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यूपी में रोडवेज का बड़ा बदलाव, वोल्वो बसों की जगह चलेंगी नई AC बसें

लखनऊ  लग्जरी बसों में शुमार वोल्वो बसों धीरे-धीरे रोडवेज से हट रही हैं, जिसका विकल्प रोडवेज की 22 नई एयरकंडीशन 42 सीटर बसें बनेंगी। यह बसें यह बसें कानपुर कार्यशाला से दो बार में लखनऊ के अवध बस डिपो पहुंच चुकी हैं। लखनऊ से गोरखपुर-बनारस और प्रयागराज समेत 8 रूटों पर चलेंगी। इनमें से चार रूटों पर प्रयोग के तौर पर एसी बसें चलाई जा रही हैं। बाकी चार रूटों पर बसों का संचालन 25 अप्रैल से शुरू हो गया। अवध बस डिपो की नई एयरकंडीशन बसें कैसरबाग और आलमबाग से चलाई जाएगी। यह बसें आठ रूटों पर चलेंगी। 42 सीटर एसी बसों के रूट, किराया और समय सारणी तय हो गई है। अवध डिपो के एआरएम सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि गर्मी में यात्रियों के लिए 22 बसें आ चुकी हैं। छह और बसें लाने की तैयारी है। ताकि गर्मी में एसी बसों की मांग पूरी हो सके। यात्री एसी बसों में आनलाइन सीट बुक करा सकते है। आलमबाग से यहां-यहां चलेंगी बसें, किराया-समय सारणी तय -प्रयागराज 460 रुपये, समय सुबह 7 और दोपहर 12 बजे -बनारस 711 रुपये, समय सुबह 9 व 10:30 व दोपहर 3 बजे -गोरखपुर 686 रुपये किराया, समय सुबह 9:30 बजे -आजमगढ़ वाया एक्सप्रेस वे 678 किराया, समय सुबह नौ बजे -मथुरा वाया एक्सप्रेस वे 889 रुपये किराया, समय रात 10:30 बजे -बरसाना 992 रुपये किराया, समय रात 10:30 बजे -गौरी फंटा 537 किराया, समय सुबह आठ बजे कैसरबाग से -आगरा 777 रुपये किराया, समय सुबह 9:30 बजे व रात 11 बजे गर्मी के चलते लखनऊ में पहली बार रात्रिकालीन सिटी बसें चलेंगी वहीं गर्मी के चलते लखनऊ में पहली बार ई बसों के संचालन का समय बदला जाएगा। सुबह सात बजे से शुरू होने वाली ई बसों की सेवाएं शाम सात बजे के बजाए रात 10 बजे तक रात्रिकालीन सिटी बसें चलाने की तैयारी है। दुबग्गा डिपो की ओर से 115 सिटी बसों के फेरे और समय में बदलाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। अभी उन मार्गो को चिन्हित किया जा रहा है, जहां देर रात तक सवारियों वाहनों के इंतजार में भटकती रहती हैं। दुबग्गा डिपो की ओर से आठ रूटों पर 115 ई बसें चलाई जा रही हैं। यह बसें सुबह सात से शाम सात बजे तक चलने के बाद डिपो में आकर खड़ी होती हैं। ऐसे में भीषण गर्मी की संभावना को देखते हुए एसी ई बसें देर रात तक चलाने की मांग की जा रही है। इस वजह से ई बसों का संचालन 12 घंटे से बढ़ाकर 15 घंटे किया जाएगा। एक हफ्ते में ई बसों की समय सारणी, फेरे और रूटों को चिन्हित करके एसी ई बसों का संचालन करेंगे।

बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

उत्तर 24 परगना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि भाजपा सरकार लाइए, क्योंकि भाजपा का मतलब सुरक्षा-सुशासन की गारंटी, दलित, वंचित, गरीब, महिलाओं को अधिकार, सम्मान व स्वावलंबन है। भाजपा आएगी तो विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, भारत माता को मजबूती प्रदान करने का आधार मिलेगा और बांग्लादेश से घुसपैठ रुकेगी। मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की मौजूदगी में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।  पंचर बनाने का ठिकाना तलाश रहे टीएमसी के गुंडे, 4 मई के बाद इन्हें कहीं से भी खोज निकालेंगे सीएम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर टीएमसी के होंठ सिल जाते हैं। हिंदुओं के पक्ष में सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकलता है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर नौजवानों, माताओं ने साबित किया है कि बंगाल के अंधकार को समाप्त करना है और टीएमसी मुक्त बंगाल का निर्माण करना है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के रुझान बताते हैं कि जब 4 मई को ईवीएम खुलेगी तो बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा और यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार आएगी। भाजपा सरकार आने की आहट से बौखलाए टीएमसी के गुंडे ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं कि उन्हें कहां जाकर पंचर बनाना है, लेकिन चिंता न कीजिए, 4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने का ठिकाना नहीं मिलने वाला है। हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।  गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं  सीएम ने कहा कि कल्चरल व नॉलेज कैपिटल के रूप में विख्यात बंगाल को त्याग व बलिदान, साहस व स्वाभिमान, अध्यात्म व देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा के रूप में स्मरण किया जाता है, लेकिन भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल अब पहचान के लिए मोहताज है। यहां नौजवान के लिए रोजगार नहीं है, किसान बदहाल और उद्योग धंधे बंद हैं। यहां टीएमसी का टेरर, माफियाराज व करप्शन है। सरेआम गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं है। सैंड, लैंड, कैटल माफिया बंगाल की पहचान पर संकट खड़ा कर रहे हैं। वहीं यूपी में डबल इंजन सरकार ने इन सबसे मुक्ति पा ली है। अब समय आ गया है, जब बंगाल को टीएमसी, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से भी मुक्ति मिलेगी।  पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले। संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को भारत की नागरिकता देने की राह बनाई, तब इन दलों ने विरोध किया था। लेकिन, पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।  सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिया। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।

कोई सोच रहा कि कहां खोलूं पंचर की दुकान तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता में: मुख्यमंत्री

पूर्व बर्धमान. पश्चिम बंगाल के कटवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों को सिर छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। बंगाल को पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्टों और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने लूटा। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया। भाजपा प्रत्याशी कृष्ण घोष के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवा की पावन धरा, जहां चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य एवं वैष्णव परंपरा के महत्वपूर्ण ग्रंथकार सनातन गोस्वामी ने संन्यास ग्रहण किया था, को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। कटवा को खेपा काली मंदिर, इच्छाई घोष मंदिर, गोपेश्वर शिव मंदिर, नया कैलाश मंदिर जैसे 108 से अधिक देव मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसने भारत को पहचान दी, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। विकास का पैसा हड़प लेते हैं टीएमसी के गुंडे सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं। आपके सामने अवसर है कि जो लोग बंगाल को उसकी पहचान के लिए मोहताज बना रहे हैं, उनके सामने पहचान का संकट खड़ा करें। बंगाल को उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलानी है और उसे फिर से विकास के पथ पर अग्रसर करना है। बंगाल के हालात देखकर मैं चकित रह जाता हूं। ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से परेशानी होती है। यही धरा है, जहां आज से लगभग 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का शंखनाद कर पूरी दुनिया में भारत की वैष्णव परंपरा का संदेश दिया था। उसी धरा पर ‘जय श्रीराम’ बोलने पर ममता दीदी रामभक्तों पर लाठी चलवाती हैं और आम लोगों पर हमले होते हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। सैंड और लैंड माफिया हावी हैं, जो युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं। न बेटियां सुरक्षित हैं, न व्यापारी। लव जिहाद और भूमि कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मां दुर्गा की पूजा और शोभायात्राओं में भी बाधाएं डाली जाती हैं। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। वहां खुलेआम हत्या नहीं हो सकती। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे। बंगाल से यूपी की तुलना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और तीन करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार मिला है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं और उद्योग-धंधे बंद हुए हैं। जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां विकास संभव नहीं होता और उद्योग भी स्थापित नहीं होते। बंगाल में भारी मतदान, बदलाव देखने को मिलेगा उन्होंने कहा कि बंगाल में पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और रुझान बताते हैं कि आगामी परिणामों में बदलाव देखने को मिलेगा। जब ईवीएम खुलेंगी तो कमल ही कमल देखने को मिलेगा। डबल इंजन सरकार बनने पर कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। टीएमसी की गुंडागर्दी सबने देखी, कैसे इन्होंने बीजेपी नेता पर हमला किया। इस अराजकता के खिलाफ बंगाल मुखर होकर सामने आया है। कोई ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा सीएम योगी ने कहा कि अब बंगाल में पीएम मोदी द्वारा भेजा जाने वाला पैसा सीधे विकास कार्यों में खर्च होगा। कोई भी ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा। टीएमसी के नेता कई बार से विधायक हैं। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार को समृद्ध किया,  कटवा की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं है। यह परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग विकास पर ध्यान नहीं देते, बल्कि केवल अपने और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते हैं।  सुरक्षा नहीं दे पाने वाली सरकार को रहने का अधिकार नहीं सीएम योगी ने कहा कि कटवा से कृष्ण घोष के विधायक बनने का मतलब होगा, सैंड माफिया का पूरी तरह समाप्त होना। कोई बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पाएगा। व्यापारियों से ‘कटमनी’ नहीं ली जाएगी और विकास के लिए आने वाले धन का दुरुपयोग नहीं होगा। जो सरकार सुरक्षा नहीं दे सकती उसे रहने का कोई अधिकार नहीं है। यहां रेलवे ब्रिज का निर्माण होगा और भागीरथी नदी पर नए पुल … Read more

यूपी बोर्ड में शानदार प्रदर्शन, सर्वोदय विद्यालयों का हाईस्कूल में 99.19% और इंटरमीडिएट में 99.03% रहा रिजल्ट

लखनऊ.  योगी सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का असर सरकारी विद्यालयों के परीक्षा परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के घोषित परीक्षा परिणामों में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में नया संदेश दिया है। सर्वोदय विद्यालयों का हाईस्कूल परिणाम 99.19 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का कुल परिणाम 99.03 प्रतिशत दर्ज किया गया है। सरकारी विद्यालयों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने साबित किया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुशासित माहौल मिलने पर छात्र-छात्राएं किसी भी स्तर पर बेहतर परिणाम दे सकते हैं।  छात्राओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान गाजियाबाद के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, निडौरी की छात्राओं ने विशेष उपलब्धि हासिल की है। इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में छात्रा अंजली पुंडीर ने 88.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जनपद में चौथा स्थान हासिल किया, जबकि अंशिका ने 87.40 प्रतिशत अंक पाकर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। इन छात्राओं की सफलता से यह स्पष्ट है कि बेटियों को बेहतर अवसर मिलने पर वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। हाईस्कूल में भी छात्रों का दमदार प्रदर्शन शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में हाईस्कूल परीक्षा में सर्वोदय विद्यालयों के कुल 2457 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए, जिनमें से 2437 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। हाईस्कूल में प्रमुख मेधावियों में गाजीपुर के सैदपुर बालिका विद्यालय की उजाला निषाद ने 94.33 प्रतिशत, प्रयागराज के कौड़िहार की अनुष्का त्रिपाठी ने 93.16 प्रतिशत, बांदा के हरदौली के पवन कुमार ने 92.67 प्रतिशत, भदोही के रया के आदर्श कुमार ने 92.66 प्रतिशत तथा चंदौली के नौगढ़ के सुनील कुमार ने 92.50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इंटरमीडिएट विज्ञान और कला वर्ग में भी उत्कृष्ट परिणाम इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में कुल 1058 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 1046 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। वहीं कला वर्ग में 801 विद्यार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 795 छात्र-छात्राएं सफल रहे। इसमें कला वर्ग में बिजनौर के धौलागढ़ की राधिका ने 86.80 प्रतिशत, कुशीनगर के सिरसिया हेतिमपुर की सुमन भारती ने 86.20 प्रतिशत, अमेठी के गौरीगंज की शालू ने 85.20 प्रतिशत, जबकि बिजनौर की कोमल और गायत्री ने 84.80 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं विज्ञान वर्ग में गाजियाबाद के निड़ौरी से अंजलि पुंडीर 88.20 प्रतिशत, फतेहपुर के खागा, खासमऊ से दीपक सिंह 88.00 प्रतिशत, गाजियाबाद के निड़ौरी से अंशिका 87.40 प्रतिशत, प्रयागराज के कौड़िहार से मानशू 86.20 प्रतिशत और देवरिया के मेहरौना से विकास यादव 85.60 प्रतिशत अंक हासिल किए। योगी सरकार में सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योगी सरकार द्वारा जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती, पुस्तकें, बेहतर प्रयोगशालाएं और सुरक्षित वातावरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन प्रयासों का सीधा असर परीक्षा परिणामों में देखने को मिल रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में सरकारी विद्यालयों की छवि तेजी से बदली है। आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और छात्र हितैषी योजनाओं ने सर्वोदय विद्यालयों को नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी प्रदेश स्तर पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

व्हाट्सएप कोड शेयर कर रची साजिश, समीर खान गिरफ्तार

मेरठ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं। यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था। इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है। पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे। आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे। इन्हें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया। व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है। यह पहला मामला नहीं है, जब ये काम किया गया है। शहजाद भट्टी ने रची थी पूरी साजिश पूर्व में गाजियाबाद में जिस टेरर मॉड्यूल का खुलासा एटीएस और आईबी ने किया था, उनके साथ मिलकर भी शहजाद भट्टी ने इसी तरह से साजिश की थी। दरअसल, इरम उर्फ महक निवासी संभल को आरोपी शहजाद ने अपने साथ मिलाया था। इसके बाद इरम से कुछ युवतियों के नंबर मांगे थे, ताकि इनकी मदद से हनीट्रैप और जासूसी का नेटवर्क बनाया जा सके। दूसरी ओर, इरम से उनके ही कुछ परिचित के ऐसे नंबर पता किए, जो की-पैड फोन इस्तेमाल करते हैं। इन नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप शुरू किया गया, जिसे चलाने के लिए कोड इन्हीं नंबर पर आया। इसी कोड को इरम ने शहजाद भट्टी को बताया था। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इसलिए चलाते हैं भारत के नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है। ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है। भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता चला नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है। यह पहला मामला नहीं, जब इस तरह से भारत के नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाए जा रहे हैं। पूर्व में शामली में गिरफ्तार आतंकी ने भी दो मोबाइल फोन पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप एक्टिव कराया था।

रामदास आठवले का बड़ा ऐलान, 25 सीटों पर उतरेंगे उम्मीदवार

 लखनऊ यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई। पार्टियां की तैयारियों में लग गई हैं। इस बीच यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी को टेंशन दे रहे हैं। अब रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने दावा किया है कि वह अगामी यूपी विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। आठवले ने कहा कि यूपी में अब रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया अपनी जमीन तैयार करेगी। आठवले ने इस दावे के साथ यह भी कहा कि आज शाम को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह भागीदारी को लेकर चर्चा करेंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले शनिवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस पर लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली पार्टी का लक्ष्य एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का है। रैली डिफेन्स एक्सपो मैदान में होगी। पार्टी यूपी के 62 जिलों में अपना संगठन खड़ा कर चुकी है। पार्टी भाजपा के साथ मिलकर अगले विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत आजमाएगी। शाम को योगी से करेंगे मुलाकात आठवले ने कहा कि बसपा का जनाधार खत्म हो चुका है। उनकी पार्टी भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली है। उनकी पार्टी को वंचित समाज का समर्थन मिलेगा और उनके सहयोग से भाजपा को दलित वोट मिलेगा। आठवले ने कहा कि भाजपा से गठबंधन और चुनाव में सीटों की भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज शाम को मुलाकात भी करेंगे। अखिलेश यादव पर भी हमला बोला आठवले ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। आठवले ने कहा कि महिलाओं का विरोध समाजवादियों का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत होगी। मराठी अनिवार्य पर भी आठवले महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए सख्त नियम लागू होने जा रहा है। आगामी 1 मई यानी 'महाराष्ट्र दिवस' से सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए स्थानीय भाषा 'मराठी' का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है नहीं तो लाइसेंस रद्द होगा, इस पर आठवले ने कहा कि भाषा का ज्ञान होना चाहिए लेकिन लाइसेंस रद्द कर देना उचित नहीं है।

डेयरी सेक्टर में बदलाव,आईटी लैब से गाय-भैंस की जल्दी प्रेग्नेंसी टेस्टिंग

लखनऊ यूपी में करीब और 190.20 लाख गोवंश 330.10 लाख भैंस हैं। इसमें प्रजनन योग्य 89.36 लाख गाय और 153.12 लाख भैंस हैं। इसमें करीब एक लाख गाय भैंस में समय से गर्भ धारण नहीं करने की समस्या पाई जाती है। अभी तक पशुओं के गर्भवती होने की जांच तीन माह में हो पाती हैं। यदि कोई गाय या भैंस गर्भ नहीं धारण की है तो तीन से चार माह बाद ही उसे दोबारा गर्भ धारण कराया जाता है। इस अंतर को कम करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश में आईटी इनैबल्ड पशु गर्भपरीक्षण प्रयोगशाला बनाई जा रही है। इन प्रयोगशाला में किट के जरिये 28 दिन में ही जांच हो सकेगी। यदि कोई गाय भैस गर्भवती नहीं हुई है तो किसान माहभर बाद ही उसे दोबारा सीमेन चढ़वा सकेगा। साथ ही पशु चिकित्सक से संपर्क करके उसका उपचार भी करा सकेगा। इसकी शुरुआत बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच ब्लॉकों से की जा रही है। यानी हर क्षेत्र में एक-एक ब्लॉक का चयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अतिहिमीकृत वीर्य द्वारा कृत्रिम गर्भाधान को बढावा दिए जाने की नीति बनाई गई है। सभी पशु अस्पतालों में हिमीकृत बीज रखने के लिए अलग अत्याधुनिक लैब भी बनाई जा रही है। इसी तरह विदेशी नस्ल के सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराकर संकर नस्ल तैयार कर दूध की मात्रा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को दी जाएंगी गाय गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि कई गौशाला में अच्छी नस्ल की गायें हैं। इन गायों का उपचार कराया गया है। कुछ गर्भवती भी हैं। इन्हें किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुदेलखंड में यह प्रयोग काफी सफल रहा है।  

42 हजार पदों के लिए आज से परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

लखनऊ होमगार्ड के करीब 42 हजार पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन शनिवार से होगा। सोमवार तक यह परीक्षा रोजाना दो पालियों में सुबह 10 से 12 और शाम 3 से 5 बजे तक आयोजित होगी। इसमें करीब 25 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा को निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। परीक्षा के दौरान तीन दिन तक प्रदेश पुलिस अलर्ट पर रहेगी। शनिवार की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक आने शुरू हो गए हैं। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया कि श्रावस्ती को छोड़कर अन्य सभी जिलों में एक हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सकुशल आयोजन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनकी देखरेख में प्रश्नपत्र जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा में पहुंच चुके हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे। सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों को इस बाबत पूर्व में निर्देश दिए जा चुके हैं। परीक्षा में सेंध लगाने का प्रयास करने वालों पर कई एजेंसियां पैनी नजर रख रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर परीक्षा से संबंधित जानकारी आदि का प्रचार-प्रसार करने वालों को सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। वहीं सीएम योगी ने भी बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा की समीक्षा करने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। होमगार्ड परीक्षा के चलेंगी चार स्पेशल ट्रेनें  उत्तर प्रदेश होमगार्ड परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर रेलवे प्रशासन ने चार स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इससे परीक्षार्थियों को आने-जाने में राहत होगी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 25, 26, 27 अप्रैल को उप्र होमगार्ड परीक्षा होनी है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए चार परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। 04220 लखनऊ जंक्शन जौनपुर परीक्षा स्पेशल शाम 6:20 बजे चलकर बाराबंकी, रुदौली, अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम, अकबरपुर, शाहगंज से होते हुए जौनपुर पहुंचेगी। 04222 लखनऊ जंक्शन प्रयाग परीक्षा स्पेशल शाम 5:30 बजे चलकर निहालगढ़, सुल्तानपुर, मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन व फाफामऊ से होते हुए प्रयाग पहुंचेगी। 04223 वाराणसी मऊ परीक्षा स्पेशल शाम छह बजे चलकर जौनपुर, औड़िहार से होते हुए मऊ जाएगी तथा 04224 वाराणसी बिजौली स्पेशल शाम 6:35 बजे चलकर औड़िहार, गाजीपुर, यूसुफपुर होते हुए बिजौली पहुंचेगी।  

पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी राहत, जानें कब बदलेगा मौसम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी अपने पूरे रंग में है। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाके भीषण गर्मी के चपेट में रहे। तपिश के प्रकोप से अब जनजीवन और लोगों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। प्रयागराज, वाराणसी, हरदोई, आगरा, मेरठ,अलीगढ़ और शाहजहांपुर जैसे शहरों भयानक लू के थपेड़ों का प्रकोप रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। 45.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रयागराज प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। माैसम विभाग का कहना है कि 26 अप्रैल से यूपी में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी होगी और तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। साथ ही लू के थपेड़ों और तपिश से राहत मिलेगी। हालांकि शनिवार के लिए भी माैसम विभाग की ओर से प्रदेश के 45 जिलों में लू की चेतावनी जारी किया गया है। वहीं पश्चिम के 21 जिलों में वार्म नाइट की आशंका जताई गई है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नए विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश भर में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और पश्चिमी यूपी समेत विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी से पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इन 45 जिलों के लिए है लू की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नोज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मधुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी व आस पास के क्षेत्र। यहां है वार्म नाइट होने की संभावना सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र । पारा 42.5 डिग्री पर, शुक्रवार बना सीजन का सबसे गर्म दिन  राजधानी में शुक्रवार को भीषण गर्मी के बीच पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है। यह वर्तमान सीजन में लखनऊ में दर्ज हुआ सबसे ज्यादा तापमान है। अधिकतम तापमान अभी सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा है। दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री की कमी भी आई है। शुक्रवार को यह 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार की सुबह से ही तेज धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर तक झुलसा देने वाली धूप व गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का राह चलना मुहाल कर दिया। गर्मी के असर से दोपहर में सड़कों पर सूनापन साफ नजर आया है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर को ढके और पानी की बोतल साथ लिए नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते लखनऊ में 27 अप्रैल से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और 28 व 29 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इस बदलाव से तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट के संकेत हैं। इससे तपिश और लू जैसे हालात से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी जारी है। शनिवार व रविवार को लू का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। परिषदीय स्कूलों में गर्मी और लू से बचाव के निर्देश जारी प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए हैं। धूप में किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई गई है। प्रार्थना सभाएं छायादार स्थानों या कक्षाओं में होंगी। आउटडोर गतिविधियां सुबह 9 बजे तक पूरी करनी होंगी। विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, छाया और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। फर्स्ट-एड की भी व्यवस्था अनिवार्य है।  शिक्षकों को बच्चों को समय-समय पर पानी पीने और लू से बचाव के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। बच्चों को जंक फूड, बासी या मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। विद्यालयों को पंखे, स्वच्छ शौचालय और मिड-डे-मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने फर्स्ट-एड किट में ओआरएस, बुखार और उल्टी-दस्त की दवाएं रखने को कहा है।  

पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने हासिल की सफलता

योगी सरकार में संस्कृत शिक्षा को नई पहचान, पारदर्शी व्यवस्था के बीच यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 का रिजल्ट घोषित पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने हासिल की सफलता तीनों वर्गों में बेहतर रहा प्रदर्शन, सीसीटीवी निगरानी, रियल टाइम मॉनिटरिंग और सख्त व्यवस्थाओं के बीच हुई परीक्षा  पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) में कन्नौज की सृष्टि ने हासिल किया शीर्ष स्थान उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने मारी बाजी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभाव अब संस्कृत शिक्षा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उ०प्र० माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम एवं उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। पारदर्शी व्यवस्था के बीच पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91% परीक्षार्थी, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% परिणाम और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ महेंद्र देव और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने परीक्षाफल की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेश के 241 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच संपन्न कराई गईं। परीक्षाफल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर जनसामान्य के लिए उपलब्ध है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कन्नौज के सुजीत और प्रतापगढ़ के रजनीश बने टॉपर पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के परीक्षाफल में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान पर सुजीत कुमार (कन्नौज) रहे, जिन्होंने 700 में से 661 अंक (94.43%) प्राप्त किए। द्वितीय स्थान पर खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) ने 660 अंक (94.29%) हासिल किए। तृतीय स्थान मुलायम सिंह यादव (प्रतापगढ़) और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29%) के साथ प्राप्त किया। उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने 1400 में से 1251 अंक (89.36%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) रहीं, जिन्होंने 1199 अंक (85.64%) प्राप्त किए। तृतीय स्थान पर काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43%) के साथ स्थान बनाया। पूर्व मध्यमा द्वितीय में शानदार प्रदर्शन पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 21,107 संस्थागत और 808 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा में 16,615 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 15,029 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.96 और व्यक्तिगत का 94.78 रहा। इस वर्ग में 11,340 बालक एवं 3,689 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत (96.64%) बालकों (95.68%) से अधिक रहा। उत्तर मध्यमा प्रथम में बालिकाओं ने फिर मारी बाजी उत्तर मध्यमा प्रथम में कुल 19,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 19,116 संस्थागत और 629 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 15,746 परीक्षार्थी शामिल हुए और 14,028 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.45 और व्यक्तिगत का 93.00 रहा। इस वर्ग में 10,420 बालक और 3,608 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जहां बालिकाओं का प्रदर्शन (94.62%) बालकों (94.33%) से बेहतर रहा। उत्तर मध्यमा द्वितीय में लगातार बेहतर परिणाम उत्तर मध्यमा द्वितीय में 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 13,694 संस्थागत और 468 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 13,302 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 12,306 सफल हुए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86 रहा। इसमें 9,053 बालक और 3,253 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.95 रहा, जो बालकों (94.47%) से अधिक है। पिछले वर्ष से बेहतर रहा परिणाम इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड कराई गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, वहीं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू रही। इसके अतिरिक्त जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की गई। मूल्यांकन कार्य 7 मार्च से 20 मार्च के बीच 13 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परिषद के अनुसार, इस वर्ष का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बेहतर रहा है, जो योगी सरकार की पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। तकनीक आधारित निगरानी से बनी परीक्षा की विश्वसनीयता परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, जनपद एवं मंडल स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग और उपस्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपायों ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाया। यही कारण है कि इस वर्ष का परिणाम न केवल बेहतर रहा, बल्कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। योगी सरकार की नीतियों से संस्कृत शिक्षा को मिला नया प्रोत्साहन योगी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का बेहतर प्रबंधन और बढ़ता उत्तीर्ण प्रतिशत इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिल रही है, बल्कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। श्रेणीवार परीक्षाफल श्रेणीवार परीक्षाफल के अनुसार पूर्व मध्यमा द्वितीय में सर्वाधिक 14,199 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 816 द्वितीय श्रेणी और 5 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में रहे। वहीं उत्तर मध्यमा प्रथम में 5,661 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 6,087 द्वितीय श्रेणी में तथा 555 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण घोषित किए गए।