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इस घाट पर 19 मार्च से शुरू होगी भव्य गंगा आरती, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद काशी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बन गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंच रहे हैं, जिसके चलते दशाश्वमेध, अस्सी और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 19 मार्च से ललिता घाट पर भव्य गंगा आरती शुरू करने का निर्णय लिया है। 45 मिनट तक होगी गंगा आरती हिंदू नववर्ष के प्रथम दिन इसका शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, ललिता घाट पर सात अर्चकों द्वारा प्रतिदिन शाम 6:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक गंगा आरती की जाएगी। इस आरती के माध्यम से विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु गंगा द्वार से ही गंगा आरती के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले सितंबर 2025 में नमो घाट पर भी सात अर्चकों द्वारा गंगा आरती की शुरुआत की गई थी। उसी तर्ज पर अब ललिता घाट पर भी भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा   काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि यह पहल बाबा विश्वनाथ के भक्तों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से की जा रही है। श्रद्धालु गंगा द्वार की सीढि़यों पर बैठकर आराम से गंगा आरती का दर्शन कर सकेंगे। बाबा विश्वनाथ के दरबार और सामने मां गंगा की आरती का द्दश्य भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि काशी में दशाश्वमेध, अस्सी, शीतला और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में अक्सर भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण कई श्रद्धालु समय पर आरती स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में 19 मार्च से ललिता घाट पर शुरू होने वाली गंगा आरती श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दबाव को कम करने में सहायक साबित होगी। 

चपरासी पिता की बेटी ने UPSC में 113वीं रैंक हासिल कर रच दिया इतिहास

बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मेहनत, संघर्ष और हौसले की नई मिसाल पेश की है. यहां की बेटी ने सिविल सेवा परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर न केवल परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. शिखा एक ऐसे परिवार से आती हैं, जहां सुविधाएं बेहद कम और हौसले बहुत बड़े. उनके पिता चपरासी हैं. शिखा का रिजल्ट देखते उनके परिवार वालों के खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।  चपरासी की बेटी बनी अधिकारी  बता दें कि बुलंदशहर में ही एक इंटर कॉलेज में शिखा के पिता चपरासी का काम करते हैं. ऐसे में शिखा का सिविल सेवा परीक्षा पास करना बहुत कठिन था. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कभी किसी तरह की कमी नहीं होने दी. उनकी शुरुआती पढ़ाई बुलंदशहर के गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज से हुई है. इसके बाद उन्होंने IP कॉलेज से BSC की परीक्षा पास की।   पहले प्रयास में मिली निराशा  कॉलेज पूरी करने के बाद से शिखा ने दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. दो साल तैयारी करने के बाद जब उन्होंने पहला अटेम्प्ट दिया तो उन्हें निराशा हाथ लगी. लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने 113वीं रैंक हासिल की।  रिजल्ट देख खूब रोए दादा  पोती को UPSC एग्जाम में मिली सफलता की खबर जब शिखा के दादा को लगी तो, वह फूट-फूटकर रोने लगे. वहीं, शिखा के बड़े भाई ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पास कर बहन ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है. उनके माता-पिता अपनी बेटी के सफलता पर गर्व कर रहे हैं. एक बार निराशा हाथ आने के बाद भी शिखा ने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करती रहीं। 

अग्निवीर भर्ती रैली: बरेली में 11 मार्च से आयोजन, 12 जिलों के उम्मीदवार शामिल होंगे

बरेली भारतीय सेना 11 मार्च से अग्निवीरों की भर्ती करेगी। इसके लिए 12 जिलों के अभ्यर्थी स्थानीय जाट रेजीमेंट सेंटर पहुंचेंगे। 23 मार्च तक चलने वाली इस भर्ती के अभ्यर्थियों को तिथिवार बुलाया गया है। वे तय तिथि से एक शाम पहले जाट रेजीमेंट सेंटर पहुंचेंगे। सैन्य अधिकारी एवं जिला प्रशासन इससे संबंधित तैयारियों में जुटा है। बरेली सेना भर्ती क्षेत्र के बरेली, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, संभल, पीलीभीत, हरदोई, फर्रुखाबाद और बदायूं के अभ्यर्थी भर्ती में शामिल होंगे। 11 मार्च की सुबह छह बजे से दौड़ शुरू होगी। ये काम करना जरूरी बरेली के सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की कि अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड करके रखें। जिनके प्रवेश पत्र पंजीकृत ई-मेल आइडी पर नहीं मिले, वे अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं। 11 मार्च को शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को 10 मार्च की शाम से ही जाट रेजीमेंट सेंटर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। वहां प्रशासन की ओर से भोजन-शयन की व्यवस्थाएं की गई हैं। अग्निवीर भर्ती रैली का कार्यक्रम     11 मार्च – टेक्निकल (सभी 12 जिले के अभ्यर्थियों के लिए)।     12 मार्च – ट्रेड्समैन (आठवीं व दसवीं) (सभी 12 जिले के अभ्यर्थियों के लिए तथा अग्निवीर (क्लर्क/एसकेटी) (सभी 12 जिले के अभ्यर्थियों के लिए)।     13 मार्च – जनरल ड्यूटी-बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और लखीमपुर खीरी जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     14 मार्च – जनरल ड्यूटी-शाहजहांपुर और सीतापुर जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     15 मार्च – जनरल ड्यूटी- संभल और पीलीभीत जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     16 मार्च – जनरल ड्यूटी- हरदोई जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     17 मार्च – जनरल ड्यूटी- फर्रुखाबाद जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     18 मार्च – जनरल ड्यूटी- बदायूं जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     19 मार्च – जनरल ड्यूटी- बरेली जिले के अभ्यर्थियों के लिए  

बड़ी खुशखबरी! अप्रैल-जुलाई में घटेगा बिजली बिल, यूपी के 40 करोड़ लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

लखनऊ विद्युत नियामक आयोग ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को कास्ट डाटा बुक का उल्लंघन करने के मामले में उपभोक्ताओं का पैसा वापस करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों में उल्लेख किया गया है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के करीब एक लाख उपभोक्ताओं का 40 करोड रुपए वापस किया जाए। यह धनराशि बिजली विभाग को अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बिजली बिलों में समायोजित करनी होगी l बिजली विभाग ने कास्ट डाटा बुक की अनदेखी करते हुए बिजली उपभोक्ताओं से कनेक्शन का निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क लिया था। इस पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और केंद्र व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया था। अधिक पैसा देने वाले उपभोक्ता भी इससे अंजान थे। मामला आयोग पहुंचा तो उपभोक्ताओं ने भी बिजली विभाग द्वारा अधिक कनेक्शन शुल्क लेने पर नाराजगी जताई थी। विद्युत नियामक आयोग में मामले की सुनवाई कई महीनों से चल रही थी इस पर विद्युत नियामक आयोग ने बिजली विभाग को निर्देश दिए हैं कि कास्ट डाटा बुक के हिसाब से ही कनेक्शन शुल्क लिया जाए। कनेक्शन शुल्क के मुताबिक बिजली विभाग को सिंगल फेस का 2800 रुपये लेना चाहिए लेकिन बिजली विभाग के अभियंताओं ने 6,016 रुपए लिए। l इसी तरह थ्री फेस का 4,100 लेना चाहिए लेकिन बिजली विभाग ने 11,341 रुपए लिए। इस संबंध में बिजली अभियंताओं का तर्क है कि जो कंप्यूटर पर धनराशि आती है, वही अभियंता व काउंटर पर बैठा कर्मी काटता है। उसमें फेरबदल उच्च स्तर पर ही हो सकता है। इसमें अभियंता की कोई गलती नहीं है। वहीं बिजली विभाग अधिक कनेक्शन धनराशि देने वाले उपभोक्ता को शेष धनराशि बिल में समायोजित करेगी। वर्मा के मुताबिक इससे पहले भी बिजली विभाग ने कास्ट डाटा बुक के नियमों की अनदेखी की थी, तब बिजली विभाग को एक करोड़ 75 लाख रुपये वापस करने पड़े थे। क्या है कास्ट डाटा बुक कष्ट डाटा बुक में बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से जो बिजली के अलग-अलग मद का शुल्क लिया जाता है उसका उल्लेख होता है। इससे अतिरिक्त बिजली विभाग नहीं ले सकता। यह कास्ट डाटा बुक विद्युत नियामक आयोग द्वारा अभियंताओं व उपभोक्ताओं की आपत्तियां सुनने के बाद तैयार की जाती है। उसके आधार पर ही पूरे उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं से हर मद का शुल्क लेने का नियम है।  

महिलाओं ने मुक्त कंठ से की सीएम योगी की प्रशंसा, महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी को बताया बहन-बेटियों का रक्षक

लखनऊ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 और राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह में नारी सम्मान, सशक्तीकरण और रोजगार का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुक्त कंठ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी यूपी की शान हैं। सीएम योगी ने जिस तरह महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी, अत्यंत सराहनीय: आनंदी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित हुईं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आनंदी अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वर्ष 2017 के बाद से मुख्यमंत्री ने जिस तरह महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी प्रदेश सरकार मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। महिला पुलिसकर्मियों ने कहा, अब प्रदेश की महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पुलिस निरीक्षक नीलम राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसी मिसाल कायम की है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। आज प्रदेश की महिलाएं अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रही हैं। मुख्य आरक्षी वेदवती ने मुख्यमंत्री को बहन-बेटियों का रक्षक बताते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम अत्यंत सराहनीय हैं। मुख्य आरक्षी शिमला सिंह ने कहा कि योगी सरकार में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें समाज में सम्मान भी मिल रहा है। महिलाओं की भागीदारी से ही समाज का समग्र विकास संभव कार्यक्रम में सीएम योगी ने नवचयनित मुख्य सेविकाओं को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नियुक्ति पत्र पाने वाली महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कानपुर की गुंजा गुप्ता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हमें योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री मिले हैं। हम भी प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाना चाहते हैं। कानपुर की ही स्मृति कपूर ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर इससे बड़ा उपहार क्या हो सकता है कि हमें मुख्यमंत्री के साथ यह दिन मनाने का अवसर मिला। लखनऊ की सुनयना कुमारी ने कहा कि योगी सरकार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। यहां जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और पात्रता के आधार पर अवसर दिए जाते हैं। कन्नौज की रीता वर्मा बोलीं कि अब समय बदल गया है। आम जनता की सुनवाई होती है और हमें ऐसे मुख्यमंत्री मिले हैं जो जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं। लखनऊ की अंजुम फातिमा ने कहा कि योगी सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिसकी जितनी योग्यता है, उसे उतना ही महत्व दिया जाता है। यही वजह है कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

नारी शक्ति से समृद्धि की दिशा में मिसाल पेश करने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नारी शक्ति अवार्ड

लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘पिंक रोजगार महाकुंभ’ का उद्घाटन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वालीं प्रदेश की महिलाओं को नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया। जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन के संकल्प के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में “शक्ति से समृद्धि” की दिशा में योगदान देने वाली प्रदेश की अग्रणी महिलाओं को नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया। इस क्रम में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की सहायक संपादक शैल्वी शारदा को मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति अवार्ड प्रदान किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाली शैल्वी शारदा प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर अपनी गहन रिपोर्टिंग और लेखन के लिए जानी जाती हैं। इसी क्रम में एचसीएल ग्रुप की एसोसिएट डायरेक्टर कीर्ति करमचंदानी को भी नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया गया। कीर्ति करमचंदानी पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में कई वर्षों से उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के महिला उद्यमी प्रकोष्ठ की अध्यक्षा आनंदी अग्रवाल को नारी शक्ति अवार्ड प्रदान किया। आनंदी अग्रवाल आईआईए के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को उद्यम स्थापित करने एवं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग प्रदान करतीं हैं। उन्हें प्रदेश में एमएसएमई उद्यम के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, क्षमता निर्माण, सरकारी नीतियों के प्रति जागरूकता और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही टूरियागंज, लखनऊ के अर्बन सीएचसी की मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. गीतांजलि को भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए नारी शक्ति अवार्ड प्रदान किया गया।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आजादी के शताब्दी वर्ष में हमारी सरकार का विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब आधी आबादी इस संकल्प के साथ मजबूती से जुड़ेगी। इसके लिए हमें हर क्षेत्र में नारी की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान के साथ उनके सशक्तीकरण के लिए सभी संभव प्रयास करने होंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला पांच लाख रुपये तक के इलाज का अधिकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति की सुरक्षा और सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आयुष्मान कार्ड का उपहार दिया। उन्होंने पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मंच पर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। प्रदेश में अब तक कुल 3 लाख 684 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं सहित उनके परिवारजनों को आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है।  आयुष्मान कार्ड का सुरक्षा कवच महिलाओं का सशक्तीकरण और स्वावलंबन योगी सरकार के प्रमुख एजेंडे में है। सीएम योगी ने आज मंच पर लखनऊ की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी,  उमा सिंह और लालावती को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। इस पहल के माध्यम से प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री गुड़िया सिंह ने कहा- ‘आयुष्मान कार्ड मिलने से हमारा आत्मविश्वास और बढ़ गया है। योगी सरकार का यह तोहफा हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसके माध्यम से हमारे परिवार को इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक सुरक्षा गारंटी मिली है जिसके लिए हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हैं।’ प्रदेश सरकार की इस योजना के अंतर्गत अद्यतन 75 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का इलाज हुआ आसान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अपनी सेवा के दौरान कई मोर्चों पर लड़ना पड़ता है। ऐसे में आयुष्मान कार्ड उनको इलाज और सुरक्षा की गारंटी देता है। आयुष्मान कार्ड मिलने से आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रियंका सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सदैव प्राथमिकता दी है। आज हम भयमुक्त होकर कहीं भी आ-जा सकते हैं। सरकार हमारे इलाज के लिए भी व्यवस्था कर रही है। गंभीर बीमारी होने पर इलाज में काफी खर्च हो जाता है। ऐसे में पांच लाख रुपये इलाज के लिए मिलना हम लोगों के लिए संजीवनी से कम नहीं है।  महिला सशक्तीकरण को मिला बल प्रदेश की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवारजन भी सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश सरकार इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इससे इन महिलाओं को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा मिली है और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच मजबूत हुई है। यह कदम महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार ने यह संदेश भी दिया कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केवल पोषण और बाल विकास की जिम्मेदारी नहीं निभा रहीं, बल्कि समाज में बदलाव की मजबूत कड़ी भी हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित कर सरकार ने नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ विषय पर राज्य स्तरीय बाल उत्सव

लखनऊ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ में रविवार को शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व विकास का अनोखा संगम देखने को मिला। दयाल गेटवे स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए 22 विशेष स्टॉल बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने, जहां जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की जीवंत प्रस्तुति हुई। गतिविधि आधारित शिक्षण, संवाद और रचनात्मक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, जिज्ञासा और नेतृत्व क्षमता को नया मंच मिला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित 22 विशेष स्टॉल लगाए गए, जो पूरे आयोजन के प्रमुख आकर्षण बने। इन स्टॉलों के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, अभिभावक सहभागिता और करियर मार्गदर्शन से जुड़े विविध आयामों को रोचक और गतिविधि आधारित रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में लगाए गए स्टॉलों को चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया था। पहले और दूसरे जोन में शिक्षक टीएलएम एवं कठपुतली अनुभाग के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा तैयार की गई शिक्षण सामग्री और कठपुतली प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से जेंडर समानता, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार और जीवन कौशल जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कन्नौज, शामली, सीतापुर, अयोध्या, रायबरेली, बाराबंकी, लखीमपुर, लखनऊ, मेरठ और अमेठी जैसे जनपदों के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए मॉडल और गतिविधियों ने बच्चों को ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) की अवधारणा से जोड़ा। इन स्टॉलों में विज्ञान नवाचार, प्रारंभिक साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल विकास, जेंडर-संवेदी शिक्षण सामग्री तथा कॉमिक बुक निर्माण जैसी गतिविधियां भी प्रदर्शित की गईं। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया, जिनमें बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी पहलें शामिल रहीं। तीसरे जोन में बच्चों के लिए सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और नेतृत्व विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण संवाद मंच, दृश्य अधिगम गतिविधियां, रचनात्मक अभिव्यक्ति मंच, ओरिगामी कला केंद्र और नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में तार्किक सोच, आत्म-अभिव्यक्ति, सहानुभूति और रचनात्मकता विकसित करने का प्रयास किया गया। चौथे जोन में अभिभावक सहभागिता एवं करियर परामर्श अनुभाग के अंतर्गत करियर परामर्श केंद्र, अभिभावक संवाद मंच, नेतृत्व क्षमता विकास गतिविधियां, बाल अधिकार जागरूकता मंच और बाल संसद जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन स्टॉलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, भविष्य के करियर विकल्पों और नेतृत्व कौशल के बारे में जानकारी दी गई, वहीं अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में अपनी भूमिका को समझने 

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और ओआईएल के बीच सोमवार को होगा बड़ा एमओयू

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश की पहल पर ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया जाएगा। लखनऊ के होटल रेनेसां में आयोजित कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश और वनओटीटी इंटरटेनमेंट लि. (ओआईएल – हिंदुजा ग्रुप लि. की सहायक कंपनी) के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गांवों में तेज और सुलभ होगी इंटरनेट की पहुंच ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इस पहल के तहत न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय उद्यमियों को स्वतंत्र डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में कार्य करने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। ये उद्यमी स्थानीय स्तर पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे गांवों में इंटरनेट की पहुंच तेज और सुलभ होगी। इस पहल से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसकी मदद से स्थानीय युवाओं को उनके अपने ही क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।  महिला उद्यमियों को मिलेगा बड़ा अवसर इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि डिजिटल सेवा प्रदाताओं (डीएसपी) में लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नई पहचान और अवसर मिलेंगे, साथ ही महिलाएं डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त होकर डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि गांवों में नारी शक्ति को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। 20 लाख घरों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड परियोजना के तहत अगले 2 से 3 वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेज, सुलभ और भरोसेमंद इंटरनेट की पहुंच मजबूत होगी, जिससे ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल सेवाएं, ई-गवर्नेंस और रोजगार के नए अवसरों को भी गति मिलेगी। डिजिटल यूपी के विजन को मिलेगा बल परियोजना के अंतर्गत चयनित डिजिटल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, नेटवर्क निर्माण और आधुनिक तकनीकी सक्षमता जैसी संरचित सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का मजबूत नेटवर्क विकसित कर सकें। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ के विजन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधि तथा परियोजना से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और ‘प्रोजेक्ट गंगा’ की रूपरेखा तथा इसके संभावित प्रभावों पर अपने विचार साझा करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम योगी ने नारी शक्ति को सम्मान देकर सुनी उनकी सफलता की कहानी

लखनऊ "नारी, तुम केवल श्रद्धा हो…" सुप्रसिद्ध कवि जयशंकर प्रसाद की इन प्रेरणादायक पंक्तियों को चरितार्थ करता नजारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार को देखने को मिला। यह अवसर था राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह तथा 'पिंक रोजगार महाकुंभ-2026' के आयोजन का, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान सीएम योगी का संवेदनशील और आत्मीय रूप सामने आया, जिसने पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण का एक नया और सकारात्मक माहौल बनाया है। कार्यक्रम में जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर सभी को समान अवसर देने की योगी सरकार की नीति स्पष्ट नजर आई। प्रदेश के कोने-कोने से आई बेटियां अपनी सफलता का पुरस्कार सीएम योगी के हाथों पाकर भावुक और उत्साहित नजर आईं। समारोह का सबसे दिल छू लेने वाला पल तब आया जब जौनपुर से 'ड्रोन दीदी' दुर्गा मौर्या सीएम से बात करने के लिए खड़ी हुईं। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आदरपूर्वक कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया और उन्हें बैठाकर ही उनकी पूरी बात सुनी। सीएम ने दुर्गा से बड़ी आत्मीयता से पूछा, "एक सीजन में कितनी कमाई हो जाती है आपकी?" दुर्गा ने गर्व से बताया कि सरकार के सहयोग से एक सीजन में 50 से 60 हजार रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है और अब तो उन्होंने नमकीन की फैक्ट्री भी लगा ली है। इस पर सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "हम तो अब तक जानते थे कि जौनपुर में सिर्फ इमरती फेमस है, लेकिन आज आपने बताया कि अब आपकी नमकीन भी आ गई है। मैं जब भी जौनपुर आऊंगा तो इमरती के साथ आपकी नमकीन जरूर खाऊंगा।” जब सायरा बानो को मिला सम्मान तो एक स्वर में सभी बोले, सौभाग्य की बात है कि हमारे सीएम योगी हैं मंच पर एक अलग ही माहौल तब बना, जब मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना की नन्ही लाभार्थी शानवी गुप्ता को दुलारा। सीएम ने शानवी को एक प्यारा सा सफेद टेडी बियर देते हुए कहा, "ये सफेद टेडी बियर तुम्हारे लिए लाया हूं।" जैसे ही मुख्यमंत्री ने बच्ची को प्यार से अपनी गोद में उठाया, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा और हर तरफ एक ही आवाज थी- "बेटियां सुरक्षित हाथों में हैं।" सीएम योगी ने वहां मौजूद प्रत्येक बच्ची से व्यक्तिगत बात की और विशेष स्नेह जताया। उन्होंने बच्चियों से पूछा, "इस पैसे से क्या करोगी? कपड़े खरीदोगी?" एक बच्ची की मां से सीएम ने बड़े ही भाव से पूछा, "बच्ची सो रही है क्या? "कार्यक्रम में जब 9वीं कक्षा की छात्रा सायरा बानो को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया, तो वहां मौजूद महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि यह हम सबके लिए परम सौभाग्य की बात है कि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इसी तरह मेधावी छात्रा दुर्गा यादव का भी सीएम योगी ने उत्साहवर्धन किया। सीएम ने दुर्गा से पूछा, "आपने क्या किया है?" दुर्गा ने बताया कि उन्होंने बीसीए किया है। जिसके बाद सीएम ने उनकी आगे की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।  योगी ने दिए आमदनी बढ़ाने के टिप्स समारोह में महिला लाभार्थियों के साथ सीएम का सीधा संवाद बेहद प्रेरक रहा। फूलों की खेती करने वाली चंदौली की सोनी से सीएम ने पूछा कि वह कितने का फूल बेच लेती हैं? सोनी ने 17 हजार रुपये की कमाई की बात बताई। इस पर सीएम ने कहा कि सूखे फूलों से अगरबत्ती और इत्र बनाने का काम करके वे अपनी आमदनी और बढ़ा सकती हैं। इस पर सोनी ने बताया कि हमने ट्रेनिंग ली है। ड्रोन दीदी की कमाई प्रतिदिन 3000 रुपये तक हो रही है। महिला होकर ई-रिक्शा चलाती हैं, डर नहीं लगता? वाराणसी की सीता देवी से सीएम को बताया कि उनकी आमदनी 20 हजार रुपये है और उनके सहयोग से 250 अन्य महिलाओं ने ई-रिक्शा चलाना सीखा है। सीएम योगी ने हैरानी और प्रशंसा के भाव से पूछा, "महिला होकर ई-रिक्शा चलाती हैं, डर नहीं लगता, पहले घर-परिवार नाराज रहता होगा?" सीता के जवाब से पहले ही सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, "अब जब पैसा आता है तो घर-परिवार जरूर खुश रहता होगा। इस पर सीता ने कहा कि मुझे कोई डर नहीं लगता। अब जब पैसे आ रहे हैं तो घर परिवार के साथ पड़ोसी भी खुश रहते हैं। 5 सरकारी योजनाओं का लाभ गाजीपुर की प्रमिला जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, तो सीएम ने उन्हें भी आदरपूर्वक बैठकर बोलने को कहा। प्रमिला ने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन और कन्या सुमंगला समेत 5 सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला चाहे तो अपने दम पर आत्मनिर्भर बन सकती है। "शोहदों का टिकट काटने के लिए अगले चौराहे पर यमदूत बैठे हैं" महिला सुरक्षा पर सीएम योगी ने बेहद कड़े शब्दों में हुंकार भरी। उन्होंने कहा, "आज दो बातें गौरव की अनुभूति कराती हैं। एक तो यूपी की हर बेटी अब खुद को सुरक्षित महसूस करती है। बेटी स्कूल जा रही है, मन में कोई डर नहीं है। इसकी पूरी जिम्मेदारी अब सरकार पर है। सीएम ने कहा, दूसरी बात यह कि अगर कोई शोहदा दुस्साहस करता है, तो अगले चौराहे पर उसका टिकट काटने के लिए यमराज के दूत बैठे हैं। इतना सुनते ही पूरा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।  योगी सरकार चट्टान की तरह साथ है कार्यक्रम में एक लघु फिल्म के जरिए दिखाया गया कि कैसे पिछले 9 वर्षों में बेटियां अपने सपनों को साकार कर रही हैं। महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा, "यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री महिलाओं की हमेशा चिंता करते हैं। आज बेटियां घर संभालने के साथ ही देश-प्रदेश के विकास में योगदान दे रही हैं। राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कविता के माध्यम से नारी शक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं बोल रही हैं कि योगी जी की सरकार में अब हम सुरक्षित महसूस करते हैं। आज महिलाएं सशक्त हैं। हमारी बेटियां हर जगह सुरक्षित हैं। संवेदनशील मुख्यमंत्री को धन्यवाद। 2017 से पहले महिला सशक्तीकरण सिर्फ टीवी और अखबार की डिबेट तक सीमित था: अनिल राजभर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा … Read more