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बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी धोना पड़ेगा हाथ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित   मुख्यमंत्री योगी ने कहा- बरेली में दंगा करने वाले अब जेल में मना रहे उर्स, उपद्रव नहीं उत्सव से है यूपी की पहचान   बोले मुख्यमंत्री योगी- शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं, उनके सम्मान और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की   मुख्यमंत्री योगी ने कहा- सपा सरकार में चयन बोर्ड में बैठाए जाते थे परिवार और रिश्तेदार, भर्ती प्रक्रिया को किया गया प्रदूषित   बोले मुख्यमंत्री योगी- अब 14 दिन में मुख्य परीक्षा और अगले 14 दिन में परिणाम, पहले छह महीने करना पड़ता था इंतजार   मुख्यमंत्री योगी ने कहा- यूपी में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी   बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों को चेताया कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा। वर्ष 2017 से पहले बरेली में पर्व-त्योहार आते ही दंगे होते थे। अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। उनका इशारा मौलाना तौकीर रजा की ओर था। उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान अब उपद्रव से नहीं, उत्सव से है। कानून-व्यवस्था में बदलाव से प्रदेश के प्रति धारणा बदली है।   मुख्यमंत्री योगी बरेली क्लब ग्राउंड में शिक्षक-एमएलसी चुनाव, बरेली/मुरादाबाद क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मंगलवार को शिक्षक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं। उनके सम्मान और स्वास्थ्य की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी।   शिक्षकों को कैशलेस इलाज, बीमा कवर भी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी इससे जुड़े हैं। माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक बीमा कवर मिला है। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर और दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि और संख्या भी बढ़ाई गई है।   सपा राज में रिश्तेदारों के भरोसे था चयन बोर्ड मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख से अधिक पद रिक्त थे। सरकार ने साढ़े छह वर्षों में इतने ही शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती की। सपा सरकार में चयन बोर्ड में परिवार और रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियां प्रभावित की जाती थीं। अब योग्य युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी मिल रही है।   उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पांच से 24 फरवरी के बीच होंगी। मुख्य परीक्षा 14 दिन में पूरी होगी और अगले 14 दिन में परिणाम आएगा। पहले छह महीने लगते थे।   ग्रामीण विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा के अवसर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब से ग्रामीण विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ सकें।   माफिया पर कार्रवाई से सपा को पीड़ा मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर गरीबों और शिक्षकों के बजाय गैंगस्टर, दंगाई और फिरौती वसूलने वाले बुलाए जाते थे। अब माफिया पर कार्रवाई से सपा नेताओं को पीड़ा होती है। उन्होंने बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान और संभल के 68 तीर्थ व 19 कूप के पुनर्जीवन का उल्लेख किया।   हर जिले में विश्वविद्यालय देने की तैयारी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद और मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। भदोही और कुशीनगर में भी विश्वविद्यालय दिए गए हैं। सरकार एक जिला-एक विश्वविद्यालय की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 23 अक्टूबर को शिक्षक मतदाताओं को मतदान के लिए अवकाश मिलेगा। उन्होंने डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को सरदार के साथ असरदार बताते हुए जिताने की अपील की। शिक्षक चुनाव से मिलेगा विधानसभा चुनाव का संकेत : खन्ना वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षित वर्ग में भाजपा की लोकप्रियता का संकेत देगा। सरकार ने छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने वाले अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी के जवाब के बाद चुप हैं।   विपक्ष को नहीं दिखता विकास : गुलाब देवी माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विकास कार्य नहीं दिखते। उल्लू को दिन में नहीं दिखता तो इसमें सूर्य का दोष नहीं है। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो शिक्षकों के लिए सहज उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना, संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार मौजूद रहीं। अंत में धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को स्मृति चिह्न भेंट किया।

UP News: सड़क दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वालों को पुरस्कार, 27 राहवीरों को सम्मानित करेगी सरकार

सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान, यूपी में 27 राहवीरों को पुरस्कृत करने की तैयारी केंद्र से मिली धनराशि, सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने वालों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार गुड सेमेरिटन योजना का नया स्वरूप है राहवीर योजना, 16वें वित्तीय चक्र में भी जारी रहेगी पहल योगी सरकार का प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है खास जोर  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए यूपी परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और जरूरत के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। गुड सेमेरिटन से राहवीर योजना तक का सफर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन को पुरस्कृत करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन योजना को नए नाम 'राहवीर योजना' के रूप में जारी किया। इसमें पुरस्कार राशि बढ़ाकर प्रति राहवीर 25 हजार रुपये कर दी गई। मंत्रालय ने योजना को 16वें वित्तीय चक्र में जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 के पत्र के जरिए उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को पुरस्कार देने की तैयारी परिवहन विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाने से पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बिना किसी स्वार्थ के घायलों की मदद करने वाले लोगों को आर्थिक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण शुरुआती एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में योगदान देने वाले पात्र नागरिकों को पुरस्कृत किया जाता है। इससे लोगों को सड़क हादसों के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है। पुरस्कार राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था राहवीरों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने के लिए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जनगणना में शादी, जाति से लेकर मोबाइल तक की जानकारी होगी दर्ज, बेघर लोगों की भी होगी गिनती

गोरखपुर दूसरे चरण की जनगणना में 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से जनगणना शुरू होगी। जनगणना के लिए गोरखपुर के एमएमएमयूटी में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। पहले चरण में प्रशिक्षित फिल्ड ट्रेनर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में मिल रही जानकारियों क अनुसार इस बार जनगणना में हर व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणना में इस बार पुरुषों एवं महिलाओं की चार शादी दर्शाने का विकल्प है, जबकि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े शादी से पहले ही दंपति माने जाएंगे। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी जाति धर्म के लोग चार शादी को जनगणना में दर्शा सकते हैं। बेघर लोगों की होगी गणना पहले चरण में मकान गणना की गई, जिसके आधार पर जनगणना होगी। इस बार बेघर लोगों की भी गणना की जाएगी। लोगों की नागरिकता के बजाए घोषित राष्ट्रीयता को जनगणना में दर्ज किया जाएगा। जाति भी पूछी जाएगी। जनगणना की ट्रेनिंग शुरू जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि दूसरे चरण की जनगणना के लिए ट्रेनिंग शुरू हो गया है। प्रशिक्षण लेने वाले लोगों से कहा गया कि सभी सवालों के बारे में अच्छी तरह समझ लें। जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सही होने चाहिए। इसी के अनुसार भविष्य की योजनाएं बनतीं हैं। जो लोग स्वगणना कर सकते हैं, उन्हें स्वगणना करने से सुविधा होगी। ये सवाल भी पूछे जाएंगे नाम से लेकर मोबाइल तकः नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु और वैवाहिक स्थिति। सामाजिक जानकारीः धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगता, मातृभाषा और शिक्षा। रोजगार और व्यवसायः काम की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी और आर्थिक गतिविधि। प्रवास और परिवारः जन्म स्थान, अंतिम निवास, प्रवास का कारण, अवधि, स्थायी पत्ता। अन्य जानकारी: कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस। इन लोगों की नहीं लगेगी ट्यूटी उधर, यूपी सरकार ने तीन महीने में रिटायर्ड होने वाले कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से राहत दे दी है। ऐसे कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगाए जाने को लेकर कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी विभागों को निर्देश भेज दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत निकटतम तीन माह के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को दूसरे चरण के जनगणना कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। दूसरे चरण के जनगणना का काम अप्रशिक्षित कार्मिकों से नहीं कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसी भी कार्मिक को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जनगणना के काम से छूट नहीं दी जाएगी। छावनी परिषद के अतिरिक्त किसी भी अन्य इकाई को स्पेशल नहीं बताया जाएगा।

योगी सरकार का ग्राम प्रहरियों को तोहफा, मानदेय बढ़ोतरी के साथ मोबाइल और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

बरेली  गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों का मानदेय अब 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की उन्होंने ग्राम प्रहरियों को गांव की सुरक्षा व्यवस्था की आंख और कान बताते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से अपराध, अफवाह और अवैध गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच से पगड़ी पहनाकर और गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया। फिर प्रदेश के 68000 ग्राम प्रहरियों के मानदेय बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव में सीसीटीवी कैमरे की तरह हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। ग्राम प्रहरी पुलिस के लगातार संपर्क में रहें तो अपराधियों के मंसूबों पर समय रहते पानी फेरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी सजग हो तो सुरक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत होती है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों को बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सही सूचना समय पर मिलना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में जमीनों पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां पहले सड़कें नहीं थीं, वहां अब विकास कार्य हो रहे हैं। विकास के साथ जमीनों की गतिविधियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में किसी भी अवैध कब्जे या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस-प्रशासन को तत्काल दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उनके परिश्रम का परिणाम है। इस सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्हें जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम करना होगा। संबोधन के अंत में उन्होंने भारत माता की जय और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इसके बाद ग्राम प्रहरियों के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सजग होगा तो आत्मनिर्भर बनेगा। ग्राम प्रहरियों को अपने कार्यों के जरिये नींव के पत्थर की तरह योगदान देना होगा। गांव से लेकर जनपद और प्रदेश तक सुरक्षा व विकास की मजबूत कड़ी तैयार करने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ विरासत और विकास के संगम को आगे बढ़ाया जा रहा है। 2019 के बाद अब फिर बढ़ा मानदेय मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय 2500 रुपये किया गया था। अब एक बार फिर एक हजार रुपये बढ़ाकर इसे 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी निभाने वाले ग्राम प्रहरियों को अपनी भूमिका के प्रति सजग रहना होगा। 2017 से पहले त्योहारों पर रहता था उपद्रव का अंदेशा मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले त्योहार आते ही उपद्रव की आशंका पैदा हो जाती थी। अब प्रदेश में धार्मिक आयोजन और मेले उत्साह के साथ हो रहे हैं। शारदीय नवरात्र में जगह-जगह मां जगतजननी की प्रतिमाएं स्थापित कर अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाकुंभरी पीठ समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें लोग भयमुक्त होकर अपने धार्मिक और सामाजिक आयोजन कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश की छवि से देश और दुनिया में प्रदेश के प्रति धारणा बदली है। पहले कुछ लोगों की गलतियों के कारण प्रदेश के लोगों को भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। अब लोग उत्तर प्रदेश के लोगों से परहेज नहीं करते, बल्कि सहजता से मिलते हैं। सुरक्षा से निवेश और रोजगार का रास्ता खुलता है मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का सीधा संबंध विकास से है। जब माहौल सुरक्षित होता है तो सड़कें बनती हैं, निवेश आता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। लोगों का विश्वास मजबूत होता है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। प्रदेश में आयोजित हो रहे मेले और उत्सव इसी विश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और एआइ आधारित तकनीक से भी आरोपितों की पहचान करने में मदद मिल रही है। ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे पुलिस से संपर्क बनाए रख सकें और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान हो सके।

UP News: ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ अभियान से बेटियों को मिलेगी उद्यमिता की राह, यूपीकॉन ने लॉन्च किया ‘उद्यमी बडी’

नवरात्र पर यूपीकॉन की नई पहल, उद्यमिता की राह दिखाएगी ‘उद्यमी बडी’ यूथ अड्डा का मैस्कॉट ‘उद्यमी बडी’ लॉन्च, ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से युवाओं और बेटियों को मिला उद्यमिता का संदेश योगी सरकार के मिशन रोजगार को गति देने की पहल, युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा यूपीकॉन लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) ने युवाओं और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न यूथ अड्डा केंद्रों पर ‘उद्यमी बडी’ मैस्कॉट का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए युवाओं, विशेषकर बेटियों को अपने सपनों को पहचानने, कौशल विकसित करने और अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया गया। लखनऊ, मुरादाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर, गोरखपुर, प्रयागराज, गोंडा और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के यूथ अड्डा केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक युवतियों के साथ पहले से उद्यम कर रहीं महिला उद्यमी भी शामिल रहीं। ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से मिला आत्मनिर्भरता का संदेश कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ गतिविधि आयोजित की गई। प्रतिभागियों से अपने सपने लिखने और भविष्य में सीखना चाहने वाले कौशल की जानकारी देने को कहा गया। इसका उद्देश्य युवतियों और युवाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता पहचानने तथा अपने विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। नई पीढ़ी के सपनों का प्रतीक है ‘उद्यमी बडी’ ‘उद्यमी बडी’ एक युवा लड़की के रूप में तैयार किया गया मैस्कॉट है। यह नई पीढ़ी की उस सोच का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर नए अवसर तलाशने के साथ अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। नवरात्र के दौरान महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ इस पहल को जोड़कर युवतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया। सरकारी योजनाओं से जोड़े जा रहे युवा कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एनवाईएसवाई) और एमएसएमई विभाग की अन्य ऋण एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन का लाभ लेकर वे अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतार सकते हैं। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे योगी सरकार के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। रोजगार तलाशने के साथ रोजगार देने की सोच इस अवसर पर यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा कि यूपीकॉन की पहल का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना और उन्हें रोजगार तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यमी बडी’ केवल एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि युवाओं को सपने देखने, कौशल सीखने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा देने वाला संदेश है।

यूपी विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षा की तारीखों में टकराव, मार्च-अप्रैल में हो सकता है मतदान

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पिछली बार फरवरी-मार्च में हुआ था। इस बार फरवरी में चुनाव कराने पर संकट मंडराने लगा है। यह संकट सोमवार को जारी हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के कारण हुआ है। बोर्ड ने अपना परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 5 फरवरी से 24 फरवरी तक परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में दोनों एक साथ कराना संभव नहीं है। अगर विधानसभा चुनाव पिछली बार की तरह फरवरी में कराने का फैसला होता है तो परीक्षाएं दो महीने टालनी होंगी और नया कार्यक्रम जारी करना होगा। पिछली बार 10 फरवरी से 7 मार्च तक चुनाव हुए थे और नतीजे 10 मार्च को आए थे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में 51 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं परीक्षा के लिए सरकारी व निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। यही स्कूल विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। नवंबर में अपर मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग व दिसंबर में भारत निर्वाचन आयोग की टीम यूपी के चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आएगी। विधानसभा चुनाव के लिए आयोग के पास मई तक का समय फिलहाल, तैयारियां तेजी से चल रही हैं लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग के पास अभी पर्याप्त वक्त भी है। यूपी में 18वीं विधानसभा की पहली बैठक 23 मई को हुई थी। ऐसे में 22 मई 2026 को यूपी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि चुनाव कुछ चरणों में अब मार्च-अप्रैल में हों। फिलहाल फरवरी में अगर विधानसभा चुनाव हुए तो फिर बोर्ड परीक्षा टलेगी। अब आगे विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम ही बताएगा कि बोर्ड परीक्षाएं तय किए गए शेड्यूल से होंगी या फिर विधानसभा चुनाव पहले आयोजित किए जाएंगे। दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाएगी सरकार वहीं, विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी की योगी सरकार दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाने की तैयारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के साथ ही चुनाव के दरमियान भी वेतन, पेंशन और तय खर्चे की व्यवस्था होने तक के लिए यह अंतरिम बजट लाया जाएगा। पहले माना जा रहा था कि सरकार अनुपूरक के बाद विशेष सत्र में अंतरिम बजट पेश करेगी। हालांकि, अब संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर में ही अंतरिम बजट भी लाया जाएगा। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी सरकार ने 26 मई को बजट पेश किया था।

68 हजार ग्राम प्रहरियों को कैशलेस इलाज के साथ अब 3500 रुपये मानदेय

बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने के साथ ही उनके परिवारों को पांच लाख रुपये सालाना कैशलेस इलाज की सौगात दी। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ उनकी सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।   बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में पर्व-त्योहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे। मुट्ठी भर अराजक तत्वों की करतूतों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था। दूसरे राज्यों में यूपी के लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। अब स्थिति बदल चुकी है। जो लोग पहले सौ कदम दूर रहते थे, आज यूपी का नाम सुनकर गले मिलने आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल दी है।   शहर में सीसीटीवी, गांव में ग्राम प्रहरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस तरह अपराधियों पर नजर रखते हैं, गांवों में ग्राम प्रहरी वही भूमिका निभाएं। संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और जमीन कब्जाने वालों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। थानाध्यक्ष अथवा हलके के दारोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें। इससे सूचना तंत्र मजबूत होगा और छोटी घटनाओं को बड़ा विवाद बनने से रोका जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी ने गृह विभाग को रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए।   पहले सत्ता में बैठे लोग ही कराते थे लूटपाट मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट कराते थे। पुलिस भी कार्रवाई करने में असहाय रहती थी। अब अपराधियों के मन में कानून का भय है। शहरों में सीसीटीवी और एआई तकनीक से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी हो रही है। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कठोर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माफिया मिट्टी में मिल गए हैं। प्रदेश में अब दंगा और उपद्रव नहीं होता। कानून-व्यवस्था बेहतर होने से निवेश, व्यापार और रोजगार बढ़े हैं।   शक्तिपीठों पर भीड़ बदली व्यवस्था का प्रमाण मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले नवरात्र और दूसरे पर्वों पर उपद्रव की आशंका रहती थी। अब नवरात्र के प्रथम दिन से ही गांव-गांव में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। विंध्यवासिनी धाम में पिछले दिनों सवा दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सीतापुर के ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर की शाकंभरी पीठ पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ है। यह भयमुक्त वातावरण का परिणाम है।   ग्राम प्रहरी की सूचना टाल सकती है अनहोनी मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों की सूचना भी प्रशासन को देने को कहा। मुख्यमंत्री योगी ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और बिजनौर का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर मिली सूचना बड़ी अनहोनी रोक सकती है। बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश की 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांवों में ग्राम प्रहरियों की सजगता महत्वपूर्ण है। गांव सुरक्षित होंगे तो आत्मनिर्भर बनेंगे। इससे विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा।   11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर किया सम्मानित मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। इनमें बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। समारोह में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर लघु फिल्म भी दिखाई गई।   सुरेश खन्ना बोले- ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया सम्मान वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने मानदेय बढ़ाकर ग्राम प्रहरियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। ग्रामीण शांति व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा किया।   धर्मपाल सिंह बोले- सपा का पीडीए फेल पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गांवों में अब चोरी और गुंडागर्दी का भय नहीं है। सरकार की आलोचना करने वालों को ग्रामीण स्वयं जवाब देते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका पीडीए फेल हो चुका है। भाजपा के पीडीए का अर्थ पहली बार 2017, दूसरी बार 2022 और अगली बार 2027 बताया।   डीजीपी बोले- गांव और थाने के बीच महत्वपूर्ण कड़ी अपने संबोधन से पहले पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी को मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की। वहीं संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव और थाने के बीच सूचना एवं संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अपराध, भूमि विवाद और शांति भंग की आशंका की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साइबर ठगी और सोशल मीडिया की अफवाहों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करें। डिजिटल वालंटियर्स और व्हाट्सऐप समूहों से सूचना तंत्र मजबूत होगा।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद समारोह में मंत्री जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना, संजय सिंह गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद मौजूद रहे।

यूपी बोर्ड के छात्रों के लिए बड़ी खबर, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 की डेटशीट जारी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है. सोमवार को बोर्ड के सचिव ने परीक्षाओं को लेकर विषयवार शेड्यूल जारी कर दिया है. सचिव की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यूपी की बोर्ड परीक्षा 5 फरवरी, 2027 से शुरू होंगी जो , 24 फरवरी, 2027 तक चलेंगी. एग्जाम का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा. पहली शिफ्ट सुबह 8.30 बजे से 11.45 तक होगी. वहीं, दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से शाम के 5.15 बजे तक चलेगी. ऐसे चलिए जानते हैं इससे जुड़ा शेड्यूल।  10वीं बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल परीक्षा की तारीख 5 फरवरी, शुक्रवार हिंदी, प्रारंभिक हिंदी 8 फरवरी, सोमवार सामाजिक विज्ञान 9 फरवरी, मंगलवार मानव विज्ञान 10 फरवरी, बुधवार अंग्रेजी, इलेक्ट्रॉनिक शिल्प 12 फरवरी, शुक्रवार   होम साइंस  13 फरवरी, शनिवार गणित 15 फरवरी, सोमवार संस्कृत 16 फरवरी, मंगलवार गुजराती, तमिल, पंजाबी, बंगला, मराठी 17 फरवरी, बुधवार विज्ञान, संगीत वादन 18 फरवरी, गुरुवार कंप्यूटर, सिलाई 19 फरवरी, शुक्रवार वाणिज्य 20 फरवरी, शनिवार उर्दू 22 फरवरी, सोमवार चित्रकला, रंजन कला 23 फरवरी, मंगलवार संगीत गायन, पालि, अरबी, फारसी 24 फरवरी, बुधवार कृषि   12वीं बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल  परीक्षा की तारीख   विषय  5 फरवरी, शुक्रवार     हिंदी, सामान्य हिंदी 8 फरवरी, सोमवार   अंग्रेजी  9 फरवरी, मंगलवार काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई शिल्प आदि, नागरिक शास्त्र 10 फरवरी, बुधवार  व्यावसायिक विषय (2 पेपर), इतिहास 12 फरवरी, शुक्रवार जीव विज्ञान, गणित 13 फरवरी, शनिवार शस्य विज्ञान (व्यावसायिक), कृषि वनस्पति विज्ञान, कृषि अर्थशास्त्र, अर्थशास्त्र 15 फरवरी, सोमवार संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्यकला, नृत्य कला, रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र 16 फरवरी, मंगलवार कृषि भौतिक एवं जलवायु विज्ञान, कृषि जंतु विज्ञान, भूगोल 17 फरवरी, बुधवार भौतिक विज्ञान, सैन्य विज्ञान 18 फरवरी, गुरुवार कृषि अभियांत्रिकी, कृषि पशुपालन, चित्रकला, रंगकला 19 फरवरी, शुक्रवार  व्यावसायिक विषय (5 पेपर),  मानव विज्ञान 20 फरवरी, शनिवार   उर्दू, गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, आदि, मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, तर्कशास्त्र 22 फरवरी, सोमवार सामान्य आधारिक विषय, कृषि गणित एवं सांख्यिकी, कृषि रसायन विज्ञान, व्यवसाय अध्ययन, गृह विज्ञान 23 फरवरी, मंगलवार लेखाशास्त्र, एनसीसी, पालि, अरबी, पारसी 24 फरवरी, बुधवार कंप्यूटर, संस्कृत

पासी समाज को लेकर भाजपा की नई रणनीति, विनोद तावड़े करेंगे जनप्रतिनिधियों से चर्चा

 लखनऊ विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने जातीय समीकरण की हर कड़ी मजबूत करने में जुटी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की नाराजगी और पासी समाज की बेचैनी दूर करने के लिए भाजपा ने गियर बदला है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने मुख्यालय पर 14 अक्टूबर को पासी समाज के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों की बैठक बुलाया था, जिसे फिलहाल टाला गया है। बैठक अगले सप्ताह बुलाई जाएगी। अनुसूचित वर्ग में जाटव के बाद सबसे बड़ी आबादी पासी समाज की है। अवध, गोरखपुर, कानपुर एवं काशी क्षेत्र में इनकी बड़ी आबादी है। भाजपाइयों का कहना है कि यह समाज प्रदेश की 85 सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है, जबकि डेढ़ सौ सीटों पर असर रखता है। पार्टी ने हाल में भले ही प्रियंका रावत को राज्य सभा भेजकर पासी समाज में पैठ बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन कौशल किशोर की नाराजगी पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले दिनों भाजपा ने कृष्णा पासवान को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। प्रदेश संगठन में अशोक रावत, उपेंद्र रावत एवं प्रियंका रावत को शामिल किया। भाजपा के पास जयप्रकाश रावत, अशोक रावत एवं कमलेश पासवान के रूप में तीन, जबकि सपा के पास आरके चौधरी, प्रिया सरोज, दारोगा प्रसाद सरोज, पुष्पेंद्र सरोज एवं अवधेश प्रसाद के रूप में पासी समाज के पांच सांसद हैं। फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद के जरिए सपा बड़ा राजनीतिक संदेश दे रही है। सपा ने इंद्रजीत सरोज, आरके चौधरी, पुष्पेंद्र सरोज व प्रिया सरोज को सक्रिय कर दिया है। भाजपा ने 2014, 2027, 2019 एवं 2022 के चुनाव में गैर जाटव दलित राजनीति का सफल प्रयोग किया, लेकिन 2024 में सपा के पीडीए ने भाजपा के सामने खतरे की घंटी बजा दी। अब भाजपा एक बार फिर पासी समाज से अपने संबंधों के तार कसने में जुटी है।  

यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 की डेटशीट जारी, 5 फरवरी से एग्जाम

लखनऊ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2027 की डेट शीट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अब टाइमटेबल चेक कर सकते हैं। जारी शेड्यूल के मुताबिक 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी 2027 से शुरू होकर 24 फरवरी 2027 तक आयोजित की जाएंगी। यूपी विधानसभा चुनाव के चलते 20 दिनों में आयोजित होगी परीक्षा बोर्ड की ओर से कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी बोर्ड पूरा परीक्षा कार्यक्रम 20 दिन में ही संपन्न कराने की तैयारी में है। इससे पहले चुनाव आयोग कई बार बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करवा चुका है। चुनावी वर्ष में परीक्षाओं का कार्यक्रम तय करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी भी अपेक्षित होती है। दो पालियों में आयोजित होंगी परीक्षाएं परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।     सुबह की पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक     शाम की पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक कार्यक्रम के अनुसार, शुरुआती 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं। सुबह की पाली में उत्तर लिखने का समय सुबह 8:45 बजे से 11:45 बजे तक, जबकि शाम की पाली में दोपहर 2:15 बजे से शाम 5:15 बजे तक बताया गया है। नकलविहीन एवं सुरक्षित परीक्षा की तैयारी माध्यमिक शिक्षा परिषद ने राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है। सभी परीक्षा कक्षों में वाइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (upmsp.edu.in) से अपनी डेटशीट का प्रिंटआउट निकाल लें और अपने संबंधित विद्यालयों से प्रवेश पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करें।