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केंद्र सरकार का मेगा बैंक मर्जर प्लान, जानें कौन-कौन से 6 बैंक हो सकते हैं विलय में शामिल

नई दिल्ली   केंद्र सरकार पॉलिसी रिफॉर्म को लेकर फिर से सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में सरकार, पीएसयू बैंकों के मर्जर (PSU Banks Merger) की दिशा में आगे बढ़ रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय आम बजट से पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) में पॉलिसी रिफॉर्म को लेकर बड़े प्रस्तावों की समीक्षा करने वाला है। वित्तीय सेवा विभाग द्वारा तैयार किए गए इन सुधारों में नए सिरे से बैंकों का मर्जर, बोर्ड की स्वायत्तता में बढ़ोतरी और FDI लिमिट में सिस्टेमेटिक तरीके से वृद्धि के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, चुनिंदा सरकारी बैंकों के निजीकरण की घोषणा को लेकर भी बड़े ऐलान हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार, पीएसयू बैंक में 20 फीसदी की वर्तमान FDI लिमिट को बढ़ाकर 49% करने की योजना पर विचार कर रही है। इसके साथ ही सरकार 6 साल के लंबे अंतराल के बाद पीएसयू बैंकों में सुधार के अपने प्रयासों को फिर से शुरू कर सकती है, जिसका मकसद दुनिया के टॉप 20 बैंकों में 2 भारतीय बैंकों को शामिल करना है। इस मामले को लेकर इंटर-मिनिस्ट्रियल कंस्लटेशन पूरा होने वाला है, और प्राइम मिनिस्टर ऑफिस की आगामी समीक्षा के बाद, बजट से पहले इस पर फैसला लिए जाने की उम्मीद है। समझदारी भरा फैसला एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी (Challa Sreenivasulu Setty) ने ब्लूमबर्ग न्यूज को मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में कहा, "कुछ और बैंकों का एकीकरण समझदारी भरा हो सकता है। अभी भी कुछ छोटे बैंक हैं जो बड़े पैमाने पर काम नहीं कर पा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर विलय का एक और दौर होता है, तो यह कोई बुरी बात नहीं होगी।" एसबीआई की क्या है स्थिति पिछले दशक में हुए विलय की एक लहर के बाद अब 12 सरकारी बैंक बचे हैं। ये एचडीएफसी बैंक लिमिटेड और एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी जैसे निजी और विदेशी बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। 787 अरब डॉलर के बैलेंस शीट के साथ, एसबीआई उद्योग में सबसे आगे है। इसके पास 22,500 से अधिक शाखाएं और 500 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। इस समय केंद्र सरकार बड़े सरकारी बैंकों को बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। यह सरकार की एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं को वित्तपोषित करने की आवश्यकता के अनुरूप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, बैंक वित्तपोषण को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वर्तमान 56% से बढ़ाकर लगभग 130% करना होगा। इससे जीडीपी में अपेक्षित दस गुना वृद्धि होकर लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। टॉप 100 बैंक में भारत के 2 बैंक इस समय कुल संपत्ति के हिसाब से केवल एसबीआई और एचडीएफसी बैंक ही शीर्ष 100 वैश्विक बैंकिंग सूची में शामिल हैं। ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, चीन और अमेरिका के बैंक शीर्ष 10 में अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। हालांकि चीन और भारत दोनों को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में कुछ सबसे कठोर अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ा है, लेकिन भारत सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव का लाभ उठाने के लिए करों में कटौती सहित सुधार कर रही है। बैंकों के मर्जर से क्या फायदे इससे पहले सरकार 2017 और 2019-20 में कुछ सरकारी बैंकों का मर्जर कर चुकी है, जिसके बाद PSU बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई है। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि बैंकों का मर्जर होने से बैंकों की बैलेंस सीट मजबूत होगी और बैंक भारत की बढ़ती लोन डिमांड को पूरा करने में ज्यादा सक्षम होंगे। बैंकों के मर्जर और विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाए जाने से जुड़ी खबरें पिछले कुछ महीनों से लगातार सामने आ रही है, जिसके चलते सरकारी बैंक शेयरों में काफी हलचल देखने को मिल रही है। 3 महीने के अंदर एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य सरकारी बैंक शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए हैं। निर्यातकों को समर्थन जारी एसबीआई के चेयरमैन सेट्टी, जिन्होंने 2024 के अंत में यह पद संभाला, ने कहा कि हालांकि अमेरिकी टैरिफ के कारण निर्यात प्रभावित हुआ है, लेकिन एसबीआई को अभी तक किसी भी क्षेत्र में बड़ी समस्याएं नहीं दिखी हैं। उन्होंने कहा, "हम अपना एक्सपोजर कम नहीं कर रहे हैं, हम निर्यातकों का समर्थन करना जारी रख रहे हैं। यदि किसी अस्थायी समायोजन या सुविधा विस्तार की आवश्यकता होती है, तो हम उन्हें संबोधित कर रहे हैं।" एसबीआई में सरकार की कितनी हिस्सेदारी एसबीआई, जिसमें सरकार की 55% हिस्सेदारी है, कॉर्पोरेट द्वारा पूंजीगत व्यय में उद्योग-व्यापी पुनरुद्धार के संकेत देख रहा है, लेकिन ऋणों की कीमत कड़ी होती जा रही है। सेट्टी ने कहा, "कई बैंक कॉर्पोरेट पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, लेकिन बड़े कॉर्पोरेट्स की संख्या सीमित है – इसलिए यह खंड अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बना रहेगा।" पिछले महीने, बैंक ने अपने चालू वर्ष के लिए क्रेडिट ग्रोथ के अपने पूर्वानुमान को 11% से 12% से बढ़ाकर 12% से 14% कर दिया था। अभी कितने सरकारी बैंक आप जान ही चुके हैं कि इस समय देश में सरकारी बैंकों की संख्या 12 है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का लंबी अवधि का लक्ष्य है कि सरकारी बैंकों की संख्या 12 से घटाकर 6-7 मजबूत और प्रतिस्पर्धी संस्थानों तक लाई जाए. इससे बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत होगी, लोन देने की क्षमता बढ़ेगी, कामकाज बेहतर होगा और खासतौर पर भारत के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सपोर्ट करने के लिए बड़ी क्षमता वाले बैंक तैयार होंगे.

Mahindra की नई 7-सीटर SUV XEV 9S हुई लॉन्च, जानें रेंज और कीमत

मुंबई   Mahindra & Mahindra ने करीब एक साल पहले अपनी पहली 'इलेक्ट्रिक ओरिजिन' एसयूवी की शुरुआत की थी, जिसके बाद अब कंपनी ने अपना लेटेस्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), Mahindra XEV 9S को लॉन्च कर दिया है, जिसके Pack One Above वेरिएंट की शुरुआती कीमत 19.95 लाख रुपये है. कार निर्माता कंपनी के इलेक्ट्रिक एसयूवी पोर्टफोलियो में इस नए मॉडल को टॉप पर फिट गया है. Mahindra XEV 9S कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी बैटरी चालित कार है, और इसके bespoke EV आर्किटेक्चर पर आधारित तीसरी कार है. Mahindra & Mahindra ने जानकारी दी है कि पैक टू एबव की कीमत 24.45 लाख रुपये (70 kWh) और 25.45 लाख रुपये (79 kWh) होगी, पैक थ्री की कीमत 27.35 लाख रुपये और पैक थ्री एबव की कीमत 29.45 लाख रुपये (सभी कीमतें, एक्स-शोरूम) है. XEV 9S की टेस्ट ड्राइव 5 दिसंबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बुकिंग 14 जनवरी को शुरू होगी और इसकी डिलीवरी 23 जनवरी से शुरू होगी. Mahindra XEV 9S का डिजाइन इस कार के एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो पहली नजर में Mahindra XEV 9S दहन-इंजन वाले XUV700 के समान दिख सकती है, क्योंकि यह एक समान सिल्हूट को अपनाता है. हालांकि, स्टाइलिंग टच इसे XEV 9E के काफी करीब ले जाता है. आकार के बारे में बात करें तो Mahindra XEV 9S काफी हद तक XUV700 के समान है, इसकी ऊंचाई लगभग समान (1,745 मिमी) है लेकिन इसका व्हीलबेस थोड़ा लंबा 2,762 मिमी है. Mahindra XEV 9S का पावरट्रेन मौकेनिकल तौर नई Mahindra XEV 9S कमोबेश XEV 9E के समान है, क्योंकि यह समान इंग्लो आर्किटेक्चर पर आधारित है. इसके साथ ही इसमें समान बैटरी विकल्प – 59 kWh और 79 kWh का इस्तेमाल ही किया गया है. Mahindra XEV 9S को पावर देने के लिए इसमें वहीं मोटर सेटअप मिलता है, जो अन्य इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी में पाए जाते हैं. इसकी इलेक्ट्रिक मोटर 228 बीएचपी की पावर और 282 बीएचपी का पावर प्रदान करती है, जबकि टॉर्क सभी वेरिएंट के लिए 380 एनएम पर एक समान है. Mahindra के मुताबिक, यह Mahindra XEV 9S को 70 लाख रुपये से कम कीमत वाली सबसे तेज सात सीटों वाली एसयूवी बनाने में मदद करता है, जिसकी टॉप स्पीड 202 किमी प्रति घंटा है. इस कार का 228 बीएचपी मॉडल 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 7.9 सेकंड में हासिल कर सकता है, और इसका 282 बीएचपी वर्जन इस रफ्तार को हासिल करने के लिए 7 सेकंड लेता है. हालांकि, Pack Two Above पर एक तीसरा बैटरी विकल्प – एक 70 kWh यूनिट मिलता है.

निवेशकों में जबरदस्त उत्साह, Nifty ने तोड़ा पुराना हाई—बाजार ने रचा नया इतिहास

मुंबई  शेयर बाजार ने आज इतिहास रच दिया है. पिछले साल सितंबर से ही मार्केट अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे कारोबार कर रहा था, लेकिन आज शेयर बाजार ने रिकॉर्ड हाई बना दिया है. Nifty50 आज करीब 90 अंक चढकर 26,295.55 पर पहुंच गया, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है. पिछले साल सितंबर में निफ्टी 50 इंडेक्‍स का रिकॉर्ड हाई लेवल 26,277.35 अंक था. वहीं सेंसेक्‍स का रिकॉर्ड हाई 85,978.25 अंक  था. लेकिन आज निफ्टी ने इतिहास रचते हुए 26,295.55 का रिकॉर्ड हाई लेवल बनाया है. हालांकि अभी सेंसेक्‍स ने रिकॉर्ड हाई लेवल टच नहीं किया है, लेकिन यह भी काफी करीब है. सेंसेक्‍स 300 अंक चढ़कर 85,912.94 पर कारोबार कर रहा है. BSE के टॉप 30 शेयरों में से 11 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 19 शेयरों में तेजी है. बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयर टॉप परफॅामर हैं. लूजर वाले शेयरों में जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं. सेक्‍टर्स की बात करें तो PSU Bank, कंज्‍युमर्स और ऑयल एंड गैस को छोड़कर सभी सेक्‍टर्स में अच्‍छी तेजी देखी जा रही है. टॉप गेनर शेयर  गनेश हाउसिंग के शेयर में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल है. पटेल इंजीनियरिंग के शेयर भी 10 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. टाटा टेली (महा) के शेयर में 5 फीसदी, Gillette India के शेयर में भी 5 फीसदी की तेजी है. तेजस नेटवर्क में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. स्‍वॉन कॉर्पोरेशन के शेयर में 2 फीसदी की तेजी है. इसी तरह, टाटा पावर, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयर में 1.5 फीसदी की उछाल देखी जा रही है.  85 शेयरों में अपर सर्किट बीएसई पर 3,321 शेयरों में से 1,853 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 1,262 शेयर गिरावट पर है. 206 शेयर कारोबार के दौरान अनचेंज रहे हैं. 60 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का हाई लेवल टच किया है, जबकि 53 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का निचला स्‍तर टच किया है. 85 शेयरों में अपर सर्किट और 60 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है.  गौरतलब‍ है कि बुधवार को शेयर बाजार में गजब की तेजी देखी गई थी, निफ्टी ने काफी दिनों बाद एक ही दिन में 300 अंक उछला था और सेंसेक्‍स 1000 अंक. साथ ही निवेशकों ने भी जबरदस्‍त कमाई की थी. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 5.50 लाख करोड़ रुपये एक ही दिन में चढ़ा था. 

कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से टाटा की SUV महंगी, मार्केट शेयर 25% तक बढ़ने की संभावना

 नई दिल्ली टाटा मोटर्स अगले साल की पहली तिमाही में, यानी जनवरी 2025 में, अपनी कारों की कीमत बढ़ा सकती है. कंपनी ने बताया है कि पिछले एक साल में कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे उनकी लागत में लगभग 1.5 फीसदी का इजाफा हुआ है. मगर अभी तक उन्होंने पूरी कीमत ग्राहकों से नहीं बढ़ाई है. टाटा मोटर्स ने कहा है कि नई कार सिएरा की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी और इसकी डिलीवरी जनवरी से शुरू होगी. अगर कीमत बढ़ाने का मौका आया तो सबसे पहले जनवरी में कुछ हिस्सा बढ़ाया जाएगा, और बाकी खर्च कंपनी अपनी आंतरिक बचत से मैनेज करेगी. सिएरा कार अब टाटा की सैनंद-2 फैक्ट्री में बन रही है, जो पहले फोर्ड इंडिया की थी. टाटा मोटर्स का एसयूवी मार्केट में करीब 16 से 17 फीसदी हिस्सा है, और सिएरा के पूरा होने के बाद यह हिस्सा बढ़कर 20 से 25 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है.  नवंबर महीने में डबल डिजिट ग्रोथ की संभावना है, और पूरे साल की ग्रोथ लगभग 5 फीसदी के करीब हो सकती है.इसके अलावा, टाटा मोटर्स आने वाले वित्तीय वर्ष में सिएरा का इलेक्ट्रिक वर्जन भी लॉन्च करेगी, जिससे उनका इलेक्ट्रिक एसयूवी कलेक्शन बढ़ेगा. कुल मिलाकर, टाटा मोटर्स बढ़ती लागत के कारण कुछ समय बाद अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने वाली है, लेकिन खासकर सिएरा की कीमत में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं होगा. यह कदम कंपनी की बिक्री बढ़ाने और बाजार में हिस्सेदारी मजबूत करने के इरादे के साथ उठाया जा रहा है.  

सेंसेक्स में जबरदस्त रैली: 1022 अंकों की छलांग, मार्केट में चारों तरफ हरियाली

नई दिल्ली  शेयर बाजार में आज तूफानी तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स 1.21 प्रतिशत या फिर 1022.50 अंक की तेजी के साथ 85,609.51 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 1.24 प्रतिशत या फिर 320.50 अंक की उछाल के बाद 26,205.30 अंक पर पहुंच गया।   बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, सनफार्मा, टाटा मोटर्स पैंसजेर व्हीकल्स, टाटा स्टील के शेयरों में आज तेज उछाल देखने को मिली है। बुधवार को सेंसेक्स की टॉप 30 कंपनियों में से 28 कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। वहीं, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स के शेयरों में आज भी बिकवाली देखने को मिली है। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तूफानी तेजी देखी गई। सप्ताह के तीसरे दिन सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा उछल गया। दोपहर बाद सेंसेक्स 85,550 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी की बात करें तो यह 300 अंक से ज्यादा बढ़कर 26000 अंक के पार पहुंच गया। घरेलू शेयर मार्केट आज बमबम बोल रहा है। सेंसेक्स 826 अंक ऊपर 85413 पर पहुंच गया है और निफ्टी 257 अंक ऊपर 26142 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल को छोड़ सेंसेक्स के सभी शेयरों तेजी है। अडानी पोर्ट्स में 2.39, ट्रेंट में 2.13, बजाज फाइनेंस में 2.04 पर्सेंट की उछाल है। वहहीं, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, टाटा स्टील में डेढ़ पर्सेंट से अधिक की बढ़त है। घरेलू शेयर मार्केट की लगातार तीन दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 730 अंक ऊपर 85317 पर है और निफ्टी 231 अंक ऊपर 26116 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल की लाल निशान पर है। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील हैं। घरेलू शेयर मार्केट की लगातार तीन दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 630 अंक ऊपर 85217 पर है और निफ्टी 199 अंक ऊपर 26084 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल की लाल निशान पर है। ट्रेंट, मोटर्स पीवी टॉप गेनर हैं। इसमें 2 पर्सेंट से अधिक की तेजी है। अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, रिलायंस भी हरे निशान पर हैं। घरेलू शेयर मार्केट की लगातार तीन दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 85000 और निफ्टी 26000 के लेवल को पार कर गया। अभी सेंसेक्स 345 अंक ऊपर 84932 पर है और निफ्टी 111 अंक ऊपर 25996 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में केवल भारती एयरटेल की लाल निशान पर है। टाटा मोटर्स पीवी टॉप गेनर है। इसमें 2.72 पर्सेंट की तेजी है। अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, रिलायंस भी हरे निशान पर हैं।

मिशन LayOffs: HP ने टेक कर्मचारियों में मचाया भूचाल, जानिए कारण

मुंबई  HP ने घोषणा की है कि वह आने वाले वर्षों में अपनी वैश्विक वर्कफोर्स में 4,000 से 6,000 तक कर्मचारियों की कटौती करेगी. यह कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है. कंपनी ने बताया कि यह लंबी अवधि की रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया है, जो वित्त वर्ष 2028 तक चलेगी. इस कदम के पीछे दो बड़ी वजहें हैं- कमजोर डिमांड और बढ़ती मेमोरी की कीमतें, जिससे कंपनी की कमाई दबाव में आ गई है. कमाई में गिरावट से बढ़ी मुश्किलें HP ने अपनी तिमाही रिपोर्ट में बताया कि उसकी रेवेन्यू 4 प्रतिशत बढ़कर 14.65 बिलियन डॉलर तक पहुंची है और नेट इनकम भी बढ़कर 795 मिलियन डॉलर हुई है. हालांकि, इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद कंपनी की नई गाइडेंस वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी. वित्त वर्ष 2026 के लिए HP ने प्रति शेयर कमाई 2.90 से 3.20 डॉलर रहने का अनुमान दिया है, जबकि बाजार 3.33 डॉलर की उम्मीद कर रहा था. कंपनी ने कहा कि अमेरिका की नई ट्रेड रेगुलेशंस के चलते ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है और इसका सीधा असर प्रॉफिट पर पड़ रहा है. पीसी बिजनेस में बढ़त, प्रिंटिंग बिजनेस कमजोर HP का पर्सनल सिस्टम्स डिविजन, जिसमें पीसी बिजनेस शामिल है, 8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 10.35 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. यह अनुमान से काफी बेहतर रहा. इसके विपरीत, प्रिंटिंग सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गई और यह 4 प्रतिशत घटकर 4.3 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया. कंपनी का कहना है कि प्रिंटर अपग्रेड करने की मांग कमजोर हो गई है और बाजार में कीमतों की भारी प्रतिस्पर्धा से दबाव बना हुआ है. रीस्ट्रक्चरिंग से होंगे बड़े बदलाव HP का मानना है कि यह रीस्ट्रक्चरिंग प्लान आने वाले वर्षों में कंपनी को सालाना कम से कम 1 बिलियन डॉलर बचाने में मदद करेगा. हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान कंपनी को लगभग 650 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा, जिसमें 250 मिलियन डॉलर का भार सिर्फ 2026 में पड़ेगा. कंपनी पहले भी 2022 में इसी तरह के हेडकाउंट रिडक्शन कर चुकी है. AI पर फोकस और बढ़ती लागत की चुनौती HP के सीईओ एनरिके लोरेस ने कहा कि आने वाले समय में AI कंपनी के लिए बड़ी प्राथमिकता बनी रहेगी. कंपनी अपने सभी उत्पादों और वर्कफ्लो में AI को शामिल करने की दिशा में निवेश बढ़ा रही है. लेकिन चुनौती यह है कि कंपोनेंट्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. केवल मेमोरी का खर्च अब एक सामान्य पीसी की कुल लागत का 18 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, और यह कीमतें हाल के हफ्तों में और तेजी से बढ़ी हैं. Windows 10 रिटायरमेंट से HP को उम्मीद लोरेस ने यह भी बताया कि माइक्रोसॉफ्ट द्वारा Windows 10 को रिटायर किए जाने से पीसी अपग्रेड की मांग बढ़ सकती है. अभी तक HP के लगभग 60 प्रतिशत यूजर्स Windows 11 में शिफ्ट हो चुके हैं. कंपनी का मानना है कि आने वाले महीनों में यह बदलाव बिक्री को बढ़ा सकता है. स्टॉक में बड़ी गिरावट हालांकि कंपनी उम्मीद कर रही है कि आने वाला समय बेहतर हो सकता है, लेकिन फिलहाल HP के शेयर इस साल 25 प्रतिशत तक गिरे हैं. वहीं, S&P 500 में 15 प्रतिशत की बढ़त हुई है, यानी HP मार्केट की औसत परफॉर्मेंस से काफी पीछे रह गया है. 

बढ़ी सुविधा: सिंगल हेल्थ पॉलिसी में अब परिवार के साथ लिव‑इन पार्टनर और भाई‑बहन का कवर

नई दिल्ली. भारत में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने रिटेल हेल्थ प्लान को और अधिक लचीला बनाते हुए बड़ा बदलाव किया है. अब एक ही पॉलिसी में भाई, बहन और लिव इन पार्टनर को भी शामिल किया जा सकेगा. पहले यह विकल्प उपलब्ध नहीं था और कवरेज सिर्फ पति पत्नी, बच्चे और माता पिता जैसे पारंपरिक परिवार तक सीमित रहता था. इससे कई लोग एक ही घर में रहने के बावजूद अलग अलग पॉलिसियां लेने को मजबूर होते थे. पॉलिसीबाजार के अनुसार, मौजूदा ढांचा भारत की बदलती जीवनशैली से मेल नहीं खा रहा था. देश के बड़े शहरों में युवाओं का भाई बहन के साथ रहना आम बात है और काफी कपल शादी करने के बजाय लिव इन में रहते हैं. ऐसे परिवारों के लिए एक संयुक्त हेल्थ पॉलिसी का विकल्प जरूरी माना जा रहा था. इसी को देखते हुए अब कंपनियों ने कवरेज का दायरा बढ़ा दिया है. मॉडर्न फैमिली पैटर्न को देखते हुए बदलाव सिद्धार्थ सिंगल (Siddharth Singhal), हेड ऑफ हेल्थ इंश्योरेंस, पॉलिसीबाजार, ने कहा कि यह अपडेट सेक्टर के लिए सबसे प्रोग्रेसिव कदम है क्योंकि भारत के शहरी परिवारों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं. उन्होंने कहा कि यह बदलाव वास्तविक घरेलू जिम्मेदारियों और रिश्तों को मान्यता देता है जहां वित्तीय और हेल्थ संबंधी फैसले कई बार भाई बहन या लिव इन पार्टनर मिलकर लेते हैं. कवरेज की क्वॉलिटी पहले जैसी इंश्योरटेक कंपनियों ने बताया कि नए विकल्प जुड़ने के बावजूद एक्सक्लूजन, वेटिंग पीरियड, बेनिफिट्स और अंडरराइटिंग के नियम बिल्कुल पहले जैसे ही रहेंगे. इसका मतलब है कि परिवार बढ़ाने पर कवरेज की गुणवत्ता में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा. उपभोक्ताओं को सिर्फ अतिरिक्त सदस्य जोड़ने का फ्लेक्सिबल विकल्प दिया जा रहा है. कौन सी कंपनियों ने शुरुआत की आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड इस नए फीचर को लॉन्च कर चुके हैं. इंडस्ट्री जानकारों का कहना है कि अन्य कंपनियां भी जल्द ही इस मॉडल को अपनाएंगी क्योंकि बाजार में इनक्लूसिव और मॉडर्न फैमिली सेटअप को ध्यान में रखने वाली पॉलिसियों की मांग लगातार बढ़ रही है. यह कदम हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच और उपयोगिता दोनों बढ़ाने वाला माना जा रहा है. अंत में कहा जा रहा है कि इस बदलाव से उपभोक्ताओं को न सिर्फ सुविधा मिलेगी बल्कि लंबे समय की हेल्थ सिक्योरिटी प्लानिंग भी आसान होगी. एक ही पॉलिसी में पूरा घर कवर होने से प्रीमियम मैनेजमेंट सरल होगा और अलग अलग प्लान खरीदने का झंझट भी खत्म होगा.

लेबर कोड से रोजगार और उपभोग में बड़ा लाभ, SBI रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली एसबीआई की  आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के नए लेबर कोड एक छोटे ट्रांजीशन चरण के बाद मीडियम टर्म में बेरोजगारी को 1.3 प्रतिशत तक कम करने में प्रभावी साबित होंगे। हालांकि, नए लेबर कोड का यह प्रभाव सुधारों के लागू होने, फर्म-लेवल पर एडजस्टमेंट लागत और कॉम्प्लीमेंट्री राज्य-स्तरीय नियमों जैसे कारकों पर निर्भर करेंगे। इसका मतलब होगा कि वर्तमान लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट 60.1 प्रतिशत और शहरी और ग्रामीण वर्कफोर्स में 70.7 प्रतिशत एवरेज वर्किंग एज पॉपुलेशन के आधार पर इस कदम के साथ 77 लाख लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार का सृजन होगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर, डॉ. सौम्या कांति घोष ने कहा, "लगभग 30 प्रतिशत के सेविंग रेट के साथ नए नियमों के लागू होने से 66 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति दिन खपत बढ़ेगी। इससे 75,000 करोड़ रुपए का उपभोग बढ़ेगा। इसलिए लेबर कोड को उपभोग बढ़ाने में एक अहम योगदाकर्ता माना जा रहा है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि नए लेबर कोड के लागू होने से कर्मचारी और उद्यम दोनों सशक्त बनेंगे और ऐसे वर्कफोर्स का निर्माण होगा, जिससे भारत के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी आत्मनिर्भर राष्ट्र की राह बनेगी। भारत में 44 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में काम कर हैं। जिसमें से 31 करोड़ ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। अगर अनुमान लगाते हैं कि 20 प्रतिशत लोग इनफोर्मल पे रोल से फॉर्मल पे रोल में शिफ्ट होते हैं तो इससे करीब 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। जिसके साथ हमारा मानना है कि अगले 2-3 वर्षों में भारत की सोशल सिक्योरिटी कवरेज की पहुंच 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएलएफएस डेटासेट के अनुसार, भारत में फॉर्मल वर्कर्स की भागीदारी 60.4 प्रतिशत है। हमारा मानना है कि नए लेबर कोड लागू होने के बाद फॉर्मलाइजेशन रेट 15.1 प्रतिशत बढ़ जाएगा, जिससे लेबर मार्केट फॉर्मलाइजेशन 75.5 प्रतिशत हो जाएगा।

लीजेंडरी Tata Sierra भारत में लॉन्च, 22 साल बाद हुई वापसी और कीमत भी हुई घोषित

 नई दिल्ली Tata Sierra Launch Price & Features: नब्बे के दशक में SUV का मतलब ताकत, स्टाइल और शोहरत था, और सिएरा ने हर हिंदुस्तानी को वही एहसास दिया था. साल बीत गए, तकनीक बदली, लेकिन दिल के किसी कोने में सिएरा की वो चौकोर खिड़कियाँ, दमदार बॉडी और स्ट्रेट स्टांस आज भी जिंदा है. किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा तैयार की गई पहली देसी एसयूवी 'टाटा सिएरा' ने आज एक बार फिर से वापसी की है. टाटा मोटर्स ने आज मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम Tata Sierra को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है.  कीमत और बुकिंग आकर्षक लुक और दमदार इंजन से लैस इस एसयूवी की शुरुआती कीमत 11.49 लाख रुपये, (एक्स-शोरूम) तय की गई है. कंपनी ने इसे इंट्रोडक्ट्री प्राइस के साथ लॉन्च किया है, यानी भविष्य में इसकी कीमत में इजाफा होगा. कंपनी का कहना है कि, इसकी बुकिंग आगामी 16 दिसंबर से शुरू होंगी और एसयूवी की डिलीवरी 15 जनवरी 2026 से शुरू की जाएगी.  22 साल बाद लीजेंड की वापसी टाटा सिएरा को कंपनी ने पहली बार 1991 में लॉन्च किया था. स्टाइलिश लुक, कर्व्ड ग्लॉस बॉडी, पावरफुल इंजन के साथ आने वाली सिएरा के लिए उस वक्त शायद भारत तैयार नहीं था. साल 2003 आते-आते इसे डिस्कंटीन्यू कर दिया गया. कहा जाता है कि, ये एसयूवी अपने समय से कहीं आगे थी. टाटा मोटर्स के सीईओ शैलेश चंद्रा ने भी आज लॉन्च इवेंट के दौरान कहा कि, "अब इंडिया टाटा सिएरा के लिए तैयार है. ये महज एक एसयूवी नहीं बल्कि एक लीजेंड की वापसी है, जो मॉडर्न तकनीक के साथ फिर से बाजार में एंट्री करने जा रहा है." तो आइये देखें कैसी है नई टाटा सिएरा-  लुक और डिज़ाइन नई Tata Sierra का स्टांस दमदार और ऊँचा है, जो इसे सड़क पर एक प्रीमियम और पावरफुल लुक देता है. फ्रंट में एलईडी डीआरएल पूरी चौड़ाई में फैला हुआ है, जबकि ग्रिल को क्लोज्ड रखा गया है जिस पर टाटा का लोगो उभरकर दिखता है. हेडलाइट्स नीचे की ओर लगाए गए हैं और सिल्वर फिनिश वाले स्किड प्लेट के साथ फ्रंट प्रोफाइल को एक एडवेंचरस टच देते हैं. एसयूवी के साइड प्रोफाइल पर गौर करें तो सिएरा अपनी पुरानी पहचान कायम रखे हुए है. जैसा कि नब्बे के दशक में पेश किए गए मॉडल में देखने को मिलता था. बॉक्सी डिज़ाइन और पीछे की ओर मौजूद ग्लास पैनल पुराने सिएरा मॉडल की याद दिलाते हैं. नई अलॉय व्हील डिज़ाइन, फ्लश डोर हैंडल्स और मजबूत शोल्डर लाइन इसे और भी सॉलिड लुक देते हैं. टाटा सिएरा का रियर प्रोफाइल यानी का पीछे का हिस्सा इसे एक प्रॉपर एसयूवी डिज़ाइन देता है. इसके पिछले हिस्से में 'एंड टू एंड' कनेक्टेड एलईडी टेललैंप्स और ‘SIERRA’ बैजिंग दी गई है. जो एसयूवी को मॉडर्न और प्रीमियम अपील दे रही है. कंपनी का दावा है कि, इस एसयूवी में केबिन के साथ-साथ बूट में भी बेहतर स्पेस दिया गया है. ये एसयूवी 622 लीटर के लगेज स्पेस (डिग्गी) के साथ आती है. कैसा है एसयूवी का केबिन इसका इंटीरियर किसी भी मौजूदा टाटा कार से अलग और ज़्यादा लग्ज़रीयस दिखता है. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के वाइस प्रेसिडेंड और चीफ प्रोडक्शन ऑफिसर, मोहन सावरकर ने बताया कि "नई सिएरा में केबिन स्पेस का पूरा ख्याल रखा गया है. ये एसयूवी कमांड सीटिंग पोजिशन के साथ आती है. जहां मिड-साइज एसयूवी में ग्राउंड से ड्राइवर का आई प्वाइंट 1305 मिमी उंचा होता है वहीं सिएरा में ये हाईट 1344 मिमी है." सावरकर आगे बताते हैं कि, "सिएरा का सेकेंड-रो यानी दूसरी पंक्ति का स्पेस लग्ज़री एसयूवी मॉडलों से भी कहीं आगे है. इसमें बिना बूट स्पेस से कोई समझौता किए बिना आगे और पीछे की सीट के बीच में 316 मिमी का गैंगवे स्पेस दिया गया है. जिससे पीछे वाली सीट पर बैठे व्यक्ति को पर्याप्त लेगरूम मिलता है." टाटा सिएरा के केबिन में ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप दिया गया है. जिसमें एक ड्राइवर डिस्प्ले, दूसरा इंफोटेनमेंट के लिए और तीसरी पैसेंजर स्क्रीन के रूप में दी गई है. लेयर्ड डैशबोर्ड पर ब्लैक ट्रिम और क्रोम फिनिश एसी वेंट्स इसे प्रीमियम फील देते हैं. ब्लैक-व्हाइट कलर थीम इसके प्रीमियम अपील को और भी बढ़ा देती है. वहीं, 4-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, गियर लीवर और क्लाइमेट कंट्रोल पैनल अन्य टाटा मॉडलों से लिया गया है. इंजन और परफॉर्मेंस टाटा सिएरा को कंपनी ने 3 इंजन के साथ 6 पावरट्रेन ऑप्शन में पेश किया है. जिसमें 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल डायरेक्ट इंजेक्शन (TGDi) हाईपेरियन इंजन, 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल रेवोट्रॉन इंजन, 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल कायरोजेट इंजन दिया गया है. इसका 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160 पीएस की पावर और 255 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. वहीं 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन 104 पीएस की पावर और 145 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके अलावा 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड कायरोजेट डीजल इंजन 118 पीएस की पावर और 200 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है.  इंजन और परफॉर्मेंस टाटा सिएरा को कंपनी ने 3 इंजन के साथ 6 पावरट्रेन ऑप्शन में पेश किया है. जिसमें 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल डायरेक्ट इंजेक्शन (TGDi) हाईपेरियन इंजन, 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल रेवोट्रॉन इंजन, 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल कायरोजेट इंजन दिया गया है. इसका 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160 पीएस की पावर और 255 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. वहीं 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन 104 पीएस की पावर और 145 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके अलावा 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड कायरोजेट डीजल इंजन 118 पीएस की पावर और 200 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है.  इंजन ऑप्शन-  इंजन             फ्यूल        क्षमता        पावर (पीएस)     टॉर्क (एनएम)  हाईपेरियन     पेट्रोल       1.5 लीटर      160                  255 रेवोट्रॉन         पेट्रोल       1.5 लीटर      104                  145 कायरोजेट     डीजल      1.5 लीटर       118                  200 मिलते हैं ये फीचर्स टाटा सिएरा का केबिन इसके एक्सटीरियर की तरह ही फीचर्स से भरपूर … Read more

अक्टूबर 2025 में Mahindra XUV 3XO और XUV300 की बिक्री पार की 4 लाख यूनिट्स का आंकड़ा

मुंबई  स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra ने अक्टूबर 2025 में घरेलू बाज़ार में Mahindra XUV 3XO और XUV300 (प्री-फेसलिफ्ट मॉडल) की कुल बिक्री 4,00,000 के आंकड़े को पार कर गई है. जानकारी के अनुसार, घरेलू कार निर्माता कंपनी ने अक्टूबर में 12,237 यूनिट्स के साथ XUV 3XO की अब तक की सबसे ज़्यादा मंथली बिक्री हासिल की है. Mahindra ने पहली जेनरेशन की XUV300 को 14 फरवरी, 2019 को पेश की थी, जिसके बाद इसका फेसलिफ्ट वर्जन Mahindra XUV 3XO, 29 अप्रैल, 2024 को लॉन्च किया गया था. Mahindra 3XO के लॉन्च से लेकर अक्टूबर 2025 के आखिर तक, इस कॉम्पैक्ट SUV की 1,57,542 यूनिट्स बिक ​​चुकी हैं, जिससे कुल 4,06,569 यूनिट्स की बिक्री में इसका 39 प्रतिशत हिस्सा है. Mahindra XUV 3XO की बिक्री वित्त वर्ष 2025 Mahindra मॉडल का अब तक का सबसे अच्छा साल रहा है, जिसमें 1,00,905 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल इसी समय में बेची गई 54,726 यूनिट्स से 84 प्रतिशत से ज़्यादा है. असल में, Mahindra 3XO पिछले फाइनेंशियल ईयर में Mahindra Scorpio के बाद दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली महिंद्रा SUV थी, और Bolero, XUV700 और Thar से आगे थी. लेकिन मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में, Mahindra XUV 3XO की सेल्स रैंकिंग दो पायदान गिरकर चौथे नंबर पर आ गई है. इसमें Mahindra Scorpio N और Scorpio Classic (1,02,514 यूनिट्स), Thar और Thar Roxx (71,351 यूनिट्स) और Bolero (57,512 यूनिट्स) शामिल हैं. वित्त वर्ष 2025 के पहले सात महीनों के बाद, Mahindra SUV की सेल्स में XUV 3XO का हिस्सा 15 प्रतिशत है, जो पिछले साल इसी समय के 20 प्रतिशत से कम है.