samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री योगी के आर्थिक सलाहकार प्रो. केवी राजू बने नीति आयोग के सदस्य

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक सलाहकार प्रोफेसर केवी राजू को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। प्रो. केवी राजू को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति की गई है। प्रो. केवी राजू सहित कई विशेषज्ञों को नीति आयोग में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति की गई है। अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि राजीव गौबा, प्रो. केवी राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को भी पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है। प्रो. केवी राजू करीब नौ वर्षों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे पहले वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री के भी आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। प्रो. केवी राजू को अकादमिक और शोध क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह हैदराबाद स्थित आईसीआरआईएसएटी में प्रिंसिपल साइंटिस्ट, कोलंबो के आईडब्ल्यूएमआई में सोशल साइंटिस्ट और वाशिंगटन डीसी के आईएफपीआरआई में विजिटिंग रिसर्च फेलो के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वह बेंगलुरु के आईएसईसी में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गुजरात के आईआरएमए आनंद से की थी। प्रो. राजू की अब तक 26 किताबें और 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी यह नियुक्ति लंबे अनुभव और आर्थिक नीति के क्षेत्र में योगदान को दर्शाती है।

अलीगढ़ हादसे पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में पाइपलाइन मरम्मत के दौरान दुर्घटना में एक श्रमिक की मौत का संज्ञान लिया है। मामले के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति घटना की सम्पूर्ण जांच कर 3 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही मृतक मजदूर के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद घोषित की गई है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि अलीगढ़ नगर निगम द्वारा रेलवे रोड क्षेत्र में संचालित सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क, सीवर एवं नाला निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में अप्सरा सिनेमा के सामने क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य जलकल विभाग द्वारा कराया जा रहा था। कार्यस्थल पर सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और सुरक्षा उपकरण भी लगाए गए थे। बावजूद इसके पाइपलाइन जोड़ने के दौरान अचानक सड़क का एक हिस्सा ढह गया, जिससे एक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  नगर निगम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। अपर नगर आयुक्त इसके अध्यक्ष, अधिशासी अभियंता (निर्माण) और कर निर्धारण अधिकारी सदस्य नियुक्त किए गए हैं। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

ममता दीदी की चिंता, हिंदू अधिक हुए तो सड़कों पर कैसे होगी इफ्तारी: सीएम योगी

नदिया/पूर्व बर्धमान/उत्तर 24 परगना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की जमीन से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो-टूक कहा कि ममता दीदी ने इसीलिए सीएए का विरोध किया था, क्योंकि उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा हो गए तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी? टीएमसी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती। पहले चरण के मतदान में सबने इसकी गुंडागर्दी देखी। लेकिन, 4 मई को जब परिणाम आएगा तो टीएमसी के गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। बंगाल में डबल इंजन सरकार बनने की आहट से ये गुंडे काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। लेकिन, हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी, कटवा से बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण घोष तथा बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। भीषण गर्मी में भी सीएम योगी के प्रति बंगालवासियों के लगाव में कोई कमी नहीं दिखाई दी। जनसभाओं में मौजूद हजारों की भीड़ लगातार ‘योगी-योगी’ का नारा लगाती रही। सीएम ने इस स्नेह के लिए मतदाताओं का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि बंगाल अब अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस, कम्युनिस्टों व टीएमसी ने बंगाल के माथे पर लूटपाट का जो कलंक लगाया है, अब उससे मुक्त होने का समय है। बंगाल के लोगों ने डबल इंजन सरकार लाने का फैसला किया है, जो डबल स्पीड से काम करेगी। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। 4 मई को बंगाल में हर ओर लहराएगा केसरिया झंडा सीएम योगी ने पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान के लिए मतदाताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि हर मतदाता के मन में भाव था कि बंगाल को टेरर, माफियाराज व करप्शन से मुक्ति दिलाकर फिर से भारत की पहचान का प्रतीक बनाना है और भाजपा की डबल इंजन सरकार लाना है। मतदान दिवस के नजारे बता रहे थे कि जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो केसरिया झंडा बंगाल में हर ओर लहराता दिखाई देगा।  टीएमसी ने बंगाल के सामने खड़ा किया पहचान का संकट सीएम योगी ने कहा कि 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्णा, हरे रामा… की मधुर धुन के माध्यम से दुनिया को आकर्षित कर भारत के सनातन ध्वज को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का जो कार्य किया था, आज वही कार्य इस्कॉन के संन्यासी कर रहे हैं। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल टीएमसी के राज में पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। टेरर, माफियाराज व करप्शन की प्रतीक बनी टीएमसी सरकार में भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई और तृणमूल के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। बंगाल में लैंड, सैंड, कैटल माफिया हावी हैं। पीएम मोदी विकास के लिए जो पैसे भेजते हैं, टीएमसी के गुंडे हड़प जाते हैं, लेकिन अब बंगाल जाग गया है। अब कटमनी, अराजकता का खेल समाप्त होगा। टीएमसी ने किया था सीएए का विरोध  सीएम ने मतदाताओं से कहा कि आपके हक पर घुसपैठियों से डकैती डलवाने वाली टीएमसी सरकार से मुक्ति का समय आ गया है, क्योंकि जो काम भारत और बंगाल के हित में है, टीएमसी उसका विरोध करती है। संसद में प्रधानमंत्री जी सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) का प्रस्ताव लेकर आए तो टीएमसी ने विरोध किया। यह एक्ट गारंटी देता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से किसी हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को प्रताड़ित कर भारत भेजा गया है और वह पांच साल से अधिक समय से यहां रह रहा है तो उसे भारत की नागरिकता मिलेगी। इसी एक्ट के कारण बंगाल के अंदर काफी संख्या में नागरिकता दी गई, लेकिन ममता दीदी को यह बुरा लगता है। उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा होगा तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी। लेकिन, यूपी में कोई सड़क पर नमाज या इफ्तार पार्टी नहीं कर सकता। वहां मस्जिद से आवाज भी नहीं आती।  पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले, लेकिन पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।  विस्थापितों को यूपी में मिला जमीन का अधिकार सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिए हैं। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बंगाल से भी बदतर थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। यूपी में … Read more

सीएम योगी की खेल प्रोत्साहन नीति को मिलेगा बल, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खेलों के विकास और युवाओं को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तेजी से साकार हो रहा है। मेरठ के सरधना क्षेत्र में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बन रहा है। यह उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर के राज्यों के खिलाड़ियों के लिए भी गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह विश्वविद्यालय खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है।  ईपीसी मोड पर बन रहा प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय मेरठ जिले में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण करीब 36.9813 हेक्टेयर (लगभग 91.38 एकड़) भूमि पर किया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय लगभग 369.11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय को ईपीसी मोड पर बनाया जा रहा है और इसकी नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। पीडब्ल्यूडी द्वारा अब तक करीब 247.01 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।  मुख्यमंत्री ने 31 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने 31 मई तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। इसी के चलते निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और वर्तमान में भवन निर्माण के बाद अब फिनिशिंग का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। निर्धारित समयसीमा के भीतर इस परियोजना को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मेरठ जिला राष्ट्रीय राजधानी के समीप होने के कारण प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के निकट होने से अन्य प्रदेशों के खिलाड़ियों को लाभ होगा। अन्य कोर्सों के संचालन के लिए एनसीटीई से अनुमति मिलना बाकी मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय युवाओं में खेल संस्कृति विकसित करने और उन्हें खेलो के प्रति प्रेरित करने पर ध्यान केन्द्रित करेगा। इससे ग्रामीण भारत के युवाओं को आधुनिक खेल प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।विश्वविद्यालय के पहले कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में संस्थान तेजी से अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत कर रहा है। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि फिलहाल विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीइएस) विषय संचालित हो रहा है, लेकिन आगामी सत्र से बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और डिप्लोमा जैसे नए विषय शुरू करने के लिए प्रस्तावित है। इन विषयों के संचालन के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से अनुमति मिलना बाकी है। मई में होगी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मई में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रस्तावित है। नए कोर्सों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय में लगभग 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे यह साफ है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में बड़े पैमाने पर खेल शिक्षा का केंद्र बनने जा रहा है। यह विश्वविद्यालय एक शिक्षण एंड एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स सम्बंधित विषय में सैद्धान्तिक (थ्योरी) व प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पेपर्स का विषय ज्ञान के आधार पर डिग्री दी जाएगी।  स्नातक से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा  पाठ्यक्रमों की बात करें तो इसमें फिजिकल एजूकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मॉस मीडिया टेक्नोलॉजी, एडवेन्चर स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स जैसे विषय शामिल होंगे। इन विषयों के तहत स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति और उत्कृष्टता लाना है।  खेलों का हब बनेगा विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय को आधुनिक और अत्याधुनिक खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। जिसमें सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी मैदान शामिल होंगे। साथ ही लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल, स्पोर्ट्स साइंस लैब भी विकसित किए जाएंगे। यहां 22 ओलंपिक खेलों का संचालन होगा। इस साल से एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैटमिंटन, वेट लिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रेसलिंग, योग, ताइक्वांडो, जूडो, स्विमिंग और कबड्डी शुरू हो जाएगा। जबकि अगले साल से शूटिंग, आर्चरी, बॉलीवाल, बास्केटबॉल, वुशु, घुड़सवारी और पानी के खेल शामिल हो जाएंगे।  यूपी को देश का सबसे मजबूत खेल केंद्र बनाने का लक्ष्य कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय खेलों के समग्र विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विश्वस्तरीय कोचिंग, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल विज्ञान अनुसंधान के माध्यम से खेल शिक्षा में नए मानक स्थापित करना है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का मिशन है कि उत्तर प्रदेश को भारतीय खेलों का सबसे शक्तिशाली केंद्र बनाना है, जहां से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, वैश्विक चैंपियन और ओलंपियन तैयार किए जा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से क्षेत्र का विकास होने के साथ ही रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब कुलाधिपति और मुख्यमंत्री की प्रेरणा और उनकी सोच के अनुरूप यह देश का सबसे बड़ा खेल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है।

यूपी में रोडवेज का बड़ा बदलाव, वोल्वो बसों की जगह चलेंगी नई AC बसें

लखनऊ  लग्जरी बसों में शुमार वोल्वो बसों धीरे-धीरे रोडवेज से हट रही हैं, जिसका विकल्प रोडवेज की 22 नई एयरकंडीशन 42 सीटर बसें बनेंगी। यह बसें यह बसें कानपुर कार्यशाला से दो बार में लखनऊ के अवध बस डिपो पहुंच चुकी हैं। लखनऊ से गोरखपुर-बनारस और प्रयागराज समेत 8 रूटों पर चलेंगी। इनमें से चार रूटों पर प्रयोग के तौर पर एसी बसें चलाई जा रही हैं। बाकी चार रूटों पर बसों का संचालन 25 अप्रैल से शुरू हो गया। अवध बस डिपो की नई एयरकंडीशन बसें कैसरबाग और आलमबाग से चलाई जाएगी। यह बसें आठ रूटों पर चलेंगी। 42 सीटर एसी बसों के रूट, किराया और समय सारणी तय हो गई है। अवध डिपो के एआरएम सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि गर्मी में यात्रियों के लिए 22 बसें आ चुकी हैं। छह और बसें लाने की तैयारी है। ताकि गर्मी में एसी बसों की मांग पूरी हो सके। यात्री एसी बसों में आनलाइन सीट बुक करा सकते है। आलमबाग से यहां-यहां चलेंगी बसें, किराया-समय सारणी तय -प्रयागराज 460 रुपये, समय सुबह 7 और दोपहर 12 बजे -बनारस 711 रुपये, समय सुबह 9 व 10:30 व दोपहर 3 बजे -गोरखपुर 686 रुपये किराया, समय सुबह 9:30 बजे -आजमगढ़ वाया एक्सप्रेस वे 678 किराया, समय सुबह नौ बजे -मथुरा वाया एक्सप्रेस वे 889 रुपये किराया, समय रात 10:30 बजे -बरसाना 992 रुपये किराया, समय रात 10:30 बजे -गौरी फंटा 537 किराया, समय सुबह आठ बजे कैसरबाग से -आगरा 777 रुपये किराया, समय सुबह 9:30 बजे व रात 11 बजे गर्मी के चलते लखनऊ में पहली बार रात्रिकालीन सिटी बसें चलेंगी वहीं गर्मी के चलते लखनऊ में पहली बार ई बसों के संचालन का समय बदला जाएगा। सुबह सात बजे से शुरू होने वाली ई बसों की सेवाएं शाम सात बजे के बजाए रात 10 बजे तक रात्रिकालीन सिटी बसें चलाने की तैयारी है। दुबग्गा डिपो की ओर से 115 सिटी बसों के फेरे और समय में बदलाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। अभी उन मार्गो को चिन्हित किया जा रहा है, जहां देर रात तक सवारियों वाहनों के इंतजार में भटकती रहती हैं। दुबग्गा डिपो की ओर से आठ रूटों पर 115 ई बसें चलाई जा रही हैं। यह बसें सुबह सात से शाम सात बजे तक चलने के बाद डिपो में आकर खड़ी होती हैं। ऐसे में भीषण गर्मी की संभावना को देखते हुए एसी ई बसें देर रात तक चलाने की मांग की जा रही है। इस वजह से ई बसों का संचालन 12 घंटे से बढ़ाकर 15 घंटे किया जाएगा। एक हफ्ते में ई बसों की समय सारणी, फेरे और रूटों को चिन्हित करके एसी ई बसों का संचालन करेंगे।

बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

उत्तर 24 परगना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि भाजपा सरकार लाइए, क्योंकि भाजपा का मतलब सुरक्षा-सुशासन की गारंटी, दलित, वंचित, गरीब, महिलाओं को अधिकार, सम्मान व स्वावलंबन है। भाजपा आएगी तो विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, भारत माता को मजबूती प्रदान करने का आधार मिलेगा और बांग्लादेश से घुसपैठ रुकेगी। मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की मौजूदगी में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।  पंचर बनाने का ठिकाना तलाश रहे टीएमसी के गुंडे, 4 मई के बाद इन्हें कहीं से भी खोज निकालेंगे सीएम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर टीएमसी के होंठ सिल जाते हैं। हिंदुओं के पक्ष में सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकलता है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर नौजवानों, माताओं ने साबित किया है कि बंगाल के अंधकार को समाप्त करना है और टीएमसी मुक्त बंगाल का निर्माण करना है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के रुझान बताते हैं कि जब 4 मई को ईवीएम खुलेगी तो बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा और यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार आएगी। भाजपा सरकार आने की आहट से बौखलाए टीएमसी के गुंडे ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं कि उन्हें कहां जाकर पंचर बनाना है, लेकिन चिंता न कीजिए, 4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने का ठिकाना नहीं मिलने वाला है। हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।  गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं  सीएम ने कहा कि कल्चरल व नॉलेज कैपिटल के रूप में विख्यात बंगाल को त्याग व बलिदान, साहस व स्वाभिमान, अध्यात्म व देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा के रूप में स्मरण किया जाता है, लेकिन भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल अब पहचान के लिए मोहताज है। यहां नौजवान के लिए रोजगार नहीं है, किसान बदहाल और उद्योग धंधे बंद हैं। यहां टीएमसी का टेरर, माफियाराज व करप्शन है। सरेआम गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं है। सैंड, लैंड, कैटल माफिया बंगाल की पहचान पर संकट खड़ा कर रहे हैं। वहीं यूपी में डबल इंजन सरकार ने इन सबसे मुक्ति पा ली है। अब समय आ गया है, जब बंगाल को टीएमसी, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से भी मुक्ति मिलेगी।  पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले। संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को भारत की नागरिकता देने की राह बनाई, तब इन दलों ने विरोध किया था। लेकिन, पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।  सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिया। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।

कोई सोच रहा कि कहां खोलूं पंचर की दुकान तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता में: मुख्यमंत्री

पूर्व बर्धमान. पश्चिम बंगाल के कटवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों को सिर छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। बंगाल को पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्टों और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने लूटा। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया। भाजपा प्रत्याशी कृष्ण घोष के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवा की पावन धरा, जहां चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य एवं वैष्णव परंपरा के महत्वपूर्ण ग्रंथकार सनातन गोस्वामी ने संन्यास ग्रहण किया था, को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। कटवा को खेपा काली मंदिर, इच्छाई घोष मंदिर, गोपेश्वर शिव मंदिर, नया कैलाश मंदिर जैसे 108 से अधिक देव मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसने भारत को पहचान दी, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। विकास का पैसा हड़प लेते हैं टीएमसी के गुंडे सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं। आपके सामने अवसर है कि जो लोग बंगाल को उसकी पहचान के लिए मोहताज बना रहे हैं, उनके सामने पहचान का संकट खड़ा करें। बंगाल को उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलानी है और उसे फिर से विकास के पथ पर अग्रसर करना है। बंगाल के हालात देखकर मैं चकित रह जाता हूं। ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से परेशानी होती है। यही धरा है, जहां आज से लगभग 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का शंखनाद कर पूरी दुनिया में भारत की वैष्णव परंपरा का संदेश दिया था। उसी धरा पर ‘जय श्रीराम’ बोलने पर ममता दीदी रामभक्तों पर लाठी चलवाती हैं और आम लोगों पर हमले होते हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। सैंड और लैंड माफिया हावी हैं, जो युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं। न बेटियां सुरक्षित हैं, न व्यापारी। लव जिहाद और भूमि कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मां दुर्गा की पूजा और शोभायात्राओं में भी बाधाएं डाली जाती हैं। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। वहां खुलेआम हत्या नहीं हो सकती। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे। बंगाल से यूपी की तुलना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और तीन करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार मिला है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं और उद्योग-धंधे बंद हुए हैं। जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां विकास संभव नहीं होता और उद्योग भी स्थापित नहीं होते। बंगाल में भारी मतदान, बदलाव देखने को मिलेगा उन्होंने कहा कि बंगाल में पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और रुझान बताते हैं कि आगामी परिणामों में बदलाव देखने को मिलेगा। जब ईवीएम खुलेंगी तो कमल ही कमल देखने को मिलेगा। डबल इंजन सरकार बनने पर कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। टीएमसी की गुंडागर्दी सबने देखी, कैसे इन्होंने बीजेपी नेता पर हमला किया। इस अराजकता के खिलाफ बंगाल मुखर होकर सामने आया है। कोई ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा सीएम योगी ने कहा कि अब बंगाल में पीएम मोदी द्वारा भेजा जाने वाला पैसा सीधे विकास कार्यों में खर्च होगा। कोई भी ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा। टीएमसी के नेता कई बार से विधायक हैं। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार को समृद्ध किया,  कटवा की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं है। यह परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग विकास पर ध्यान नहीं देते, बल्कि केवल अपने और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते हैं।  सुरक्षा नहीं दे पाने वाली सरकार को रहने का अधिकार नहीं सीएम योगी ने कहा कि कटवा से कृष्ण घोष के विधायक बनने का मतलब होगा, सैंड माफिया का पूरी तरह समाप्त होना। कोई बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पाएगा। व्यापारियों से ‘कटमनी’ नहीं ली जाएगी और विकास के लिए आने वाले धन का दुरुपयोग नहीं होगा। जो सरकार सुरक्षा नहीं दे सकती उसे रहने का कोई अधिकार नहीं है। यहां रेलवे ब्रिज का निर्माण होगा और भागीरथी नदी पर नए पुल … Read more

यूपी बोर्ड में शानदार प्रदर्शन, सर्वोदय विद्यालयों का हाईस्कूल में 99.19% और इंटरमीडिएट में 99.03% रहा रिजल्ट

लखनऊ.  योगी सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का असर सरकारी विद्यालयों के परीक्षा परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के घोषित परीक्षा परिणामों में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में नया संदेश दिया है। सर्वोदय विद्यालयों का हाईस्कूल परिणाम 99.19 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का कुल परिणाम 99.03 प्रतिशत दर्ज किया गया है। सरकारी विद्यालयों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने साबित किया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुशासित माहौल मिलने पर छात्र-छात्राएं किसी भी स्तर पर बेहतर परिणाम दे सकते हैं।  छात्राओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान गाजियाबाद के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, निडौरी की छात्राओं ने विशेष उपलब्धि हासिल की है। इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में छात्रा अंजली पुंडीर ने 88.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जनपद में चौथा स्थान हासिल किया, जबकि अंशिका ने 87.40 प्रतिशत अंक पाकर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। इन छात्राओं की सफलता से यह स्पष्ट है कि बेटियों को बेहतर अवसर मिलने पर वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। हाईस्कूल में भी छात्रों का दमदार प्रदर्शन शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में हाईस्कूल परीक्षा में सर्वोदय विद्यालयों के कुल 2457 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए, जिनमें से 2437 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। हाईस्कूल में प्रमुख मेधावियों में गाजीपुर के सैदपुर बालिका विद्यालय की उजाला निषाद ने 94.33 प्रतिशत, प्रयागराज के कौड़िहार की अनुष्का त्रिपाठी ने 93.16 प्रतिशत, बांदा के हरदौली के पवन कुमार ने 92.67 प्रतिशत, भदोही के रया के आदर्श कुमार ने 92.66 प्रतिशत तथा चंदौली के नौगढ़ के सुनील कुमार ने 92.50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इंटरमीडिएट विज्ञान और कला वर्ग में भी उत्कृष्ट परिणाम इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में कुल 1058 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 1046 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। वहीं कला वर्ग में 801 विद्यार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 795 छात्र-छात्राएं सफल रहे। इसमें कला वर्ग में बिजनौर के धौलागढ़ की राधिका ने 86.80 प्रतिशत, कुशीनगर के सिरसिया हेतिमपुर की सुमन भारती ने 86.20 प्रतिशत, अमेठी के गौरीगंज की शालू ने 85.20 प्रतिशत, जबकि बिजनौर की कोमल और गायत्री ने 84.80 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं विज्ञान वर्ग में गाजियाबाद के निड़ौरी से अंजलि पुंडीर 88.20 प्रतिशत, फतेहपुर के खागा, खासमऊ से दीपक सिंह 88.00 प्रतिशत, गाजियाबाद के निड़ौरी से अंशिका 87.40 प्रतिशत, प्रयागराज के कौड़िहार से मानशू 86.20 प्रतिशत और देवरिया के मेहरौना से विकास यादव 85.60 प्रतिशत अंक हासिल किए। योगी सरकार में सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योगी सरकार द्वारा जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती, पुस्तकें, बेहतर प्रयोगशालाएं और सुरक्षित वातावरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन प्रयासों का सीधा असर परीक्षा परिणामों में देखने को मिल रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में सरकारी विद्यालयों की छवि तेजी से बदली है। आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और छात्र हितैषी योजनाओं ने सर्वोदय विद्यालयों को नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी प्रदेश स्तर पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

व्हाट्सएप कोड शेयर कर रची साजिश, समीर खान गिरफ्तार

मेरठ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं। यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था। इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है। पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे। आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे। इन्हें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया। व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है। यह पहला मामला नहीं है, जब ये काम किया गया है। शहजाद भट्टी ने रची थी पूरी साजिश पूर्व में गाजियाबाद में जिस टेरर मॉड्यूल का खुलासा एटीएस और आईबी ने किया था, उनके साथ मिलकर भी शहजाद भट्टी ने इसी तरह से साजिश की थी। दरअसल, इरम उर्फ महक निवासी संभल को आरोपी शहजाद ने अपने साथ मिलाया था। इसके बाद इरम से कुछ युवतियों के नंबर मांगे थे, ताकि इनकी मदद से हनीट्रैप और जासूसी का नेटवर्क बनाया जा सके। दूसरी ओर, इरम से उनके ही कुछ परिचित के ऐसे नंबर पता किए, जो की-पैड फोन इस्तेमाल करते हैं। इन नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप शुरू किया गया, जिसे चलाने के लिए कोड इन्हीं नंबर पर आया। इसी कोड को इरम ने शहजाद भट्टी को बताया था। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इसलिए चलाते हैं भारत के नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है। ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है। भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता चला नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है। यह पहला मामला नहीं, जब इस तरह से भारत के नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाए जा रहे हैं। पूर्व में शामली में गिरफ्तार आतंकी ने भी दो मोबाइल फोन पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप एक्टिव कराया था।

रामदास आठवले का बड़ा ऐलान, 25 सीटों पर उतरेंगे उम्मीदवार

 लखनऊ यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई। पार्टियां की तैयारियों में लग गई हैं। इस बीच यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी को टेंशन दे रहे हैं। अब रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने दावा किया है कि वह अगामी यूपी विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। आठवले ने कहा कि यूपी में अब रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया अपनी जमीन तैयार करेगी। आठवले ने इस दावे के साथ यह भी कहा कि आज शाम को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह भागीदारी को लेकर चर्चा करेंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले शनिवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस पर लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली पार्टी का लक्ष्य एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का है। रैली डिफेन्स एक्सपो मैदान में होगी। पार्टी यूपी के 62 जिलों में अपना संगठन खड़ा कर चुकी है। पार्टी भाजपा के साथ मिलकर अगले विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत आजमाएगी। शाम को योगी से करेंगे मुलाकात आठवले ने कहा कि बसपा का जनाधार खत्म हो चुका है। उनकी पार्टी भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली है। उनकी पार्टी को वंचित समाज का समर्थन मिलेगा और उनके सहयोग से भाजपा को दलित वोट मिलेगा। आठवले ने कहा कि भाजपा से गठबंधन और चुनाव में सीटों की भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज शाम को मुलाकात भी करेंगे। अखिलेश यादव पर भी हमला बोला आठवले ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। आठवले ने कहा कि महिलाओं का विरोध समाजवादियों का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत होगी। मराठी अनिवार्य पर भी आठवले महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए सख्त नियम लागू होने जा रहा है। आगामी 1 मई यानी 'महाराष्ट्र दिवस' से सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए स्थानीय भाषा 'मराठी' का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है नहीं तो लाइसेंस रद्द होगा, इस पर आठवले ने कहा कि भाषा का ज्ञान होना चाहिए लेकिन लाइसेंस रद्द कर देना उचित नहीं है।