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युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री

61 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश की मेजबानी में आयोजित होगी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जंबूरी, मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में होगा 19वां राष्ट्रीय जंबूरी, 30,000 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की मुख्यमंत्री ने महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और खानपान की व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए 300 एकड़ क्षेत्र में फैले जंबूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम और 100 रसोईघरों की होगी व्यवस्था मुख्यमंत्री का निर्देश, सुरक्षा, सुविधा और समन्वय का मानक होगी राष्ट्रीय जंबूरी, कहा, डिजिटल इंडिया की झलक भी दिखे पहली बार होगा दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो, आरएफआईडी स्मार्ट आईडी कार्ड और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन नेटवर्क राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी देखने को मिलेंगी आयोजन पूर्णतः ग्रीन और सस्टेनेबल हो, कचरा पृथक्करण, ई-कार्ट और ग्रीन वॉल जैसी व्यवस्था भी हो: मुख्यमंत्री विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक बनेगी 19वां राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री जंबूरी में रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज, प्लैंक ब्रिज जैसी स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट एक्टिविटीज का भी होगा आयोजन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगामी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 29 नवम्बर 2025 तक लखनऊ स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिलना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवसर युवा शक्ति के अनुशासन, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की दक्षता, व्यवस्था, सुरक्षा और आतिथ्य क्षमता का परिचायक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आवास, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी व्यवस्थाएं पूरे समन्वय के साथ की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की थीम 'आत्मनिर्भर-स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत' हर स्तर पर प्रतिबिंबित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबिली का ग्रैंड फिनाले होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 28,000 से 29,000 स्काउट्स एवं गाइड्स, विदेशों से लगभग 1,000 से 2,000 प्रतिभागी तथा करीब 5,000 स्वयंसेवक एवं स्टाफ सदस्य सम्मिलित होंगे। आयोजन स्थल लगभग 300 एकड़ क्षेत्रफल में फैला होगा, जिसकी परिधि 7 किलोमीटर से अधिक होगी। योजना के अनुसार, 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम, 100 रसोई और 4 सेंट्रल किचन की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 10 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल वाले मुख्य एरीना स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की सुविधा होगी, जिसमें 12 प्रवेश द्वार, 11 एलईडी स्क्रीन और 5 जर्मन हैंगरयुक्त वीवीआईपी गैलरी बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एक्सपो ग्राउंड में प्रदर्शनी स्टॉल स्थापित किए जाएं, जिनमें राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन युवाओं में तकनीकी, सामाजिक और नेतृत्व कौशल को विकसित करने का अवसर बनेगा। इस उद्देश्य से आईटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना की जा रही है, जहां डिजिटल लर्निंग, लीडरशिप और इनोवेशन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट स्काउटिंग की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी। बैठक में बताया गया कि आयोजन स्थल पर 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, नियंत्रण कक्ष, 11 फायर टेंडर सहित फायर स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय, ओवरसीज कैफेटेरिया और मीडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संपूर्ण आयोजन परिसर को 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रखा जाए, जिसमें नाइट विजन, फेस डिटेक्शन और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली हर समय सक्रिय रहे। प्रकाश व्यवस्था अच्छी हो। उन्होंने यह भी कहा कि देश-विदेश से आ रहे प्रतिभागी युवाओं का लखनऊ प्रवास सुखद हो, इसके लिए आवश्यक है कि विभिन्न विभागों द्वारा तैनात कार्मिकों को अच्छे व्यवहार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और सतत विकास की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जंबूरी पूरी तरह ग्रीन और सस्टेनेबल हो। अधिकारियों ने बताया कि गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण तथा 'ग्रीन वॉरियर्स' कार्यक्रम के माध्यम से यह लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। ई-कार्ट परिवहन, ग्रीन प्लेज वॉल और थीमैटिक सेल्फी पॉइंट्स जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जंबूरी में आने वाले देश-दुनिया के अतिथियों के उत्तर प्रदेश भ्रमण के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। बैठक में यह भी बताया गया कि पहली बार जंबूरी में दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों ड्रोन समन्वित रूप में आकाश में स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, आरएफआईडी आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड से प्रतिभागियों की एंट्री और उपस्थिति प्रबंधन किया जाएगा। व्हाट्सएप आधारित संचार प्रणाली के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि जंबूरी में स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट गतिविधियाँ जैसे रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज और प्लैंक ब्रिज आयोजित की जाएंगी।

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

छठ हमारी सामाजिक एकता, आध्यात्मिक उन्नयन और प्राचीन विरासत का प्रतीक है- सीएम योगी  लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक निर्मल होगी नदी- सीएम योगी  छठ पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है- सीएम योगी – नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता- सीएम – मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में दी शुभकामनाएं, कहा- छठ मईया सबके जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेके आवें – स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक ही आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं- सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने की अपील- सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, स्वच्छता ही ईश्वर की सेवा है – तपस्या, आस्था और नारी शक्ति का अद्भुत संगम है छठ, बहनों की साधना लोककल्याण की भावना को सशक्त करती है- मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा न केवल आध्यात्मिक उन्नयन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता, प्राचीन भारतीय विरासत और प्रकृति से संवाद का प्रतीक भी है। गोमती तट के किनारे लक्ष्मण मेला मैदान में छठ घाट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने छठ गीतों का आनंद लिया और भोजपुरिया सनेश स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में संबोधन देकर श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती निर्मल व अविरल होगी। सीएम योगी ने कहा कि छठ महापर्व विश्वभर में बसे भोजपुरी समाज को आत्मशुद्धि और लोक कल्याण के मार्ग से जोड़ता है। उन्होंने भोजपुरी में शुभकामनाएं देते हुए कहा, "छठ मईया के कृपा सबके ऊपर बनल रहे सभन लोगन के परिवार मे शुख समृद्धि और खुशहाली रहे एकरे खातिन हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत आनी जितना लोग व्रत बाटें उहें खातिर हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत बानी की सबके भगवती उनके सपने के पूरा करें।"  छठ पर्व परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन विरासत को दर्शाता है और प्रकृति से संवाद सिखाता है। चार दिनों की कठिन साधना में बहनों की तपस्या को विशेष रूप से सराहते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक काल से चली आ रही यह परंपरा अब पूरे भारत में फैल चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी इलाकों तक लाखों श्रद्धालु जुड़ रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद और नोएडा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 50 हजार से एक लाख तक भक्त छठ मना रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि कोई मंदिर, सरोवर या तालाब ऐसा नहीं जहां श्रद्धालु न जुड़े हों। यह एकता न केवल सांस्कृतिक है, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है। स्वच्छता सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि कोई देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसके नागरिक राष्ट्रीय कर्तव्य से नहीं जुड़ते। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को छठ से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का आधार है। सीएम योगी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और कूड़े के अंधाधुंध उपयोग पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारकों को हटाएं, उसे नदी-नालों में न फेंकें। अगर हर व्यक्ति इसका पालन करे, तो आधे से अधिक समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में यह प्रयास मदद करेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गोमती में जल स्तर कम होने और बदबू की शिकायतें आईं, लेकिन इस बार प्रशासन, सिंचाई विभाग, नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों की मेहनत से सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले बैठकें हुईं और अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ने स्वच्छता अभियान चलाया। परिणामस्वरूप, गोमती का जल शुद्ध और पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि जल का अर्घ्य अगर शुद्ध न हो, तो भगवान कैसे स्वीकार करेंगे? पूजा स्थल की तरह नदी भी साफ-सुथरी होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि एक से डेढ़ वर्ष में लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि कल प्रातः आयोजन समाप्त होने के बाद स्वच्छता अभियान चलाएं। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है, हर लखनऊवासी और प्रदेशवासी की जिम्मेदारी। सीएम योगी ने की अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना कार्यक्रम में सीएम ने अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना की और कहा कि सम-विषम परिस्थितियों में उन्होंने आयोजन को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री ने छठ को घरों से लेकर नदी तट तक मनाने की परंपरा का जिक्र किया और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठी मैया से प्रार्थना है कि सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, परिवार और समाज में सुख-समृद्धि आए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय, मॉरिशस प्रधानमंत्री के पूर्व सचिव सुरेश रामबरन समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहे।

योगी आदित्यनाथ की बड़ी सौगात: एक और शहर का नाम बदला, विपक्ष पर बोला हमला

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद में विश्व कल्याण आश्रम में आयोजित स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम करने की घोषणा की और पूज्य संतों को नमन करते हुए डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण पर काम कर रही है, जबकि पहले यह पैसा "कब्रिस्तान की बाउंड्री" बनाने में खर्च होता था। कबीरधाम और धार्मिक स्थलों की पहचान बहाल मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया था, जिसे उनकी सरकार ने ठीक किया। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "यह सब सेक्युलरिज्म के नाम पर किया जाता था, जो पाखंड है।" योगी ने संत कबीरदास की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा, "‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई,’ यह वाणी समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। कबीर ने निर्गुण भक्ति की धारा प्रवाहित कर समाज की विसंगतियों को तोड़ा और आत्मा-परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में समझाया।" उन्होंने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कबीर का दोहा उद्धृत किया, "‘गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पांव…’ यह आज भी हमें गुरु की महत्ता याद दिलाता है।" देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहें सीएम योगी ने चेतावनी दी कि समाज विरोधी ताकतें आस्था और जाति के नाम पर देश को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, "समय रहते कमजोरियों को न पहचाना गया, तो यह बीमारियां कैंसर बनकर समाज को खोखला कर देंगी। राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "माता भूमि पुत्रोहम्… यह भूमि केवल मिट्टी नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इसकी सेवा ही सच्ची उपासना है।" भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति के संकट से जूझ रहा था। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। लखीमपुर में विकास की नई धारा सीएम ने बताया कि सीमावर्ती जिला लखीमपुर खीरी में भी विकास की नई लहर चल रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं, एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर बल मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज की धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें।" उन्होंने गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने की बात कही। योगी ने बताया कि सरकार हर गाय के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गोशालाओं की देखरेख करने और रासायनिक खेती को छोड़कर नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, "एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद दे सकती है।" कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशाला का भूमि पूजन भी किया। इस अवसर पर संत असंगदेव जी महाराज, मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संतजन मौजूद रहे।  

रामलला के मंदिर में पूर्णता की गूंज — कलश व ध्वज स्थापना से संपन्न हुआ निर्माण कार्य

अयोध्या करीब 500 सालों के इंतजार के बाद अयोध्या राम मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार है. 2020 में इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो कि अब समाप्त हो चुका है. राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को किया गया. लेकिन निर्माण संबंधी कुछ कार्य अभी तक जारी थे. हालांकि, अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से बताया गया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं यानीमुख्य मंदिर, परकोटा के 6 मंदिर – भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा तथा शेषावतार मंदिर भी पूर्ण हो चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने की घोषणा राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही परकोटा के 6 मंदिरों पर ध्वजदण्ड और कलश स्थापित हो चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सोशल मीडिया अकाउंट से यह पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि सभी श्रीराम भक्तों को यह जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि मंदिर निर्माण सबंधी सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं. जटायु और गिलहरी की प्रतिमा स्थापित इसके अलावा, सप्त मण्डप अर्थात् महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या मंदिरों का भी निर्माण पूर्ण हो चुका है. सन्त तुलसीदास मंदिर भी पूर्ण हो चुका है. साथ ही, जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं. दर्शनार्थी कार्य हुए पूरे जिन कार्यों का सीधा संबंध दर्शनार्थियों की सुविधा से है या व्यवस्था से है, वे सभी कार्य पूर्णत्व प्राप्त कर चुके हैं. मानचित्र अनुसार सड़कें एवं फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने कार्य L&T द्वारा तथा भूमि सौन्दर्य, हरियाली और लैंड स्केपिंग कार्य सहित 10 एकड़ में पंचवटी निर्माण GMR द्वारा तीव्र गति से किए जा रहे हैं. वही कार्य अभी चल रहे हैं जिनका संबंध जनता से नहीं है – जैसे ३.5 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह, सभागार इत्यादि.  

CM योगी का बड़ा फैसला: लखीमपुर के मुस्तफाबाद का नाम बदलेगा

मुस्तफाबाद  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार जिले के मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर 'कबीरधाम' करने का प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव से संत कबीर से जुड़ी इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान फिर से बहाल होगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नाम बदलना उनकी सरकार के पिछले फैसलों के मुताबिक है, जिसमें पुराने शासकों द्वारा बदले गए जगहों के नाम "फिर से बहाल" किए गए थे.  "स्मृति महोत्सव मेला 2025" के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार अब "कब्रिस्तान की चारदीवारी बनाने" के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली जगहों को फिर से बनाने पर खर्च कर रही है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि गांव का नाम मुस्तफाबाद रखा गया, जबकि वहां कोई मुस्लिम आबादी नहीं है. उन्होंने जनसभा में आए लोगों से कहा, "जब मैंने इस गांव के बारे में पूछा, तो मुझे बताया गया कि इसका नाम मुस्तफाबाद है. मैंने पूछा कि यहां कितने मुसलमान रहते हैं, और मुझे बताया गया कि कोई नहीं है. फिर मैंने कहा कि नाम बदल देना चाहिए. इसे कबीरधाम कहा जाना चाहिए." जल्द प्रपोजल लाए सरकार मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि उनकी सरकार नाम बदलने के लिए एक फॉर्मल प्रपोजल मांगेगी और ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, "हम प्रपोजल लाएंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे. यह संत कबीर की विरासत से जुड़ी जगह का सम्मान वापस दिलाने के बारे में है." योगी आदित्यनाथ ने इसकी तुलना हाल के सालों में अपनी सरकार द्वारा किए गए नाम बदलने के कामों से की. उन्होंने कहा, "पहले राज करने वालों ने अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद, प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद और कबीरधाम का नाम बदलकर मुस्तफाबाद कर दिया था. हमारी सरकार इसे उलट रही है- अयोध्या को फिर से बसा रही है, प्रयागराज को फिर से बसा रही है, और अब कबीरधाम को उसके सही नाम पर फिर से बसा रही है." मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी की "डबल-इंजन सरकार" राज्य भर में सभी धार्मिक जगहों को डेवलप करने और सुंदर बनाने के लिए कमिटेड है.  सीएम बोले- हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए. भक्तों के लिए रेस्ट हाउस और शेल्टर जैसी सुविधाएं बनाई जानी चाहिए, और टूरिज्म और कल्चर डिपार्टमेंट के ज़रिए, हम आस्था की हर बड़ी जगह को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. चाहे वह काशी हो, अयोध्या हो, कुशीनगर हो, नैमिषारण्य हो, मथुरा-वृंदावन हो, बरसाना हो, गोकुल हो या गोवर्धन हो." मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले के मुकाबले अब सरकारी पैसे कल्चरल और धार्मिक सुधार प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "पहले, यह पैसा 'कब्रिस्तान' की चारदीवारी बनाने में जाता था. अब इसका इस्तेमाल हमारी आस्था और विरासत के सेंटर्स को डेवलप करने में किया जा रहा है." योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी कोशिशें कल्चरल गर्व और निरंतरता की भावना दिखाती हैं.  उन्होंने आगे कहा, "यह अपनेपन की भावना है, हमारी सभ्यता की पहचान को फिर से ज़िंदा करना है. सरकार उन जगहों की शान को वापस लाने के लिए काम करती रहेगी जो भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को दिखाती हैं."

सुगम्य भारत अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के 5 भवनों का होगा कायाकल्प

सरकारी भवनों को दिव्यांग हितैषी बना रही योगी सरकार  सुगम्य भारत अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के 5 भवनों का होगा कायाकल्प  रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स की सुविधाओं से सुसज्जित होंगे भवन विशेष पार्किंग जैसी सुविधाओं के साथ ही दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा होंगी विकसित  श्रवणबाधितों के लिए होगी साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम की सुविधा लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण के तहत राजधानी लखनऊ के पांच प्रमुख सरकारी भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए बकायदा 12 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पर स्वीकृत कर ली गई है। यह न केवल दिव्यांगों के लिए सरकारी भवनों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। जनकल्याण की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही योगी सरकार सुगम्य भारत अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णतः सुलभ बना रही है। योगी सरकार ने इसे प्रदेश स्तर पर जोर-शोर से लागू किया है। भवनों का चिन्हित किया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में लखनऊ के पांच भवनों को चिन्हित किया गया है। इसमें योजना भवन (हैवलॉक रोड), सिंचाई भवन (कैनाल कालोनी, कैन्ट रोड), जिला सेवायोजन कार्यालय (लालबाग), विकास अनुवेषण, मूल्यांकन एवं प्रयोग तथा प्रशिक्षण प्रभाग (कालाकांकर हाउस, पुराना हैदराबाद) और सूडा नवचेतना केंद्र (10 अशोक मार्ग) शामिल हैं।  दिव्यांगजनों के लिए होंगी विशेष सुविधाएं इन भवनों में रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स और विशेष पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य एक्सेस ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप होंगे, जिसमें लिफ्ट कार का आकार व्हीलचेयर सहित दो व्यक्तियों के लिए पर्याप्त रखा जाएगा, ताकि दिव्यांगजन सहजता से आ-जा सकें। दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि श्रवणबाधितों के लिए साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे। दिव्यांगों के सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देने वाली नीतिगत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश

मुस्तफाबाद का नाम होगा ‘कबीरधाम’, सीएम योगी ने विपक्ष के 'सेक्युलरवाद' को बताया 'पाखंड' – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश – बोले योगी – सेक्युलरिज्म के नाम पर पहचान मिटाने का दौर अब खत्म हुआ – डबल इंजन की सरकार में हो रहा प्रमुख धर्मस्थलों का पुनरुद्धार, पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था : मुख्यमंत्री – संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज को मार्ग दिखा रही : योगी आदित्यनाथ – जो देश की एकता तोड़ता है, वह भारत की आत्मा पर प्रहार करता है : सीएम योगी – सभी समस्याओं का समाधान है राष्ट्रभक्ति : मुख्यमंत्री – मोदी जी के नेतृत्व में भारत जल्द बनने जा रहा तीसरी आर्थिक महाशक्ति : योगी आदित्यनाथ – लखीमपुर खीरी में बना मेडिकल कॉलेज, अब एयरपोर्ट का होगा विस्तार : मुख्यमंत्री – ईको-टूरिज्म से जिले को मिलेगी विकास की नई दिशा : सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने किसानों से की रसायनिक खेती छोड़ नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील – सीएम ने नशा को बताया नाश का कारण, कहा यह विदेशी साजिश, नई पीढ़ि को इससे बचाना होगा – हमारी गुलामी का कारण रही है छुआछूत और जातीयता : योगी आदित्यनाथ – भूमि हमारी माता है, उसकी सेवा ही सच्ची उपासना है : सीएम योगी लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025’ में भाग लिया और पूज्य संतों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है, जबकि पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की और कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया गया था। हमने इन स्थलों की पहचान वापस लौटाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे सेक्युलरिज्म के नाम पर करता था, जबकि यह पाखंड है। संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही कबीरधाम आश्रम में आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति, सनातन परंपरा, विरासत के सम्मान, और विकास की दिशा में सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने निर्गुण भक्ति की वह धारा प्रवाहित की जो समाज की विसंगतियों को तोड़कर आत्मा और परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में आमजन को समझाने में सफल रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पांव…' यह दोहा आज भी हमें गुरु के महत्व का स्मरण कराता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सैकड़ों वर्ष पूर्व थी। उन्होंने कहा कि 'कबीरदास जी ने उस दौर में समाज की जातीय विषमताओं पर प्रहार कर कहा था, ‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।’ यह वाणी हमारे समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज भी समाज विरोधी ताकतें आस्था पर प्रहार करने और जाति के नाम पर विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम समय रहते अपनी कमजोरियों को नहीं पहचानेंगे तो ये बीमारियां कैंसर की तरह समाज को खोखला कर देंगी। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि “माता भूमि पुत्रोहम्…” यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इस धरती की सेवा ही सच्ची उपासना है। कुछ ही माह में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश पहचान के संकट से जूझ रहा था। भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति चरम पर थी। मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और कुछ ही माह में यह तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिला उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी विकास की नई धारा बह रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है, एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी दिया जोर मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्ति पर बोलते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें। सीएम योगी ने गो सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गाय के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। गोमाता के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को गोशालाओं की देखरेख करनी चाहिए। रासायनिक खेती से जमीन ऊसर हो रही है, इसलिए नेचुरल फार्मिंग अपनाएं। एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद देती है। यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण, खेती की रक्षा और नशा मुक्ति, यही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशला का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर असंग देव जी महाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित … Read more

मेरठ: सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स 22 सेकंड में जमींदोज़, दुकाने बनीं मलबे का ढेर

मेरठ मेरठ के सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के दौरान सुबह 11:51:58 बजते ही कुछ ही पलों में दुकानें धराशाई हो गई। इसके साथ ही प्रभावित दुकानदारों के सपने भी उजड़ गए। पहले दिन की कार्रवाई के बाद खंडहर दिख रहीं दुकानें पल भर में ही मलबे में तब्दील हो गईं। धूल का गुबार ऐसा उठा कि आसपास मौजूद व्यापारियों, पुलिस की टीमों सहित अन्य लोगों को वहां से 500 मीटर दूर तक जाना पड़ा। धूल पर नियंत्रण के लिए पानी छिड़का गया। जमींदोज करने से चंद सेकंड पहले ही हाइड्रा जेसीबी मशीन चालक ने आखिरी पिलर पर चोट की और अचानक वाहन तेजी के साथ पीछे कर दिया। यह देख आसपास के लोग घबरा गए और पूछा क्या हुआ तो चालक बोला… चिंता की बात नहीं, बस हो गया। उसके इतना कहते ही कॉम्प्लेक्स भरभराकर गिर गया। मेरठ के शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में दूसरे दिन हाइड्रा एवं जेसीबी ड्रिल मशीन से 22 सेकंड में अवैध कॉम्प्लेक्स (661/6) को जमींदोज कर दिया गया। आक्रोशित व्यापारियों ने अनिश्चितकाल के लिए सेंट्रल मार्केट बंद करा दी। व्यापारियों ने कहा कि अन्य कोई निर्माण नहीं तोड़े जाने का आश्वासन मिलने के बाद ही धरना-प्रदर्शन खत्म किया जाएगा। मलबा हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। रविवार को दूसरे दिन भी शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज करने के लिए भारी पुलिस बल के बीच बैरिकेडिंग कर सुबह 10 बजे से काम शुरू किया गया। शाम चार बजे तक करीब 80 फीसदी हिस्सा जमींदोज कर दिया गया।   बराबर की अन्य दुकानों और घरों को नुकसान होने की आशंका के चलते अलंकार साड़ीज की तीन मंजिला दुकान को पूरी तरह नहीं गिराया गया।   अवैध कॉम्प्लेक्स जमींदोज होने पर सेंट्रल मार्केट के पांच व्यापारिक संगठनों ने एकजुटता का आह्वान कर अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। टोलियों में व्यापारी बाजारों में घूमे और खुली दुकानों को बंद कराया।   बाद में धरना शुरू करते हुए सभी व्यापारियों ने मांग की कि जिला प्रशासन उन्हें लिखित में अन्य दुकानों को नहीं तोड़ने का आश्वासन दे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को लेकर भी उनका गुस्सा फूटा और उनके खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने शाम को काली पट्टी बांधकर जुलूस भी निकाला। मलबे के बीच खड़ी खंडहर दुकान पर अब चलेगा हथौड़ा मेरठ में सेंट्रल मार्केट में भूखंड संख्या 661 पर अवैध कॉम्प्लेक्स का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरते ही जमीन और आसपास के भवन भी दहल गए। गिरे हुए मलबे के बीच अलंकार साडीज की खंडहर दुकान पर हाइड्रा जेसीबी चलाने से रोक दिया गया। आशंका थी कि इससे पड़ोस के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंच सकता है।   आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने सबसे पहले जेसीबी और हाइड्रा जेसीबी से कॉम्प्लेक्स का पूर्वी और दक्षिणी हिस्से पर वार किया गया और दुकानों को ढहाया गया। रविवार को इमारत भरभराकर गिरकर मलबे में तब्दील हो गई। इसके बाद जैसे ही कर्मचारियों ने अलंकार साडीज की दुकान को ध्वस्त करने का प्रयास किया तो कुछ व्यापारियों और पुलिस ने रोक दिया। तर्क दिया गया कि बिल्डिंग पूरी तरह हिल चुकी है। बराबर में भूखंड संख्या 662 पर आवास है। अगर मलबा इस आवास पर गिर गया तो भारी नुकसान हो सकता है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इस तीन मंजिला दुकान के खंडहर को अब मजदूरों से हथौड़ा व अन्य औजारों से तुड़वाया जाएगा। पुलिस ने पड़ोसी मकान से भवन स्वामी सुभाष के परिवार को पहले ही निकाल दिया था। हालांकि दिन में एक-दो बार कुछ लोग मकान के गेट पर दिखाई भी दिए। मलबा उठाने में लगेगा समय आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि कॉम्प्लेक्स का मलबा उठाने में अभी कुछ दिन का समय लगेगा। धूल और गुबार को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

कपलिंग टूटी रुकी मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट, कई ट्रेनें रहीं प्रभावित

चित्रकूट मुंबई हावड़ा रेल लाइन के ठिकरिया, मारकुंडी रेलवे स्टेशन के मध्य मुंबई एलटीटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की कपलिंग टूट गई। इससे करीब पांच घंटे यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनें ठिकरिया, मझगवा, जैतवारा, सतना आदि स्टेशनों में खड़ी रहीं। बता दें कि सोमवार तड़के करीब 2:45 बजे मुंबई एलटीटी से भागलपुर की ओर जाने वाली 2336 ट्रेन के लास्ट के एसी कोच की कपलिंग टूट जाने से एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगी अलग हो गई। ट्रेन में सवार यात्रियों व गार्ड के द्वारा ट्रेन चालक व स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी गई। करीब पांच घंटे तक मशक्कत करने के बाद सुबह करीब आठ बजे ट्रेन आगे को रवाना हुई। इस बीच ताप्ती गंगा, काशी, गोदान आदि आधा दर्जन ट्रेन डेढ़ से दो घंटे तक विभिन्न स्टेशनों में खड़ी रखी गईं। इस मामले में मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक शिवेश मालवीय ने बताया कि यह भोर का मामला है। सूचना मिलने पर ट्रेन की टूटी कपलिंग सही करवाई गई है। वहीं अन्य ट्रेनों को रूट खाली न होने से डिले करना पड़ा।

प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात

समस्या लेकर आये लोगों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें भी आईं मुख्यमंत्री ने निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  महिला कलाकार ने सांस्कृतिक मंच दिलाने की रखी मांग, मुख्यमंत्री बोले- पंजीकृत व स्थानीय कलाकारों को मिले अधिक से अधिक मौका  लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के उपरांत सोमवार को फिर 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये हर पीड़ित से मुलाकात की, उनके पास पहुंचकर समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं। पीड़ितों से फीडबैक भी लें। इस दौरान लगभग 50 से अधिक पीड़ितों ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता है। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रहेगा अधूरा 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। वहीं एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज अधूरी नहीं रहेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज की व्यवस्था के लिए खड़ी है।   सर! मैं कलाकार हूँ, मुझे कार्यक्रम दिलवा दीजिये 'जनता दर्शन' में एक महिला कलाकार भी पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बताया कि वे लोकगीत कलाकार हैं। उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम करना है। मंच दिला दीजिये। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें कार्यक्रम दिलाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री बोले कि सरकार हर जनपद में लोककलाओं को प्राथमिकता दे रही है। हर जगह अनेक आयोजन भी कराए जाते हैं। इसमें पंजीकृत व अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मौका मिले।    पुलिस, पारिवारिक मामले भी आए इस दौरान पुलिस से जुड़े मामले भी आये। कई लोगों ने पारिवारिक मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत रखी। पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने इसे दिखवाने और पीड़ितों की समस्या के समाधान कराने का निर्देश दिया।