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नोएडा में विकास की रफ्तार तेज, सीएम योगी बोले— अब ‘शापित’ नहीं, देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बना यूपी

गौतमबुद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर शापित नहीं है बल्कि आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी मिलकर देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बन रहे हैं। तीनों अथॉरिटी तेजी से कार्य कर रही हैं। वर्षों की जकड़न टूटी है, कार्य संस्कृति बदली है और नागरिकों व उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुझे विश्वास है कि यह नया कार्यालय विकास की नई पहचान बनेगा। मैं यहां के नागरिकों, किसानों, उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और अथॉरिटी को शुभकामनाएं देता हूं। 50 वर्ष के बाद नोएडा अथॉरिटी के पास अपना भव्य कार्यालय स्थापित होना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 2479 करोड़ से सेक्टर- 96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन समेत 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इसके साथ ही यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण की कर्टेन रेजर सेरेमनी, ओडीओपी एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट, एमएसएमई इकाइयों एवं तकनीकी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी चेक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को चेक तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकर्स को प्रशस्ति पत्र वितरित किए। 2017 से पहले गौतमबुद्ध नगर को शापित मानते थे तत्कालीन मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के लिए गौतमबुद्ध नगर शापित माना जाता था। वे यहां आने से बचते थे। 2017 में मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो के उद्घाटन के लिए यहां आने वाले थे, तब प्रधानमंत्री कार्यालय से संदेश आया कि किसी मंत्री को कार्यक्रम में भेज सकते हैं, क्योंकि नोएडा के बारे में मान्यता थी कि मुख्यमंत्री वहां नहीं जाते। सीएम योगी ने बताया कि मैंने स्पष्ट कहा कि मैं स्वयं नोएडा आऊंगा। मैं इन बातों को नहीं मानता। सरकार का काम जनता की समस्याओं का समाधान निकालना है। बिल्डर-बायर्स विवाद का समाधान कर लाखों लोगों को दिलाया घर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिल्डर-बायर्स विवाद की थी। हमारी सरकार ने एक वर्ष के भीतर सवा लाख बायर्स को आवास उपलब्ध कराया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो नीति आयोग के सीईओ के नेतृत्व में हाई लेवल कमेटी बनाई गई। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर तीन लाख से अधिक बायर्स को उनका आवास दिलाने में सफलता मिली। अब नोएडा अथॉरिटी का अपना भवन होने से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अन्नदाता किसान, उद्यमी, एसोसिएशन और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान अब एक ही छत के नीचे होगा। अथॉरिटी यदि सभी सेवाएं ऑनलाइन कर दे तो व्यवस्था और प्रभावी होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से प्रत्येक कार्य की निगरानी की जा सकेगी। जमीन लेकर निवेश नहीं करने वालों को नोटिस जारी करें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन लोगों ने अथॉरिटी से जमीन लेकर निवेश नहीं किया है, उन्हें समयसीमा निर्धारित कर नोटिस जारी किया जाए। फिर भी यदि निवेश नहीं किया जाता है तो नए निवेशकों को आमंत्रित किया जाए और नया लैंड बैंक तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में बनी नोएडा अथॉरिटी और आज के समय में बहुत अंतर है। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने होंगे। आज उत्तर प्रदेश में कहीं भी जाइए, चारों ओर परिवर्तन दिखाई देता है। मैं 390 करोड़ रुपये की लागत से बने नोएडा अथॉरिटी के भव्य भवन के लिए बधाई देता हूं। आज लोग बदले हुए उत्तर प्रदेश को नजदीक से महसूस कर रहे हैं। नौ वर्ष पहले का उत्तर प्रदेश क्या था और आज क्या है, यह अंतर हर व्यक्ति देख सकता है। जेवर एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग बदल रहे हैं तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मैं जेवर एयरपोर्ट पर उतरा हूं। वहां से घरेलू कमर्शियल उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। लगभग 7000 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण की आधारशिला रखी गई है। वहीं 8200 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की भी आधारशिला रखी गई है। इससे गौतमबुद्ध नगर इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनेगा। एक समय यह प्रदेश का सबसे खतरनाक क्षेत्र माना जाता था। लोग शाम के बाद यहां आने से डरते थे। आज वहीं फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और बड़े-बड़े औद्योगिक निवेश हो रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके, बिना डरे और बिना झुके निर्णय लेने की क्षमता विकसित की। एमएसएमई ही विकसित भारत की मजबूत नींव मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम किसी भी बड़े उद्योग की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब खुशहाल किसान, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग पावर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कारीगर और हस्तशिल्पी हतोत्साहित थे। न बाजार था, न डिजाइन, न तकनीक और न ही कोई सहायता। सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाकर ब्रांडिंग, नई डिजाइन, नई तकनीक और बाजार से जोड़ने की रणनीति बनाई। ओडीओपी आज भारत की पहचान बन चुका है मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ भारत का ब्रांड बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला मानते हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्य कर रही हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कोविड काल में जब पूरी दुनिया ठहर गई थी, तब उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर चलता रहा। 40 लाख से अधिक श्रमिक वापस लौटे लेकिन सरकार ने उनके भोजन, राशन और रोजगार की जिम्मेदारी ली। एमएसएमई इकाइयों से अपील की गई कि वे एक-दो लोगों को रोजगार दें। परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत से अधिक श्रमिक प्रदेश में ही रुक गए और आज विकास में योगदान दे रहे हैं। यूपी आज 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एमएसएमई को तकनीक, डिजाइन और कॉमन फैसिलिटी सेंटर उपलब्ध कराए। आज उत्तर प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से … Read more

दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 10 मिनट में: बुलेट ट्रेन से बदलेगा यूपी का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क

लखनऊ   गौतम बुद्ध नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव व भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश व तकनीकी प्रगति को लेकर बड़ा भरोसा जताया। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा विजन दिया कि वह इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को जेवर ले आए हैं। इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह गर्व की बात है कि जिन इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के लिए भारत पहले 40 हजार करोड़ रुपये का आयात करता था, अब उसका निर्माण भारत में ही होगा और जेवर इसका प्रमुख केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाएं स्थापित होंगी, जिससे यूपी देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल होगा। रेल मंत्री ने किया बुलेट ट्रेन का जिक्र रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले बजट में बुलेट ट्रेन को स्वीकृति दी है। यह ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी। दिल्ली से लखनऊ की दूरी मात्र 2 घंटे 10 मिनट और जेवर से लखनऊ की दूरी केवल 1 घंटे 40 मिनट में तय की जा सकेगी। आप आराम से गाड़ी में चाय-कॉफी पीते और बातचीत करते हुए लखनऊ पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री जी का सपना पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का कायाकल्प करना है। बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश में औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी। विकसित भारत के संकल्प में सर्वाधिक योगदान वाला प्रदेश बनेगा यूपी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी इस भूमि पूजन समारोह को सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बनाती, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रमाण है। कुछ सालों पहले तक उत्तर प्रदेश अनेक चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रदेश औद्योगिक विकास, तकनीकी प्रगति और निवेश आकर्षित करने के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के लिए एक विश्वसनीय, व सक्षम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बनकर उभरा है और उत्तर प्रदेश इस विश्वास का प्रमुख केंद्र बना है। मोदी जी के विजन और योगी जी के सक्षम नेतृत्व में राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी नीतियों, कुशल युवा शक्ति और मजबूत बुनियादी ढांचे ने उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक सप्लाई चेन का स्वाभाविक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए विकसित भारत के संकल्प में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बनेगा। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सराहा इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यूपी को देश के सबसे भरोसेमंद औद्योगिक निवेश केंद्रों में से एक बताया। अंबर इंटरप्राइजेज के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं सीईओ जसबीर सिंह ने कहा कि यह केवल भूमि पूजन नहीं, बल्कि भारत की अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक्स व मैन्युफैक्चरिंग की मजबूत नींव रखने का ऐतिहासिक अवसर है। यह पहल पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नया यूपी है, यहां रविवार को भी काम करती है सरकार जसबीर सिंह ने सीएम योगी, यूपी सरकार व यीडा का आभार प्रकट कहते हुए एक अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जब लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय में शाम 7 बजे उन्हें भूखंड आवंटन पत्र दिए गए, तब उनके साथ आए कोरियाई प्रतिनिधि ने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश में रविवार को भी सरकार काम करती है। जब मैंने यह बात मुख्यमंत्री से साझा की तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि यह नया उत्तर प्रदेश है। यह दिन नहीं देखता, केवल आगे बढ़ने और प्रगति करने के लिए काम करता है। मुख्यमंत्री को दिया दक्षिण कोरिया आने का निमंत्रण इस अवसर पर कोरियन सर्किट्स के सीईओ यांग हो चो ने कहा कि यह पहली बार है जब मैं भारतीय भाषा में बोल रहा हूं। उन्होंने केंद्र व यूपी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और उनकी टीम के अविश्वसनीय सहयोग ने ही इस दिन को संभव बनाया है। इतना अपनापन और स्वागत का अहसास कराने के लिए हम आभारी हैं। कोरिया सर्किट्स और अंबर के बीच यह साझेदारी बेहद विशेष है, जिसमें दक्षिण कोरिया की उन्नत तकनीक और भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता का संगम देखने को मिलेगा। इस प्लांट में उन्नत एचडीआई पीसीबी का निर्माण किया जाएगा, जिनका उपयोग मोबाइल फोन, आईटी उत्पादों और मेमोरी मॉड्यूल में किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंत्रियों को दक्षिण कोरिया आने और वहां की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का निरीक्षण करने का निमंत्रण भी दिया।

मुरादाबाद में 63 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुरादाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 29 जून को मुरादाबाद शहर आएंगे। इस दौरान वह जिले को 365.50 करोड़ रुपये की लागत वाली  की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और 37 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सर्किट हाउस के पीछे प्रस्तावित जनसभा स्थल पर पंडाल निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री का दोपहर करीब 1:30 बजे मुरादाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है। दौरे के दौरान वह मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा रोड स्थित रामगंगा नदी के निकट हरदासपुर गांव में निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी करेंगे। जिले में 63 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास इसके अलावा हरथला में तैयार हुए सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का लोकार्पण करेंगे। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगर निगम की विभिन्न विकास योजनाएं भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगी। जिले में कुल 63 परियोजनाओं पर 365.5083 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें 26 परियोजनाओं का लोकार्पण 136.1536 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जबकि 37 नई परियोजनाओं का शिलान्यास 229.3547 करोड़ रुपये की लागत से होगा। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का भी करेंगे निरीक्षण विधानसभा क्षेत्रवार सबसे अधिक परियोजनाएं मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहां 24 परियोजनाओं पर 237.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें 13 परियोजनाओं का लोकार्पण और 11 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में 27 परियोजनाओं पर 105.74 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि मुरादाबाद देहात विधानसभा क्षेत्र में 12 परियोजनाओं पर 21.88 करोड़ रुपये की योजनाएं शामिल हैं। बार मेमोरियल भवन का लोकार्पण भी प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बार मेमोरियल भवन का लोकार्पण भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही वह विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर सड़क एवं अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेंगे। माना जा रहा है कि बैठक में लंबित परियोजनाओं और आगामी विकास योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए जा सकते हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनसभा स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए यातायात व्यवस्था और पार्किंग की भी अलग से योजना बनाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम मुरादाबाद में करेंगे। इसके बाद अगले दिन उनका रामपुर जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी उत्साह का माहौल है। विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के माध्यम से जिले को बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और जनसुविधाओं के क्षेत्र में नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर शनिवार को मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया, एसएसपी सतपाल अंतिल, उपाध्यक्ष एमडीए अनुभव सिंह और सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी सिंह ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ गहन बैठक कर अंतिम रूपरेखा तय की तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह और जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व में हुई समीक्षा बैठक में हर एक बिंदु पर बारीकी से चर्चा की गई। एसएसपी ने सुरक्षा का अभेद्य खाका खींचा, जबकि सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी सिंह ने विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास से जुड़ी सभी फाइलों और व्यवस्थाओं को परखा। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि 29 जून के कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर कोई प्रशासनिक या सुरक्षा संबंधी चूक नहीं होनी चाहिए। सीएम की राह चमकाने उतरे चार ब्लॉकों के सफाई कर्मी मुख्यमंत्री के 29 जून को प्रस्तावित मुरादाबाद दौरे से पहले प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। कांठ रोड पर डेंटल कॉलेज से लेकर इस्लामनगर तक सड़क और उसके आसपास का इलाका चमकाने के लिए छजलैट, मुरादाबाद, भगतपुर टांडा और डिलारी विकास खंडों के सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। सुबह से देर शाम तक सड़क किनारे जमा कूड़ा हटाया जा रहा है, नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और डिवाइडर व फुटपाथों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारी लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं ताकि मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले पूरा मार्ग साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आए। प्रशासन की इस कवायद से साफ है कि सीएम के दौरे को लेकर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है और पूरे मार्ग को चमकाने की तैयारी युद्धस्तर पर जारी है।

अलीगंज हादसे के बाद सख्ती, ध्येय IAS और चंद्रा IAS समेत कई संस्थानों पर सीलिंग

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के बाद पूरे यूपी में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, स्कूलों और अन्य प्रतिष्ठानों पर लगातार ऐक्शन हो रहा है। लखनऊ में 22 जून को हुए कांड में 15 बच्चों की मौत के बाद से ही कार्रवाई हो रही है। शनिवार को ध्येय आईएएस और चंद्रा आईएएस समेत 50 से अधिक कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, गेमिंग जोन और अन्य संस्थानों को सील कर दिया गया। दिनभर चली कार्रवाई से शहर के विभिन्न इलाकों में हड़कंप की स्थिति रही। वहीं, कोचिंग संचालकों और पुलिस के बीच आयोजित कार्यशाला में भी इसे लेकर हंगामा मच गया। पुलिस और संचालकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गोमतीनगर में ध्येय और चंद्रा आईएएस पर ताला एलडीए के प्रवर्तन दस्ते ने गोमतीनगर के जीवन प्लाजा में संचालित ध्येय आईएएस कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर संस्थान में ताला लगवा दिया। इसी प्रकार विजयंत खंड में संचालित चंद्रा आईएएस कोचिंग सेंटर पर भी कार्रवाई की गई और उसे सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार दोनों संस्थान भवन उपयोग संबंधी नियमों के विपरीत संचालित पाए गए। गोमतीनगर क्षेत्र में ही एक दर्जन से अधिक अन्य कोचिंग संस्थानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। अलीगंज में 11 कोचिंग सस्थान सील अलीगंज क्षेत्र में एलडीए ने विशेष अभियान चलाकर 11 अवैध कोचिंग संस्थानों को सील किया। अधिकारियों का मानना है कि हालिया अग्निकांड के बाद सुरक्षा और भवन मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। एलडीए की टीम उस भवन से जुड़े अन्य परिसरों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जहां हाल में भीषण आग की घटना हुई थी। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। एक स्कूल भी प्राधिकरण के रडार पर रहा है, जिसके अभिलेख व स्वीकृतियों की जांच की जा रही है। 50 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी एलडीए ने शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों के 50 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को सीलिंग की नोटिस जारी कर दी है। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद इन्हें भी सील किया जाएगा। संचालक बोले कार्रवाई के नाम पर उत्पीड़न अलीगंज के कोचिंग कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद शुरू हुई एलडीए की कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप लेने लगी है। शनिवार को कोचिंग सेंटर, स्कूल, लाइब्रेरी व अन्य शिक्षण संस्थानों के संचालकों के साथ इन्दिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यशाला में माहौल उस समय गरमा गया जब व्यापारियों व स्कूल संचालकों ने सीलिंग अभियान को लेकर खुलकर विरोध दर्ज कराया। कई बार स्थिति ऐसी बनी कि अधिकारियों व संचालकों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। एलडीए की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में कोचिंग संचालक, स्कूल प्रबंधक व भवन मालिक पहुंचे थे। अधिकारियों ने सभी को एक शपथ पत्र भरकर जमा करने के निर्देश दिए, लेकिन कई संचालकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह शपथ पत्र भवन मालिकों के लिए तैयार किया गया है, जबकि कार्रवाई का सामना उन्हें करना पड़ रहा है। मानक पूरे हैं फिर भी सील क्यों? सबसे ज्यादा सवाल उन संस्थानों की ओर से उठे जिन्हें सभी सुरक्षा मानक पूरे होने के बावजूद सील किए जाने का दावा किया गया। सेंच्यूरियन अकादमी, आलमबाग के आदित्य ने सवाल किया, ‘हमारे यहां सभी मानक पूरे हैं, फिर भी संस्थान सील कर दिया गया। अब अभिभावकों व छात्रों को क्या जवाब दें? इस पर एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा,यदि सभी मानक पूरे हैं तो एलडीए मुख्यालय में हेल्प डेस्क पर आवेदन दें। 24 से 72 घंटे के भीतर सत्यापन कर निर्णय लिया जाएगा। फिजिक्स वाला ने भी उठाए सवाल फिजिक्स वाला के गौरव श्रीवास्तव ने भी पूछा कि सभी मानक पूरे होने के बावजूद उनके कार्यालय को सील क्यों किया गया और सील कैसे खुलेगी। सचिव ने जवाब दिया कि सोमवार से ऐसे मामलों की समीक्षा शुरू की जाएगी। अफसरों पर भड़के संचालक स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब गोमतीनगर स्थित अनएकेडमी के विनय दीक्षित ने कहा कि उनके पास 2027 तक वैध फायर एनओसी है, इसके बावजूद संस्थान को अपमानजनक तरीके से सील कर दिया गया। इस पर कई संचालकों ने एक साथ खड़े होकर कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। व्यापारियों और स्कूल संचालकों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सुनवाई के प्रतिष्ठानों को बंद किया जा रहा है। कई लोगों ने कहा कि एलडीए की टीम पहले नोटिस देने और सुधार का मौका देने के बजाय सीधे सीलिंग कर रही है। छोटे संस्थानों की भी पीड़ा अंग्रेजी की छोटी कोचिंग चलाने वाली प्रियंका पाठक ने बताया कि उनके यहां केवल 25 से 40 बच्चे पढ़ते हैं और सात अग्निशमन यंत्र भी लगे हैं। फायर एनओसी न मिलने से पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं एसपी. सिंह ने कहा कि जब वे बिजली व नगर निगम को व्यावसायिक दरों पर शुल्क दे रहे हैं तो भवन को व्यावसायिक श्रेणी में क्यों नहीं माना जाता। इस पर सचिव ने कहा, बिजली कनेक्शन या टैक्स देने से भवन व्यावसायिक नहीं हो जाता, भवन उपविधियों का पालन जरूरी है। सील कोचिंग को खोलने के लिए हेल्प डेस्क बनेगी अवैध रूप से सील हुए संस्थानों को राहत देने के लिए एलडीए 29 जून से प्राधिकरण के कमेटी हॉल में विशेष हेल्प डेस्क शुरू करेगा। कार्यशाला में एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले संस्थानों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। यहां संस्थान संचालक भवन मानचित्र, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर सील खोलने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की जांच न्यूनतम 24 घंटे और अधिकतम 72 घंटे के भीतर पूरी की जाएगी। जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कुछ संचालकों ने तर्क दिया कि वे किराये के भवनों में संस्थान संचालित करते हैं, सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी भवन मालिकों की होनी चाहिए। इस पर अफसरों ने कहा कि विद्यार्थियों व कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। संस्थान संचालक अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सभी आरोपियों के ठिकानों पर छापे, पुलिस करेगी कस्टडी रिमांड की मांग

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस केस की जांच कर रही टीमों ने रविवार को अयोध्या में रहने वाले सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपनी जांच में तेजी ला रही है, ताकि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पूरी तरह खुलासा हो सके. पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को गहराई से देख रही है, जिससे सच्चाई सामने आ सके. जांच टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या में रहने वाले आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की है. पुलिस की अलग-अलग टीमें अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा के घर पहुंचीं. इन सभी ठिकानों पर पुलिस पूरी बारीकी से तलाशी ले रही है, ताकि केस से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा सकें. जांच टीमें एक-एक घर के कोने खंगाल रही हैं ताकि कोई भी सबूत छूटने न पाए. दो नाम छोड़कर बाकी सभी के परिवारों से पूछताछ कार्रवाई के दौरान लोकल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस इन आरोपियों के परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रही है. हालांकि, जांच टीम सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और प्रतापगढ़ के रहने वाले अविनाश शुक्ला को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों के परिजनों से सवाल-जवाब करने में जुटी है. साथ ही पुलिस आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी इन आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह जानना चाहती है कि इन लोगों की गतिविधियां पिछले कुछ समय में कैसी रही हैं. इस मामले की गहराई से जांच कर रही टीमें सिर्फ चोरी की कड़ियों को ही नहीं जोड़ रहीं, बल्कि आरोपियों की कमाई के जरियों का भी पता लगा रही हैं. अपराध के जरिए जो पैसा या संपत्ति जुटाई गई है, उसके सोर्स को ट्रेस किया जा रहा है. आरोपियों के पास मौजूद संपत्तियां कहां से आईं और उनके पास फंड कहां से आ रहा था, इसकी पूरी हिस्ट्री निकाली जा रही है. पुलिस बैंकों के खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि पैसे को कहां-कहां भेजा गया या किस काम में इस्तेमाल किया गया. इस मामले में गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और कैश को गिनने के काम से जुड़े हुए थे. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इन्होंने वहीं से पैसों का हेरफेर किया. जांच टीमों ने अब तक इस मामले में करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. इस मामले में पुलिस ने चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया है. यह बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यों की SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है. कोर्ट ने दो दिन पहले ही सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक के लिए जेल भेजा था. पुलिस सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी. मामले की कड़ियों को जोड़ने और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से इन सभी की कस्टडी रिमांड मांगेगी, ताकि बाकी की रकम और संपत्ति का भी पता लगाया जा सके.

रोजगारपरक शिक्षा पर बड़ा कदम, 15 जुलाई तक शुरू होंगी कक्षाएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में "प्रोजेक्ट प्रवीण" के अन्तर्गत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि सरकार का मुख्य ध्येय है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के जरिए हम राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में मजबूत कर रहे हैं। बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा तय इस योजना के तहत आईटी (आईटी-आईटीईएस), हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस और कृषि जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा तय की गई है। इससे बच्चों को प्रयोगात्मक और व्यावहारिक ज्ञान बेहतर ढंग से मिल सकेगा। इस वर्ष प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रदेश भर में कुल 36103 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित राज्य के राजकीय विद्यालयों में सूची बद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख सेक्टर में आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, अपैरल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ग्रीन जॉब्स और एग्रीकल्चर शामिल हैं। पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे होगी। 15 जुलाई तक कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे  के अनुसार सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को सख्त समय-सीमा का पालन करना होगा। प्रशिक्षण प्रदाताओं को केंद्र की स्थापना, पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर 15 जुलाई तक हर हाल में कक्षाओं का संचालन शुरू करना होगा। बैच शुरू होने के 07 कार्य दिवसों के भीतर सभी छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री का वितरण कर उसकी तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता समय पर कार्य आरंभ नहीं करता है या जिला स्तर से किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी।  

जेवर में अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जेवर (गौतम बुद्ध नगर) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। उन्होंने यूपी के प्रोजेक्ट्स को त्वरित स्वीकृति मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व केंद्रीय मंत्रियों का आभार भी प्रकट किया। सीएम ने कहा कि कभी जंगलराज के लिए जाना जाने वाला जेवर क्षेत्र अब मंगलराज की पहचान बना है।  मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 6,785 करोड़ रुपये से अधिक का यह निवेश क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और कई एंकर यूनिट्स की स्थापना में योगदान देगा। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा। उत्तर प्रदेश पहले ही एमएसएमई का सबसे बड़ा हब है, जहां लगभग 96 लाख इकाइयां कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से शुरू हुई 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना ने प्रदेश के उत्पादों को देश व दुनिया में नई पहचान दिलाई है। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बन रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी जी के विजन का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निर्मित हो रहे हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का भी 55 से 60 प्रतिशत उत्पादन यहीं हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंबर ग्रुप और कोरिया सर्किट का यह संयुक्त उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित होगा और उत्तर प्रदेश के माध्यम से भारत को नई उड़ान देगा। केंद्र से यूपी के प्रोजेक्ट्स को मिलती है त्वरित स्वीकृति सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश से संबंधित किसी प्रस्ताव को केंद्र सरकार में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को फोन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। प्रस्ताव केंद्र सरकार तक पहुंचते ही सूचना मिल जाती है कि उसे अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और आप कार्य को आगे बढ़ाएं। ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है। जब अपनत्व का भाव हो, देश के प्रति जज्बा हो, तब ये चीजें देखने को मिलती हैं। मैं इस स्वीकृति के लिए पीएम मोदी जी व केंद्रीय मंत्रियों का आभार प्रकट करता हूं। कोरिया से उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक व आत्मीय संबंध मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कोरिया से बहुत पुराना संबंध है। इतिहास में यह मान्यता है कि कोरिया की रानी क्वीन हो वस्तुत: अयोध्या की राजकुमारी रत्ना थीं, जो जलमार्ग से कोरिया पहुंची थीं। कोरिया की प्रथम महिला के उत्तर प्रदेश आगमन पर अयोध्या में एक पार्क का निर्माण कराया गया था। कोरिया के राजदूत भी अयोध्या आए थे और उस ऐतिहासिक संबंध को स्मरण करते हुए भावुक हुए थे। यही आत्मीय संबंध भारत व कोरिया को और अधिक निकट लाता है। कोरिया इस बात का उदाहरण है कि आक्रामक रणनीति, अनुशासन और समर्पण के बल पर कोई देश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और देश की अर्थव्यवस्था नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। हर नागरिक के कर्तव्य से साकार होगा विकसित भारत का सपना मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और खुशहाल राष्ट्र बनाना है। इस संकल्प की शुरुआत प्रदेश, जनपद, नगर, गांव और प्रत्येक नागरिक से होती है। प्रधानमंत्री जी ने भी नागरिक कर्तव्य पर विशेष बल दिया है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करेगा तो विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। इस प्रकार के निवेश उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाते हैं, युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराते हैं, नए स्टार्टअप्स के लिए मंच तैयार करते हैं, निर्यात क्षमता को मजबूत करते हैं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति प्रदान करते हैं। जंगलराज नहीं, अब मंगलराज बना जेवर की पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी जंगलराज के रूप में पहचाना जाने वाला जेवर आज आक्रामक रणनीति और मोदी जी के प्रेरणादायी नेतृत्व के कारण मंगलराज का प्रतीक बन चुका है। आज जब वह जेवर एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्हें मोदी जी के कर कमलों से मिले शानदार एयरपोर्ट की सौगात दिखाई दी। अब यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स भी शुरू हो चुकी हैं और लगातार निवेश के नए प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। निवेशकों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रदेश अपनी नई पहचान के साथ देश-दुनिया के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार, सेक्टोरल पॉलिसियों और 75 हजार एकड़ के विशाल लैंड बैंक के कारण हर क्षेत्र के निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश सबसे उपयुक्त बन चुका है। सरकार प्रत्येक क्षेत्र के लिए स्पष्ट नीति लेकर आई है। कोई भी निवेशक इन नीतियों के दायरे में आकर निवेश कर सकता है। सरकार समय पर इंसेंटिव देती है, सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के निवेश की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इसका परिणाम यह है कि प्रदेश के युवाओं को तेजी से रोजगार मिल रहा है। कानपुर व झांसी के बीच बन रही इंडस्ट्रियल सिटी सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ क्षेत्र में बीडा के रूप में एक बड़े इंडस्ट्रियल सिटी का निर्माण कर रही है। इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति का प्रस्ताव भारत सरकार के पास भेजा गया था। प्रस्ताव जब केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव जी के पास गया तो उन्होंने तत्काल सभी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करते हुए इसकी स्वीकृति दी और फोन करके अवगत भी कराया। केंद्र व राज्य सरकार के बीच इसी प्रकार का समन्वय और त्वरित निर्णय देश के विकास को नई गति प्रदान करता है। मैं विश्वास करता हूं कि इस परियोजना को भी हम समय-सीमा में पूरा कर प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। … Read more

यूपी में स्किल डेवलपमेंट मिशन तेज, 15 जुलाई 2026 तक शुरू होंगी प्रशिक्षण कक्षाएं

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल (Employment Skills) से जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में "प्रोजेक्ट प्रवीण" के अन्तर्गत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (STT) देने के लिए जिलों और प्रशिक्षण प्रदाताओं को महत्वाकांक्षी लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। योगी सरकार का संकल्प: कोई भी युवा हुनर से न रहे वंचित उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने योजना के विवरण साझा करते हुए कहा कि योगी सरकार का मुख्य ध्येय है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के जरिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत आईटी (IT-ITeS), हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस और कृषि जैसे उन महत्वपूर्ण सेक्टर्स में ट्रेनिंग दी जाएगी जिनकी बाजार में भारी मांग है। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान: इस वर्ष 36,103 छात्रों को ट्रेनिंग का लक्ष्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उच्च स्तरीय बनाए रखने के लिए सरकार ने प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा तय की है, जिससे बच्चों को प्रयोगात्मक (Practical) और व्यावहारिक ज्ञान बेहतर ढंग से मिल सके। इस वर्ष प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रदेश भर में कुल 36,103 छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण देने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जिम्मेदारी आगरा, बरेली, आजमगढ़, वाराणसी, ललितपुर, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित विभिन्न जनपदों के राजकीय विद्यालयों में सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को सौंपी गई है। कड़ा अल्टीमेटम: 15 जुलाई 2026 तक शुरू करनी होंगी कक्षाएं उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को केंद्र की स्थापना, पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर 15 जुलाई, 2026 तक हर हाल में कक्षाओं का संचालन शुरू करना होगा। इसके साथ ही, पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है। लापरवाही पर होगी विधिक कार्रवाई, पोर्टल पर रखनी होगी नजर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया गया है कि बैच शुरू होने के 07 कार्य दिवसों के भीतर सभी छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री (Study Material) का वितरण करना होगा और उसकी तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। मिशन निदेशक ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता समय पर कार्य आरंभ नहीं करता है या जनपद स्तर से किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी व विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।  

गौतम बुद्ध नगर में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

जेवर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश ने 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और जेवर क्षेत्र जल्द ही भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे चीन आदि देशों पर निर्भरता कम होगी। पीएम सूर्यघर योजना से प्रदेश के 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है, यह यूपी में बढ़ती सौर ऊर्जा शक्ति का प्रमाण है। मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में एसएईएल की बड़ी भूमिका होगी। मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही यूपी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में भारत ने दुनिया में एक नई सशक्त पहचान बनाई है। लोग सबसे तेज अर्थवस्थवस्था के रूप में भारत को बढ़ता देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों में यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करना है। 6 लाख परिवारों को बिजली बिल 60 प्रतिशत तक कम सीएम ने कहा कि मोदी जी ने दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई। उसी का परिणाम है कि यूपी जैसे राज्य में 6 लाख से अधिक परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहे है। इनके बिजली बिलों में भी लगभग 50-60 प्रतिशत की कमी आई है। आज यूपी 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली सोलर पैनल से उत्पन्न कर रहा है।  20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना अगले दो-तीन वर्षों के अंदर यूपी में 20 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य प्राप्त करना है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर के अलावा पराली भी है। किसान पराली को जलाकर प्रदूषण न करें, बल्कि उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचा दें  तो वहां इससे सीएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बन सकता है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी। देश का 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन यूपी में सीएम ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी लागू होने के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। करीब एक दशक पहले हताशा-निराशा से जूझ रहे किसानों को हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया। हम गन्ने से चीनी व एथेनॉल भी बना रहे हैं। देश का लगभग 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा सीबीजी प्लांट यूपी में लगे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करना है। भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाएगा सोलर प्लांट सीएम योगी ने कहा कि एसएईएल ने नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन या दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था,  अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में तैयार होगी। इसके माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी होने वाला है। एमएसएमई, लॉजिस्टिक और सहायक उद्योगों के साथ-साथ इंजीनियरों व टेक्नीशियनों को भी एक नए फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी अवसर इसके माध्यम से प्राप्त होने वाला है। भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की नई यूनिट का शिलान्यास करके आए हैं, जिसे भारत का अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी व अपैरल सिटी भी बन रही है। विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। टॉय पार्क भी बनने जा रहा है। भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में यह क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। हमें पीएम मोदी जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।   इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, एसएईएल के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला, एसएईएल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जसवीर सिंह और यीडा समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार जेवर। एसएईएल कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 20 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण पूरा होने पर यहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत में तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। 20 हजार करोड़ रुपये तक निवेश बढाएगी कंपनी एसएईएल के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राज्य वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी 2029-30 तक अपना निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी।

भाजपा महानगर इकाई की तरफ से आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के उद्घाटन सत्र में बोले सीएम योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने मूल्यों और आदर्शों की राजनीति अपनाकर शून्य से शिखर तक की यात्रा की है। 1985 में मात्र दो लोकसभा सीट हासिल करने वाली इस पार्टी की आज केंद्र सहित देश के 21 राज्यों में सरकार है। दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा की यात्रा सत्ता प्राप्त की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सुशासन, समृद्धि और समन्वय की बेहतरीन यात्रा है। सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर के गुलरिहा स्थित एक रिजॉर्ट में भाजपा महानगर के प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की महानगर इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘दल से पहले देश’ और ‘व्यक्ति से पहले समाज’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा आज दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास का प्रतीक बनी है तो इसके पीछे भारतीय जनसंघ के समय से पार्टी के संस्थापकों के आदर्शों और संस्कारों से मिली प्रेरणा है। सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उद्धरण, ‘बिना मूल्यों और आदर्शों वाली राजनीति मौत का फंदा है’ का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए संस्थापकों के मूल्य और आदर्श सदैव सर्वोपरि हैं।  वाह्य और आंतरिक सुरक्षा का मॉडल दिया भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश में वाह्य और आंतरिक सुरक्षा का मॉडल दिया है। 2014 के पहले दुश्मन देश सैनिकों से क्रूरता करते थे। सरकारें तब बोलती नहीं थी, उन्हें देश की कीमत पर संबंध की चिंता रहती थी। 2014 के बाद सरकार ने दुश्मन की आंख में आंख मिलाने का सामर्थ्य दिया है। एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये दुनिया के सामने अपने सामर्थ्य और ताकत का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले कश्मीर जल रहा था, पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद चरम पर था, देश के 120 जिलों में नक्सलवाद हावी था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कश्मीर में आतंकवाद को कुचल दिया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद समाप्त हो चुका है। नक्सलवाद एक-दो जिलों तक सीमित है और बहुत शीघ्र वहां भी खत्म हो जाएगा।  सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास संभव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास संभव होता है। सुरक्षा का वातावरण बनने के कारण ही आज इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड कनेक्टिविटी, हाईवे एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड वाटरवे, मेट्रो, रोपवे और लॉजिस्टिक के कार्य बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास की प्राथमिक आवश्यकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, विकास भी उतनी ही तेजी से होगा।  अंत्योदय का सपना साकार कर रही मोदी सरकार सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने को साकार कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया ने बीते 12 वर्षों में बदलते भारत को देखा है। कल्याणकारी योजनाओं का केंद्र समाज के अंतिम पायदान का व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आज देश में 12 करोड़ लोगों के घर शौचालय बनाए गए हैं, 4 करोड़ गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्की छत मिली है। करोड़ों लोगों को नल से जल की सुविधा मिल रही है। 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त हो रही है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा मिली। लोगों को पीएम जीवन ज्योति, पीएम स्टार्टअप, स्टैंडअप, डिजिटल इंडिया, पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर मिल रहा है। गांव में गरीबों को घरौनी की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से उबरकर देश के विकास में सहभागी बन रहे हैं।  भाजपा सरकार ने बदली लोगों की धारणा  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो बातें सिर्फ कल्पना में थीं, भाजपा सरकार ने उन्हें हकीकत में बदला है। सरकार ने लोगों की धारणा बदली है। उन्होंने कहा कि कोई कल्पना भी नहीं करता था कि श्रीराम जन्मभूमि का विवाद समाप्त होगा। आज विवाद समाप्त होने के साथ ही श्रीराम मंदिर का निर्माण भी हो चुका है। काशी में विश्वनाथ धाम और विंध्याचल में विंध्य धाम का निर्माण हो चुका है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्षों की है लेकिन दिव्य, भव्य, स्वच्छ और स्मार्ट कुंभ का आयोजन पहली बार भाजपा सरकार में ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने कुंभ को भगदड़, अराजकता और गंदगी का पर्याय बना दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष में डबल इंजन सरकार ने देश की विरासतों को सम्मान से जोड़ा। पीएम मोदी ने दल से ऊपर देश की भावना से हर घर पर कमल का फूल वाला झंडा फहराने की बजाय देश की आन, बान, शान का प्रतीक तिरंगा झंडा फहराने का आह्वान किया। सीएम योगी ने कहा कि अन्य दलों को भी दल से ऊपर देश के मंत्र से प्रेरणा लेनी चाहिए। कहा कि यह राष्ट्र को आतंकवाद से मुक्त कर विकास की बुलंदियों पर ले जाने का मंत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्वार्थ की संकीर्णताओं में डूबने पर देश की सुरक्षा में सेंध लग जाती है।  भावी पीढ़ी के लिए जज्बा पैदा कर गया डॉ. मुखर्जी का बलिदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की वर्तमान यात्रा के विकास पर विस्तार से अपनी बात रखी और संस्थापकों के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि 1951 में कांग्रेस की तुष्टिकरण पोषक नीतियों से देश को बचाने की आवश्यकता को देखते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। डॉ. मुखर्जी आजादी के बाद बनी देश की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। सत्ता को तिलांजलि देकर उन्होंने कांग्रेस सरकार की कश्मीर के खिलाफ नीतियों पर आंदोलन शुरू किया। तब उन्होंने कश्मीर को लेकर उद्घोष किया था, एक देश में दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेगा। इसी आंदोलन के चलते … Read more