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रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2018 में स्थापित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से प्रदेश को रक्षा उत्पादन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) द्वारा विकसित किए जा रहे इस कॉरिडोर के छह रणनीतिक नोड्स (कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट) में तेजी से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रहीं हैं। नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में अब तक ₹35,526 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत 2,040 हेक्टेयर भूमि में से 977.54 हेक्टेयर भूमि उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है। वर्तमान में रक्षा और संबद्ध विनिर्माण गतिविधियों के लिए 62 कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, जबकि लगभग 11 कंपनियों के लिए लीज डीड की प्रक्रिया प्रगति पर है। रक्षा उद्योग के लिए मजबूत औद्योगिक आधार तैयार डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में निवेश प्रस्तावों की बात करें तो कानपुर में ₹12,803 करोड़, झांसी में ₹11,738 करोड़, लखनऊ में ₹4,850 करोड़, अलीगढ़ में ₹4,490 करोड़, चित्रकूट में ₹880 करोड़ और आगरा में ₹607 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों से प्रदेश में रक्षा उद्योग के लिए मजबूत औद्योगिक आधार तैयार हो रहा है। नौ प्रमुख विनिर्माण इकाइयों ने शुरू किया उत्पादन कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में अब तक नौ प्रमुख विनिर्माण इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जो भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इनमें अदानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा कानपुर में लगभग ₹1,500 करोड़ की लागत से स्थापित गोला-बारूद निर्माण संयंत्र विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो इस कॉरिडोर का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। अलीगढ़ नोड में अमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने लगभग ₹330 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट तकनीक से जुड़े उपकरणों का उत्पादन शुरू किया है। वहीं वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड और नित्या क्रिएशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने छोटे हथियारों और प्रिसिशन आर्म्स कंपोनेंट्स का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। लखनऊ नोड बना रक्षा विनिर्माण का नया केंद्र लखनऊ नोड तेजी से रक्षा विनिर्माण का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां एरोलॉय टेक्नोलॉजीज ने लगभग ₹320 करोड़ के निवेश से टाइटेनियम कास्टिंग का उत्पादन शुरू किया है, जबकि ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने लगभग ₹300 करोड़ की लागत से ब्रह्मोस एनजी मिसाइल सिस्टम के निर्माण की दिशा में उत्पादन प्रारंभ किया है। इसके अलावा संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस द्वारा रक्षा सुरक्षा उपकरणों और परिधानों का निर्माण भी शुरू किया गया है। वहीं, कानपुर नोड में ए.आर. पॉलिमर्स और आधुनिक मेटेरियल्स एंड साइंसेज जैसी कंपनियों ने क्रमशः बैलिस्टिक मेटेरियल्स और डिफेंस टेक्सटाइल्स का उत्पादन शुरू कर औद्योगिक गतिविधियों को नई गति दी है। आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में बढ़ रहा उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में घोषित यह डिफेंस कॉरिडोर प्रदेश में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और उद्योग अनुकूल नीतियों के माध्यम से तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से यह परियोजना केवल रक्षा विनिर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों को भी वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने का काम कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आने वाले वर्षों में प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और निर्यात उन्मुख औद्योगिक वृद्धि का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे उत्तर प्रदेश देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यूपी को इको टूरिज्म हब बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल, फिरोजाबाद और गाजीपुर में इको टूरिज्म गतिविधियों का होगा विकास

लखनऊ  यूपी इको-टूरिज्म विकास बोर्ड सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को इको-टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में कई उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। इस दिशा में बोर्ड कम लोकप्रिय इको पर्यटन केंद्रों में भी अत्याधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रहा है। इससे इन क्षेत्रों में एक ओर इको टूरिज्म की गतिविधियों की बढ़ोतरी होगी, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के अतिरिक्त स्रोत भी मिलेंगे। इस क्रम में फिरोजाबाद का रपड़ी इको पर्यटन केंद्र और गाजीपुर में स्थित कामाख्या वन पार्क में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जो प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को नया अनुभव प्रदान करेगा। फिरोजाबाद के रपड़ी इको पार्क में कराए जा रहे हैं फेज-2 के विकास कार्य यूपी इको-टूरिज्म विकास बोर्ड फिरोजाबाद में स्थित रपड़ी इको पार्क में 5 करोड़ रुपये की लागत से फेज-2 के विकास कार्य करा रहा है। परियोजना के तहत पार्क में प्रवेश द्वार, इंटरप्रिटेशन सेंटर और टिकट काउंटर विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों को रोमांचक और यादगार अनुभव देने के लिए वॉल क्लाइम्बिंग, वुडन डेक और सेल्फी प्वाइंट का विकास किया जा रहा है। साथ ही पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण के बीच भ्रमण का आनंद लेने के लिए नेचर ट्रेल का विकास किया जाएगा। वहीं पर्यटकों को अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पार्किंग, पेयजल और टॉयलेट ब्लॉक के साथ साइनेज भी लगाए जा रहे हैं। पर्यटकों के ठहरने और विश्राम के लिए गजेबो या गोल हट तथा स्विस टेंट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। गाजीपुर के कामाख्या वन पार्क में बन रहा है बटरफ्लाई गार्डन, लैंडस्केप और चिल्ड्रेन पार्क गाजीपुर के कामाख्या वन पार्क में इको-टूरिज्म की सुविधाओं के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए यहां विशेष रूप से बटरफ्लाई गार्डन विकसित किया जा रहा है, जहां विभिन्न प्रजातियों की तितलियों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा लैंडस्केप पार्क, वाटर फाउंटेन, गजेबो या गोल हट के साथ बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क भी बनाया जाएगा। साथ ही कामाख्या वन पार्क में आकर्षक प्रवेश प्लाजा और इंटरप्रिटेशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा, जो पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ वन पार्क की विशेषताओं से भी परिचित करवाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पेयजल, पोल लाइट, बेंच और डस्टबिन भी लगाए जाएंगे। इन परियोजनाओं के विकास से फिरोजाबाद और गाजीपुर के वन पार्कों को नई पहचान मिलेगी, साथ ही प्रदेश में इको-टूरिज्म के विकास की यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राष्ट्रपति के आगमन व रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा की

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन तथा रामनवमी की तैयारियों को लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में तैयारियों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पीएफसी स्थित सभाकक्ष में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों, जन प्रतिनिधियों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता का रखा जाए विशेष ध्यान  समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी, जिसमें एयरपोर्ट पर स्वागत, यात्रा मार्ग पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा अतिथियों के लिए आवश्यक प्रबंध शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा आगंतुकों के लिए सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पूज्य संतों समेत अन्य प्रतिष्ठित अतिथियों के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन व ट्रस्ट के पदाधिकारी समन्वय के साथ करें तैयारी  मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रशासन व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी समन्वय के साथ सभी तैयारियों को निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करें। सीएम ने पुलिस अधिकारियों को सभी सार्वजनिक स्थानों पर कड़ी निगरानी व ठोस सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने, खुफिया तंत्र व एंटी-ड्रोन कंट्रोल रूम को अलर्ट रखने के निर्देश दिए। रामनवमी की तैयारियों की भी की समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के अवसर पर अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा फुटपाथों को खाली रखा जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की समस्या न हो। सीएम योगी ने भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने तथा दर्शन-पूजन कार्यक्रम को स्क्रीन के माध्यम से भी प्रसारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रामनवमी प्रमुख पर्व है, इस अवसर पर अयोध्या धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध एवं देशविरोधी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर में बिना जांच के किसी को भी प्रवेश न दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। *लता मंगेशकर चौक से हनुमानगढ़ी तक गोल्फ कार्ट संचालित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लता मंगेशकर चौक से हनुमानगढ़ी तक गोल्फ कार्ट संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें ज्यादा पैदल न चलना पड़े। सीएम ने इसके साथ ही वीआईपी मूवमेंट को न्यूनतम रखने पर भी जोर दिया, जिससे आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्किंग व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे वाहनों की पार्किंग न होने दी जाए। सेवाभाव से विभिन्न स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।  बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग एवं मंदिर म्यूजियम के निर्माण की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों एवं ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में कृषि मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, डॉ अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य गोपाल जी, ट्रस्ट्री अनिल मिश्रा, एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी सोमेन बर्मा, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर आदि मौजूद रहे।

22वीं किस्त के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेंगे 4335.11 करोड़ रुपये

लखनऊ मोदी-योगी सरकार अन्नदाता किसान की समृद्धि को बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार खेत से लेकर किसानों के सम्मान तक निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी असम से किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त भेजेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। इनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे 4335.11 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। यूपी के किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की अब तक (21वीं किस्त) 94,668.58 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है।  प्रतिवर्ष तीन किस्त में दी जाती है छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता   शुक्रवार को जारी होने वाली पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त से उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों के खाते में 4335.11 करोड़ की धनराशि आएगी। योजना की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित की जाती है। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में तीन किस्त में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयम्बटूर से सम्मान निधि का लाभ किसानों को दिया था।  यूपी के किसानों के खाते में आ चुके हैं 94668.58 करोड़ रुपये  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 21वीं किस्त तक 94668.58 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है। शुक्रवार को 4335.11 करोड़ जारी होने के बाद यह राशि 99003.69 करोड़ रुपये हो जाएगी।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26  (अप्रैल-जुलाई)    5043.33 करोड़ 2025-26  (अगस्त-नवंबर)  4314.26 करोड़  2025-26  (दिसंबर-मार्च)   4335.11 करोड़ (यह राशि शुक्रवार 13 मार्च को खाते में भेजी जाएगी) कुल-   99003.69 करोड़ रुपये

गोरखपुर की अनिता मद्धेशिया ने शुरू किया प्ले स्कूल, बनीं आत्मनिर्भर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर उद्योग-व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को उनके सपने पूरे करने में अहम योगदान निभा रही हैं। गोरखपुर की अनिता मद्धेशिया की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो समाज की बेड़ियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। इनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा और समर्थन से महिलाएं अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।  प्ले स्कूल खोलने का सपना किया साकार मुख्यमंत्री युवा योजना को लेकर अनिता मद्धेशिया ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र (DIC) में संपर्क किया और योजना की जानकारी ली। आवेदन के बाद मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से उनको 5 लाख रुपये का ब्याज-गारंटी मुक्त लोन मिला। अनिता ने इस योजना का लाभ लेते हुए एएस प्लेवे क्लासेज 'A.S. Playway Classes' नाम से प्ले-स्कूल शुरू किया। आज वह स्वयं एक सफल उद्यमी बनकर अपने साथ 4 अन्य युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं और समाज को एक बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना से सशक्त, आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सहयोग और महिलाओं के लिए चलाई गई महत्वाकांक्षी योजनाओं से अनिता मद्धेशिया जैसी हजारों महिलाएं आज सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना सरकार की एक पहल है, जिससे राज्य के युवा उद्यमिता का सपना पूरा कर रहे हैं। योगी सरकार इस योजना के माध्यम से शिक्षित और कुशल युवाओं को अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाना चाहती है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त 5 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इच्छुक युवा अपने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की पूर्ण जानकारी लेकर उद्यमी बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

शंकराचार्य विवाद में सियासत गरमाई: अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश की मुलाकात, भाजपा पर साधा निशाना

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, श्रीरामलला के चरणों में झुकाया शीश

अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

प्रदेश के प्राधिकरणों, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी की अपंजीकृत संपत्तियों का कराया जा रहा पंजीकरण

लखनऊ, योगी सरकार प्रदेश के राजस्व संग्रह व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प एवं निबंधन विभाग विशेष अभियान चलाकर अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण, लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण और विभिन्न संस्थाओं से देय स्टाम्प शुल्क की वसूली पर जोर दे रहा है। अभियान का उद्देश्य राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ संपत्ति लेनदेन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। स्टाम्प दरों का कराया जा रहा व्यापक सर्वे प्रदेश भर के विकास प्राधिकरणों,  आवास विकास परिषद,  यूपीएसआईडीसी तथा अन्य संस्थाओं की अपंजीकृत संपत्तियों का विशेष अभियान के तहत पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विकास प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों से जुड़े समझौतों और परियोजनाओं की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्धारित स्टाम्प शुल्क का भुगतान समय पर हो। इसके साथ ही स्टाम्प दरों का भी व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य प्रदेश में संपत्तियों की अद्यतन और वास्तविक न्यूनतम बाजार दरों को मूल्यांकन सूची में शामिल करना है, ताकि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आए और बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुरूप दरें तय की जा सकें। सर्किल दर सूची के सरलीकरण और मानकीकरण का प्रारूप पहले ही जारी किया जा चुका है।  जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से मिलेगा 100 करोड़ का राजस्व विभाग की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में विशेष कार्ययोजनाएं भी बनाई गईं हैं। मुरादाबाद में एमडीए की सहायक और गोविंदपुरम आवासीय योजनाओं से लगभग 22 करोड़ रुपये, वाराणसी में वीडीए की गंजारी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से करीब 40 करोड़ रुपये तथा गोरखपुर में जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से लगभग 100 करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना है। इसके अलावा जीआईडीए के लीज और फ्रीहोल्ड विलेखों से लगभग 50 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इन सभी स्रोतों से मार्च 2026 तक करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। एनएचएआई के टोल प्लाजा से 72 करोड़ का स्टाम्प देय निर्धारित एनएचएआई के टोल प्लाजा से जुड़े मामलों की भी गहन समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में एनएचएआई के कुल 123 टोल प्लाजा और संबंधित एजेंसियों के बीच हुए समझौतों का परीक्षण कर लगभग 72 करोड़ रुपये की स्टाम्प देयता निर्धारित की गई है। इन मामलों में विभिन्न न्यायालयों में वाद दर्ज किए गए हैं और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद में एक मामले का निस्तारण करते हुए लगभग 70 लाख रुपये की वसूली की गई है, जबकि कुशीनगर में दो मामलों में लगभग 52 लाख रुपये की वसूली की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के कई जिलों में विकास प्राधिकरणों और निजी कॉलोनाइजरों की अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण के माध्यम से भी राजस्व बढ़ाने की योजना है। गौतमबुद्धनगर में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मामलों से लगभग 93 करोड़ रुपये का राजस्व की संभावना है। वहीं, मेरठ में निजी बिल्डरों की अपंजीकृत संपत्तियों और आरआरटीएस परियोजना से लगभग 252 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसी तरह गाजियाबाद में जीडीए की हरनंदीपुरम आवासीय योजना और यूपीएसआईडीसी की मोदीनगर परियोजना से लगभग 153 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की संभावना जताई गई है। इसी तरह बरेली में बीडीए की पीलीभीत आवासीय योजना से करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

“सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में माथा टेका, निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण”

 अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

नोएडा में फैक्ट्री में आग, 30 घायल, 250 लोगों को लपटों से बचाया गया

नोएडा  नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो। शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।