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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: यूपी में विकास की नई मिसाल, अब घोषणाओं का नहीं, परिणामों का समय

यूपी में विकास अब घोषणा नहीं बल्कि परिणाम है, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट साबित हुआ सफल उदाहरण शिलान्यस से उद्घाटनों तक पहुंची यूपी की विकास यात्रा, वर्ष 2017 के बाद से अनेक परियोजनाएं उतरीं धरातल पर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करती परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से वर्ष 2017 के बाद विकास की जो कहानी लिखी गई, वह अब केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर, ज़मीन पर दिखने वाले परिणामों में बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार ने बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास ही नहीं किया, बल्कि तय समय में उनका उद्घाटन कर यह साबित किया कि यूपी में विकास अब घोषणा नहीं, बल्कि परिणाम है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन साबित हुआ। इस परियोजना का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को किया गया। यूपी का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम करने के साथ पश्चिमी यूपी की विकास यात्रा को नए पंख प्रदान करेगा। जेवर और अयोध्या में रिकॉर्ड समय में बना इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के सफल क्रियान्वयन से आज उत्तर प्रदेश केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि धरातल पर उतरने वाली विकास परियोजनाओं का राज्य बन चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर इसका एकमात्र उदाहरण नहीं है। एविएशन क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ वर्षों के शासनकाल में अयोध्या में फरवरी 2022 से बनना शुरू हुआ महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ। 30 दिसंबर 2023 में उद्घाटन के बाद इस एयरपोर्ट ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया। वहीं, प्रदेश के एविएशन सेक्टर में 10 मार्च 2024 की तारीख भी अहम रही, जब एक साथ आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती के हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया। इससे प्रदेश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिली है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की मिला सौगात, जल्द पूरा होगा गंगा एक्सप्रेस-वे सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी की बात करें तो सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 14 जुलाई 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हुआ और 16 नवंबर 2021 को इसका उद्घाटन किया गया। इसी क्रम में बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में आर्थिक बदलाव की नई उम्मीद साबित हुआ। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला फरवरी 2020 में रखी गई थी और जुलाई 2022 में इसे जनता को समर्पित किया गया। यही नहीं, पश्चिम से पूर्व यूपी को जोड़ने वाला राज्य का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे भी 18 दिसंबर 2021 को बनना शुरू हुआ है, जिसका उद्घाटन भी जल्द ही होने वाला है। देश की पहली रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस का हुआ शुभारंभ प्रदेश में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजनाओं की बात करें तो देश की पहली रैपिड रेल नमो भारत, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को हुआ था। इसके पहले खंड का शुभारंभ 2023 में ही हो गया था, जबकि फरवरी 2026 तक यह पूरी तरह संचालित होने लगी है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो की नींव रखी गई और मार्च 2024 में इसका उद्घाटन हुआ। वहीं, 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो का शुभारंभ हुआ, जिसने शहरी परिवहन को नई पहचान दी। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में बन रही है ब्रह्मोस मिसाइल औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करते हुए वर्ष 2019 में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) की नींव रखी गई और वर्ष 2023 से इसका संचालन शुरू हो गया। इसके तहत कानपुर में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े गोला-बारूद और मिसाइल संयंत्र अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में फरवरी 2024 से उत्पादन कार्य शुरू हो चुका है। वहीं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन मई-जून 2025 में हुआ। वर्तमान में यूपीडीआईसी के छह नोड्स अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में लाखों करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है और रक्षा उत्पादों का निर्माण हो रहा है। योट्टा डेटा सेंटर और सैमसंग मोबाइल फैक्ट्री लाए आईटी क्रांति डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक ग्रेटर नोएडा में संचालित हीरानंदानी ग्रुप का योट्टा डेटा सेंटर डिजिटल सेवाओं और क्लाउड स्टोरेज में एशिया के बड़े डेटा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। इसका शिलान्यास वर्ष 2019 में किया गया था, जिसमें उत्पादन 2022 में शुरू हो गया था। इसी क्रम में जुलाई 2018 में नोएडा में सैमसंग मोबाइल फैक्ट्री के उद्घाटन से आज यूपी देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में नंबर वन बन चुका है। यही नहीं, नोएडा, जेवर में जल्द ही सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का उत्पादन शुरू होने वाला है, जो यूपी को सेमीकंडक्टर हब के रूप में नई पहचान प्रदान करेगा, साथ ही आईटी सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेगा। अयोध्या में राम मंदिर और काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से बढ़ा देश का गौरव  विरासत से विकास के विजन को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं का विकास भी ऐतिहासिक बन चुका है। इस क्रम में 13 दिसंबर 2021 को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन से वाराणसी में तीर्थयात्रियों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया गया है। वहीं, 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या वैश्विक धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उभरकर सामने आई है। साथ ही, योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए तीर्थ विकास परिषद का निर्माण कर उनका विकास किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में 100 से अधिक प्राचीन विरासत के मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करती इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने वर्तमान में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ते निवेश, नए रोजगार और पर्यटन के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालकर देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया है। यही नहीं,  उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी के विजन को साकार करने की दिशा में तेज गति से बढ़ रहा है।

ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ स्किल महाकुंभ, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा में सजा स्किल का महाकुंभ, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य आगाज 650 प्रतिभागी, 63 स्किल्स और सभी राज्यों की भागीदारी योगी सरकार की स्किल पहल को मिला राष्ट्रीय मंच लखनऊ/ग्रेटर नोएडा स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य शुभारंभ रविवार को गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में हुआ। इस आयोजन में देशभर से आए करीब 650 प्रतिभागी 63 विभिन्न कौशलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी ने इसे “स्किल भारत” के विज़न का जीवंत उदाहरण बना दिया है। योगी सरकार की स्किल नीति को मिला बल उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं को ट्रेनिंग, अप-स्किलिंग और रोजगार से जोड़ा गया है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता प्रदेश की स्किल इकोनॉमी को मजबूत करने और यूपी को “स्किल हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्किलिंग से बनेगा ‘स्किल नेशन’: देबाश्री मुखर्जी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि स्किलिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अभ्यास और समर्पण से विकसित होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को “स्किल आइकॉन” बताते हुए कहा कि उनका यह सफर ही एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है और युवा भारत को वैश्विक स्तर पर “स्किल नेशन” बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार का लक्ष्य कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार मनीषा शर्मा ने बताया कि भारत वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स रैंकिंग में 13वें और एशिया में 8वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के जरिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने युवाओं को किया प्रेरित कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने कौशल विकास को देश की प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। अंत में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रशांत सिन्हा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। मार्च पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे आकर्षण विभिन्न राज्यों की टीमों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रदर्शित किया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में उत्साह और रंग भर दिए। उत्तर प्रदेश की साधना ने दिलाई शपथ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की प्रतिभागी साधना ने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता, ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई।

कन्या सुमंगला योजना: अमेठी की 23 स्नातक छात्राओं को मिली आखिरी किश्त

कन्या सुमंगला योजनाः अमेठी की स्नातक की 23 छात्राओं को आखिरी किश्त जारी सरकार की पहल से बेटियों को मिली नई उड़ान बदलती सोच, मजबूत कदम: आर्थिक सहयोग से सशक्त अमेठी की बेटियां लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना आज बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। इसी कड़ी में अमेठी जिले की 23 छात्राओं को स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने के बाद योजना की अंतिम किश्त जारी की गई, जिससे उनके सपनों को नई दिशा और मजबूती मिली है। इन छात्राओं के लिए यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले जहां कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते थे, वहीं अब इस योजना ने उनकी सोच को बदल दिया है। आज वे बेटियां उच्च शिक्षा की ओर बढ़ते हुए अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं। शिक्षा के हर पड़ाव पर साथ: जन्म से स्नातक तक सरकार का सहयोग कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को उनके जीवन के महत्वपूर्ण शैक्षिक चरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक 6 चरणों में दी जाने वाली इस राशि को 2024-25 में इसे बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम कर उन्हें बेटियों के उज्ज्वल भविष्य में निवेश के लिए प्रेरित करना भी है। बदलती सोच, सशक्त होती बेटियां अमेठी की इन 23 छात्राओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब सही समय पर सही सहायता मिलती है, तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। अब ये छात्राएं अपने करियर को लेकर अधिक जागरूक हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहीं हैं। परिवारों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है जहां पहले बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, वहीं अब यह सोच बदली है और बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए सरकार की तरफ से प्रोत्साहित किया जा रहा है। योगी सरकार की पहल से बेटियों के सपनों को मिल रहा संबल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही कन्या सुमंगला योजना बेटियों को सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। कन्या सुमंगला योजना ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया है। अमेठी की इन 23 बेटियों की कहानी यह संदेश देती है कि यदि अवसर और सहयोग मिले, तो हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सकती है। यह योजना केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक मजबूत, शिक्षित और आत्मनिर्भर समाज की नींव है।

आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली महिला ने दुग्ध उत्पादन से दो साल में कमाए 67 लाख

आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली महिला ने दुग्ध उत्पादन से दो साल में कमाए 67 लाख योगी सरकार की योजना का लाभ पाकर बन गईं सफल उद्यमी मिलिए सोनभद्र की लखपति दीदी से, आज संयुक्त परिवार के 14 लोगों की सम्भाल रहीं जिम्मेदारी एक साहसी महिला की कहानी उन ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा जो आगे बढ़ने का देखती हैं सपना परिवार संभालने के साथ ही बच्चों को उपलब्ध करा रहीं हैं बेहतर शिक्षा  लखनऊ  कभी आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली सोनभद्र की विनीता आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही महिला सशक्तीकरण की योजनाओं के सहारे सफलता का नया चेहरा बनकर उभरीं हैं। दुग्ध उत्पादन को आजीविका का आधार बनाकर उन्होंने सिर्फ दो वर्षों में 67 लाख रुपये की कमाई की और यह साबित कर दिया कि सही सरकारी सहयोग, बाजार और मेहनत मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी आर्थिक समृद्धि की नई कहानी लिख सकती हैं। काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। आज वे परिवार संभालने के साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध करा रही हैं। पहले निजी डेयरियों पर थी निर्भरता स्नातक तक पढ़ीं विनीता 14 सदस्यीय संयुक्त परिवार की जिम्मेदारी निभा रही थीं। पति अविनाश के साथ मिलकर वे 10-12 पशुओं के जरिए कार्य करती थीं, लेकिन निजी डेयरियों पर निर्भरता के कारण उन्हें समय पर और उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इससे आय सीमित थी। संघर्ष से निकली उम्मीद की राह दिन-रात मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले, तब विनीता ने काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ने का फैसला किया। इससे उन्हें उचित मूल्य, समय पर भुगतान और प्रशिक्षण की सुविधा मिली। यही वह मोड़ था, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी। दो साल में बनीं ‘लखपति दीदी’ विनीता ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया। पशुओं की संख्या बढ़ाई और उत्पादन में बड़ा इजाफा किया। आज उनके पास 40 से अधिक दुधारू पशु हैं और वे ‘लखपति दीदियों’ में शामिल हो चुकी हैं। महज दो वर्षों में 67 लाख रुपये की आय अर्जित कर उन्होंने ग्रामीण महिला सशक्तीकरण का नया उदाहरण पेश किया है। हजारों महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पूर्वांचल के सात जिलों में 46 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार और सशक्तीकरण से जोड़ रही है। विनीता कहती हैं कि काशी मिल्क और स्वयं सहायता समूह ने मुझे न केवल आर्थिक मजबूती दी, बल्कि जीवन जीने का नया नजरिया भी दिया। योजनाओं का जमीनी असर योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का असर अब गांवों में साफ दिख रहा है। विनीता जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं, बल्कि समाज में बदलाव की अगुआ बन रही हैं। सोनभद्र की विनीता की यह कहानी बताती है कि अगर सही मंच, उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का साथ मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई इबारत लिख सकतीं हैं।

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर मिहिर भोज के अपमान पर बवाल, दादरी रैली पर तेजपाल नागर का अखिलेश पर तीखा हमला असफल साबित हुई अखिलेश की दादरी रैली: विधायक नागर नोएडा   दादरी में समाजवादी पार्टी की रैली के दौरान गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोए जाने की घटना ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। दादरी से भाजपा विधायक तेजपाल नागर ने इसे भारत के महापुरुषों का अपमान बताते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश के गौरव, पराक्रम और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक हैं, ऐसे महापुरुष के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। तेजपाल नागर ने कहा कि जो लोग आज मंच से सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करते हैं, उनके कार्यों में उस संवेदनशीलता का अभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना गुर्जर समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और परंपरा का अपमान है। नागर ने कहा कि सपा को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भाजपा विधायक ने दादरी में आयोजित सपा की रैली को पूरी तरह असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम को “आह्वान” बताया गया, वह जमीनी हकीकत में असरहीन साबित हुआ। गुर्जर बहुल इस क्षेत्र में अपेक्षित जनभागीदारी का अभाव इस बात का संकेत है कि सपा का जनाधार खिसक चुका है। उन्होंने कहा कि रैली में खाली कुर्सियां ही सच्चाई बयां कर रही थीं। नागर ने कहा कि अखिलेश यादव दादरी के मंच से गुर्जर समाज को कोई ठोस संदेश देने में भी विफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल चुनावी समय में समाज विशेष को साधने की कोशिश करती है, जबकि वास्तविकता में उसका सरोकार केवल सत्ता तक सीमित रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए तेजपाल नागर ने कहा कि गौतमबुद्धनगर जिले को समाप्त करने का निर्णय सपा की नीतियों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में गुर्जर समाज के प्रति सम्मान होता, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाता। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से जिले की पुनःस्थापना हुई, जो उस समय की सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। नागर ने सपा सरकार के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का माहौल था, यहां के 500 करोड़ रुपए अन्य जगहों पर भेज दिए गए, जबकि वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा प्रदेश के विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है और विकास को प्राथमिकता दिया जा रही है। इसके विपरीत सपा अब भी जातीय आधार पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, जिसे जनता समझ चुकी है। तेजपाल नागर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आज का मतदाता केवल भाषणों से प्रभावित नहीं होता, बल्कि वह काम, भरोसे और निरंतरता को महत्व देता है। दादरी की यह रैली सपा के लिए स्पष्ट संकेत है कि जमीन पर विश्वास खोने के बाद केवल नारेबाजी से राजनीति नहीं चल सकती।

सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे कई सौगात    सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल   आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस और स्मार्टफोन   नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को देंगे नियुक्ति पत्र, नए आंगनवाड़ी केंद्रों और परियोजना कार्यालयों का करेंगे शिलान्यास व लोकार्पण  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाली कई बड़ी पहल का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।  सीएम योगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित करेंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की डायरेक्टर सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 30 मार्च को लोकभवन के सभागार में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए जाएंगे। इनमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर एंड चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं। प्रदेश में भर में कुल 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फैंटोमीटर और 58,237 वेटिंग स्केल वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी और अधिक सटीक व प्रभावी हो सकेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 10 नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा जबकि 46 जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा 739 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा 42 जिलों में 15,203 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।  स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम का किया जाएगा शुभारंभ डायरेक्टर ने बताया कि कार्यक्रम में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो जाएगा। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन करेंगे, जिसकी लागत लगभग 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है। इतना ही नहीं, 13 जिलों में 633 आंगनवाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर कुल 1,37,04.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 70 जिलों में 2,468 आंगनवाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 3,13,26.31 लाख रुपये है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू

गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी महिलाएं  सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल  लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच हाल ही में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब प्रदेश की ‘आधी आबादी’ गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। गन्ने से जुड़े अन्य उत्पाद बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिलेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसमें करीब 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा 57 हजार से अधिक महिला किसान 3,000 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं। ये समूह गन्ने की नई प्रजातियों के तेजी से प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल के तहत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण में भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर दिया जा रहा जोर गन्ना आयुक्त का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इसी सोच के तहत योगी सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। चाहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान हो या स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं, हर स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर उन्हें गन्ना क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि में भी योगदान देंगी। यह पहल गन्ना उत्पादन प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही उन्नत किस्मों की पौध से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन मिलेगा। साथ ही, वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आएगी।

नोएडा एयरपोर्ट से यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए बढ़ी सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों को होगी सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से सीधे यूपी हार्टलैंड में प्रवेश कर सकेंगे विदेशी पर्यटक, बढ़ेगा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन आगरा, मथुरा-वृंदावन के साथ अयोध्या, वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों को भी मिला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया विकल्प जेवर/ लखनऊ  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ व्यापार, निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन गतिविधियों के विकास में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बनाया गया यह एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा, बल्कि आगरा, मथुरा-वृंदावन, फतेहपुर सीकरी और यहां तक कि लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर नई चमक देगा। जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ उड़ानों का हब बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, आस्था और प्रकृति को वैश्विक पर्यटकों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम साबित होगा। उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में घरेलू पर्यटन के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है। साथ ही प्रदेश के आगरा, मथुरा, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी योगी सरकार के 9 वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। यूपी, जिसे ‘लैंडलॉक्ड’ माना जाता है, अब हवाई मार्ग से दुनिया से जुड़कर विदेशी पर्यटन के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छू सकता है। वर्तमान में यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों को लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्टों के साथ जेवर एयरपोर्ट का विकल्प भी मिल गया है। साथ ही यूपी में आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा-वृंदावन आने वाले अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भक्तों को पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पर्यटकों को यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए आगरा और फतेहपुर सीकरी महज 1.5 से 2 घंटे में, जबकि मथुरा-वृंदावन केवल 90 मिनट में पहुंचने की सुविधा मिल जाएगी। यही नहीं, जेवर में बना यह एयरपोर्ट केवल यूपी ही नहीं, बल्कि देश के इंटरनेशनल टूरिज्म हब दिल्ली-आगरा-जयपुर का क्लासिक गोल्डन ट्रायंगल भी विदेशी पर्यटकों के लिए अब और अधिक आकर्षक व सुविधाजनक हो जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में आवागमन शुरू हो जाने से यूपी में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के साथ ही इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, देहरादून आने वाले प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को भी विशेष सुविधा मिल सकेगी। यही नहीं, यूपी की पर्यटन नीति-2022 में जिस तरह इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया गया है, उसके चलते दुधवा ही नहीं, कतर्निया घाट (बहराइच), सैफई लायन सफारी जैसे स्थलों के लिए भी विदेशी पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।  इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से यूपी में मेडिकल और बिजनेस टूरिज्म को भी जबरदस्त बढ़ोतरी मिलेगी। यूपी में पर्यटन की बढ़ोतरी के साथ होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट्स, गाइडों के साथ हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों व व्यंजनों का भी तेज गति से विकास होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के विजन को व्यापार, उद्योग, निवेश के साथ पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि के जरिए साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

जेवर की गलियों में गूंजा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रचित गीत

योगी जी लायो जेवर में एयरपोर्ट जेवर की गलियों में गूंजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लिखा गया गीत  लोकार्पण समारोह में संगीत, जनसमर्थन और राजनीतिक तालमेल का अनोखा संगम दिखा जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ सुविधा का शिलान्यास उत्तर प्रदेश के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय दर्ज कराने वाला क्षण बन गया। शनिवार को इस अवसर पर जहां एक ओर देशभर की निगाहें इस ऐतिहासिक परियोजना पर टिकी रहीं, वहीं दूसरी ओर जेवर की गलियों से लेकर जनसभा स्थल तक एक अलग ही माहौल देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर रचे गए गीतों की गूंज सुनाई दी, जिसने इस बड़े आयोजन को उत्सव में बदल दिया। गलियों से मंच तक गूंजे सीएम योगी की तारीफ में गीत शनिवार को जेवर क्षेत्र में हर गली नुक्कड़ पर एक खास गीत लोगों की जुबान पर था  “योगी जी लायो जेवर में एयरपोर्ट”, यह गीत स्थानीय लोगों के बीच इस कदर लोकप्रिय रहा कि पूरे दिन वातावरण में उत्साह और गर्व का भाव बना रहा। उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भी संगीत का यह रंग मंच तक पहुंचा। गायक हेमंत ब्रजवासी ने अपने प्रस्तुति से पूरे जनसभा स्थल को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके गीत के बोल कुछ इस तरह थे, “गोरखपुर की गलियों में योगी जी हैं डोले, बजा-बजाकर चुटकी सियाराम बोले, होठों पर इनके अफसाने हो गए, सियाराम तेरे नाम के दीवाने हो गए”… इस गीत को सुनकर उपस्थित लोग झूमते नजर आए। यह नजारा केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह उस जनसमर्थन और जुड़ाव का प्रतीक था जो इस परियोजना के साथ लोगों ने महसूस किया। जनउत्साह ने कार्यक्रम को बनाया यादगार इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। जैसे ही मंच से एयरपोर्ट परियोजना और उसके महत्व का जिक्र हुआ, जनसभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 25 नवंबर 2021 को हुए शिलान्यास का उल्लेख करते ही लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यह क्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया, जहां जनता ने जोरदार समर्थन जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि को उत्तर प्रदेश और देश के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक पल बताया, जिससे माहौल और भी ऊर्जावान हो गया। विकास और सांस्कृतिक उत्सव का संगम इस पूरे आयोजन में विकास और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। एक ओर जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक स्तर की सुविधाओं की चर्चा हो रही थी, वहीं दूसरी ओर लोकगीत और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों ने इस कार्यक्रम को जनोत्सव का रूप दे दिया। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं था, बल्कि यह उनके क्षेत्र के विकास, पहचान और भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। सीएम योगी ने दिया पीएम मोदी को श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के ठीक बगल में बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान कई बार उनसे बातचीत की। यह सिलसिला पूरे कार्यक्रम में चलता रहा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी की जमकर सराहना करते हुए 25 नवंबर 2021 को हुए शिलान्यास से लेकर शनिवार को लोकार्पण तक का श्रेय उन्हें दिया। इस पर जनसभा में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी भी मंच से सीएम योगी का उत्साहवर्धन करते नजर आए। दोनों नेताओं की एक-दूसरे के प्रति इस भावना ने आयोजन को और भी खास बना दिया।

चप्पे-चप्पे पर पहरा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना अभेद्य किला

चप्पे-चप्पे पर पहरा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना अभेद्य किला एयरपोर्ट की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थाई पुलिस चौकियों का सृजन      दो स्थानों पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र किए जाएंगे स्थापित एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था सुदृढ़ एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को जेवर इमिग्रेशन कोर्स के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण तकनीक और प्रशिक्षित बल के साथ तैयार हुआ मजबूत सुरक्षा मॉडल लखनऊ/जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के शनिवार को शुभारंभ के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया। मजबूत सुरक्षा व्यवस्था अब यहां स्थाई तौर पर सुनिश्चित की जा रही है। एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थायी पुलिस चौकियों का सृजन किया गया है तो साथ ही किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दो स्थानों पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। पुलिस कमिश्नर (गौतमबुद्ध नगर) लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं हैं। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया कि भविष्य में यहां वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। 70 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि एयरपोर्ट की सुरक्षा एवं संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जेवर इमिग्रेशन कोर्स के अंतर्गत 03 निरीक्षक, 24 उपनिरीक्षक, 17 मुख्य आरक्षी एवं 26 आरक्षियों सहित कुल 70 पुलिस कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त आगामी प्रशिक्षण के लिए 30 उपनिरीक्षक, 14 मुख्य आरक्षी एवं 17 आरक्षियों सहित कुल 61 पुलिसकर्मियों को नामित किया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक दक्ष एवं प्रभावी बनाया जा सके। थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए 35 पुलिसकर्मी एयरपोर्ट क्षेत्र में थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए कुल 35 नागरिक पुलिसकर्मियों के पद स्वीकृत/नियुक्त किए गए हैं। इनमें 01 निरीक्षक, 02 उपनिरीक्षक, 09 मुख्य आरक्षी, 03 कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, 15 आरक्षी, 02 आरक्षी चालक तथा 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। चौकियों से एयरपोर्ट की परिधि सुरक्षा को मिलेगी मजबूती जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थायी पुलिस चौकियों का सृजन किया गया है। इन चौकियों में पुलिस चौकी माइल स्टोन-32 कि.मी., कार्गो टर्मिनल, डॉमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 कि.मी. तथा माइल स्टोन-15 कि.मी. शामिल हैं। इन सभी चौकियों के माध्यम से एयरपोर्ट की परिधि सुरक्षा को मजबूत किया गया है तथा आवागमन मार्गों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था हर समय सक्रिय इसके अतिरिक्त पीसीआर/पीआरवी वाहनों का आवंटन किया गया है, जो आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं। इन वाहनों के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है और पुलिस चौकियों तथा पीआरवी/पीसीआर वाहनों पर  पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था हर समय सक्रिय और प्रभावी बनी रहे। अग्नि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी आपात स्थिति में होगा तुरंत एक्शन अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 एवं सेक्टर-18 में दो नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों स्थानों पर 7485 वर्गमीटर भूमि पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनके निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। प्रत्येक अग्निशमन केंद्र के लिए 01 अग्निशमन अधिकारी, 03 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, 01 एएसआईएम, 08 एलएफएम, 09 एफएस चालक तथा 44 फायरमैन के पद सृजित किए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 05 राजपत्रित अधिकारियों 01 पुलिस उपायुक्त, 01 अपर पुलिस उपायुक्त तथा 03 सहायक पुलिस आयुक्त के साथ लगभग 70 सहायक स्टाफ के पदों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव है। इसी क्रम में 'थाना जेवर इंटरनेशनल टर्मिनल' के निर्माण के लिए 4000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित थाने के लिए 01 निरीक्षक, 02 उपनिरीक्षक, 09 मुख्य आरक्षी, 03 कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, 15 आरक्षी, 02 आरक्षी चालक एवं 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं। एयरपोर्ट के पास पुलिस लाइन्स के निर्माण के लिए 10,000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास  इसके अतिरिक्त, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस लाइन्स की एयरपोर्ट से लगभग 55 कि.मी. दूरी को दृष्टिगत रखते हुए एयरपोर्ट के समीप एक पुलिस लाइन्स के निर्माण के लिए यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण से लगभग 10,000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।  प्रस्तावित परिसर में बीडीडीएस टीम, डॉग स्क्वाड, परिवहन शाखा, शस्त्रागार, प्रशिक्षण केंद्र, इमिग्रेशन स्टाफ के लिए बैरक, आवास, गैरेज एवं कार्यालय आदि की समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर उपर्युक्त सभी व्यवस्थाओं से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा, संरक्षा एवं संचालन को उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किए जाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। इस व्यापक, बहुस्तरीय और तकनीक-संपन्न सुरक्षा व्यवस्था से स्पष्ट है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल देश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मानक स्थापित करेगा।   संपूर्ण क्षेत्र नो-फ्लाई जोन घोषित कर एंटी-ड्रोन सिस्टम रहा सक्रिय जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। जहां हाईटेक एंटी-ड्रोन, सीसीटीवी, इंटेलिजेंस नेटवर्क से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। इसी के साथ 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, एंटी-सैबोटाज चेक, बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-माइंस चेकिंग, स्निफर डॉग्स तैनात किए गए। इसके साथ ही करीब 5000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के लिए पीएसी, आरएएफ, एटीएस, सीआईएसएफ के साथ एसपीजी भी मुस्तैद रहे। नो-फ्लाई जोन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ अलर्ट के साथ ही … Read more