  सोशल मीडिया पर छाया ट्रेंड Youtube की सर्विस ठप होने के बाद X प्लेटफॉर्म पर बहुत से यूजर्स ने पोस्ट किया. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #YouTubeDOWN ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट्स शेयर किया. किसी ने कहा कि आज सुबह Youtube भी देर से सुबह है तो किसी ने इस जल्द ठीक करने का रिक्वेस्ट की. 

India AI Impact Summit 2026 में पेश हुआ Sarvam, ऑफलाइन AI की बड़ी झलक

 नई दिल्ली  India AI Impact Summit के दौरान Sarvam AI का नाम तेजी से सामने आया है. वजह है कंपनी का नया प्लेटफॉर्म Sarvam Edge. इसे ऑन-डिवाइस AI के तौर पर पेश किया गया है. आसान शब्दों में कहें तो यह AI आपके मोबाइल और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी चल सकता है. मतलब हर सवाल या कमांड के लिए डेटा क्लाउड पर भेजने की जरूरत नहीं होगी. प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही होगी. यह आइडिया नया नहीं है, लेकिन भारत जैसे देश में यह काफी प्रैक्टिकल हो सकता है. यहां हर जगह तेज और स्टेबल इंटरनेट नहीं मिलता. ऐसे में ऑफलाइन या लो-इंटरनेट पर चलने वाला AI ज्यादा काम का साबित हो सकता है. Sarvam Edge क्या करता है और किसके लिए बना है Sarvam Edge का फोकस रोजमर्रा के बेसिक AI कामों पर है. जैसे वॉइस को टेक्स्ट में बदलना. टेक्स्ट को दूसरी भाषा में ट्रांसलेट करना. और कुछ लिमिटेड AI असिस्टेंट टास्क. कंपनी भारतीय भाषाओं पर ज्यादा काम कर रही है. इसलिए इसका इस्तेमाल उन यूजर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जो हिंदी या दूसरी लोकल लैंग्वेज में काम करते हैं. ऑन-डिवाइस होने का एक फायदा प्राइवेसी से जुड़ा है. यूजर का डेटा बाहर सर्वर पर नहीं जाता. सब कुछ फोन या लैपटॉप में ही प्रोसेस होता है. हालांकि इसका दूसरा पहलू भी है. अगर डिवाइस पुराना है या कमजोर हार्डवेयर है तो परफॉर्मेंस और बैटरी पर असर पड़ सकता है. ChatGPT से तुलना, दोनों का अप्रोच अलग है ChatGPT क्लाउड पर चलने वाला बड़ा AI मॉडल है. यह इंटरनेट के जरिए काम करता है. इसकी ताकत यह है कि यह काफी जटिल सवालों को हैंडल कर सकता है. लॉन्ग कन्वर्सेशन कर सकता है. और कई टॉपिक्स पर डीप जवाब देता है. Sarvam Edge का अप्रोच अलग है. यह छोटे और हल्के मॉडल पर काम करता है. इसका मकसद हर तरह का जनरल AI बनना नहीं है. बल्कि कुछ खास टास्क को लोकल लेवल पर आसान बनाना है. जहां इंटरनेट नहीं है या स्लो है, वहां यह ज्यादा काम का हो सकता है. सीधी भाषा में कहें तो ChatGPT ज्यादा पावरफुल है, लेकिन Sarvam Edge ज्यादा प्रैक्टिकल कंडीशन को टारगेट करता है. दोनों का यूज-केस अलग है. Google Gemini से तुलना, स्केल और टारगेट में फर्क Google Gemini भी क्लाउड बेस्ड AI सिस्टम है. यह बड़े डेटा सेंटर पर चलता है. Gemini का फोकस मल्टीमॉडल AI पर है. यानी टेक्स्ट, इमेज और दूसरी चीजों को एक साथ समझना. यह हाई-एंड यूजर्स और कंपनियों के लिए ज्यादा डिजाइन किया गया है. Sarvam Edge यहां भी अलग रास्ता लेता है. इसका स्केल छोटा है. लेकिन टारगेट ज्यादा ग्राउंड लेवल यूजर हैं. खासकर वे लोग जो लोकल लैंग्वेज में काम करते हैं. और जिनके पास हर समय तेज इंटरनेट नहीं होता. इसलिए Gemini और Sarvam Edge को सीधा कंपटीटर कहना सही नहीं होगा. दोनों अलग जरूरतों को पूरा करते हैं. भारत के AI इकोसिस्टम में Sarvam की जगह भारत सरकार IndiaAI Mission के जरिए लोकल AI को बढ़ावा देने की बात कर रही है. Sarvam AI जैसे स्टार्टअप इसी इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इनका फोकस भारत के यूज-केस पर है. खासकर भाषा और एक्सेस से जुड़े मुद्दों पर. फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sarvam Edge भारत का ChatGPT बन गया है. अभी यह एक शुरुआती स्टेज का प्रोडक्ट है. असली तस्वीर तब साफ होगी जब ज्यादा लोग इसे अपने फोन और लैपटॉप पर इस्तेमाल करेंगे. और देखा जाएगा कि रियल लाइफ में यह कितना स्टेबल और काम का है. Sarvam AI का दावा, Gemini और ChatGPT से बेहतर कहां और क्यों Sarvam AI की टीम यह कह रही है कि उनके कुछ मॉडल भारत से जुड़े टास्क में Gemini और ChatGPT से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं. यह दावा जनरल AI पर नहीं है. कंपनी खास टास्क की बात कर रही है. जैसे इंडियन लैंग्वेज टेक्स्ट पढ़ना. पुराने डॉक्युमेंट समझना. और OCR जैसे काम. Sarvam का कहना है कि इन केस में उनके मॉडल ज्यादा सही आउटपुट दे रहे हैं. खासकर तब जब इनपुट में हिंदी, दूसरी लोकल भाषाएं या हिंग्लिश हो. यह दावा कहां तक सही है और इसकी लिमिट क्या है यह समझना जरूरी है कि यह तुलना हर तरह के AI काम पर लागू नहीं होती. Sarvam के दावे कुछ लिमिटेड बेंचमार्क और उनके अपने टेस्ट पर बेस्ड हैं. यह नहीं कहा जा सकता कि Sarvam हर मामले में Gemini या ChatGPT से बेहतर है. जनरल सवाल-जवाब, लॉन्ग चैट या बड़े नॉलेज टास्क में ग्लोबल मॉडल अब भी ज्यादा आगे हैं. Sarvam का स्ट्रॉन्ग पॉइंट लोकल यूज-केस है. खासकर इंडियन लैंग्वेज और लोकल कंटेंट से जुड़े काम.

आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल के तनिष्क सिंघल बने भोपाल टॉपर

भोपाल  एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड  (AESL) के भोपाल के छात्रों ने एक बार फिर जेईई मेन (सेशन 1) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपने क्षेत्र में संस्थान के मजबूत शैक्षणिक कार्यक्रम को साबित किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 फरवरी को जारी परिणामों के अनुसार, जेईई मेन 2026 में आकाश इंस्टीट्यूट, भोपाल के 11 छात्रों ने 98 परसेंटाइल से अधिक प्राप्त कर बेहतरीन प्रदर्शन दिया। जेईई मेन  2026 में, आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल शाखा के छात्रों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तनीष्क सिंगल ने 99.925 परसेंटाइल प्राप्त कर भोपाल सिटी रैंक 1 हासिल किया। यह पिछले 3 वर्षों में दूसरी बार है जब भोपाल सिटी टॉपर Aakash Institute की भोपाल शाखा का छात्र बना है। उनके बाद अर्श गिरी ने 99.56 परसेंटाइल और कृष्णा वर्मा ने 99.55 परसेंटाइल के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंशिका धाकड़ और अनुज सिंह दोनों ने 99.48 परसेंटाइल हासिल किए, निहारिका मीणा ने 99.17, सालेहा अंसारी ने 98.79, आराध्य रैकवार ने 98.75, वेदांत पचौरी ने 98.50, मोहम्मद अज़लान सिद्दीकी ने 98.31 तथा वैभव रंजन ने 98.12 परसेंटाइल प्राप्त किए। यह प्रदर्शन भोपाल शहर में सर्वश्रेष्ठ चयन प्रतिशत में से एक माना जा रहा है। छात्रों की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. एच.आर. राव, चीफ़ ऑफ़ एकेडेमिक्स एवं बिज़नेस हेड, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने कहा: “भोपाल के छात्रों का उत्कृष्ट परिणाम उनके समर्पण और आकाश के मजबूत शैक्षणिक तंत्र का प्रमाण है। हमें उनकी मेहनत पर गर्व है और हम उन्हें दिल से बधाई देते हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।” कई छात्रों ने बताया कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, योग्य शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट के अवसरों ने उन्हें अपनी कमजोरियों को जल्दी पहचानने और लगातार सुधार करने में सहायता की। जेईई मेन, जो वर्ष में दो बार आयोजित होता है, छात्रों को अपने पिछले स्कोर में सुधार का अवसर देता है और इसके आधार पर छात्र एनआईटी, आईआईआईटी एवं अन्य सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। यह परीक्षा जेईई एडवांस्ड  के लिए भी क्वालिफाई करने का माध्यम है, जो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी ) में प्रवेश हेतु आयोजित की जाती है।

OLA विवाद: बाइक रिपेयरिंग के दौरान लापता, CEO भुविश अग्रवाल के खिलाफ वारंट

 नई दिल्ली देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी Ola Electric की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. अब तक अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लग रही आग से जूझ रहे कंपनी के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ एक और मामला सामने आया है. गोवा की उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने ओला इलेक्ट्रिक से जुड़े एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी (Arrest Warrant) जारी किया है. यह मामला प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी गई इलेक्ट्रिक बाइक मरम्मत के लिए ओला को दी गई थी, लेकिन अब उसका कोई अता पता नहीं है. हैरानी की बात यह है कि बाइक की पूरी कीमत पहले ही ओला को चुका दी गई थी, इसके बावजूद यूजर को न तो बाइक मिली और न ही कोई संतोषजनक जवाब. क्या है पूरा मामला इस मामले में शिकायतकर्ता प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी ने बताया कि उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से इलेक्ट्रिक बाइक खरीदी थी. कुछ समय बाद बाइक में तकनीकी दिक्कत सामने आने लगी. जिसके बाद उन्होंने बाइक की रिपेयरिंग के लिए उसे ओला को सौंप दिया गया. लंबा समय बीत जाने के बाद भी बाइक न तो ठीक होकर लौटी और न ही कंपनी यह बता पाई कि बाइक फिलहाल कहां है. गोवा की कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने 4 फरवरी 2026 को जारी अपने आदेश में कहा कि ओला ने उपभोक्ता से पूरी कीमत वसूलने के बाद बेहद लापरवाह रवैया अपनाया है. आयोग ने माना कि कंपनी का उपभोक्ता के प्रति व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना और उदासीन है. इसी वजह से आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक के CEO और फाउंडर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया, ताकि वह बाइक के बारे में स्पष्ट जानकारी दे सकें और यह भी बताएं कि इतनी देर से बाइक की मरम्मत और डिलीवरी क्यों नहीं की गई. पेश न होने पर अरेस्ट वारंट आयोग के आदेश के बावजूद जब भाविश अग्रवाल पेश नहीं हुए, तो आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए बेंगलुरु पुलिस को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. आदेश के अनुसार, 1,47,499 रुपये की राशि का जमानती वारंट एक समान जमानत के साथ जारी किया गया है. यह वारंट कोरमंगला, बेंगलुरु स्थित पते पर संबंधित पुलिस थाने के जरिए तामील कराने को कहा गया है. आयोग ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 23 फरवरी 2026 को सुबह 10.30 बजे तय किया है. इस दिन CEO और फाउंडर भाविष अग्रवाल को खुद हाजिर होना होगा. जिसके बाद आयोग उनका स्पष्टीकरण और मौखिक अंतिम दलीलें सुनेगा. यह मामला अब न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों बल्कि बड़ी कंपनियों की जवाबदेही को लेकर भी अहम माना जा रहा है.

मारुति की EV एंट्री! e Vitara हुई लॉन्च, जानें कितनी है कीमत

मुंबई  भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के लिए आज बड़ा दिन है. कंपनी ने आज अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara की कीमत का औपचारिक ऐलान कर दिया है. यह पल कंपनी के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ मारुति सुजुकी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में आधिकारिक तौर पर एंट्री कर ली है. कीमत है इतनी Maruti e-Vitara को पहली बार भारत मोबिलिटी ऑटो एक्सपो 2025 में दिखाया गया था और तब से इसकी कीमत को लेकर बाजार में काफी इंतजार था, जो आज खत्म हो गया है. नई मारुति ई विटारा को बैटरी एज सर्विस (BaaS) रेंटल सब्सक्रिप्शन प्लान के तहत पेश किया गया है. इसके लिए बिना बैटरी के कार की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. बैटरी के लिए ग्राहकों को अलग से 3.99 रुपये प्रतिकिमी किराया देना होगा.  कैसी है Maruti e Vitara मारुति सुजुकी ने अपनी पहली ईवी को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. कंपनी ने e-Vitara को बेहद ही क्लीन और मॉडर्न डिज़ाइन दिया है. इसकी लंबाई 4,275 मिमी, चौड़ाई 1,800 मिमी और ऊंचाई 1,640 मिमी है, जबकि व्हीलबेस 2,700 मिमी का है. यह साइज इसे कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में न केवल बेहतर प्रजेंस देता बल्कि अंदर बैठने वालों को अच्छा खासा स्पेस देता है. प्रीमियम केबिन और नई टेक्नोलॉजी केबिन के मामले में e-Vitara अब तक की सबसे प्रीमियम मारुति कार मानी जा रही है. इसमें 10.25-इंच का फुली डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो फ्लोटिंग सेंटर कंसोल पर लगाया गया है. सॉफ्ट-टच मटीरियल, ड्यूल-टोन इंटीरियर और मल्टी-कलर एंबिएंट लाइटिंग के कारण अंदर का माहौल काफी शानदार लगता है. इस SUV में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और 40:20:40 स्प्लिट रियर सीट दी गई है, जिसे स्लाइड, रिक्लाइन और फोल्ड किया जा सकता है. फिक्स्ड ग्लास सनरूफ और हार्मन ट्यून साउंड सिस्टम इसकी प्रीमियम पहचान को और मजबूत करते हैं. बैटरी पैक और ड्राइविंग रेंज Maruti e-Vitara में हल्का 3-इन-1 इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम दिया गया है, जिसमें मोटर, इन्वर्टर और ट्रांसमिशन एक ही यूनिट में शामिल हैं. इससे वजन कम होता है और परफॉर्मेंस के साथ-साथ रेंज भी बेहतर मिलती है. Maruti e-Vitara दो बैटरी ऑप्शन में आ रही है. इसमें 49kWh और 61kWh बैटरी पैक का विकल्प मिलेगा. दोनों ही वेरिएंट फ्रंट व्हील ड्राइव सेटअप के साथ आएंगे. बड़ा बैटरी पैक सिंगल चार्ज में 543 किलोमीटर (ARAI प्रमाणित रेंज) तक की ड्राइविंग रेंज देगा.  e-Vitara को तीन ट्रिम में पेश किया गया है. बेस वेरिएंट Delta में 49kWh बैटरी मिलेगी. वहीं Zeta और Alpha ट्रिम में 61kWh की बड़ी बैटरी दी जाएगी. ग्लोबल मार्केट में इसका ऑल-व्हील-ड्राइव वर्जन भी उपलब्ध है, जिसमें पीछे एक एकस्ट्रा मोटर लगाई गई है. भारत में AWD वर्जन आएगा या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है.  सेफ्टी के मामले में भी e-Vitara को खास तौर पर तैयार किया गया है. इसके बॉडी स्ट्रक्चर में 50 प्रतिशत से ज्यादा हाई-टेंसाइल स्टील का इस्तेमाल किया गया है और बैटरी की सेफ्टी के लिए अलग से प्रोटेक्शन सिस्टम दिया गया है. इसमें 7 एयरबैग, ऑल-डिस्क ब्रेक, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और e-Call इमरजेंसी फीचर स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसके अलावा लेवल-2 ADAS फीचर्स जैसे अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन-कीप असिस्ट और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग भी दी गई है. कुल मिलाकर e-Vitara को कंपनी की अब तक की सबसे सुरक्षित और तकनीक से भरपूर कारों में गिना जा रहा है.

देश में मुद्रा सर्कुलेशन 40 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा, यूपीआई बढ़ने के बावजूद नकदी का चलन बना तेज

मुंबई   देश में करेंसी सर्कुलेशन जनवरी 2026 के अंत तक बढ़कर रिकॉर्ड 40 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया है। इसमें सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 5.3 प्रतिशत थी। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।  एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया कि जनता के पास करेंसी (सीडब्ल्यूपी) की हिस्सेदारी कुल करेंसी सर्कुलेशन में 97.6 प्रतिशत (करीब 39 लाख करोड़ रुपए ) हो गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में यूपीआई के कारण डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है और इससे कैश-टू-जीडीपी रेश्यो में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक,"देश में एक महीने में होने वाले यूपीआई लेनदेन की वैल्यू करीब 28 लाख करोड़ रुपए है, जो कि देश के कुल करेंसी स्टॉक का करीब 70 प्रतिशत है, जो कि दिखाता है कि देश में बड़ी संख्या में लोग डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।" वहीं, देश का कैश-टू-जीडीपी रेश्यो वित्त वर्ष 26 में कम होकर 11 प्रतिशत हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 21 में 14.4 प्रतिशत पर था। रिपोर्ट में कहा गया है, "करेंसी और जीडीपी में परिवर्तन की दिशा भले ही एक जैसी हो, लेकिन जीडीपी की वृद्धि को अब नकदी के बजाय यूपीआई के माध्यम से अधिक हो रही है।" सीआरआर में कटौती के कारण चालू वित्त वर्ष में 'आरबीआई के पास बैंकर्स डिपॉजिट' में 1.86 लाख करोड़ रुपए की कमी आई, जिसके परिणामस्वरूप रिजर्व मनी की वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई। एसबीआई रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के बीच बैंकों में जमा और ऋण लगभग तीन गुना बढ़ गए, जो बैंकिंग प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और ऋण मध्यस्थता में सुधार का संकेत है। वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के दौरान जमा राशि 85.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 241.5 लाख करोड़ रुपए हो गई और ऋण 67.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 191.2 लाख करोड़ रुपए हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की परिसंपत्ति वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 तक जीडीपी के 77 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई, जो वित्तीय सुदृढ़ीकरण में सुधार को दर्शाती है।

सिल्वर मार्केट में भूचाल: ₹1.80 लाख की भारी गिरावट, सोने का भी हाल बेहाल

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों क्रैश (Gold-Silver Price Crash) जारी है और हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती हो रही हैं. सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को चांदी का भाव फिसला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर खुलने के साथ ही Silver Price 4600 रुपये से ज्यादा कम हो गया. वहीं दूसरी कीमती धातु सोना भी फिसल गया. अपने हाई लेवल से अब चांदी 1.80 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती (Silver Crash From High) मिल रही है, जबकि सोना 38,000 रुपये से अधिक सस्ता (Gold Cheaper) हो गया है.  क्या फूट गया है चांदी का बुलबुला?  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट के बारे में, तो महज कुछ ही दिनों में चांदी का बुलबुला फूटा (Silver Bubble Burst) हुआ नजर आ रहा है. इसके इस हिसाब से भी समझ सकते हैं कि बीते 29 जनवरी को सिल्वर प्राइस पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकला था और 4,20,048 रुपये के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था. इस हाई लेवल से अब तक चांदी 1,80,157 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है.   मंगलवार को खुलते ही धड़ाम Silver सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी चांदी का भाव एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. सोमवार को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी 2,39,891 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ थी और इसके मुकाबले ये ओपन होते ही गिरकर 2,35,206 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 1 Kg Silver Price 4,685 रुपये तक कम हो गया है.  Gold का भी सिल्वर जैसा हाल  चांदी की कीमत के बाद बात करें, सोने के भाव के बारे में, तो ये कीमती धातु भी लगातार गिरावट देख रही है. हालांकि, बीच-बीच में इसकी कीमत में उछाल भी देखने को मिला है. बहरहाल, मंगलवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव अपने पिछले बंद 1,54,760 रुपये से गिरकर 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. यानी MCX Gold Rate 1,210 रुपये कम हो गया.  अपने हाई से कितना सस्ता सोना?  Gold Rate ने भी बीते 29 जनवरी को ही चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,93,096 रुपये के हाई पर पहुंच गया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद क्रैश का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसका असर अब तक देखने को मिल रहा है. सोना अपने हाई से अब तक 38,336 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है. 

रूस की रणनीति से सोने की कीमतें धड़ाम, 1 लाख रुपये से नीचे जाने की आशंका

इंदौर   भारत में सोने की कीमतों ने वर्ष 2025 में शानदार रिटर्न दिया था. 2026 की शुरुआत में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम के शिखर तक पहुंच गया. हालांकि, हाल के सत्रों में इसमें तेज करेक्शन भी देखने को मिला है. पिछले सप्ताह के अंत में MCX पर सोना लगभग ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 13 प्रतिशत नीचे है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान दिखा. COMEX पर सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 10 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया. अब बाजार में यह चर्चा तेज है कि अगर भू राजनीतिक समीकरण बदलते हैं तो सोना 3,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है. दरअसल, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने की तेजी को अब नई चुनौतियां मिल रही हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस अमेरिका के साथ डॉलर आधारित व्यापार समझौते की संभावनाएं तलाश रहा है. यदि ऐसा होता है तो यह BRICS देशों की ‘डीडॉलराइजेशन' रणनीति के लिए बड़ा झटका हो सकता है. रूस-अमेरिका गठजोड़  अब तक BRICS देशों द्वारा व्यापार में डॉलर पर निर्भरता कम करने और सोने का भंडार बढ़ाने की कोशिशें की जा रही थीं. इसी कारण वैश्विक स्तर पर सोने की मांग मजबूत बनी हुई थी. लेकिन रूस के संभावित रुख में बदलाव से यह धारणा कमजोर पड़ सकती है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर दिख सकता है. अमेरिकी आर्थिक संकेतक भी बने कारण दरअसल, सोने की कीमतें केवल भू राजनीतिक घटनाओं पर ही निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. हाल में अमेरिका में महंगाई के आंकड़े मजबूत आए हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हुई हैं. ऐसे में अगर फेड दरों में कटौती टालता है, तो डॉलर मजबूत रह सकता है. मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है और मांग घटती है. निवेशकों के लिए क्या है संकेत? मौजूदा परिस्थितियों में कीमती धातुओं के बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में लंबी अवधि के निवेशक घबराएं नहीं, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए. यदि रूस-अमेरिका व्यापार में डॉलर की वापसी की खबरें पुख्ता होती हैं और फेड दरों में कटौती नहीं करता, तो सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे भी आ सकता है. हालांकि अंतिम दिशा वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी. सोना परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है. लेकिन जब वैश्विक जोखिम कम होते हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो इसमें मुनाफावसूली बढ़ जाती है. फिलहाल, बाजार इसी दोराहे पर खड़ा है. आने वाले हफ्तों में रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, अमेरिकी आर्थिक डेटा और वैश्विक बाजार का रुख तय करेगा कि सोना फिर से चमकेगा या कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी.

आज चांदी 8,000 रुपये तक गिरी, ₹1.84 लाख तक सस्ता हुआ, सोने की कीमतों में भी गिरावट

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम नजर आईं. बीते सप्ताह मामूली उछाल के बाद कारोबार की शुरुआत में ही 1 Kg Silver Price 8,000 रुपये से ज्यादा फिसल गया और अपने हाई से अब तक चांदी के भाव में गिरावट को देखें, तो ये 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. वहीं Gold Rate भी चांदी की तरह ही गिर गया है. एक झटके में सोना 1700 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया.  अब कितना रह गया 1Kg चांदी का भाव?  सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी पिछले बंद के मुकाबले अचानक 8,857 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. बता दें कि बीते शुक्रवार को MCX Silver Price 2,44,360 रुपये पर क्लोज हुआ था और इसकी तुलना में ये गिरकर 2,35,503 रुपये के लेवल पर आ गया.  अपने हाई से कितनी सस्ती मिल रही Silver? बात अगर चांदी के हाई लेवल से करें, तो अब चांदी काफी सस्ती हो चुकी है. बता दें कि बीते 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत रॉकेट सी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े के पार निकली थी और कारोबार के अंत में 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Silver Price Crash होने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-दो दिनों को छोड़कर ये तेजी से फिसली है. चांदी फिलहाल अपने हाई लेवल से 1,84,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है. ये तगड़ी गिरावट चांदी के हाई छूने के बाद महज 17 दिन में देखने को मिली है.  Gold Rate भी अचानक फिसला  चांदी के साथ-साथ गोल्ड रेट भी सोमवार को खुलने के साथ ही बुरी तरह फिसला है. MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बीते शुक्रवार को 1,55,895 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और इसकी तुलना में ये खुलते ही गिरते हुए 1,54,191 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold 1,704 रुपये सस्ता हो गया है.  सोना अपने हाई लेवल से इतना सस्ता  अब सोने के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो चांदी की तरह ही Gold Rate भी बीते 29 जनवरी को ही अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. सोने का वायदा भाव तेज रफ्तार के भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और यहां से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार की ओपनिंग गिरावट को देखें, तो अब तक Gold Price 38,905 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुआ है.