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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में उच्चस्तरीय बैठक में की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों और वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन व व्यय प्रगति की समीक्षा

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में उच्चस्तरीय बैठक में की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों और वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन व व्यय प्रगति की समीक्षा 2016 में देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में 9 प्रतिशत से अधिक हो गई है 2016-17 में ₹12.5 लाख करोड़ थी प्रदेश की जीएसडीपी, 2024-25 में ₹29.78 लाख करोड़ हो गई और अब 2025-26 में ₹36 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान कृषि, ऊर्जा और उद्योग प्रदेश की आर्थिक वृद्धि के मुख्य स्तंभ बने पीएम कुसुम-सी और पीएमजेएवाई से ऊर्जा व स्वास्थ्य क्षेत्र को सीधा लाभ मासिक, पाक्षिक, साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था करें लागू, कार्यों में देरी पर सख्ती के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एनेक्सी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 29.78 लाख करोड़ रुपये है। वर्ष 2024-25 के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत हो गया है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में GSDP लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपये के GSDP लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन—दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि का एक हिस्सा खरीदारी के लिए पूर्व में उपलब्ध कराया जाए, जबकि शेष राशि का उपयोग विवाह आयोजन के समय किया जाए। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना में तेजी लाने तथा उपलब्ध कराए जाने वाले कंप्यूटर वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप एवं उच्च गुणवत्ता के हों, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है, क्योंकि ये प्राथमिक शिक्षा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, बेसिक शिक्षा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा निर्मित किए जा रहे विद्यालयों का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता के दृष्टिगत संबंधित जनपदों से समन्वय कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री को ऊर्जा क्षेत्र के संबंध में अवगत कराया गया कि बिजली चोरी एवं तकनीकी हानियों में कमी से राज्य के विद्युत निगमों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। साथ ही, पीएम कुसुम-सी योजना के अंतर्गत बड़े सोलर प्रोजेक्ट एवं सोलर पार्कों की स्थापना से बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे केंद्र … Read more

‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ पुस्तक हा हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा, विकास और सुशासन की यात्रा को मिली नई पहचान ‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ पुस्तक हा हुआ लोकार्पण कानून-व्यवस्था से निवेश तक मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश की प्रमुख उपलब्धियों का हुआ उल्लेख लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के समग्र परिवर्तन और विकास यात्रा को रेखांकित करने वाली पुस्तक ‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि तथा महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और साहित्य जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की समीक्षा भी की गई। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को है नई पहचान का गौरव मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आजादी के बाद हमारे देश के वीर सपूतों ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास और गौरव को नई पहचान मिली है, जिस पर आज प्रदेश का प्रत्येक नागरिक गर्व कर सकता है। सतीश महाना ने कहा कि इतिहास में ऐसे संत हुए हैं जो राजा बने, और वर्तमान में उत्तर प्रदेश को एक संत-राजा के नेतृत्व में सुशासन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व में दया, संस्कृति और संस्कारों के समन्वय का उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में हुए विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई गति पकड़ी है। आज प्रदेश निवेश, रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरा है। यह पुस्तक शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है। योगी सरकार ने दी सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं, बच्चों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए ठोस नीतियों और योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान की है। पुस्तक में इन प्रयासों का संतुलित और तथ्यपरक चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने पिछले आठ वर्षों में जो अभूतपूर्व प्रगति की है, उसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। निवेश और औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति मिली है। वहीं, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पुस्तक में कानून-व्यवस्था, ई-गवर्नेंस, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों को आंकड़ों के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने पुस्तक के लेखक के शोधपरक प्रयासों की सराहना की। वास्तविक तस्वीर को जनमानस तक पहुंचाना है उद्देश्य पुस्तक के लेखक डॉ. शीलवंत सिंह ने कहा कि इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य पिछले आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गतिमान उत्तर प्रदेश की वास्तविक तस्वीर को सरल और सहज रूप में आम जनमानस तक पहुंचाना है। पुस्तक में कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, अवस्थापना विकास, उद्यमशीलता और रोजगार के क्षेत्र में किए गए नवाचारी प्रयासों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और किसानों की बदली हुई दिशा और दशा को प्रस्तुत किया गया है। पांच खंडों में विभाजित है पुस्तक पुस्तक पांच खंडों में विभाजित है, जिसमें कुल 22 विषयों को शामिल किया गया है। महाकुंभ 2025, ओडीओपी योजना, फिल्म सिटी परियोजना, ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तथा अयोध्या और काशी के सांस्कृतिक उत्थान जैसे विषय इसके प्रमुख आकर्षण हैं। कार्यक्रम के दौरान विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, प्रभात प्रकाशन के पीयूष कुमार, मणिकांत शुक्ल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उ0प्र0 को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर, कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की   उ0प्र0 को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर, कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए : मुख्यमंत्री   प्रदेश का जी0एस0डी0पी0 वर्ष 2016-17 में 12.5 लाख करोड़ रु0, वर्ष 2024-25 में 29.78 लाख करोड़ रु0 तथा वर्ष 2025-26 में जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रु0 से अधिक होने का अनुमान   वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में उ0प्र0 का योगदान 09 प्रतिशत से अधिक   वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से सम्बन्धित विभागीय कार्यों की समीक्षा मंत्रिगण मासिक, मुख्य सचिव पाक्षिक तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाए   विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए आवंटित बजट को समय से व्यय करने के निर्देश, मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाएं ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके नियोजन विभाग सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करे प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक, सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास हों, परिवहन विभाग इस सम्बन्ध में व्यापक समीक्षा करे गढ़मुक्तेश्वर पश्चिमी उ0प्र0 का एक प्रमुख तीर्थ स्थल, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश, प्रदेश में टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण समय से पूर्ण करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी0एस0डी0पी0) वर्ष 2016-17 में 12.5 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में 29.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2025-26 में जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 09 प्रतिशत से अधिक है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जी0एस0डी0पी0 लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपये के जी0एस0डी0पी0 लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन सम्भव हो सका है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने … Read more

अन्नदाता किसान को कोई समस्या हुई तो कोई भी बचेगा नहीं: मुख्यमंत्री

मिलावटी, नकली खाद बेचने वाले और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री अन्नदाता किसान को कोई समस्या हुई तो कोई भी बचेगा नहीं: मुख्यमंत्री फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों भी की होगी निगरानी, गड़बड़ी मिली तो खुली विजिलेंस जांच होगी मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर होगी सीधी निगरानी, खाद वितरण में गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री डीएम, एडीएम, एसडीएम उतरेंगे मैदान में, खाद दुकानों पर औचक निरीक्षण अनिवार्य तय दर पर ही डीएपी, यूरिया और पोटाश, किसान को नुकसान हुआ तो तय होगी जवाबदेही: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मिलावटी अथवा नकली खाद बेचने वालों और खाद की कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान को यदि खाद को लेकर कोई भी समस्या हुई तो जवाबदेही तय होगी और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, कार्रवाई से नहीं बचेगा। मंगलवार को कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता और कृषि मंत्री प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर सीधी निगरानी रखी जाएगी और खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी स्वयं खाद की दुकानों और समितियों पर औचक निरीक्षण करें। ओवर रेटिंग किसी भी दशा में न हो और खाद समितियां निर्धारित अवधि के अनुसार अनिवार्य रूप से खुली रहें। डीएपी, यूरिया और पोटाश किसानों को केवल तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराई जाए। जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां तत्काल जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी। उनका स्पष्ट संदेश था कि खाद संकट पैदा करने या कृत्रिम अभाव दिखाने की कोशिश करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 16 दिसंबर 2025 तक कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र में 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.30 लाख मीट्रिक टन तथा एनपीके में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्धता बताई गई। मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है और गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस अवधि में यूरिया की बिक्री अधिक रही है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्धता के बावजूद किसी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ऐतिहासिक संयोग: 75 वर्षों बाद बन रहा महाशुभ योग, इन तिथियों पर स्नान का विशेष महत्व

प्रयागराज माघ मेला हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसका आयोजन हर वर्ष धर्म नगरी प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर होता है। हिंदू शास्त्रों और पंचांग के अनुसार, पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाला यह मेला स्नान, दान, तप और साधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि माघ मास में संगम में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। वर्ष 2026 में माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा से होगी। इसके अगले दिन यानी 4 जनवरी 2026 (रविवार) से माघ मास का आरंभ होगा। इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र का योग बन रहा है, जो वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। पुनर्वसु नक्षत्र के साथ माघ मास का आरंभ होना सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संकेत देता है। 75 वर्षों बाद बन रहा विशेष शुभ संयोग माघ मेला 2026 को खास बनाने वाला सबसे बड़ा कारण है मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग। वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब मकर संक्रांति के दिन शनि देव का अनुराधा नक्षत्र रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय यदि शनि का शुभ नक्षत्र हो, तो उस दिन किया गया स्नान, दान और जप कई गुना फल देता है। इस दिन संगम स्नान करने से सूर्य का तेज, शनि की कृपा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी 2026 मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026 (प्रातः स्नान 15 जनवरी को भी मान्य) मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026 बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026 माघ पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026 संक्रांति स्नान दो दिन क्यों? हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को सूर्य दोपहर बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए शास्त्रों में 14 जनवरी का सायंकालीन स्नान और 15 जनवरी का प्रातःकालीन स्नान दोनों को संक्रांति स्नान का पुण्य प्राप्त होगा। इसी कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग तिथियां मान्य दिखाई देती हैं। माघ मेला 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना, पुण्य अर्जन और जीवन शुद्धि का दुर्लभ अवसर है। विशेष रूप से मकर संक्रांति का स्नान इस वर्ष अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।

पीडीए की काट के लिए योगी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की संभावना

लखनऊ भाजपा ने जिस तरह से प्रदेश संगठन में पिछड़ी जाति के नए ‘चौधरी’ को कमान देकर विपक्ष के पीडीए समीकरण की काट की जमीन तैयार करने का संदेश दिया है, अब उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार में भी बदलाव की कवायद की तैयारी है। हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा और स्वरूप क्या होगा, इस पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार में पीडीए समीकरण को दुरुस्त करने का खाका तैयार करने पर मंथन शुरू हो गया है। यूं तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा पिछले साल अक्तूबर में पार्टी के संगठन पर्व के आगाज के साथ शुरू हो गई थी लेकिन इसकी तस्वीर पर अब तक धुंध छाई है। चूंकि संगठन पर्व का समापन हो चुका है और पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है इसलिए अब फिर से योगी-2 की टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। बदले सियासी परिवेश में संभावित मंत्रिमंडल के बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा जातीय समीकरण पर है। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2027 के रण में विपक्ष के पीडीए को मजबूत टक्कर देने के लिए यह कवायद हो रही है। माना जा रहा है कि मौजूदा मंत्रिमंडल के सदस्यों में कुर्मी समेत अन्य पिछड़ी व दलित जाति के मंत्रियों का प्रतिनिधित्व व कद बढ़ सकता है। साथ ही कुछ मंत्रियों के स्थान पर ऊर्जावान व युवा विधायकों को मौका दिया जा सकता है। खास तौर से पार्टी से दूर हो रहे कुर्मी समाज पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए इस वर्ग के नेताओं को प्रमोट किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पूरी तस्वीर तो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही साफ होगी, लेकिन इतना जरूर है कि आगामी विस्तार में जातीय गुलदस्ता सजाकर सरकार में भी पीडीए की छाप दिखाने की कोशिश दिखेगी। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद भूपेंद्र चौधरी का सरकार में समायोजन तय माना जा रहा है। चौधरी को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनके अलावा करीब आधे दर्जन नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा के आधार पर कई को संगठन में भी भेजा जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू होने के साथ ही दावेदार विधायकों ने दिल्ली की दौड़ लगानी शुरू कर दी है। क्षेत्रीय संतुलन बनाने पर भी मंथन सूत्रों का कहना है कि संभावित विस्तार में पीडीए पर फोकस के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर भी खास ध्यान रखा जाएगा। ऐसे में पश्चिम, बुंदेलखंड और मध्य यूपी को विशेष स्थान दिया जा सकता है।

पहले शादी, फिर जमीन पर कब्जे की साजिश: UP में आदिवासी महिलाओं से जुड़ा मामला सामने आया

सोनभद्र  उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील क्षेत्र में आदिवासी समाज की जमीनों पर कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि एक समुदाय विशेष के लोग अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर या धर्म परिवर्तन का दबाव डालकर उनकी जमीनें हड़प रहे हैं. इतना ही नहीं 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वाले क्षेत्र में एक समुदाय विशेष की बसावट करा रहे हैं. मामला सामने आने के बाद पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है. बता दें कि झारखण्ड और मध्य प्रदेश सीमा से सटे दुद्धी क्षेत्र में जनजातीय आबादी लगभग 50 प्रतिशत है. लेकिन आरोप है कि यहां की जनजातीय महिलाओं को फंसाकर पहले शादी फिर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर उनकी जमीनों पर कब्ज़ा किया जा रहा है. इतना ही नहीं इन जमीनों पर एक समुदाय विशेष को बसाया भी जा रहा है. मामला सामने आने के बाद बघाड़ू गांव के निवासी बहादुर अली, नसीम उद्दीन, अजमत अली, रजिया पनिका और अमवार गांव के अब्दुल सुभान के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और दलित उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है. लेकिन ऐसे मामलों से आदिवासी समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. पीड़ित ने बहादुर अली पर लगाए आरोप पीड़ित मनोज गौड़ ने बताया कि उनके परिवार में चार बेटियां और एक छोटा बेटा है. एक व्यक्ति बहादुर अली पर आरोप है कि वह उनकी चारों बेटियों पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहा है. इसके अलावा, अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के नाम पर सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं. पीड़ित परिवार ने जिला अधिकारी से न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च स्तर पर जांच से उन्हें इंसाफ मिलेगा. प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का दबाव मनोज पेशे से भूजा बेचते हैं. उनकी बेटी रेनू कुमारी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ दिनों से गांव के बहादुर अली, नसीम उद्दीन, अजमत अली, रजिया पनिका और अमवार निवासी अब्दुल सुभान उसके घर पर बार-बार आकर उसके परिवार को प्रलोभन देकर मुस्लिम धर्म में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं. उनका कहना है कि हमारे बेटों से शादी कर लेने पर वे मालामाल हो जायेंगे. इतना ही नहीं अच्छा गहरा भी बनवा देंगे और जिंदगी बदल जाएगी. बात न मानने पर परिवार खत्म करने की धमकी रेनू ने बताया कि जब परिवार ने उनके ऑफर को ठुकरा दिया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दे डाली। रेनू का यह भी आरोप है कि कॉलेज जाते समय आरोपी उसे छेड़ते हैं. रेनू का यह भी आरोप है कि बहादुर अली गांव में जमीन खरीदकर मुस्लिमों को बसाने का काम भी कर रहा है. उसने आदिवासी महिला से शादी कर पत्नी और साले के नाम पर कई जमीन खरीद रखी है. इस मामले में दूधी कोतवाली इंचार्ज स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.

छात्रों की लगी लॉटरी! यूपी की इस यूनिवर्सिटी में लुभावने पैकेज के साथ मिली शानदार नौकरियां

गोरखपुर  उत्तर प्रदेश के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के 194 विद्यार्थियों को अलग-अलग मल्टी इंटरनेशनल कंपनियों में प्लेसमेंट मिला है। इन छात्रों को तीन से 13 लाख रुपये तक का पैकेज ऑफर किया गया है। इसके बाद से इस सत्र में कैंपस प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों की संख्या 426 पहुंच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।   एमएमएमयूटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के चेयरमैन प्रो. वीके द्विवेदी ने बताया कि एक्सेंचर में कुल 80 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट का लाभ मिला है। इनमें 47 छात्रों को 6.5 लाख और 33 को 4.5 लाख रुपये का पैकेज मिला है। फिन्नेबल में सात छात्रों को प्लेसमेंट का लाभ मिला है। इनमें एक को 13 लाख और छह को 12 लाख का वार्षिक पैकेज ऑफर किया गया है। हिंदुस्नात यूनिलिवर में दो छात्रों को 12.36 लाख, आदित्य बिड़ला ग्रुप में आठ विद्यार्थियों को 8.5 लाख और रजिस्टर करो में तीन को 7.8 लाख का पैकेज मिला है। एरिक्सन में दो छात्रों को 7.15 लाख, ऑस्मासिस में दो और प्रिजर्वेक्स में नौ छात्रों को सात-सात लाख का पैकेज मिला है। इसके अलावा इंटर्न्स एलीट में 25, एचसीएल टेक में सात छात्रों को प्लेसमेंट मिला है। प्लेसमेंट सेल की समन्वयक सुकन्या पांडेय ने बताया कि टीसीएस, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू, हैवल्स, क्लाउडकीपर व टोरेंट समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां छात्रों के प्लेसमेंट के लिए आ रही हैं क्या बोले कुलपति एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो.जेपी सैनी ने बताया कि मौजूदा सत्र में 426 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिल चुका है। इस बार भी देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आ रही हैं। एमएमएमयूटी की पूरी कोशिश है कि यहां से निकलने वाले हर विद्यार्थी को अच्छी कंपनियों में प्लेसमेंट मिले, जिससे की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एमएमएमयूटी की पहचान बन सके।  

उत्तर प्रदेश में बढ़ी ठिठुरन: कोहरे के साथ शीतलहर का कहर, IMD ने चेताया

लखनऊ  तराई क्षेत्र में ठंड का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को हालात ऐसे रहे कि दिनभर घना कोहरा और धुंध छाई रही, जिससे सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले चार दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। बर्फीली हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ेगी, वहीं कोहरे का असर भी बना रहेगा। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। ठंड के कारण जनजीवन लगभग ठप सुबह घने कोहरे और तीखी ठंड के कारण जनजीवन लगभग ठप नजर आया। दृश्यता इतनी कम थी कि सुबह करीब 11 बजे तक बाजार और सड़कें वीरान रहीं। जो वाहन सड़कों पर दिखे भी, वे हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलते नजर आए। हाईवे से लेकर मुख्य और संपर्क मार्गों तक कोहरे ने आवाजाही मुश्किल कर दी।   ठंड के चलते लोग घरों में दुबके कड़ाके की ठंड के चलते लोग घरों में दुबके रहे। रोजाना चहल-पहल वाले चौराहे और बाजार सुबह के समय सूने पड़े रहे। दुकानों के शटर देर से उठे और ग्राहकों की संख्या भी बेहद कम रही। स्कूल जाने वाले बच्चे और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी ठंड से कांपते नजर आए। इकौना नगर में गलियों और सड़कों के किनारे कुत्ते बुझ चुके अलावों की राख पर सिमटे दिखे, जबकि बेसहारा मवेशी खाली बरामदों में ठंड से बचाव करते नजर आए। तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं सार्वजनिक अलाव की कमी के चलते कई इलाकों में मजदूर कागज और पॉलिथीन जलाकर ठंड से बचने को मजबूर दिखे। आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 20 दिसंबर तक घना कोहरा बने रहने की संभावना है। जिले में अधिकतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है।

नेशनल हाईवे के किनारे बनेगा महिला मार्केट प्लेस, गो-उत्पादों की होगी सीधी बिक्री

  गो सेवा, नवाचार और रोजगार का संगम जो गोशालाएं पहले की सरकारों में बोझ मानी जाती थीं, वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं गोबर से ‘गो-कास्ट’ और वर्मी कम्पोस्ट, महिलाओं की आय बढ़ाने की पहल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा रोजगार, हर माह होगी कमाई लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गो-कल्याण योजना अब केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि नवाचार और महिला सशक्तिकरण का मजबूत मॉडल बनकर उभर रही है। एटा जनपद की मलावन गोशाला में शुरू हुई यह पहल प्रदेश में आत्मनिर्भर गोशालाओं की नई तस्वीर पेश कर रही है। जो गोशालाएं पहले की सरकारों में बोझ मानी जाती थीं, वे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं। यहां गो माता को ठंड से बचाने के लिए फूस और टाट की बोरी से तैयार विशेष प्रकार के ‘इको-थर्मल कंबल’ बनाए जा रहे हैं। ये कंबल न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि कम लागत में तैयार होकर गो संरक्षण को भी मजबूती दे रहे हैं। इसके साथ ही गोशाला में बर्मी कम्पोस्ट और गोबर से ‘गो-कास्ट’ जैसे नवाचारी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं, जिसकी बाजार में जबरदस्त डिमांड है। गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो और गमले बनाने के लिए 30 सखी दीदियां तैयार एटा के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने इस मॉडल को गो-कल्याण, पुनर्चक्रण और ग्रामीण आजीविका का उत्कृष्ट संयोजन बताया। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के नेतृत्व में गोशाला को आय का बेहतर श्रोत बनाया जा रहा है। जो गोशालाएं पहले बोझ मानी जाती थीं, वे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि कार्ययोजना के तहत प्रशिक्षण देकर 30 सखी दीदियों को तैयार किया जा रहा है, जो गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो और गमले जैसे उत्पाद बनाएंगी। इसके अलावा मलावन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास एक स्थायी मार्केट प्लेस विकसित किया जाएगा, जहां गो आधारित उत्पादों की सीधी बिक्री होगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर माह निश्चित आय अर्जित कर सकेंगी इस पहल का सबसे प्रभावशाली पक्ष यह है कि इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर माह निश्चित आय अर्जित कर सकेंगी। महिलाओं ने बताया कि वे आगे भी गोशाला संचालन, स्वच्छता, पोषण प्रबंधन और उत्पाद निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए इसे आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल के रूप में विकसित करती रहेंगी। योगी सरकार की योजना से साफ है कि गोसेवा और रोजगार साथ-साथ चल सकते हैं। नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के जरिए प्रदेश की गोशालाएं अब बोझ नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनती जा रही हैं।