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शिवराज सिंह चौहान का बयान: बिहार में कुर्सी के लिए मानवता की हानि, किडनी देने वाली बेटी की अनदेखी

पटना  बिहार की राजनीति को लेकर वरिष्ठ बीजेपी नेता और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पटना में कहा कि आज बिहार में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम हो रहा है लेकिन विपक्ष इसे पचाने में असमर्थ है और कुंठा में डूबा हुआ है. कुर्सी के लिए बेटी का तिरस्कार: शिवराज शिवराज सिंह चौहान ने परिवारवाद और कुर्सीवाद को विपक्ष की सबसे बड़ी कमजोरी बताया है. उन्होंने कहा कि जिन दलों ने हमेशा परिवार को ही राजनीति का आधार बनाया, वो अब जनता के बीच अपनी प्रासंगिकता खोते जा रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा, 'परिवारवाद और कुर्सीवाद में इस कदर उलझ गए हैं कि किडनी देने वाली बेटी तक का तिरस्कार किया जा रहा है, आज विपक्ष के भीतर असली लड़ाई इस बात की है कि कौन नेता होगा और कौन उत्तराधिकारी, एक नेता यहां है, तो दूसरा विदेश में घूम रहा है.' शिवराज ने राहुल गांधी पर भी साधा निशाना उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल जी अपनी कुंठा विदेश में निकालते हैं और वहां जाकर देश को बदनाम करने का पाप करते हैं. चौहान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि विपक्ष की हालत 'सूत न कपास, दुल्हन में लट्ठमलट्ठा' जैसी हो गई है. भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार समेत पूरे देश में गरीबों और वंचितों को योजनाओं का लाभ सीधे मिल रहा है. महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है, किसानों को सहायता मिल रही है, युवाओं के लिए रोजगार और अवसर पैदा हो रहे हैं. यही वजह है कि जनता भाजपा और एनडीए पर विश्वास कर रही है और विपक्ष बौखलाहट में केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है. मखाना महोत्सव में हिस्सा लेने बिहार पहुंचे हैं शिवराज शिवराज सिंह चौहान पटना में आयोजित मखाना महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को बिहार गए हैं. देश भर में बिहार सबसे बड़ा मखाना उत्पादक राज्य है. इसको लेकर उन्होंने कहा, मखाना बोर्ड उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग और निर्यात तक पूरी ताकत से काम करेगा, मखाना अब सिर्फ बिहार की पहचान नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार का नया इंजन बनेगा. कृषि मंत्री ने कहा, हमारा संकल्प है, बिहार का मखाना वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत जगह बनाए और हर कोने तक पहुंचे.

वांगचुक विवाद पर बीजेपी सांसद का हमला: दुबे ने कांग्रेस को दिलाई इमर्जेंसी की याद

लद्दाख लद्दाख में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने पर कांग्रेस को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने खूब सुनाया है। दुबे ने कहा कि कांग्रेस शायद आपातकाल के समय को भूल गई है जब इंदिरा गांधी की सरकार ने विजय राजे सिंधिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल भीम सेन सचर को गिरफ्तार करवा लिया था। उन्होंने कहा, कांग्रस जिस संविधान का हवाला दे रही है, वह 1975 में कहा चला गया था। उन्होंने कहा, बीजेपी की संस्थापक सदस्य राज माता सिंधिया को गिरफ्तार कर लिया गया। आयकर विभाग ने छापे डाले। गायत्री देवी और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। उन्हें ऐसी कालकोठरी में डाला गया जिसमें बाथरूम तक नहीं था और आप महिलासशक्तीकरण की बात करते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछ विदेशी ताकतों का हाथ था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, आज आप लद्दाख की बात करते हैं। लद्दाख में लोग मारे गए। पहले वही वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग करते थे और विदेशी ताकत के शामिल होने के बाद वह पूर्ण राज्य की मांग करने लगे। कांग्रेस ने पिछले 30 साल में कुछ नहीं किया लेकिन मोदी जी की सरकार ने लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया। निशिकांत दुबे ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल 82 साल के सचर को घसीटकर जेल में बंद कर दिया गया था। आप लोकतंत्र की बात कैसे कर सकते हैं। कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिा पर कहा था कि कांग्रेस लद्दाख के मामले में घड़ियाली आंसूबहा रही है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र से मांग की है कि वह लद्दाख के लोगों से बात करे और लद्दाख में लोगों को डराना धमकाना बंद करे। उन्होंने हाल में हुई हिंसा को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा था कि लद्दाख में मारा गया एक शख्स जवान के परिवार से था। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक बहादुर और देशभक्त की जान ले ली क्योंकि वह लद्दाख के अधिकार की मांग कर रहा था। उसके पिता का सवाल है कि क्या देश की सेवा करने का यही इनाम है? बता दें कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और जोधपुर जेल में रखा गया है।  

त्री हों या विधायक, सब पर गिरेगी गाज! बिहार BJP में गुजरात मॉडल की एंट्री

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है. दोनों प्रमुख गठबंधनों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती एंटी इनकंबेंसी से निबटना है. जनता के बीच लंबे समय से जीत रहे विधायकों और मंत्रियों को लेकर बेहद नाराजगी है. इस चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए भाजपा बिहार में गुजरात मॉडल लागू करने जा रही है. गुजरात की तरह बिहार में भी मौजूदा कई मंत्रियों और विधायकों का टिकट काटा जायेगा. ऐसे करीब 30 विधायकों की सूची तैयार की गयी है, जिन्हें पार्टी इस बार बेटिकट कर सकती है. वोटरों की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा का प्रदर्शन संतोषप्रद रहा था. नीतीश कुमार की कम सीटें आने के बाद भी बिहार में एनडीए की सरकार बनी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए पांचवीं बार चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहा है. भाजपा के पास अभी 80 विधायक हैं, जिनमें 22 मंत्री हैं. कई सीटों पर इस बार स्थानीय विधायक के प्रति विरोधी लहर पहले के मुकाबले मजबूत है. भाजपा ऐसे विधायकों की जगह नये चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है. वैसे जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए ऐसा करना आसान नहीं है. बिहार में भाजपा एक वरीय नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि सरकार की योजनाओं के कारण जनता में पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी नहीं है, लेकिन स्थानीय विधायकों से जनता नाराज है. मौजूदा विधायकों के प्रति मतदाताओं की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बन सकती है. गुजरात की तरह कई कद्दावर नेता होंगे बेटिकट पार्टी का जनाधार बढ़ाने और एंटी इनकंबेंसी को साधने के लिए अमित शाह लगातार बिहार की टीम के साथ विचार मंथन कर रहे हैं. उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने से पहले एक फार्मूले पर काम किया जा रहा है. पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा बिहार में भी गुजरात मॉडल लागू कर सकती है. भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में इसपर गंभीरता से विचार-विर्मश हुआ है. भाजपा ने 2022 में गुजरात चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की सूची में बड़ा बदलाव किया था. उसी तर्ज पर बिहार में भी एक व्यापक फेरबदल किया जा सकता है. लगातार सातवीं बार गुजरात जीतने के लिए भाजपा ने पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया था. साथ ही अपने 108 मौजूदा विधायकों में से 45 का टिकट काट दिया था, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल थे. बिहार में भी भाजपा इसी रास्ते सत्ता में वापसी का प्लान बना रही है.

‘I LOVE मोहम्मद’ पर FIR क्यों?: झांसी में दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, RSS पर दंगे भड़काने का आरोप

झांसी  झांसी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- RSS दंगे भड़काती है। यह एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था है। इनके लोग दंगा कराते हैं। फिर इनकी ओर से बयान आता है कि यह हमारा मेम्बर नहीं। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं तो मेम्बर कहां से होगा?  सरकार चाहे तो कभी दंगे न हों। दंगे सरकार और अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। इसे रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएं। बरेली बवाल पर उन्होंने कहा कि तौकीर रजा जैसे लोग हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भाषण देकर लोगों को उकसाते हैं। दिग्विजय शुक्रवार को दतिया के पीतांबरा पीठ दर्शन के बाद सर्किट हाउस पहुंचे थे। इसके बाद वे भोपाल रवाना हो गए। आरएसएस चंदा वूसली करती है। ये पैसा जाता कहां है। बैंक खाता कहां है? हर विजयादशमी और गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपए चंदे में आते हैं। जब संघ का अकाउंट नहीं है तो पैसा जाता कहां है। इनका एक ही एजेंडा है, हिदुओं को भड़काना और संविधान के खिलाफ लोगों को बचपन से तैयार करना। ये कभी आंदोलन प्रदर्शन नहीं करते, हमेशा कानाफूसी की राजनीति करते हैं। RSS के लोग कह रहे हैं कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही। उनकी संख्या बढ़ जाएगी, जो कि संभव ही नहीं है। क्योंकि, जितनी हिंदुओं की जनसंख्या घट रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से मुसलमानों की जनसंख्या घट रही। 2001 और 2011 के बीच का जनसंख्या ग्राफ ये प्रमाणित करता है। अब 2021 की रिपोर्ट तो इन्होंने ही रोक कर रखी है। इसलिए वो बात सामने नहीं आईं। लेकिन RSS और सरकार मिलकर हिंदुओं को भ्रमित कर रहे हैं। अगर कोई 'आई लव मोहम्मद' कहता है और कोई आई लव रामजी, आई लव महादेव, आई लव कृष्ण भगवान, आई लव गांधीजी कहता है तो इसमें किसी को क्या दिक्कत? इसमें मुकदमा दर्ज करने की क्या जरूरत है। दंगे तो सरकार और सरकारी अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। अगर सरकार चाहे तो कभी दंगा नहीं हो सकता है। सरकार को ऐसे संवेदनशील मामलों में समय से कदम उठाने की जरूरत है। बरेली में मौलान तौकीर रजा पर कहा कि कुछ फितरती लोग अगर मुसलमानों में हैं तो हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भड़काऊ भाषण देने का काम करते हैं। संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर अवैधानिक निर्माण है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति के अपराध पर उसके परिवार को दंड देना कहीं से भी न्याय नहीं है। सरकार ने लिस्ट जारी की है। एक भी घुसपैठिए का नाम बता दें। किस पोलिंग बूथ पर कौन सा घुसपैठिया है। उसका नाम आ गया हो। घुसपैठिए की परिभाषा क्या है? जब केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है। तो घुसपैठिया नेपाल से आया या बांग्लादेश से? ये केवल भाजपा और अमित शाह की नजर में घुसपैठिए हैं। लेकिन घुसपैठिए का नाम तो बताना होगा। कोविड के समय RSS की ओर से कहा गया कि जनता को 7 करोड़ रुपए की मदद की है। मैंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बारे में पत्र लिखा। उनसे पूछा कि नॉन रजिस्टर्ड संस्था कह रही है कि 7 करोड़ रुपए कलेक्ट करके खर्च किए हैं। तो आखिर कौन से अकाउंट से पेमेंट किया। इन पर तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए। नॉन रजिस्टर्ड संस्था ने बिना अकाउंट के 7 करोड़ रुपए कहां से खर्च कर दिए? मगर वित्त मंत्री जी का आज तक जवाब नहीं आया।  

राजनीतिक संग्राम: मोदी पर कांग्रेस का हमला, बीजेपी ने कहा- भारत विरोधी बयान

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना दशहरे पर जलाए जाने वाले दस सिर वाले रावण से कर डाली। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उदित राज ने तंज कसते हुए कहा, 'पीएम मोदी आज के दौर के रावण हैं। जिस तरह वह अपना सोने का महल बना रहे हैं, उसमें प्रवेश करते ही वह इसे जलता हुआ देखेंगे।' इस बयान की बीजेपी ने तीखी आलोचना की है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की नफरत की राजनीति करार दिया है। बीजेपी का पलटवार बीजेपी ने इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस का एकमात्र मकसद पीएम मोदी और भारत के खिलाफ नफरत फैलाना है। यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।' पूनावाला ने उदित राज के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले भी माओवादियों का समर्थन और RSS को ‘आतंकी’ बताने जैसे विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विपक्षी नेताओं ने पहले PM की मां का कथित तौर पर अपमान किया था। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस की असलियत यही है। एक तरफ PM मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, जो RSS के संस्कारों को दर्शाता है। दूसरी तरफ राहुल गांधी PM को लाठी से मारने की बात करते हैं और उनकी OBC जाति पर तंज कसते हैं।' ‘मोहब्बत की दुकान’ या ‘नफरत के भाईजान’? पूनावाला ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ नारे पर चुटकी लेते हुए कहा, 'यह मोहब्बत की दुकान नहीं, बल्कि नफरत के भाईजान है। समय-समय पर ये लोग चुनाव आयोग, भारत और सनातन संस्कृति पर हमला बोलते रहते हैं।' इस बयानबाजी ने दशहरे के मौके पर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, जहां एक तरफ कांग्रेस अपने बयानों से हमलावर है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा बता रही है।  

तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर भाजपा की तीखी टिप्पणी: ‘कलयुग का रावण’

पटना  बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल से बृहस्पतिवार को एक पोस्टर साझा किया गया, जिसमें दोनों नेताओं को ‘कलयुग का रावण' बताया गया है। पोस्टर में लिखा गया है, “मातृशक्ति के अपमान का प्रतीक रावण आज भी मौजूद है, बस चेहरा बदल गया है। जनता अपने मत से इस रावण का अंत तय करेगी।”   साझा किए गए पोस्टर में एक तरफ त्रेता युग के रावण की तस्वीर लगाई गई है और कैप्शन में लिखा गया है, “जिसने मां जानकी का अपहरण किया, उनका अपमान किया।” दूसरी ओर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तस्वीर के साथ उल्लेख किया गया है, “कलयुग के रावण। जिनके मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां का अपमान किया गया।” राजद ने भी अपने सोशल साइट हैंडल ‘एक्स' पर विजयादशमी के बहाने राजग सरकार पर हमला किया और लिखा है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अफसरशाही, अहंकार, भ्रष्टाचार और झूठे सरकारी प्रचार के ‘‘रावण'' का अंत हो जाएगा। पार्टी ने ‘एक्स' पर लिखा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बनने वाली सरकार राज्य में तुरंत जनकल्याण, नौकरी और रोजगार की दिशा में काम करेगी। राजद ने कहा कि ‘‘तेजस्वी की सरकार'' ही ऐसी सरकार होगी जो सचमुच जनता के सरोकारों और कल्याण के लिए समर्पित होगी।   

UPA सरकार के फैसलों पर कांग्रेस नेता ने चिदंबरम को दिया खुला वार, कहा – ‘अमेरिका के दबाव में काम किया’

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के मुंबई आतंकवादी हमले को लेकर दिए गए बयान के बाद बवाल मच गया है। एक तरफ बीजेपी तो निशाना साध ही रही है, अब कांग्रेस के अंदर से भी उनके खिलाफ सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने चिदंबरम पर बीजेपी को मजबूत करने का आरोप लगाते हुए पूछा है कि क्या वह यह साबित करना चाहते हैं कि उस समय यूपीए सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही थी? मीडिया से बात करते हुए राशिद अल्वी ने कहा, ''इसका मतलब है कि चिदंबरम का कहना है कि अमेरिका के दबाव में काम कर रहे थे? उनके इस बयान से बीजेपी को फायदा होगा। 2008 की बात है और अब 16 साल बाद क्यों बयान दे रहे हैं। अगर वे यह बात नहीं चाहते थे तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था।'' उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के अंदर बहुत लोग कांग्रेस को कमजोर करना चाहते हैं। घर को आग लग गई, घर के चिराग से। क्यों यह साबित करना चाहते हैं कि यूपीए की सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही थी? इसका मतलब है कि आप बीजेपी को मजबूत करना चाहते हैं। कांग्रेस नेता चिदंबरम ने एक ‘पॉडकास्ट’ में कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से इस भयावह आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने पड़ोसी देश के खिलाफ कूटनीतिक उपायों का इस्तेमाल करने के विदेश मंत्रालय के दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका समेत शक्तिशाली देश चाहते थे कि भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध न करे। 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमले के तुरंत बाद चिदंबरम को गृह मंत्री बनाया था। इससे पहले वह वित्त मंत्री थे। उनके इस बयान पर बीजेपी ने भी निशाना साधा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम की टिप्पणियों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि सिंह के नेतृत्व वाली सरकार कितनी कमजोर थी। प्रसाद ने कहा कि सिंह किस कदर झुक गए थे, यह चिदंबरम के बयान से साफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए क्योंकि देश जान गया है कि संप्रग सरकार के शासनकाल में देश का शासन कैसे चलता था। प्रसाद ने कहा, "हमें अपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर गर्व है। इसीलिए भारत सुरक्षित है और आर्थिक विकास भी कर रहा है। यह दुनिया के सामने नहीं झुकता।" उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त कर पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी हमलों का हर बार बदला लिया है।  

मल्लिकार्जुन खड़गे की तबीयत खराब, इलाज के लिए बेंगलुरु अस्पताल में भर्ती

 बेंगलुरु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है, जहां कम्प्लीट चेकअप के लिए उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा है. वे इलाज के लिए बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे (88) एक सीनियर सांसद और कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं. अक्टूबर 2022 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई चुनावी मुकाबलों में पार्टी का नेतृत्व किया है और राष्ट्रीय रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.  1942 में जन्मे खड़गे का राजनीतिक सफर दशकों लंबा है, इस दौरान उन्होंने एक सांसद, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया है. उनके करियर की पहचान एक ज़मीनी नेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा है, जिसमें मज़बूत संगठनात्मक कौशल भी शामिल है. पार्टी अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने कांग्रेस को उसके सबसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर से उबारने का भार उठाया है.

एकनाथ शिंदे का पलटवार: चिदंबरम का बयान कांग्रेस की हार का स्वीकारोक्ति

मुंबई  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के 2008 आतंकी हमले को लेकर दिए हालिया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह उनकी नाकामी का सबूत है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एवं शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा। शिंदे ने पी. चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह उनकी नाकामी का सबूत है। उन्होंने अपनी असफलता स्वीकार कर ली है। हमारे लोग मारे गए, और पाकिस्तान के दबाव में न आकर हमला न करना कायरता है।" उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने अपराध किया, लेकिन भारतीय सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्रवाई को मंजूरी देकर देश को गौरव प्रदान किया।" विपक्ष को घेरते हुए शिंदे ने कहा, "विपक्ष हमारी सेना पर सवाल उठाता है, लेकिन उन्हें यह पूछना चाहिए कि कितने नागरिक मारे गए। यह देशभक्ति नहीं, बल्कि पाकिस्तान प्रेम है।" महाराष्ट्र में हाल की बाढ़ ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "ऐसी कठिन परिस्थितियों में लोगों का सब कुछ बह गया है। सरकार उनके साथ खड़ी है।" उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में बाढ़ पीड़ितों को राहत प्रदान करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। सरकार नियमों और प्रतिबंधों को दरकिनार कर किसानों, महिलाओं और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करेगी। शिंदे ने कहा, "हम भोजन और राशन किट वितरित कर रहे हैं। शिवसेना पीड़ितों के साथ है, यह हमारा कर्तव्य है।" शिंदे ने विपक्ष को घेरते हुए कहा, "कुछ लोग केवल आलोचना करते हैं, लेकिन सरकार जनता के हित में काम कर रही है। बाढ़ राहत कार्यों के साथ-साथ, सरकार ने किसानों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की। हमारी प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाना है।"

कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की तैयारी: हरियाणा के बाद दो और राज्यों पर नजर

हरियाणा हरियाणा प्रदेश में अध्यक्ष बदलने के बाद कांग्रेस पार्टी अब दो और राज्यों, राजस्थान और गोवा में प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव कर सकती है और इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के नेतृत्व को अवसर मिल सकता है। पार्टी ने हाल ही में हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान वरिष्ठ नेता राव नरेंद्र सिंह को सौंपी है। इसके अलावा पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को हरियाणा कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया है। अब पार्टी राजस्थान और गोवा के नए प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्तियों पर गहराई से विचार कर रही है। राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष के लिए जिन नामों पर चर्चा हो रही है उसमें छत्तीसगढ़ के कांग्रेस पार्टी प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी और अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके और हिंडोली से पार्टी विधायक अशोक चांदना का नाम शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो पायलट इस रेस में अभी सबसे आगे हैं। ओबीसी समुदाय से आने वाले पायलट पहले भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गोवा में गिरीश चोडणकर को पार्टी अपना नया प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। चोडणकर अभी पार्टी के तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी हैं। ओबीसी समुदाय से आने वाले चोडणकर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। उल्लेखनीय हैं कांग्रेस पार्टी अपने संगठन में लगातार बदलाव कर रही है। राज्यों के चुनाव को देखते हुए नए प्रयोग भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संगठन सृजन अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें प्रदेशों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जा रहे हैं। हरियाणा में चुनाव के एक साल बाद नियुक्तियां हरियाणा में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के करीब एक साल बाद ये नियुक्तियां की गई हैं। पिछले साल अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 90-सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही तो कांग्रेस को 37 सीट मिलीं। कांग्रेस ने इन नियुक्तियों के माध्यम से जाट और ओबीसी गठजोड़ को भी लक्ष्य बनाया है। राव नरेंद्र सिंह ने उदय भान का स्थान लिया है। अहीर जाति से ताल्लुक रखने वाले राव नरेंद्र सिंह तीन बार विधायक और हुड्डा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। विधायक दल का नेता होने के चलते हुड्डा राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। पिछली विधानसभा में भी उन्होंने यह भूमिका निभाई थी। हरियाणा की राजनीति में दिग्गज जाट नेता की हैसियत रखने वाले हुड्डा दो बार मुख्यमंत्री, चार बार नेता प्रतिपक्ष, चार बार सांसद और छह बार विधायक रहे हैं। वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हरियाणा में करीब दो दशक बाद किसी गैर-दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे पहले भजन लाल वैसे प्रदेश अध्यक्ष थे, जो गैर-दलित थे। उन्हें 2006 में इस भूमिका से मुक्त कर दिया गया था। भजन लाल के बाद फूलचंद मुलाना, अशोक तंवर, कुमारी सैलजा और उदय भान अध्यक्ष रहे, जो सभी दलित हैं।