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मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

प्रयागराज में आध्यात्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान, योगी सरकार ने बढ़ाया विदेशी श्रद्धालुओं का विश्वास

योगी सरकार में विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ा भरोसा, प्रयागराज बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।  सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे  प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।

काम में तेजी लाकर फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निर्माण जल्द से जल्द करने के दिए निर्देश

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को निर्माणाधीन डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में बन रहे रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क के निर्माण की भी जानकारी ली। उन्होंने इन तीनों परियोजनाओं को सुगम यातायात और बाढ़ बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  ईको पार्क सहित 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले वह लालडिग्गी के आगे बंधे पर रुके। यहां उन्होंने फोरलेन सड़क परियोजना के ड्राइंग मैप का अवलोकन किया और कार्य प्रगति के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि काम में और तेजी लाकर इसे जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की तैयारी करें।  इसके बाद सीएम योगी ने इसी मार्ग पर इलाहीबाग के पास बंधे पर रुककर निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने लक्षित समय सितंबर 2026 की बजाय जुलाई 2026 तक ही फोरलेन का काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए। यहां मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि महेसरा तक बनने वाले फोरलेन के अंतिम छोर को खूबसूरत बनाने में नगर निगम भी योगदान दे। उन्होंने कहा कि महेसरा में सड़क से सटी वाटर बॉडी के समीप की भूमि पर कचरा पड़ा रहता है। वहां भी ईको पार्क जैसा विकास किया जा सकता है। गोरखपुर में खड़ी हो रही विकास की नई श्रृंखला : मुख्यमंत्री फोरलेन सड़क का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने डोमिनगढ़ चौकी के पास जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर रेल उपरिगामी पुल की प्रगति की जानकारी ली। ड्राइंग मैप देखने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। डोमिनगढ़ चौकी के पास स्वागत के लिए जुटे लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में जीवन सुगमता के लिए विकास की एक नई श्रृंखला खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि हाबर्ट बंधा, डोमिनगढ़ बंधा पर फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में रेल उपरिगामी पुल बन जाने से घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के लोगों को आवागमन में बड़ी सहूलियत हो जाएगी। फोरलेन के रूप में तटबंध सुदृढ़ हो जाने से बाढ़ से भी बचाव होगा। फोरलेन सड़क बन जाने से जंगल कौड़िया-कालेसर या फिर सोनौली मार्ग पर जाना बेहद सुगम हो जाएगा। सिटी के बाहर मिल जाएगी फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी : सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सिटी के बाहर-बाहर फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। राजघाट, टीपीनगर से होते हुए नेपाल जाने वाले मार्ग पर जाने के लिए यात्रियों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस फोरलेन से सीधे महेसरा और फिर वहां से सोनौली मार्ग पर जाना आसान होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यदायी संस्थाएं समय पर कार्य पूर्ण कर लेंगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। महेसरा पुल तक जाएगी 10 किमी लंबी सड़क डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से बसियाडीह मंदिर होते हुए महेसरा पुल के पास गोरखपुर-सोनौली मार्ग तक 10.2 किमी लंबाई में 379.54 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण जारी है। इसकी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो है। इस सड़क को सितंबर 2026 तक पूरा कराया जाना है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे जुलाई तक ही पूरा करने के लिए निर्देशित किया है।  हाबर्ट बंधे से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग की होगी कनेक्टिविटी इसी तरह राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। 4.07 किमी लंबे इस मार्ग को फोरलेन सड़क में तब्दील करने पर 195.21 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अनुसार 75 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है और इसे मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 132 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा रेल उपरिगामी पुल जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर उपरिगामी पुल का निर्माण 132 करोड़ 60 लाख 78 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा है। 755 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इस पुल के बन जाने से टीपीनगर, कालेसर जंगल कौड़िया मार्ग से जोड़ते हुए रोहिन नदी के बाएं तट पर हाबर्ट तटबंध से माधोपुर तटबंध होते हुए मोहरीपुर का गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। इससे सोनौली मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी, समय व ईंधन की बचत भी होगी।

फार्मर रजिस्ट्री के लिए कम सैचुरेशन वाले गांवों पर फोकस, सभी भूमिधर किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश

लखनऊ.  प्रदेश में जायद 2026 सीजन की तैयारियों के तहत सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को लेकर अभियान तेज कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विशेष रूप से उन गांवों पर फोकस किया जा रहा है जहां अब तक रजिस्ट्री का सैचुरेशन कम है। अभियान के तहत सभी भूमिधर किसानों को शामिल किया जाएगा, चाहे वे पीएम किसान योजना के लाभार्थी हों या नहीं। किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं, स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हर किसान तक जानकारी पहुंच सके और रजिस्ट्रेशन में तेजी आए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी। इसके बिना किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं, उर्वरकों और बीज का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में किसानों को समय रहते अपना पंजीकरण पूर्ण कराने की सलाह दी गई है। इसी क्रम में जायद 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे भी निर्धारित समयसीमा में संचालित किया जाएगा। इसके लिए 28 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 1 मई से 31 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से फसलों का सटीक आंकलन कर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

24 को लखनऊ में होगा उत्तर जोन का क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन

लखनऊ.  उत्तर जोन खेती का प्राण है। कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने अनेक सकारात्मक कदम उठाए हैं। यूपी के इस कदम के कारण केंद्रीय किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में 24 अप्रैल (शुक्रवार) को सेंट्रम होटल में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर जोन) होगा। इसमें 9 राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब व दिल्ली) के कृषि मंत्री, उद्यान मंत्री, प्रमुख सचिव, निदेशक, एफपीओ, प्रगतिशील किसान, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, भारत सरकार के अधिकारी आदि रहेंगे। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी व रामनाथ ठाकुर भी सम्मिलित होंगे।  यह जानकारी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी। श्री शाही ने गुरुवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।   उन्होंने बताया कि इसमें कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की प्रगति, राज्यों के किसानों, केंद्र के स्टार्टअप, एफपीओ, नाबार्ड, बैंकों, मिल मालिकों, प्रसंस्करण इकाइयों, बागवानी की संभावनाओं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की प्रगति, बीज एजेंसियों, खरीद एजेंसियों, सिंचाई कंपनियों, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन आदि पर चर्चा व समीक्षा भी होगी।  अपने बेहतर कार्यों के बारे में प्रस्तुतिकरण देंगे अन्य राज्य कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों के कल्याण व आमदनी को लेकर विभिन्न राज्यों ने बेहतर कार्य किया है। वे अपने कार्यों का प्रस्तुतिकरण देकर अन्य राज्यों को भी अवगत कराएंगे। उत्तर प्रदेश के अंदर गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग शुरू कराई गई है। इसके साथ ही धान की सीधी बोआई (डीएसआर) विधि को लेकर भी प्रस्तुतिकरण होगा। भारत सरकार ने सर्वोत्तम पद्धति मानते हुए इसे किसानों के हित का भी बताया है। वहीं पंजाब सरकार ने धान के फसल विविधीकरण की पद्धति, हिमाचल व उत्तराखंड ने बागवानी के क्षेत्र में विशेष पद्धति अपनाई है। इसके साथ ही कृषि के क्षेत्र में अन्य राज्यों के विभिन्न सकारात्मक कार्यों की भी जानकारी आदान-प्रदान होगी।  किसानों को सामर्थ्यवान बनाने पर भी होगी विस्तृत चर्चा सम्मेलन में नकली कीटनाशकों, उर्वरकों की कालाबाजारी पर नियंत्रण, प्रभावी वितरण, इसके विकल्पों को बढ़ावा देने, संतुलित उपयोग, रासायनिक फर्टिलाइजर की जगह पर अल्टरनेटिव फर्टिलाइजर के प्रयोग को लेकर भी पर विस्तृत चर्चा व समीक्षा भी होगी। सम्मेलन में उत्तर जोन के लिए आगे क्या पॉलिसी बनाई जाए और इसके जरिए किसानों को कैसे सामर्थ्यवान व आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा सके, इस पर भी चर्चा होगी।  यूरिया की खपत कम कराने के लिए लगभग 40 हजार कुंतल ढेंचे का बीज कराएंगे उपलब्ध कृषि मंत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि उत्तर प्रदेश में उर्वरक की कोई समस्या नहीं है। उत्तर प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक फर्टिलाइजर है। इसमें साढ़े 11 लाख एमटी यूरिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि लगभग 40 हजार कुंतल ढेंचे का बीज किसानों को उपलब्ध कराएगी, जिससे यूरिया की 20 प्रतिशत खपत कम होगी।

सरकार ने असमय बारिश से प्रभावित गेहूं पर दी राहत, पूरे प्रदेश में शिथिल मानकों के साथ होगी खरीद

लखनऊ. असमय हुई बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल को देखते हुए सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद अब शिथिल मानकों के साथ की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को नुकसान से बचाना और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से रोकना है। सरकार के निर्णय के अनुसार, अब प्रदेश में लस्टर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की स्वीकार्य सीमा को बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है। वहीं सिकुड़े और टूटे दाने की सीमा, जो पहले 6 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इससे बारिश के कारण गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद किसानों का गेहूं खरीदा जा सकेगा। अलग से भंडारण और राज्य में ही उपयोग शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाएगा और उसका अलग लेखा-जोखा होगा। इस गेहूं का उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। भंडारण की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान यदि गुणवत्ता में कोई गिरावट होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। साथ ही, ऐसे गेहूं के स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल हाल की बारिश से प्रभावित हुई है। सरकार का यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को स्थिर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

करने की इच्छाशक्ति हो तो लाया जा सकता है व्यापक परिवर्तन : मुख्यमंत्री

लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क और नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क जनता को समर्पित किया सीएम ने गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है। करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन इसका प्रमाण है। सीएम योगी गुरुवार पूर्वाह्न राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता टूलकिट और कैलेंडर का अनावरण कर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया। एकला बंधे पर आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने एकला बंधा पर ईको पार्क के रूप में हुए नए कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी या लखनऊ की तरफ से गोरखपुर प्रवेश करते ही सबसे पहला मुकाबला कचरे से होता था। बहुत भद्दा और बहुत बुरा लगता था। पर, करने की इच्छाशक्ति से धीरे-धीरे परिवर्तन होता गया। उन्होंने कहा कि आज से 30-35 वर्ष पहले, आज जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है, पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था। नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्टनगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है। ट्रांसपोर्टनगर बन जाने के बाद कचरा एकला बंधा पर गिराया जाने लगा। इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव। इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया। गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदल दिया नगर निगम ने ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। गोरखपुर में हुआ हर क्षेत्र में बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इच्छा शक्ति और साफ नीयत के कारण बीते नौ वर्षों में गोरखपुर में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है। गोरखपुर ने रोड कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, उद्योग, रोजगार सहित हरेक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पहले जहां खेलने की सुविधा नहीं थी, आज गोरखपुर में कई मिनी स्टेडियम बने हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बने हैं। यहां चार विश्वविद्यालय है। गोरखपुर में खाद कारखाना भी चल गया है और पिपराइच में चीनी में मिल भी लग गई है। इतना ही नहीं, दक्षिणांचल सहित जिले में बाढ़ की समस्या का भी तेजी से समाधान हो रहा है। नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क से और सुगम होगा आवागमन सीएम योगी ने ईको पार्क के सामने से नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क को नौसढ़ की जाम की समस्या का समाधान करने का माध्यम बताते हुए कहा कि करीब तीन किमी लंबे इस फोरलेन से लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आने जाने के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था, आज वहां बेहतर नालियां है। जहां पहले अंधेरा था, आज वहां एलइडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी है। जहां लोगों के सामने पेयजल की समस्या थी, वहां आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिजली नहीं मिलती थी। अब इस एकला तटबंध पर जो भी बिजली जलेगी, वह सोलर एनर्जी होगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। यह भी नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया एक बेहतरीन प्रयास है। यहां पर जो सिटी फॉरेस्ट लगाया गया है, यह अपने आप में पूरे क्षेत्र को अत्यंत हरियाली से युक्त करके प्रदूषण से मुक्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। जहां पहले समस्या थी, आज वहां पर गोरखपुर महानगर ने समाधान दिया है। सेफ और स्मार्ट सिटी को लेकर सभी नगर निगमों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सीएम योगी ने कहा कि आज जो भी यूपी में आता है, उसको प्रदेश के अंदर कुछ बदलाव देखने को मिलता है। सेफ और स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और इसी के अनुरूप प्रदेश के सभी नगर निगम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। सभी वार्डों में ग्रीन बेल्ट एंड मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है। समुचित जल निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। स्कूली बच्चों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के मंच से स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 3 में लाने के लिए स्कूली बच्चों के विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसमें शामिल एक लाख से अधिक बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचेगा। बच्चों को आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) के बारे में बताया जाएगा। वेस्ट टू आर्ट, निबंध और रील्स प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वच्छता के संदेश का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से 2000 से अधिक शिक्षकों और 1000 से ज्यादा अनुभवी अभिभावकों को … Read more

किसी की भी जमीन पर न होने पाए दबंगों का कब्जा : सीएम योगी

गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जमीन से जुड़े विवादों का निस्तारण विशेष टीम गठित करके किया जाए। जमीन का मालिकाना हक उसके वास्तविक स्वामी के पास ही होना चाहिए। किसी व्यक्ति की जमीन पर यदि दबंगों ने कब्जा किया है तो जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों को कानूनी सबक सिखाया जाए। किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले बख्शे न जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जनता दर्शन में भूमि विवाद के मामलों में उन्होंने अफसरों से कहा कि विशेष टीम लगाकर ऐसे मामलों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए।

नितिन नवीन का यूपी विधानसभा चुनाव पर बड़ा बयान: ‘योगी आदित्यनाथ ही होंगे पार्टी के चेहरे’

लखनऊ / नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर अभी से ही सियासत गर्मा गई है. सपा ने पश्चिमी यूपी के दादरी से मिशन-2027 का आगाज किया तो बीजेपी ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना चेहरा तय कर लिया है, जिसके अगुवाई में चुनाव लड़ने की प्लानिंग की है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है।  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक हिंदी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ-साफ शब्दों में कहा कि देखिए योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं. उनके नेतृत्व सरकार चल रही है. ऐसे में हम निश्चित रूप से वही चेहरा होंगे।  नितिन नवीन ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है और उनके ही चेहरे पर बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. यूपी में सत्ता की हैट्रिक लगने की उम्मीद नितिन नवीन ने जतायी है।  सीएम योगी के चेहरे पर बीजेपी लड़ेगी चुनाव बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या यूपी और उत्तराखंड में सीएम योगी और सीएम धामी ही चेहरा होंगे? इसके सवाल के जवाब में नितिन नवीन ने कहा कि देखिए वे हमारे मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं. तो निश्चित रूप से चेहरे वही होंगे.' इसके साथ ही यूपी के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि पहले जिस यूपी को वसूली और अपराध के लिए जाना जाता था, उसी यूपी को आज बेहतर कानून व्यवस्था और एक्सप्रेसवे के लिए जाना जाता है।  उत्तर प्रदेश के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में नितिन नवीन ने कहा, 'देखिए उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं. एक समय जिस उत्तर प्रदेश को अपराध के लिए जाना जाता था, वसूली के लिए जाना जाता था. कास्ट के आधार पर भ्रमित किया जाता था. आज उसी उत्तर प्रदेश का विकास के लिए जाना जा रहा है, एक्सप्रेसवे के लिए जाना जा रहा है. लॉ एंड ऑर्डर के लिए जाना जा रहा है।  योगी के यूएसपी से बीजेपी की लगेगी हैट्रिक उन्होंन् कहा कि निश्ति रूप से आप आवाम की जिन चीजों की पहली आवश्यकता होती है,गुड गवर्नेंस, डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों के जैसे काम कर रहा है. तो आम जनमानस इसको देखकर वोट करता है. अगर हमने गरीब की चिंता की. चाहे वो प्रधानमंत्री अन्न योजना से लेकर पूरी तरह से सरकार की योजनाओं को एकदम नीचे तक क्रियानवन किया. वहीं हमने इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ भी दिखाया. हम इन्वेस्टमेंट भी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ला रहे हैं।  नितिन नवीन ने कहा कि यूपी में लॉ एंड ऑर्डर का जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यूएसपी है, वो भी जमीन पर दिख रहा है. तो मैं मानता हूं कि आज उत्तर प्रदेश के कई शहर विकसित शहर के रूप में दिख रहे हैं. तो ये सब चीजें हमारे लिए स्पष्ट रूप से हमारे तीसरे सरकार बनाने के लिए, हैट्रिक लगाने के लिए काफी है।