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आत्मनिर्भर भारत की मिसाल: सीएम योगी ने अयोध्या और सोनभद्र का जिक्र किया

सीएम योगी ने बताया, अयोध्या व सोनभद्र में लोग कैसे बन रहे आत्मनिर्भर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अयोध्या व सोनभद्र का उदाहरण साझा करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं सिर्फ सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि भोजन के लिए राशन कार्ड, रोजगार के लिए मिशन रोजगार, स्ट्रीट वेंडरों के लिए पीएम स्वनिधि, परंपरागत कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना लागू की गई है। युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए पीएम स्टार्टअप इंडिया और पीएम स्टैंडअप इंडिया योजनाओं से जोड़ा गया है। नौकरी व स्वरोजगार के योग्य युवाओं के लिए पीएम कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीएम योगी ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए बताया कि एक अनुसूचित जाति परिवार ने अपना घर बनाने के लिए पूंजी जुटाई। तभी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से अपना घर मिल गया, जिसके बाद परिवार ने बची हुई पूंजी से ई-रिक्शा खरीदा। आज उनके परिवार का बेटा रोज करीब एक हजार रुपये कमा रहा है और पूरा परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। वहीं सोनभद्र में आवास मिलने के बाद एक महिला लाभार्थी ने बचे हुए पैसे से डेयरी शुरू की। अतिरिक्त आय का साधन बनाया और पति के साथ मिलकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे संपूर्ण आत्मनिर्भरता का लक्ष्य पूरा हो रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार के संकल्प से हर जरूरतमंद के सिर पर पक्की छत और हर युवा के हाथ में रोजगार सुनिश्चित हो रहा है। उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

हर बेघर को पक्की छत मिलने तक जारी रहेगा अभियान : मनोहर लाल

केंद्रीय मंत्री खट्टर बोले, योगी ने यूपी को दी नई पहचान हर बेघर को पक्की छत मिलने तक जारी रहेगा अभियान : मनोहर लाल लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दो लाख से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित किए जाने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने इसे गरीब व मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। श्री खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने आवास, नल, शौचालय, गैस, बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के साथ एक नई पहचान बनाई है। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जब तक हर बेघर परिवार को पक्की छत नहीं मिल जाती, सरकार का यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को एक नई पहचान दी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों लोगों का घर का सपना साकार हुआ है। आवास योजना की बड़ी उपलब्धि यह रही कि अधिकतर मकान महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए गए, जिससे महिलाओं को सशक्त व स्वतंत्र पहचान मिली। पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में बदल रही प्रदेश की तस्वीर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'स्वच्छ भारत से विकसित भारत' की यात्रा में नगरीय निकायों की भूमिका सबसे अहम है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ का देश में तीसरा स्थान आना, गाजियाबाद का दुनिया के शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में शामिल होना और कई नगरों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना प्रदेश की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। कूड़े के पहाड़ हटाकर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और शिवालिक पार्क जैसे मॉडल प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इन जिलों को मिला पीएम आवास योजना का सबसे ज्यादा लाभ  गाजियाबाद के 8,937, बदायूं के 4,521, बिजनौर के 5,581, बरेली के 8,693, अलीगढ़ के 5,382, आगरा के 3,828, फर्रुखाबाद के 3,236, बुलंदशहर के 3,567, देवरिया के 4,142, अयोध्या के 4,697, गोरखपुर के 7,142, कुशीनगर के 6,231, लखीमपुर खीरी के 5,100, लखनऊ के 8,568, महाराजगंज के 4,053, मथुरा के 4,366, मऊ के 3,494, मिर्जापुर के 2,027, मुरादाबाद के 3,827, प्रतापगढ़ के 7,214, प्रयागराज के 5,023, उन्नाव के 3,140 तथा वाराणसी के 3,294 लाभार्थियों के खातों में आज पहली किस्त की धनराशि अंतरित की गई है।

सीएम ने अभिभावक की तरह समझाया पैसे का उपयोग, कहा – बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना

सीएम ने अभिभावक की तरह समझाया पैसे का उपयोग, कहा – बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना मुख्यमंत्री का सीधा संवाद बना लाभार्थियों की प्रसन्नता का साक्षी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दो लाख से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित किए जाने के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया। प्रदेश के मुखिया से सीधा संवाद करने पर इन लाभार्थियों ने प्रसन्नता के साथ सीएम का आभार भी जताया। वाराणसी की माधुरी देवी ने बताया कि कच्चे मकान से पक्के घर की ओर बढ़ते कदम से उनका परिवार बेहद खुश है। मुख्यमंत्री ने उनसे पहली किस्त की राशि का सदुपयोग करने और प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र लिखने का आग्रह किया। अयोध्या की रमावती देवी ने भी वर्षों पुरानी पक्के घर की इच्छा पूरी होने पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। अलीगढ़ की पूनम चौधरी ने कहा कि मोदी–योगी सरकार ने उनका वर्षों का सपना साकार कर दिया है। उन्होंने शहरों में हो रहे विकास कार्यों की सराहना भी की। लखीमपुर खीरी के थारू समुदाय से हीरालाल ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी दी और समुदाय की ओर से धन्यवाद पत्र लिखने की बात कही। गोरखपुर व चित्रकूट की महिला लाभार्थियों ने भी आवास मिलने को जीवन का बड़ा बदलाव बताते हुए खुशी साझा की। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि आवास की राशि का उपयोग केवल घर निर्माण में करें, साथ ही बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें और योजनाओं का पूरा लाभ लें। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और आत्मीयता ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरक बना दिया। सीएम ने लाभार्थियों को वितरित किए आवास स्वीकृति पत्र कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए। इनमें लखनऊ की आशा देवी, स्नेह तिवारी, मीरा व हसीबुन, उन्नाव की पिंकी राठौर, सीतापुर की माया देवी, रायबरेली की गीता पाल, हरदोई की राम बेटी तथा लखीमपुर खीरी की राम सहेली शामिल रहीं। सभी लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री की आत्मीयता के लिए उनका आभार जताया।

औद्योगिक इकाइयों की आवश्यक्ताओं के अनुरूप तैयार करें ट्रेंड मैनपॉवरः मुख्यमंत्री

यह समय उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए गोल्डन टाइमः मुख्यमंत्री    मुख्यमंत्री जी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत इंडिया चिप प्रा. लि., एसेंट सर्किट प्रा. लि., अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को औद्योगिक इकाई व बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए प्रदान किया भूमि आवंटन पत्र औद्योगिक इकाइयों की आवश्यक्ताओं के अनुरूप तैयार करें ट्रेंड मैनपॉवरः मुख्यमंत्री   निवेश संबंधी कार्यों को तेज गति, समयबद्ध व पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाएं सभी डवलपमेंट अथॉरिटीः मुख्यमंत्री बेहतरीन कानून व्यवस्था, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, सुशासन का लाभ उठाएं निवेशकः मुख्यमंत्री    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत इंडिया चिप प्रा. लि., एसेंट सर्किट प्रा. लि., अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को औद्योगिक इकाई व बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए रविवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। निवेशकों ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। सरकार व प्राधिकरण की ओर से हरसंभव सहयोग प्राप्त हो रहा है। अन्य प्रदेशों की अपेक्षा यूपी में सबसे तेज गति से विकास कार्यों को बढ़ाया जा रहा है।  मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए धन्यवाद देते हुए उद्यमियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि विगत साढ़े 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीति स्थिरता, सुशासन और त्वरित कार्य निष्पादन के माध्यम से अभूतपूर्व औद्योगिक परिवर्तन किया है। आज उत्तर प्रदेश संभावनाओं से आगे बढ़कर ‘परिणामों’ का प्रतीक बन चुका है। यह समय उत्तर प्रदेश में निवेश का गोल्डन टाइम है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘उद्योग प्रथम, निवेश प्रथम’ दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए स्थिर, सुरक्षित व विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 45 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। जल्द ही पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव जमीन पर उतारे जाएंगे।  मजबूत सुरक्षा व कानून व्यवस्था के कारण यूपी में निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन कनेक्टिविटी है। यहां देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क स्थापित है। सिक्सलेन, फोरलेन की इंटर स्टेट कनेक्टिविटी विकसित की गई है। हर जनपद मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ा गया है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक शहरों में मेट्रो का संचालन कर रहा है। दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल संचालित की जा रही है।  उत्तर प्रदेश शीघ्र ही जेवर में अपना पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा प्रारंभ करने जा रहा है। यह यात्री परिवहन के साथ ही कार्गो परिवहन के संचालन का भी बड़ा केंद्र होगा।  प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। निवेशकों की सहायता के लिए 118 उद्यमी मित्र कार्य कर रहे हैं। इंसेंटिव वितरण की कार्रवाई भी समयबद्ध ढंग से बढ़ रही है। विगत वर्षों में तेज निर्णय, सुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली से यीडा निवेश के बेहतरीन सर्किट के रूप में विकसित हुआ है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण/उत्पादन में निजी क्षेत्रों द्वारा कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें एचसीएल फॉक्सकॉम-इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड, एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड जैसे निजी क्षेत्रों द्वारा निवेश कार्य को बढ़ाया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।   प्रदेश में आई.टी. एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की संभावनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। इसमें अंबर इंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा निवेश महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश में बनने वाले कुल मोबाइल का 55 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है।    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध कराना होगा। इस दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण सक्रिय ढंग से कार्य को आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रम सुधार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।  मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला भूमि आवंटन पत्र मुख्यमंत्री जी के हाथों चार कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र मिला। मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को यीडा में 48 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड-एचसीएल फॉक्सकॉम का संयुक्त उपक्रम है। इस कंपनी द्वारा सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन किया जायेगा। इस उपक्रम से 3706.15 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।  एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-10 में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी द्वारा 3250 करोड़ का निवेश हो रहा है। जो फ्लेक्सिबल पीसीबी, सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का उत्पादन करेगी।  अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। कंपनी द्वारा 3532 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इससे 1500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह कंपनी कॉपर क्लेड लेमिनेट्स, पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज आदि का उत्पादन करेगी।  बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इनके द्वारा 532.18 करोड़ का किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई पहली किस्त

दो लाख से अधिक परिवारों का साकार होगा अपने घर का सपना: सीएम योगी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई पहली किस्त यूपी सरकार ने पौने नौ वर्षों में बनाया रिकॉर्ड, 62 लाख परिवारों को मिला अपना घर आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे यूपी आगे बढ़ा : सीएम योगी किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न होने का सख्त निर्देश लखनऊ  प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 2 लाख 9 हजार 421 स्वीकृत लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित की। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने इसे गरीब, मध्यम वर्ग और शहरी जरूरतमंदों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निकाय में नोडल अधिकारी तैनात कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो, निर्माण सामग्री समय पर और उचित दर पर मिले तथा किस्तें समयबद्ध जारी हों। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एक क्रांति लेकर आया है। लोग अब स्वच्छता से रहने लगे हैं। सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे उत्तर प्रदेश आगे बढ़ गया। आज 2,094 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। प्रथम किस्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये मिलेंगे। 75 प्रतिशत निर्माण पूरा होने पर दूसरी किस्त एक लाख रुपये और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल ढाई लाख रुपये की सहायता मिलेगी। पीएम मोदी को लिखें धन्यवाद पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में अब तक चार करोड़ लोग मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की पावन त्रिवेणी में स्नान कर चुके होंगे। इसके साथ अयोध्या, काशी और गढ़मुक्तेश्वर जैसे तीर्थों पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। ऐसे पावन अवसर पर आवास योजना की पहली किस्त मिलना लाभार्थियों के लिए विशेष सौगात है। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए उनसे प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र लिखने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण पूरा कर प्रदेश को अधिक सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पक्के घर का सपना साकार मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वाधिक लाभार्थी वाले जनपदों में गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, प्रयागराज, अयोध्या और महाराजगंज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 60 लाख से अधिक परिवारों को आवास का लाभ दिया गया था और आज 2 लाख से अधिक परिवारों के जुड़ने के साथ यह संख्या 62 लाख पहुंच गई है। आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व का परिणाम है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 17 लाख 66 हजार शहरी परिवारों को आवास दिया गया और आज यह संख्या बढ़कर 19 लाख 75 हजार हो चुकी है। आवास केवल छत नहीं, बल्कि स्वावलंबन की नींव है। आवास के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने अयोध्या व सोनभद्र के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आवास मिलने के बाद परिवारों ने ई-रिक्शा, डेयरी जैसे कार्य शुरू कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की। पीएम मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं प्रदान कर दी हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम बचपन से सुनते हुए आए हैं – रोटी, कपड़ा और मकान। पीएम मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं प्रदान कर दी हैं। रोटी के लिए राशन कार्ड, कपड़े के लिए हर गरीब को रोजगार से जोड़ा जा रहा और मकान के लिए पीएम आवास योजना है। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, राज्य मंत्री राकेश कुमार राठौर, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, राज्यसभा सदस्य संजय सेठ, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और लाभार्थी उपस्थित रहे।

दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से सस्ती व स्वदेशी ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर होगा फोकस

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन हाइड्रोजन में टेक्नोलॉजी लीडर बनने की ओर उत्तर प्रदेश दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से सस्ती व स्वदेशी ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर होगा फोकस 50 करोड़ रुपये तक की शत प्रतिशत सरकारी सहायता से हाई एंड रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा ग्रीन हाइड्रोजन स्टार्टअप्स को 5 वर्षों तक 25 लाख रुपये की सालाना फंडिंग रिसर्च व स्टार्टअप्स से ग्रीन जॉब्स और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में यूपी की बढ़त लखनऊ उतर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी के अंतर्गत शोध (रिसर्च), नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नयी धार देने जा रही है। इस रणनीति के तहत प्रदेश में दो सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किये जायेंगे और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े स्टार्टअप्स को 05 सालों तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रीन हाइड्रोजन की लागत घटाकर उत्तर प्रदेश को देश की ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाया जाए।  योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किये जाएंगे, जिनका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी तकनीक विकसित करना और लागत को न्यूनतम करना है। दोनों सेंटर देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। इसमें होने वाले शोध कार्यों का उद्देश्य प्रत्यक्ष रूप से इंडस्ट्री की मांग और आवश्यकताओं के अनुरूप दक्षता विकसित करना होगा। सरकार की ओर से इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की सौ प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे अत्याधुनिक लैब और परीक्षण सुविधाएं विकसित की जा सकें।  वर्ष 2070 तक देश को नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश बड़ी और प्रभावी भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का निर्माण केंद्र बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ाता जा रहा है। गोरखपुर जिले में प्रदेश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जा चुका है। अनुमान है कि इस प्लांट के माध्यम से 500 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर उत्तर प्रदेश में कई योजनाएं पाइपलाइन में हैं। इसी सोच के साथ ग्रीन हाइड्रोजन नीति में स्टार्टअप्स के लिए भी बड़ा प्रोत्साहन रखा गया है। उन्हें 5 साल तक, हर साल अधिकतम 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। शर्त यह है कि ये स्टार्टअप्स किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान के इनक्यूबेटर से जुड़े हों। इससे जहां एक ओर युवाओं को शोध आधारित उद्यमिता का अवसर  मिलेगा, वहीं उद्योग को नई तकनीक सुलभ होंगी।

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अयोध्या में सरयू नदी पर फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का चल रहा निर्माण

अयोध्या को होली तक मिलेगा फ्लोटिंग पब्लिक बाथ कुंड का तोहफा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अयोध्या में सरयू नदी पर फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का चल रहा निर्माण -25×15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर में विकसित होगा स्नान कुंड परिसर -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन में अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा धार्मिक पर्यटन को नई ऊँचाई देने का प्रयास साढ़े तीन करोड़ का है प्रोजेक्ट, श्रद्धालु व पर्यटकों के लिए दो भव्य स्नान कुंड रहेंगे -पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए परिसर में 7 दुकानों की भी व्यवस्था अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में विश्व प्रसिद्ध अयोध्या अब धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक और अनोखी पहल की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के तहत अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सरयू नदी पर आधुनिक फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का निर्माण करा रहा है। उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने बताया कि संभवतः फरवरी तक इसकी सौगात मिल जाएगी। लगभग होला तक इसके संचालित होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपए है। यह परियोजना धार्मिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक स्नान की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे अयोध्या का पर्यटन और भी आकर्षक बनेगा। श्री जैन ने बताया कि लिटमस मरीन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड फ्लोटिंग बाथिंग कुंड का निर्माण कर रही है। आधुनिक स्ट्रक्चर पर आधारित है फ्लोटिंग कुंड यह फ्लोटिंग स्नान कुंड 25 मीटर × 15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर आधारित होगा, जो पोंटून और उच्च-शक्ति वाले फाइबर सामग्री से निर्मित होगा। यह संरचना नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के अनुसार स्वचालित रूप से समायोजित हो सकेगी, जिससे हर मौसम में स्थिरता बनी रहेगी।  दो स्नान कुंड, दस चेंजिंग रूम परिसर में दो भव्य स्नान कुंड बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक का आकार 15 मीटर × 4 मीटर। इनमें से एक पुरुषों के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए होगा, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें दस चेंजिंग रूम होंगे। पांच महिलाओं व पांच पुरुषों के लिए रहेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर सेफ्टी बैरियर, रेलिंग, सोलर लाइट, बेंच और इमरजेंसी सपोर्ट बोट की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 7 दुकानें भी स्थापित की जाएंगी, जहां स्थानीय उत्पाद, पूजा सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी। विदेशी पर्यटकों के लिए भी रहेगा आकर्षण सरयू नदी में स्नान हिंदू परंपरा का अभिन्न अंग है। रामायण काल से ही इस नदी को पवित्र माना जाता है और यहां स्नान करने से पापों का नाश होता है। राम मंदिर के बाद लाखों-करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। फ्लोटिंग बाथिंग कुंड जैसी आधुनिक सुविधा से न केवल देशी पर्यटक, बल्कि विदेशी पर्यटक भी आकर्षित होंगे। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नदी की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर देती है, क्योंकि फ्लोटिंग संरचना से घाटों पर कचरा फैलने की संभावना कम होगी।

‘जनता दर्शन’ में आई महिला ने मुख्यमंत्री को सुनाया दुखड़ा, पुलिस आयुक्त को तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश

जनता दर्शन; बेघर की गई सीमा को मिला न्याय का भरोसा 'जनता दर्शन' में आई महिला ने मुख्यमंत्री को सुनाया दुखड़ा, पुलिस आयुक्त को तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश  दो साल की मासूम अनन्या से सीएम का संवाद देखकर लोग हुए भाव-विभोर  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए हर फरियादी की समस्या सुनी और निराकरण के लिए अफसरों को निर्देश दिया। इस दौरान लखनऊ निवासी महिला सीमा ने मुख्यमंत्री से आर्थिक विपन्नता का जिक्र किया और पति द्वारा घर से निकाले जाने  की शिकायत की। आग्रह किया कि उन्हें घर में रहने की जगह दिलाई जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त को तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  लखनऊ निवासी सीमा अपनी दो बच्चियों को लेकर  सोमवार को 'जनता दर्शन' में पहुंची। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि ससुर का निधन हो गया है। पति व ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया। दो छोटी बच्चियों को लेकर वह भटक रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से उन्हें वापस ससुराल में भिजवाने तथा वहां रहने देने के लिए गुहार लगाई। महिला ने बच्चों के लालन-पालन के लिए आर्थिक सहायता की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्त को मामले में तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  जब 'बाबा' बन गए मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में अपने माता-पिता के साथ आए सभी बच्चों को चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा। इस दौरान मां सीमा के साथ दो साल की नन्ही अनन्या भी आई थी। मुख्यमंत्री ने उसे भी चॉकलेट दी और दुलार किया। चॉकलेट पाकर बच्ची खिलखिला उठी। जब मुख्यमंत्री ने उससे चॉकलेट मांगी तो उसने बड़ी मासूमियत से चॉकलेट वापस सीएम की तरफ बढ़ा दी। यह देखकर मुख्यमंत्री का बालप्रेम उमड़ पड़ा। इस दौरान नन्ही बच्ची की भाव भंगिमा और मुख्यमंत्री का संवाद देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भाव-विभोर हो गया। पुलिस, आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण भी आए 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिस, बिजली विभाग के साथ ही आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी से मिलकर उनका प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर प्रकरण की जांच कराकर फरियादियों की समस्याओं को हल कराएं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आए फरियादियों से अस्पताल से एस्टिमेट मंगाने को कहा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार हर सुख दुःख में प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। सरकार आपकी हर उचित समस्या का निदान कराएगी।

प्रतीक ने सोशल मीडिया पर खोली दिल की बात: अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान

 लखनऊ अपर्णा यादव से अखिलेश के भाई प्रतीक यादव तलाक लेंगे. इसको लेकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि स्वार्थी महिला ने मेरा परिवार बर्बाद कर दिया. इसने मेरी दिमागी हालत भी खराब कर दी है. हालांकि, तलाक की खबरों पर अभी अपर्णा यादव का कोई बयान नहीं आया है. साथ ही प्रतीक की तरफ से भी अभी मीडिया में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया गया है.  प्रतीक ने सोशल मीडिया पर लिखी ये पोस्ट अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव अपनी पत्नी को तलाक देने जा रहे हैं. उन्होंने अपर्णा को परिवार तोड़ने वाला बताया है. प्रतीक यादव ने लिखा कि मैं जल्द से जल्द इस मतलबी औरत को तलाक देने जा रहा हूं. उसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए. वह बस मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है. अभी, मेरी मानसिक हालत बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि उसे सिर्फ़ अपनी ही चिंता है. मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी, और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की. आपको बता दें कि प्रतीक रीयल स्टेट कारोबार से जुड़े हैं. जबकि अपर्णा भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ीं हैंं. प्रतीक यादव से शादी के बाद अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन दाम थाम लिया था. दोनों मुलायम परिवार से अलग रहते हैं.  अपर्णा यादव से जुड़े लोगों ने क्या कहा? इस मामले में अपर्णा यादव से जुड़े लोगों की तरफ से आज तक को बताया गया है कि प्रतीक का आईडी हैक हो गया है. जिसकी वजह से वह पोस्ट में बदलाव भी नहीं कर पा रहे हैं. जल्दी ही उनकी तरफ से स्टेटमेंट जारी किया जाएगा. कौन हैं अपर्णा यादव? अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की सबसे छोटी बहू हैं व उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जानी-मानी हस्ती हैं. राजनीति से परे वह एक प्रशिक्षित क्लासिकल और सेमी-क्लासिकल सिंगर हैं. उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से पढ़ाई की है. उन्हें अपने सामाजिक कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र से सराहना मिली है. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन्स और पॉलिटिक्स में पोस्टग्रेजुएशन भी किया है.  कौन हैं प्रतीक यादव? प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं. प्रतीक हमेशा एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर रहे हैं. वह मुख्य रूप से बिज़नेस करते हैं और अपनी हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर अपनी लग्ज़री कारों के कलेक्शन की वजह से सुर्खियों में रहते हैं, उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं. प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी भी है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी, गंगा स्नान को लेकर नहीं माने

प्रयागराज  यूपी के प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन दूसरे दिन भी जारी है. वह रविवार दोपहर से ही अपने शिविर में अनशन पर बैठे हुए हैं और लगातार प्रशासन से गंगा स्नान को लेकर अपनी मांग पर अड़े हैं. शंकराचार्य की मांग है कि पुलिस और प्रशासन उन्हें पूरे प्रोटोकॉल के साथ संगम नोज तक ले जाकर गंगा स्नान कराए. इसी मुद्दे को लेकर आज दोपहर 12 बजे वह अपने शिविर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे. दरअसल, मौनी अमावस्या के दिन पालकी और अपने शिष्यों व भक्तों के साथ संगम में स्नान की अनुमति न मिलने पर विवाद हुआ था. इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी. संगम नोज पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य को सीमित संख्या में पैदल जाकर स्नान करने का विकल्प दिया था, लेकिन वह इस पर राज़ी नहीं हुए. उनका कहना था कि उन्हें पूरे सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ संगम ले जाया जाए, जो भीड़ की वजह से संभव नहीं बताया गया. इसके बाद शंकराचार्य को वापस लौटा दिया गया, तभी से वह माघ मेले में गंगा नदी के उस पार सेक्टर-4, त्रिवेणी रोड स्थित अपने शिविर में अनशन पर बैठे हैं. दूसरी ओर, प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा है कि वे सभी साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन किसी को भी अव्यवस्था फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती. प्रशासन के मुताबिक, बीते दिन करीब 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था, ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है. वहीं, देश के कई साधु-संतों ने भी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस कदम की आलोचना की है. उनका कहना है कि यह कुंभ नहीं है, जहां अमृत स्नान के लिए विशेष प्रोटोकॉल दिया जाए. जब संगम पर इतनी भारी भीड़ हो, तो किसी को भी विशेष सुविधा की मांग नहीं करनी चाहिए और सिंहासन या शिष्यों के साथ स्नान के लिए जाना उचित नहीं है.