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तीन चरणों में मिलेगी नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

ब्याज पर 100% और मूलधन पर 25% तक की छूट आगरा के 1.60 लाख उपभोक्ताओं का 501 करोड़ रुपए बकाया होगा माफ आगरा उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने विद्युत उपभोक्ताओं को एक बड़ी सौगात देते हुए "बिजली बिल राहत योजना 2025- 26" को लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में लागू रहेगी और इसका उद्देश्य लंबित बिल वाले नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को बकाये से मुक्ति दिलाना है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में लागू हो रही इस एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत, 2 किलोवॉट तक के घरेलू (एलएमवी-1) और 01 किलोवॉट तक के वाणिज्यिक  (एलएमवी-2) उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि इस योजना के माध्यम से केवल दक्षिणांचल में ही लगभग 501 करोड़ रुपये का बकाया माफ होने का अनुमान है, जो 1.60 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुँचाएगा। आगरा देहात के 1.60 लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित   मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि आगरा देहात में 24,300 नेवर पेड घरेलू उपभोक्ता और 1,35,725 लॉन्ग अनपेड घरेलू उपभोक्ता (जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक बिल जमा नहीं किया) हैं। उन्होंने योजना की छूट का विवरण देते हुए कहा कि पहली बार तीन चरणों की इस योजना में, नेवर पेड व लॉन्ग अनपेड बिजली उपभोक्ताओं को ब्याज पर 100 फीसदी और मूलधन पर 25 फीसदी तक की छूट प्रदान की जाएगी।  उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम चरण (01 से 31 दिसंबर 2025) में पंजीकरण कराकर 30 दिन में पूरा भुगतान करने पर ब्याज में 100% और मूल बकाए में 25% की छूट मिलेगी। द्वितीय चरण में मूलधन में छूट का दायरा 20% और तृतीय चरण में यह 15% रहेगा। किस्त भुगतान पर भी मिलेगी राहत किस्त में भुगतान का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी राहत है। मुख्य अभियंता ने बताया कि मासिक 500 या 750 रुपए की किस्त व नियमित बिल का भुगतान करने पर ब्याज में 100% छूट रहेगी। साथ ही, मूल बकाये में भी 5% से 10% तक की छूट मिलेगी। हालांकि, तीन बार किस्त बाउंस होने पर उपभोक्ता योजना से अयोग्य हो जाएगा। जन-जन तक पहुँचें योजना का लाभ, होगा व्यापक प्रचार- प्रसार योजना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए योगी सरकार ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ प्रत्येक गाँव में मुनादी कराना अनिवार्य किया गया है। राजस्व संग्रह एजेंसियों को विशेष प्रोत्साहन योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्शन एजेंसियों (जनसेवा केंद्र, विद्युत सखी, मीटर रीडर्स) को विशेष प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है, जिससे वे नेवर पेड उपभोक्ताओं से अधिक से अधिक वसूली कर सकें और योजना को सफल बना सकें। योगी सरकार की ऐतिहासिक 'बिजली बिल राहत योजना पर आम लोगों की राय "मैं 1.5 किलोवाट का घरेलू उपभोक्ता हूँ और लंबे समय से बिल नहीं भर पाया था। अब योगी सरकार ने जो ब्याज पूरी तरह माफ किया है और मूल में भी छूट दी है, उससे हम जैसे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। यह योजना हमारे लिए नया जीवनदान है।" -मनोज कुमार, उपभोक्ता "यह योजना केवल आर्थिक राहत नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों को बिजली कनेक्शन कटने के डर से मुक्ति दिलाकर उन्हें मुख्यधारा में जोड़ेगी। योगी सरकार का यह कदम अत्यंत संवेदनशील और लोक-कल्याणकारी है, खासकर बिजली चोरी के प्रकरणों में राजस्व निर्धारण में छूट देने का प्रावधान सराहनीय है।" -समाजसेवी मुकेश कुमार गर्ग

25 नवंबर का दिन बनेगा स्वर्णिम,ध्वजारोहण के साथ मंदिर पूर्णता की ओर

सुरक्षा अभेद्य, आधार अनिवार्य,अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा,ध्वजारोहण मंदिर निर्माण यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होम स्टे से कारसेवकपुरम तक ठहरने की व्यापक तैयारी, भोजन-पानी की पूरी व्यवस्था रामलला के दर्शन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम दोपहर 2 बजे तक चलेगा अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधे निगरानी में अयोध्या एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम क्षण का साक्षी बनने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अब 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाएगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिषद में मौजूद रहेंगे। यह क्षण न केवल मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचाएगा, बल्कि सदियों से रामभक्तों की आस्था और संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण यात्रा अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगी। यह आयोजन हर रामभक्त के लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत ऊर्जावान होगा। छह हजार विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस भव्य समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश, अयोध्या मंडल तथा आसपास के जिलों से करीब छह हजार चुनिंदा मेहमान शामिल होंगे। सभी मेहमानों को 24 नवंबर को ही अयोध्या पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या असुविधा की स्थिति न बने। प्रवेश के लिए सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है, जिसके लिए सभी को अधिकृत पास प्रदान किए जाएंगे। दोपहर दो बजे तक चलेगा कार्यक्रम ध्वजारोहण कार्यक्रम दोपहर लगभग दो बजे तक चलेगा। सुरक्षा कारणों से आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी रिवॉल्वर या किसी प्रकार का हथियार लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट अपील की है कि मेहमान समारोह में बिना किसी हथियार के ही आएं। भोजन-पानी और ठहरने की विशेष व्यवस्था भीड़ और असुविधा से बचाने के लिए इस बार प्रशासन और ट्रस्ट ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। ठहरने के लिए आश्रम, होम स्टे, बाग बिगेसी, कारसेवकपुरम आदि स्थानों पर लगभग तीन हजार लोगों के लिए ठोस व्यवस्था की गई है। शेष मेहमानों को अन्य सुरक्षित स्थलों पर ठहराया जाएगा। मंदिर परिसर के भीतर ही बैठने की उचित व्यवस्था रहेगी। सभी मेहमानों के लिए भोजन एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। समारोह के दौरान मेहमान रामलला के दर्शन करेंगे तथा कार्यक्रम के अंत में सभी को पवित्र प्रसाद वितरित किया जाएगा। यह प्रसाद रामलला की कृपा एवं आशीर्वाद का प्रतीक माना जा रहा है। अयोध्या के विकास और मंदिर की महिमा का वैश्विक संदेश यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अयोध्या के तेजी से बदलते स्वरूप और राम मंदिर की भव्यता का वैश्विक प्रदर्शन भी है। प्रधानमंत्री द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर किया जाने वाला ध्वजारोहण इस बात का प्रतीक होगा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद रामलला अब अपने दिव्य और भव्य मंदिर में विराजमान हैं। चंपत राय का कहना है कि यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की औपचारिक घोषणा जैसा होगा, जिसके बाद दुनिया को यह संदेश जाएगा कि मंदिर का स्वरूप अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने झोंक दी है पूरी ताकत  कार्यक्रम को भव्य और त्रुटिहीन बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस और ट्रस्ट लगातार तैयारी में जुटे हैं। सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, अतिथियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर, 25 नवंबर का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला है। मंदिर के शिखर पर फहराते ध्वज और प्रधानमंत्री मोदी का यह ऐतिहासिक क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्मरणीय बन जाएगा।

योगी सरकार का कड़ा कदम: आधुनिक वज्र वाहनों से बढ़ेगी यूपी पुलिस की ताकत

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सौगात देते हुए दंगा नियंत्रण के लिए 9.70 करोड़ रुपये के वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसके तहत संवेदनशील शहरों में वज्र वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी आपात स्थिति में पुलिस प्रभावी नियंत्रण कर सके। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई मौकों पर प्रदेश में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के सामने कड़ी चुनौती होती है। लेकिन अब कैबिनेट ने वज्र वाहनों की खरीद के लिए 9.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करके इस चुनौती से निपटने का प्रयास किया है। बता दें कि पिछले साल भी उत्तर प्रदेश पुलिस को 41 दंगा नियंत्रण वाहनों के लिए बजट स्वीकृत किया गया था।   कैबिनेट की तरफ से कौन-कौन से प्रस्ताव पास हुए? -निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा निदेशालय का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2019-20 को राज्य विधान मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाना। -राज्य संपत्ति विभाग के स्टाफ पूल के नीलाम किए गये 14 वाहन के बदले 14 नये वाहनों की खरीद।

अयोध्या बनेगी डेवलपमेंट का रोल मॉडल: 2031 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक सिटी का खाका तैयार

लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है. श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं. अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है. अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए. शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा. ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है. इसे भी पढ़ें- जेब भारी रखना, क्योंकि ढ़ीली होने वाली है… टोल टैक्स भुगतान के नियमों में बदलाव, FASTag फेल हुआ तो लगेगी तगड़ी चपत इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए. अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए. अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा. यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है. इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे. अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है. इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है. इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं. ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी. इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है. इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है. यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है. अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है. रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है. इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है. आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है. यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है. इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है. राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है. इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है. इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं. गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है. लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है. इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं. होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं. इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है. इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है. इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को लेकर दृढ़संकल्पित हैं. आने वाले समय में अयोध्या का विकास पूरी दुनिया में रोल मॉडल बनकर उभरने वाला है.

बिजली बिल में मिलने वाली राहत की तैयारी पूरी: 14 जिलों में 1 दिसंबर से शुरू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ उत्तर प्रेदश में योगी सरकार 14 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े मेरठ समेत 14 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की ओर से बिजली बिल राहत योजना 2025-26 लागू की जाने वाली है। प्रदेश के 14 जिलों में एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में यह योजना संचालित की जाएगी। पविविवनिलि के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं (एल एम वी- वन) को मिलेगा। इन उपभोक्ताओं के दो किलोवाट तक श्रेणी भार के नेवर पेड एवं लांग अनपेड और विद्युत चोरी के समस्त प्रकरणों में राजस्व निर्धारण में छूट दी जाएगी। योजना से जुड़े प्रमूख बातें     पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। उपभोक्ता www.uppcl.org, यूपीपीसीएल कंज्यूमर ऐप या जन सुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।     ओवर बिल उपभोक्ताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं के बिल औसत खपत के आधार पर संशोधित कर राहत दी जाएगी।     पंजीकरण करने वाले उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर विलंब शुल्क की 100 प्रतिशत माफी मिलेगी।     समय से एकमुश्त भुगतान करने पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ इसके साथ ही वाणिज्यिक श्रेणी के (एल एम वी- टू) एक किलोवाट श्रेणी भार उपभोक्ताओं को भी ऐसी ही छूट का लाभ मिलेगा। यदि उपभोक्ता निर्धारित समयावधि में पंजीकरण कर अपने बिजली बिल का भुगतान करेंगे, उन्हें 25 प्रतिशत तक की राहत और समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

अयोध्या: 25 नवंबर को रामलला दर्शन स्थगित, पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारी में बदलाव

अयोध्या 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर आ रहे हैं. यहां वे मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे. इस बीच ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है. मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि 25 नवंबर को भक्तों को रामलला के दर्शन नहीं होंगे. ये इसलिए क्योंकि 25 नवंबर के राम मंदिर में पीएम मोदी का कार्यक्रम है. उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहेंगे. बता दें कि 25 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियां मंदिर परिसर पहुंचेंगी. इसी कड़ी में पीएम के प्रवास से 10 दिन पहले यानी आज से मंदिर परिसर की सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) अपने हाथों में ले लेगी. इस संबंध में एसपीजी ने मंदिर निर्माण एजेंसी को भी 12 नवंबर तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया था. जानकारी के मुताबिक मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य भी बंद कर दिया गया है. अब फिनिशिंग आदि का कार्य चल रहा है. पीएम मोदी ध्वजारोहण के बाद मंदिर परिसर में भ्रमण करेंगे. लिहाजा पूरे परिसर को खाली कराया जा रहा है. रखी हुई निर्माण सामाग्रियों को भी दूसरी जगह पर रखा जा रहा है. साथ ही परिसर में साज-सज्जा का काम भी शुरू हो चुका है.

अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण: वनवासी क्षेत्रों के संत समाज को मिलेगा खास सम्मान

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि मंगलवार, 25 नवंबर का दिन, अयोध्या में भगवान राम के विवाह का पारंपरिक पवित्र दिन है। इस दिन, राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर में करीब 12 बजे होगी और फिर ध्वजारोहण किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर लगभग दो बजे संपन्न होगा। कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को लेकर चंपत राय ने बताया कि इस बार सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश के बंधु-बांधवों को बुलाया गया है। कुल छह हजार लोग आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें अयोध्या जनपद से ही तीन हजार लोगों की संख्या हैं। अयोध्या के सभी संत कार्यक्रम में आएंगे, जिनमें जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के संत भी होंगे। अनुमान है कि लगभग एक हजार संत-महात्मा इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। बाकी संपूर्ण पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को आमंत्रित किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव ने बताया कि खासतौर पर वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले संत समाज को बुलाया गया है। हमारी दृष्टि इस बार उस समाज पर है, जो सुदूर जंगलों, वनवासी क्षेत्रों, पर्वतों और समुद्र किनारे के गांवों में निवास करता है। उत्तर में समुद्र नहीं है, लेकिन गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां हैं। उनके किनारे जीवन यापन करने वाले समाज में से लोगों का चयन किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री समेत सभी प्रमुख व्यक्तियों के अयोध्या जिले से दोपहर लगभग 2 बजे या उससे थोड़ा पहले प्रस्थान करने की संभावना है। प्रशासन और हम सभी इस उत्सव के महत्व और इसके व्यस्त कार्यक्रम से अवगत हैं। इससे जनता को कोई असुविधा नहीं होगी। यह हमारी समारोह संबंधी तैयारियों का हिस्सा है।  

सत्ता बरकरार, संदेश भी साफ: CM योगी बोले— बिहार-यूपी का अटूट बंधन

सोनभद्र  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और बिहार के संबंध की तुलना भगवान राम और देवी सीता के पवित्र संबंध से करते हुए शनिवार को कहा कि दोनों राज्यों का रिश्ता भी ‘‘अटूट और सुदृढ़'' है। सोनभद्र में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 548 करोड़ रुपये की 432 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ऐतिहासिक जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और बिहार साझा संस्कृति, साझा विरासत और साझा संकल्प के प्रतीक हैं। प्रभु राम और माता जानकी के पवित्र संबंध की तरह दोनों राज्यों का रिश्ता भी अटूट और सुदृढ़ है।''  उन्होंने कहा, ‘‘वहां की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर यह संदेश दिया है कि विकास, सुशासन और स्थिरता के लिए डबल इंजन की सरकार पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित व विकास की नीतियों को जनता का सशक्त समर्थन मिल रहा है।'' मुख्यमंत्री ने सोनभद्र की धरती को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के अनोखे संगम की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनजातीय बहनों–भाइयों की भागीदारी बदलाव की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक है।  सीएम योगी की टिप्पणी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह बिहार में राजग द्वारा महागठबंधन को हराकर सत्ता बरकरार रखने के एक दिन बाद आई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने 10 दिन के चुनाव अभियान में 30 रैलियां और एक रोड शो किया। उनका अभियान 16 अक्टूबर को शुरू हुआ था। अपने भाषणों में योगी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में राजग सरकारों के विकास कार्यों को प्रमुखता से रखा, जबकि कांग्रेस-राजद गठबंधन पर ‘‘जंगल राज'', अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हमला बोला।   

यूपी में रबी की तैयारी पूरी: किसानों के लिए 11 लाख क्विंटल बीज व पर्याप्त खाद उपलब्ध

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी सीजन 2025–26 के लिए किसानों को बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल की है। कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 11.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों में वितरित किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया, सरसों, राई और अलसी सहित प्रमुख फसलों के लिए 81% बीज उपलब्ध हो चुका है, जबकि 69% बीज किसानों तक पहुंच भी चुका है। दलहन और तिलहन फसलों को प्रोत्साहन दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 92,518 मिनीकिट बांटने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 76,258 मिनीकिट खेतों तक पहुंच चुके हैं। केंद्र सरकार से प्राप्त 2,26,400 मिनीकिट में से 1,14,697 मिनीकिट की आपूर्ति हो चुकी है। तिलहनी फसलों- खासकर सरसों और राई के लिए निर्धारित 4.96 लाख मिनीकिट में से 4.92 लाख उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें से 3.94 लाख किसानों को मिल चुके हैं। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स के तहत क्लस्टर आधारित खेती और गन्ने के साथ मिश्रित फसल प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए 5,700 क्विंटल सरसों का बीज किसानों को पूर्णत: नि:शुल्क दिया जा रहा है। राज्य में खाद का संतोषजनक भंडार 1 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 तक यूपी में खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है-     यूरिया: 17.41 लाख टन     डीएपी: 10 लाख टन     एनपीके: 7.56 लाख टन     एसएसपी: 4.09 लाख टन     एमओपी: 1.51 लाख टन इसी अवधि में लाखों टन उर्वरक किसानों को वितरित भी किए गए हैं। 14 नवंबर 2025 को उपलब्धता इस प्रकार रही-     12.59 लाख टन यूरिया     3.76 लाख टन डीएपी     3.94 लाख टन एनपीके     2.65 लाख टन एसएसपी     0.81 लाख टन एमओपी सहकारिता क्षेत्र और निजी विक्रेताओं दोनों के पास पर्याप्त स्टॉक है, जिससे रबी सीजन में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। POS मशीनों से पारदर्शिता बढ़ी 1 अक्टूबर से 13 नवंबर के बीच 1.02 करोड़ किसानों ने POS मशीनों के माध्यम से कुल 16.82 लाख टन उर्वरक खरीदे, जिससे वितरण प्रणाली और निगरानी को मजबूत करने में मदद मिली है। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है-     27,315 छापे     5,291 नमूने जांच हेतु भेजे     1,005 लाइसेंस निलंबित     1,314 लाइसेंस निरस्त     62 दुकानें सील     192 FIR दर्ज सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 

अग्निवीर सेना रैली में पूर्वांचल का दम, 651 युवाओं ने पार की पहली बाधा

रैली में सैन्य अफसर दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते भी दिखाई दिए वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित छावनी क्षेत्र के रणबांकुरा स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही सेना की (अग्निवीर) भर्ती रैली के तहत शनिवार को देवरिया और गाज़ीपुर जिलों के अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न हुई। सुबह से ही स्टेडियम परिसर में अभ्यर्थियों की लंबी कतारें और जोश देखने को मिला। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, कुल 1233 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। उनमें देवरिया के 430 और गाज़ीपुर के 803 अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें से 996 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। निर्धारित दौड़ पूरी करने के बाद कुल 651 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। भर्ती प्रक्रिया का नेतृत्व बरेली एआरओ (आर्मी रिक्रूटिंग आफिस) के भर्ती निदेशक कर्नल मानस महापात्रा ने किया। उनके निर्देशन में पूरी प्रक्रिया पूरी तरह अनुशासित, पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न हुई। मैदान में मौजूद भर्ती दल, सुरक्षा टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की। अभ्यर्थियों में चयन को लेकर उत्साह और प्रतिस्पर्धा पूरे दिन नजर आई। सैन्य अफसर दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते भी दिखाई दिए।  वाराणसी स्थित सेना भर्ती निदेशक कर्नल शैलेष कुमार ने बताया कि अब चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार 16 नवंबर को गाज़ीपुर जिले की जखनियां, सैदपुर और मोहम्मदाबाद तहसीलों के कुल 1260 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। भर्ती निदेशालय ने सभी अभ्यर्थियों से समय से उपस्थित होने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि छावनी क्षेत्र स्थित 39 जीटीसी परिसर स्थित रणबांकुरा स्टेडियम में 08 नवंबर से अग्निवीर सेना भर्ती रैली चल रही है।