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वी विन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर यूपीडेस्को ने की त्वरित कार्रवाई

वी विन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर यूपीडेस्को की कार्रवाई एजेंसी को भेजा नोटिस, वेतन व अन्य सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश लखनऊ  वी विन प्रा. लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेसन लिमिटेड (यूपीडेस्को) ने तत्काल कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए यूपीडेस्को की एमडी नेहा जैन द्वारा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यूपीडेस्को ने कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश भी दिए हैं। नोटिस में एजेंसी से स्पष्ट कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनसेवा परियोजना है, जिसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं है। इसके संचालन में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। यूपीडेस्को ने एजेंसी को निर्देशित किया है कि वह तत्काल कर्मचारियों का वेतन व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करे और हेल्पलाइन की सेवाओं को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करे। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। “इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में कॉल सेंटर एजेंसी वी विन प्रा. लिमिटेड को भेजे गए नोटिस में यूपीडेस्को ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों को निर्धारित वेतन व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कठोर कार्रवाई की जाएगी।” –    नेहा जैन, एमडी, यूपीडेस्को

वाराणसी में आज से शुरू होगा ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य, दर्शकों का इंतजार खत्म

वाराणसी में आज से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय संस्कृति-पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ धर्म व अध्यात्म की नगरी काशी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन, बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी  शनिवार को बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे मुख्यमंत्री वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। सीएम योगी, केंद्रीय पर्यटन-संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बीएलडब्ल्यू में सम्राट विक्रमादित्य  की जीवनी पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। 3 से 5 अप्रैल तक मंचन वाले इस महानाट्य का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जनमानस को परिचित कराना है। बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी वैदिक घड़ी  भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे वाराणसी पहुंचेंगे। शाम करीब 7 बजे वह बीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर इस महानाट्य को देखेंगे। इसके आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 अप्रैल (शनिवार) की सुबह काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।  3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन  वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक भारत के स्वाभिमान और विकास की गाथा का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की प्रस्तुति लगभग 1.45 घंटे की होगी। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री का बयान: आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था का सम्मान करने का सबसे प्रभावी माध्यम

समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था आकाशवाणीः मुख्यमंत्री आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित  अनेक आंदोलनों का भी साक्षी रहा है आकाशवाणीः सीएम योगी  सीएम ने सुनाए स्कूल के किस्से, कहा- हमें बताया जाता था कि भाषा शुद्ध करनी हो तो आकाशवाणी सुनें लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आकाशवाणी की 88 वर्ष की यात्रा को शानदार बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे बचपन में स्मार्टफोन-टेलीविजन नहीं थे। लैंडलाइन फोन भी एकाध ही थे, उस समय सबसे पहली आवाज आकाशवाणी की सुनी थी। सुबह आकाशवाणी का कार्यक्रम भरत चले चित्रकूट धुन से प्रारंभ होता था। हम लोगों ने बचपन में सुना और देखा कि आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना। समाचार पत्रों की हेडलाइंस भी अलग-अलग समय में चलने वाले बुलेटिनों के माध्यम से पता चलती थी। उसमें भाषा की शुद्धता, समाचार की गुणवत्ता और सच्चाई भी झलकती थी। कहीं भी पीत पत्रकारिता नजर नहीं आती थी। जो जैसा है, वैसा प्रस्तुत करने का साहस था।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। इस दौरान आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। विभिन्न बोलियों के जरिये लोगों को जोड़ने का माध्यम बना आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि उस समय आकाशवाणी के मुख्य केंद्र लखनऊ के साथ ही नजीमाबाद और गोरखपुर केंद्र से समाचार सुनने को मिलते थे। आकाशवाणी ने हिंदी की उप भाषाओं तथा भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली, कुमाऊंनी समेत अलग-अलग बोलियों के जरिये स्थानीय लोगों को जोड़ने का एक माध्यम बनाया। आकाशवाणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञानवर्धन, आस्था का सम्मान व स्थानीय लोकभाषाओं-लोककलाओं के लिए सशक्त मंच भी था।  जहां कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां पहुंचता था आकाशवाणी सीएम योगी ने कहा कि गांव हो या शहर, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी पहुंच जाता था। 1924 में कांग्रेस के अधिवेशन में मो. अली जौहर ने वंदे मातरम का विऱोध किया था। 1937 में कांग्रेस ने तय किया कि इसके पहले दो छंद गाए जाने चाहिए। 1938 से आकाशवाणी लखनऊ में वंदे मातरम का गायन हो रहा है। आकाशवाणी देश की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का मंच भी बना था। इसके साथ ही कला-साहित्य, कृषि, युवा, हस्तशिल्प समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी विभूतियों के लिए व्यापक शोध किए जाते थे। उनकी बोली के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे। किसान रेडियो पर ‘किसान दर्शन’ कार्यक्रम सुनते थे। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ की भी चर्चा सीएम योगी ने कहा कि आज हम लोग आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ सुनते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 से प्रारंभ हुआ। अब तक इसके 132 एपिसोड हो चुके हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्या विशिष्ट हो रहा है। विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने और समाज के लिए हम क्या विशिष्ट योगदान दे सकते हैं। इन सभी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के ‘मन की बात’ में देश प्रथम का भाव प्रदर्शित होता है। देश के लिए योगदान करने वाले लोगों की सराहना, उनकी उपलब्धियों के बारे में प्रधानमंत्री के मुख से सुनना बड़ा सम्मान है। पीएम मोदी हर बार ‘मन की बात’ में पांच-सात दृष्टांत प्रस्तुत करते हैं, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। जनविश्वास का सशक्त माध्यम बना था आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि जब स्मार्टफोन, टेलीविजन, लैंडलाइन फोन की इतनी व्यवस्था नहीं थी,  तब देश-दुनिया को जानने का माध्यम आकाशवाणी ही था। जहां सड़क-पगडंडी भी नहीं थी, वहां आकाशवाणी पहुंच चुका था। इसके कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते थे। आकाशवाणी ने लोकवाद्यों को भी प्रोत्साहित किया। जिन्होंने सड़क नहीं देखी, वे लोग भी अपने लोकवाद्य के साथ आकाशवाणी जाकर उसका वादन करते थे, तब देश को इन वाद्यों के बारे में जानकारी मिल पाती थी। आकाशवाणी किसानों, खिलाड़ियों के लिए प्लेटफॉर्म बना। आज हमारे पास जानकारी लेने के अनेक साधन हैं, लेकिन उस समय ऐसा कुछ भी नहीं था। हमने आकाशवाणी को आवाज से आगे बढ़कर जनविश्वास के प्रतीक के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ते देखा है। योगी ने विश्वास जताया- नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा आकाशवाणी  सीएम ने इसके वर्तमान स्वरूप पर भी अपनी बातें रखीं। कहा कि 88 वर्ष पश्चात यह चिंतन की आवश्यकता है कि समय के अनुरूप हम अपने आप को कितना तैयार कर पाए हैं और आज के अनुरूप कार्यक्रम को कैसे और लोकप्रिय-प्रभावी बना सकते हैं। सीएम ने आकाशवाणी के सीईओ से आज के परिप्रेक्ष्य में आकाशवाणी की भूमिका पर जोर दिया और विश्वास जताया कि आकाशवाणी साहित्यकारों, कलाकारों, युवाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों समेत समाज के अलग-अलग तबके के लोगों के साथ ही पुराने लोगों के बारे में नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा।  भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें  सीएम ने अपने स्कूल के समय को भी याद किया और कहा कि उस समय हम लोगों में आपस में आकाशवाणी के कार्यक्रमों की भी चर्चा होती थी। स्कूलों में बताया जाता था कि आकाशवाणी में यह कार्यक्रम आ रहा है। भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें, क्योंकि उद्घोषक के चयनित शब्दों से सीखने-जानने की अभिलाषा होती थी। सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी किया याद सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी याद किया और कहा कि 2 अप्रैल 1938 को उन्होंने इस केंद्र का शुभारंभ किया। वह 1937 में यूपी के प्रीमियर बने थे। यह पद मुख्यमंत्री के समकक्ष होता था। 1950 में जब संविधान लागू हुआ, उसके बाद से मुख्यमंत्री का पद प्रारंभ हुआ। मेरा सौभाग्य है कि 88 वर्ष की शानदार यात्रा के समारोह में पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली यूपी की विभूतियों और आकाशवाणी के कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां या संवर्धन देने वाले विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर मिल रहा है।  अनेक आंदोलनों का साक्षी रहा है आकाशवाणी … Read more

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जीती बाजी

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी    वित्तीय वर्ष 2025-26 में पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     पिछले एक साल प्रदेश भर के एक लाख 45 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकॉनमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था। आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ व तीसरे स्थान पर हरदोई है।    पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन  योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष पूरे प्रदेश से 3,86,092 युवाओं ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें 3,30,441 आवेदनों को बैंक को अग्रसारित किया गया। 1,45,454 आवेदनों को बैंक ने लोन देने पर स्वीकृति दी। अब तक 1,38,304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     जौनपुर में सबसे अधिक 4,092 युवाओं को लोन वितरित सीएम युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को अभियान के तहत 2,700 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 9,785 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 8,406 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 4,092 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष 151.56 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पूरे वित्तीय वर्ष जौनपुर की स्थिति पहले स्थान पर बनी रही। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ  आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के अधिक से अधिक युवाओं को सीएम युवा योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर लगातार वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स और आवेदकों को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आजमगढ़ को योजना के तहत 2,700 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 8,871 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 7,751 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 4,049 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में 149.96 प्रतिशत सफलता हासिल कर आजमगढ़ पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है।  झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकरनगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी शानदार प्रदर्शन  हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर सीएम युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है, ताकि आवेदकों की किसी भी समस्या को तत्काल दुरुस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,900 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 11,977 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 9,701 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 3,226 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा झांसी ने चौथा और लखीमपुर खीरी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में अंबेडकर नगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने की शिष्टाचार भेंट निवेश, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा का असर, वैश्विक निवेशकों में यूपी को लेकर बढ़ा विश्वास: साइमन वोंग सिंगापुर का बड़ा औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल जल्द करेगा उत्तर प्रदेश का दौरा ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ यूपी बना निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से सिंगापुर गणराज्य के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने गुरुवार को शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के मध्य निवेश, कौशल विकास, आधारभूत संरचना तथा सांस्कृतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई। उच्चायुक्त वोंग ने गत फरवरी माह में मुख्यमंत्री जी की सिंगापुर यात्रा को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि इस दौरे ने न केवल सिंगापुर, बल्कि आस-पास के देशों के औद्योगिक जगत में भी उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक समुदाय उत्तर प्रदेश को एक नए अवसर और संभावनाओं के केंद्र के रूप में देख रहा है, जो भारत-सिंगापुर संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उच्चायुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत सिंगापुर की कंपनियों ने यहां के निवेश वातावरण को अनुकूल बताया है और अपने निवेश के विस्तार की दिशा में सक्रिय रूप से योजनाएं बना रही हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि आगामी महीनों में सिंगापुर के औद्योगिक जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा, जो राज्य में निवेश के विविध अवसरों का अवलोकन करते हुए बड़े निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सिंगापुर द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए कौशल विकास (स्किलिंग) के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सांस्कृतिक सहयोग के संदर्भ में कुशीनगर, सारनाथ जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए दोनों पक्षों ने पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं को आकार देने पर सहमति व्यक्त की। इससे प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ झांसी, वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास को और गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ देश की सबसे तीव्र गति से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत संरचना, सुदृढ़ कनेक्टिविटी तथा कुशल मानव संसाधन उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सर्वोत्तम गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब निवेशकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।  मुख्यमंत्री जी ने सिंगापुर को एक विश्वस्तरीय आर्थिक एवं तकनीकी साझेदार बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट तथा पर्यटन के क्षेत्रों में सिंगापुर के साथ दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतिनिधिमंडल का दौरा दोनों पक्षों के बीच निवेश एवं साझेदारी के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर की तकनीकी दक्षता और उत्तर प्रदेश की विशाल संभावनाओं का समन्वय दोनों पक्षों के लिए पारस्परिक लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा और यह साझेदारी सतत विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के नए मानक स्थापित करेगी।

योगी सरकार का बड़ा कदम: बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया

सीएम योगी के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया गया जीविकोपार्जन के लिए तीन तहसीलों के चार गांवों में दी गई जमीन प्रधानमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का मिल रहा लाभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी जिले की अलग-अलग तहसीलों के गांवों में बसाया गया है। इनमें धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के ग्राम मोहनपुर ग्रन्ट में 41 और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवारों को बसाया गया है। इसके अलावा गोला तहसील के गांव ग्रन्ट नंबर-3 में 37 परिवारों को बसाया गया है। इन परिवारों का पुनर्वास वर्षों पहले किया गया था और अब ये यहीं स्थायी रूप से रह रहे हैं। खेती के लिए दी गई जमीन इन विस्थापित परिवारों को बसाने के साथ ही उन्हें खेती के लिए जमीन भी आवंटित की गई। गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में बसे 37 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 3 एकड़ कृषि भूमि दी गई है। धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को प्रति परिवार करीब 0.607 हेक्टेयर जमीन मिली है। मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 15 परिवारों को प्रति परिवार 3 एकड़, 9 परिवारों को प्रति परिवार 7 एकड़ और 17 परिवारों को प्रति परिवार 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ जमीन दी गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ, कई सुविधाएं पहुंचीं गांव तक प्रशासन का कहना है कि इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। पात्रता के आधार पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा राशन वितरण, टीकाकरण, मनरेगा, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी, दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश पहुंचे 331 हिंदू परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपद लखीमपुर की 3 तहसीलों में बसाया गया है। इन परिवारों को न सिर्फ कृषि योग्य जमीन आवंटित की गई, बल्कि राज्य व केंद्र सरकार की सभी जन-कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया है।

2025-26 सत्र के लिए फिर खुलेगा स्कॉलरशिप पोर्टल, सामान्य, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

लखमऊ जेनरल, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ मिलेगा. किसी भी पात्र छात्र को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. 2025-26 सत्र के छूटे छात्रों के लिए दोबारा आवेदन का अवसर है.  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. जो छात्र स्कॉलरशिप से वंचित रह गए थे, उन्हें अब दूसरा मौका मिलेगा. समाज कल्याण विभाग जल्द ही 2025-26 सत्र की छात्रवृत्ति और फीस रिइंबर्समेंट योजना के लिए पोर्टल फिर से खोलेगा, ताकि छूटे हुए छात्र दोबारा आवेदन कर इसका फायदा उठा सकें. इस फैसले का मकसद साफ है कि कोई भी योग्य छात्र सिर्फ तकनीकी गलती या किसी और वजह से स्कॉलरशिप से वंचित न रह जाए. इस योजना का फायदा सामान्य वर्ग, एससी, एसटी के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्रों को भी मिलेगा. 2024-25 में भी इस तरह का मौका दिया गया था छात्रों को समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, पिछले साल 2024-25 में भी ऐसा ही मौका दिया गया था. तब पोर्टल खोलने पर 53,041 छात्रों को करीब 81.12 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप और फीस रिफंड मिला. इनमें एससी के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की मदद दी गई. यूपी सरकार सबको बराबर मौका दे रही है समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार शिक्षा में सबको बराबर मौका देने के लिए काम कर रही है. उनका कहना है कि कोशिश यही है कि हर जरूरतमंद छात्र तक मदद पहुंचे और कोई भी छात्र पैसे की कमी की वजह से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े. योगी सरकार की ये पहल सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सबको साथ लेकर चलने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी. इससे हजारों छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का मौका मिलेगा और उनका भविष्य बेहतर और मजबूत बन सकेगा.  

500 की गैस हुई 1500 के पार, महंगाई और किल्लत से बेहाल हुए प्रवासी

चंदौली ईरान युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया है. एक तरफ जहां युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है वहीं दूसरी तरफ इस जंग की वजह से भारत में एलपीजी संकट का दौर भी शुरू हो गया है. आलम यह है कि अब दिल्ली, मुंबई सहित गुजरात के शहरों में काम करने वाले यूपी-बिहार के लोग एलपीजी संकट के चलते अपने घरों को वापस लौट रहे हैं. 'आजतक' रिपोर्टर ने उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर दिल्ली, मुंबई और गुजरात से बिहार की तरफ वापस जा रहे लोगों से बातचीत की. इस दौरान लोगों ने अपनी-अपनी कहानी बयां की… आपको बता दें कि यह तस्वीर दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के सर्वाधिक व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की है. नई दिल्ली से चलकर गुवाहाटी होते हुए सिलचर को जाने वाली पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस जब यहां पहुंची तो हमने इस ट्रेन में सवार कुछ ऐसे लोगों से बातचीत की जो एलपीजी संकट की वजह से वापस अपने गांव जा रहे थे. यहां पर हमारी मुलाकात बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले मिथुन कुमार से हुई. मिथुन कुमार गुजरात के हजीरा में एक प्लांट में सरिया शटरिंग का काम करते हैं. मिथुन ने बताया कि मैं गुजरात से आ रहा हूं और यहां पर मैंनें इस ट्रेन को पकड़ा है. गुजरात में भी एलपीजी संकट है. जो गैस हम लोगों को 500 में मिल जाती थी अब वह सीधा ₹1500 में मिल रही है. वहां पर लगभग सभी लोग चूल्हे पर खाना पका रहे हैं. गैस की तंगी की वजह से हम लोग घर वापस जा रहे हैं. क्योंकि गैस की प्रॉब्लम हो रही है और खाना बनाने में दिक्कत हो रही है. जब हमने मिथुन कुमार से पूछा कि वापस कब जाएंगे तो उन्होंने बताया कि जब स्थिति सामान्य हो जाएगी और गैस उपलब्ध होने लगेगी तब वह अपने काम पर वापस जाएंगे. मिथुन ने बताया कि होटल में जो खाना मिल रहा था वह अभी काफी महंगा हो गया है. जो खाना ₹60 में मिलता था वह 100 से 150 रुपए में मिल रहा था. होटल भी बंद पड़ गया था. इसी ट्रेन में हमारी मुलाकात शाहिद आलम नाम के छात्र से हुई. शाहिद मोतिहारी के रहने वाले हैं और दिल्ली के न्यू अशोक नगर में रहकर पढ़ाई करते हैं. शाहिद ने बताया कि गैस न मिलने की वजह से काफी दिक्कत हो रही थी. हम लोग खाना बना नहीं पा रहे थे और होटल में खाना खाना पड़ता था. गैस संकट से होटल भी बंद हो गए. जो खाना हम लोगों को ₹100 मिलता था उसकी कीमत ₹200 और उससे भी ज्यादा हो गई. जहां हम रहते हैं वहां 1 किलो गैस की कीमत ₹450 हो गई है. इस प्रॉब्लम की वजह से हमारे बहुत से साथी हैं जो वापस अपने गांव जा रहे हैं. गैस को लेकर स्थिति काफी खराब है. सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है. गैस की जबरदस्त ब्लैक मार्केटिंग हो रही है. वहीं, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति से ही यात्रा कर रहे बिहार के सुपौल जिला के रहने वाले सत्यनारायण ने बताया कि वह दिल्ली के नरेला में रहकर मजदूरी का काम करते हैं. गैस नहीं मिल रही थी. 1 किलो गैस का साढ़े तीन सौ रुपए मांग रहे थे लेकिन बावजूद इसकी गैस नहीं मिल रही. सत्यनारायण ने आगे बताया कि हमारे साथ के तकरीबन 50-60 आदमी हैं जो काम छोड़कर वापस अपने गांव जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जब तक गैस मिलना शुरू नहीं हो जाएगा तब तक हम लोग काम पर वापस नहीं जा पाएंगे. जलाने के लिए लकड़ी भी नहीं मिल रही है.  लकड़ी की कीमत भी काफी बढ़ गई है. हम लोगों को बहुत कठिनाई हो रही थी इसलिए हम सब वापस चल दिए कि जब तक गैस नहीं मिलेगा तब तक वापस नहीं आएंगे. इसी बीच बिहार के बेगूसराय के रहने वाले प्रवीण से मुलाकात हुई जो दिल्ली में रहकर मजदूरी का काम करते हैं. प्रवीण बताते हैं की मजदूरी काम है और गैस नहीं मिलने की वजह से महंगाई भी बढ़ गई है. जिसकी वजह से हम लोग वापस जा रहे हैं. वहां पर खाना बनाने में दिक्कत आ रही थी. पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति में यात्रा कर रहे लोगों से बातचीत के बाद रिपोर्टर ने मुंबई से आसनसोल जाने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे कुछ लोगों से बातचीत की. इस ट्रेन में यात्रा करने वाले लोगों ने भी वही कहानी दोहराई जो दिल्ली से बिहार वापस जा रहे हैं लोगों ने बताई थी. हमारी मुलाकात मुंबई आसनसोल एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे मुन्ना मंडल नाम के एक कामगार से हुई. मुन्ना बिहार के भागलपुर जिला के रहने वाले हैं और मुंबई में रहकर मजदूरी का काम करते हैं. मुन्ना ने बताया कि हम लोग मुंबई में रहकर मजदूरी का काम करते हैं गैस नहीं मिल रहा है. जिसकी वजह से हम वापस जा रहे हैं. मुन्ना और उनके साथ ही किराए के मकान में रहते हैं और उनके मकान मालिक ने लकड़ी पर खाना बनाने से मना कर दिया. जिसकी वजह से मजबूर होकर इन लोगों को वापस अपने गांव जाना पड़ा. मुन्ना ने आगे बताया कि इस वजह से हम लोग वापस जा रहे हैं आखिर खाना बनाएंगे तो कैसे बनेंगे. हमारे साथ तकरीबन 20 आदमी हैं जो हम लोग वापस जा रहे हैं. मकान मालिक बोलता है कि मकान खराब हो जाएगा और लकड़ी पर खाना बनाने नहीं दे रहा है. मुन्ना ने बताया कि जब वहां पर सहूलियत से सब चीज मिलने लगेगा तो वापस जाएंगे. इसी ट्रेन से यात्रा कर रहे कटिहार के रहने वाले विकास कुमार मुंबई की एक कंपनी में बेलदार का काम करते हैं. विकास ने बताया कि विदेश में जंग की वजह से गैस नहीं मिल रहा है और हम लोगों को काफी दिक्कत हो रही थी. गैस हम लोगों को नहीं मिलेगा तो खाना कैसे बनाएंगे और ड्यूटी कैसे जाएंगे. हमारे साथ के बहुत लोग हैं जो अपने घरों को वापस लौट रहे हैं. इसी ट्रेन से यात्रा कर रहे मुन्ना कुमार से हमारी मुलाकात हुई. मुन्ना कुमार बिहार … Read more

मुख्यमंत्री का आदेश: निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता का ध्यान रखें

निर्माण कार्यों में लाएं तेजी, गुणवत्ता का रखें पूरा ध्यान: मुख्यमंत्री गोरखपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश बरसात पूर्व करा लें अधिकाधिक निर्माण कार्य: मुख्यमंत्री अगले दौरे में हो सकता है घंटाघर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को विकास से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने की हिदायत भी दी है। उन्होंने दो तिहाई से अधिक भौतिक प्रगति वाली विकास परियोजनाओं में और तेजी लाते हुए उन्हें मानसून की दस्तक से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दिए कि वह अपने अगले दौरे में घंटाघर के बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण और पांडेय हाता क्षेत्र में बनने वाले नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास कर सकते हैं।  सीएम योगी  देर शाम गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले और महानगर में निर्माणाधीन सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विकास परियोजना की एक समय सीमा तय होती है और उसे उसी अवधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह व्यावहारिक रूप से समझना होगा कि बरसात का मौसम शुरू होने पर खुले में होने वाला निर्माण कार्य प्रभावित होता है, इसलिए विकास की जितनी भी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनसे संबंधित अधिकाधिक निर्माण कार्य बरसात से पहले पूरे कर लिए जाएं।  समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि अभी बारिश का मौसम शुरू होने में समय है, लेकिन समय रहते यह सुनिश्चित करना होगा कि बरसात होने पर कहीं भी जलभराव न होने पाए। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में काफी अच्छा काम हुआ है, इसे लगातार उत्कृष्टता की ओर ले जाने की आवश्यकता है। समय रहते सभी नालों की सफाई का काम पूरा करने का निर्देश देने के साथ सीएम योगी ने कहा कि जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए गोड़धोइया नाला परियोजना पर गंभीरता से ध्यान देकर इसे जल्द पूर्ण कराने का प्रयास हो।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरासत गलियारा के निर्माण की प्रगति, घंटाघर स्थित बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पांडेय हाता में बनने वाले नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की कार्ययोजना के बारे में पूछा। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर लोकार्पण और शिलान्यास की पूरी तैयारी रखें। सीएम योगी ने पटरी व्यापारियों के व्यवस्थित पुनर्वास पर जोर देते हुए यह निर्देश भी दिए कि पटरी व्यापारियों को वेंडिंग जोन में सम्मानजनक जगह और पूरी सहूलियत दी जाए।

न्यायिक व्यवस्था की कछुआ चाल, किडनी कांड में 17 आरोपियों पर अब तक तय नहीं हो सके आरोप

 कानपूर साल 2019 के बर्रा किडनी कांड में पुलिस की चार्जशीट के बावजूद सात साल से ट्रायल शुरू नहीं हो सका है। इस दौरान मुख्य गवाह महिला की मौत हो चुकी है और कई बड़े नाम कानूनी गलियारों से राहत पा चुके हैं।   कानपुर में सात साल पहले भी शहर का एक किडनी कांड चर्चा में रहा। एक महिला द्वारा बर्रा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर पुलिस ने विवेचना की तो कई बड़े खुलासे हुए। पुलिस ने तो 10 महीने में विवेचना पूरी कर 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेज दी थी, लेकिन न्यायिक व्यवस्था की कछुआ चाल कि गंभीर मामले में सात साल से अदालत में सिर्फ तारीख ही लग रही हैं। मुकदमे की सुनवाई शुरू होना, तो दूर अब तक कोर्ट में आरोपियों पर आरोप तक तय नहीं हो सके। किडनी कांड शहर के लिए नया नहीं है। आठ साल पहले भी फरवरी 2019 में शहर में किडनी कांड चर्चा में आया था। एक इलेक्ट्रीशियन की पत्नी ने बर्रा थाने में जबरन किडनी देने का दबाव बनाने वाले कुछ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 17 आरोपियों के खिलाफ तीन चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कीं घटना के तार दिल्ली के कई बड़े डॉक्टरों से भी जुड़े थे। हालांकि विवेचना के दौरान कोई ठोस सुबूत न मिलने के कारण सभी के नाम हट गए थे।  सिर्फ दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल के पूर्व सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला के खिलाफ ही पुलिस साक्ष्य जुटा पाई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच-पड़ताल की और 17 आरोपियों के खिलाफ तीन चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कीं। अगली सुनवाई सीजेएम की कोर्ट में 27 अप्रैल को होनी है फरवरी में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 10 महीने में ही पुलिस ने नवंबर तक तीनों चार्जशीट लगा दी थीं। इसमें से एक आरोपी को कोर्ट ने आरोप मुक्त कर दिया था, जिसके बाद 16 के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई चल रही है। कार्रवाई के नाम पर मुकदमे में सिर्फ तारीख ही पड़ती हैं। इस दौरान रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला की मौत भी हो चुकी है। अगली सुनवाई सीजेएम की कोर्ट में 27 अप्रैल को होनी है। महिला की किडनी निकालने के लिए दिया था नौकरी का झांसा बांदा के बड़ी पिपरई निवासी संगीता देवी कश्यप जो साकेत नगर में रह रही थीं। उसने श्याम, मोहित निगम, जुनैद, राजू राय, करन व एक अज्ञात के खिलाफ बर्रा थाने में एक फरवरी 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि बिजली का काम करने वाले उसके पति राजेश कुमार के दोस्त श्याम के माध्यम से राजेश की दोस्ती मोहित निगम से हुई। 25 नवंबर 2018 को मोहित ने जुनैद से राजेश को मिलवाया और संगीता की नौकरी लगवाने की बात कही। उसी रात जुनैद के साथ संगीता और राजेश गाजियाबाद चले गए। संगीता ने थाने में रिपोर्ट लिखाई थी वहां एक होटल में जुनैद ने राजेश को छोड़ा और संगीता को लेकर खून की जांच कराने अस्पताल ले गया। संगीता के पूछने पर कहा कि बड़े लोग किसी बीमार को काम पर नहीं रखते। संगीता ने जुनैद को किसी से किडनी बदलवाने की बात करते सुन लिया था। संगीता ने जब लौटने की जिद की तो जुनैद ने किडनी के बदले 40 लाख रुपये देने की बात कही। संगीता नहीं मानी और कानपुर लौट आई। एक दिन संगीता और राजेश को जुनैद ने बर्रा बाईपास के पास रोका और किडनी न देने पर दिल्ली आने-जाने और चेकअप कराने में खर्च हुए 50 हजार रुपये चुकाने का दबाव बनाया। तब संगीता ने थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। पहली चार्जशीट में थे 10 आरोपी दस आरोपियों के खिलाफ 15 मई 2019 को पुलिस ने कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें दिल्ली के साकेत निवासी टी. राजकुमार राव उर्फ राजू राय, लखीमपुर निवासी गौरव मिश्रा, हरदोई के प्रेमनगर निवासी शबूर अहमद, दिल्ली के जैतपुर निवासी शैलेश सक्सेना, पनकी के गंगागंज निवासी विक्की सिंह, लखनऊ के कश्मीरी मोहल्ला निवासी शमशाद अली, हमीरपुर के मौदहा निवासी गुलाम जुनैद अहमद खान, लखनऊ के चौक निवासी राजा उर्फ मो.उमर, जूही लाल काॅलोनी निवासी श्याम तिवारी, लखनऊ के हसनगंज निवासी रामू पांडे के नाम थे। दूसरी चार्जशीट में थे पांच आरोपी पांच आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर 2019 को पुलिस ने कोर्ट में दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें आजमगढ़ निवासी सिप्पू राय उर्फ नितेश, हनुमंत विहार निवासी मोहित निगम, हरियाणा की फरीदाबाद निवासी सोनिया डबास, केरल के मिथुन बीएस और दिल्ली के गोविंदपुरी निवासी सुनीता प्रभाकरन के नाम थे। दो आरोपियों के खिलाफ 27 नवंबर 2019 को पुलिस ने कोर्ट में तीसरी चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें दिल्ली के डॉ. दीपक शुक्ला और अयोध्या के संजय पांडे के नाम थे। पीएसआरआई के पूर्व सीईओ को किया था दोष मुक्त दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल के पूर्व सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए उन्हें सम्मन भेजा था जिसके खिलाफ डॉ. दीपक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने डॉ. दीपक के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में तो मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी थी, जबकि मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम की धाराओं में कोर्ट के प्रसंज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है सुनवाई हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ डॉ. दीपक सुप्रीम कोर्ट गए जहां से उन्हें कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत में आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र देने को कहा था जिस पर डॉ. दीपक शुक्ला की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया। सीजेएम सूरज मिश्रा ने 11 मार्च 2025 को 28 पेज के अपने विस्तृत आदेश में डॉ. दीपक को दोष मुक्त कर दिया था। हालांकि अभियोजन ने इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होनी है। इसलिए बच निकलते हैं डॉक्टर किडनी देने वाला और लेने वाला दोनों ही अपने-अपने फायदे के लिए लालच में किडनी प्रत्यारोपण की कार्रवाई में भाग लेते हैं। इसके लिए कुछ बाहरी व्यक्तियों का सहयोग लिया जाता है और अस्पताल जाने से पहले ही कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लिए जाते हैं। किडनी प्रत्यारोपण के संबंध में बनी … 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