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‘मोहब्बत की दुकान’ पर सियासी वार: ब्रजेश पाठक बोले- राहुल गांधी फैला रहे अराजकता और भारत विरोध

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को भाजपा राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी तथाकथित 'मुहब्बत की दुकान' में केवल 'नफरत, अराजकता, दंगा और भारत विरोध' का सामान मिल रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी झूठ की राजनीति के उस स्तर पर पहुंच चुके हैं, जहां से वापसी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार पर लगातार लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं। पाठक ने कहा कि इस तरह का आचरण न केवल निंदनीय है, बल्कि राष्ट्रहित के विरुद्ध भी है। उन्होंने एआई समिट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने वहां देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई और भारत को बदनाम करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा इस कृत्य का समर्थन करना यह दर्शाता है कि पूरी पटकथा के सूत्रधार वही हैं। ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है, लेकिन विरोध के नाम पर 'नग्नता और अराजकता' स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति का उद्देश्य भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फेक न्यूज और अफवाहों के जरिए जनता को भड़काने की कोशिश की जा रही है। पाठक ने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और नकारात्मक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता तथ्यों के आधार पर निर्णय लेगी और कांग्रेस के 'झूठ के साम्राज्य' को खारिज कर देगी।

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी नहीं चलेगी! यूपी सरकार का आदेश, 10 मिनट में कॉल रिस्पॉन्स अनिवार्य

लखनऊ यूपी में जनप्रतिनिधियों की शिकायत अब दूर हो जाएगी। अफसर अब उनका फोन उठाने में आनाकानी नहीं कर सकते। 17 फरवरी को प्रदेश की विधानसभा तक में यह मामला उठ गया था। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा था कि विधायकों के फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। अब प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक और कदम उठाया गया है। 25 फरवरी से जनप्रतिनिधि-अधिकारी ‘संवाद सेतु’ (जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर) व्यवस्था लागू की जाएगी। यह व्यवस्था पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज जनपदों में शुरू होगी। इस संबंध में समयबद्ध तैयारियों को लेकर समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ताकि योजना सुचारु रूप से लागू हो सके। फोन न उठने की समस्या का समाधान इस नई व्यवस्था के अंतर्गत हर जनपद में जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। अगर किसी अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधि की कॉल 10 मिनट के भीतर रिसीव या कॉल बैक नहीं की जाती है, तो जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को सूचित कर सकेंगे। कमांड सेंटर संबंधित अधिकारी को तुरंत कॉल बैक के लिए निर्देशित करेगा और संवाद सुनिश्चित करेगा। सम्मान भी, जिम्मेदारी भी यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय में और सरकारी (CUG) नंबरों पर लागू होगी। बेहतर संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही की स्थिति में रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। गौरतलब है कि यह पहल विधानसभा में उठे मुद्दे के बाद अमल में लाई जा रही है। इस संबंध में राज्यमंत्री असीम अरुण ने सुझाव दिया था। विधानसभा में हुई थी ये बात नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा विधानसभा में यह मामला उठाए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया था कि कार्यपालिका द्वारा विधायिका और न्यायापालिका के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप करने की सूचना संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में होने के कारण इसे स्वीकारा गया है। उन्होंने कहा था कि नियम 300 के अंतर्गत नेता प्रतिपक्ष की सूचना के बारे में चर्चा से यह परिलक्षित होता है कि अधिकारियों के स्तर पर विधायकों को सहयोग नहीं किया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। यह स्पष्ट करना भी उपयुक्त होगा कि संविधान के अनुच्छेद 164 (2) के अंतर्गत मंत्री परिषद राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी। विधानसभा के किसी सदस्य द्वारा यदि अधिकारियों से जनहित के कार्यों के लिए संपर्क किया जाता है तो वह सम्मान और समय दें और सुनवाई का अवसर प्रदान करें।  

सिंगापुर में सीएम Yogi Adityanath की बड़ी उपलब्धि: जेवर एयरपोर्ट को मिला 4,458 करोड़ का निवेश

सिंगापुर/लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहला एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स और दूसरा एक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कंपनी 4,458 करोड़ रुपए निवेश करेगी। एमओयू के अनुसार, सैट्स लिमिटेड जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण करेगी। यह कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर ज्यादा मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, मांगी अग्रिम जमानत

प्रायगराज  शंकराचार्य को गिरफ्तारी का डर? अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे स्वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद यौन शोषण मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्हें डर है कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। शंकराचार्य स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद पर दर्ज यौन शोषण का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को शंकराचार्य ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्हें डर है कि पुलिस उनको गिरफ्तार कर सकती है। सीनियर एडवोकेट दिलीप गुप्ता ने बतौर वकील जमानत की याचिका दाखिल की है। याचिका का संज्ञान लेकर शासकीय अधिवक्ता को नोटिस जारी किया गया है। इस याचिका पर जल्‍द सुनवाई हो सकती है। इस बीच, प्रयागराज पुलिस शंकराचार्य से इस मामले में पूछताछ भी कर सकती है। स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आरोप है कि नाबालिगों के साथ यौन शोषण हुआ था। शाकुंभरी पीठाधीश्‍वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की याचिका पर लोअर कोर्ट ने शंकराचार्य पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इससे पहले ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी नाबालिग ने आरोप लगाया था तो पुलिस ने पहले पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि 18 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन उन्हें संगम नोज पर रोका गया था। उसी दिन शाम को एक तथाकथित महाराज ने उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया और आरोप लगाया कि उनके शिष्य मुकुंदानंद ने उन्हें पटककर गला दबाया। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या जैसे पर्व पर, जब भारी भीड़ होती है, ऐसे गंभीर आरोप लगाना संदेह पैदा करता है। दूसरा आरोप यह लगाया गया कि उन्होंने पालकी से कोई वजनदार वस्तु फेंकी, जिससे बड़ी घटना हो सकती थी। स्वामी ने कहा कि वे दिनभर मीडिया कैमरों के सामने मौजूद थे और कोई साक्ष्य नहीं मिलने के कारण पुलिस ने प्रारंभ में मामला दर्ज नहीं किया। बाद में नया मामला यौन उत्पीड़न का सामने लाया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि कोई लड़का आरोप लगा रहा था तो उसी दिन पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया गया। उनका कहना था कि अदालत के आदेश के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की गई। अजय राय ने की निष्पक्ष जांच की मांग उधर, अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच किसी स्वतंत्र या केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। अजय राय ने पत्र में लिखा कि यदि किसी शीर्ष धर्माचार्य के विरुद्ध ऐसी परस्थितिियां बनती हैं, जिससे शासन और आध्यात्मिक परंपरा के बीच टकराव की धारणा बने, तो व्यापक धार्मिक समाज में असंतोष उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि आस्था, संवैधानिक अधिकार और शासन की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है।

मैट्रिक–इंटर की कॉपी जांच का शेड्यूल तैयार, बिहार बोर्ड रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट

बिहार बोर्ड मैट्रिक वार्षिक परीक्षा के छठे दिन सोमवार को दोनों पालियों में अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई। राज्य के सभी 1699 केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इसी के साथ मैट्रिक में सभी मुख्य विषयों की परीक्षा सोमवार को संपन्न हो गई। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा 13 मार्च 2026 को ही संपन्न हो गई है। अब लाखों परीक्षाओं को अपने रिजल्ट का इंतजार है। बिहार बोर्ड ने भी मैट्रिक व इंटर की कॉपियों की चेकिंग का कार्य तेजी से करने के लिए कमर कस ली है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा 12वीं की आंसर कॉपियों का मूल्यांकन 27 फरवरी से शुरू किया जाएगा। यह कार्य 10 मार्च तक किया जाएगा। मैट्रिक की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन दो से होगा बीएसईबी ने वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं निर्धारित मूल्यांकन केन्द्रों पर 2 मार्च से शुरू होगा और 13 मार्च तक चलेगा। बोर्ड ने विषयवार सह-परीक्षकों और प्रधान परीक्षकों का चयन कर नियुक्ति पत्र समिति की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। समिति ने विद्यालयों के प्रधानों से कहा है कि वे डीईओ कार्यालय से विद्यालय में अद्यतन रूप से कार्यरत शिक्षकों के नियुक्ति पत्र स्वयं या प्रतिनिधि के माध्यम से प्राप्त कर संबंधित शिक्षक को उपलब्ध कराते हुए मूल्यांकन कार्य हेतु विरमित करना सुनिश्चित करें। कब तक आएगा बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट बिहार बोर्ड (BSEB) हर साल की तरह इस साल भी सबसे पहले मैट्रिक (bihar board 10th result 2026) और इंटर रिजल्ट (bihar board 12th result 2026) जारी करने की तैयारी कर रहा है। मार्च माह के अंत में मैट्रिक व इंटर दोनों का रिजल्ट जारी किया जा सकता है। छात्र बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 और बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 www.livehindustan.com और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, biharboardonline.com , onlinebseb.in पर देख सकेंगे। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा के लिए 1317846 विद्यार्थी और मैट्रिक परीक्षा के लिए 1512963 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कैसे चेक कर सकेंगे बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट सबसे पहले biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं। मैट्रिक परीक्षार्थी मैट्रिक रिजल्ट 2026 लिंक और इंटर वाले इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026 पर क्लिक करें। अपना रोल कोड व रोल नंबर डालें। सब्मिट करने पर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आएगा। इस डाउनलोड कर प्रिंट आउट ले लें पिछले साल के परिणाम की बात करें तो बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 के नतीजे 29 मार्च 2025 को घोषित किए गए, जहां कुल मिलाकर 82.11 % छात्रों को सफलता मिली। तीन स्टूडेंट्स साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी, रंजन वर्मा ने 489 अंक प्राप्त कर टॉप किया है। लड़कियों का पास पर्सेंटेज 80.67 प्रतिशत और लड़कों का पास पर्सेंटेज 83.67 रहा था। पिछले साल के बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2025 की बात करें तो कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 86.50% था। स्ट्रीम वाइज रिजल्ट की बात करें तो साइंस का रिजल्ट 89.66 फीसदी, कॉमर्स का रिजल्ट 94.77 फीसदी और आर्ट्स का रिजल्ट 82.75 फीसदी रहा। बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट र्ट्स स्ट्रीम में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब साह ने 473 – 473 अंक (94.6 फीसदी) अंक हासिल कर टॉप किया था। प. चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 फीसदी) प्राप्त कर साइंस स्ट्रीम में टॉप किया था। कॉमर्स स्ट्रीम में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1) हासिल कर टॉप किया था।  

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में केल्स्टरबाख के मेयर, राउनहाइम के मेयर तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ से की मुलाकात

उप मुख्यमंत्री की जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल से लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर व नवाचार पर चर्चा   उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में केल्स्टरबाख के मेयर, राउनहाइम के मेयर तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ से की मुलाकात  डिप्टी सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश में आने का दिया निमंत्रण  जर्मनी/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जर्मनी में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में केल्स्टरबाख के मेयर मैनफ्रेड ऑकेल, राउनहाइम के मेयर डेविड रेंडेल तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड शामिल रहे। बैठक में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र और नोएडा एयरपोर्ट के बीच सहयोग पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का मुख्य केंद्र है। उप मुख्यमंत्री ने फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए सहयोग मांगा। इस संबंध में दोनों पक्षों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी के औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया ताकि वे उत्तर प्रदेश की नीतियों, निवेश के अवसरों और साझेदारी के संभावित क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।

फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में चलेंगी एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाएं फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति जर्मनी की टेक कंपनी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी डेटा गोपनीयता, स्थानीयकरण और राजस्व सृजन के अवसरों पर फोकस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में गए उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में टेक कंपनी इनोप्लेक्सेस एंड पार्टेक्स के सीईओ डॉ. गुंजन भारद्वाज से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और एआई-आधारित समाधानों के क्षेत्र में उन्नत सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. गुंजन भारद्वाज ने भारत में अपने संचालन विस्तार की योजनाएं साझा करते हुए बताया कि साझेदारी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी है। साथ ही गोपनीयता-अनुपालन वाले स्वास्थ्य डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने और गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज में एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाओं का पायलट संचालन प्रस्तावित है। बैठक में कंप्यूटर सेंटर स्थापित करने, जीसीसी संचालन को मजबूत करने तथा चिकित्सा शिक्षा में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल और डॉ. भारद्वाज के बीच कड़े डेटा गोपनीयता मानकों, डेटा स्थानीयकरण और सुशासन सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी को डेटा-आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा सरकारी साझेदारी को विस्तार देने और संभावित राजस्व सृजन के तमाम मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन बैठक: निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष फोकस

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति और औद्योगिक क्षमताओं का हुआ प्रस्तुतिकरण दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बैठकों को लेकर बनी सहमति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। हेसेन की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य सचिव कैरिन मुलर ने किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और निवेश अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, जीसीसी तथा 660+ मेगावाट डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की मजबूत क्षमताओं को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता पर भी प्रकाश डाला गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारियों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक रुख दिखाया। साथ ही विशेषज्ञ स्तर की सहभागिता को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक राज्य स्तरीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए बैठकों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।

कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद

प्रदेश में पीएम-कुसुम सी2 से ऊर्जा सुधार को नई गति, 1708 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पीपीए कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद कौशांबी और बिजनौर की पायलट परियोजनाएं बनीं मॉडल, सब्सिडी बोझ घटाने की दिशा में ठोस कदम लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार को नई मजबूती मिल रही है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए लागू प्रधानमंत्री कुसुम योजना (कंपोनेंट सी2) राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई और बिजली की विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराना, डीजल व परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करना और दिन के समय निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक लगभग 1708.1 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) निष्पादित किए जा चुके हैं। इससे अनुमानित 3.67 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में नियमित बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने और प्रदेश को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने का भी प्रभावी कदम है। 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक सहायता योजना के वित्तीय ढांचे के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तथा राज्य सरकार 50 लाख रुपये प्रति मेगावाट की पूंजीगत सहायता दे रही है। इस प्रकार कुल सहायता लगभग 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक पहुंच रही है। इससे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। कौशांबी और बिजनौर जिलों में स्थापित लगभग 3.3 मेगावाट की पायलट परियोजनाएं राज्य में व्यापक क्रियान्वयन के लिए मॉडल के रूप में देखी जा रहीं हैं। इन परियोजनाओं से प्राप्त अनुभव के आधार पर अन्य जिलों में भी सौर ऊर्जा कार्य को गति दी जा रही है। वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक सुधार की उम्मीद प्रधानमंत्री कुसुम सी2 के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय स्थिति में मध्यम अवधि में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के कारण डिस्कॉम पर उच्च सब्सिडी भार रहता है। स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन से पावर अनुरक्षण लागत घट सकती है और दिन के समय महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता कम हो सकती है।  ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एटी&सी लॉस में कमी, कैश फ्लो में सुधार और ऊर्जा लेखांकन की पारदर्शिता बढ़ने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। यदि बैंकिंग प्रक्रियाएं सरल हों, भुगतान सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो, तो कुसुम सी2 उत्तर प्रदेश में कृषि बिजली आपूर्ति सुधार और बिजली सब्सिडी के दीर्घकालिक बोझ को कम करने का मजबूत माध्यम सिद्ध हो सकता है।

सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय

सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है” सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय सीएम को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर संबोधित किया एक महिला ने, कहा अब यूपी में रात में बिना सारे निकल सकती हैं महिलाएं सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों ने गणपति वंदना पर प्रस्तुत किया मनोहारी नृत्य, सीएम ने की मुक्त कंठ से सराहना सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर में अपने बीच देखकर प्रवासी भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह छा गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच कार्यक्रम स्थल पर लगातार तालियां बजती रहीं। “योगी हैं तो यूपी है” की गूंज पूरे वातावरण में ऊर्जा भर रही थी। कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम योगी को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर बुलाया तो पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। आयोजन में एक बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी, जिस पर सीएम योगी ने अपना ऑटोग्राफ देकर उसके चेहरे पर मुस्कान ला दी।  कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रही भारतीय मूल की स्वाति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खुद को उत्तर प्रदेश और सीएम योगी आदित्यनाथ की बहन बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनकर वह प्रेरित हुईं। स्वाति ने कहा, “जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है, बन चुकी है। मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से मुख्यमंत्री को 'भैया' कहती हूं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिला है। अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं। अपराधियों में कानून का भय है।" स्वाति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए नारा दिया कि योगी हैं तो यूपी है और संस्कृत में कहा, “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम”। सिंगापुर में आयोजित यह संवाद प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बढ़ते संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश देता नजर आया। जब मुख्यमंत्री मंच पर थे उस समय एक बच्ची उनका स्केच लेकर वहां पहुंची, सीएम योगी ने उस स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया, जिसके बाद बच्ची बेहद प्रसन्न नजर आई। एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) भी बांधा। इस अवसर पर सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने मुक्तकंठ से सराहना की। स्कूल के संस्थापक ने कहा "आपमें हमें हमारे श्रद्धेय पहले प्रधानमंत्री और सिंगापुर के संस्थापक श्री ली क्वान यू की प्रतिछाया प्रतीत हो रही है।"    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शास्त्रीय विधा को यहां पर इन बच्चों ने गणपति वंदना के माध्यम से बड़े ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लग रही है, उन स्थितियों में भारत से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर में रहकर भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए उन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।