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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन

'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की दिशा में बड़ा कदम, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वर्ष 2025-26 में हासिल किये नये मुकाम खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग का लघु-कुटीर उद्योगों के प्रोत्साहन और स्वरोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान     लखनऊ उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और स्वरोजगार के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन कर कौशल विकास और विपणन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। इस वर्ष विभाग ने अधिकांश योजनाओं में लक्ष्य से अधिक उपलब्धियां हासिल की, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 32,384 रोजगार का सृजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने एवं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 में लक्ष्य से अधिक 2,994 ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना हुई और 32,384 रोजगार का सृजन किया गया जबकि इस वर्ष का लक्ष्य 2,482 इकाइयों की स्थापना कर 27,302 रोजगार सृजित करने का ही था। इसी क्रम में  मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत भी प्रदेश में 94 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिसके माध्यम से 2,586 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग का यह प्रयास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना का सफल क्रियान्वयन  पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के तहत प्रदेश की 219 खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं के 66,859 कारीगरों को लाभ पहुंचाया गया। वहीं सूती और ऊनी वस्त्रों के निर्माण को दिए जा रहे प्रोत्साहन के तहत 7,448 कम्बलों का उत्पादन हुआ है। विभाग की यह योजनाएं खादी उत्पादों के विपणन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 1,092 ग्रामोद्योग इकाइयों को लाभान्वित किया गया जो ग्रामीण क्षेत्रों में लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध हुई। निफ्ट के सहयोग से खादी वस्त्रों के शोध, डिजाइन और मानकीकरण में नवाचार खादी वस्त्रों को आधुनिक एवं युवाओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), रायबरेली के सहयोग से खादी वस्त्रों की डिजाइनिंग, कटिंग, सिलाई और पैकेजिंग का प्रशिक्षण देने का अनुबंध किया गया है। इसके तहत पिछले साल 40 युवा कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इस वर्ष इस क्रम में विभाग ने 30 लाख रुपये का प्रावधान किया। विभाग की ओर से खादी उत्पाद के विकास, मानकीकरण एवं गुणवत्ता विनिश्चय अभियान के तहत 59 लाख रुपये की लागत से 245 व्यक्तियों को प्रशिक्षण एवं उपकरण वितरण किया गया। विभाग की कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना के तहत 8,750 लाभार्थियों को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।  मंडल व तहसील स्तर पर खादी उत्पादों की प्रदर्शनियों का आयोजन खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों के प्रचार-प्रसार और उनको जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने 755 लाख रुपये व्यय कर प्रदेश के 18 मंडलों में प्रदर्शनियां और 351 तहसीलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इससे ग्रामीण उद्यमियों की न केवल नए बाजारों तक पहुंच बढ़ी है, उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य, निर्यात और विपणन में अग्रणी लघु एवं कुटीर उद्यमियों एवं संस्थाओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ये उपलब्धियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और सफल नीतियों का परिणाम हैं, जो उनके आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

राम मंदिर में प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति

प्रतिष्ठा द्वादशी पर अयोध्या में भव्य आयोजन, मां अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण और अंगद टीला से राजनाथ सिंह-सीएम योगी का संबोधन अयोध्या रामनगरी अयोध्या भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास से सराबोर है। भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 27 दिसंबर से शुरू हुए पांच दिवसीय महोत्सव का मुख्य समारोह बुधवार को होगा, जिसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस ऐतिहासिक आयोजन में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्राण प्रतिष्ठा मूल रूप से 22 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल द्वादशी तिथि पर संपन्न हुई थी, जिसे हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह तिथि 31 दिसंबर को पड़ रही है। ट्रस्ट के अनुसार, अनुष्ठान जगद्गुरु मध्वाचार्य जी की देखरेख में संपन्न हो रहे हैं। राम मंदिर परिसर में रामचरितमानस के संगीतमय पाठ, रामकथा प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगी हुई है। अंगद टीला पर भव्य पंडाल बनाए गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। वे राम मंदिर परिसर में रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे तथा मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इसके पश्चात वे राम मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। अयोध्या एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष रामनगरी में चारों ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंज रहे हैं। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यह उत्सव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राम मंदिर के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक जागरण को भी रेखांकित करता है।दोनों नेता अंगद टीला पर जनता को संबोधित भी करेंगे।

हंसी के माहौल में राजनीति: सीएम योगी का रवि किशन-संजय निषाद पर हल्का-फुल्का तंज

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ और रविकिशन जब कहीं किसी मंच पर साथ होते हैं तो फिर सीएम, रविकिशन की चुटकी लेने से नहीं चूकते। कुछ ऐसा ही सोमवार को गोरखपुर में हुआ जब सीएम योगी ने एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली। स्पोर्ट्स कॉलेज में संपन्न हुए विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में ठंड में हो रही कुश्ती के बहाने सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद ठंड में बाहर नहीं निकलते हैं। जरूर दोनों कहीं खाने पर मिले होंगे और साथ-साथ यहां आ गए। खेल देखकर इनकी ठंड गायब हो गई। सीएम योगी ने बीच में यह कहकर एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली कि कुश्ती यहां सामने हो रही है और पसीना रवि किशन को मंच पर आ रहा है। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर पहुंचे थे। सोमवार को खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने महानगर स्तर पर खेल प्रोत्साहन को लेकर तैयारियों को भी साझा किया। सीएम ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। बैठक में संस्थाओं से आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। वहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है।  

अयोध्या नगरी: विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा

विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण बनी अयोध्या नगरी, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा अयोध्या नगरी: विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्षों में अयोध्या ने लिखी विकास की महागाथा, पर्यटन में बना कीर्तिमान, युवाओं को मिला रोजगार  लखनऊ  अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि गौरवशाली नवीन भारत के आत्मविश्वास का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूरे होने के साथ ही अयोध्या ने यह साबित कर दिया है कि विरासत और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प एक ऐसी गाथा बन चुका है, जिसमें आस्था, समृद्ध अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य की स्पष्ट दिशा समाहित है।  आस्था से अर्थव्यवस्था तक की स्वर्णिम यात्रा श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का स्थायी स्तंभ भी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई। इस साल जनवरी-जून के बीच लगभग 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक रामनगरी आए और यहां के विकास और समृद्धि से आश्चर्यचकित हो गए। लगभग 85 हजार करोड़ की परियोजनाओं से अयोध्या वर्ल्ड क्लास शहर का रूप ले रहा है। इसका श्रेय विकसित अयोध्या के शिल्पकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय अनुभव के साथ रामनगरी आकर भगवान प्रभु श्रीराम का दर्शन करें।  अंतराष्ट्रीय शहर के रूप में बन रही है पहचान योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर का महर्षि वाल्मिकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों का नेटवर्क, आधुनिक रेलवे स्टेशन, रामपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ ये सब अयोध्या को एक आधुनिक तीर्थ और पर्यटन नगरी में बदल रहे हैं। यह विकास केवल इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को नई गति दे रहा है।  पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या ने बनाया कीर्तमान अयोध्या आज उत्तर प्रदेश के पर्यटन का केंद्र है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और हेरिटेज टूरिज्म को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया गया। होटल, होम-स्टे, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिली। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आस्था से आय और आय से आत्मनिर्भरता का नया रोडमैप तैयार किया है। अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होम स्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है। इसमें से ज्यादातर होम स्टे ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। अब तक जिले में 1136 से ज्यादा होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं जो पर्यटकों को ठहरने के लिए उचित रेट पर आवास उपलब्ध करा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल भी विदेशी पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधा प्रदान कर रहे हैं।  अयोध्या गढ़ रहा युवाओं का भविष्य  इस परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभार्थी बना है प्रदेश का युवा। टूरिज्म, एविएशन, ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, इवेंट मैनेजमेंट और सेवा क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। अयोध्या अब पलायन का कारण नहीं, बल्कि रोजगार का केंद्र बन रही है। यह वही युवा शक्ति है जो विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतार रही है। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, हस्तशिल्प, हथकरघा, मल्टीनेशनल कंपनियों में युवाओं को मनमाफिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अयोध्या में जो दुकानदार पहले प्रतिदिन 1000 रुपये कमाते थे अब वो 5 से 8 हजार रुपये कमा रहे हैं। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले स्थानीय युवाओं को औसतन 40 हजार की मासिक सैलरी मिल रही है। दो वर्षों में अयोध्या ने जो यात्रा तय की है, वह साफ संदेश देती है जब नेतृत्व दृढ़ हो, दृष्टि स्पष्ट हो और नीयत राष्ट्रहित की हो, तब विरासत भी चमकती है और विकास भी। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में अयोध्या आज केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की भूमिका बन चुका है।

दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में योगी सरकार उठा रही ठोस कदम

दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने के निर्देश, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में योगी सरकार उठा रही ठोस कदम शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मिली नई गति पेंशन और निःशुल्क बस सेवा से सामाजिक सुरक्षा हुई मजबूत, खेल, कला और कौशल से दिव्यांग प्रतिभाओं को मिला मंच लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग, के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा, पेंशन, निःशुल्क परिवहन, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर करना है। इसी क्रम में योगी सरकार की ओर से दिव्यांग विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।  पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू हों योजनाएं प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि योगी सरकार की नीतियां केवल सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांग विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने पर सरकार का फोकस डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि ये संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर अधिक से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए गए। पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा गया कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मंत्री ने जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और कमजोर प्रगति वाले जिलों में जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में=शादी अनुदान योजना से 72,690 लाभार्थी लाभान्वित, छात्रवृत्ति योजना के तहत 12,76,303 विद्यार्थियों को सहायता, कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में 25,588 ‘ओ’ लेवल एवं 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया। दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा और सुविधाओं का विस्तार दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन, 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन, निःशुल्क बस यात्रा योजना के अंतर्गत, 16,97,319 दिव्यांगजन एवं उनके सहयोगियों को लाभ मिला है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य निधि का उपयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगजनों के हित में किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 2025-26 में दिव्यांग प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता, प्रयागराज और ललितपुर में दिव्यांग पुनर्वासन पर राष्ट्रीय कार्यशालाएं, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी एवं बागपत में चित्रकला व हस्तकला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

योगी सरकार में श्रम सुधारों ने पकड़ी रफ्तार, चार श्रम कानूनों से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का मिला मजबूत कवच

ईयर एंडर 2025 श्रमिक कल्याण, रोजगार और औद्योगिक विस्तार का स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ 2025 योगी सरकार में श्रम सुधारों ने पकड़ी रफ्तार, चार श्रम कानूनों से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का मिला मजबूत कवच वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में श्रम विभाग की अहम भूमिका, आठ वर्षों में दोगुने से अधिक नये कारखाने रजिस्टर्ड ‘श्रम न्याय सेतु’ से श्रम न्याय हुआ डिजिटल और पारदर्शी, पेपरलेस गवर्नेंस में उत्तर प्रदेश को मिला राष्ट्रीय सम्मान उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन से युवाओं को देश-विदेश में मिले अवसर, रोजगार महाकुंभ-2025 में 16 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी ईएसआई योजना में डिजिटल हेल्थ की नई शुरुआत, AAA+ App से घर बैठे इलाज, दवा और जांच की मिली सुविधा आरोग्य मंथन-2025 से श्रमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई दिशा, निर्माण श्रमिकों के लिए ऑनसाइट मुफ्त स्वास्थ्य जांच मोबाइल मेडिकल यूनिट से 10 हजार श्रमिकों को लाभ का लक्ष्य, 360 डिग्री लाइव मॉनिटरिंग से अटल आवासीय विद्यालयों पर नजर लखनऊ  वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग और श्रमिक कल्याण के दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी वर्ष के रूप में दर्ज हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने न केवल श्रमिकों के हितों की रक्षा को नई दिशा दी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 2025 इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसी वर्ष भारत सरकार द्वारा चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया गया, जिन्हें श्रमिक हितों की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। कारखानों का पंजीकरण दोगुने से भी अधिक प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि योगी सरकार की नीतियों और सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम यह रहा कि प्रदेश में लगातार बड़ी संख्या में नये कारखानों की स्थापना और पंजीकरण हुआ। बीते आठ वर्षों की तुलना में 2025 तक कारखानों का पंजीकरण दोगुने से भी अधिक हो गया, जिससे रोजगार के नये अवसर सृजित हुए और औद्योगिक वातावरण मजबूत हुआ। विशेष रूप से महिला कर्मकारों के लिए वर्ष 2025 ने नए अवसरों के द्वार खोले और उन्हें अधिक सुरक्षित व सशक्त कार्यपरिस्थितियां उपलब्ध कराईं। ई-कोर्ट व्यवस्था: श्रम न्याय की डिजिटल क्रांति श्रम अधिनियमों के अंतर्गत लंबित वादों की सुनवाई को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए श्रम विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 26 अगस्त 2025 को “श्रम न्याय सेतु /लेबर ई कोर्ट प्लेटफॉर्म” का शुभारंभ किया गया। यह पोर्टल न केवल पेपरलेस गवर्नेंस का उदाहरण बना, बल्कि इसे 19वें नेशनल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड्स 2025 में पेपरलेस गवर्नेंस चैंपियन श्रेणी में सम्मानित भी किया गया। रोजगार निदेशालय: युवाओं को अवसरों से जोड़ने का मिशन प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया। इसके अंतर्गत घरेलू ही नहीं बल्कि विदेशी रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दिया गया। रोजगार संगम पोर्टल से MEA पंजीकृत 5 रिक्रूटमेंट एजेंसियों (RA) को जोड़ा गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट को नई गति मिली। यहीं नहीं, रोजगार महाकुंभ 2025 का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में किया गया, जहां 16,000 से अधिक युवाओं का चयन और प्लेसमेंट हुआ। 1,612 युवाओं को विदेश में रोजगार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके साथ ही 18 दिसंबर 2025 को वाराणसी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मोबिलिटी कॉन्क्लेव 2025 में भारत सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, राजदूतों, रिक्रूटमेंट एजेंसियों और उद्योग संघों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर के साथ एक एकीकृत अंतर्राष्ट्रीय रोजगार सुविधा तंत्र का रोडमैप तैयार किया गया। कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI): स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार बीमित श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरोग्य मंथन कार्यक्रम 2025 का आयोजन 11 दिसंबर 2025 को कानपुर में किया गया। इस अवसर पर QR कोड इनेबिल्ड ‘माइक्रोसॉफ्ट आरोग्य शक्ति अभियान’ का शुभारंभ, आरोग्य संकल्प पत्र का विमोचन और AAA+ App की शुरुआत की गई। AAA+ App के माध्यम से अब श्रमिक घर बैठे अपॉइंटमेंट, दवाओं की डिलीवरी और सभी मेडिकल टेस्ट रिकॉर्ड डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, चेन्नई, हैदराबाद और फरीदाबाद के ईएसआईसी प्रीमियर संस्थानों की बेस्ट प्रैक्टिस को उत्तर प्रदेश में लागू करने की पहल भी की गई। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड: श्रमिकों के लिए नई पहल निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए बोर्ड द्वारा कई नवाचार किए गए। इसके तहत, 23 दिसंबर 2025 को ऑनसाइट निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण हेतु मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किया गया। पहले चरण में 10,000 श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 18 जनपदों में संचालित अटल आवासीय विद्यालयों की निगरानी हेतु 360 डिग्री लाइव मॉनिटरिंग कमांड सेंटर की स्थापना की गई, जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अगस्त 2025 को किया। साथ ही, निर्माण स्थलों पर Recognition of Prior Learning (RPL) प्रशिक्षण की शुरुआत की गई, जिससे श्रमिकों के कौशल का प्रमाणन और उन्नयन सुनिश्चित हुआ। बोर्ड द्वारा कन्या विवाह सहायता योजना में आर्थिक सहायता बढ़ाते हुए सामान्य विवाह हेतु ₹65,000, अंतरजातीय विवाह हेतु ₹75,000 और न्यूनतम 11 जोड़ों के सामूहिक विवाह की स्थिति में 85 हजार की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया।

डबल इंजन सरकार ने चलाया विकसित कृषि संकल्प अभियान, उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद

ईयर इंडर-2025 (कृषि)  पहली बार 'लैब' से निकलकर 'लैंड' तक पहुंचे वैज्ञानिक डबल इंजन सरकार ने चलाया विकसित कृषि संकल्प अभियान, उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद  मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा- एलडीबी से महज छह फीसदी ब्याज पर मिलेगा लोन  गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित  पहली बार हुआ ऐतिहासिक बीज वितरण, पुराने आंकड़ों से आगे निकली योगी सरकार  2025-26 में 11.31 लाख कुंतल बीज अनुदान पर किसानों को किया गया वितरित  उत्तर प्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में मिले 94668. 58 करोड़ रुपये  लखनऊ योगी सरकार परमात्मा व प्रकृति की कृपा वाले उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसानों को सर्वोपरि मानती है, इसलिए उनके उत्थान व समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। किसानों के हित में योगी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस वर्ष अनेक ऐतिहासिक कार्य किए। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की दिशा में कृषि क्षेत्र में भी विशेष कार्य हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में पहली बार कृषि वैज्ञानिक 'लैब' से निकलकर 'लैंड' तक पहुंचे। सीएम योगी ने विगत दिनों बड़ी घोषणा की कि किसानों को एलडीबी से महज छह फीसदी पर लोन मिलेगा। योगी सरकार ने इस वर्ष गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। लखनऊ में चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित की गई। पुराने आंकड़ों से आगे योगी सरकार ने इस वर्ष ऐतिहासिक बीज वितरण भी किया।  योगी ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा- एलडीबी से महज छह फीसदी पर मिलेगा लोन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत 21 दिसंबर को लघु व सीमांत किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु व सीमांत किसानों को यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के माध्यम से महज छह प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। अभी तक किसानों को इस बैंक से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था। ब्याज की शेष धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी।  गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा योगी सरकार ने एक बार फिर गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है, जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा। विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए ‘किसानों के खेत’ तक पहुंचे वैज्ञानिक व अधिकारी केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में 2025 में पहली बार विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया गया। 29 मई से 12 जून तक उत्तर प्रदेश के 14,170 गांव में अभियान चला। इसमें 23.30 लाख किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया गया। इस अभियान के जरिए पहली बार कृषि वैज्ञानिक ‘लैब’ से निकलकर ‘लैंड’ तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। उन्होंने तीन, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छह, यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 11 स्थानों पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया।   लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ व पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित  पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए लखनऊ के अटारी में आधुनिक तकनीक पर आधारित सीड पार्क बन रहा है। मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान दिवस (23 दिसंबर) को चौधरी चरण सिंह सीड पार्क अटारी लखनऊ के प्लॉट आवंटन प्रक्रिया का बटन दबाकर शुभारंभ किया था। वहीं बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की अत्याधुनिक लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित किया है। पीलीभीत के टांडा बिजेसी में 7 एकड़ भूमि में बासमती बीज उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है। इसकी जिम्मेदारी कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास संगठन (एपीडा) को दी गई है। यहां बासमती के उन्नत बीज विकसित होंगे तथा किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।  पीएम किसान सम्मान निधिः 21वीं किस्त तक यूपी के किसानों के खाते में आए 94668.58 करोड़ रुपये  विश्व की सबसे बड़ी डीबीटी योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सर्वाधिक उत्तर प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। अभी तक इसकी 21 किस्त जारी हो चुकी है। इसमें यूपी के लगभग 3.12 करोड़ किसानों के खाते में 94668.58 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।  अनुदान पर किसानों को बीज वितरित करा रही योगी सरकार  योगी सरकार का लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर है। किसानों के उत्पादन व आय में वृद्धि करने के लिए तत्पर कृषि विभाग ने 2025-26 में खरीफ में 1.23 लाख कुंतल व रबी में 10.08 लाख (कुल 11.31 लाख कुंतल) बीज अनुदान पर वितरित किया। पिछले वर्ष (2024-25) की अपेक्षा इस वर्ष में अब तक 2.61 लाख कुंतल अधिक बीज अनुदान पर वितरित किया गया। 2025-26 में दलहन, तिलहन व श्रीअन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार द्वारा 10.11 लाख बीज मिनीकिट (34703 कुंतल) किसानों को निःशुल्क वितरित किया गया। केंद्र सरकार के सहयोग से दलहनी फसलों के 2.43 लाख बीज मिनीकिट (18833 कुंतल) किसानों को निःशुल्क वितरित किया गया।  योगी सरकार का कृषि यंत्र वितरण पर भी जोर  योगी सरकार किसानों को खेती के लिए … Read more

मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई थी

स्पेशल  योगी सरकार मिशन शक्ति केंद्रों को करेगी और सशक्त, महिला सुरक्षा को मिलेगा बल  मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई थी  अगले वर्ष मिशन शक्ति केंद्रों को मिलेगी दो पहिया वाहन और मोबाइल हैंडसेट की सौगात  6400 नई स्कूटी और 1600 मोबाइल हैंडसेट खरीदने पर किया जा रहा विचार   67 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी स्कूटी और मोबाइल हैंडसेट  लखनऊ  योगी सरकार आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति अभियान के तहत स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने की तैयारी है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश भर में स्थापित 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को अगले वर्ष अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा, जिससे महिला अपराधों की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके। योगी सरकार द्वारा सरकार की योजना के अनुसार वर्ष 2026 में मिशन शक्ति केंद्रों को दो पहिया वाहन और मोबाइल हैंडसेट उपलब्ध कराए जाएंगे।  हर मिशन शक्ति केंद्र को चार-चार स्कूटी और एक-एक मोबाइल हैंडसेट दिये जाएंगे महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्र/ थानों की स्थापना की गई थी। वहीं अब मिशन शक्ति केंद्र को और अधिक सशक्त करने के लिए विभिन्न कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मिशन शक्ति केंद्र पर 4 स्कूटी और एक-एक मोबाइल हैंडसेट की आवश्यकता सामने आ रही है। ऐसे में मिशन शक्ति केंद्र के लिए कुल 6,400 नई स्कूटी और 1,600 मोबाइल हैंडसेट खरीदने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही सरकार काे प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। इन संसाधनों में करीब 67 करोड़ रुपये खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि सरकार से हरी झंडी मिलने और बजट आवंटित होने के बाद अगले वर्ष इन संसाधनों की खरीद की जाएगी। इन संसाधनों के माध्यम से मिशन शक्ति की टीमों की पहुंच गांव-गांव और मोहल्लों तक और मजबूत होगी, जिससे महिलाओं की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई संभव हो सकेगी। हैंडसेट से रियल टाइम मॉनिटरिंग और शिकायत दर्ज करने में मिलेगी सहायता एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि प्रदेश की आधी आबादी की सुरक्षा और उत्थान योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई, त्वरित न्याय और पीड़िताओं को संवेदनशील सहयोग देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं के लिए न केवल सहायता और परामर्श का केंद्र हैं, बल्कि ये उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिला हेल्पलाइन, काउंसलिंग, कानूनी सहायता, मेडिकल सपोर्ट और पुनर्वास जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं दो पहिया वाहन मिलने से मिशन शक्ति की महिला कर्मी और पुलिस टीम किसी भी आपात स्थिति में तेजी से मौके पर पहुंच सकेंगी। वहीं, मोबाइल हैंडसेट से रियल टाइम मॉनिटरिंग, शिकायत दर्ज करना और उच्च अधिकारियों से समन्वय और बेहतर होगा। नए संसाधन से मिशन शक्ति केंद्र की बढ़ेगी कार्यक्षमता मिशन शक्ति केंद्रों को मिलने वाले नए संसाधन महिला अपराध की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होंगे। इससे न सिर्फ पुलिस और प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल प्रदेश बनाया जाए, जहां वे बिना भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में आगे बढ़ सकें। मालूम हो कि योगी सरकार द्वारा बीते वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक पहल की हैं। एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला हेल्पलाइन 1090, 112 आपात सेवा, पिंक बूथ, महिला डेस्क और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कदमों से महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।

आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तंत्र का प्रदेशवासियों ने उठाया लाभ

ईयर इंडर-2025 प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया आयाम, प्रदेशवासियों ने लिया भरपूर लाभ आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तंत्र का प्रदेशवासियों ने उठाया लाभ कई नई स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ लोकार्पण, अस्पतालों का शिलान्यास और आईसीयू का भी हुआ विस्तार मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य पर रहा फोकस, पीडियाट्रिक केयर यूनिट और न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में हुई बढ़ोत्तरी  ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, एंबुलेंस सेवाएं और टीबी उन्मूलन में हुई उल्लेखनीय उपलब्धि लखनऊ वर्ष 2025 अपनी खट्टी-मिठी यादों के साथ हम सबसे विदा लेने को बकरार है। कहने को तो ये एक साल है, जो नियती के अनुसार हर साल आता है और फिर समय के पहिये की गिनती पूरी होने के बाद विदा ले लेता है, लेकिन वर्ष 2025 प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत ढ़ाचे के विस्तार देने में अपनी अहम भूमिका रखता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2025 स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस वर्ष आधारभूत ढांचे के विस्तार से लेकर अत्याधुनिक इलाज सुविधाओं तक अनेक बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश की करोड़ों जनता को मिला है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बनीं। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार, 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ लोकार्पण अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप वर्ष 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान की गयी है। इस क्रम में इमरजेंसी कोविड रिलीफ पैकेज (ECRP)के तहत प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती दी गई। वर्ष 2025 में कुल 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का लोकार्पण किया गया तथा एक बड़े अस्पताल का शिलान्यास हुआ। इनमें 26 आईपीएचएल लैब, 38 पचास बेड के फील्ड अस्पताल, 13 जनपदीय ड्रग वेयरहाउस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीसीबी यूनिट और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके साथ ही सीतापुर में 200 बेड के जिला चिकित्सालय का शिलान्यास भी किया गया। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 1800 और जिला अस्पतालों में 1029 आईसीयू बेड स्थापित किए गए। ऑक्सीजन आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (MGPS)सहित 49 एलएमओ स्टोरेज टैंक स्थापित किए गए। इससे गंभीर मरीजों को समय पर जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  मां और नवजात शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस एनएचएम की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि योगी सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके तहत 42 बेड वाले पीडियाट्रिक केयर यूनिट जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए। वहीं 32 बेड वाले सभी 23 पीडियाट्रिक यूनिट पूरी से संचालित हुईं। इसके अलावा नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए प्रदेश में 412 न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट्स (NBSU)की स्थापना की गई। वर्ष 2024-25 में बाह्य रोगी सेवाओं में 27 प्रतिशत और अंतः रोगी सेवाओं में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। संस्थागत प्रसव, सिजेरियन डिलीवरी, बड़े और छोटे ऑपरेशन, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाओं में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ। आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं घर के पास प्रदेश के 74 जनपदों में सीटी स्कैन और सभी 75 जनपदों में डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जनवरी से नवंबर-25 के बीच 9.42 लाख सीटी स्कैन और 6.50 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र संचालित किए गए। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एसेंशियल ड्रग लिस्ट का विस्तार किया गया, जिससे प्राथमिक से लेकर जिला अस्पताल स्तर तक दवाओं की संख्या बढ़ाई गई। साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 318 अस्पतालों को जोड़ा गया, जिनमें 248 कैंसर उपचार से संबंधित हैं। दिसंबर-25 तक लगभग 3,862 करोड़ रुपये का भुगतान अस्पतालों को किया गया। एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करते हुए 2,249 नई एंबुलेंस बेड़े में जोड़ी गईं, जिनसे लाखों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। टीबी उन्मूलन अभियान में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन किया। जांच की संख्या में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और 7,191 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 424 प्रतिशत अधिक है। ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 75 हजार से अधिक कॉल के साथ उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। मानसिक स्वास्थ्य के लिए टेली-मानस सेवा सफलतापूर्वक लागू की गई, जिससे लाखों लोगों को परामर्श मिला। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन और टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

खेल और खेलकूद के क्षेत्र में 11 सालों में हुए बड़े परिवर्तन: मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में मा0 विधायक खेल  प्रतिस्पर्धा-2025 के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये विगत 11 वर्षो में खेल और खेलकूद की प्रतियोगिता में बहुत परिवर्तन हुए : मुख्यमंत्री खेलकूद सम-विषम परिस्थितियों में हमें शारीरिक,  मानसिक रूप से चुस्त, दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता मा0 विधायक खेल प्रतिस्पर्धा अगली बार नगरीय क्षेत्र में  दो स्तर पर आयोजित की जायेगी, जो स्कूल और वॉर्ड स्तर पर होगी वॉर्ड स्तर पर लोगों और जो अवकाश प्राप्त कर चुके हैं,  उनके लिए भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी गोरखपुर की सभी संस्थाएं एक-एक खेल को गोद लें, उसमें कुछ  सहयोग संस्थाओं का और कुछ सहयोग सरकार द्वारा किया जायेगा गोरखपुर में अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा,  इससे गोरखपुर सहित पूर्वी उ0प्र0 के नौजवानों को खेल और  खेलकूद की प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त होगा जब युवा खेलेगा, तभी देश खिलेगा, विकसित भारत की  संकल्पना को साकार करने का रास्ता यही से प्रारम्भ होगा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में आज उ0प्र0 खिलाड़ियों को बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं उपलब्ध करा रहा : खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखपुर में वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में मा0 विधायक खेल प्रतिस्पर्धा-2025 के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं का आयोजन गोरखपुर विधानसभा शहरी में किया जा रहा है। इस पूरी प्रतियोगिताओं में प्रत्यक्ष रूप में एक हजार खिलाड़ी तथा अप्रत्यक्ष रूप से दस हजार खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर इस आयोजन को एक नई ऊचांई देने का कार्य किया है। खेलकूद सम-विषम परिस्थितियों में हमें शारीरिक, मानसिक रूप से चुस्त, दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज खिलाड़ियों के उत्साह ने इस भीषण शीत लहर को कम कर दिया है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह प्रतियोगिता अगली बार नगरीय क्षेत्र में दो स्तर पर आयोजित की जायेगी, जो स्कूल और वॉर्ड स्तर पर होगी। विद्यार्थीगण चाहें वह बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा तथा विश्वविद्यालय स्तर के हों, इनकी तीन प्रकार की प्रतियोगिताएं तीन चरणों में आयोजित की जाएंगी। इसमें बालक एवं बालिकाओं के वर्ग में अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं को सम्पन्न किया जाएगा। साथ ही, वॉर्ड स्तर पर लोगों और जो अवकाश प्राप्त कर चुके हैं, उनके लिए भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पहले वॉर्ड स्तर पर, उसके बाद चार से छः अलग-अलग छोटे-छोटे उप नगर बनाकर उस स्तर पर तथा महानगर स्तर पर इस पूरी प्रतियोगिता को आयोजित किया जायेगा। इन सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों और पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को एक बड़े समारोह में सम्मानित किया जायेगा। इसी प्रकार गोरखपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जायेंगे। यह प्रतियोगिता आगामी जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी, जिसमें कला की विभिन्न प्रकार की विधाओं की प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 13 जनवरी, 2026 को गोरखपुर महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में जो प्रतिभागी विभिन्न विधाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करेंगे, वहां पर उनको सम्मानित किया जायेगा। विगत 11 वर्षो में खेल और खेलकूद की प्रतियोगिता में बहुत परिवर्तन हुआ है। कबड्डी, हॉकी, बैडमिण्टन तथा एथेलेटिक्स, इन सबके लिए पूरी दुनिया आपको देखती है।  ओलम्पिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैम्पियनशिप की कड़ी प्रतिस्पर्धाओं में हमारे खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन का सकें, इसे ध्यान में रखकर सरकार ने तय किया है कि हर गांव में एक खेल का मैदान होगा, जिसके माध्यम से स्थानीय युवाओं की प्रतिभाओं को निखारा जायेगा। स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में भव्य स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। रीजनल स्टेडियम में 63 करोड़ रुपये की लागत से पक्के स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर के बेलीपार में अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर इण्टरनेशनल स्पोर्ट्स प्रतिस्पर्धाओं को आगे बढ़ाकर गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौजवानों को खेल और खेलकूद की प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास खण्ड स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम का निर्माण सरकार द्वारा किया जा रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के नाम पर उत्तर मेरठ में प्रदेश के खेल विश्वविद्यालय का नया सत्र प्रारम्भ हो चुका है। वहां पर विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है। हर कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की भी तैयारी चल रही है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर की सभी संस्थाएं एक-एक खेल को गोद लें, उसमें कुछ सहयोग संस्थाओं का और कुछ सहयोग सरकार द्वारा किया जायेगा। इसमें अच्छे प्रशिक्षकों को रखा जायेगा, जिससे बच्चों को खेलकूद का एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिलेगा। जब युवा खेलेगा, तभी देश खिलेगा। विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने का रास्ता यही से प्रारम्भ होगा। क्यांकि जीवन में सफलताओं के जितने भी मार्ग हैं, वह स्वस्थ शरीर से ही सम्भव हो सकते हैं। स्वस्थ शरीर खेलकूद और यौगिक क्रियाओं के माध्यम से ही प्राप्त होगा।  खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश चहुंमुखी विकास की ऊचांइयों को छू रहा है। उत्तर प्रदेश में खेल को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को खेल से जोड़ने के लिए प्रतिस्पर्धा कराकर उनकी प्रतिभा को निखारने का निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को निखारने, तराशने, और तलाशने का कार्य किया जाता है।  मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश खिलाड़ियों को बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। हर दिशा में प्रदेश ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान, विकास खण्डों में मिनी स्टेडियम, जनपद स्तर पर स्टेडियम का निर्माण लगातार किया जा रहा है। कमिश्नरी स्तर पर खिलाड़ियों को हर प्रकार की बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही है। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का कार्य कर रही है। खेल कोटा से सभी विभागों में भर्तियां की जा रही हैं। मत्स्य मंत्री संजय निषाद तथा सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।  इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  ———