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शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ब्रह्मोस की पहली खेप का फ्लैग ऑफ

लखनऊ यूनिट से रवाना होगी ब्रह्मोस की पहली खेप, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मिलेगी नई उड़ान शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ब्रह्मोस की पहली खेप का फ्लैग ऑफ उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के लिए होगा ऐतिहासिक अवसर , यूपी बनेगा एयरोस्पेस और डिफेंस का हब कार्यक्रम के माध्यम से मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड में उत्तर प्रदेश बनेगा सशक्त साझेदार बूस्टर, एयरफ्रेम और वारहेड भवन के प्रदर्शन के साथ दिखाई देगी तकनीकी नवाचार की झलक डीजी ब्रह्मोस की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा चेक और जीएसटी बिल, राज्य को मिलेगा राजस्व लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट से तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ करेंगे। यह दिन न केवल उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भारत की रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  ब्रह्मोस एयरोस्पेस, जो विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमता वाली “ब्रह्मोस” सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली की निर्माता है, ने लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा से मिसाइल सिस्टम की पहली खेप सफलतापूर्वक तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक यूनिट 11 मई 2025 को उद्घाटन के बाद पूरी तरह संचालन में आई थी। यहां मिसाइल इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और अंतिम गुणवत्ता परीक्षण की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सफल परीक्षण के बाद मिसाइलें भारतीय सशस्त्र बलों के लिए तैनाती हेतु तैयार की जाती हैं।  विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बूस्टर भवन का उद्घाटन करेंगे तथा बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखेंगे। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन किया जाएगा। इसके अलावा वृक्षारोपण कार्यक्रम, स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन, जीएसटी बिल प्रस्तुतीकरण और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी इस अवसर पर आयोजित होगा। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपेंगे, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा। ब्रह्मोस मिसाइलों के उत्पादन से उत्तर प्रदेश को निरंतर जीएसटी आय प्राप्त होगी और उच्च कौशल वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। डिफेंस कॉरिडोर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना सरोजिनी नगर के भटगांव स्थित अत्याधुनिक ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यहां मिसाइलों के असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का कार्य उच्च तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता है। इस यूनिट से पहली खेप के रवाना होने के साथ ही प्रदेश ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के अभियान में एक सशक्त साझेदार बन गया है। लखनऊ ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की पहली ऐसी सुविधा है, जहां मिसाइल सिस्टम के निर्माण से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया देश में ही की जाती है। यह परियोजना न केवल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। उत्तर प्रदेश बनेगा भारत का अगला एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण हब  ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने भारतीय सशस्त्र बलों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता में तेजी से विस्तार किया है। लखनऊ का यह मैन्युफैक्चरिंग सेंटर न केवल भारतीय सेना की आवश्यकताओं को समयबद्ध रूप से पूरा करेगा, बल्कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार की मांगों को भी पूरा करने में सक्षम होगा। लखनऊ में स्थापित यह समर्पित ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश को भारत के अगले एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां विकसित की जा रही अत्याधुनिक तकनीकें भविष्य में ब्रह्मोस एयरोस्पेस को और भी उन्नत वेरिएंट के मिसाइल सिस्टम विकसित करने में मदद करेंगी।

मथुरा की काजल और तमन्ना: कुछ दिन पत्नी बनती, फिर करतीं हैरान करने वाले काम

मथुरा  मथुरा का एक पूरा परिवार मिलकर लुटेरी दुल्हन का रैकेट चलाता था, जो कई राज्यों में युवाओं को शादी के नाम पर ठग चुका था। इस गैंग की फरार सदस्य काजल को अब राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। काजल अपनी बहन के साथ मिलकर कुंवारे लड़कों को फँसाती और शादी के बाद गहने-पैसे लेकर चंपत हो जाती थी। यूपी के मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में रहने वाला एक पूरा परिवार 'लुटेरी दुल्हन' का रैकेट चलाता था. इस परिवार में भगत सिंह, पत्नी सरोज सिंह, बेटी तमन्ना, बेटा सूरज और एक बेटी काजल शामिल थे. पुलिस ने भगत, सरोज, तमन्ना और सूरज को 18 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था. उनकी बेटी काजल लगातार एक साल से फरार थी. अब पुलिस ने काजल को गुरुग्राम की एक सोसाइटी से पकड़ लिया है. यह परिवार शादी के नाम पर कई राज्यों के युवाओं को ठगता था.  4 राज्यों में फैला था जाल काजल, उसकी बहन तमन्ना और माता-पिता मिलकर चार राज्यों– उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली– में युवाओं को शादी के नाम पर ठग चुके थे. काजल और तमन्ना अपनी खूबसूरती के जाल में कुंवारे युवकों को फंसाती थीं. युवक इनकी खूबसूरती के चक्कर में पड़ जाते और शादी के लिए तैयार हो जाते थे. ये दोनों बहनें शादी करके ससुराल जाती थीं, दो-तीन दिन पत्नी बनकर रहती थीं, फिर सारा पैसा और जेवर लेकर फरार हो जाती थीं.  ऐसे होता था पूरा 'कांड' पुलिस जांच में पता चला है कि इस ठगी के खेल में पूरा परिवार शामिल था. काजल और तमन्ना के पिता भगत और भाई सूरज पहले कुंवारे लड़कों की तलाश करते थे, जो शादी के लिए परेशान होते. जब रिश्ता पक्का हो जाता, तो हिंदू रीति-रिवाजों से शादी होती. ससुराल में दो-तीन दिन रहने के बाद, मौका मिलते ही दोनों बहनें जेवर और कपड़े लेकर गायब हो जाती थीं और पूरा परिवार ठिकाना बदलकर फरार हो जाता था.  सीकर के दो बेटों को भी बनाया शिकार राजस्थान के सीकर ज़िले के ताराचंद जाट के दो बेटों के साथ भी इस परिवार ने ठगी की. 26 नवंबर 2024 को काजल और तमन्ना ने ताराचंद के दोनों बेटों से शादी की. शादी के नाम पर परिवार ने 11 लाख रुपये लिए. ससुराल जाने के सिर्फ तीन दिन बाद ही दोनों बहनें घर का सारा सामान और जेवर लूटकर फरार हो गईं. पुलिस अब तक कई वारदातों को अंजाम दे चुके इस परिवार की आखिरी सदस्य काजल को पकड़कर बड़ी कामयाबी मान रही है.   

ओवैसी के साथ अपमानजनक तस्वीर वायरल करने वाला तस्लीम पकड़ा गया, PM मोदी और योगी थे निशाने पर

  सतना सतना जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक अपमानजनक एआई-जनरेटेड तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। मझगवां थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पूरा मामला जिले के मामला मझगवां थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान मोहम्मद तस्लीम खान (24), निवासी मझगवां के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक एआई-निर्मित तस्वीर साझा की थी, जो बेहद आपत्तिजनक थी। पुलिस के अनुसार इस एआई-निर्मित तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एक मूर्ति के पैर छूते हुए दिखाया गया था। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गई। जैसे ही यह पोस्ट स्थानीय भाजपा नेताओं के संज्ञान में आई, उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मझगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। थाना प्रभारी धुर्वे ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहम्मद तस्लीम खान की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सलाखों के पीछे पहुंचा मोहम्मद तस्लीन पूछताछ में आरोपी तस्लीम ने पुलिस को बताया कि उसने यह तस्वीर किसी अन्य सोशल मीडिया अकाउंट से उठाकर अपने अकाउंट पर साझा (शेयर) की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।

चौथी पत्नी को ₹30,000 प्रति माह गुजारा भत्ता देंगे सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के खिलाफ उनकी पत्नी रूमाना नदवी द्वारा दायर भरण-पोषण याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आदेश दिया है कि सांसद नदवी को अपनी चौथी पत्नी रूमाना नदवी को हर महीने ₹30,000 गुजारा भत्ता देना होगा. रूमाना का मायका आगरा में है.  यह आदेश अदालत ने उस समय दिया जब रूमाना नदवी ने अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण का दावा दायर किया था. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले को सुलझाने के लिए इसे मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र भेजा है और दोनों पक्षों को तीन महीने का समय दिया गया है ताकि विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकल सके. अदालत ने यह भी कहा कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक सांसद को अपनी पत्नी को हर महीने ₹30,000 की भरण-पोषण राशि का भुगतान नियमित रूप से करना होगा.  सुनवाई के दौरान सांसद की ओर से पेश वकील नरेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि यह मामला वैवाहिक विवाद से जुड़ा है और उनका मुवक्किल इसे आपसी सहमति से सुलझाना चाहता है. अदालत ने दलीलों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया कि ऐसे पारिवारिक विवादों को बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए.  कोर्ट ने मोहिबुल्लाह नदवी को निर्देश दिया है कि वे 30 दिनों के भीतर ₹55,000 का डिमांड ड्राफ्ट मध्यस्थता केंद्र में जमा करें. इसमें से ₹50,000 उनकी पत्नी को पहली पेशी पर दिए जाएंगे, जिनमें ₹30,000 पिछली बकाया भरण-पोषण राशि के रूप में समायोजित होंगे, जबकि ₹5,000 मध्यस्थता केंद्र में जमा रहेंगे.  इस बीच, रूमाना नदवी ने 'आजतक' से बातचीत में अपने वैवाहिक जीवन की पूरी कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि उनकी शादी मोहिबुल्लाह नदवी से एक रिश्तेदार की मध्यस्थता के बाद हुई थी. शादी के एक साल बाद एक बेटा हुआ. रूमाना के मुताबिक, “मेरे पति ने मेरे पिता को फोन कर कहा कि वक्फ से जुड़ा एक मसला चल रहा है, इसलिए कुछ समय के लिए रूमाना को मायके भेज रहे हैं.” पिता ने इस पर सहमति दे दी और रूमाना मायके चली गईं.  लेकिन उसके बाद, रूमाना के अनुसार, मोहिबुल्लाह नदवी ने कभी पलटकर नहीं देखा. उन्होंने बताया कि शुरुआत में सांसद की तरफ का एक व्यक्ति आया था, जिसने मसले को निपटाने की बात की थी, लेकिन मध्यस्थता की पेशकश मान्य नहीं हुई. बाद में जब उन्होंने अपने पति से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके सभी मोबाइल नंबर बंद मिले.  रूमाना ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपने हक के लिए मुकदमे किए. पहले अदालत ने ₹4000 प्रतिमाह गुजारा भत्ता तय किया था, जिसे 2020 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया. इसी आदेश के खिलाफ अपील हाईकोर्ट में की गई थी, जिस पर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नया फैसला सुनाते हुए ₹30,000 प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है. 

सीएम योगी ने लोकभवन में प्रदेश के 10 लाख से अधिक छात्रों को वितरित की स्कॉलरशिप

अब मुझे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए परिवार पर आश्रित नहीं होना पड़ता: वर्तिका रावत   सीएम योगी ने लोकभवन में प्रदेश के 10 लाख से अधिक छात्रों को वितरित की स्कॉलरशिप मुख्यमंत्री के हाथों से स्कॉलरशिप पाकर बच्चें के चेहरे खिले  बोले, छात्रवृत्ति मिलने से अब हमें पढ़ाई की सामग्री रखने के लिए परिवार का चेहरा नहीं देखना पड़ता  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन सभागार में प्रदेश के 10 लाख से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की। दिवाली से पहले छात्रवृत्ति पाकर बच्चाें के चेहर की मुस्कान देखते ही बन रही थी। स्कॉलरशिप पाने वाले सभी छात्रों ने एक स्वर में छात्रवृत्ति मिलने पर सीएम योगी को धन्यवाद दिया। साथ ही प्रदेश सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने अपने विचार भी रखें, जो इस प्रकार हैं। सीएम ने दिवाली से पहले छात्रवृत्ति का दिया गिफ्ट, पढ़ाई में नहीं आएगी कोई समस्या  मैं प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से छात्रवृत्ति पाकर काफी खुश हूं। मुख्यमंत्री ने दिवाली से पहले छात्रवृत्ति देकर दिवाली का गिफ्ट दिया है। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद देता हूं। प्रदेश सरकार की सहायता से हमें आर्थिक सहयोग मिला है, जो मेरी आगे की पढ़ाई को जारी रखेगा। मैं आगे भी अपनी पढ़ाई पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ करूंगा।  ऋषभ देव मिश्रा, राजकीय जुबली इंटर काॅलेज, लखनऊ प्रदेश सरकार ने मेरे आगे की पढ़ाई के सपनों को रौशन किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले स्कॉलरशिप देकर मेरे आगे की पढ़ाई के सपनों को रौशन किया है। अब मैं इस धनराशि से अपनी पढ़ाई की सामग्री के साथ अन्य तैयारियों को बखूबी कर सकूंगी। मेरी पढ़ाई में अब पैसों की कमी सामने नहीं आएगी। इसके लिए मैं और मेरा पूरा परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।  अंशिका वर्मा, आरपीडी इंटर कॉलेज, लखनऊ  पहले छात्रवृत्ति के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब खाते में पहुंच रही स्कॉलरशिप  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हम बच्चों को लेकर काफी कुछ कर रहे हैं। पहले जहां हमें अपनी छात्रवृत्ति के लिए काफी भटकना पड़ता था, वहीं जब से प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सीएम बनें हैं, समय पर हमारे खाते में स्कॉलरशिप पहुंच रही है। इससे हमारी पढ़ाई आसान होने के साथ हमें आगे की पढ़ाई के लिए हौसला बढ़ा है। अब मुझे अपनी पढ़ाई के लिए परिवार पर अाश्रित नहीं होना पड़ता है।  वर्तिका रावत, राजकीय हाई स्कूल, काकोरी अब हमें अपनी पढ़ाई के लिए परिवार पर नहीं होना पड़ता था आश्रित प्रदेश सरकार द्वारा हर साल दी जाने वाली छात्रवृत्ति से हमें काफी मदद मिलती है। इससे हमारी पढ़ाई लगातार जारी है। पहले परिवारिक आर्थिक समस्याओं की वजह से पढ़ाई को लेकर समझौता करना पड़ता था, लेकिन अब नहीं करना पड़ता है। मुझे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए जिन भी सामग्री की जरूरत पड़ती है, इस स्कॉलरशिप से खरीद लेती हूं। इसके लिए मैं और मेरा परिवार जितना भी सीएम योगी को धन्यवाद दें, कम है।  दिव्यता, 10वीं की छात्रा, लखनऊ

‘मिशन शक्ति के लिए, रोशन करो दीये’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में 88 हजार से अधिक बेटियों ने लिया हिस्सा

योगी सरकार की पहल से नारी सशक्तिकरण को नया आयाम, मिशन शक्ति से आलोकित हुए केजीबीवी परिसर   'मिशन शक्ति के लिए, रोशन करो दीये' थीम पर आयोजित कार्यक्रम में 88 हजार से अधिक बेटियों ने लिया हिस्सा  बालिकाओं ने दी आत्मविश्वास और सृजनशीलता को नई दिशा, दीपों से रचा मिशन शक्ति का संदेश – ‘नारी ही शक्ति है’ की भावना से सजे विद्यालय, हेल्पलाइन नंबरों और सशक्त स्लोगनों से गूंजा हर परिसर – प्रदेश में जनांदोलन बन चुका है नारी सशक्तिकरण : संदीप सिंह – ‘विद्यालयों में शिक्षा के साथ संवेदना और सुरक्षा की संस्कृति स्थापित कर रहा है मिशन शक्ति’: डीजी स्कूल शिक्षा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में चल रहा मिशन शक्ति अभियान दीपावली के अवसर पर नई ऊर्जा से दमक उठा। प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में 'मिशन शक्ति के लिए, रोशन करो दीये' थीम पर आयोजित कार्यक्रमों ने 88 हजार से अधिक बेटियों के आत्मविश्वास और सृजनशीलता को नई दिशा दी।  बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति आज प्रदेश में नारी सशक्तिकरण का जनांदोलन बन चुका है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में दीपों से सजे ये संदेश केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज में चेतना, आत्मविश्वास और बदलाव की लौ हैं। जब बेटियाँ शिक्षित और सुरक्षित होंगी, तभी उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगा। हर बालिका तक पहुंचा सुरक्षा और सहायता का संदेश बेटियों ने दीपों से 1090, 1098, 112 जैसे प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों को सजाया, ताकि सुरक्षा और सहायता के ये संदेश हर बालिका तक पहुँच सकें। विद्यालयों के परिसर रंगोलियों, मिशन शक्ति के लोगो और नारी सशक्तिकरण के प्रेरक स्लोगनों से आलोकित रहे। ‘नारी ही शक्ति है’, ‘सुरक्षा मेरा अधिकार है’ जैसे संदेशों को रंगोली और दीपों में ढालकर बालिकाओं ने सशक्त समाज का उजला प्रतीक प्रस्तुत किया। कैंडिल मार्च में दिखा आत्मविश्वास, बेटियों ने जलाई चेतना की लौ प्रदेश मे विभिन्न केजीबीवी में कैंडिल मार्च के दौरान बालिकाओं ने मिशन शक्ति से जुड़े संदेशों की तख्तियाँ हाथों में थामकर नारी सशक्तिकरण का संकल्प दोहराया। क्योरियोसिटी कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए गए लैंप्स और D20 सीरीज़ से प्रेरित हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं ने विद्यालयों को रचनात्मकता और नवाचार का केंद्र बना दिया। कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियोज ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर खूब धूम मचाया। इस दौरान विद्यालय प्रशासन ने छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा। ‘विद्यालयों में शिक्षा के साथ संवेदना और सुरक्षा की संस्कृति स्थापित कर रहा है मिशन शक्ति’: डीजी स्कूल शिक्षा महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश मोनिका रानी का कहना है कि मिशन शक्ति की यह पहल विद्यालयों में शिक्षा के साथ संवेदना और सुरक्षा की संस्कृति स्थापित करने वाली रही। दीपावली के अवसर पर बेटियों द्वारा जलाए गए ये दीप नारी गरिमा और आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। बेसिक शिक्षा विभाग इस दिशा में निरंतर कार्यरत है कि हर बालिका स्वयं पर विश्वास करे और समाज उसे समान अवसर दे।

2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति से जोड़ने का लक्ष्य

ओबीसी छात्रों के उत्थान में योगी सरकार अव्वल 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति से जोड़ने का लक्ष्य  2017 से अब तक 2.07 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को छात्रों को मिल चुकी है छात्रवृत्ति  पिछले आठ वर्षों में ओबीसी छात्रों के कल्याण के लिए उठाए कई ऐतिहासिक कदम  ग्रामीण और वंचित ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने में सफल हुई योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के सशक्तीकरण में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है। ओबीसी समुदाय के उत्थान के बिना 'विकसित यूपी' का सपना अधूरा है और योगी सरकार इसे साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। शुक्रवार को 10,28,205 से अधिक छात्र-छात्राओं को 300 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डीबीटी के जरिए वितरित की गई, जिसमें ओबीसी के 4,83,000 से अधिक छात्रों को 126.69 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। सरकार ने 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति देने का संकल्प लिया है। 2016-17 तक केवल 46 लाख बच्चे स्कॉलरशिप का लाभ ले पाते थे, लेकिन योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर 62 लाख तक पहुंचा दिया। यह पारदर्शी और त्वरित वितरण योगी सरकार की तकनीकी दक्षता का परिणाम है कि इस बार अनुसूचित जाति-जनजाति के 3,56,000 छात्रों को 114.92 करोड़, सामान्य वर्ग के 97,000 से अधिक छात्रों को 29.18 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 90,758 छात्रों को 27.16 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डीबीटी के जरिए दी गई।  ग्रामीण और वंचित ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने में सफल हुई योगी सरकार पिछले आठ वर्षों में योगी सरकार ने ओबीसी कल्याण में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। वर्ष 2024-25 में 32,22,499 ओबीसी छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई, जबकि 2017 से अब तक 2,07,53,457 छात्रों को 13,535.33 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि पूर्ववर्ती सरकार के 4,197 करोड़ रुपये के व्यय से चार गुना अधिक है, इसमें उन ओबीसी छात्रों की बड़ी संख्या शामिल है जो प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और सुदूर क्षेत्रों से आते हैं। यह आंकड़ा न केवल सरकार की नीतियों की सफलता दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण और वंचित ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।   ओबीसी समुदाय का सशक्तीकरण 'विकसित उत्तर प्रदेश' का मूलमंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई मौके पर कह चुके हैं कि शिक्षा सामाजिक समानता का आधार है। ओबीसी समुदाय का सशक्तीकरण 'विकसित उत्तर प्रदेश' का मूलमंत्र है। हमारा लक्ष्य हर वंचित छात्र को शिक्षा का अवसर देना है। सरकार ने 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति देने का संकल्प लिया है। यह दीर्घकालिक दृष्टिकोण ग्रामीण ओबीसी युवाओं को तकनीकी, चिकित्सा और अन्य उच्च शिक्षा क्षेत्रों में आगे बढ़ाने में मदद करेगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने डीबीटी के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की है, जिससे स्कॉलरशिप सीधे छात्रों के खातों में पहुंच रही है। यह पहल न केवल छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि ओबीसी समुदाय में आत्मविश्वास और सामाजिक गौरव भी जगा रही है। योगी सरकार के इस प्रयास से उत्तर प्रदेश सामाजिक और शैक्षिक समानता का नया मॉडल बन रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार ने ओबीसी और दिव्यांगजनों के लिए खजाना खोल दिया है। हमारा लक्ष्य है कि पिछड़ों को शिक्षा से सशक्त बनाकर सामाजिक समानता सुनिश्चित करें। यह प्रयास 'विकसित यूपी' का आधार बनेगा।

योगी सरकार का दीपोत्सव बना कला और संस्कृति का उत्सव

अयोध्या दीपोत्सव 2025:अयोध्या राम की पैड़ी पर बनेगी 80 हजार दीयों से सजी रंगोली योगी सरकार का दीपोत्सव बना कला और संस्कृति का उत्सव  दीपों से सजे रंग और श्रद्धा के स्वर, राम की पैड़ी पर बनेगी जीवंत रंगोली – कलश, स्वास्तिक और कमल पुष्प की आकृतियों से सजेगी रामनगरी की धरती – हर दीया हमारी आस्था का प्रतीक है” कलाकार सरिता द्विवेदी अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस बार का नवम दीपोत्सव-2025 अयोध्या को नई सांस्कृतिक ऊँचाइयों पर ले जाने वाला है। रामनगरी न केवल लाखों दीपों की रोशनी में नहाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की लोक कला, परंपरा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करेगी। इस वर्ष राम की पैड़ी का दृश्य सबसे अलग होगा। यहां 80 हजार दीयों से सजाई जा रही रंगोली अद्भुत दृश्य पेश करेगी, जो भक्तिभाव, सौंदर्य और कला की गहराई को एक साथ दर्शाएगी। लोककला की नई परिभाषा 80 हजार दीपों से बनेगी जीवंत रंगोली अयोध्या दीपोत्सव के इतिहास में पहली बार राम की पैड़ी पर इतनी बड़ी दीप-रंगोली बनाई जा रही है।  यह पारंपरिक चौक पूरने की कला पर आधारित है, जिसमें मिट्टी के दीयों, रंगों और फूलों का संयोजन किया जा रहा है। इस अद्वितीय रंगोली में लगभग 80 हजार दीपों को इस प्रकार सजाया जाएगा कि ऊपर से देखने पर यह ईश्वर आमंत्रण के प्रतीकात्मक रूप में नजर आएगी मानो खुद श्रीराम के आगमन के स्वागत में धरती सजी हो। कलश, स्वस्तिक और कमल फूल की रूपरेखा में झलकेगी श्रद्धा रंगोली की डिज़ाइन में कलश, स्वास्तिक और कमल पुष्प जैसे पारंपरिक प्रतीकों का समावेश किया गया है।कलश समृद्धि और मंगल का प्रतीक है, स्वास्तिक शुभता और सकारात्मकता का संकेत देता है,और कमल पुष्प भक्ति, पवित्रता और श्रीराम के दिव्य जीवन का प्रतीक माना गया है। इन प्रतीकों को रंगों और दीपों से इस तरह गूंथा जा रहा है कि प्रत्येक रेखा और हर दीया एक कथा कहेगा श्रद्धा, सौंदर्य और संस्कृति की। चौक पूरने की परंपरा जब ईश्वर को आमंत्रित किया जाता है लोक संस्कृति में “चौक पूरना” वह शुभ क्षण होता है जब किसी देवता को आमंत्रित किया जाता है। यह कला न केवल सजावट का माध्यम है, बल्कि यह उस संवाद का प्रतीक भी है जो मनुष्य और ईश्वर के बीच होता है। राम की पैड़ी पर यह चौक पूरने की शैली एक भव्य और जीवंत रूप में प्रस्तुत होगी रंगों से सजी, दीपों से जगमगाती और भक्ति की ऊर्जा से ओतप्रोत। अवध विश्वविद्यालय की 50 छात्राओं की रचनात्मक टीम इस अनूठी दीप-रंगोली को तैयार कर रही है डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की कला विभाग की टीम। 50 छात्राओं ने मिलकर इस रंगोली को डिजाइन और तैयार किया है। हर छात्रा अपने हिस्से की दीया सज्जा, रंग भराई और पैटर्न बनाने में पूरी निष्ठा से लगी हुई है।  रंगोली की प्रमुख संयोजक और कला विभाग की प्रतिभाशाली कलाकार डॉ सरिता द्विवेदी ने बताया राम की पैड़ी पर बनाई जा रही यह रंगोली हमारे लिए केवल एक कला नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है। हर रंग, हर दीया, हर आकृति में हमने अपनी भावना और श्रद्धा उड़ेल दी है। जब इतने सारे दीप एक साथ प्रज्वलित होंगे, तो वह दृश्य सिर्फ प्रकाश नहीं बिखेरेगा, बल्कि यह पूरी अयोध्या की आत्मा को प्रकाशित करेगा। रंगों, मिट्टी और दीपों का त्रिवेणी संगम रंगोली बनाने में पारंपरिक गेरू, चावल के आटे, प्राकृतिक रंग और मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है ताकि इसकी मौलिकता और पारंपरिक सौंदर्य बना रहे। दीपों को सजाने के लिए मिट्टी के स्थानिक कारीगरों की भी मदद ली गई है। हर हिस्से को इस तरह जोड़ा गया है कि जब सूर्य अस्त होगा और दीप प्रज्वलित होंगे, तब पूरी रंगोली एक दिव्य छवि में परिवर्तित हो जाएगी, मानो धरती पर देवताओं ने स्वयं दीप जला दिए हों। योगी सरकार की पहल से अयोध्या बनी कला की राजधानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से दीपोत्सव केवल एक धार्मिक पर्व नहीं रहा, बल्कि यह कला, संस्कृति और नवाचार का उत्सव बन चुका है। इस वर्ष अयोध्या का दीपोत्सव भारतीय लोक कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है दीपोत्सव केवल दीपों का नहीं, बल्कि अयोध्या की आत्मा को जगमगाने का पर्व है। जब हर दीया बोलेगा जय श्रीराम राम की पैड़ी पर 80 हजार दीपों से सजी यह रंगोली जब दीपोत्सव की रात चमकेगी, तो उसका दृश्य ऐसा होगा मानो धरती पर सितारे उतर आए हों। अयोध्या के हर कोने में तब एक ही स्वर गूंजेगा “जय श्रीराम!”और उस क्षण यह रंगोली केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भक्ति और भारतीयता की जीवंत तस्वीर बन जाएगी।

योगी सरकार दे रही अयोध्या को नया स्वरूप, रामायण थीम पर बन रहे 20 सेल्फी प्वाइंट

अयोध्या दीपोत्सव 2025: रामायण के अध्यायों पर आधारित कलात्मक नज़ारे श्रद्धालुओं को करेंगे आकर्षित  योगी सरकार दे रही अयोध्या को नया स्वरूप, रामायण थीम पर बन रहे 20 सेल्फी प्वाइंट दीपोत्सव 2025 में धर्मपथ, लता चौक और राम की पैड़ी पर दिखेगी कला और आस्था की झलक  रामायण के अध्यायों से सजे सेल्फी प्वाइंट, धनुष आकार में उकेरी जा रही अनोखी कलाकृतियाँ – श्रद्धालु ले जाएंगे दीपोत्सव की यादें, श्रीराम और हनुमान के दृश्यों के संग खिंचेंगी तस्वीरें अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि दीपोत्सव 2025 केवल प्रकाश पर्व न होकर, श्रद्धा, संस्कृति और डिजिटल अनुभव का ऐसा संगम बने जो विश्व को अयोध्या की नई पहचान दे। इसी कड़ी में अयोध्या धाम को और भव्य स्वरूप देने के लिए 20 विशेष “सेल्फी प्वाइंट” तैयार किए जा रहे हैं। ये सेल्फी प्वाइंट रामायण के विभिन्न अध्यायों पर आधारित होंगे और धर्मपथ, लता चौक, राम की पैड़ी तथा रामकथा पार्क सहित प्रमुख स्थलों पर स्थापित किए जा रहे हैं। रामायण के इन 20 प्रसंगों के आधार बनें हैं सेल्फी प्वाइंट हर सेल्फी प्वाइंट की थीम रामायण के किसी खास प्रसंग से जुड़ी होगी। इनमें सुमेरु पर्वत को लेकर उड़ते हुए हनुमान जी, भगवान श्रीराम को वर्षा से बचाने के लिए केले के पत्ते के नीचे खड़े हनुमान, श्रीराम और लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान, जटायु से वार्तालाप करते प्रभु श्रीराम, अशोक वाटिका में मां सीता से भेंट करते हनुमान, रावण वध का दृश्य, भगवान राम और माता सीता से मिलते केवट, रावण पर बाण चलाते श्रीराम, लंका दहन करते हनुमान, अग्नि परीक्षा देती मां सीता जैसे भावनात्मक व प्रेरक दृश्य शामिल हैं। इन संरचनाओं को विशेष रूप से धनुष के आकार में कार्विंग किया जा रहा है, जो अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और प्रभु श्रीराम के प्रतीक को जीवंत करेगा।श्रद्धालु इन सुंदर सेल्फी प्वाइंट्स के साथ तस्वीरें लेकर दीपोत्सव की स्मृति को हमेशा के लिए सहेज सकेंगे। अयोध्या को मिलेगी नई पहचान उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा चयनित कार्यदायी संस्था सार्क मीडिया इन सेल्फी प्वाइंट्स का निर्माण कर रही है। संस्था के संचालक सौरभ कुमार सिंह ने बताया,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि आधुनिक कला और आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बन रही है। ये 20 सेल्फी प्वाइंट श्रद्धालुओं को ‘रामायण अनुभव’ से जोड़ने का माध्यम बनेंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर आगंतुक अपने कैमरे में अयोध्या की अनोखी सांस्कृतिक झलक कैद कर सके। डिजिटल युग में श्रद्धा और संस्कृति का संगम अयोध्या दीपोत्सव 2025 में इन थीमैटिक इंस्टॉलेशनों के माध्यम से डिजिटल आकर्षण और पारंपरिक भक्ति का मेल देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ये सेल्फी प्वाइंट ‘रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में देखने और अनुभव करने’ का अद्भुत अवसर प्रदान करेंगे।दीपोत्सव के दौरान जब धर्मपथ, राम की पैड़ी और लता चौक रोशनी से नहाएंगे, तब इन कलात्मक पृष्ठभूमियों के साथ ली गई तस्वीरें अयोध्या की भव्यता की गवाही देंगी और यही योगी सरकार की उस दृष्टि का हिस्सा है, जिसमें अयोध्या न केवल विश्वास का, बल्कि संस्कृति और कला का भी वैश्विक केंद्र बने।

सीएम योगी के मिशन विकसित उत्तर प्रदेश यूपी के दुबई प्रवासियों को मिला जनसमर्थन

यूपी के दुबई प्रवासियों ने विकसित उत्तर प्रदेश मिशन में लिया डिजिटल संकल्प सीएम योगी के मिशन विकसित उत्तर प्रदेश यूपी के दुबई प्रवासियों को मिला जनसमर्थन  शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और फिल्म उद्योग से जुड़े सुझाव साझा किए गए प्रवासियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव प्रदेश सरकार को भेजे डिजिटल माध्यम से विचार साझा करने का मंच प्रदान कर प्रदेश के विकास में प्रवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई दुबई/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “विकसित उत्तर प्रदेश” के समर्थन में दुबई के यूपी प्रवासियों ने डिजिटल माध्यम से अपने अनुभव और सुझाव साझा कर प्रदेश के विकास के लिए नया संकल्प लिया। इंडिया क्लब के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों ने शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और फिल्म क्षेत्र सहित प्रदेश के हर विकास पहलू पर विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर यूपीडीएफ और यूपी कनेक्ट दुबई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उद्योगों और आधुनिक विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रवासियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव प्रदेश सरकार को भेजे। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रवासी भारतीयों ने प्रदेश को उत्तम और आत्मनिर्भर बनाने के अपने अनुभवों और रणनीतिक सुझावों से इसे और प्रभावशाली बनाया। डिजिटल माध्यम से विचार और सुझाव दुबई स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीईओ डॉ. निलय राजन ने काव्य पाठ के माध्यम से विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त उद्योगपति अमित वर्धन, अनीता सचान, आशुतोष श्रीवास्तव, इमरान, उपेन्द्र चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी, संस्कृति, देवा सोलंकी, मनोरमा चतुर्वेदी, राजेश कोषाध्यक्ष, अमित चतुर्वेदी ने प्रदेश के विकास पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, काशी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विधायक और मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के समाज परक और विकासोन्मुख प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस डिजिटल माध्यम को प्रदेश के विकास में एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाला बताया। प्रवासी भारतीयों ने साझा किए सुझाव कार्यक्रम के संचालक और महासचिव डा. साहित्य चतुर्वेदी ने बताया कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, यमुना और गंगा की शोभा, मथुरा के पेड़े, हाथरस के मसाले, कन्नौज के इत्र, कानपुर के उद्योग, बनारस की साड़ियां, आगरे की दालमौठ सहित प्रदेश के पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति, फिल्म और उद्योग क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों सुझाव एकत्रित किए गए। यूपी डायस्पोरा की इस पहल का निर्देशन यूपीडीएफ के चेयरमैन एवं अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल ने किया। प्रवासियों की ओर से सुझाव आमंत्रित करने का स्वागत संस्था के अध्यक्ष डा. राजेश अग्रवाल ने किया। सभा का संचालन सिंधी समाज के अध्यक्ष चंद्र शेखर भाटिया ने किया। सभा की अध्यक्षता के लिए शिक्षाविद डा. कुशनाथ चतुर्वेदी को आमंत्रित किया गया। उन्हें और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से नवाजा गया।