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योगी आदित्यनाथ से “क्या चाहिए?” पर बच्चे का जवाब था “चिप्स”, हर कोई हंसी रोक न सका

गोरखपुर  मकर संक्रांति पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में सुबह चार बजे उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं से मिले. जब वो बैठे थे तो एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाया और स्नेहपूर्वक उसके सिर पर हाथ फेरा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सहज भाव से उससे पूछा क्या चाहिए? बच्चा पहले कुछ नहीं बोला. योगी जी ने दो-तीन बार बड़े ही अपनत्व से पूछा, तब जाकर बच्चे ने मुख्यमंत्री के कान में धीरे से कुछ कहा. पहले तो मुख्यमंत्री समझ नहीं पाए कि बच्चा क्या कह रहा है. जैसे ही बात स्पष्ट हुई कि बच्चे ने चिप्स मांगे हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिलखिलाकर हंस पड़े. उनका यह ठहाका देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे. इसके बाद तत्काल बच्चे के लिए चिप्स मंगवाकर उसे दिया गया. गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य: मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र स्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं. गुरुवार को गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातः चार बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला. सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं मकर संक्रांति के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सूर्य उपासना को विशेष स्थान दिया गया है. मकर संक्रांति का पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत प्रशस्त माना जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 राशियों में विभाजित है. एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है. जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो वह मकर संक्रांति कहलाती है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और अगले छह महीने तक मिथुन राशि तक उत्तरायण रहते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तरायण काल में दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं. यह समय ऊर्जा, जीवन और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. सूर्य के प्रकाश का मानव जीवन में कितना महत्व है, इसका अनुमान भारत की ऋषि परंपरा और पर्व-त्योहारों से लगाया जा सकता है. देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जहां लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं, वहीं प्रयागराज में भी संगम तट पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में कल्पवासी और संतजन अपनी साधना में लीन हैं. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. यह दृश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं. मकर संक्रांति का संदेश है ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होना.

पीसी के दौरान शॉर्ट सर्किट, मची अफरातफरी; मायावती को तुरंत सुरक्षा में निकाला गया बाहर

लखनऊ राजधानी लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन के मौके पर बड़ा हादसा टल गया। मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान ही अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। बिजली को बोर्ड से चिंगारी के साथ ही धुआं निकलने लगा। घटना उस वक्त हुई जब मायावती की प्रेसवार्ता समाप्त होने ही वाली थी। देखते ही देखते पूरे हॉल में धुआं भर गया। इससे वहां मौजूद पत्रकारों और नेताओं में हड़कंप मच गया।   तत्परता से टला बड़ा हादसा प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, बिजली के बोर्ड से चिंगारियां निकलने लगीं और धुएं का गुबार छा गया। हालांकि, मायावती की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने गजब की फुर्ती दिखाई। खतरे को भांपते हुए सुरक्षा घेरे ने तत्काल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को लेकर सुरक्षित तरीके से हॉल से बाहर निकाला और उनके आवास की ओर ले गए। अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा। अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा पर उठे सवाल? बसपा प्रमुख की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की तकनीकी खामी पर सवाल उठने लगे हैं। जन्मदिन के बड़े आयोजन और मीडिया के भारी जमावड़े के बीच हुए इस शॉर्ट सर्किट ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और तकनीकी टीम सर्किट की जांच कर रही है।  

शिवावतार महायोगी से मुख्यमंत्री ने की नागरिकों के सुखमय जीवन की मंगलकामना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी शिवावतार महायोगी से मुख्यमंत्री ने की नागरिकों के सुखमय जीवन की मंगलकामना मकर संक्रांति-खिचड़ी पर्व पर सीएम योगी ने दीं सभी नागरिकों को शुभकामनाएं गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने लाखों की संख्या में आए श्रद्धालु गोरखपुर  मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने शिवावतार महायोगी से लोकमंगल तथा सभी नागरिकों के सुखमय-समृद्धमय जीवन की प्रार्थना की। महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर जाकर आस्था को नमन कर रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। लाखों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में आस्था की पवित्र डुबकी भी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिलसिला लगातार आज गुरुवार को भी जारी है। बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य सीएम योगी ने कहा कि आज गुरुवार को गोरखपुर में भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन पंक्ति में लगकर श्रद्धापूर्वक खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा संपन्न होने के उपरांत भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आए हुए हैं। जगत की आत्मा हैं सूर्यदेव मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्व और त्योहारों की परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं। जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व, हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्ति तिथि माना जाता है। आज के बाद सनातन धर्म की परंपरा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि सूर्य का जो अयन वृत्त है, ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार वह 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है और जब धनु राशि से मकर राशि में भगवान सूर्य का संक्रमण होता है तो यह मकर संक्रांति कहलाता है। मकर राशि से अगले छह माह तक यानी मिथुन राशि तक सूर्य भगवान उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण का जो समय होता है, उसमें दिन बड़े और रात्रि छोटी होती है। जीवंतता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परंपरा ने इसे कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगाया जा सकता है।  अलग-अलग नाम व रूपों में मकर संक्रांति के आयोजन देश के सभी हिस्सों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जो देश के अंदर पूरब, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण, सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम व रूप में आयोजित होता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में मकर संक्रांति का आयोजन बड़ी श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है। सीएम योगी ने किया देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग धर्मस्थलों पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि एक तरफ गोरखपुर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। वहीं, प्रयागराज में लाखों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, पूज्य संतजन न केवल अपनी साधना में रत हैं, अपितु भगवान वेणीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सानिध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

14 जनवरी के स्नान पर्व में 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान – ऋषिराज, माघ मेला अधिकारी

षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार 14 जनवरी के स्नान पर्व में 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान – ऋषिराज, माघ मेला अधिकारी श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी, निगरानी के लिए पहली बार तीन कंट्रोल सेंटर रोडवेज की तरफ से 1800 बसों का संचालन, एक्शन में क्यूआरटी टीमें मेला प्रशासन के साथ रेलवे का समन्वय, आवागमन के लिए रेलवे की 8 रिंग रेल सेवा व 16 ट्रेनों के ठहराव का विस्तार, 1.20 लाख क्षमता के 18 यात्री आश्रय स्थल तैयार प्रयागराज  प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा बड़ा स्नान पर्व 'मकर संक्रांति' माघ मेला प्रशासन की दृष्टि में भले ही 15  जनवरी को है, लेकिन 14 जनवरी को संगम के विभिन्न घाटों में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। बुधवार को षटतिला एकादशी और अपराह्न बाद मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त शुरू हो जाने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भोर से ही घाटों पर पहुंचने लगे। मेला अधिकारी ऋषिराज के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक ही श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख पहुंच गई। परंपरागत रूप में 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मानकर पुण्य की डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा बुधवार शाम तक ही 85 लाख को पार कर चुका था। व्यवस्था और जनसुविधाओं का किया गया विस्तार माघ मेला क्षेत्र में आ रही श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते पहले से सजग मेला प्रशासन ने भी अपनी जन सुविधाओं का विस्तार कर दिया है। मेला अधिकारी प्रयागराज के मुताबिक, श्रद्धालुओं के लिए 24 स्नान घाटों का निर्माण किया गया है। घाटों की लंबाई  बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। महाकुंभ में घाटों के किनारे ड्रेजिंग से भी एरिया में बढ़ोतरी हुई है। घाटों के किनारे महिलाओं के लिए 1200 से अधिक चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। पहली बार पक्के घाटों के पास कैनोपी आकार के अस्थायी फोल्ड करने वाले चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की नियमित रूप से निगरानी के लिए तीन कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। इनमें एक आई ट्रिपल सी में, दूसरा पुलिस लाइन में और तीसरा जिला कलेक्ट्रेट में है।  सुगम आवागमन और भीड़ प्रबंधन के लिए एक्शन मोड में रोडवेज और रेलवे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए रोडवेज और रेलवे दोनों मेला प्रशासन के साथ रणनीति बनाकर कार्य कर रहे हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि रोडवेज की 1800 बसें इसके लिए तैयार हैं। रोडवेज की क्यूआरटी टीमें भी हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।  रेलवे की तरफ से रिंग रेल सेवा के अंतर्गत 8 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो पूरी मेला अवधि तक होगा। श्रद्धालु यात्रियों की अतिरिक्त सुविधा के लिए 16 ट्रेनों का 02 मिनट का अतिरिक्त अस्थायी ठहराव प्रयागराज रामबाग एवं झूसी स्टेशनों पर दिया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशन में एंट्री पॉइंट्स में एकल व्यवस्था रखी गई है। जंक्शन रेलवे स्टेशन में 18 यात्री आश्रय बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 1.20 लाख यात्रियों की है। रेलवे स्टेशन परिसर में 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

देश में अग्रणी राज्यों में, उत्तर प्रदेश में 2316 ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग में यूपी की मजबूत छलांग, हरित परिवहन में निर्णायक कदम देश में अग्रणी राज्यों में, उत्तर प्रदेश में 2316 ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना योगी सरकार की नीति से पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक अवसर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रहा है। देश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना के विकास और विस्तार के बीच उत्तर प्रदेश अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। प्रदेश में पिछले पांच सालों में 2,316  इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक विकास को दर्शानें के साथ-साथ योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों का भी स्पष्ट प्रमाण हैं। याहवी ग्रुप के सीईओ संदीप यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को स्थापित करने की दिशा में तेजी आगे बढ़ रहा है। याहवी ग्रुप की ओर से उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन में ईवी चार्जिंग स्टेशन (ट्रकों के लिए)  स्थापित किये गए हैं।   चार्जिंग नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की मजबूत हिस्सेदारी देश भर में स्थापित कुल 29,151 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों में उत्तर प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश में स्थापित 2,316 चार्जिंग स्टेशनों में 540 फास्ट चार्जर और 1,776 स्लो चार्जर शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार ने शहरी और अर्ध शहरी दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया है। लखनऊ,  नोएडा,  ग्रेटर नोएडा,  गाजियाबाद,  कानपुर, वाराणसी,  प्रयागराज और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में ईवी चार्जिंग सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। योगी सरकार की स्पष्ट नीति और विजन उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता में सम्मिलित है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए निजी कंपनियों और निवेशकों को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है।  पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का संतुलन योगी सरकार का फोकस विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी है। इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और घनी आबादी वाले प्रदेश में यह पहल वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होने से अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय केंद्र सरकार की फेम-1 और फेम-2 योजनाओं के अंतर्गत देश भर में 9,576 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिला है। इसके अतिरिक्त पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ईवी चार्जिंग विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  भविष्य की दिशा और तैयारी विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ साल में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेज वृद्धि होगी। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार एक्सप्रेस-वे,  औद्योगिक क्षेत्रों,  बस अड्डों,  रेलवे स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

प्रयागराज में मातम: तालाब में नहाते समय चार बच्चों की डूबकर जान गई

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में कोहराम मच गया। पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के कुसुआ गांव में स्थित एक तालाब में डूबने से चार किशोरों की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुरामुफ्ती थाने के अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर तालाब पर नहाने आए थे। इस दौरान वे चारों डूब गए। सभी के शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। इनमें तीन नाबालिग बच्चे और एक युवक शामिल थे। पूरे मामले की जांच की जा रही है। गांव के लोगों ने आशंका जताई है कि खेलते-खेलते वे तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और एक के बाद एक डूबते चले गए। तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पल मिलने से इस बात को बल मिला है कि वे वहीं आसपास मौजूद थे। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद तालाब में उतराकर खोजबीन की गई और चारों के शव बरामद हुए। उधर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुरामुफ्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला तालाब में डूबने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

माघ मेला अग्निकांड: पूजा के समय आश्रम में आग, आधा दर्जन टेंट राख, दमकलकर्मी घायल

प्रयागराज प्रयागराज में चल रहे आस्था के महापर्व माघ मेला क्षेत्र में बुधवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सेक्टर-4 स्थित तुलसी मार्ग पर 'बड़े ब्रह्म छोटे ब्रह्म आश्रम' में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आश्रम के करीब आधा दर्जन टेंट जलकर राख हो गए। पूजा के दौरान हुआ हादसा आश्रम के संचालक कमलेश्वर नाथ पांडेय ने बताया कि घटना के समय आश्रम में दर्जन भर से अधिक श्रद्धालु और कल्पवासी मौजूद थे, जो सांध्यकालीन पूजा में मग्न थे। इसी बीच टेंट के पिछले हिस्से से चिंगारी भड़की और आग तेजी से फैल गई। श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से बालू और पानी फेंककर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें बेकाबू थीं। इस अग्निकांड में टेंट में रखी गृहस्थी के सामान के साथ ₹20,000 की नकदी भी जल गई।   दमकल कर्मियों की बहादुरी आश्रम के पास ही स्थित कल्पवासी फायर स्टेशन के कर्मियों ने जैसे ही धुआं देखा, वे तुरंत हरकत में आ गए। आकाश कुमार और उनके सहयोगी फायरमैनों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। करीब दर्जन भर फायर टेंडर और एंबुलेंस को भी तैनात किया गया। आग बुझाने के दौरान तीन फायर कर्मी – मिलन सिंह, अमरजीत और अमृत यादव के हाथ झुलस गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल विभाग की तत्परता से आग को अन्य शिविरों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

योगी सरकार की नीतियों का बड़ा असर, भू-आबद्ध राज्यों में मिला प्रथम स्थान

निर्यात नीति, ओडीओपी, ट्रेड शो और अवसंरचना सुधारों ने बदली तस्वीर योगी सरकार के प्रयासों से बढ़ी निर्यात तत्परता लखनऊ,  उत्तर प्रदेश आज न केवल तेजी से उभरता निर्यातक राज्य बन रहा है, बल्कि निर्यात को रोजगार, निवेश, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। इसका ताजा उदाहरण नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 (Export Preparedness Index—EPI 2024) की रैंकिंग है। बुधवार को जारी इस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए ओवरऑल चौथा स्थान तथा भू-आबद्ध (LANDLOCKED) राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ओवरऑल सातवें स्थान पर और भू-आबद्ध राज्यों में दूसरे स्थान पर था। केवल दो वर्षों में यह बड़ी छलांग राज्य के निर्यात क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों और योगी आदित्यनाथ सरकार की निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। योगी सरकार की नीतियों ने दी निर्यात को नई रफ्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, विविध उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और कारोबारी माहौल को सुगम बनाने पर विशेष बल दिया गया। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, रोड-कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहल निर्यात तत्परता को गति देने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। सरकार द्वारा माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कुरियर एवं एयर-फ्रेट व्यय तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाओं ने निर्यातकों का लागत बोझ कम किया है और उन्हें वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया है। इंटरनेशनल ट्रेड शो ने खोले वैश्विक बाजारों के दरवाजे पिछले तीन वर्षों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने राज्य के निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म का कार्य किया है। इसके माध्यम से यूपी के एमएसएमई और पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बायर्स से सीधा संपर्क मिला, जिससे नए बाजारों में प्रवेश और निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि दर्ज की गई। इससे प्रदेश के हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य-प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा और एग्री-बेस्ड उत्पादों को नई पहचान मिली है। चार स्तंभों और 70 संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन नीति आयोग ने EPI-2024 रैंकिंग तैयार करते समय चार प्रमुख स्तंभ—निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन के साथ 13 उप-स्तंभों के 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया। इन विभिन्न मानकों पर उत्तर प्रदेश ने व्यापक सुधार दर्ज कराए हैं। निर्यात पोर्टफोलियो का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच, लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम का विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने यूपी की स्थिति को मजबूत किया है। भू-आबद्ध राज्य होते हुए भी विशेष उपलब्धि रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य रहे हैं, जबकि समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का चौथे स्थान तक पहुंचना एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। समुद्री तट न होने के कारण उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को बंदरगाहों तक माल पहुंचाने में अधिक समय और लागत वहन करनी पड़ती है। इसके बावजूद राज्य का ओवरऑल चौथे स्थान तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधार, नीति समर्थन और सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने निर्यातकों को वास्तविक लाभ पहुंचाया है।

कल मकर संक्रांति, आज से ही गोरखनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था; खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे हजारों भक्त

गोरखपुर मकर संक्रांति 2026 को लेकर लोगों में भ्रम था कि इसे 14 जनवरी को मनाया जाए या फिर 15 जनवरी को। ज्योतिषाचार्यों ने भ्रम की इस स्थिति को खत्म करते हुए बता दिया है कि सूर्य 14 जनवरी यानी आज रात 9 बजकर 35 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार संक्रांति का पर्व उदया तिथि के आधार पर यानी अगले दिन 15 जनवरी को मान्य होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में होने वाला सार्वजनिक अवकाश भी 14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी कर दिया है। लेकिन इस बीच 14 जनवरी को तड़के चार बजे गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पर सदियों पुरानी परंपरा जीवंत हो गई। ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं ने बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करनी शुरू कर दी। एक दिन पहले मंगलवार से ही बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए थे।   सुबह चार बजे से आठ बजे तक खिचड़ी चढ़ाने वालों की भारी भीड़ रही। इस दौरान मुख्य रूप से वे श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, जो पहले से गोरखनाथ मंदिर परिसर में मौजूद थे। सुबह आठ बजे के बाद कुछ समय के लिए भीड़ में कमी आई, लेकिन दस बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या एक बार फिर तेजी से बढ़ गई। दरअसल, इस समय ट्रेन और अन्य साधनों से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन लगातार अनाउंसमेंट करता रहा। श्रद्धालु सिंह द्वार पर खिचड़ी स्वरूप चावल अर्पित कर दर्शन के लिए आगे बढ़ते दिखे। भीड़ अधिक होने के कारण एक बार में 70 से 80 श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। फिलहाल पुरुष श्रद्धालुओं की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है। गोरक्षपीठाधीश्वर कल तड़के चढ़ाएंगे खिचड़ी इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ रही है। ऐसे में गुरुवार को विशेष उत्साह देखने को मिलेगा, जब तड़के सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर समिति श्रद्धालुओं से अपील कर रही है कि खिचड़ी इधर-उधर न फेंकें। खिचड़ी अर्पित करने के बाद श्रद्धालु उत्तरी द्वार से बाहर निकलकर हनुमान मंदिर के पास से होते हुए पूरे परिसर का भ्रमण कर रहे हैं।  

मिशन क्लीन यूपी: 282 वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों से साकार होगी कचरे से कंचन की अवधारणा

103 यूनिटें बनकर तैयार, 132 इकाइयां निर्माणाधीन, शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा स्थापित 304 विकास खंडों में शुरू हुआ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, 515 विकास खंड नगरीय एमआरएफ से आच्छादित प्लास्टिक मुक्त यूपी की ओर बड़ा कदम, जमीन पर उतर रहा योगी सरकार का मेगा प्लान लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। मिशन क्लीन यूपी के तहत प्रदेश में कुल 282 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस मेगा प्लान के जरिए यूपी को प्लास्टिक कचरे से मुक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है।प्रदेश में अब तक 103 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 132 यूनिटों का काम तेजी से निर्माणाधीन है। शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा। इन यूनिटों के जरिए प्लास्टिक कचरे का संग्रहण, छंटाई और वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता को भी नई मजबूती मिलेगी और कचरे से कंचन की अवधारणा साकार होगी। प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार के इस अभियान के तहत 304 विकास खंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था शुरू हो चुकी है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में 515 विकास खंड नगरीय मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) से आच्छादित किए जा चुके हैं। इसका सीधा असर यह होगा कि प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। सभी विकास खंडों में होगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी विकास खंडों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय निकायों तक एकीकृत मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ स्वच्छता अभियान को गति देगी, बल्कि प्रदेश को प्लास्टिक से मुक्ति भी देगी। स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में मिलेगी नई पहचान पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों के माध्यम से जहां एक ओर पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी सरकार का यह मेगा प्लान उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में एक नई पहचान दिलाने जा रहा है।