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पूर्व अग्निवीरों को योगी सरकार की सौगात, पुलिस, वन, जेल और परिवहन विभाग में मिलेगा आरक्षण

पूर्व अग्निवीर युवाओं के लिए योगी सरकार ने आसान की सरकारी नौकरी की राह   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भर्ती नियमावली में संशोधन को मंजूरी   पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण   अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 28 वर्ष की गई, युवाओं को मिलेगी तीन वर्ष की छूट   लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट, केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा   लखनऊ सेना में देश की सेवा कर चुके पूर्व अग्निवीर युवाओं के लिए योगी सरकार ने सरकारी नौकरी की राह और आसान कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती संबंधी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सरकार ने अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने के साथ ही लिखित और शारीरिक परीक्षा से भी छूट देने का निर्णय लिया है। पूर्व अग्निवीरों को केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। इस व्यवस्था से सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।   कैबिनेट बैठक के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन किया है।   चार विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदेश के पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को प्रदेश की सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के बेहतर अवसर मिलेंगे।   28 वर्ष तक की आयु में कर सकेंगे आवेदन पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष कर दी गई है। तीन वर्ष की इस छूट से सैन्य सेवा के बाद सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।   केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा पूर्व अग्निवीरों को इन विभागों में भर्ती के लिए लिखित और शारीरिक परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण रियायत होगी।   सैन्य सेवा के बाद प्रदेश की सेवा का अवसर अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार एक महत्वपूर्ण विषय है। योगी सरकार ने भर्ती नियमों में संशोधन कर ऐसे युवाओं के लिए प्रदेश की सरकारी सेवाओं में आगे बढ़ने की व्यवस्था को और सुगम बनाया है। इससे सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव रखने वाले युवाओं को देश की सेवा के बाद उत्तर प्रदेश में भी अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलेगा।

बाजरा का 2.20 लाख, ज्वार 50 हजार और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का क्रय का लक्ष्य प्रस्तावित

31 दिसंबर तक होगी मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद  33 जनपदों में बाजरा,  25 जनपदों में मक्का और 11 जनपदों में होगी ज्वार की खरीद बाजरा का 2.20 लाख, ज्वार 50 हजार और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का क्रय का लक्ष्य प्रस्तावित   ज्वार (मालदांडी) का 4073 व ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित  बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये,  मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल तय  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश- 48 घंटे के भीतर किसानों को किया जाए भुगतान लखनऊ,  खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 'श्रीअन्न'  (मोटे अनाज) की खरीद 31 दिसंबर तक चलेगी। खाद्य व रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक 'मोटे अनाज' में शामिल ज्वार (मालदांडी) का 4073, ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये, बाजरा का 2900 और मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है।  किसानों को 48 घंटे में भुगतान का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 48 घंटे में किसानों को भुगतान कराने का निर्देश दिया है। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।  मक्का खरीद के लिए 25 जनपद प्रस्तावित   मक्का खरीद 25 जनपदों में होगी। यह जनपद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र एवं ललितपुर हैं।  बाजरा खरीद वाले 33 जनपद निर्धारित  बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट एवं हमीरपुर (कुल 33 जनपदों) में की जायेगी। इन 13 जिलों में होगी ज्वार की खरीद  बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी, फिरोजाबाद में ज्वार की खरीद होगी। कुल क्रय केंद्र बाजरा- 300 क्रय केंद्र  ज्वार-80 क्रय केंद्र मक्का- 75 क्रय केंद्र खरीद का लक्ष्य बाजरा खरीद-2.20 लाख मीट्रिक टन  ज्वार खरीद-50 हजार मीट्रिक टन  मक्का खरीद- 15 हजार मीट्रिक टन।

AMU में Gen-Z आंदोलन का असर! प्रॉक्टर बदले, 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग पर फैसला

 अलीगढ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कैंपस से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर आ रही है! छात्रों के ज़बरदस्त आंदोलन और प्रदर्शन के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना ही पड़ा. AMU में लंबे समय से ठप पड़े छात्रसंघ (AMUSU) चुनावों को कराने की मांग प्रशासन ने मंजूर कर ली है. यानी पूरे 8 साल के लंबे इंतजार के बाद कैंपस में एक बार फिर छात्र राजनीति और लोकतंत्र की वापसी होने जा रही है।  इतना ही नहीं, छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था के सवालों के बीच वीसी प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन लेते हुए प्रॉक्टर को भी पद से हटा दिया है।  प्रो. नवेद खान की छुट्टी, प्रो. नफीस अहमद बने नए प्रॉक्टर कैंपस में जारी तनाव और छात्रों के प्रदर्शन के बीच वीसी प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक फेरबदल का चाबुक चलाया. यूनिवर्सिटी द्वारा जारी ऑफिस मेमो के मुताबिक, राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को AMU का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है।  उन्होंने प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह ली है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से दो साल या अगले आदेश तक के लिए की गई है।  8 साल का लंबा सूखा खत्म, जगी चुनाव की उम्मीद AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से माहौल गर्म था. छात्रों का आरोप था कि लंबे समय से चुनाव न होने की वजह से उनकी आवाज़ को दबाया जा रहा था. उग्र प्रदर्शन और दबाव के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार कर ली है।  नए प्रॉक्टर प्रो. नफीस अंसारी के सामने अब कैंपस में शांति बनाए रखने के साथ-साथ 8 साल बाद पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने की कड़ी चुनौती होगी।  AMU में 8 साल से क्यों ठप थे चुनाव? AMU में अंतिम बार छात्रसंघ (AMUSU) चुनाव वर्ष 2018-19 सत्र के लिए आयोजित किए गए थे. इसके बाद से चुनाव पूरी तरह से बंद थे. 2019 में सीएए (CAA) विरोधी प्रदर्शनों और 2020 में कोविड महामारी के कारण कैंपस की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. बाद में सुरक्षा कारणों, प्रशासनिक हीलाहवाली और वित्तीय अनुशासन का हवाला देकर चुनाव लगातार टाल दिए गए।  छात्रों का तर्क था कि बिना छात्रसंघ के उनकी आवाज दब रही है और हॉस्टल व फीस संबंधी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही. इसी को लेकर छात्रों ने 'AMUSU पुनर्बहाली आंदोलन' शुरू किया. पिछले कई हफ्तों से छात्र वीसी दफ्तर के बाहर धरना, तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मुख्य मांगें तत्काल छात्रसंघ चुनाव कराने की तारीखों की घोषणा, पुलिस हस्तक्षेप पर रोक और प्रॉक्टर को हटाना थीं, जिन्हें प्रशासन ने स्वीकार कर लिया। 

योगी सरकार के फैसलों से किसानों की बल्ले-बल्ले, फसल ऋण और क्षतिपूर्ति के आंकड़े किए जारी

लखनऊ   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ के लोकभवन में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक हुई. यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई. कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर यूपी को पहचान दिलाई है. यूपी लगातार विकास की राह भर रहा है. 42 नए राजमार्ग बने हैं. आज कारोबारियों के लिए राह खुल गई है. वहीं, ऐलान किया कि अब जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा।  सीएम योगी ने कहा कि 7 अक्टूबर को देश के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है. सरकार के प्रमुख रूप में अनवरत चल रही समर्पित सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तरप्रदेश का मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन करती है. उत्तर प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश की धरा से ही लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने सेवा ही समर्पण, और राष्ट्र प्रथम को अपना मूलमंत्र मानते हुए राष्ट्र निर्माण को अपना सर्वोच्च ध्येय बनाया है. प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की अनवरत यात्रा जनसेवा से जनकल्याण, जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल है।  काशी और मां गंगा से गहरा संबंध उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का और उत्तर प्रदेश का रिश्ता बेहद आत्मीय है. जब प्रधानमंत्री 2014 में काशी आये थे तो उन्होंने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है. काशी और मां गंगा से आरंभ हुआ आत्मीय संबंध समय के साथ निरंतर गहरा हुआ और आज राज्य के सर्वांगीण कायाकल्प का आधार बना है. केंद्र और राज्य के साझा संकल्प और टीम इंडिया भावना के साथ उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. सर्वविदित है 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता जनजन में असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था. प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश ने गवर्नेंस की नई कार्य संस्कृति को अपनाया. परिणाम स्वरूप सुसाशन सुदृढ कानून व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश की पहचान बनकर उभरे हैं. उत्तर प्रदेश नए आत्मविश्वास के साथ नए आयाम स्थापित कर रहा है।  60,000 करोड़ रुपये की लागत से बने राजमार्ग सीएम ने कहा कि राज्य के विकास को निरंतर अपनी प्राथमिकताओं में रखा है. प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच से आज उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का नया मॉडल बनकर उभरा है. प्रदेश में करीब 60,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है. इसी दौरान दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेस में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण भी पूरा हुआ है।  रेल, मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित देश की पहली उच्च गति वाली दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन आरआरटीएस का सफल संचालन शुरू हुआ है. इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार भी हुआ है।  देश का पहला फ्रेट विलेज बना उन्होंने कहा कि नोएडा, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रदेश अब एयर कनेक्टिविटी की एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है. पीएम के प्रयासों से लॉजिस्टिक और आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख केंद्र के रूप में उत्तर प्रदेश की पहचान स्थापित हुई है. दादरी में ईस्टर्न एंड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन स्थापित हुआ है, जिसका 1050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा प्रदेश से गुजरता है. वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग नंबर 1 पर भारत का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ में फैला देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है।  उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सबका साथ सबका विकास का मूल मंत्र जमीनी धरातल पर पूरी प्रमाणिकता के साथ साकार किया है. प्रदेश के गरीब, वंचित, पिछड़ा, युवा, किसान सहित सर्व समाज के उत्थान के लिए पवित्र और परिणामोन्मुखी प्रयास सरकार द्वारा के द्वारा किए गए हैं. प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को बल मिला है. पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक आयोग का दर्जा प्राप्त हुआ है. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय भी इसी नेतृत्व द्वारा लिया गया है।  किसानों के खाते में गए 1 लाख करोड़ किसानों के कल्याण हेतु पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधा हस्तांतरित हुई है. 5 करोड़ 50 लाख किसान क्रेडिट कार्ड से 13 लाख 42 हजार 978 करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरण हुआ है. 79 लाख 51 हजार किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान तथा गन्ना किसानों को 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है।  जन कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन से 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, 3 करोड़ 67 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों के लगभग 15 करोड़ नागरिकों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है. जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2 करोड़ 46 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल के कनेक्शन दिए गए हैं।  स्वास्थ्य सेवाओं में दिया ये लाभ स्वस्थ उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ हर नागरिक को सुलभ स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना माननीय प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ 8 हजार आयुष्मान कार्ड जारी कर 9 करोड़ 90 लाख से अधिक नागरिकों को सुरक्षा कवच मिला है. इसमें 1 करोड़ 9 लाख 52 हजार गंभीर रोगियों को 18 हजार 798 करोड़ रुपये का मुफ़्त इलाज भी प्रदान किया गया है. आरोग्य मेलों में 14 करोड़ 67 लाख नागरिकों को उपचार हुआ है. गोरखपुर और रायबरेली में दो एम्स भी संचालित हो चुके हैं।  स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 3 करोड़ 37 लाख से अधिक शौचालयों और 59,183 सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण किया गया है. महिलाओं के सम्मान, उनके स्वावलंबन से लेकर श्रमयोगियों के कल्याण तक हर वर्ग का विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है. महिला नेतृत्व वाले विकास … Read more

UP में निवेश और रियल एस्टेट को बढ़ावा, मॉडल भवन विनियम-2026 को कैबिनेट की मंजूरी

औद्योगिक प्राधिकरणों में भवन मानचित्र मंजूरी होगी आसान मॉडल भवन विनियम-2026 को योगी कैबिनेट की मंजूरी, निवेश और रियल एस्टेट क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन मानचित्र और भूखंड अनुमोदन की प्रक्रिया अब और सरल, पारदर्शी एवं नागरिक अनुकूल होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों हेतु मॉडल भवन विनियम, 2026’ के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई। सरकार का यह कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ नगरीय विस्तार, अवस्थापना विकास और निजी निवेश को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए विनियमों से भवन/भूखंड मानचित्र अनुमोदन की प्रक्रिया सुगम होगी और विकसित किए जा सकने योग्य मूल्यवान भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे विनिर्माण, पर्यटन, आईटी/आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। गुणवत्तापूर्ण आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ने के साथ सुनियोजित नगरीय विकास को भी गति मिलेगी। निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे व्यवसाय सुगमता और आर्थिक विकास को और मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर

'स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश' बना यूपी: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या थी मात्र 36, अब बढ़कर हुई 85  एमबीबीएस की सीटें 4690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हुईं उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश' की कहानी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के जरिए शुक्रवार को प्रदेशवासियों से साझा की। मुख्यमंत्री ने उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास को स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया।  वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के साथ नए मानक स्थापित कर रहा यूपी सीएम ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश की डबल इंजन भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 से पहले की स्वास्थ्य क्षेत्र की लचर व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक गति से कार्य किया है। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया से होती थी, वही उत्तर प्रदेश आज वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। उपचार की सुविधा का लगातार विस्तार मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां प्रदेश में वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या मात्र 36 थी, वहीं आज यह बढ़कर 85 हो गई है। साथ ही, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं। इससे एक ओर युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर आमजन के लिए घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा का विस्तार हुआ है। उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त हैं प्रदेशवासी मुख्यमंत्री ने लिखा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी आज गंभीर बीमारी के उपचार के भारी खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा

लखनऊ Narendra Modi International Airport Jewer Greater Noida: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित कर उनके नेतृत्व और जनसेवा की यात्रा की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर रखने का प्रस्ताव कैबिनेट ने पास किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सात अक्टूबर देश के इतिहास में गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है। प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की अनवरत यात्रा जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल है। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री का हार्दिक अभिनंदन करती है। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने खुद इस प्रस्ताव के पारित होने पर कहा कि प्रदेश के लिए यह विशेष गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी धरती से लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने 'सेवा ही समर्पण' और 'राष्ट्र प्रथम' को अपना मूलमंत्र बनाते हुए राष्ट्र निर्माण को सर्वोच्च ध्येय बनाया है। उनकी 25 वर्ष की यात्रा जनकल्याण और जनभागीदारी के माध्यम से जनविश्वास मजबूत करने का उदाहरण है। काशी से गहरा हुआ प्रधानमंत्री का रिश्ता योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश का रिश्ता बेहद आत्मीय है। वर्ष 2014 में काशी आने पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। काशी और मां गंगा से शुरू हुआ यह आत्मीय संबंध समय के साथ निरंतर गहरा हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह रिश्ता आज प्रदेश के सर्वांगीण कायाकल्प का आधार बना है। केंद्र और राज्य के साझा संकल्प तथा 'टीम इंडिया' की भावना के साथ उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 2017 के बाद बदली शासन की कार्यसंस्कृति मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता, आमजन में असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर प्रदेश ने शासन की नई कार्यसंस्कृति अपनाई। इसके परिणामस्वरूप सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचा और निवेश के अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश की पहचान बनकर उभरे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय तथा साझा प्रयासों से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।  

प्रयागराज में सलीम से बने देवव्रत शुक्ला ने वायरल किया वीडियो, पुलिस बोली- किराएदार से विवाद का मामला

लखनऊ यूपी के प्रयागराज में घूरपुर थानाक्षेत्र के सारंगपुर गांव के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाई है। वीडियो पोस्ट कर उसने अतीक परिवार के खौफ से धर्म परिवर्तन कर सलीम अंसारी से देवव्रत शुक्ला बनने का भी दावा किया। लेकिन, ‘हिन्दुस्तान’ अखबार वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इधर, जानकारी होते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। हालांकि पुलिस की जांच में करीब दो साल पहले धर्म परिवर्तन करने की पुष्टि हुई। वहीं, किराएदार से विवाद की वजह से वीडियो पोस्ट करने का मामला सामने आया। फिलहाल किराएदार ने कमरा खाली कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, कानपुर के मूल निवासी सलीम अंसारी पुत्र वाजिद अली का परिवार कई साल पहले घूरपुर के सारंगपुर गांव आकर बस गया था। सलीम अंसारी अधिवक्ता की गाड़ी चलाते हैं। घूरपुर पुलिस गुरुवार को उसके घर पहुंची और पड़ताल की तो सच्चाई का पता लगा। पुलिस का कहना है कि सलीम ने 12 फरवरी 2024 को स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाकर अपना नाम देवव्रत शुक्ला रखा था। उसके मकान में अतीक अहमद के चचेरे भाई हमजा की बहन किराए पर रहती थी। पिछले कुछ दिनों से देवव्रत कमरा खाली करने का दबाव बना रहा था। इसी को लेकर दोनों पक्ष में कहासुनी हुई थी। आरोप है कि देवव्रत ने दबाव बनाने की मंशा से वीडियो में गलत बयानबाजी कर पोस्ट कर दिया था। एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने बताया कि दो साल पहले स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया गया था। किराएदार से विवाद की वजह से वीडियो पोस्ट किया गया था। हालांकि, किराएदार से कमरा खाली करवा दिया गया है। मामले में पुलिस जांच कर रही है वायरल वीडियो में… सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई वीडियो में देवव्रत ने सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ आप हिंदुत्व की बात करते हैं। हिंदू बनना मेरे लिए श्राप बन चुका है। मैंने धर्म परिवर्तन किया है। गांव के एक दबंग व्यक्ति, जिसका नाम हमजा है, उसके चार बेटों और उसका एक भांजा मुझे और मेरी वृद्ध मां को जान से मारने की धमकी देते हैं। वे कहते हैं कि मकान पर कब्जा कर लेंगे। तुम काफिर बन रहे हो। मेरा निवेदन है कि हमजा पर कार्रवाई हो और मुझे सुरक्षा प्रदान की जाए। मेरी सनातनिक धर्म भाइयों से विनती है कि मेरी वीडियो सभी तक पहुंचाएं। मैंने थाने में लिखित शिकायत दी है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

UP में 455 लेखपालों की पदोन्नति, योगी सरकार ने राजस्व निरीक्षक के पद पर दी तरक्की

योगी सरकार ने 455 लेखपालों को दी पदोन्नति, बने राजस्व निरीक्षक – राजस्व परिषद ने ऑनलाइन डीपीसी से पूरी की प्रक्रिया, जल्द जारी होंगे तैनाती के आदेश राजस्व निरीक्षक बनने से तहसील स्तर पर मजबूत होगा राजस्व कार्यों का पर्यवेक्षण लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश में राजस्व प्रशासन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रदेश के 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद पर पदोन्नति प्रदान की है। पदोन्नत कार्मिकों की तैनाती के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण और होगा प्रभावी उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा ने बताया कि पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। निर्धारित पात्रता मानकों और सेवा अभिलेखों के आधार पर कार्मिकों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद 455 लेखपालों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी होने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता के साथ ही समयबद्धता को भी बढ़ावा मिला है। पदोन्नति से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण और प्रभावी होगा। वहीं, भूमि संबंधी मामलों, पैमाइश, राजस्व अभिलेखों और अन्य राजस्व कार्यों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है। राजस्व मामलों के निस्तारण पर जोर बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

विराट कोहली पर बयान से बढ़ा विवाद, फलाहारी बाबा ने मांगी माफी; प्रेमानंद महाराज आश्रम लौटे

लखनऊ दावन के संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत और उसे लेकर चल रही चर्चाओं के बीच 14 दिन बाद गुरुवार को अपने आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। प्रेमानंद अपने राधा केलि कुंज आश्रम और गुरु स्थान पर करीब आधा घंटे रुकने के बाद फिर से यमुनापार के लिए रवाना हो गए। वहीं, प्रेमानंद को लेकर क्रिकेटर विराट कोहली को विवाद में घसीटने वाले फलाहारी बाबा बैकफुट पर आ गए। उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। पिछले शुक्रवार को प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी ने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। उनकी मौत के बाद सनसनी इसलिए ज्यादा फैली क्योंकि रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस जांच के लिए पहुंची तो कमरे में प्राइवेट पार्ट का टुकड़ा और काटने में इस्तेमाल कटर भी मिला था। इसके बाद से कई तरह के रहस्य गहरा गए थे। मौत से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसमें आत्महत्या करते रसिक दुलारी दिखाई दिए लेकिन प्राइवेट पार्ट कटने का राज सामने नहीं आया। इसी के बाद से तरह तरह की चर्चाएं तैरने लगीं। आश्रम देश दुनिया में सुर्खियों में आ गया। इसी बीच गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे संत प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। करीब 20 मिनट तक आश्रम में रहकर श्री जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उसके बाद अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और एकांत ध्यान किया। गुरुजी से आशीर्वाद लेने के बाद करीब छह बजे फिर से यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्तों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गई। जिन्हें महाराज के शिष्यों ने बमुश्किल काबू किया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचकर प्रवचन भी दिए। संतों के विरोध के बाद बैकफुट पर फलाहारी महाराज उधर, विराट कोहली को लेकर प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम पर आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के एक पक्षकार दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। फलाहारी महाराज ने एक बयान जारी कर कहा था कि प्रेमानंद महाराज के आश्राम आने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे। दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए यह रुपये खर्च किए थे। इन आरोपों के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज ने बैठक कर फलाहारी महाराज का सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार करने की घोषणा की थी। साथ ही भविष्य में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया था। माना जा रहा है कि संतों के इसी कदम के बाद फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हैं। अब माफी मांगते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि मैंने आज तक प्रेमानंद महाराज जी के लिए एक शब्द नहीं बोला, मैं पूज्य महाराज जी से माफ़ी मांगता हूं। कहा कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया है। यह भी दावा किया कि इस मामले पर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।