samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की सफल महिला उद्यमियों की सराहना, अन्य महिलाओं के लिए बताया प्रेरणास्रोत

लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वाराणसी मंडल की महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां सामने आईं। इस अवसर पर वाराणसी मंडल के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जनपदों की 600 से अधिक महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ीं। इनमें से कई लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की विभिन्न महिला स्वावलंबन की योजनाओं से मिले लाभ के बारे में मुख्यमंत्री को बताया और उनका आभार व्यक्त किया। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के साहस, प्रयासों और स्वावलंबन की मिसाल बनने के लिए उनकी सराहना की और प्रदेश की अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के दौरान वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से उन्होंने स्वयं भी ई-रिक्शा चलाकर और क्षेत्र की लगभग ढाई सौ महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दिया है। सीता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शुरुआत में लोगों के ताने सुनने पड़ते थे और डर भी लगता था, लेकिन अब उनका डर दूर हो चुका है। अब वे न केवल स्वावलंबी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में मदद करतीं हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साहस की सराहना की और अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने के उनके प्रयासों के लिए आभार जताया। इसी क्रम में गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का कार्य करती हैं और योगी सरकार की कई योजनाओं से लाभान्वित हैं। इनमें विधवा पेंशन योजना, पारिवारिक लाभ, कन्या सुमंगला योजना, उज्ज्वला योजना और राशन कार्ड योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनके स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान कार्ड योजना के बारे में पूछा और उसका लाभ लेने के लिए कहा। उन्होंने प्रमिला देवी को अपने पैरों पर खड़े होकर स्वावलंबन का उदाहरण पेश करने के लिए बधाई दी। चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़कर स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे फूलों की खेती के लाभों के बारे में विस्तार से पूछा और मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने के प्रशिक्षण के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री योगी ने सोनी देवी को अपने उद्यम का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में जौनपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं के तहत एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) बनाकर किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों का लाभ लेने के बारे में सहयोग प्रदान किया है। दुर्गा मौर्य ने बताया कि वे ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य करती हैं और इसके साथ ही उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने एफपीओ बनाकर महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कार्यों की सराहना की तथा अन्य योजनाओं में प्रशिक्षण लेने और महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र योगी सरकार की नारी सशक्तीकरण की योजनाओं के प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पता चला कि प्रदेश की महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहीं हैं, बल्कि दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन नारी शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।

TMC के रवैये पर योगी का प्रहार: राष्ट्रपति के प्रति दुराग्रह बताया राजनीतिक अहंकार

लखनऊ पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रवास के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन और कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव का विवाद बढ़ता जा रहा है. इसे लेकर भाजपा नेता लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर बंगाल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने राष्ट्रपति के साथ किए गए व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने इसकी निंदा की है. योगी ने एक्स पर लिखा है कि ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति पश्चिम बंगाल में हुआ व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अक्षम्य है. यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, मातृशक्ति और जनजातीय समाज की अस्मिता का अपमान है. राष्ट्रपति का पद भारतीय गणतंत्र की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है. इस पद के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता अस्वीकार्य है.’ इसे भी पढ़ें : अब ‘धर्मयुद्ध’ की जरूरत है…शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदुओं को दिया बड़ा मैसेज, 11 मार्च को करने जा रहे कुछ बड़ा योगी ने आगे लिखा कि ‘संथाल संस्कृति और मा. राष्ट्रपति जी के प्रति TMC का यह दुराग्रह उनके राजनीतिक अहंकार और ओछी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. संपूर्ण देश इस कृत्य से आहत है. पश्चिम बंगाल सरकार को अपने इस अमर्यादित आचरण के लिए देश से अविलंब सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए.’ ये है पूरा मामला दरअसल, पूरा विवाद राष्ट्रपति मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान सामने आया. राष्ट्रपति दार्जिलिंग जिले में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं थीं. पहले कार्यक्रम बिधाननगर (फांसीदेवा ब्लॉक) में प्रस्तावित था, जहां बड़ी संख्या में संथाल आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच सकते थे. लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और अन्य कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर (या गोसाईंपुर) में स्थानांतरित कर दिया. राष्ट्रपति ने खुद इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि नया स्थान छोटा था, जिससे कई लोग पहुंच नहीं पाए.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में WEP यूपी स्टेट चैप्टर का उद्घाटन

लखनऊ महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नीति आयोग की प्रमुख पहल वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) का उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में औपचारिक रूप से शुरू किया गया। यह नया कार्यालय गोमती नगर के विभूति खंड स्थित रोहतास समिट बिल्डिंग में यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (UPICON) के अंतर्गत स्थापित किया गया है।  वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश में महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत और एकीकृत मंच तैयार करना है। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को मेंटोरशिप, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, नियामकीय सहयोग और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की औद्योगिक और स्टार्टअप नीतियों के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को प्रोत्साहन देने की विभिन्न योजनाओं ने प्रदेश में महिला उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। लखनऊ में WEP का स्टेट चैप्टर स्थापित होने से प्रदेश की महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर के संसाधनों, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक उद्योगों जैसे चिकनकारी, जरदोजी और बनारसी वस्त्र के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी और उद्यमिता को नई गति मिलेगी। लखनऊ की प्रसिद्ध महिला उद्यमी और समृद्धि क्रिएशन की संस्थापक सुष्मिता दत्ता ने यूपी चैप्टर का उद्घाटन किया। सुष्मिता दत्ता चिकनकारी पर आधारित परिधान और वस्त्र निर्माण क्षेत्र में अग्रणी उद्यमी हैं और लखनऊ की जीआई टैग प्राप्त पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के साथ ही बड़ी संख्या में महिला कारीगरों को रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थागत सहयोगियों ने भाग लिया और उत्तर प्रदेश में एक मजबूत तथा समावेशी उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के संकल्प को दोहराया।

खादर क्षेत्र में 400 मवेशियों के साथ पहुंचे वन गुर्जर, वन विभाग की टीम ने 16 किमी तक खदेड़कर दी कार्रवाई की चेतावनी

बिजनौर पौधे बचाने के लिए गंगा के खादर में लगभग 400 भैंसों के साथ आए वन गुर्जरों को वन विभाग की टीम ने खदेड़ दिया। टीम लगभग 16 किलोमीटर तक वन गुर्जर और उनकी भैंसों के पीछे चली व उन्हें अपने क्षेत्र से बाहर निकाल दिया। उन्हें फिर से उत्तराखंड जाने को कहा गया। इतना ही नहीं, फिर से खादर में दिखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैं। खादर में वन विभाग, सिंचाई व राजस्व आदि विभागों की हजारों बीघा भूमि है। इस भूमि पर लोग अवैध कब्जा कर फसल बो देते हैं। हाल ही में वन विभाग ने लगभग 200 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे को मुक्त कर पौधारोपण किया है। पौधों के संरक्षण पर भी काम किया जा रहा है। उधर, खादर में वन गुर्जर भी आकर डेरा डाल देते हैं। इनके पशु पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। शनिवार की रात उत्तराखंड की ओर से आए एक दर्जन से अधिक वन गुर्जरों ने रावली क्षेत्र में आकर डेरा डाल दिया। उनके पास 400 से अधिक भैंस व गाय थीं तथा लगभग एक हजार पशु एक दो दिन में आने वाले थे। क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम को इसका पता चला तो वे टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने वन गुर्जरों को फिर से उत्तराखंड की ओर ही जाने को कहा। इस बीच वन गुर्जरों ने किसान संगठनों के नेताओं से फोन भी कराए और एक दो किसान नेता वहां मौके पर आ भी गए, लेकिन वन विभाग ने किसी की नहीं सुनी। रात नौ बजे वन गुर्जरों को उनके पशुओं सहित वहां से खदेड्ना शुरू कर दिया। रात को लगभग नौ बजे रावली क्षेत्र के गांव रतनपुर के पास से उन्होंने वन गुर्जरों को चंदक के रेलवे फाटक तक खदेड़ा। वन विभाग की टीम वन गुर्जरों और उनके पशुओं के पीछे पीछे ही चली। इस सब में रात के एक बज गए। वन गुर्जरों को गंगा के वन क्षेत्र में फिर न आने की चेतावनी दी गई। खादर में डेरे बना लेते हैं वन गुर्जर वन गुर्जर पशुपालन करते हैं। ये खादर में डेरे बना लेते हैं। पशु वहीं चरते हैं। इससे इनकी एक रुपये की लागत नहीं आती। बाढ़ आने पर कई बार प्रशासन ने टापुओं पर रहने वाले वन गुर्जरों को रेस्क्यू किया है। वन गुर्जरों को नाव से लाया जाता है, जबकि उनके पशु गंगा की धारा में आराम से तैरते हुए उनके पीछे आ जाते हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में डेरे नहीं बनाने दिए जाएंगे वन गुर्जरों को आरक्षित वन क्षेत्र में डेरे नहीं बनाने दिए जाएंगे। इनके पौधे नए पौधरोपण को नष्ट कर देते हैं। वन संपदा को किसी को नष्ट नहीं करने दिया जाएगा। -महेश चंद्र गौतम, क्षेत्रीय वनाधिकारी  

सिविल एयरपोर्ट में अफरा-तफरी, धमकी भरे कॉल से यात्रियों में दहशत

प्रयागराज डायल-112 पर आई एक कॉल ने शनिवार को प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट पर हड़कंप मचा दिया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसने सपना देखा है कि दोपहर एक बजे के बाद उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट क्रैश हो जाएंगी। इस सूचना के बाद पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और एयरपोर्ट पर कई घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मेरा सपना हमेशा सच होता है जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि एक बजे के बाद प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट क्रैश हो जाएंगी। मैंने ऐसा सपना देखा है और मेरा सपना हमेशा सच होता है। एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई यह सूचना मिलते ही लखनऊ कंट्रोल रूम ने एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया। इसके बाद एयरपोर्ट डायरेक्टर, सुरक्षा अधिकारी, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल बम निरोधक दस्ता, सिविल पुलिस और एसएसएफ की टीमें एयरपोर्ट पहुंचीं और परिसर के प्रवेश-निकास द्वार सहित कई स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली करीब कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले की तलाश शुरू की और प्रयागराज व लखनऊ से सर्विलांस टीमों को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान रात में कुशीनगर निवासी उमेश कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि युवक मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा है। फिलहाल उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गलत दिशा के चलते शादी का सफर खतरे में, गाड़ी नाले में फिसली

कानपुर कानपुर से उन्नाव में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे दो लोग गूगल मैप की गलत दिशा के कारण हादसे का शिकार होते-होते बच गए। गूगल मैप के बताए शॉर्टकट रास्ते पर चलते हुए उनकी कार अचानक नाले में जा गिरी। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। कानपुर के नौबस्ता निवासी सुनील कुमार और संदीप शुक्रवार रात करीब 10 बजे कार से उन्नाव के बारासगवर क्षेत्र के भगवंतखेड़ा गांव में रहने वाले सूर्यपाल यादव के यहां शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। गूगल मैप पर भगवंतखेड़ा की लोकेशन डाली उन्होंने गूगल मैप पर भगवंतखेड़ा की लोकेशन डाली, जिसके अनुसार यह स्थान लालकुआं से करीब एक किलोमीटर दूर बताया गया। गूगल मैप के निर्देशों का पालन करते हुए कार चला रहे संदीप ने आनंदी देवी मंदिर से रुझई मार्ग की ओर कार मोड़ दी। कुछ दूरी पर उन्हें कच्चा रास्ता मिला। आगे बढ़ने पर जब केवल पैदल रास्ता नजर आया तो उन्होंने कार वापस मोड़ने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से कार आधे से ज्यादा नाले में जा गिरी। हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नाले से निकाला दोनों किसी तरह कार से बाहर निकल आए और बाद में अन्य साधन से शादी समारोह में पहुंचे। शनिवार सुबह हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया। संदीप ने बताया कि गूगल मैप के शॉर्टकट के कारण वे गलत रास्ते पर पहुंच गए थे। वहीं बीघापुर थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि इस घटना की कोई आधिकारिक सूचना उन्हें नहीं दी गई है।

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर मायावती भड़कीं, उठाए सवाल

लखनऊ  पश्चिम बंगाल दौरे पर गईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम से जुड़े प्रोटोकॉल विवाद पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान होना चाहिए व उनका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। मायावती ने 8 मार्च को अपने ट्वीट में लिखा, "भारतीय संविधान के आदर्श व मान-मर्यादा के मुताबिक सभी को राष्ट्रपति पद का सम्मान करना एवं इनके प्रोटोकाल का भी ध्यान रखना जरूरी तथा इस पद का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है। वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ वे आदिवासी समाज से भी हैं। लेकिन अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे के लेकर जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण।" बसपा अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, "इसी प्रकार, पिछले कुछ समय से संसद में भी खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद का भी जो राजनीतिकरण कर दिया गया है, यह भी उचित नहीं है। सभी को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आदर-सम्मान व उनकी गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिये तो यह बेहतर होगा। इसी क्रम में संसद का कल से शुरू हो रहा सत्र देश व जनहित में पूरी तरह से सही से चले, यही लोगों की अपेक्षा व समय की भी माँग।"

लखनऊ में 12 करोड़ की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, कार से भारी नशे की खेप बरामद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां करीब 12 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी को शहर के चौक थाना क्षेत्र में इमामबाड़ा के पास से पकड़ा गया. पुलिस ने उसके कब्जे से हेरोइन, मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड और नकदी भी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यूपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि चौक इलाके में एक तस्कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की सप्लाई करने के लिए पहुंचने वाला है. इस सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।  टीम ने चौक थाना क्षेत्र में इमामबाड़ा के पास एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार में मौजूद आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई है, जो लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के न्यू हैदरगंज इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है. पूछताछ में पता चला है कि वह इस मादक पदार्थ को शहर में सप्लाई करने के लिए लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और 6,080 रुपये नकद भी बरामद किए हैं. बरामद हेरोइन को जब्त कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. वह किस गिरोह से जुड़ा है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

क्रिकेट का उत्सव मेरठ में: क्लब, होटल और सिनेमाघरों में लाइव फाइनल स्क्रीनिंग

मेरठ आज शाम सात बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच खेला जाना है। पीवीएस स्थित इनोक्स और एनवाई सिनेमा में टिकटों की एडवांस बुकिंग चल रही है। क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबला रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला देखने के लिए सभी ने खास तैयारियां की हैं। शहर में भी कई क्लबों, होटलों और पार्कों में मैच के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कई जगहों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर मैच देखा जाएगा। अलेक्जेंडर क्लब में भी क्रिकेट प्रेमी बड़ी स्क्रीन पर मैच देखेंगे। क्लब के सभी सदस्य यहां एकत्र होंगे और मैच का लुत्फ उठाएंगे।   शाम सात बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच का प्रसारण होगा। छुट्टी का दिन होने के कारण हर कोई मैच देखने की योजना बना रहा है। क्रिकेट मैच को लेकर सभी ने कुछ न कुछ तैयारी की है। वहीं, शहर के क्लब और होटल भी इस मौके को भुनाने में लगे हैं। अलेक्जेंडर एथलेटिक क्लब के उपाध्यक्ष जेपी अग्रवाल ने बताया कि सेमीफाइनल में भी क्लब में बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। अब फाइनल मैच में और भी बड़ी स्क्रीन क्लब के प्रथम तल पर लगाई जाएगी। इस दौरान काफी संख्या में क्लब के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। अमन अग्रवाल ने बताया कि क्लब के सभी सदस्यों को इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है। सभी एक साथ मिलकर क्रिकेट मैच का लुत्फ उठाएंगे।   शहर में सम्राट हैवेंस, होटल हारमनी इन, मार्स, क्रिस्टल पैलेस, ब्रेवुरा समेत तमाम बड़े होटलों और बार में भी बड़ी स्क्रीन पर लोग मैच का लुत्फ उठा सकेंगे। कई होटलों में तो व्यंजन और पेय पदार्थों पर 20 से 25 प्रतिशत तक छूट भी दी गई है। होटल हारमनी इन के नवीन अरोड़ा ने बताया कि उनके यहां पर मैच देखने आने वाले लोगों के लिए टेरिस पर विशेष इंतजाम किया गया है। यहां सभी को 20 से 25 प्रतिशत तक छूट का ऑफर भी दिया जाएगा।   वर्ल्ड कप हमारा होगा – भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी फार्म में हैं। संजू सैमसन भी पिछले दो मैच से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय टीम मैच जीतेगी और वर्ल्ड कप हमारा होगा। – प्रवीण कुमार, पूर्व क्रिकेटर भारतीय टीम परिवार के साथ देखेंगे मैच – भारतीय टीम मैच जीतेगी और हम लगातार दूसरी बार वर्ल्डकप जीतेंगे। मैच को लेकर घर पर ही तैयारी की गई है। मामा व कोच तनकीब अख्तर समेत सभी परिजन एक साथ मैच देखेंगे। – समीर रिजवी, रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी यूपी टीम   सिनेमाघरों में भी देख सकेंगे फाइनल मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी-20 वर्ल्डकप फाइनल मैच को क्रिकेट प्रेमी शहर के कई सिनेमाघरों में भी देख सकेंगे। सिनेमाघरों में मैच का प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। पीवीवीएस स्थित इनोक्स सिनेमा में शाम सात बजे से मैच का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए दर्शकों के द्वारा एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। रविवार का दिन होने के कारण काफी संख्या में क्रिकेट प्रेमी परिवार सहित बुकिंग भी करा रहे हैं। पीवीएस मॉल के मैनेजर सचिन और इनोक्स के मैनेजर शशिकांत ने बताया कि शनिवार को भी काफी संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई। रविवार को भी बुकिंग जारी रही। मैच का प्रसारण शाम सात बजे से होगा। शाम 6:30 बजे से लोगों को सिनेमाघर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा एनवाई सिनेमा बुढ़ाना गेट में भी मैच के प्रसारण को लेकर ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है।  

सीएम योगी के खास दो IPS अफसरों की प्रेम कहानी: लेडी सिंघम और सख्त एसपी

 संभल यूपी पुलिस सेवा में इन दिनों एक IPS जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वजह सिर्फ प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल होना नहीं है बल्कि उनकी प्रेम कहानी है, जो अब सात जन्मों के बंधन में बंधने जा रही है. जी हां, एक ओर बरेली में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लेडी सिंघम की छवि बना चुकी आईपीएस अंशिका वर्मा हैं, तो दूसरी ओर संभल में कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लेने वाले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हैं. दोनों 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेने वाले हैं। लेडी सिंघम के नाम से चर्चित हैं अंशिका वर्मा बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा को अक्सर उनकी सख्त कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम कहा जाता है. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की. हत्या, एनडीपीएस और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों के साथ मिलकर कम समय में कई खुलासे किए. उनकी कार्यशैली का असर यह रहा कि कई मामलों में पुलिस को त्वरित सफलता मिली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। आईपीएस अंशिका वर्मा उस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में आईं जब उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की. वर्ष 2025 में बरेली में उन्होंने वीरांगना यूनिट का गठन कराया. यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी यूनिट मानी जाती है जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. इस यूनिट की महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगा नियंत्रण जैसी ट्रेनिंग दी गई ताकि वे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकें. महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना गया और इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। कई बड़े मामलों में निभाई अहम भूमिका बरेली में तैनाती के दौरान अंशिका वर्मा ने कई चर्चित मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई. धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और हत्या के मामलों में पुलिस टीमों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया. संवेदनशील मामलों में उनकी सक्रियता के कारण पुलिस की कार्यवाही को गति मिली और कई मामलों में कम समय में खुलासा संभव हुआ। सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं केके बिश्नोई दूसरी ओर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया. संभल पहुंचने के बाद उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए और प्रशासन के साथ मिलकर जिले में व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए. नवंबर 2024 में संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. इस दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. बताया जाता है कि पुलिस ने कम समय में हालात को नियंत्रित कर लिया था. हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. कानून व्यवस्था संभालने की इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता की चर्चा प्रदेश स्तर तक हुई। बिजली चोरी और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई संभल में पुलिस ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक अपराधों पर भी कार्रवाई की. बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन पकड़े गए. इसके अलावा जिले में एक बड़े बीमा घोटाले का भी खुलासा हुआ. जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये के फर्जी दावों की जांच की गई। प्रशासनिक गलियारों में चर्चित जोड़ी पुलिस सेवा में काम करने वाले अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में दो तेजतर्रार अधिकारियों का जीवनसाथी बनने का फैसला अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है. दोनों अधिकारियों को उनके काम को लेकर प्रदेश स्तर पर पहचान मिल चुकी है. कई मौकों पर उनकी कार्यशैली की चर्चा भी होती रही है. अब यह जोड़ी जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही है. 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होने वाला विवाह समारोह दोनों परिवारों के लिए खास होगा. कानून व्यवस्था संभालने वाले दो सख्त अधिकारी अब निजी जीवन में भी एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें लेंगे. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह जोड़ी इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है. गोरखपुर से शुरू हुई थी प्रेम कहानी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल में तैनाती से पहले 29 महीने तक गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात रहे थे. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफी करीब माने जाते हैं और जब भी मुख्यमंत्री गोरखपुर मठ आते थे, तो बिश्नोई सुरक्षा व्यवस्था में पूरी मुस्तैदी के साथ कमान संभालते थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात 2021 बैच की आईपीएस अंशिका वर्मा से हुई थी, जो उस समय वहां एएसपी के पद पर तैनात थीं. संभल की संवेदनशीलता और CM का भरोसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील जिले संभल की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केके बिश्नोई को वहां भेजने का फैसला किया था. संभल में जॉइनिंग से पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की थी, जहां उन्हें अपराधियों पर सख्त कार्यवाही के आदेश मिले थे. संभल हिंसा पर बड़ी कार्यवाही करने वाले बिश्नोई को उनके साहसिक नेतृत्व के लिए 2025 में 'मुख्यमंत्री मेडल' से सम्मानित किया गया था। माता-पिता के साथ CM की वो यादगार तस्वीर मुख्यमंत्री मेडल सम्मान समारोह के दौरान आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के माता-पिता, गंगा देवी और सुजाना राम बिश्नोई की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ … Read more