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Egg Price रिकॉर्ड हाई: सर्दियों में 25–50% तक महंगे हुए अंडे, जनवरी में और बढ़ोतरी संभव

 नई दिल्ली दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, लखनऊ, वाराणसी, पटना, रांची जैसे कई बड़े शहरों में इस बार अंडे की कीमतें रिकॉर्ड तोड़ रही हैं. कोई भी शहर ऐसा नहीं है, जहां दुकानों में रिटेल में एक अंडा 8 रुपये से कम बिक रहा हो. आमतौर पर हर साल 7-9 रुपये में मिलने वाला अंडा इस सर्दी में बहुत महंगा हो गया है. दुकानदार और खरीदार दोनों हैरान हैं कि अंडे को इस बार क्या हुआ? अभी दिसंबर चल रहा है और जनवरी बाकी है, तो क्या कीमतें और बढ़ेंगी? पोल्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस साल अंडा ऊंचे दाम पर नहीं बिका तो बीते साल के दाम तो छोड़िए अंडा खरीदने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती.अंडों के बाजार रेट पर नजर दौड़ाएं तो अगस्त-सितंबर के मुकाबले 25 से 50 फीसद तक महंगे हो चुके हैं. अभी जनवरी का पूरा महीना बाकी है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि दाम और बढ़ सकते हैं. डिमांड बढ़ने से महंगा हुआ अंडा यूपी पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अकबर अली ने बताया कि दिसंबर आते ही पूरे देश में अंडों की मांग बहुत बढ़ गई है. यह सिर्फ एक शहर या राज्य में नहीं, हर जगह की अंडों की मांग बढ़ी है. उत्तर प्रदेश को ही रोज 5.5 से 6 करोड़ अंडों की जरूरत होती है, जिसमें से 3.5 से 4 करोड़ दूसरे राज्यों से आते हैं. यूपी में दुकानों पर रिटेल में एक अंडा 8 से 10 रुपये तक बिक रहा है. जबकि होलसेल यानी थोक में कीमत 7.5 रुपये तक पहुंच गई है. ट्रांसपोर्ट का खर्च जोड़ें तो कीमत और बढ़ जाती है. बाजार को देखकर ऐसा लग रहा है कि होलसेल में 15.20 पैसे प्रति अंडा और महंगा हो सकता है. ऐसे में  जनवरी में अगर अंडा 8.5 रुपये का हो जाए तो हैरानी नहीं. फरवरी से ही कीमतें कम होने की उम्मीद है. अगर सही दाम नहीं मिले तो अंडा ढूंढना पड़ेगा! पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रनपाल ढांढा ने कहा कि अंडा अगर 8 रुपये का बिक रहा है तो उसे महंगा नहीं कह सकते. इस पोल्ट्री फार्मर को अंडे के सही कीमत मिल रही है. दरअसल, बीते कई साल से पोल्ट्री फीड महंगा हो रहा है लेकिन अंडे के दाम नहीं बढ़े थे. हर साल बड़ी संख्या में फार्मर अपने पोल्ट्री फार्म बंद कर रहे हैं. जिससे अंडा उत्पादन कम हो रहा है. अगर इस बार भी अच्छे दाम नहीं मिलते, तो आगे अंडा मिलना मुश्किल हो जाता. बता दें कि पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होने वाली मक्का और सोयाबीन की सरकारी कीमत हर साल बढ़ जाती है, लेकिन अंडे की नहीं. दुनिया में सबसे सस्ता अंडा भारत में ही बिकता है. सबसे सस्ता अंडा नमक्कल-होसपेट में  नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमिटी (NECC) के रोज के रेट देखें तो थोक में सबसे सस्ता अंडा नमक्कल और होसपेट में बिक रहा है. जहां 640-645 रुपये प्रति 100 अंडे का रेट है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ये दोनों भारत की सबसे बड़ी अंडा मार्केट हैं. नमक्कल से सबसे ज्यादा अंडा दूसरे देशों में निर्यात होता है.

ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर ब्रेक: 2 दिन जोमैटो-स्विगी रहेंगे प्रभावित, डिलीवरी बॉय हड़ताल पर

नई दिल्ली  जोमैटो, स्विगी, जेप्टो, ब्लिंकिट, अमेजन और फ्लिपकार्ट से जुड़े डिलीवरी वर्कर 25 और 31 दिसंबर को हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रस्तावित आंदोलन का नेतृत्व इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) और तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) कर रहे हैं। डिलीवरी वर्करों की मांग है कि उन्हें नौकरी की गारंटी, बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ प्रदान किए जाएं। यह विरोध प्रदर्शन उन चिंताओं को सामने लाता है, जिनमें तेजी से बढ़ती प्लेटफॉर्म कंपनियों की कमाई के मुकाबले डिलीवरी वर्करों की बिगड़ती कार्य स्थितियां शामिल हैं। यूनियनों का देशव्यापी आंदोलन का ऐलान यूनियनों का कहना है कि यह हड़ताल खराब होती कार्य परिस्थितियों और लगातार घटते भुगतान के खिलाफ एक संगठित आवाज है। IFAT और TGPWU ने संयुक्त रूप से इस हड़ताल का आह्वान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर यूनियनों ने स्विगी, जोमैटो, फ्लिपकार्ट मिनट्स सहित सभी प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी वर्करों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। यूनियनों ने इसे देशव्यापी आंदोलन बताया है और इसे जानबूझकर उन दिनों के लिए तय किया गया है, जब फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेवाओं की मांग सबसे अधिक रहती है। क्या है यूनियनों की मुख्य मांगे यूनियन की प्रमुख मांगों में नौकरी की सुरक्षा, अधिक वेतन, सुरक्षित कामकाजी हालात और सामाजिक सुरक्षा के लाभ शामिल हैं। TGPWU के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन ने एक बयान में कहा कि अस्थिर कार्य ढांचा, घटती आय और सामाजिक सुरक्षा की पूरी तरह से कमी के कारण डिलीवरी वर्कर बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल न्याय, सम्मान और जवाबदेही की मांग है। उनका कहना है कि सरकार अब आंखें मूंदकर नहीं बैठ सकती, जब प्लेटफॉर्म कंपनियां वर्करों की जान जोखिम में डालकर मुनाफा कमा रही हैं। नए श्रम कानून जल्द हो लागू यह प्रस्तावित हड़ताल ऐसे समय में सामने आई है, जब सरकार ने कुछ ही हफ्ते पहले नए श्रम कानून लागू किए हैं। इन कानूनों में पहली बार गिग वर्क, प्लेटफॉर्म वर्क और एग्रीगेटर की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। नए नियमों के तहत, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और इससे जुड़ी सेवाओं के लिए गिग वर्करों पर निर्भर हैं, उन्हें अपने वार्षिक कारोबार का 1 से 2 प्रतिशत गिग वर्कर वेलफेयर फंड में जमा करना अनिवार्य होगा। इस घोषणा के बाद जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल और स्विगी ने बयान जारी कर कहा है कि वे नए श्रम कानूनों का पालन करेंगे। कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उनके लंबे समय के व्यवसाय या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। वहीं, डिलीवरी वर्करों का कहना है कि जमीनी स्तर पर हालात में सुधार के लिए इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।  

इंदौर सराफा मार्केट: सोना बना निवेशकों की पहली पसंद, चांदी के भाव भी उड़े

इंदौर  आसमान छू रहे सोने और चांदी की कीमतों के चलते देश भर में इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जा रहा है. यही वजह है कि 1 महीने में चांदी की कीमतों में करीब 65000 की वृद्धि हो चुकी है. वहीं, सोना भी 10000 की उछाल पर है. चांदी की कीमतें बढ़ाने की एक वजह इसके विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक आइटम और अन्य संसाधनों में उपयोग है. जिसके कारण चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. निवेशकों में सोने चांदी की डिमांड देश में त्योहारी सीजन और शादियों के बाद भी सोने और चांदी की कीमत तेजी से बढ़ रही है. बीते 1 महीने में सराफा बाजार की धारणा पर गौर किया जाए, पता चलता है कि बड़े-बड़े निवेशकों के बीच सोने और चांदी की बंपर डिमांड है. जिसके चलते फिलहाल प्रदेश के सबसे बड़े इंदौर सराफा बाजार में चांदी प्रति किलो 2 लाख 2000 और सोना 134500 प्रति तोले के भाव पर पहुंच गया है. प्रॉपर्टी सेक्टर में निवेश पड़ा ठंडा सराफा बाजार में अन्य वस्तुओं के ग्राहक बिल्कुल घट गए हैं, लेकिन सोने चांदी की थोक खरीदी वाले बुलियन मार्केट में केडबरी और पांसे की बिक्री जोरों पर है. इधर रियल एस्टेट मार्केट और प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले लोग भी अब सोने और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं. इसके चलते भी भाव बढ़ रहे हैं. वहीं, इन दिनों पूरा प्रॉपर्टी सेक्टर खरीदी बिक्री के लिहाज से बिल्कुल ठंडा है. सोना को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे ग्राहक इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुमचंद सोनी बताते हैं कि "सोने और चांदी के भाव में लगातार वृद्धि हो रही है. इसलिए कोई भी निवेशक इसी में निवेश कर रहा है. यदि भाव में वृद्धि के यही हाल रहे, तो कुछ दिनों में ही प्रति किलो चांदी की कीमत ढाई लाख रुपए हो जाएगी और सोना डेढ़ लाख रुपए तोला तक पहुंच जाएगा. वैसे भी सोना ग्राहकों के बीच सबसे सुरक्षित निवेश माना जा रहा है, जो खरीदी के लिहाज से पहली पसंद बना हुआ है." इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में चांदी के इस्तेमाल से बढ़ रहा रेट ज्वेलरी के फुटकर विक्रेता वसंत सोनी बताते हैं कि "शादियों के सीजन में सोने और चांदी की जमकर खरीदारी हुई है, लेकिन फिलहाल बाजार ठंडा है. चांदी की थोक खरीदारी आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में हो रही है, जिसके चलते भाव में लगातार उछाल बना हुआ है."

Russia–India Oil Trade: प्रतिबंधों से बाहर सप्लायरों से रूस का तेल खरीद रही रिलायंस

मुंबई  रूस से भारत को सस्ता तेल मिलता है, और भारत वर्षों से खरीदते आया है. लेकिन बीच में अमेरिकी विरोध के बाद भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना थोड़ा कम कर दिया था. लेकिन अब खबर है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने रूस से कच्चा तेल खरीदना फिर से शुरू कर दिया है. कुछ समय पहले मुकेश अंबानी की कंपनी ने रूसी तेल का आयात रोक दिया था, लेकिन अब दोबारा इसे मंगाया जा रहा है. यह तेल गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस की रिफाइनरी में इस्तेमाल किया जाएगा, जहां से पेट्रोल, डीजल और दूसरे ईंधन बनाए जाते हैं. दरअसल, अमेरिका ने रूस की कुछ बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे. इन प्रतिबंधों के बाद कई भारतीय कंपनियां रूसी तेल खरीदने में सावधानी बरतने लगी थीं. इसी वजह से रिलायंस ने भी कुछ समय के लिए रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था. लेकिन अब कंपनी ऐसे सप्लायरों से तेल खरीद रही है, जो इन प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आते.  अमेरिकी बैन का अब क्या होगा? बता दें,अमेरिकी प्रशासन ने 22 अक्टूबर को रूस के दो बड़े तेल उत्पादक Rosneft और Lukoil पर बैन लगाए थे और रिफाइनरी कंपनियों को इन आपूर्तिकर्ताओं के साथ अपने सौदों को पूरा करने के लिए महीनेभर का वक्त दिया था. उस आदेश के बाद Reliance ने कुछ समय के लिए रूसी तेल की खरीद रोक दी थी.  आयात फिर से शुरू होने से पहले Reliance को अमेरिकी प्रशासन से एक अतिरिक्त महीने की छूट भी प्राप्त हुई थी, ताकि वह पहले से किए गए करार के तहत प्राप्त जहाजों को रिसीव कर सके. इस एक महीने की अनुमति ने कंपनी को समयसीमा के भीतर पुराने सौदों को पूरा करने में मदद की है.  सौदे पूरा करने के लिए मिला था महीनेभर का वक्त रिलायंस रूसी तेल इसलिए भी खरीदता है, कि ये दूसरे देशों के मुकाबले सस्ता मिलता है. सस्ता तेल मिलने से कंपनी को ईंधन बनाने में लागत कम पड़ती है और देश को भी फायदा होता है. रिलायंस का यह कदम ऐसे समय आया है, जब भारत में रूसी तेल का आयात घटने लगा था. अगर रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी खरीदारी दोबारा शुरू करती है, तो इससे भारत में रूसी तेल की हिस्सेदारी बनी रह सकती है. इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है. गौरतलब है कि भारत दुनिया का बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है. ऐसे में सस्ते तेल का विकल्प बहुत अहम होता है.   खबर के मुताबिक, यह तेल बड़े समुद्री जहाजों (टैंकरों) के जरिये भारत लाया जा रहा है. जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है और यहां हर रोज लाखों बैरल तेल रिफाइन किया जाता है. यहां बना ईंधन भारत के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई होता है.

Bajaj ने पेश की अपडेटेड Pulsar 150, जानें नए फीचर्स और कीमत

मुंबई   स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto ने भारत में अपनी अपडेटेड Bajaj Pulsar 150 को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस मोटरसाइकिल को 1.09 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उतारा गया है. कंपनी ने इस मोटरसाइकिल को तीन वेरिएंट में उतारा है. इनमें पहला Pulsar 150 SD, जिसकी कीमत 1.09 लाख रुपये है, Pulsar 150 SD UG, जिसकी कीमत 1.12 लाख रुपये है, और तीसरा Pulsar 150 TD UG है, जिसकी कीमत 1.15 लाख रुपये है. पिछले वर्जन की तुलना में, इसके बेस मॉडल की कीमत में 3,600 रुपये की मामूली बढ़ोतरी हुई है. यहां हम बताने जा रहे हैं कि इसमें पुराने मॉडल के मुकाबले क्या बदलाव हुए हैं. 2026 Bajaj Pulsar 150 का डिजाइन Classic Pulsar के लेटेस्ट अपडेट में कॉस्मेटिक और लाइटिंग में बदलाव किए गए हैं. Bajaj Pulsar 150 में अब नए ग्राफिक्स के साथ LED हेडलाइट और LED टर्न इंडिकेटर्स दिए गए हैं. इसके अलावा, इसमें नए पेंट स्कीम के साथ नए ग्राफिक्स भी मिलते हैं, जिसमें ऑरेंज हाइलाइट्स वाला ग्रीन कलर शामिल है. इसी कलर को अपडेटेड Bajaj Pulsar 220F में देखा गया था, और ब्लू, ग्रे और रेड ऑप्शन भी हैं, जिनमें से हर एक के साथ ब्लैक कलर दिया गया है. 2026 Bajaj Pulsar 150 का इंजन इसके स्पेसिफिकेशन्स के बारे में बात करें तो, Bajaj Pulsar 150 में पहले वाला इंजन ही मिलता है, जोकि एक 149cc, सिंगल-सिलेंडर एयर-कूल्ड इंजन है. यह इंजन 8,500 rpm पर 13.8 bhp की मैक्सिमम पावर और 6,500 rpm पर 13.4 Nm का अधिकतम टॉर्क प्रदान करता है. इस इंजन के साथ 5-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है. इसके अलावा, मोटरसाइकिल में कोई बदलाव नहीं किया गया है. Bajaj Pulsar 150 लंबे समय से पल्सर ब्रांड के मुख्य पिलर्स में से एक रही है और बाइक ने कम्यूटर और स्पोर्टी कम्यूटर सेगमेंट में Bajaj Auto की मौजूदगी को बनाने में अहम भूमिका निभाई है. बदलते ट्रेंड और लाइनअप में नए मॉडल आने के बावजूद, Pulsar 150 काफी समय से काफी हद तक उसी रूप में बनी हुई है, जिसमें रास्ते में सिर्फ़ मामूली अपडेट किए गए हैं.

दूध-ब्रेड नहीं, अब सोना-चांदी भी: क्विक कॉमर्स पर 10 मिनट में हुई लाखों की शॉपिंग

नई दिल्ली किसी को 68 हजार रुपये की टिप, किसी ने क्लिक में खरीद 4.3 लाख रुपये के iPhone 17 खरीदे तो किसी ने 1 किलो चांदी ऑर्डर कर दी. स्विगी के इंस्टामार्ट ने बताया है कि साल 2025 में लोगों ने क्या-क्या खरीदा.  हैदराबाद के एक शख्स ने एक क्लिक में 4.3 लाख रुपये का ऑर्डर देकर iPhone 17 बुक कर डाले थे. इंस्टामार्ट पर किया गया ऑर्डर भले ही अजीब लगे, लेकिन अब क्विक कॉमर्स पर शॉपिंग का लेवल बढ़ रहा है. अब क्विक कॉमर्स सिर्फ दूध, दही, ब्रेड और ग्रोसरी आदि ऑर्डर करने की जगह नहीं है.  सिंगल क्लिक में किया गया सबसे बड़ा ऑर्डर 4.3 लाख रुपये में खरीदे गए iPhone 17 का यह ऑर्डर इस साल सिंगल कार्ड में खरीदा गया सबसे बड़ा ऑर्डर है. लेकिन बड़े ऑर्डर की लिस्ट में यह इकलौता ऑर्डर नहीं है, इससे पहले भी कई बड़े ऑर्डर किए जा चुके हैं. आइए जानते हैं.  2025 में सिंगल अकाउंट से 22 लाख रुपये का खर्चा  दरअसल, साल 2025 में एक यूजर्स ने 22 लाख रुपये का खर्चा किया है, जिसकी जानकारी कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट्स में दी है. शख्स ने 22 iPhones, गोल्ड कॉइन, किचप एप्लाइसेंस और डेली जरूरत का सामान ऑर्डर किया था. इसमें दूध, दही, ब्रेड और ग्रोसरी आइटम शामिल थे.  2 किलोग्राम चांदी बुक कर दी  बेंगलुरु में एक शख्स ने दिवाली कार्ट के दौरान करीब 2 लाख रुपये की कीमत का 2 किलो ग्राम चांदी का ऑर्डर किया था. वहीं, धनतेरस के दौरान गोल्ड ऑर्डर में 400 परसेंट का इजाफा देखने को मिला.  4.36 लाख रुपये नूडल्स ऑर्डर किए  बेंगलुरु के एक शख्स ने अपने अकाउंट से 4.36 लाख रुपये सिर्फ नूडल्स पर खर्च किए थे. वहीं मुंबई में एक यूजर्स ने अपने अकाउंट्स से पूरे एक साल के दौरान RED Bull Sugar Free पर करीब 16.3 लाख रुपये का खर्चा किया था.  नोएडा ने शख्स ने खरीदा था 2.8 लाख रुपये का प्रोटीन दिल्ली-NCR के शहर नोएडा में एक शख्स ने 1,343 प्रोटीन आइटम का ऑर्डर कर डाला. इसके लिए उसने करीब 2.8 लाख रुपये का खर्चा कर डाला.

भारत में ईवी की बड़ी छलांग: टाटा नेक्सन ईवी ने छुआ 1 लाख बिक्री का मील का पत्थर

मुंबई  भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार में नया कीर्तिमान भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता के बीच टाटा मोटर्स ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। टाटा नेक्सन ईवी देश की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक कार बन गई है, जिसने 1 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि केवल एक मॉडल की सफलता नहीं, बल्कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तेजी से बढ़ते भरोसे का प्रतीक मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से ईवी सेगमेंट ने रफ्तार पकड़ी है, उसमें नेक्सन ईवी की भूमिका सबसे अहम रही है। लॉन्च के बाद से लगातार बढ़ता भरोसा साल 2020 में भारतीय बाजार में कदम रखने वाली टाटा नेक्सन ईवी ने शुरुआत से ही ग्राहकों का ध्यान खींचा। दमदार परफॉर्मेंस, संतुलित रेंज और मजबूत ब्रांड वैल्यू ने इसे आम उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाया। समय के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और सर्विस नेटवर्क के विस्तार ने भी इसकी बिक्री को मजबूती दी। आज नेक्सन ईवी को भारत में इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट की पहचान माना जाने लगा है। पावरट्रेन और रेंज की पूरी जानकारी टाटा नेक्सन ईवी को दो अलग-अलग बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है। इसमें पहला बैटरी पैक 30 kWh क्षमता का है, जो अच्छी पावर और संतुलित परफॉर्मेंस देता है। दूसरा विकल्प 40.5 kWh बैटरी पैक के साथ आता है, जिसे लंबी दूरी तय करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, छोटे बैटरी पैक के साथ यह ईवी एक बार चार्ज करने पर लगभग 325 किलोमीटर तक चल सकती है, जबकि बड़ा बैटरी पैक फुल चार्ज पर 465 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है। फीचर्स में भी नहीं है कोई कमी टाटा नेक्सन ईवी के केबिन को आधुनिक तकनीक और आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, फुली डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और वायरलेस चार्जिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा, सिंगल पेन सनरूफ और प्रीमियम इंटीरियर फिनिश इसे अपने सेगमेंट में खास बनाते हैं। सेफ्टी में भी कायम किया मानक परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टाटा नेक्सन ईवी को उच्च स्तर की सेफ्टी के साथ तैयार किया गया है। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स के तौर पर इसमें 6 एयरबैग और 360-डिग्री कैमरा जैसी तकनीक दी गई है, जो इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद विकल्प बनाती है। कीमत और बाजार में स्थिति भारतीय बाजार में टाटा नेक्सन ईवी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 12.49 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 17.49 लाख रुपये तक जाती है। इस कीमत पर मिलने वाली रेंज, फीचर्स और सेफ्टी इसे इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। 1 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार करना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भी नेक्सन ईवी भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की अगुवाई करती रहेगी।

2029 तक सोने की कीमतों में विस्फोट? 10 ग्राम ₹3 लाख पहुंचने की भविष्यवाणी, अमेरिकी एक्सपर्ट का दावा

नई दिल्ली  सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही हैं और अब इस तेजी के संभावित भविष्य का अनुमान सुनकर निवेशक हैरान हैं। जहां आज सोना लगभग ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, वहीं एक प्रतिष्ठित अमेरिकी अर्थशास्त्री का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह रेट दोगुना से भी ऊपर बढ़ सकता है। अगर यह अनुमान हकीकत बनता है तो 2029 तक सोने का भाव भारत में लगभग ₹3,08,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है—जो माता-पिता के लिए बेटी की शादी जैसे खास खर्चों को और चुनौतीपूर्ण बना देगा। क्या है 2029 लक्ष्य? अमेरिका के रणनीतिक वित्तीय विशेषज्ञ एड यार्डेनी ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत 2029 तक $10,000 प्रति औंस के करीब पहुंच सकती है। अगर आज की कीमत (लगभग $4,410 प्रति औंस) से तुलना करें, तो यह लगभग 127% से भी ज्यादा उछाल को दर्शाता है—एक बेहद तेज वृद्धि जो निवेशकों के लिए आकर्षक भी है और चुनौतीपूर्ण भी।   ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों को कम किए जाने की अटकलों ने निवेशकों को सोने की ओर खींचा है। जैसे ही बैंक ब्याज दरें घटती हैं, शेयर और मुद्रा बाजार का आकर्षण कम हो सकता है, जिससे पैसा सुरक्षित परिसंपत्तियों- जैसे कि सोना- की ओर बढ़ता है। वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल विश्वभर में अर्थव्यवस्थाओं में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव ने सोने को ‘सुरक्षित आश्रय’ यानी सेफ हेवन एसेट के रूप में और मजबूत बनाया है। क्या परंपरागत धारणा बदल रही है? आम धारणा यह रही है कि जब शेयर बाजार मजबूत होता है, सोने की कीमतें गिरती हैं। लेकिन एड यार्डेनी ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि मौजूदा समय में सोने की मांग सिर्फ संकट में ही नहीं बल्कि सामान्य निवेश पोर्टफोलियो में भी बढ़ रही है। इसका मतलब यह हुआ कि सोना अब केवल “बुरे वक्त का आश्रय” नहीं रह गया, बल्कि लंबी अवधि में एक मुनाफे वाला निवेश भी बन चुका है।  

चांदी में निवेश का सही समय? मार्च 2026 तक के भाव को लेकर एक्सपर्ट्स की बड़ी राय

मुंबई साल 2025 में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिलाया है और अब इसकी चमक 2026 में भी बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग भी बड़ी वजह है। चिप, मोबाइल फोन, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। जानकारों के मुताबिक, साल 2025 में चांदी ने 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। अनुमान है कि 2026 की पहली छमाही में मौजूदा स्तर से इसमें करीब 20 फीसदी तक और तेजी देखने को मिल सकती है। यानी आने वाले साल में भी चांदी निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दे सकती है। क्यों बढ़ रही हैं चांदी की कीमतें केडिया कैपिटल के फाउंडर अजय केडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की सप्लाई घट रही है। लंदन और चीन जैसे बड़े बाजारों में उपलब्धता कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है। वहीं अमेरिका को चांदी का निर्यात बढ़ने और कॉमैक्स पर ऊंचे प्रीमियम के कारण फिजिकल मार्केट में कमी महसूस की जा रही है। इसके अलावा, चांदी आधारित ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से भी सप्लाई पर असर पड़ा है। कहां तक जा सकती हैं कीमतें एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 70 से 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कीमतों में थोड़ी गिरावट आने पर ही खरीदारी करें। लंबी अवधि में चांदी का रिटर्न सोने से भी बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है। घरेलू बाजार में रिकॉर्ड तेजी घरेलू वायदा बाजार MCX पर भी चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब चांदी सिर्फ सुरक्षित निवेश का साधन नहीं रही, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग इसे और मजबूत बना रही है। इसी वजह से आने वाले समय में चांदी और सोने दोनों में तेजी बने रहने की उम्मीद है, हालांकि रिटर्न के मामले में फिलहाल चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है।  

2026 में भारत में Tata Avinya और दो नई EVs उतारेगी Tata Motors

मुंबई   स्वदेशी कार निर्मता कंपनी Tata Motors ने साल 2026 के लिए अपने EV प्लान्स की जानकारी दी है. कंपनी ने पुष्टि की है कि पहली छमाही में Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev लॉन्च करने के बाद, वह 2026 के आखिर तक Tata Avinya EV कंपनी के तहत प्रीमियम EV मार्केट में एंट्री करेगा. जानकारी के अनुसार, ये तीनों मॉडल Tata Motors की अगली EV वेव का मुख्य हिस्सा होंगे, और वित्त वर्ष 2030 तक तीन और नए मॉडल आएंगे, क्योंकि कंपनी ज़्यादा सेगमेंट में अपनी इलेक्ट्रिक लाइन-अप का विस्तार करेगी. Tata Motors का EV विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब कंपनी ने भारत में 2.5 लाख EV बिक्री का माइलस्टोन पार कर लिया है, और Tata Nexon.ev देश की पहली इलेक्ट्रिक कार बन गई है, जिसकी लॉन्च के बाद से अब तक 1 लाख यूनिट्स बेची जा चुकी हैं. कार निर्माता कंपनी का दावा है कि उसके लगभग 26 प्रतिशत EV ग्राहक पहली बार कार खरीदने वाले हैं. Tata Avinya ब्रांड 2026 में अपना पहला मॉडल करेगा लॉन्च Tata Avinya मॉडल कंपनी के जनरेशन-3 स्केटबोर्ड बोर्न-इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले पहले मॉडल होने वाले हैं. पहला Tata Avinya मॉडल 2026 के आखिर तक बाजार में उतारा जा सकता है, और इसे Tata की मौजूदा EV रेंज से ऊपर रखा जाएगा. यह नया प्लेटफॉर्म बड़े और ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने में मदद करेगा, जिससे Tata Motors को प्रीमियम EV सेगमेंट में एंट्री मिलेगी. Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev के अनुमानित फीचर्स Tata Sierra.ev मिडसाइज़ इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में शामिल होगी और इसमें RWD और AWD ऑप्शन दिए जा सकते हैं. इसमें ICE Tata Sierra का ही डिज़ाइन मिलने वाला है, लेकिन इसमें EV-स्पेसिफिक एलिमेंट भी होने वाले हैं, जिनमें कम ओपनिंग वाला बंद फ्रंट पैनल दिया जाएगा. Tata Sierra.ev के acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है, जिसे Tata Harier EV के साथ शेयर किया जाएगा. वहीं दूसरी ओर, Tata Punch.ev की बात करें तो इसे शायद ICE Tata Punch की तरह ही अपडेट मिलेंगे, जिसका फेसलिफ्ट अगले साल की शुरुआत में उतारा जाएगा. इस इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी इसी तरह के मिड-साइकिल बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसमें एक्सटीरियर में कुछ बदलाव और कुछ नए फीचर्स शामिल होंगे. इसके अलावा, यह कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक SUV बनी रहेगी. ऊपर बताए गए मॉडल्स के साथ-साथ Tata Tiago.ev, Tigor.ev, Nexon.ev, Curvv.ev और Harrier.ev के साथ, कंपनी की इलेक्ट्रिक लाइन-अप ज़्यादा सेगमेंट को कवर करेगी. वित्त वर्ष 2030 तक तीन और EV नेमप्लेट होंगे लॉन्च Tata Motors वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2030 के बीच तीन और इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिससे अगले पांच सालों में कुल पांच नई EV हो जाएंगी. इन पांच EVs में Tata Sierra.ev और Avinya ब्रांड के तहत पहली इलेक्ट्रिक कार भी शामिल हैं. इसके अलावा, बाकी मॉडल भी Avinya फैमिली में नए एडिशन हो सकते हैं. ये मॉडल Tata Motors की मौजूदगी को ज़्यादा सेगमेंट में बढ़ाएंगे और मौजूदा रेंज के रेगुलर अपडेट के साथ इन्हें लॉन्च किया जाएगा. इस विस्तार को एक बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क से भी सपोर्ट मिलने वाला है, जिसमें Tata.ev ओपन कोलैबोरेशन फ्रेमवर्क के ज़रिए 4,00,000 चार्ज पॉइंट लगाए जाएंगे, जिसमें 30,000 से ज़्यादा फास्ट चार्जर शामिल होंगे. Tata Motors की योजना है कि 2030 तक इसे बढ़ाकर 1 मिलियन चार्ज पॉइंट और 1,00,000 फास्ट चार्जर तक किया जाए.