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मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं तथा युवक व महिला मंगल दल को प्रदान किया राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड

लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का संदेशः मुख्यमंत्री ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सीएम ने स्वामी विवेकानंद व माता जीजाबाई को किया नमन मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं तथा युवक व महिला मंगल दल को प्रदान किया राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड  'महाभारत के रिश्ते' अब वसूली के लिए निकलेंगे तो जेल जाएंगेः योगी  स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड के लिए अगली बार से खेल, पर्यावरण व जल संरक्षण पर रहेगा अधिक जोरः सीएम  जुलाई-2026 में फिर होगा 35 करोड़ पौधरोपणः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। उन्होंने भारत व भारतीयता को नई पहचान दिलाई। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा आगे बढ़ने के साथ ही हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन करती है। सीएम ने नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की उनकी यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ‘उठो-जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को जीवन का मंत्र बनाया था। उनका संदेश था- जब तक लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता नहीं होगी, तब तक सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। इस भाव को आत्मसात करने वाले को सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। सीएम ने युवाओं से कहा कि इच्छाशक्ति और संकल्प हो तो बदलाव के वाहक बन सकते हैं। लीक से हटकर चलने की प्रेरणा हमें आगे बढ़ाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में उक्त विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी व लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल व तीन महिला मंगल दल को स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। सीएम ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को गढ़ने वाली जीजाबाई मां साहिब की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया।  भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने में युवा संन्यासी की महती भूमिका सीएम योगी ने कहा कि सुप्त चेतना के कारण जो भारत आत्मबोध लगभग खो चुका था,  स्वामी विवेकानंद उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। उस समय मुठ्ठी भर विदेशी आक्रांता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए। चंद लोग भारत को लूट रहे थे। यहां की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को अपमानित किया जा रहा था, उस कालखंड में सुप्त चेतना को जागृत करने व भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने के लिए युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने महती भूमिका का निर्वहन किया था।  मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है  सीएम योगी ने कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास बुद्धि, वैभव व बल था, लेकिन हमने जबरन अपनी बात नहीं थोपी, क्योंकि जब भी पीड़ित मानवता भारत की तरफ आई है तो भारत ने उसे शरण, संरक्षण व संवर्धन दिया है। मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं। यह उद्घोष राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला था। भारत में हर हिंदू का संस्कार है कि वह इसे जीवन का मंत्र बनाए।  स्वामी विवेकानंद के विश्वास को मूर्त रूप लेते देख रहे  सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि भारत युवा शक्ति, आध्यात्मिक चेतना के बल पर खुद को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। हम आज उसे मूर्त रूप लेते देख रहे हैं। 1947 में आजादी के एक दिन पहले देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम हर भारतीय को आहत कर रहा था। हर भारतीय आजादी का उत्सव नहीं मना पाया, लेकिन जब देश आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग आत्मिक व अंतःकरण से आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े। जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ सके, वे 'हर घर तिरंगा' का हिस्सा बनकर आगे बढ़े। पीएम मोदी ने 2022 में विकसित भारत का विजन देते हुए स्पष्ट किया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर कैसा भारत चाहिए।  दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए  सीएम मोदी ने कहा कि जिस भारत की कोई सुनता नहीं था, आज उस भारत के बिना दुनिया का काम नहीं चलता। यह भारत की ताकत व सामर्थ्य है। आज मोदी जी बोलते हैं तो दुनिया उनका अनुसरण करती है। दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए। मोदी जी पर इस विश्वास की प्रतीक भारत की युवा शक्ति है। सीएम योगी ने युवा शक्ति से विकसित 2047 के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।  सीएम ने युवक व महिला मंगल दल से व्यक्त की अपनी अपेक्षा  सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के समक्ष दो अपेक्षाएं रखीं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, विकास खंड में मिनी स्टेडियम व हर जनपद में बड़े स्टेडियम के लिए कार्य हो रहा है। युवक व महिला मंगल दल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएं और अभियान का हिस्सा बनें। ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाएं, फिर ब्लॉक, जनपद, मंडल व प्रदेश स्तर पर प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें, जिससे हर स्तर पर अच्छी टीमें तैयार होंगी। इससे नए युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन 'खेलोगे तो खिलोगे' का जिक्र किया और बताया कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद स्पर्धा, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग, विधायक खेलकूद स्पर्धा चल रही है। युवा खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ेंगे तो टीमवर्क से गांव के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। कहा, नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा, आप गोपनीय सूचना दें, सरकार नशा कारोबारी की संपत्ति जब्त करेगी। नशा युवा पीढ़ी, समाज व राष्ट्र को खोखला बना देता है, इसलिए उसके खिलाफ प्रहार की आवश्यकता है। … Read more

एआई का प्रयोग हमें रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना है – मुख्यमंत्री

तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, तभी विकास समावेशी बनता है – सीएम योगी आदित्यनाथ एआई का प्रयोग हमें रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना है – मुख्यमंत्री यूपी एआई मिशन के तहत लागू होंगे 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम – सीएम योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी बनेगा उत्तर प्रदेश – मुख्यमंत्री लखनऊ में ‘एआई इन ट्रांसफॉर्मिंग हेल्थकेयर’ कॉन्फ्रेंस का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज शासन को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। लखनऊ में ‘एआई इन ट्रांसफॉर्मिंग हेल्थकेयर’ विषय पर दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, नीति जब नवाचार से संचालित होती है और शासन जब विश्वास पर आधारित होता है, तभी विकास समावेशी बनता है और भविष्य सुरक्षित होता है। उन्होंने बताया कि यूपी एआई मिशन के तहत प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग से स्वास्थ्य नीतियों को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। एआई के उपयोग से महामारियों, वेक्टर जनित रोगों के संबंध में डेटा कलेक्शन और उसके फीडबैक से बेहतर निर्णय, बेहतर नीति और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं। हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी उन्नयन और नई तकनीक के प्रयोग को प्रोत्साहित करती रही है। इस क्रम में प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गौतम बुद्ध नगर में एआई एंड इनोवेशन आधारित उद्यमिता केंद्र, आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में यूपी एआई मिशन के तहत लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे, जो उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमने देश में तकनीक के प्रभाव को जमीनी धरातल पर मूर्त रूप लेते देखा है। उत्तर प्रदेश में भी पिछले आठ वर्षों से हमारी डबल इंजन की सरकार ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से शासन के विजन, नीतियों और वेलफेयर योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। हमने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 80,000 दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लगवाईं। एकसाथ छापेमारी कर वर्ष 2017 से पहले गरीब लोगों के नाम से बनाए गए 30 लाख फर्जी राशन कार्ड बरामद किए और पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ पहुंचाया। आज सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में आम जन की शिकायतें शून्य स्तर पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचा रही है, जिससे योजनाओं का सौ प्रतिशत लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच रहा है। ये सब तकनीक का सही दिशा और विजन के साथ प्रयोग कर संभव हुआ है। प्रदेश की स्वास्थ्य संरचना में हुए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 81 हो चुके हैं, जबकि दो एम्स भी संचालित हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से पहले कई जिलों में आईसीयू की सुविधाएं नहीं थीं। प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट, डायलिसिस, ब्लड बैंक और डिजिटल डायग्नोस्टिक सुविधाओं का अभाव था। लेकिन आज ये सभी सुविधाएं प्रत्येक जनपद में मौजूद हैं। यही नहीं कोविड काल में शुरू किए गए वर्चुअल आईसीयू और टेली मेडिसिन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को भी मिल रहा है। प्रदेश में इंसेफेलाइटिस उन्मूलन को तकनीक, निगरानी और लक्षित प्रशासन की सफलता का उदाहरण बताते हुए कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बीमारी से हर वर्ष 12-15 सौ बच्चों की मृत्यु होती थी, आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मृत्यु शून्य है। इसी प्रकार मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में एआई आधारित टूल्स के माध्यम से रोगियों और जोखिम क्षेत्रों की पहचान, उपचार और निगरानी को प्रभावी बनाया गया है। हमारी सरकार एआई का उपयोग केवल स्वास्थ्य सेवाओं में ही नहीं, आधुनिक पुलिसिंग, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी कर रही है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एआई मानव द्वारा संचालित होना चाहिए, मानव एआई द्वारा संचालित न हो। हमें आने वाले दिनों में इस संतुलन को बनाए रखना भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन व्यावहारिक समाधानों, पायलट परियोजनाओं और समयबद्ध कार्ययोजना की दिशा में सार्थक परिणाम देगा और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तर प्रदेश सरकार में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री अजीत पाल, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल एवं अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा अमित कुमार घोष सहित अनेक विषय विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी योगी सरकार  10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  राष्ट्रीय युवा दिवस पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा राज्य स्तरीय आयोजन  पांच मल्टीपर्पज हॉल का लोकार्पण व तीन ग्रामीण स्टेडियम का शुभारंभ भी करेंगे मुख्यमंत्री लखनऊ योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।    युवा कल्याण विभाग के उपनिदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे। व्यक्तिगत श्रेणी में इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  1-    अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई 2-    महिका खन्ना- शाहजहांपुर 3-    मार्तण्ड राम त्रिपाठी-गोरखपुर 4-    अभिषेक पांडेय- मऊ 5-    संजना सिंह- बरेली 6-    प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर  7-    साक्षी झा- गाजियाबाद 8-    सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर 9-    दिव्यांश टंडन-मेरठ 10-    शिखा सहलोत – गाजियाबाद  चयनित युवक मंगल दल 1-    संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष) 2-    बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष)  3-    शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष)  महिला मंगल दल  1-    बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष)  2-    फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष)  3-    संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं

जनता दर्शन  अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाईः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं  गंभीर बीमारियों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकारः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने बच्चों को किया दुलार, अभिभावकों से कहा- ठंड में बच्चों का रखें विशेष ध्यान  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया और कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।  कानून व राजस्व के प्रकरण में शीघ्रता से निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।   इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकार गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। सीएम ने कहा कि सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।  सीएम योगी ने किया नौनिहालों को दुलार ‘जनता दर्शन’ में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने सीएम योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

यूपी के 25 शहरों में कड़कड़ाती ठंड, जानें कब मिलेगी सर्दी से राहत

लखनऊ यूपी में जनवरी की ठंड इस बार अलग ही रंग दिखा रही है. रातें गलन से कंपा रही हैं, जबकि दिन में खिली चटख धूप लोगों को कुछ घंटों की राहत दे रही है. तापमान के इस उतार-चढ़ाव ने आम जनजीवन को उलझन में डाल दिया है. हालत यह है कि सुबह और रात में लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, जबकि दोपहर होते-होते वही लोग धूप में बैठकर सर्दी से राहत तलाशते नजर आ रहे हैं. राज्य के करीब 25 शहरों में बीती रात गलन ने लोगों की नींद उड़ा दी. ठंडी हवा भले ही तेज नहीं थी, लेकिन नमी और कोहरे के असर से ठंड हड्डियों तक महसूस की गई. खास बात यह रही कि दिन और रात के तापमान में करीब 15 डिग्री तक का अंतर दर्ज किया गया, जिसने मौसम को और ज्यादा असहज बना दिया. पछुआ थमी, धूप बनी राहत मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से पछुआ हवाओं की रफ्तार बेहद कम हो गई. इसी कारण दिन में धूप की तपिश ज्यादा महसूस हुई. सुबह से ही आसमान साफ रहा और चटख धूप निकलते ही लोगों ने राहत की सांस ली. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में लोग सुबह की सर्दी झेलने के बाद दोपहर में पार्कों, छतों और खुले स्थानों पर धूप सेंकते दिखे. दुकानों, दफ्तरों और बाजारों में भी दोपहर के समय रौनक कुछ बढ़ी हुई नजर आई. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया. लखनऊ में अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सर्दी से कुछ देर के लिए राहत जरूर मिली. रात का कहर अब भी जारी हालांकि, यह राहत सिर्फ दिन तक ही सीमित रही. जैसे ही सूरज ढला, गलन ने फिर से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लिया. लखनऊ में रात का न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया. वहीं, प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में मेरठ और बहराइच शामिल रहे. मेरठ में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बहराइच में यह 4.5 डिग्री तक गिर गया. इन जिलों में देर रात और सुबह के समय ठंड इतनी ज्यादा रही कि लोग बिना जरूरत घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए. ग्रामीण इलाकों में गलन का असर और ज्यादा दिखा. खेतों में ओस और नमी के कारण ठंड और तीखी महसूस हुई. सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी.   25 शहरों में ठंड का असर प्रदेश के जिन 25 शहरों में ठंड का असर ज्यादा देखा गया, उनमें लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बहराइच, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, फतेहपुर, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सुल्तानपुर, जौनपुर और बलिया जैसे जिले शामिल हैं. इन सभी इलाकों में रात और सुबह के समय गलन, कोहरा और नमी का असर साफ देखा गया. कई जगहों पर सुबह दृश्यता भी कम रही, जिससे वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतनी पड़ी. राहत अस्थायी, फिर लौटेगा कोहरा मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिन की धूप से मिली राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है. विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में फिर से कोहरे और गलन का सिलसिला तेज हो सकता है. आने वाले दिनों में पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जा सकती है. खासतौर पर रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ेगा. बुजुर्गों और बच्चों के लिए चुनौती तेजी से बदलते इस मौसम का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है. डॉक्टरों के अनुसार दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर होने से सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में सर्दी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. चिकित्सकों की सलाह है कि लोग सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें और दिन में धूप का सही इस्तेमाल करें. अलाव बने सहारा ठंड से बचाव के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलाव जलते नजर आए. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और चौराहों पर लोग अलाव के चारों ओर जमा होकर ठंड से राहत लेते दिखे. नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी कुछ जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन कई इलाकों में लोग अपने स्तर पर ही ठंड से बचाव के उपाय करते नजर आए. कब मिलेगी ठंड से राहत? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक जनवरी के तीसरे सप्ताह के बाद ठंड के तेवर कुछ नरम पड़ सकते हैं. हालांकि, इससे पहले कोहरे और गलन के कई दौर अभी बाकी हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल दिन की धूप को ठंड से राहत मानना ठीक नहीं होगा. यह राहत अस्थायी है और मौसम का मिजाज किसी भी समय बदल सकता है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बदलते मौसम को हल्के में न लें. सुबह और रात के समय सावधानी बरतें, कोहरे में वाहन चलाते वक्त विशेष सतर्कता रखें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें.

कोहरे का कहर: नोएडा में स्कूलों पर लगा ताला, 15 जनवरी तक अवकाश घोषित

नोएडा उत्तर भारत में कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बढ़ती शीतलहर और कम विजिबिलिटी को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा की सरकारों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट आने और घने कोहरे का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश: नोएडा और गाजियाबाद में नए आदेश उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने स्थानीय मौसम की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। नोएडा : उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) जिला प्रशासन ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में आठवीं कक्षा तक के स्कूलों के लिए 15 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। गाजियाबाद: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के प्रशासन ने कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 10 जनवरी 2026 तक बंद रखने का निर्देश दिया था। हालांकि, कड़ाके की ठंड को देखते हुए कई जिलों में इसे 14 जनवरी तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। लखनऊ और आगरा: लखनऊ में कक्षा 8 तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद किए गए हैं, जबकि आगरा में शीतलहर के चलते कक्षा 12 तक के स्कूलों में 12 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। दिल्ली और हरियाणा में 15 जनवरी तक राहत देश की राजधानी दिल्ली में शिक्षा निदेशालय (DoE) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि 2025-26 के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, नर्सरी से लेकर सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। 16 जनवरी से स्कूल सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने भी कड़ाके की ठंड को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में 15 जनवरी तक छुट्टी घोषित की है। पंजाब में 13 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि पंजाब के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों में छुट्टियां 13 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। पंजाब में कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच रही है, जिससे स्कूली बसों और बच्चों के लिए यात्रा करना खतरनाक हो गया था। अब पंजाब में स्कूल 14 जनवरी से खुलेंगे। अभिभावक स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, क्योंकि मौसम के आधार पर छुट्टियों को और बढ़ाया जा सकता है।  

एआई के प्रयोग से यूपी बनेगा हेल्थ व इनोवेश सेक्टर का पावरहाउस

देश-विदेश के विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स और नीति निर्धारक होंगे यूपी एआई हेल्थ कॉन्फ्रेंस में शामिल एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स, टेलीमेडिसिन और स्टार्टअप इनोवेशन बनेंगे सम्मेलन के मुख्य आकर्षण केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अजीत सिंह पाल, मयंकेश्वर शरण सिंह भी रहेंगे उपस्थित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को देश में आधुनिक, सुलभ और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में योगी सरकार एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। सोमवार को लखनऊ में दो दिवसीय 'यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस' प्रारंभ होने जा रहा है, जो राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर आम नागरिक तक बेहतर इलाज पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस सम्मेलन का उद्घाटन सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह उपस्थित रहेंगे। कॉन्फ्रेंस में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। वहीं, नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व बैंक, गेट्स फाउंडेशन, गूगल सहित देश-विदेश के एआई और हेल्थ सेक्टर के विशेषज्ञ सम्मेलन के विभिन्न सेशंस में हिस्सा लेंगे।   उत्तर प्रदेश की प्रगति पर फोकस उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे, मेडिकल एजुकेशन, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उन्हीं नीतियों का विस्तार है, जो “डिजिटल उत्तर प्रदेश” और “स्मार्ट हेल्थ सिस्टम” की परिकल्पना को साकार करती हैं। यह कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एआई आधारित, भविष्य-तैयार और जन-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली को और प्रभावी बनाने में कारगर होगा। कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत सोमवार को पहले दिन उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश में एआई आधारित स्वास्थ्य नवाचार की दिशा और विजन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद होने वाले सत्रों में वैश्विक स्तर पर हेल्थकेयर में एआई के सफल प्रयोगों, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में एआई की भूमिका तथा भारतीय राज्यों में एआई की मौजूदा स्थिति पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, डेटा गवर्नेंस और सुरक्षित एआई अपनाने जैसे विषयों पर मंथन से यह स्पष्ट होगा कि उत्तर प्रदेश किस तरह नीति और तकनीक के संतुलन से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना सकता है। दूसरे दिन के सत्र में इलाज, डायग्नोस्टिक्स और भविष्य की तैयारी पर जोर मंगलवार को सम्मेलन का दूसरा दिन पूरी तरह व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित रहेगा। एआई के माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने, टेलीमेडिसिन और रिमोट केयर को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर विशेष सत्र होंगे। वहीं, रेडियोलॉजी, टीबी स्क्रीनिंग, पैथोलॉजी, कैंसर और स्मार्ट मेडिकल डिवाइसेज में एआई के उपयोग से तेज और सटीक जांच की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। स्टार्टअप पिच सत्र और राज्यों के लिए एआई रोडमैप यह बताएंगे कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं कैसे अधिक किफायती और सुलभ होंगी। सम्मेलन के दौरान इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन में एआई आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस, स्टार्टअप्स और उत्तर प्रदेश में लागू पायलट प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा, जो नीति और तकनीक के बीच सेतु का काम करेगा।

“नव देवियों की शक्ति” : बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित

डीएम बागपत की अनोखी पहल से साकार हो रहा सीएम योगी का विजन बेटियों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक स्वीकृति दिलाना है उद्देश्य लखनऊ, महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए बागपत में शुरू की गई “नव देवियों की शक्ति” पर आधारित 9 योजनाएं चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार यह मॉडल बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है। इसकी सबसे खास बात यह है कि जिलाधिकारी अस्मिता लाल की पहल पर इन कार्यक्रमों में प्रशासन और खाप पंचायतों की साझेदारी दिखाई दे रही है, जो प्रदेश में अपनी तरह का अनोखा प्रयोग है। इनका उद्देश्य बेटियों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक स्वीकृति भी दिलाना है। बागपत में बदला सोचने का ढंग कल्पना कीजिए, एक घर के आंगन में छोटी सी बेटी हंस रही है। पहले जो बेटी चुपचाप रहती थी, आज उसी के नाम की नेम प्लेट घर की दीवार पर चमक रही है। यह सिर्फ एक नेम प्लेट नहीं, बल्कि संदेश है कि “बेटी बोझ नहीं, घर की शान है।” यह परिवर्तन किसी जादू से नहीं आया, बल्कि नवदेवी के नौ मंत्रों से शुरू हुआ, जिन्हें बागपत ने अपनाया और उत्तर प्रदेश के लिए नजीर बना दिया। ये है नवदेवियों की शक्ति और पहल 1. निरा मुहिम : प्लास्टिक वेस्ट में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि निरा योजना के तहत बालिकाओं और महिलाओं को फ्री कॉटन रियूजेबल सेनेट्री पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये पैड दो से ढाई साल तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं और पूरी तरह रीसाइकिल योग्य हैं। इससे बच्चियों और महिलाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। 2. बेटी का नाम घर की शान अभियान इस अनोखी पहल के तहत घरों के बाहर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगाई जा रही हैं। ग्राम प्रधान, कर्मचारियों, मीडिया और आमजन को इस मुहिम से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य पितृसत्तात्मक सोच को बदलना और यह संदेश देना है कि बेटी बोझ नहीं, परिवार की पहचान और गौरव है। 3. मेरी बेटी मेरी कुलदीपक यूपी में अपनी तरह के पहले अभियान के रूप में उन परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है, जिनकी एक या दो बेटियां हैं। बेटियों को उपहार देकर यह संदेश दिया जा रहा है कि अच्छे संस्कार और अवसर मिलें तो बेटियां समाज का उजाला बनती हैं। 4. ‘कन्या जन्मोत्सव’ की भी शुरुआत ‘कन्या जन्मोत्सव’ की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत नवजात के जन्म पर जन्म प्रमाण पत्र, बेबी किट, मोरिंगा (सहजन) का पौधा और एक सुंदर बेबी स्वैडल (लपेटने का कपड़ा) भेंट किया जाएगा। साथ ही, अस्पताल में ही नवजात बालिका को सुमंगला योजना सहित उन सभी सरकारी योजनाओं में तुरंत नामांकित किया जाएगा, जिनकी वह पात्र है, ताकि परिवार के लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। 5. बुनकर महिलाएं : हुनर से आत्मनिर्भरता बुनकर महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। इससे पारंपरिक हुनर को नया बाजार मिल रहा है और महिलाएं स्वयं की पहचान बना रही हैं। इस योजना के अंतर्गत बागपत में बड़े पैमाने पर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 6. सांस अभियान : नवजात शिशुओं की सुरक्षा ‘सांस’ अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नवजात शिशुओं के उपचार में सुधार हुआ है और नवजात मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा रही है। 7. कार्यस्थल पर महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा महिलाओं को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्हें भरोसा दिया जा रहा है कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा का पूरा सम्मान होगा। इसके अलावा बागपत में सार्वजनिक स्थलों पर ‘आंचल’ स्तनपान कक्ष की शुरुआत की गई है। बड़ौत बस डिपो से शुरू हुई यह पहल कामकाजी और शिक्षार्थी महिलाओं को सुविधा और गरिमा देती है, ताकि किसी तरह की बाधा न बने। न संकोच का कारण। 8. किशोरी का पिटारा बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि ‘किशोरी का पिटारा’ नाम से एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य किशोरियों से जुड़े उन संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है, जिनके बारे में वे खुलकर सवाल पूछने में सहज नहीं होतीं। इस पहल के तहत वे अपने सवाल कागज पर लिखकर एक बॉक्स (पिटारा) में डालेंगी। इसके बाद प्रशिक्षित काउंसलर एक-एक पर्ची निकालकर उन सवालों के जवाब वैज्ञानिक तरीके से देंगे। 9. हर बेटी का सम्मान : खाप पंचायतों के साथ सामाजिक क्रांति मिशन शक्ति 5.0 के तहत विशेष संवाद में सभी प्रमुख खाप पंचायतों ने दहेज, ऑनर किलिंग और भ्रूण हत्या के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि बेटियां समाज की असली शक्ति हैं और बागपत अब प्रगति का प्रतीक बनेगा। कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाने और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस निलंबित और अवैध रूप से संचालित मशीनें जब्त की गई हैं। बागपत मॉडल का उद्देश्य बेटियों को केवल संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें समान अवसर, सामाजिक स्वीकृति और आत्मनिर्भरता दिलाना है। ‘नव देवियों की शक्ति’ के नौ मंत्र स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और गरिमा से जुड़े हैं। यह पहल प्रशासन और समाज की साझेदारी से आगे बढ़ रही है, जिसमें खाप पंचायतों की भागीदारी इसे एक मजबूत सामाजिक आंदोलन बनाती है। हमारा संकल्प है कि बेटी को सम्मान, सुरक्षा, पहचान और अवसर, चारो ही स्तरों पर पूरा अधिकार मिले। – अस्मिता लाल, डीएम बागपत

10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

लखनऊ,  योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।    युवा कल्याण विभाग के उपनिदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे। व्यक्तिगत श्रेणी में इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री 1-    अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई 2-    महिका खन्ना- शाहजहांपुर 3-    देवानंद राय- देवरिया 4-    अभिषेक पांडेय- मऊ 5-    संजना सिंह- बरेली 6-    प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर 7-    साक्षी झा- गाजियाबाद 8-    सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर 9-    अवधेश कुमार- लखनऊ 10-    शिखा सहलोद- गाजियाबाद चयनित युवक मंगल दल 1-    संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष) 2-    बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष) 3-    शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष) महिला मंगल दल 1-    बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष) 2-    फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष) 3-    संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का पूरी तरह होगा ऑनलाइन संचालन, फरवरी 2026 तक होगी प्रक्रिया पूरी

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में राजस्व परिषद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। योजना के डिजिटलीकरण की समय सीमा फरवरी 2026 तय की गई है। मुख्य सचिव की बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया के पूरी होने के बाद योजना के संचालन को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। जिससे किसान परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आसानी से घर बैठे मुआवजा मिल सके। साथ ही डिजिटलीकरण से योजना का संचालन और अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। योजना के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया फरवरी 2026 तक होगी पूरी मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पहले भी योजना के लिए आवेदन एनआईसी के वेब पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता था, लेकिन अन्य प्रक्रियाएँ भौतिक सत्यापन के द्वारा पूरी होती थीं। जिससे किसान परिवारों को समस्या का सामना करना पड़ता था। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएँ भी समाप्त हो जाएंगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के अपडेशन का कार्य चल रहा है और इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन हुए स्वीकृत मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में की थी। राजस्व परिषद ने अपनी मण्डलवार रिपोर्ट में बताया कि इस योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा आवेदन लखनऊ मण्डल में 3,569, गोरखपुर मण्डल में 3,143 जबकि अयोध्या और कानपुर मण्डल में क्रमशः 2,491 और 2,436 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। योजना प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है। योजना के तहत किसानों को दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी रूप से दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। राजस्व परिषद की यह डिजिटल पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजना के डिजिटलीकरण से एक ओर घर बैठे आवेदन करने, आवेदन की स्थिति ट्रैक करने और लाभ की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर समय की बचत और योजना के संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।