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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, सनातन पर प्रश्न उठाने वालों को होली जैसे पर्व का अहसास नहीं

गोरखपुर रंगोत्सव के पावन अवसर पर बुधवार दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी ने होली मिलन कार्यक्रम में उमड़े लोगों पर फूलों की वर्षा की और सभी को होली की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाली ताकतें ही सदैव विजयी होती हैं।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित होली मिलन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि समाज में हमेशा दो प्रकार की ताकतें होती हैं। एक अच्छी सोच वाली ताकतें और दूसरी नकारात्मक सोच वाली ताकतें। नकारात्मक सोच वाली ताकतें हमेशा विध्वंसात्मक गतिविधियों को प्रश्रय देती हैं, जबकि सकारात्मक सोच वाली ताकतें अच्छी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ती हैं और उनका परिणाम हमेशा सुखद होता है। शांति, आनंद, उल्लास और उमंग के साथ होलिकोत्सव का आयोजन भी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का सुफल है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों ने उमंग और उत्साह के साथ समरसता के महापर्व होली का आयोजन कर अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति की। सनातन धर्म की श्रेष्ठता पर वही लोग प्रश्न करते हैं, जिन्हें होली जैसे पर्व का अहसास नहीं होता है। होली जैसे पर्व में न भेदभाव होता है और न ही छुआछूत होती है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार किसी न किसी महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी घटना से जुड़े हैं। इनके माध्यम से हमारी ऋषि परंपरा ने समाज को नई दिशा, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार एकांकी नहीं होते बल्कि उनमें सामूहिकता का भाव होता है। समाज का हर तबका इसमें सहभागी बनता है।    सही दिशा में सोचता है भारत मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में दुनिया में अव्यवस्था है, पर भारत में शांति और उल्लास के साथ पर्व मनाए जा रहे हैं। इसका कारण यह है कि भारत की सोच सकारात्मक रही है। भारत सही दिशा में सोचता है। भारत ने कभी किसी को बुरा नहीं कहा, बुरा नहीं किया। और, जब बुरा किया नहीं, कहा नहीं तो बुरा सहा भी नहीं है।   राष्ट्र प्रथम की भावना से हो नागरिक दायित्वों का निर्वहन सीएम योगी ने कहा देश की प्रगति के लिए हम सभी को अपने अपने क्षेत्र में राष्ट्र प्रथम की भावना से नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भक्ति को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना होगा। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और नृसिंह हर कालखंड में होंगे, जरूरत हनुमान, अर्जुन और प्रह्लाद जैसी भक्ति भावना जगाने की है।  सीएम योगी ने उठाया होली गीतों का आनंद, खेली फूलों की होली होली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुपरिचित लोकगायक राकेश श्रीवास्तव व उनकी टीम की तरफ से प्रस्तुत होली गीतों का आनंद उठाया। सांसद रविकिशन ने भी होली गीत सुनाया। होली गीत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों पर पुष्पवर्षा कर फूलों की होली खेली। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही।

20 हजार से अधिक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर ईसीसीई किट का वितरण

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा की मजबूत नींव आंगनबाड़ी केंद्रों से रख रही है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20,000 से अधिक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) किट का वितरण किया गया। प्रदेश सरकार का मानना है कि तीन से छह वर्ष की आयु बच्चों के बौद्धिक विकास की सबसे संवेदनशील अवस्था होती है। ऐसे में यदि इसी चरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री और वैज्ञानिक पद्धति उपलब्ध करा दी जाए, तो आगे की शिक्षा यात्रा सशक्त बनती है।  प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 39000 रुपये दे रही योगी सरकार  प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) किट के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 39000 रुपये योगी सरकार दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 में भी 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिए ईसीसीई को महत्व देते हुए स्कूली शिक्षा के बुनियादी स्तर में इसे सम्मिलित किया गया है। ईसीसीई के अन्तर्गत संसाधनों के रूप में प्री–स्कूल किट तथा ईसीसीई मैनुअल (पहल), वार्षिक गतिविधि कैलेंडर, बाल गतिविधि पुस्तिका उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) से प्रकाशित 06 कहानियों की किताबों के सेट के साथ ही टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) पर आधारित पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं।  खेल-खेल में सीख रहे हैं बच्चे ईसीसीई किटों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलता है जिससे उनकी बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक क्षमताओं का विकास होता है। ईसीसीई किट के माध्यम से बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा दी जाती है। रंगीन चार्ट, शैक्षिक खिलौने, पहेलियां और संज्ञानात्मक विकास से जुड़ी सामग्री बच्चों को सहज तरीके से सीखने का अवसर देती है। सरकार का जोर इस बात पर है कि शिक्षा बोझ न बने, बल्कि आनंद के साथ हो। खेल-खेल में अक्षर ज्ञान, संख्या पहचान और सामाजिक व्यवहार की समझ विकसित होगी। इससे बच्चों की जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति क्षमता को नया आयाम मिलेगा। सक्षम बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं रखना चाहती। इन्हें चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग, बेहतर फर्नीचर, सुरक्षित वातावरण और प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्त्रियों की उपलब्धता से इन केंद्रों का स्वरूप बदल रहा है। यह बदलाव दर्शाता है कि सरकार प्रारंभिक शिक्षा को मुख्यधारा की नीति के केंद्र में ला रही है। आंगनबाड़ी अब गांव और मोहल्लों में छोटे-छोटे लर्निंग हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम योगी सरकार बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास को समान महत्व दे रही है। पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा को एकीकृत कर समग्र विकास का मॉडल तैयार किया गया है। प्रारंभिक अवस्था में सही मार्गदर्शन मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। सरकार की यह पहल दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी को सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए वह दीर्घकालिक और ठोस कदम उठा रही है।

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

जन समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता अक्षम्य: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान: सीएम योगी गोरखपुर,  गोरखपुर में जनता के साथ बुधवार दिनभर होली की खुशियां साझा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही अक्षम्य होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठे लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चलकर पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की और सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।  सीएम ने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले और कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।

गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक

होलिका भस्म की पूजा कर सीएम योगी ने मनाई होली गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने लिया फाग का आनंद, सीएम संग खेली गई रंगों व फूलों की होली   गोरखपुर होली के पावन महापर्व पर बुधवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में होलिका भस्म की पूजा कर होली मनाने का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में फाग गीतों का आनंद लिया और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाया और गुड़ खिलाकर गोसेवा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर के संग जमकर रंगों और फूलों की होली खेली।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के होलिकोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर होलिका भस्म की पूजा से हुई। मंदिर परिसर के मेला ग्राउंड में जलाई गई होलिका के पास जाकर योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका भस्म (सम्मत की राख) की पूजा की और आरती उतारी, भस्म का तिलक लगाया। इस अनुष्ठान के बाद मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ समेत अन्य साधु-संतों व श्रद्धालुओं ने इसी भस्म से गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलक कर आशीर्वाद लिया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने भी उन्हें तिलक लगाकर होली की मंगलकामना की। होलिकादहन स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुरु गोरखनाथ जी के मंदिर पहुंचे और श्रीनाथ जी को होलिका भस्म अर्पित की। इसके बाद मंदिर के द्वार पर फाग गीतों का आयोजन हुआ। सीएम योगी ने भी कुछ देर वहां रुककर फाग का आनंद उठाया और सबको होली की बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री जब फाग का आनंद ले रहे थे तब वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके ऊपर रंग, अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा कर होली खेली।  गोवंश को लगाया तिलक, गुड़ खिलाकर की गोसेवा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाकर उनके लिए भी मंगलकामना की। उन्होंने गोवंश को गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की। गोशाला में सीएम योगी की आवाज सुनकर गोवंश उनके पास दौड़ते हुए चले आए। मुख्यमंत्री ने माथा व गर्दन सहलाकर सभी गोवंश को खूब दुलार भी किया।

होली के बाद बड़ी सौगात: Modern Coach Factory (Raebareli) में तैयार 16 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल तेज

रायबरेली आधुनिक रेलडिब्बा कारखाना (आरेडिका) में बन रही वंदे भारत ट्रेन बनकर तैयार है, अब इसका ट्रायल किया जा रहा है। इसका पहला गति परीक्षण सफल रहा है। महाप्रबंधक ने स्वयं इंजन में बैठकर परीक्षण को परखा। आरेडिका अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी होने में अभी दो सप्ताह का समय लग सकता है। होली के पहले वंदे भारत के आरेडिका से निकलने की उम्मीद है। वंदे भारत ट्रेन के 16 डिब्बों की रैक को बनाने का काम आरेडिका को मिला था। पहले दौर में आरेडिका की अधिकारियों की टीम जानकारी जुटाने के लिए आइसीएफ चेन्नई गई थी। वहां से टीम के आने के बाद निर्माण का काम शुरू हो सका। अब वंदे भारत ट्रेन बनकर तैयार है। उसके ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है। एक लघु ट्रायल रन में ट्रैक्शन, गति व ओवरहेड इक्विपमेंट से लिए गए करंट जैसे प्रमुख परीक्षण मानकों का अवलोकन किया गया। ट्रायल शेड से प्रारंभिक संचालन के दौरान रैक की गति को 10 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित गति पर परीक्षण किया गया। ब्रेक प्रतिक्रिया, पैसेंजर एनाउंसमेंट एवं पब्लिक इंफार्मेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली व ट्रैक्शन के दौरान प्रणाली के व्यवहार का भी परीक्षण किया गया। महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्र ने कहा कि यह उपलब्धि एमसीएफ व उसके उद्योग सहयोगियों के बीच सुदृढ़ समन्वय व सहयोग का प्रतीक है जो वंदे भारत परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 12 फरवरी को आयोजित ट्रायल पूर्व निरीक्षण के दौरान मेसर्स सीमेंस के जर्मन अभियंता क्रिस्टोफ गोएट्ज, सैंड्रा स्पोंसेट व सेबास्टियन शोएसर, पदमाकर डीके, सैत करकृ ने तकनीकी कार्रवाई में सक्रिय सहभागिता की थी। उन्हाेंने बताया कि यह ट्रायल एमसीएफ की अत्याधुनिक, उच्च गति वाली ट्रेनसेट के निर्माण के लिए उसकी प्रतिबद्धता, नवाचार क्षमता व उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को स्थापित करता है।

शादीशुदा विवाद: पत्नी का खुलासा – “सुहागरात के लिए कई बार कहा, लेकिन पति नाकाम”

कानपुर .कानपुर के किशोर नगर की रहने वाली एक युवती ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. युवती का कहना है कि उसकी शादी 25 अप्रैल 2025 को हमीरपुर निवासी युवक से पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ हुई थी. उसके पिता ने होटल, जेवर, कैटरिंग और अन्य इंतजाम मिलाकर करीब 38 लाख रुपये खर्च किए थे. परिवार को उम्मीद थी कि बेटी की नई जिंदगी खुशहाल होगी, लेकिन शादी के बाद हालात बिल्कुल उलट निकले. पत्नी ने कहा, 'मैंने पति से सुहागरात के लिए कई बार कहा लेकिन वो हमेशा टालता रहा. बाद में मुझे पता चला कि वो नपुंसक है. मेरे साथ फ्रॉड हुआ है.'  पति ने दूरी बनाए रखी पीड़िता के मुताबिक, 26 अप्रैल को वह विदा होकर ससुराल पहुंची. शादी के बाद के शुरुआती चार दिनों में ही उसे पति के व्यवहार पर संदेह होने लगा. उसका आरोप है कि पति ने उससे दूरी बनाए रखी और सुहागरात तक नहीं मनाई. उसने कई बार इस बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन हर बार पति ने टालमटोल कर दी. कुछ दिनों बाद वह मायके आ गई. फिर पति उसे नोएडा ले गया, जहां उसे अपने बड़े चाचा के फ्लैट में रखा गया. युवती का कहना है कि वहां करीब एक महीने तक साथ रहने के बावजूद पति ने उससे शारीरिक संबंध नहीं बनाए. इसी दौरान उसे शक हुआ कि पति शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है. धमकियां देने का आरोप जब उसने इस बारे में ससुर और उनके बड़े भाई से बात की तो, उसके मुताबिक, पहले उसे समझाने और इलाज कराने का भरोसा दिया गया. आरोप है कि उससे कहा गया कि वह बेटे के साथ पत्नी की तरह रहे, इलाज करवा दिया जाएगा और पूरा खर्च उठाया जाएगा. लेकिन जब उसने अपनी आपत्ति जताई तो उसे कथित तौर पर धमकियां दी जाने लगीं. पांच लाख लाने को कहा गया पीड़िता का यह भी आरोप है कि उससे पांच लाख रुपये और लाने को कहा गया ताकि इलाज कराया जा सके. मना करने पर उसे बदनाम करने और परिवार की इज्जत खराब करने की धमकी दी गई. युवती का कहना है कि ससुराल पक्ष ने न सिर्फ बेटे की सच्चाई छिपाई, बल्कि शादी में खर्च हुआ पैसा भी व्यर्थ कर दिया और उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी. मामला दर्ज हुआ आखिरकार परेशान होकर युवती अपने पिता के घर लौट आई और कानपुर के रावतपुर थाने में पति, ससुर और ताऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी कमलेश राय के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और एक टीम हमीरपुर भेजी जाएगी. वहीं, लड़की के परिवार का कहना है कि वे फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन उन्हें न्याय की उम्मीद है. इस पूरे मामले ने एक बार फिर शादी से पहले जरूरी जानकारियां छिपाने और पारिवारिक दबाव के मुद्दे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

व्यवसायी के तौर पर पहचान बना रहीं हैं रेणुबाला

रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से महिलाएं हो रहीं हैं आत्मनिर्भर सामाजिक परिवेश में केवल गृहिणी की भूमिका तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से सफल व्यवसायी के रूप में पहचान स्थापित कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से महिलाओं को न केवल सामूहिक मंच मिला है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह भी मिली है।            छत्तीसगढ के कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत कटगोड़ी की  रेणुबाला जायसवाल आज इसी बदलाव की मिसाल बन चुकी हैं। बिहान से मिली आर्थिक तरक्की की राह    रेणुबाला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और बाद में सत्यम महिला स्व-सहायता समूह में अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से उन्होंने समूह के माध्यम से बैंक से 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और कपड़ा दुकान का व्यवसाय प्रारंभ किया। इस पहल से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और वे आत्मनिर्भर बनीं।        रेणुबाला ने बताया कि शुरुआत में वे समूह की सदस्य के रूप में छोटे लेनदेन से जुड़ी रहीं। बाद में समूह को आरएफ राशि तथा सीआईएफ के रूप में 60 हजार रुपये प्राप्त हुए। सफल संचालन के बाद बैंक से 3 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने कपड़ा व्यवसाय को विस्तार दिया। पहले उनके परिवार की वार्षिक आय लगभग 70 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 2 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।       आर्थिक रूप से सशक्त होने के बाद उनके सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। पहले वे केवल गृहिणी के रूप में जिम्मेदारी निभाती थीं, लेकिन अब परिवार के हर महत्वपूर्ण निर्णय में उनकी सक्रिय भागीदारी होती है। वे परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के हाट-बाजारों में भी कपड़े का व्यवसाय कर रही हैं। रेणुबाला अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

लखनऊ और आसपास के जिलों के लिए खुशखबरी: यूपी में 69 किमी फोरलेन सड़क का प्रस्ताव हरी झंडी पर

लखनऊ   उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़े तीन जिलों को राहत देने वाली 69 किलोमीटर लंबी नई फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी मिल गई है। यह राजमार्ग लखनऊ के चिनहट क्षेत्र से शुरू होकर बाराबंकी, सीतापुर और आगे बहराइच तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की महत्वाकांक्षी एनएच-727 योजना का हिस्सा है, जिसके माध्यम से चहलारी घाट (बहराइच) तक निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। यातायात दबाव होगा कम यह हाईवे कुर्सी रोड और अयोध्या-लखनऊ किसान पथ से जुड़कर सीतापुर, लखीमपुर और बहराइच की ओर जाने वाले यातायात का दबाव कम करेगा। औद्योगिक क्षेत्र देवा और तहसील फतेहपुर को जोड़ते हुए यह मार्ग सीतापुर के महमूदाबाद और घाघरा तटवर्ती क्षेत्रों तक आवागमन को सुगम बनाएगा। री परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। परियोजना का तीन चरणों में होगा निर्माण     देवा से फतेहपुर (20 किमी)     इस खंड के निर्माण पर लगभग 660 करोड़ रुपये खर्च होंगे।     मार्ग सलारपुर, विशुनपुर, इसरौली, बसारा और रसूलपुर पनाह औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरेगा।     करीब 16 गांव सीधे इस फोरलेन से जुड़ेंगे। अब तक 85 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है और 2,000 से अधिक किसानों को मुआवजा प्रक्रिया से जोड़ा गया है।     फतेहपुर से महमूदाबाद (22 किमी)     इस हिस्से के फोरलेन निर्माण से सीतापुर तक सीधा और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।     चिनहट से देवा व कुर्सी मार्ग (27.35 किमी) इस खंड के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 468.48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मार्ग किसान पथ से जुड़कर लखनऊ से सीधा संपर्क स्थापित करेगा। बाइपास और पुलों का निर्माण परियोजना में तीन नगरों के लिए बहुउद्देशीय बाइपास शामिल हैं, विशुनपुर में 2 किमी लंबा बाइपास, फतेहपुर में लगभग 3 किमी लंबा बाइपास, देवा में भी बाइपास का निर्माण प्रस्तावित है। इन बाइपास से रेलवे क्रॉसिंग और बाजार क्षेत्रों में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। साथ ही, कल्याणी नदी और शारदा सहायक नहर पर चार नए पुलों सहित कुल सात पुलों का निर्माण किया जाएगा। ये सभी प्रावधान विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में शामिल हैं। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर के बीच आवागमन तेज़ और सुविधाजनक होगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

चुनाव से पहले बड़ा दांव? भारतीय जनता पार्टी सक्रिय, योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में बदलाव की चर्चा

लखनऊ प्रदेश में राजनीतिक पदचापों की ध्वनि दूर तक पहुंचने लगी है। पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कई अहम विषयों को छेड़ते हुए प्रदेश को मथा, वहीं अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के सभी छह क्षेत्रों में समन्वय बैठकों में पहुंच रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब ‘ट्रिपल एस’ यानी सरकार, संगठन और संघ के मॉडल पर चुनावी तार को कसा जा रहा है। पार्टी अंदरूनी घमासान, यूजीसी एवं जातीय उबाल से होने वाले नुकसान से निपटने की रणनीति बना रही, वहीं नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की कसरत भी तेज की गई है। सरकार, संघ और भाजपा की प्रदेश स्तर पर समन्वय बैठक नियमित अंतराल पर होती रहती है, जिसमें सरकार के कार्यों के साथ ही अनुषांगिक संगठनों के अभियानों एवं आगामी कार्यक्रमों की चर्चा होती है, साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया जाता ह, लेकिन अब पार्टी के सभी छह क्षेत्रों में बैठकें हो रही हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ ही योगी भी पहुंच रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श 28 फरवरी को लखनऊ में आयोजित बैठक में योगी, पंकज, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ ही संघ के सभी बड़े पदाधिकारी शामिल हुए। एक मार्च को वाराणसी और दो मार्च को गोरखपुर क्षेत्र में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श हुआ। होली के बाद पांच मार्च को पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक गाजियाबाद, छह मार्च को कानपुर और सात को ब्रज क्षेत्र की बैठक आगरा में होगी। समन्वय बैठकों की टाइमिंग विशेष रूप से बड़े राजनीतिक संकेत दे रही है। खासकर, ऐसे समय में जब प्रदेश संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव करने के साथ ही योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चा तेज है। प्रदेश अध्यक्ष चौधरी का कहना है कि सप्ताहभर में गाजियाबाद, कानपुर एवं आगरा में समन्वय बैठक होगी। इन बैठकों में प्रमुख मुद्दों के साथ ही क्षेत्रीय स्तर के विषयों पर भी स्वाभाविक तौर पर चर्चा होगी।  

प्रयागराज में पशुओं को मिलेगा 12 अंकों का यूनिक आधार, स्वास्थ्य रिकार्ड होगा पोर्टल पर

प्रयागराज  पशुपालन विभाग नए कलेवर में आ रहा है। विभाग ने नेशनल डिजिटल लाइव स्टाक मिशन (एनडीएलएम) पोर्टल पर पशुओं व उनके पालकों का विवरण अपलोड करने की योजना शुरू की है। पशुओं को 12 अंकों का यूनिक आधार (पशु आधार) दिया जाएगा। डिजिटल रिकार्ड में पशुपालक का विवरण, टीकाकरण, नस्ल सुधार और बीमारी की स्थिति दर्ज होगी। मवेशियों के नस्ल लेकर पशु का स्वास्थ्य रिकार्ड होगा इस डाटा फीडिंग की नियमित निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य पशुओं का डिजिटल डेटा बेस तैयार करना है। इस पोर्टल पर पशुधन की संख्या, पशुपालकों का आधार, मोबाइल नंबर व जन्म-मृत्यु का ब्योरा मिलेगा। मवेशियों के नस्ल लेकर पशु का स्वास्थ्य रिकार्ड, टीकाकरण की तारीख, उम्र और इलाज का इतिहास अब आनलाइन होगा। खास-खास – 12 अंकों का पशु आधार बनेगा, मवेशियों व उनके पालकों का भी बनेगा डेटा बेस – 14 लाख के करीब जनपद में दुधारू पशु, जिनमें गाय-भैंस, बकरी व भेड़ अधिक पूरा ब्योरा एनडीएलएम पोर्टल पर अपलोड होगा पशु की सेहत कैसी है, वह बीमार तो नहीं। कब उसका गर्भाधान कराया गया और कब कौन टीका लगा। एक-एक पशु का यह पूरा ब्योरा एनडीएलएम पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे बीमारी की पहचान जल्दी होती है और समय पर उपचार संभव होगा। शासन के फरमान पर विभाग ने कवायद तेज कर दी है। विभाग के कामकाज को धीरे-धीरे डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। पशुधन प्रबंधन, स्वास्थ्य व उत्पादकता में सुधार को प्रयास सरकारी स्थायी व अस्थायी गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों पर हो रहे खर्च से लेकर भुगतान तक की आनलाइन निगरानी की व्यवस्था पहले से ही है। हर पशु की एक-एक जानकारी को विभागीय पोर्टल में समेटने की तैयारी है। पशुधन प्रबंधन, स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार को यह प्रयास हो रहा है। पशुओं का स्वास्थ्य रिकार्ड आसानी से उपलब्ध होगा पशुओं का तैयार होने वाला पशु आधार स्वास्थ्य रिकार्ड, टीकाकरण इतिहास, प्रजनन डिटेल और प्रोडक्शन मेट्रिक्स को साथ जोड़ेगा। इससे पशुओं की पहचान, बीमारियों का प्रबंधन और स्वास्थ्य रिकार्ड आसानी से उपलब्ध होगा। क्या कहते हैं सीवीओ? सीवीओ डाॅ. शिवनाथ यादव का कहना है कि इसके लिए जनपद की कमेटी गठित कर ली गई है, जिसमें डीएम मनीष कुमार वर्मा अध्यक्ष, सीडीओ हर्षिका सिंह सचिव व सीवीओ सदस्य सचिव हैं। ब्लाक स्तर पर एसडीएम, बीडीओ, पशु चिकित्सक की कमेटी बनाई गई है। वहीं क्लस्टर और ग्राम पंचायत स्तर पर इसी माह कमेटी गठित होगी। ग्राम पंचायतों में पशुधन प्रसार अधिकारी और दुग्ध समितियों के पदाधिकारी शामिल किए जाएंगे।