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वंदना की कहानी: सीएम युवा योजना के जरिए ऑयल मिल से हासिल की आजीविका

सीएम युवा योजना से बदली वंदना की किस्मत, ऑयल मिल शुरू कर बनीं आत्मनिर्भर  स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर, आसपास के गांवों में हो रही उत्पाद की आपूर्ति योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को दिया जाता है 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण  लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के माध्यम से योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना का लाभ उठाकर कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहीं हैं। ऐसी ही एक मिसाल है यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज की वंदना यादव की, जिन्होंने इस योजना के तहत ऋण लेकर अपनी ऑयल मिल स्थापित की और आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं हैं। सीएम युवा योजना से मिली वित्तीय सहायता, शुरु की ऑयल मिल  वंदना यादव बताती हैं कि उन्होंने राज्य सरकार की सीएम युवा योजना के तहत ऋण प्राप्त कर अपने उद्यम की शुरुआत की। उन्हें इस योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी मिला। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया से ऋण लेकर अपने पति के साथ मिलकर ऑयल मिल की स्थापना की। यहां सरसों के शुद्ध तेल का उत्पादन किया जा रहा है और उन्होंने अपने उत्पाद का एक ब्रांड भी लॉन्च किया है। मोहनलालगंज के गांव मजरा खुजेहटा में वंदना ने ऑयल मिल लगाई और वर्तमान में इससे तैयार सरसों का तेल आसपास के कई गांवों और जिलों में पहुंच रहा है। इस उद्यम के जरिए उन्होंने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। उनके इस प्रयास से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है। योगी सरकार की योजनाओं से महिला उद्यमिता को मिल रही नई पहचान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने पर दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक के ऋण की व्यवस्था भी की गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य हर वर्ष एक लाख नए उद्यमी तैयार करना है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला फेज: एक रनवे के साथ होगी शुरुआत

पहले चरण में एक रनवे के साथ संचालित होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सालाना 1.20 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी, पहले चरण में प्रतिदिन औसतन 150 उड़ानें संचालित होंगी  लखनऊ गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से अपने संचालन की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में पहले चरण का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। पहले चरण में एयरपोर्ट एक रनवे के साथ संचालित होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। औसतन प्रतिदिन करीब 150 उड़ानों के संचालन का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ को पार करेगी, एयरपोर्ट पर दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो रनवे के साथ यह एयरपोर्ट करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे हिस्से का लोकार्पण किया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित किए जाने की योजना है। एयरपोर्ट के लिए भूमि खरीद पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना के पूर्ण होने पर इस एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे होंगे और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा। अंतिम रूप से तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है। परियोजना के साथ क्षेत्र में व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विकास की भी उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उभरेगा। इसके संचालन से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवरात्रि पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी ली।  सीएम का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे सीएम योगी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉयड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। सीएम योगी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाएं। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाएं सरकार की योजनाएं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।  प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए नए सत्र में पढ़ाई के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए। नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइजेशन का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।  प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। सीएम ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन व विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।  स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताबें सीएम ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाएं और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो। शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, अतिक्रमण विरोधी अभियान, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियों पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा इको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर प्रगति की समीक्षा की।  बैठक में विधायक पल्टूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी,  विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्र,  अवधेश कुमार सिंह, बलरामपुर नगर पालिका चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील, एडीजी अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक ही परिसर में मिलेगी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक) के निर्माण के लिए शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद, बहराइच, चंदौली, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रुखाबाद, अमेठी तथा उन्नाव सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी किए गए हैं। इन विद्यालयों के निर्माण पर प्रत्येक परियोजना के लिए लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है और प्रथम किस्त के रूप में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। इन विद्यालयों का निर्माण विभिन्न नामित कार्यदायी संस्थाओं जैसे उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (उ.प्र. जल निगम), उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम तथा आवास एवं विकास परिषद के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता, मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण से 57 गांवों के लगभग 4405 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा है सिंचाई सुविधा का विस्तार

लखनऊ सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। इस क्रम में सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेशर सिंचाई प्रणाली की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में आधुनिक प्रेशर तकनीक का उपयोग करते हुए कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में भी सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जा सके। सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में हो रहा है 7 प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत विकास के विजन को साकार करने के उद्देश्य से यूपी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में लगभग 111.62 करोड़ की लागत से 7 प्रमुख प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का विकास कर रहा है। इन परियोजनाओं के निर्माण से 4405 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे इन जनपदों के लगभग 57 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इस क्रम में जनपद सिद्धार्थनगर में पड़रिया प्रेशर सिंचाई प्रणाली परियोजना का निर्माण किया गया है, जिसके तहत 3.6 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का निर्माण किया गया है। इससे जनपद के 454 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का विस्तार हुआ है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर एवं महाराजगंज जनपद की कैम्पियरगंज शाखा पर भी प्रेशर सिंचाई परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में लगभग 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। साथ ही क्षेत्र के लगभग 09 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। मैहनवा, बृजमनगंज, फरेंदा और बैकुंठपुर रजवाहा पर विकसित हो रही हैं सिंचाई परियोजनाएं महाराजगंज जनपद में मैहनवा, बृजमनगंज और फरेंदा रजवाहा पर भी प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश परियोजनाओं का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसी क्रम में गोरखपुर जनपद में बैकुंठपुर रजवाहा पर 4.6 किलोमीटर लंबी प्रेशर सिंचाई वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है। इस परियोजना के निर्माण से गोरखपुर के लगभग 10 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और 690 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रेशर सिंचाई प्रणाली पानी के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करती है, जिसका लाभ क्षेत्र के किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के दौरान मिलेगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होने के साथ कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में बढ़ोतरी लाने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रदेशव्यापी अभियान के तहत 409 वाहनों की हुई गहन जांच, 29.65 लाख रुपये वसूला गया जुर्माना

लखनऊ भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग की गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम लगाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी अभियान चलाया। अभियान के तहत 409 वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के मामले में सख्त कार्रवाई की गई। नियमों का पालन न करने वाले और ओवरलोडिंग के मामलों में लगभग 29.65 लाख रुपये का जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराया गया। भूतत्व और खनिकर्म विभाग का यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव ने सभी जनपदीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई लगातार और बिना किसी ढील के चलाई जाए। जिससे न केवल राजस्व की रक्षा होती है, बल्कि अवैध खनन की गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण पाना संभव होता है। उन्होंने खनन क्षेत्रों में सोर्स बिंदु पर ही लोडिंग मानकों की सख्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि भूतत्व और खनिकर्म विभाग प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर निगरानी रखने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहा है। इस क्रम में आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों से लैस चेकगेट्स को 24×7 सक्रिय रखा जा रहा है, जिसकी मदद से वाहनों की लगातार निगरानी संभव हो रही है और अवैध परिवहन पर नकेल कसने में विभाग ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

रामपुर में खराब व निष्क्रिय 8 सरकारी एंबुलेंस को किया गया मॉडिफाई

लखनऊ योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस दौरान योगी सरकार ने हमेशा नवाचार को प्राथमिकता दी है, ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो। इसके नतीजे आज सभी के सामने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने के लिए रामपुर जिला प्रशासन ने "जीरो वेस्ट मॉडल" की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत रामपुर जिलाधिकारी द्वारा जिले में खराब व निष्क्रिय एंबुलेंस को नया रूप देकर गरीब रेहड़ी पटरी संचालकों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया गया है।   रामपुर जिला प्रशासन ने कचरे को संसाधन में बदला रामपुर जिलाधिकरी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर काफी गंभीर हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि “कचरे को समस्या नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखा जाए।” सीएम योगी के इसी विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने को जीरो वेस्ट मॉडल की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि रामपुर जिलाधिकारी कार्यालय में करीब 8 एंबुलेंस अपनी उम्र पूरी करने के बाद काफी दिनों से खड़ी थीं, जो पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुकी थीं। ऐसे में इन एंबुलेंस को नया रूप देने की योजना बनायी गयी। इसके बाद इन सभी निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर वैनशॉप में बदला गया। वेस्ट मैनजमेंट पहल के तहत पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को संशोधित कर आकर्षक मोबाइल दुकानों के रूप में तैयार किया गया। इन मॉडिफाई वैनशॉप को रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिये उपलब्ध कराया गया। रामपुर नगर क्षेत्र के फोटो चुंगी के समीप प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत विकसित वेंडिंग जोन में 8 वैनशॉप को रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपा गया है।                                                                                                      वेंडिंग जोन विकसित कर, रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपी गईं मॉडिफाई वैनशॉप जिलाधिकारी ने बताया कि नगर क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थित ढंग से फैले ठेलों और रेहड़ी-पटरी के कारण अतिक्रमण और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाता था, जिससे इन छोटे कारोबारियों के सामने अपने रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती थी। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई है। नगर पालिका परिषद रामपुर द्वारा निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर उन्हें वैनशॉप के रूप में परिवर्तित किया गया है और फोटो चुंगी के पास एक सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया गया है। यहां रेहड़ी-पटरी संचालकों को चिन्हित कर उन्हें स्थायी रूप से व्यवसाय करने का स्थान दिया गया है। इससे न केवल उनके रोजगार को स्थिरता मिली है बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है। आमजन को एक ही जगह मिलेंगे कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं और फास्ट फूड वेंडिंग जोन में मोबाइल शॉप के माध्यम से कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं, फास्ट फूड, बच्चों के खिलौने और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान एक छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा है, जहां उन्हें विभिन्न प्रकार की चीजें आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने प्रत्येक वैनशॉप पर जाकर दुकानदारों से बातचीत की और वहां बेचे जा रहे सामान के बारे में जानकारी प्राप्त की। दुकानदारों ने इस पहल के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने व्यवसाय के लिए एक सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में ऐसे और भी वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा सीएम योगी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। सीएम योगी ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।  इसके बाद मुख्यमंत्री ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक पल्टूराम, एमएलसी साकेत मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, जिलाधिकारी विपिन जैन, कुलसचिव परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।

लखनऊ में सीएम योगी की नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव से मुलाकात

लखनऊ नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टॉफ आयुष सबात भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश के सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, लोहम के सीईओ रजत वर्मा और चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात का उत्तर प्रदेश में स्वागत किया। बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस क्रम में लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली 'रेयर अर्थ टू मैग्नेट' इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस फैसिलिटी के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। नोबेल पुरस्कार विजेता कोंस्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है। लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर है। पहला, 2डी मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा व लाइफ को बढ़ाना। दूसरा- बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलेगी। यह सहयोग भारत के 'मेक इन इंडिया' और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा से मुलाकात की।

अल्टीमेटम खत्म, अब धर्मयुद्ध का समय: लखनऊ से शंखनाद करेंगे मुकुंदानंद

  लखनऊ, लखनऊ में बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर दो बजे होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। शंकराचार्य के शिष्य ने कहा कि 40 दिन के अल्टीमेटम के बाद धर्मयुद्ध का शंखनाद होगा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य मुकुंदानंद ने बताया कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन बटुकों का अपमान हुआ था। शंकराचार्य की पालकी को तोड़कर घसीटा गया था, जिससे पूरे समाज में रोष फैल गया। इस घटना के बाद शंकराचार्य महाराज काशी आए और उन्होंने लोगों को 40 दिन का समय दिया। 40 दिन पूरे होने के बाद अब शंकराचार्य महाराज लखनऊ में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं। मुकुंदानंद ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर दोपहर सवा दो बजे के बाद विजय मुहूर्त होगा। इस विजय मुहूर्त में शंकराचार्य महाराज धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी पद्धति के अनुसार किसी भी धर्मयुद्ध या धार्मिक मुहिम की शुरुआत से पहले शंखनाद किया जाता है। शंखनाद केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह लोगों में एकजुटता और जागरूकता पैदा करने का माध्यम भी है। शंखनाद के माध्यम से गौ रक्षा की मुहिम और इसके महत्व की बात जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। शिष्य मुकुंदानंद ने कहा कि शंकराचार्य महाराज के आदेश के अनुसार पूरे समाज को इस मुहिम में शामिल किया जाएगा। भारत में सौ करोड़ से अधिक हिंदू इस पहल से जुड़ेंगे और विश्वभर में डेढ़ सौ करोड़ हिंदुओं को भी इस संदेश से अवगत कराया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल गौ रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक और सामाजिक चेतना फैलाने का भी जरिया है। गौरतलब है कि इससे पहले 7 मार्च को काशी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पदयात्रा शुरू की थी जो जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए अब लखनऊ पहुंच चुकी है। आज यहां ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ होगी, जिसमें शंकराचार्य ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे।