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योगी आदित्यनाथ से मिले संजय दत्त, बोले- यह मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात

लखनऊ  बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सोमवार को एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर सीएम के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीर शेयर की है. तस्वीर में दोनों हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं. संजय दत्त ने सीएम के साथ हुई मुलाकात का अनुभव भी शेयर किया है.  योगी आदित्यनाथ से मिले संजय दत्त  संजय दत्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंचें. मुलाकात के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर कर फैन्स को इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात करने का अवसर मिला. बेहद सुखद अनुभव रहा, इस बातचीत और शुभकामनाओं के लिए आपका शुक्रिया.  तस्वीर में सीएम योगी आदित्यनाथ और संजय दत्त बेहद खुश नजर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री के साथ संजय दत्त को देखकर इनके चाहने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. फैन्स सीएम और एक्टर को एक फ्रेम में देखकर इसे बेस्ट फोटो ऑफ द ईयर बता रहे हैं.  रोड शो में लगे जय श्रीराम के नारे  पिछले हफ्ते संजय दत्त विधायक राजेश्वर सिंह के बुलावे पर लखनऊ पहुंचे थे. लखनऊ में उन्होंने 'जीरो नेट 2040' के लिए 1 किलोमीटर लंबा रोड शो किया. शहर में उनका फूलों की बारिश से स्वागत किया गया. लोगों ने जयश्री राम के नारे भी लगाए. एक्टर ने युवाओं को पर्यावरण बचाने की सलाह दी. रोड शो में संजय दत्त की झलक पाने के लिए बूढ़े बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी. फैन्स के बीच उनका क्रेज देखने को मिला.  वर्कफ्रंट की बात करें, तो संजय दत्त आखिरी बार धुरंधर में नजर आए थे. आने वाले दिनों में वो 'धुरंधर 2', 'द गुड महाराजा', 'केडी: द डेवेल' जैसी मूवीज में दिखाई देंगे. संजय दत्त के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर फैन्स एक्साइटेड हैं.  संजय दत्त से पहले गोविंदा भी सीएम योगी से मिलने लखनऊ पहुंचे थे, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया था. 

यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तारी पर संत अविमुक्तेश्वरानंद बोले—सच्चाई जल्द आएगी सामने

वाराणसी पॉक्सो मामले में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अदालत ने खुद इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मानना है कि उन्हें गिरफ्तारी से डर नहीं लगता, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी के लिए पुख्ता सबूत तो लाए। उन्होंने यह तक कह डाला कि रामचरितमानस में पहले ही कहा गया है कि कुछ धर्म के ठेकेदार शंकराचार्य और धर्म से जुड़े साधुओं को परेशान करने आएंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉस्को एक्ट में गिरफ्तारी के सवाल पर कहा, "जो भी आएंगे उनका स्वागत किया जाएगा और जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। जितनी जल्दी पुलिस को मामले को विस्तारित करने की है, उतनी ही हमें है। हम भी इस कलंक का निपटान जल्द से जल्द करना चाहते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा, "रामचरितमानस में लंका कांड के दौरान विभीषण ने रावण को सलाह देते हुए कहा था कि जो कोई भी धर्मधारी, कपटी और पाखंडी ज्यादा समय तक ठीक नहीं पाएगा और उसका जल्द ही पर्दाफाश होगा। जैसे रावण ने साधु का वेश लेकर मां सीता का अपहरण किया था, राहु देवता बनकर अमृत पीने के लिए घुस आया था, लेकिन ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया। वैसे ही कथाकथित धर्म के ठेकेदारों का भी पर्दाफाश भी जरूर होगा। हम निश्चिंत हैं। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है, लेकिन हमारे लोगों को भरोसा नहीं है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। अगर जांच दूसरे राज्य की पुलिस करे, जहां भाजपा की सरकार न हो, तभी मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन हमें तो इससे भी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने मामले में गिरफ्तारी पर कहा कि गिरफ्तारी कुछ परिस्थितियों में होती है। अब हम कहीं भागे नहीं जा रहे हैं और अब मेडिकल टेस्ट का कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि बहुत महीने बीत चुके हैं और सबसे बड़ी बात मुकदमा झूठा है, इसलिए गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं उठता है। फिर भी अगर हमारी गिरफ्तारी होती है तो समझ लेना कि कालनेमि हमें बदनाम करने के लिए यह सब कर रहा है, लेकिन हमें ईश्वर पर पूरा विश्वास है। कालनेमि का भी पर्दाफाश होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जनता का सपोर्ट उनके साथ है और उन्हें अंतरमन से पता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, तो चिंता की बात नहीं है।

छात्रा के साथ अभद्रता पर बवाल, यूपी में नस्लीय टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश

गोरखपुर साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में किराए के फ्लैट में एसी लगवाने के दौरान अरुणाचल प्रदेश की एक प्रतियोगी छात्रा और उसकी दो सहेलियों द्वारा लगाए गए नस्लीय टिप्पणी के आरोपों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब यूपी के गोरखपुर शहर में उत्तर-पूर्व भारत की एक मेडिकल छात्रा बदसलूकी की घटना सामने आ गई है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि शहर के ओरियन मॉल से बाहर निकलने के दौरान उसके साथ ‘बैड टच’ और दुर्व्यवहार की यह घटना हुई। घटना 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। छात्रा ने नस्लीय टिप्प्णी किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। एम्स गोरखपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही इस छात्रा ने आरोप लगाया है कि घटना उस वक्त हुई जब वह मॉल से बाहर निकल रही थी। छात्रा के अनुसार तीन युवकों ने उसका पीछा करते हुए नस्लीय टिप्पणी की और गाली-गलौज की। डॉक्टर उत्तर-पूर्व भारत की रहने वाली हैं। मॉल से लेकर एम्स गोरखपुर के गेट नंबर दो तक, लगभग डेढ़ किलोमीटर तक तीनों उनके पीछे-पीछे चलते रहे। आरोप है कि गेट नंबर दो के पास सेना शिविर के पास एक युवक ने शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और डॉक्टर के साथ ‘बैड टच’ किया। इस मामले को लेकर नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया है। पोस्ट में इसे गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न का मामला बताया गया है। नाफोर्ड क्या है नाफोर्ड का फुल फार्म नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स है। यह संगठन मुख्यत:रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। यह संगठन रेजिडेंट डॉक्टरों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है। इस मामले में नाफोर्ड ने कहा है कि रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकें। संगठन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी से इनकार कर रही पुलिस गोरखपुर में पुलिस तक अभी यह मामला नहीं पहुंचा है। कैंट और एम्स थाना पुलिस ने ऐसे किसी मामले की औपचारिक जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में क्या हुआ है? रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियां एक फ्लैट के चौथे फ्लोर पर किराए पर रहती हैं। 20 फरवरी की दोपहर वे अपने फ्लैट में एसी लगवा रही थीं। इस दौरान ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। ड्रिलिंग के दौरान गलती से थोड़ा मलबा और धूल नीचे के फ्लोर पर गिर गई। इससे नाराज नीचे के फ्लैट में रहने वाला दंपती ऊपर पहुंचा और आपत्ति जताई। आरोप है कि इस दौरान पति-पत्नी ने युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके उत्तर-पूर्वी मूल को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।  

मुख्यमंत्री ने रखा नए उत्तर प्रदेश का विजन, प्रस्तुत की विरासत और विकास के संगम की पूरी तस्वीर

  नौ वर्षों में तीन गुना हुई अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विस्तार हुआ मजबूत मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को दिया निवेश, पर्यटन और साझेदारी का खुला निमंत्रण सिंगापुर, सिंगापुर में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, वही आज विकास, निवेश, आस्था, औद्योगिक प्रगति और वैश्विक विश्वास का केंद्र बन चुका है। अब वह दंगों वाला यूपी नहीं है। अब उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा, अब उत्तर प्रदेश में सब चंगा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नए उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर, विरासत और विकास के संगम तथा कानून-व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन को विस्तार से रखा। इस दौरान सीएम योगी ने उपस्थित सभी लोगों को आगामी होली पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। विरासत और विकास का अद्भुत संगम बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश आज जिस परिवर्तन का साक्षी है, वह बीते नौ वर्षों की प्रतिबद्धता, सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने स्मरण कराया कि कभी दंगे, असुरक्षा और अराजकता जिसकी पहचान बन गए थे, वही प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीनी धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उत्तर प्रदेश ने ‘विरासत और विकास’ का संतुलित और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक मर्यादा और आत्मगौरव का प्रतीक है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हमारी शाश्वत परंपरा को आधुनिक स्वरूप में स्थापित करता है, जबकि मथुरा-वृंदावन की पावन भूमि भारत की भक्ति और अध्यात्म की जीवंत अभिव्यक्ति है। समरसता का साक्षात दृश्य महाकुंभ में देखने को मिलता है, जहां करोड़ों श्रद्धालु संगम में एक साथ आस्था की डुबकी लगाते हैं, न कोई बड़ा, न छोटा। सब एक स्वर में ‘हर-हर गंगे’ का उद्घोष करते हैं। यही भारत की आत्मा है और यही उसकी शक्ति। 9 वर्ष में तीन गुना हुई यूपी की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच और रणनीतिक क्रियान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बीते नौ वर्षों में तीन गुना हुई है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। क्लस्टर आधारित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही हैं। आज भारत में बनने वाले मोबाइल फोन का लगभग 55 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का करीब 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। अब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक शांतिपूर्वक विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेश, पर्यटन और औद्योगिक साझेदारी के लिए सभी को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए और अधिक संभावनाओं से भरा है। भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के किसी भी कोने में रह रहा भारतीय समुदाय अपनी मातृभूमि के प्रति जो अटूट लगाव और आत्मीयता रखता है, वह हम सभी को भारत के विकास में योगदान देने के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के उत्साह और समर्पण के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें इतनी गहरी हैं कि हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं। वर्षों पूर्व एक ऋषि ने कहा था, “दुर्लभं भारते जन्म, मानुषं तत्र दुर्लभम्” अर्थात भारत की पवित्र भूमि पर जन्म लेना ही दुर्लभ है और उसमें भी मनुष्य के रूप में जन्म लेना अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय होना चाहिए कि उसके पूर्वजों की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और वही जड़ें आज भी उसे मातृभूमि के प्रति आकर्षित करती हैं। ग्लोबल विलेज की अवधारणा भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” के रूप में दी मुख्यमंत्री ने कहा कि माता और मातृभूमि का ऋण जीवनभर बना रहता है। भारतीय संस्कृति हमें यह सिखाती है कि जिस धरती पर हम रहें, उसके प्रति पूर्ण कृतज्ञता और दायित्वबोध के साथ कार्य करें। यही भारतीय संस्कार हैं। उन्होंने सनातन परंपरा के सार्वभौमिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश दिया। यह धरती एक परिवार है। आज ‘ग्लोबल विलेज’ की जो अवधारणा दुनिया में प्रचलित है, उसका मूल भाव भारत ने हजारों वर्ष पहले स्थापित कर दिया था। एक परिवार की तरह विविधता में एकता, भिन्नताओं के बावजूद समान सम्मान और सामूहिक प्रगति, यही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” इसी भारतीय चिंतन की आधुनिक अभिव्यक्ति है। विकास तभी संभव है जब सामूहिकता और कृतज्ञता का भाव साथ हो। प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है और उसी सहभागिता से नया भारत आगे बढ़ रहा है। जल्द ही भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर अपनी शक्ति और क्षमता का परिचय दे रहा है। शीघ्र ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। यह केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प है। डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे अभूतपूर्व हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लेकर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को स्वीकार किया। विश्व के विकसित देशों ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा 140 करोड़ देशवासियों और वैश्विक समुदाय के हित में उठाए जा रहे कदमों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और एसीएस फाइनेंस दीपक कुमार, … Read more

निवेश के मोर्चे पर यूपी को बढ़त: योगी सरकार ने सिंगापुर में किए 6,650 करोड़ के समझौते, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे का आगाज प्रदेश के लिए बड़ी निवेश उपलब्धि के साथ हुआ। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपए के तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है। सीएम योगी ने निवेशकों के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचे और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग और त्वरित स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। साथ ही डेटा सेंटर परियोजना के लिए समूह को लखनऊ आने का आमंत्रण भी दिया गया। अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहले एमओयू के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना के 2027 तक शुरू होने की योजना है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को वैश्विक स्तर की पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना के अंतर्गत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वर्ष 2027 में शुरू होने वाली यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और निर्यात क्षमता को नई गति देगी। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरे एमओयू के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसे वर्ष 2028 तक शुरू करने की योजना है। यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये समझौते उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने, शहरी विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम उपलब्धि माने जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।  

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के पहले दिन यूपी को मिली बड़ी निवेश सफलता, लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित

निवेश के साथ कौशल विकास को भी मिला वैश्विक सहयोग, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप, गोल्डन स्टेट कैपिटल, पीआईडीजी और एवीपीएन ने जताई निवेश के लिए प्रतिबद्धता आईटीईईएस के साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा सहयोग को लेकर हुआ समझौता सिंगापुर/लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश को निवेश और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त हुईं। आधिकारिक बैठकों और निवेशकों के साथ संवाद के बीच कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। पहले दिन कुल 19,877 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों के समक्ष स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हस्ताक्षरित किए गए समझौता ज्ञापनों में एक बड़ा प्रस्ताव यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप की ओर से आया, जिसने ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की। यह परियोजना राज्य को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसी तरह, प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (पीआईडीजी) ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और कृषि सह सोलर (एग्री-पीवी) परियोजनाओं में 2,500 करोड़ रुपये निवेश का समझौता ज्ञापन किया। इसके अतिरिक्त एवीपीएन लिमिटेड ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इन पहलों से उत्तर प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री की सिंगापुर विजिट के पहले दिन निवेश के साथ-साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) को सुदृढ़ करने के लिए आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत आईटीईईएस शैक्षणिक विकास, बुनियादी ढांचे के उन्नयन, नेतृत्व और क्षमता निर्माण, आईएसक्यू प्रमाणन तथा क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में परामर्श और तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की कौशल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण दुर्घटना: लखनऊ में बस पलटने से मचा हड़कंप, कई घायल

लखनऊ पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा डबल डेकर बस सोमवार को दिन में करीब 3.30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पलट गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हैं। गोसाईगंज के खेमा खेड़ा गांव के पास बस अनियंत्रित होकर पलटने का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि ड्राइवर को नींद आ जाने से हादसा हुआ है। राहगीरों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची गोसाईगंज पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है। टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। तीन बच्चों सहित पांच की मौत मौके पर पहुंचे पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दक्षिण निपुण अग्रवाल ने बताया कि हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई हैं। मृतकों में एक महिला एक पुरुष व तीन बच्चे शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए पीजीआइ और केजीएमयू भेजा गया है। हादसे में मृतकों के साथ ही घायलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे हैं। दोनों अफसर पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ घायलों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

ग्रीन इन्वेस्टमेंट को लेकर सीएम योगी की सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) के निदेशक के साथ सफल बैठक

  स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क और क्लाइमेट फाइनेंस पर रहा सीएम का फोकस कौशल विकास और रोजगार सृजन के साथ सतत विकास मॉडल को बढ़ावा सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए ₹8000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित और सतत निवेश (ग्रीन एंड सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट्स) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ। भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा संचालित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग का दिया आश्वासन

ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर परियोजनाओं में होगा निवेश, 20 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र, कानपुर-लखनऊ हाईवे और नोएडा/ग्रेटर नोएडा में विकसित होंगी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं सिंगापुर/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी सफलता मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने प्रदेश में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये निवेश ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में होंगे। इन तीनों परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक रोजगार भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे से अवगत कराया। समूह को डेटा सेंटर स्थापना के लिए लखनऊ आने का आमंत्रण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये तीन एमओयू प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, शहरी विकास को नई दिशा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं। इन सेक्टर्स में हुए एमओयू अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके धरातल पर उतरने के साथ ही लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस परियोजना को 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह परियोजना जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान देगी। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास से संबंधित है। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7,500 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसको भी 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह लॉजिस्टिक्स पार्क प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरी परियोजना के तहत नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। एमओयू के अनुसार प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 में शुरू करने की योजना है। यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

सिंगापुर में CM योगी ने दिग्गज उद्योगपति से की मुलाकात, निवेश को लेकर की महत्वपूर्ण बातचीत

लखनऊ /सिंगापुर     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर पहुंचते ही वहां के दिग्गज उद्योगपति टेमासेक के चेयरमैन टीओ ची हियान और उनकी टीम से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना था. टेमासेक के चेयरमैन से चर्चा के दौरान सीएम ने यूपी में संप्रभु निवेश भागीदारी पर बात की, जिसमें डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, रिन्यूएबल एनर्जी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जैसे क्षेत्र शामिल हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य के मजबूत नीतिगत ढांचे और फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी. ये बैठक वैश्विक निवेशकों को यूपी की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. योगी आदित्यनाथ ने अपनी इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज सिंगापुर में टेमासेक के चेयरमैन तेओ ची हीन और उनकी टीम के साथ उत्पादक बैठक हुई. उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में संप्रभु निवेश भागीदारी के अवसरों पर चर्चा हुई. वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य की नीति ढांचे और फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस पर प्रकाश डाला.' इसके अलावा योगी ने सिंगापुर में जीआईसी के सीईओ लिम चो किआट और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर,  लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल पार्क और शहरी विकास परियोजनाओं जैसी दीर्घकालिक संस्थागत निवेश के मौकों का पता लगाया गया है.  साथ ही सीएम ने यूपी में जीआईसी की मौजूदा साझेदारियों का भी जमकर सराहना की, जिसमें गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना में आईआरबी के साथ साझेदारी और राज्य में ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है. सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं जो 22 से 24 फरवरी तक चलेगी. इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक सहयोग को गहरा करना हैं. योगी सिंगापुर में दिग्गज उद्योगपतियों के अलावा सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे.