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योगी सरकार श्रमिकों के साथ-साथ हर वर्ग के लिए कर रही काम: असीम अरुण

लखनऊ   योगी सरकार ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। यह जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस' के मौके पर दी। उन्होंने लखनऊ में आयोजित श्रमिक संवाद 2026 में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रमिकों के साथ-साथ हर वर्ग के लिए काम कर रहे हैं। यूपी की जीडीपी बढ़ाने में श्रमिकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। जैसे-जैसे आर्थिक विकास होगा, उसी क्रम में सामाजिक विकास भी होगा। असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नए लेबर कोड्स और 'आउटसोर्स सेवा निगम' के गठन के माध्यम से सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए छुट्टियों, काम के घंटों और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और अनिवार्य बना दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कर्मचारियों का शोषण संभव नहीं होगा और उनके अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों से आउटसोर्स कर्मचारियों को 15 दिन के अंदर आईडी कार्ड जारी करने के लिए कहा। इसके साथ बेहतर काम करने वालों को वार्षिक प्रमाणपत्र और इनाम देने की व्यवस्था करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हमें श्रम कानून लागू करने का संकल्प लेना होगा।  श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य 'अंत्योदय' है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी हमारी व्यवस्था की रीढ़ हैं, और उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है। आज श्रमिक दिवस पर यह सुधार उन्हीं के पसीने की कीमत और उनके अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। श्रमिकों के बच्चों का रखा ध्यान इस दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि देश-प्रदेश को अग्रणी बनाने में श्रमिकों का योगदान है। योगी सरकार उन्हें श्रम कार्ड, वेतन वृद्धि जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध करा रही है। 18 जिलों में अटल आवासीय विद्यालय बन चुके हैं, जिनमें हजारों श्रमिकों के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं यूपी सिडको चेयरमैन वाईपी सिंह ने कहा कि योगी सरकार में श्रमिकों का आज ही नहीं, बल्कि हर दिन सम्मान होगा। इस सरकार में उनका भविष्य पहले से बेहतर रहेगा। कार्यक्रम के दौरान श्रमिक और आउटसोर्स कर्मियों ने मंच से अपनी बातें भी साझा कीं। वहीं कार्यक्रम में चार नए श्रम कानूनों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक कल्याण के लिए छुट्टियों के नियमों में व्यापक सुधार किया गया है। भारत सरकार के नए लेबर कोड्स के अनुरूप उत्तर प्रदेश में वेतन ढांचे को बनाया गया है।  'आउटसोर्स सेवा निगम' का प्रभाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए इस निगम के माध्यम से बिचौलियों के शोषण को जड़ से समाप्त किया जा रहा है। न्यूनतम मजदूरी अकुशल श्रमिकों के लिए 11,000 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 13,500 रुपये से शुरू होने वाली नई दरें निर्धारित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, कहा, प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी न हो; पाइप्ड योजनाओं के साथ टैंकर आदि वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं

लखनऊ प्रदेश में भीषण गर्मी और इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभाग परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें। शुक्रवार को कृषि, जलशक्ति, पशुधन, समाज कल्याण एवं उद्यान विभाग के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पूर्व में सूखा प्रभावित रहे 18 जनपदों में विशेष निगरानी रखने, 15 जून से 30 जुलाई के बीच निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिति का समयबद्ध आकलन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ से सहायता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए और कहा कि आवश्यक जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और डीजीपी को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग करने और जल संरक्षण को गति देने के लिए 30 मई तक नहरों, तालाबों एवं पोखरों की डी-सिल्टिंग पूर्ण कराने को कहा। साथ ही तालाबों से निकली मिट्टी प्रजापति समाज एवं पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा इस संबंध में जिलाधिकारियों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राहत कार्यों के साथ आजीविका के अवसर भी सृजित हो सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए। पाइप्ड पेयजल योजनाओं के साथ वैकल्पिक व्यवस्थाएं, जैसे टैंकर आदि, पूरी तरह तैयार रखी जाएं। वन विभाग को अभ्यारण्यों एवं पक्षी विहारों में वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में जल, चारा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सभी नलकूपों को क्रियाशील रखने, समय से मरम्मत सुनिश्चित करने तथा सिंचाई हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने जल के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में जल की कमी न हो और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। फसल सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने अनुदानित बीज वितरण तथा कृषि परामर्श के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए उन्होंने नुकसान की स्थिति में समयबद्ध आकलन एवं क्लेम निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। खाद्यान्न सुरक्षा के संबंध में उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने, पर्याप्त भंडारण बनाए रखने तथा आवश्यकतानुसार केंद्र सरकार से अतिरिक्त आवंटन प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही जमाखोरी एवं कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने हीट स्ट्रोक, लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों में समुचित व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, पशुधन की सुरक्षा हेतु निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में पेयजल उपलब्ध कराने और पशु चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने पर भी उन्होंने बल दिया। अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाते हुए मौसम संबंधी सूचनाएं समय पर आमजन एवं किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही 19 हजार से अधिक प्रशिक्षित आपदा मित्रों, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की सेवाएं आवश्यकता अनुसार लेने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। हाल के आंधी-तूफान में हुई जनहानि पर दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। कृषि तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद की उपलब्धता की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए, साथ ही सहकारिता विभाग को भी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। खाद वितरण में पारदर्शिता हेतु फॉर्मर रजिस्ट्री व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे लागत में कमी के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। खरीफ फसल वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने नहर प्रणालियों के प्रभावी संचालन, टेल फीडिंग के माध्यम से अंतिम छोर तक सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने तथा जल संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नहरों का संचालन केवल हेड रीच तक सीमित न रहे, बल्कि टेल एंड तक समान रूप से पानी पहुंचे। इसके लिए फील्ड स्तर पर कड़ी निगरानी, जवाबदेही निर्धारण एवं नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। जल की सीमित उपलब्धता की स्थिति में वैज्ञानिक एवं संतुलित प्रबंधन अपनाते हुए हेड रीच पर अनावश्यक खपत को नियंत्रित कर टेल क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ 1434 फसली वर्ष में 11,375 टेलों के सापेक्ष 10,487 टेलों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तालाबों को भरने के अभियान में 24,153 लक्षित तालाबों में से 17,961 से अधिक को भरा जा चुका है, जो 70 प्रतिशत से अधिक प्रगति को दर्शाता है। जलाशयों में जल की उपलब्धता भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। मुख्यमंत्री ने नहरों की सिल्ट सफाई एवं रखरखाव कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सिंचाई तंत्र की दक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना है और इसके लिए टेल फीडिंग अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ लागू किया जाए, ताकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

गंगा एक्सप्रेसवे के टोल रेट में लगातार बदलाव, 3 दिन में तीसरी बार हुआ संशोधन, नई दर जानें

 प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाला प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे आखिरकार शुरू हो चुका है. अब मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 5-6 घंटे में पहुंचा जा सकता है. मगर, बताया जा रहा था कि इस एक्सप्रेसवे पर जितनी सुविधा मिल रही, उतना ही मोटा टोल टैक्स भी देना पड़ेगा. हालांकि, अब यात्री को उलझन में डालने वाली खबर सामने आ रही है. उद्घाटन से पहले और बाद में टोल दरों को लेकर यूपीडा उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में भारी उलझन रही. सिर्फ 3 दिन में तीन बार टोल दरें बदल दी गईं. हर कोई जानना चाहता है कि अब कितना टोल रेट देना पड़ेगा. आइए जानते हैं… 15 दिन तक फ्री सफर, पर क्यूं? गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को हरदोई में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था. अब यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए शुरू हो गया है और इसपर गाड़ियां फर्राटे भरने लगी हैं. फिलहाल किसी को कोई टोल नहीं चुकाना पड़ेगा. इसका कारण है मजदूर दिवस पर योगी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर आप 15 दिन तक फ्री में सफर कर सकते हैं, यानी आपको कोई टोल नहीं देना पड़ेगा।  क्या है खासियत? करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ेगा. साल 2021 में दिसंबर महीने में इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया था. 5 वर्षों की मेहनत के बाद आज इस पर वाहन दौड़ने के लिए तैयार है. पहले जहां 10 से 12 घंटे का समय पहुंचने में लगता था अब वह घटकर 5 से 6 घंटे हो गया है. 120 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से अब आप इस पर सफर कर सकेंगे. गंगा एक्सप्रेस-वे 6 लेन का है. मेरठ से प्रयागराज जाने तक कुल 12 जिले पड़ेंगे।  इतना किया था टोल दर तय इसकी पहले टोल दरें 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर के आधार पर तय की गई थीं. पूरे एक्सप्रेसवे पर कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए कुल टोल 1,514 रुपये तय हुआ था. यह दरें दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर तय की गई थीं. मगर, उद्घाटन से ठीक पहले 29 अप्रैल को यूपीडा ने नई दरें जारी कीं. हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल बढ़ाकर 1,800 रुपये कर दिया गया. दोपहिया, तीनपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टर चालकों को 905 रुपये चुकाने पड़ते. तब यूपीडा (UPEIDA) ने स्पष्ट किया था कि ये दरें एक्सप्रेसवे के पहले टोल प्लाजा से आखिरी टोल प्लाजा तक की पूरी एकल यात्रा पर लागू होंगी।  अब हुआ ये यह दरें यहां ही तय नहीं हुईं बल्कि एक बार फिर बुधवार को 1,800 रुपये तय होने के बाद गुरुवार 30 अप्रैल को फिर संशोधन कर दिया गया. अब कार जैसे हल्के वाहनों के लिए टोल 1,765 रुपये कर दिया गया. इसमें से 1,365 रुपये अडानी एंटरप्राइजेज और 440 रुपये आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेंगे. एक्सप्रेसवे अभी प्रायोगिक दौर ट्रायल रन में चल रहा है. इसलिए उद्घाटन के बाद बुधवार रात 12 बजे से जनता के लिए खुलने के बावजूद किसी भी वाहन से टोल नहीं लिया जा रहा है।  यूपीडा अधिकारियों का कहना है कि टोल दरों में मामूली बदलाव WPI और अन्य तकनीकी गणनाओं के आधार पर किया गया है. अंतिम दरें जल्द ही स्थिर हो जाएंगी और टोल वसूली शुरू हो जाएगी. 24 घंटे के अंदर वापसी पर 20% डिस्काउंट की सुविधा भी यात्रियों को राहत देगी. फिलहाल गंगा एक्सप्रेसवे का फ्री में मजा उठा सकते हैं। 

प्रदेश में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 28 अप्रैल तक 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में रबी विपणन सत्र के दौरान गेहूं खरीद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। योगी सरकार की सक्रिय रणनीति और जमीनी स्तर पर मजबूत व्यवस्थाओं के चलते 28 अप्रैल तक 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की जा चुकी है, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है। सरकार ने इस अभियान में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अब तक 1,15,854 किसानों को 1318 करोड़ रुपये का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा चुका है। इससे किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है। प्रदेश भर के खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। तौल, भंडारण और भुगतान की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया गया है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि हर केंद्र पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें और किसी भी किसान को लौटना न पड़े। पूर्वांचल बना खरीद अभियान का इंजन गेहूं खरीद में पूर्वांचल के जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देवरिया ने 55.82% खरीद के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक सक्रियता और किसानों की भागीदारी का मजबूत उदाहरण पेश किया है। इसके अलावा बस्ती, प्रतापगढ़, बलरामपुर और संतकबीरनगर जैसे जिले भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। बेमौसम बारिश के बाद किसानों के हित में बड़ा फैसला  इस बार बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई, दाने सिकुड़े और चमक कम हो गई। ऐसे में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने राहत दी है। अब 70% तक चमकविहीन और 20% तक सिकुड़ा/टूटा गेहूं बिना कटौती के खरीदने की अनुमति दी गई है, जिससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। डिजिटल व्यवस्था से आसान हुई प्रक्रिया पंजीकरण से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। किसान आसानी से पंजीकरण कर रहे हैं और उन्हें सीधे खातों में भुगतान मिल रहा है। साथ ही निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सके।

12.26 लाख निर्माण श्रमिकों को दी आयुष्मान कार्ड सुविधा, शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी शीघ्र मिलेगा लाभ: मुख्यमंत्री

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब श्रमिक वर्ग सशक्त और सुरक्षित हो। इसी दृष्टि से राज्य सरकार श्रमिक परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ने का अभियान तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 12 लाख 26 हजार निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड सुविधा दी जा चुकी है, जिससे उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। शेष 15 लाख 83 हजार श्रमिकों को भी शीघ्र इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों के आधार पर, यह पहल 75 से 80 लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कम से कम 1 करोड़ श्रमिक परिवारों, यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाना है, जो प्रदेश के इतिहास में श्रमिक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्रमिकों के पसीने से ही नए भारत का निर्माण हो रहा अटल आवासीय विद्यालय के पहले बैच के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना एक नई मिसाल बनी। इन बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता के अथक श्रम व पसीने की लाज रखी है। नए भारत के निर्माण में आप सभी श्रमिक भाई-बहन प्रधानमंत्री जी के विजन के वास्तविक शिल्पकार हैं। सर्दी-गर्मी, आंधी-तूफान की परवाह किए बिना आप जो पसीना बहाते हैं, उसकी एक-एक बूंद धरती माता को सोना उगलने की शक्ति देती है। पहले विडंबना यह थी कि जो श्रमिक दूसरों को छत, अन्न और अस्पताल देते थे, स्वयं उनके पास आवास नहीं होता था, उनके बच्चे भूख से तड़पते थे और उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिलती थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘श्रममेव जयते’ मंत्र के साथ श्रमिकों को सम्मान और गौरव मिल रहा है। श्रमिक अब सम्मान और सुविधाओं का हकदार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महाकुंभ के दौरान श्रमिकों के पैर धोकर और अयोध्या-काशी में पुष्पवर्षा कर उनके श्रम और समर्पण का अनुपम सम्मान किया। इसी संवेदनशीलता के कारण आज श्रमिक किसी सरकार के एजेंडे का हिस्सा बन सका है। कभी कोई सोच भी नहीं सकता था कि श्रमिक के पास भी अपना पक्का घर होगा। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश में 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास मिला है, जिनमें उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही देश में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख परिवार शामिल हैं। अब गरीब भी उस अस्पताल में इलाज करा सकता है, जिसके निर्माण में श्रमिक का पसीना लगा है, क्योंकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध है। साथ ही श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं और आज जेवर में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी गई है। अब श्रमिक परिवारों को गैस, राशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क राशन और अन्य योजनाओं से गरीब के हक की रक्षा हो रही है और उनकी मेहनत को सच्चा सम्मान मिल रहा है। डबल इंजन सरकार श्रमिकों की हर विपदा में साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आपदा आने पर बटाईदार और खेतिहर श्रमिक कर्ज के बोझ तले दब जाते थे, लेकिन अब हमारी सरकार ने व्यवस्था की है कि आपदा में मुआवजा केवल भूमि स्वामी को नहीं, बल्कि बटाईदार और खेत पर काम करने वाले श्रमिक को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत उन्हें 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया गया है और हर वर्ष 700 से 1000 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रभावित श्रमिक परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि संकट के समय जो आपके साथ खड़ा होता है, वही सच्चा हितैषी है। कोरोना काल की सबसे बड़ी त्रासदी के दौरान जब विपक्षी नेता अपने घरों में छिप गए थे, तब डबल इंजन सरकार पूरी ताकत से श्रमिकों के साथ खड़ी थी। हम 14,000 बसों से लाखों श्रमिकों को वापस लाए, एक करोड़ श्रमिकों के रहने-खाने की व्यवस्था की और निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया। डबल इंजन की सरकार किसी भी संकट में खेतिहर मजदूर से लेकर औद्योगिक श्रमिक तक,  हर वर्ग के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। श्रमिक का बच्चा भी अब अधिकारी बनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम के बाद श्रम मंत्री अनिल राजभर जी गोरखपुर जा रहे हैं, जहां 200 श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह में स्वयं मंत्री जी मेहमानों का सम्मान और आवभगत करेंगे। श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। इसका एक उदाहरण है- पूरे प्रदेश में 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय, जहां श्रमिकों के बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ बेहतरीन शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि श्रमिक का बच्चा भविष्य में अधिकारी बने। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। पहले बीमारू राज्य कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज भारत का ग्रोथ इंजन और उद्यम प्रदेश बनकर उभरा है। यह श्रमिकों की अथक मेहनत, सुरक्षा के बेहतर माहौल और सरकार के संकल्प का परिणाम है। अगर कोई मजदूरी नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ की सुविधा दी है। यानी, किसी भी राज्य/जिले में रहने वाला श्रमिक देश में कहीं भी अपना राशन ले सकता है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में 7 लाख से अधिक श्रमिकों को पेंशन कवर दिया गया है। अटल पेंशन योजना में प्रदेश के 93 लाख लाभार्थी जुड़े हैं। ई-श्रम पोर्टल पर सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश के हैं। निर्माण कार्य के … Read more

UP का ग्रीन मिशन: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दुनिया लेगी सीख

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी गूंज अब ब्रिक्स देशों तक पहुंच गई है। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान ने प्रदेश को पौधरोपण के मामले में नई ऊंचाई दी है। गत 9 जुलाई 2025 को एक ही दिन में 37 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर यूपी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को दुनिया के अन्य देशों ने सराहा है और इस तरह के अभियान चलाकर अपने देश के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ना चाहते हैं। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित वर्चुअल समिट में 9 देशों के युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और यूपी के इस अभियान की खुलकर सराहना की। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया के युवाओं ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर विचार व्यक्त किए। विश्व के अन्य देशों के युवाओं का कहना था कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसा विचार लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ता है।  प्रतिभागी युवाओं का मानना है कि पर्यावरण बचाने के लिए केवल नारे नहीं, बल्कि ऐसे अभियान चाहिए जो समाज की भावनाओं को छू सकें। इसे यूपी ने कर दिखाया है। विभिन्न देशों के युवाओं ने इसे अपने-अपने देशों में लागू करने की बात भी कही। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि वर्चुअल समिट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले बागपत के अमन कुमार ने भारत की आवाज बुलंद की है। उन्होंने पर्यावरण के लिए स्वयंसेवा का संदेश देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से जूझती दुनिया में हर नागरिक को प्रकृति संरक्षण का हिस्सा बनना होगा। उत्तर प्रदेश के इस व्यापक अभियान की खूबियां अन्य देशों के युवाओं ने गंभीरता से सुनीं और इसे प्रेरणादायक बताया। उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम अभियान केवल सामान्य कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे संस्कृति, संवेदना और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। यही कारण है कि यह पहल अब वैश्विक चर्चा का विषय बन रही है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत के युवा अमन कुमार को स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित कर चुके हैं। अमन का कहना है कि सीएम योगी के नेतृत्व में पर्यावरण को लेकर जितने कार्य किए जा रहे हैं, उतना पहले कभी नहीं किए गये। दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा यूपी : अस्मिता लाल  बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि जब किसी अभियान में भावनात्मक जुड़ाव होता है, तभी वह लंबे समय तक असर छोड़ता है। यूपी ने इसे कर दिखाया है। जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच उत्तर प्रदेश का यह मॉडल दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। ब्रिक्स देशों के युवाओं की सराहना ने इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दी है। उत्तर प्रदेश की यह पहल अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

स्केटिंग ग्राउंड बना युवाओं के सपनों का रनवे, खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री को कहा- धन्यवाद

लखनऊ.  राजधानी के जनेश्वर मिश्र पार्क में तैयार हुए अत्याधुनिक स्केटिंग ग्राउंड ने अब सिर्फ एक खेल सुविधा नहीं, बल्कि हजारों बच्चों और युवाओं के सपनों को नई दिशा दे दी है। इस पहल के लिए खिलाड़ियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति गहरा आभार जताया है। खिलाड़ियों द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में इस परियोजना को “दूरदर्शी और युवा-केंद्रित नेतृत्व का परिणाम” बताया गया है। पत्र में कहा गया कि जहां पहले बच्चे सड़कों पर जोखिम उठाकर अभ्यास करते थे, वहीं अब उन्हें सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक वातावरण मिल रहा है। बच्चों के शब्दों में भावनाओं की झलक साफ दिखी। उन्होंने कहा कि आपने हमें सड़कों से निकालकर स्टेडियम तक पहुंचाया है, अब हमारा लक्ष्य स्टेडियम से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना है। यह कथन न केवल खुशी का इजहार है, बल्कि प्रदेश में उभरती खेल प्रतिभाओं की नई उड़ान का संकेत भी है। खिलाड़ियों ने 16 जुलाई 2022 की उस मुलाकात को भी याद किया, जब उन्होंने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी थीं। उनका कहना है कि उस दिन मिला आश्वासन आज जमीन पर उतरा दिखाई दे रहा है। एक ऐसा स्केटिंग ग्राउंड, जो वचनबद्धता और संवेदनशील शासन का प्रतीक बन गया है। इस पहल को खेल अवसंरचना के विस्तार से कहीं आगे देखा जा रहा है। यह युवाओं के आत्मविश्वास, ऊर्जा और भविष्य निर्माण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। “युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति” के संकल्प को साकार करते हुए यह कदम उत्तर प्रदेश को खेल प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। कोच अंजनी कुशवाहा के साथ-साथ आद्विका चौरसिया, श्रुति श्रीवास्तव, नफीसा नवाज, वृद्धि कश्यप, सुजैन नवाज, प्रीत मिश्रा, अव्याना सिंह, सिद्धि ऋषिता चतुर्वेदी, सांविका, अजान खान, समायरा, आयमान के. काकोर, शिवाय पाठक, शाहजैब नवाज, हैदर नवाज, गोत्रा देशपांडे, आश्चर्य खरे, राघवन श्रीवास्तव, निखिल यादव, एशन राज सिंह और निर्मल तंवर भाटी समेत कई खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

योगी सरकार का बड़ा कदम: ‘संध्या संवाद’ से और धार पाएगा विकास का विजन

लखनऊ.  योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” की अभिनव पहल की जा रही है। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती की एक ग्राम पंचायत से की जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत देवीपाटन मंडलायुक्त द्वारा ग्रामीणों के साथ खुली चौपाल में उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। इसके अलावा योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित लोगों को लाभ देने के लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिविर भी लगाया जाएगा, जहां तत्काल योजनाओं को लाभ दिया जाएगा।  “संध्या संवाद कार्यक्रम” में ग्रामीणों से स्थापित किया जाएगा सीधा संवाद  देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हमेशा प्रयास रहा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रदेश में समय-समय पर विभिन्न जनसंपर्क और जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती में चयनित ग्राम पंचायत स्तर पर मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अगुवाई में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत खुली चौपाल आयोजित की जाएगी। संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। ग्रामीण अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे। इससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की भी पहचान की जा सकेगी। एक दिवसीय विशेष शिविर में सरकारी योजनाओं का मौके पर ही दिया जाएगा लाभ मंडलायुक्त ने बताया कि चयनित ग्राम में एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन भी किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया जाएगा। लाभार्थियों को उसी दिन प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में योजनाओं का पारदर्शी तरीके से वितरण किया जाए। इसके अलावा श्रावस्ती में 8 मई को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की विभागीय और पेंशन संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। वहीं दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक जिले में निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस दौरान मंडलायुक्त द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गये हैं ताकि कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। वहीं, शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद” का आयोजन किया जाएगा।  

सीएम योगी के हाथों सम्मान पाकर अभिलाषा बोलीं- ‘डॉक्टर बनना है सपना’

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 1 मई को आयोजित 'श्रमवीर गौरव समारोह-2026' प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 श्रमिकों और अटल आवासीय विद्यालय के कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इन छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र के साथ-साथ टैबलेट भी दिया गया। मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए मुन्नालाल ने कहा कि हम चाहते हैं कि 2027 में फिर से योगी सरकार बने, क्योंकि इससे अच्छी सरकार अभी तक हमें नहीं मिली है। कई जनकल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में 5 चयनित श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर श्रमिकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। सीतापुर के मुन्नालाल ने बताया कि पहले दिक्कत ही दिक्कत थी, अंधेरे में रहते थे, मिट्टी के तेल वाली डिबरी जलाकर काम चलाते थे। योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हमारे घर में लाइट आ गई है। आवास और गैस सिलेंडर का कनेक्शन भी मिला। साथ ही होली और दिवाली पर फ्री में गैस सिलेंडर मिलता है।  समय से मिल रही मजदूरी तो हालात हुए बेहतर  बरेली के रहने वाले आकाश को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है। आकाश ओमैक्स मेट्रो सिटी कल्ली पश्चिम रायबरेली रोड लख़नऊ में मिस्त्री के साथ हेल्पर के रूप में काम करते हैं। आकाश ने बताया कि अब उन्हें समय से मजदूरी मिलती है, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो पा रहा है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।  महिला श्रमिकों ने सुविधाएं देने के लिए जताया आभार लखनऊ की महिला श्रमिक प्यारी और सरस्वती ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें काम के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं और समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे जीवन पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। छात्र-छात्राओं ने सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया समारोह में अटल आवासीय स्कूल के कक्षा 10 के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया है। छात्रा अभिलाषा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से सम्मान पाकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा है और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज हमें जो सम्मान मिला है, वह हमारे लिए गर्व की बात है। मैं आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। मुख्यमंत्री जी का मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। अटल आवासीय विद्यालय आगरा के छात्र गणेश कुमार ने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित होने का मौका मिलेगा। आज यह सम्मान पाकर मुझे बेहद गर्व हो रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई, खेल और स्मार्ट क्लासेज जैसी सभी नेशनल लेवल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैं आगे चलकर आईपीएस बनना चाहता हूं।  प्रिंसिपल बोले- सम्मान से बढ़ा उत्साह अटल आवासीय विद्यालय प्रयागराज के प्रिंसिपल डॉ. गोपाल कांत मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान न केवल शिक्षकों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों में मेहनत करने की अद्भुत क्षमता होती है और यही इन विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत है।

सीएम योगी का श्रमिकों के लिए मेगा प्लान: ग्रेटर नोएडा में अस्पताल, स्कूल और सुविधा केंद्र का शिलान्यास

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ के दौरान श्रमिक कल्याण एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का बटन दबाकर शिलान्यास किया। इन केंद्रों के निर्माण से श्रमिकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही ईएसआईसी अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया गया। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने क्षेत्रीय निदेशक ईएसआईसी कालीचरण झा को यह आवंटन पत्र सौंपा। 7.2 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने सीएम कंपोजिट विद्यालय, जेवर के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इस विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान श्रमवीर गौरव समारोह 2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों और श्रमिकों को सम्मानित किया गया। सीबीएसई 10वीं के पहले ही बैच में 100% परीक्षा परिणाम हासिल करने वाले प्रयागराज और वाराणसी के अटल आवासीय विद्यालयों ने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर प्रयागराज के प्रधानाचार्य डॉ. गोपालकांत मिश्रा और वाराणसी के प्रधानाचार्य श्री सत्येंद्र प्रसाद सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं, कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए टैबलेट वितरित किए गए। सम्मानित छात्राओं में वाराणसी की श्वेता, आजमगढ़ की अंशिका यादव, बस्ती की सृष्टि गुप्ता, लखनऊ की रीत मौर्या और अयोध्या की अभिलाषा शामिल रहीं। वहीं छात्र वर्ग में आजमगढ़ के संगम यादव, वाराणसी के हर्ष कुशवाहा, प्रयागराज के हर्षित, आगरा के गणेश कुमार और मुरादाबाद के उदय प्रताप को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर सम्मानित किया गया। समारोह में श्रमिकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। मुन्नालाल, पंचम, आकाश, प्यारी और सरस्वती को प्रमाण पत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया।