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राम मंदिर परिसर में सुरक्षा चूक: अयोध्या में नमाज पढ़ते हुए हिरासत में लिया गया कश्मीरी युवक

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कश्मीरी युवक को धार्मिक गतिविधि करते हुए सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया. सूत्रों के अनुसार, युवक ने राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने का प्रयास किया. युवक कश्मीरी वेशभूषा में था. युवक राममंदिर के गेट D1 से घुसा था. पकड़े गए युवक का नाम अब अहमद शेख है. वह कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया. घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए. युवक से पूछताछ की जा रही है और उसके इरादों व पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है. शनिवार सुबह का है मामला यह घटना आज सुबह की बताई जा रही है. हालांकि, इस मामले पर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं राम मंदिर ट्रस्ट ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है. सूत्रों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो. अयोध्या में अब राम मंदिर परिसर के चारों ओर 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन की बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम आस्था और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है. क्या थी शिकायत?  प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के माध्यम से नॉन-वेज भोजन की आपूर्ति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों में बताया गया था कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय लोगों तक मांसाहारी भोजन पहुंचाया जा रहा है. इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया. अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ होटल और होमस्टे में मेहमानों को न केवल मांसाहारी भोजन बल्कि शराब परोसे जाने की सूचनाएं सामने आई थीं. इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही गई है. शराब की दुकानें हो रही संचालित गौरतलब है कि अयोध्या नगर निगम ने अयोध्या–फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर मांस और शराब की बिक्री बंद करने का फैसला लिया था. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब बिक्री पर यह प्रतिबंध अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका है और राम पथ क्षेत्र में कई शराब की दुकानें अब भी संचालित हो रही हैं. इस पर नगर निगम के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मांस की दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है.

यूपी टूरिज्म शुरू करेगा होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजनाओं के लिए जागरूकता अभियान

होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा यूपी टूरिज्म यूपी में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराता है होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना लखनऊ  प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना पर यूपी टूरिज्म प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगा। यह अभियान 14 से 30 जनवरी तक मुख्य रूप से प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों वाले शहरों में चलाया जाएगा, जिसमें योजना के प्रचार-प्रसार के साथ लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कर योग्य आवेदकों को तत्काल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। यह जागरूकता अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन सुविधा के विकास के साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। 14 से 30 जनवरी तक चलेगा प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान अभियान के तहत 14 से 30 जनवरी के बीच जिलों की पर्यटन विभाग की टीमें स्थानीय लोगों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक करेंगी। साथ ही लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कर योग्य आवेदकों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी प्रदान करेंगी। विभाग ने इस अभियान के लिए प्रति जनपद 2 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है, जो जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रचार-प्रसार सामग्री पर खर्च किया जाएगा। यह अभियान राज्य के पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस जागरूकता अभियान का विशेष लाभ उन लोगों को होगा जो योजना में शामिल होना चाहते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में योजना से जुड़ नहीं पा रहे हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा यूपी टूरिज्म की होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना-2025, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार पर्यटकों को बेहतर और सस्ती सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह योजना एक ओर स्थानीय निवासियों को अपने घरों को ही होम स्टे में बदलने और पर्यटकों को घरेलू भोजन, स्थानीय संस्कृति और व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध कराने की सुविधा देती है। साथ ही पर्यटकों को महंगे होटलों के विकल्प में स्थानीय संस्कृति से समृद्ध आवास और खान-पान की सुविधा प्रदान करती है। इससे पर्यटकों को एक अनोखा सांस्कृतिक अनुभव मिलता है, जबकि स्थानीय परिवारों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध होता है। योजना विशेष रूप से पर्यटन की अधिक संभावना वाले जनपदों जैसे मथुरा, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या पर केंद्रित है। यही नहीं, प्रयागराज में महाकुंभ, अयोध्या दीपोत्सव और मथुरा रंगोत्सव जैसे आयोजनों के समय पर्यटन विभाग के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक साबित होती है।

नए भारत की झलक: प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से सामने आई नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से झलकी नए भारत की तस्वीर लखीमपुर खीरी रसोई में गैस सिलेंडर खत्म हो जाना कभी पूरे दिन की परेशानी बन जाया करता था, लेकिन आज वही स्थिति कुछ ही मिनटों में सुलझ जाती है। ऐसा ही एक भावनात्मक अनुभव एक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की साधारण गृहिणी अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे अपने पत्र में साझा किया है, जो बदलते भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। लगभग 42 वर्षीय अरुणा श्री, जिनका विवाह वर्ष 2004 में हुआ, एक सामान्य परिवार से आती हैं। अपने पत्र में उन्होंने 2014 से पहले के समय को याद करते हुए लिखा कि उस दौर में एलपीजी गैस कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतजार, सिफारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता, लेकिन अब उनके पति के एक फोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी के अनुसार, यह भले ही छोटी घटना लगे, लेकिन इसमें आज और 2004 के भारत के बीच का बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। अपने पत्र में उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को लिखा यह पत्र बताता है कि जब नीतियाँ ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ योजनाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में भरोसे और सुकून का रूप ले लेती हैं—और यही विकसित भारत की असली पहचान है।

योगी सरकार की सख्ती, ‘सफेद कोट लव जिहादी’ को किया गिरफ्तार

योगी सरकार की सख्ती से ‘सफेद कोट लव जिहादी’ गिरफ्तार – डॉ रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज पर केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा को शादी का झांसा देकर लंबे समय से दुष्कर्म करने का आरोप  – पीड़िता का गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप – पीड़िता की शिकायत पर चौक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा – चौक पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 50 हजार के इनामी आरोपी रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज को किया गिरफ्तार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस की अवैध धर्मांतरण को लेकर कार्रवाई जारी है। लखनऊ पुलिस ने चिकित्सा की आड़ में अपराध करने वाले ‘सफेद कोट लव जिहादी’ को गिरफ्तार किया है। आरोपी रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता था और उस पर धर्मपरिवर्तन का दबाव भी बना रहा था। योगी सरकार ने फरार आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को पीड़िता की शिकायत पर थाना चौक में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी डॉक्टर रमीज ने शादी का झांसा देकर कई महीनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया और बिना उसकी सहमति से गर्भपात भी कराया। इसके बाद आरोपी पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने एक अन्य मेडिकल छात्रा के साथ भी यही तरीका अपनाया। उसके साथ भी दुष्कर्म किया और जबरन गर्भपात कराया। साथ ही धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई गई। जांच में आरोपी के परिजनों की संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और माता खतीजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों न्यायिक अभिरक्षा में हैं। अन्य सहयोगियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत फरार आरोपी की तलाश तेज की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। थाना चौक और सर्विलांस टीम पश्चिम लखनऊ ने संयुक्त कार्रवाई की। मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सुराग मिलने पर आरोपी डॉ.  रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज  को शुक्रवार दोपहर सिटी स्टेशन लखनऊ गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है। डॉक्टर की पहचान का दुरुपयोग करता था। अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि सफेद कोट की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अशोक लीलैंड के प्लांट से 1000 युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार, 2000 से अधिक को अतिरिक्त आजीविका के अवसर

यूपी में खुल रहे रोजगार के अवसर, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और नौकरी अशोक लीलैंड के प्लांट से 1000 युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार, 2000 से अधिक को अतिरिक्त आजीविका के अवसर प्रतिवर्ष 10,000 युवाओं को स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के लिए जल्द एमओयू भी करेगी कंपनी उत्तर प्रदेश में पौने नौ वर्षों में निवेश के आधार पर प्रदेश सरकार ने दी 60 लाख से अधिक रोजगार की मजबूत गारंटी प्रदेश में अब तक 30,219 फैक्ट्रियां पंजीकृत, 3 करोड़ 63 लाख से अधिक रोजगार सृजित लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में उद्योग और निवेश के बढ़ते माहौल के बीच अशोक लीलैंड के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शुभारंभ राज्य में रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। यह प्लांट न केवल औद्योगिक विकास का प्रतीक है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि इस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं विकसित हुई हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। अशोक लीलैंड के इस प्लांट में सीधे तौर पर 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि इसके साथ जुड़े सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से अतिरिक्त 2000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। यानी कुल मिलाकर यह परियोजना हजारों परिवारों की आजीविका से सीधे जुड़ने जा रही है। इसके साथ ही कंपनी द्वारा प्रदेश सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू करने की तैयारी भी है, जिसके तहत हर वर्ष उत्तर प्रदेश के 10 हजार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा जाएगा। इसका अर्थ है कि केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं को आधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे वे भविष्य के उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के योग्य बन सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना चुका है। राज्य सरकार ने निवेश आधारित रोजगार के माध्यम से 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार की गारंटी दी गई है। यह संकेत है कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर रोजगार के रूप में सामने आ रहा है। श्रम विभाग के ताजा आंकड़े भी इस परिवर्तन की पुष्टि करते हैं। मार्च 2016 से 26 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 30,219 फैक्ट्रियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें 3 करोड़ 63 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इसके अलावा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और अनन्य आर्थिक क्षेत्र में 96 इकाइयां पंजीकृत की गई हैं। साथ ही इन्वेस्ट यूपी के सारथी पोर्टल पर लगभग 23,000 एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनसे लगभग 90 लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है। अशोक लीलैंड का प्लांट इन्हीं एमओयू और ग्राउंडब्रेकिंग परियोजनाओं का साकार रूप है। अशोक लीलैंड का यह प्लांट उत्तर प्रदेश को ऑटोमोबाइल और कमर्शियल वाहन निर्माण का एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। प्लांट के संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान, मशीनरी संचालन, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे। इससे क्षेत्र के छोटे उद्योगों, परिवहन सेवाओं, पार्ट्स निर्माण इकाइयों और मरम्मत सेवाओं को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

यूपी में नकाब-हिजाब, घूंघट पहने ग्राहकों से व्यापार पर रोक, लखनऊ के ज्वेलर्स ने लिया अहम निर्णय

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में नकाब-हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क लगाकर आने वालों से व्यापार नहीं करने की मुहिम तेज हो रही है। झांसी में इसे लेकर ज्वेलर्स ने तो अपनी दुकानों के बाहर पोस्टर तक लगा दिए थे। अब राजधानी लखनऊ में इसी तरह का फैसला लिया गया है। इसे सराफा व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम बताया है। पूरे प्रदेश के व्यापारियों से इस फैसले के पक्ष में एकजुट होने की अपील की गई है। कहा गया है कि चेहरा ढंककर आने वालों से कोई सराफा दुकानदार किसी भी तरह का लेनदेन या व्यापार नहीं करें। लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से इसे लागू करने का फैसला हुआ। इसका उद्देश्य दुकानों में होने वाली लूट, टप्पेबाजी और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया कड़ा फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष और लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। व्यापारियों का तर्क है कि हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके कारण सराफा की दुकानें अपराधियों के निशाने पर हैं। पिछले कुछ समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लूटमार और टप्पेबाजी की ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें अपराधी चेहरा ढंककर आए थे। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। हेलमेट और मास्क पर भी पाबंदी एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल नकाब-हिजाब तक सीमित नहीं है। किसी भी तरीके से चेहरा ढंककर आने वाले पुरुष या महिला ग्राहक, चाहे उन्होंने हेलमेट लगाया हो या मास्क, उन्हें दुकान में प्रवेश देने या व्यापार करने से पहले चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा। मनीष कुमार वर्मा ने व्यापारियों का आह्वान किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर इस नियम को सख्ती से लागू करें ताकि सीसीटीवी कैमरों में हर आने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट हो सके। एसोसिएशन का मानना है कि इस मुहिम से न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि संदिग्ध लोगों की पहचान भी आसान होगी। लखनऊ से शुरू हुई यह मुहिम अब धीरे-धीरे पूरे उत्तर प्रदेश में तेज होने लगी है, जिससे ज्वेलरी मार्केट में सुरक्षा का एक नया प्रोटोकॉल तैयार हो रहा है। अपराधियों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ-साथ उन पुलिस अधिकारियों का उत्साहवर्धन भी किया गया जो व्यापारियों की मदद कर रहे हैं। जानकीपुरम के 60 फिटा रोड स्थित ज्वैलर्स की दुकान से अंगूठी चोरी करने वाले युवक को तत्परता से पकड़ने के लिए जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद तिवारी को सम्मानित किया गया। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय ही अपराधों को रोक सकता है।  

गुरुग्राम में 3 प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण से जाम और गड्ढों की समस्या में होगी कमी

गुरुग्राम  गुरुग्राम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से लोगों को सड़कों पर गड्ढे और जाम से राहत दिलाने के लिए शहर की तीन सड़कों की मरम्मत करने के साथ ही इनकी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबी तीन सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इसका ठेका जारी कर काम शुरू कर दिया गया है, जो एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के गड्ढे भरने के साथ इन्हें चौड़ा किया जाएगा, जिससे कि लोगों को जाम से राहत मिल सके। इन सड़कों पर होगा काम पीडब्ल्यूडी के अनुसार 4.70 किलोमीटर गुरुग्राम-अलवर मार्ग से सोहना होते हुए दौला तक सड़क, 2.79 किलोमीटर सोहना से संपकी-नांगली तक नए सिरे सड़क सुधार होगा। इसके अलावा चार किलोमीटर तक गढ़ी बाजिदपुर से स्कूल तक जाने वाली सड़क निर्माण होगा। इस पर साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। मॉनसून से खराब हुई सड़कों की मरम्मत करना और गड्ढे भरना, यातायात की भीड़ को कम करना। सड़कों का चौड़ीकरण कर आवागमन को सुगम बनाना है। सड़कों पर गड्ढ़ों से वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा इन सड़कों का मरम्मत और निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा। इन सड़कों पर गड्ढे होने के साथ लोग परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय निवासियो ने कहा कि विभाग की ओर से अनदेखी के कारण सड़कों पर गड्ढे होने से हादसे हो रहे हैं। इस कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। प्रदूषण होने से भी लोगों को परेशानी रहती है। चरनदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, ''तीन सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम अलॉट कर दिया गया है। इस साल के अंत तक सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को राहत मिलेगी। इन सड़कों पर जाम से भी राहत मिलेगी।'' दौलताबाद रोड चौड़ा करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से जोड़ रही दौलताबाद रोड (सेक्टर-104 और सेक्टर-105 की विभाजित सड़क) को चौड़ा करने या एलिवेटिड बनाने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। शुक्रवार को शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में बैठक हुई। ढेसी ने अधिकारियों को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन को जोड़ रही सड़कों में सुधार लाने के दिशा-निर्देश जारी किए। मौजूदा समय में दौलताबाद रोड की चौड़ाई 30 मीटर है। इसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने तैयार किया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की तरफ से तैयार गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत इस रोड की चौड़ाई 84 मीटर प्रस्तावित है। मौजूदा रोड के दोनों तरफ घनी आबादी है। सूरत नगर, राजेंद्रा पार्क और लक्ष्मण विहार कॉलोनियां इसके दोनों तरफ विकसित हैं। सड़कों पर खामियां दूर करने के आदेश गुरुग्राम में सड़क सुरक्षा माह जनवरी-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने शहर के व्यस्त आर्टिमिस सिग्नल (रेड लाइट टी-पॉइंट) और आर्टिमिस आंबेडकर चौक का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात बाधाओं को समझा और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रमुख चौराहों और ब्लाइंड स्पॉट्स पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने तकनीकी संसाधनों जैसे सीसीटीवी और अन्य निगरानी प्रणालियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि यातायात निरीक्षक और जोनल अधिकारी सिविल अथॉरिटीज के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं ताकि सड़कों की बनावट या संकेतों से जुड़ी खामियों को तुरंत दूर किया जा सके। डीसीपी ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल चालान काटना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि चालान प्रक्रिया के साथ-साथ वाहन चालकों के साथ जागरुकता गतिविधियों को भी प्रभावी रूप से चलाया जाए।

यूपी में दो मदरसों की मान्यता रद्द, शमशुल हुदा का लंदन से वेतन-पेंशन लेने का मामला सामने

 लखनऊ लंदन में रह रहे मौलाना शमशुल हुदा से जुड़े उत्तर प्रदेश के दो मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है. मदरसा शिक्षा परिषद ने संत कबीर नगर स्थित मदरसा कुलियातुल बनातिर रजबिया और आजमगढ़ के मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत की मान्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है. परिषद का कहना है कि जांच में इन मदरसों के संचालन और फंडिंग से जुड़े गंभीर अनियमित तथ्य सामने आए हैं. जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन दोनों मदरसों से मौलाना शमशुल हुदा का सीधा संबंध रहा है. संत कबीर नगर का मदरसा स्वयं शमशुल हुदा द्वारा संचालित किया जा रहा था. वहीं आजमगढ़ के मदरसे में वह ब्रिटिश नागरिकता लेने के बावजूद लंबे समय तक वेतन और अन्य लाभ लेता रहा. इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश में मदरसों की मान्यता, फंडिंग और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मौलाना शमशुल हुदा वर्ष 2007 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चला गया था और 2013 में उसने ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी. इसके बावजूद वर्ष 2017 तक वह आजमगढ़ के मदरसे में कागजी तौर पर सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत दिखाया गया और उसे नियमित वेतन का भुगतान किया गया. इतना ही नहीं, बाद में पेंशन का भुगतान भी किए जाने के तथ्य सामने आए हैं. शमशुल हुदा के खिलाफ जांच यूपी एटीएस की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी. एटीएस ने अपनी जांच में विदेशी फंडिंग की आशंका जताई थी और संदिग्ध तथा संभावित देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े संपर्कों की ओर इशारा किया था.  इस मामले में धोखाधड़ी, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन और अन्य गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इसी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शमशुल हुदा से जुड़ी फंडिंग की जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मदरसों को मिलने वाले फंड का स्रोत क्या था और क्या इसका इस्तेमाल किसी संदिग्ध गतिविधि में किया गया. मदरसा शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन, गलत दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति और विदेशी नागरिक द्वारा वेतन व पेंशन लेने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी.   

अशोक लीलैंड के नए प्लांट से बढ़ा भरोसा, धरातल पर दिख रहा योगी सरकार के प्रयासों का असर

केंद्र सरकार के “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश नंबर-1, सिंगल विंडो सिस्टम से हो रहा तेज अनुमोदन अनुमतियों की प्रक्रिया सरल, समय सीमा तय होने और ऑनलाइन सिस्टम से निवेशकों को मिली राहत लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किए गए बड़े व्यापारिक और नीतिगत सुधार अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। सरकार ने कारोबार शुरू करने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया, अनुमतियों के लिए तय समय सीमा लागू की और ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया। इन कदमों का नतीजा है कि अब बड़े उद्योग उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुआ। लखनऊ में इस प्लांट के शुभारंभ से न सिर्फ प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी गया है कि उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे भरोसेमंद निवेश स्थलों में शामिल हो चुका है। केंद्र सरकार के “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश में भूमि, भवन, निर्माण, श्रम, पर्यावरण अनुमति और बिजली–पानी जैसे 23 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार किए गए। फ्लेक्सिबल ज़ोनिंग, डिजिटल लैंड यूसेज बदलाव, जीआईएस लैंड बैंक और ऑनलाइन अनुमोदन ने पुरानी जटिलताएं खत्म कर दीं। इसी कारण अब उद्योग अपनी इकाइयां लगाने के लिए उत्तर प्रदेश को तरजीह दे रहे हैं। अशोक लीलैंड का प्लांट इस भरोसे का बड़ा उदाहरण है। इस प्लांट से प्रदेश में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हजारों युवाओं के लिए सीधे और परोक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। साथ ही आसपास के एमएसएमई, छोटे उद्योग और सप्लाई चेन को भी बड़ा लाभ मिलेगा। श्रम सुधार भी इस बदलाव के महत्वपूर्ण कारण हैं। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति, कार्य घंटे में लचीलापन और तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण जैसी सुविधाओं ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाया है। पर्यावरण और अन्य लाइसेंसों की ऑनलाइन प्रक्रिया से अनावश्यक देरी खत्म हुई है। बिजली और पानी के कनेक्शन भी अब जल्दी मिल रहे हैं। इन सभी सुधारों का परिणाम यह है कि निवेश अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर नए कारखानों, उत्पादन और रोजगार के रूप में दिखाई दे रहा है। अशोक लीलैंड का नया प्लांट इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश एक नीति आधारित निवेश गंतव्य बन चुका है, जहां स्थिरता, भरोसा और साफ प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। “उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार अधिनियम, 2025” और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम ने इस व्यवस्था को और मजबूत किया है।

अयोध्या परिक्षेत्र ने फिर मारी बाजी, आईजीआरएस मासिक रैंकिंग में रेंज व सभी पांच जिलों को मिला प्रथम स्थान

  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति पर तेजी से हो रहा है आईजीआरएस पर समाधान अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में पुलिस विभाग की सुदृढ़ व्यवस्था और प्रभावी कार्यप्रणाली से दिव्य और भव्य अयोध्या में एक बार फिर सुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का वातावरण स्थापित होता दिखाई दे रहा है। वहीं प्रदेश पुलिस की जन शिकायत निस्तारण प्रणाली(आईजीआरएस) में एक बार फिर अयोध्या परिक्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन किया हैं। एडीजी/आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार के कुशल निर्देशन और आईजीआरएस टीम की अथक मेहनत से परिक्षेत्र को मासिक रैंकिंग में पुनः प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। सबसे खास बात यह है कि परिक्षेत्र के सभी पांच जिलों अयोध्या, अम्बेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी और सुल्तानपुर को भी अलग-अलग प्रथम रैंक मिली है। यह उपलब्धि पुलिस की जनता के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और जन शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देने के कारण प्रदेश भर में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का तेजी से समाधान हो रहा है। अयोध्या परिक्षेत्र में यह सफलता लगातार टीम वर्क और अधिकारियों की सक्रियता का नतीजा हैं।शिकायतकर्ताओं से संतुष्टि फीडबैक लेने और डिफॉल्ट मामलों को न्यूनतम रखने में टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। एडीजी/आईजी प्रवीण कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता हमारी आईजीआरएस टीम की मेहनत और सभी जिलों के पुलिस कप्तानों व थाना प्रभारियों की समर्पण भावना का परिणाम है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि जनता की हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। हमारा प्रयास रहेगा कि अयोध्या परिक्षेत्र हर महीने इसी तरह अव्वल रहे और जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत हो। पुलिस कर्मियों का मनोबल हुआ ऊंचा इस रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने से परिक्षेत्र के पुलिसकर्मियों का मनोबल ऊंचा हुआ है। जिलों में थानों पर शिकायतों का त्वरित समाधान, फॉलो-अप और शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। रामनगरी अयोध्या सहित पूरे परिक्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के कारण शिकायतों की संख्या अधिक रहती है, फिर भी टीम ने इसे चुनौती बनाकर सफलता हासिल की। यह उपलब्धि अन्य परिक्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनसेवा और पारदर्शिता ही उनकी प्राथमिकता है। आने वाले महीनों में भी इसी प्रदर्शन को बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। रैंकिंग में क्रमवार ऐसे है नाम बाराबंकी अयोध्या अमेठी अम्बेडकरनगर सुल्तानपुर नोट:  सभी ने शत प्रतिशत प्राप्तांक हासिल किए हैं।