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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहेगा प्रदेश का कोई भी छात्रः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से वितरित की छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के तहत ₹300 करोड़ से ज्यादा की धनराशि सीधे छात्रों के खातों में भेजी गई प्रधानमंत्री जी के कथन“पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है”को डीबीटी प्रणाली के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहाः सीएम अब दो चरणों में दी जा रही छात्रवृत्ति, 2016-17 में 8.64 लाख से बढ़कर अब 62 लाख छात्र-छात्राएं पा रहे हैं लाभः मुख्यमंत्री 4.27 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अब तक मिला है छात्रवृत्ति का लाभः योगी आदित्यनाथ बाबा साहब ने कहा था- पढ़-लिखकर ही स्वावलंबी बन सकते हैं, हमारा भी संकल्प है कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहेः सीएम योगी   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के ठीक पूर्व प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात देते हुए दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत एक साथ 10 लाख 28 हजार 205 विद्यार्थियों को ₹300 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रेषित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के संकल्प के साथ आयोजित किया गया है। यह डबल इंजन सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे शिक्षा-सशक्तिकरण अभियान की एक नई कड़ी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विजयादशमी के अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई थी। पहले छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में भेदभाव, विलंब और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम थीं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में टेक्नोलॉजी आधारित डीबीटी प्रणाली लागू होने से अब पात्र छात्रों के खाते में राशि सीधे पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छात्रवृत्ति वर्ष में एक बार नहीं बल्कि दो चरणों में (अक्टूबर और जनवरी में) दी जाएगी, ताकि छात्रों को समय पर सहायता मिले। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 तक जहां केवल 8.64 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से लाभान्वित होते थे, वहीं अब यह संख्या 62 लाख तक पहुंच गई है। विभिन्न वर्गों के छात्रों को मिली छात्रवृत्ति मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 3 लाख 56 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹114 करोड़ 92 लाख, सामान्य वर्ग के 97 हजार से अधिक छात्रों को ₹29 करोड़ 18 लाख, अन्य पिछड़ा वर्ग के 4 लाख 83 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹126 करोड़ 69 लाख और अल्पसंख्यक वर्ग के 90 हजार 758 विद्यार्थियों को ₹27 करोड़ 16 लाख की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा एकदम स्पष्ट है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं,“पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है।”डीबीटी प्रणाली इसी पारदर्शिता का सशक्त उदाहरण है। पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। गत वर्ष जिन विद्यार्थियों को संस्थानों की लापरवाही या पोर्टल की त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उनके लिए पोर्टल को पुनः सक्रिय किया गया है। जैसे ही डेटा एंट्री पूरी होगी, एक विशेष समारोह में उन्हें भी डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, हर छात्र अपने सपनों की उड़ान भर सके। शिक्षा ही स्वावलंबन का मार्ग मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि “पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबी बन सकते हैं और समाज के लिए कुछ कर सकते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बाबा साहब ने शिक्षा के बल पर अपनी राह बनाई। आज हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं, आवश्यकता है मेहनत, अनुशासन और लगन की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पुस्तकालयों की ओर रुझान बढ़ाएं, नियमित रूप से विद्यालय जाएं, नवाचार के प्रति जिज्ञासा रखें और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। 4 करोड़ 27 लाख विद्यार्थियों को अब तक लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। 2016-17 से पहले की सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने न केवल वह राशि जारी की बल्कि दो वर्षों की छात्रवृत्ति एक साथ दी। उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी विद्यार्थी के साथ भेदभाव नहीं होगा। ईमानदारी, पारदर्शिता और समान अवसर हमारी सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा-सशक्तिकरण की नई पहलें मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा-सशक्तिकरण के लिए कई नई पहलें की गई हैं। अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से सभी 18 कमिश्नरी में विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां श्रमिक परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है। आश्रम पद्धति विद्यालय के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालय के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग की बालिकाओं को इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है, जिससे अब छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ता। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 5 लाख परिवारों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन डीबीटी के जरिए दी जा रही है। पहले ₹300 मासिक पेंशन छह महीने में दी जाती थी, जिसमें बिचौलिये हिस्सा खा जाते थे। हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर अब ₹1,000 प्रति माह किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं। प्रत्येक विवाह हेतु ₹1 लाख की सहायता राशि दी जाती है। गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री ने … Read more

यूपी में 5.38 लाख महिलाओं के लिए सरकार का तोहफा, दिवाली पर मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर

लखीमपुर खीरी  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में दीपावली पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक विशेष तोहफा दिया जा रहा है. इस योजना के तहत जिले में कुल 5,38,996 लाभार्थी हैं, जिन्हें दीपावली के अवसर पर एक गैस सिलेंडर की कीमत के बराबर धनराशि दी जाएगी. विभाग ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है. लखीमपुर खीरी जिले में भारत गैस की 29 एजेंसियां हैं, जिनमें 2,11,316 लाभार्थी हैं. इसके अलावा, HP की 15 एजेंसियों में 93,700 और इंडियन ऑयल की 40 एजेंसियों में 2,33,945 लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिए गए हैं. त्योहारों पर प्रदेश सरकार ने किया था वादा  राज्य सरकार ने होली और दीपावली के त्योहारों पर मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था. हालांकि तरीका सब जगह एक ही होता है. लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए धनराशि सरकार द्वारा दी जाएगी, लेकिन उन्हें पहले गैस एजेंसी पर जाकर नगद सिलेंडर खरीदना होगा. जितनी धनराशि उपभोक्ता गैस एजेंसी पर देंगे, उतनी ही राशि उनके खाते में वापस कर दी जाएगी. लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि अगर उनका बैंक खाता एनपीसीआई से लिंक नहीं है, तो वे इसे लिंक करवा लें, ताकि धनराशि में कोई दिक्कत न हो. इसके बिना वे योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे और पैसे उनके एकाउंट में नहीं आ पाएंगे. लोकल 18 को महिला नीरज ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से दीपावली पर घरेलू गैस सिलेंडर का लाभ दिया जा रहा है. यह महिलाओं लिए सौभाग्य की बात है.  

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ महिलाओं को आत्मविश्वास और सशक्तीकरण का नया रास्ता दिखा रही योगी सरकार

मिशन शक्ति 5.0 योगी सरकार की जागरूकता चौपालों से गांव-गांव बुलंद हो रही महिलाओं की आवाज  सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ महिलाओं को आत्मविश्वास और सशक्तीकरण का नया रास्ता दिखा रही योगी सरकार दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के सामाजिक दुष्प्रभावों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने में जुटी योगी सरकार  स्थानीय पुलिस, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही सक्रिय भागीदारी  मिशन शक्ति 5.0 के तहत अबतक 15.50 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है योगी सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में नया इतिहास रच रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 17 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में 'जागरूकता चौपाल' कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है। इन चौपालों का उद्देश्य दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में समानता और संवेदनशीलता की संस्कृति को मजबूत कर रही है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत जागरूकता चौपालें दहेज उन्मूलन और घरेलू हिंसा की रोकथाम पर केंद्रित हैं। इन चौपालों में महिलाओं, किशोरियों, पुरुषों और समुदाय के प्रतिनिधियों को दहेज और घरेलू हिंसा के सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ वक्ता और विभागीय अधिकारी 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005' और 'दहेज निषेध अधिनियम, 1961' को सरल भाषा में समझा रहे हैं। महिलाओं को बताया जा रहा है कि वे किसी भी हिंसा को सहन न करें, बल्कि महिला हेल्पलाइन 181 और वन स्टॉप सेंटर्स के जरिए त्वरित सहायता प्राप्त करें।  चौपालों के माध्यम से दी जा रही महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी इन चौपालों में स्थानीय पुलिस, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। महिलाएं और किशोरियां अपने अनुभव साझा कर रही हैं, जिससे सामुदायिक सहानुभूति का माहौल बन रहा है। चौपालों में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर और समग्र महिला सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। यह प्रयास ग्रामीण समुदायों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और विश्वास स्थापित करने में कारगर साबित हो रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक मिशन शक्ति 5.0 के तहत 15.50 लाख लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं। नारी सुरक्षा और स्वावलंबन का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश योगी सरकार की यह पहल नारी सशक्तीकरण को केवल नीति तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप दे रही है। हर चौपाल से नारी गरिमा की आवाज बुलंद हो रही है, जो समाज में समानता और सम्मान की नई संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। मिशन शक्ति 5.0 के जरिए उत्तर प्रदेश नारी सुरक्षा और स्वावलंबन का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।  महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि दहेज और घरेलू हिंसा का अंत केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से संभव है। मिशन शक्ति की जागरूकता चौपालें हर गांव में संवाद शुरू कर रही हैं, ताकि हर महिला को यह भरोसा मिले कि राज्य सरकार उनके साथ है।

प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- अपना रहे हैं अंग्रेजों की नीति

हमारा संकल्प, 'एक भारत श्रेष्ठ भारत', कांग्रेस-सपा का 'फूट डालो, हुकूमत करो' : योगी आदित्यनाथ  प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- अपना रहे हैं अंग्रेजों की नीति – 31 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन – 1 से 26 नवंबर तक हर विधानसभा में निकलेगी ‘एकता पदयात्रा’ – बाबा साहब आंबेडकर को समर्पित 26 नवंबर को मनाया जाएगा संविधान दिवस – हर जिले से पांच युवाओं की टोली गुजरात में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी तक पदयात्रा में होगी शामिल – सीएम योगी बोले- “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाकर विपक्ष तोड़ रहा समाज – मुख्यमंत्री ने हर जिले में आयोजित स्वदेशी मेले में पार्टी के नेताओं को जाने और उत्पाद खरीदने का किया आग्रह 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया संकल्प लखनऊ  सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह अभियान को लेकर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” नीति को आज भी अपनाए हुए हैं। ये दल समाज में जाति, पंथ और मजहब के आधार पर फूट डालने का काम कर रहे हैं ताकि देश की एकता और अखंडता कमजोर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश आज़ाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने भारत को कई हिस्सों में बांटने की साजिश रची थी। उनकी कोशिश थी कि भारत कभी एक न हो सके। लेकिन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अद्भुत दूरदृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति से 563 रियासतों को भारत गणराज्य में विलय कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जो भारत एकजुट दिखता है, वह सरदार पटेल की देन है। इसलिए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्ष से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सीएम योगी ने कहा कि भाजपा और केंद्र व राज्य की सरकारें सरदार पटेल के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार करने के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष समाज को बांटने की राजनीति कर रहा है, तब भाजपा की जिम्मेदारी है कि एकता और अखंडता के संदेश को हर गांव और हर विधानसभा तक पहुंचाया जाए। यूनिटी मार्च और राष्ट्रीय एकता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन पूरे प्रदेश में होगा। इसके बाद 1 नवंबर से 26 नवंबर तक हर विधानसभा क्षेत्र में 8 से 10 किलोमीटर लंबी ‘एकता पदयात्रा’ निकाली जाएगी। इसमें आर्मी के रिटायर्ड जवान, अन्नदाता, श्रमिक, भाजपा के अनुशांगिक संगठन, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाइड सभी को जोड़ा जाएगा। यात्रा के दौरान 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' और 'नेता जी सुभाष चंद्र बोस अमर रहें' के जयघोष गूंजेंगे। हर दो किलोमीटर पर पड़ाव होगा, जहां समाज से संवाद कायम करते हुए एकता का संदेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि हर कार्यकर्ता को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। बूथ स्तर से लेकर जिला पदाधिकारी तक सभी को सक्रिय होना होगा। बाबा साहब को समर्पित संविधान दिवस और युवा पदयात्रा सीएम योगी ने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा, जो बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है। इस दिन प्रत्येक जिले से पांच युवाओं को दिल्ली भेजा जाएगा, जहां से वे गुजरात में होने वाली पदयात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा 26 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलेगी, ताकि युवा देशभर में सरदार पटेल और बाबा साहब दोनों के योगदान से प्रेरणा ले सकें। ‘विकसित भारत’ और ‘स्वदेशी उत्पादों’ पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1946-47 में जो अंग्रेज भारत की अखंडता को तोड़ना चाहते थे, आज वही भारत ब्रिटेन को पछाड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, यह हर भारतीय का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों पर स्वदेशी उत्पाद खरीदें। इससे स्थानीय कारीगरों, महिला समूहों और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी खरीदते हैं, तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, संगठन महामंत्री धर्मपाल, संयोजक संजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी, बीजेपी प्रदेश मंत्री शंकर लोधी समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।    

राजनीति और विवाद: तेज प्रताप यादव की संपत्ति व आपराधिक रिकॉर्ड पर एक नजर

वैशाली  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बृहस्पतिवार को वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से जनशक्ति जनता दल के प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेज प्रताप ने अपनी संपत्ति, शिक्षा और लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी साझा की है। हलफनामे के अनुसार, तेज प्रताप यादव के पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। वर्ष 2020 में उन्होंने कुल 1.22 करोड़ रुपये की चल और 1.6 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की थी, यानी उनकी संपत्ति में पिछले पांच वर्षों में मामूली वृद्धि हुई है। तेज प्रताप यादव ने बताया कि उन पर कुल आठ आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 147, 149, 188, 307, 333, 353, 427 और 504 शामिल हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ SC/ST Act और Epidemic/Disaster Management Act की धाराओं के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों में से किसी में भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। हलफनामे में तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय का कोई विवरण शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि दोनों के बीच तलाक का मामला इस समय पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है। तेज प्रताप यादव पहले वर्ष 2020 तक महुआ सीट से राजद के टिकट पर विधायक रहे थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें हसनपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था। शैक्षिक योग्यता के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने वर्ष 2010 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से संबद्ध राममोहन राय सेमिनरी +2 स्कूल से पास की थी। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।

व्यापक हित में मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय, मार्च 2026 तक ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार वहन करेगी सरकार

दीपावली पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा उपहार: प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि व्यापक हित में मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय, मार्च 2026 तक ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार वहन करेगी सरकार अब 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, 01 जुलाई 2025 से लागू होगा निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री महंगाई से राहत और जीवन स्तर सुधार के लिए योगी सरकार का संवेदनशील कदम मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता व राहत अक्टूबर 2025 से नकद भुगतान के रूप में मिले नवंबर 2025 में ₹795 करोड़ का आएगा अतिरिक्त नकद व्ययभार, ओपीएस कार्मिकों के जीपीएफ में ₹185 करोड़ जमा होंगे जुलाई से सितंबर 2025 के एरियर भुगतान पर सरकार उठाएगी ₹550 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त भार दिसंबर 2025 से प्रत्येक माह ₹245 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार वहन करेगी राज्य सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकाश पर्व दीपावली के अवसर पर प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की दरों में वृद्धि का उपहार दिया है। गुरुवार को लिए गए मुख्यमंत्री के इस निर्णय के अनुसार अब प्रदेश के सभी पात्र 16.35 लाख कर्मचारियों एवं 11.52 लाख पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को 01 जुलाई 2025 से 55 प्रतिशत के स्थान पर 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का लाभ प्राप्त होगा। बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। महंगाई के प्रभाव से उन्हें राहत पहुंचाना और उनके जीवनस्तर में सुधार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली का यह उपहार उनके जीवन में नई ऊर्जा, प्रसन्नता और समृद्धि लेकर आएगा।  इस निर्णय का लाभ सभी कर्मचारियों को मिलेगा, जिनमें सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारी, कार्यप्रभारित कर्मचारी तथा यूजीसी वेतनमान के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एवं राहत का भुगतान माह अक्टूबर 2025 से नकद रूप में किया जाए। व्यापक हित मे लिए गए इस निर्णय से मार्च 2026 तक राज्य सरकार पर ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। बता दें कि मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत का भुगतान माह अक्टूबर, 2025 से नकद किये जाने की स्थिति में माह नवम्बर, 2025 में क्रमशः ₹161 करोड़ तथा ₹84 करोड़ का व्ययभार का व्ययभार आयेगा। माह जुलाई से सितम्बर, 2025 तक के मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत के एरियर के भुगतान पर माह नवम्बर, 2025 में क्रमशः ₹298 करोड़ एवं ₹252 करोड़ का अतिरिक्त नकद व्ययभार आयेगा। इस प्रकार माह नवम्बर, 2025 में कुल ₹795 करोड़ का अतिरिक्त नकद व्ययभार आयेगा। ओपीएस से आच्छादित कार्मिकों के जीपीएफ में ₹185 करोड़ जमा होगा, तत्पश्चात् माह दिसम्बर, 2025 से प्रत्येक माह ₹245 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार आयेगा।

विश्व बैंक अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में कृषि को तकनीक से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा

उत्तर प्रदेश में छोटे किसानों के लिए रेज़िलिएंस मॉडल बना उदाहरण: अजय बंगा विश्व बैंक अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में कृषि को तकनीक से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा अजय बंगा बोले- उत्तर प्रदेश में देखा ‘रेज़िलिएंट एग्रीकल्चर’ का जीवंत मॉडल छोटे किसानों के लिए यूपी का कृषि मॉडल बना वैश्विक मिसालः बंगा गर्मी-सहनशील बीज और डिजिटल तकनीक से बदल रहा यूपी का ग्रामीण परिदृश्यः विश्व बैंक अध्यक्ष  बोले- उत्तर प्रदेश ने दिखाया रास्ता, एक खराब सीजन अब नहीं बिगाड़ेगा कृषक की पूरी जिंदगी डिजिटल प्लेटफॉर्म बना किसानों की मजबूती की रीढ़, यूपी में तकनीक, बीमा और वित्त का अनूठा संगम विश्व बैंक प्रमुख बोले — उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरी दुनिया अपना सकती है लखनऊ  विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे छोटे किसानों के कृषि मॉडल की सराहना करते हुए कहा है कि “यह सिद्धांत नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है जिसे मैंने अपनी आँखों से देखा है।” उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि प्रणाली को इस तरह से तैयार किया गया है कि उसमें रेज़िलिएंस (लचीलापन) शुरुआत से ही निहित है, यह बाद में जोड़ा गया तत्व नहीं है। अजय बंगा एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे और यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ जो प्रयोग हो रहे हैं, वे अद्भुत हैं। यहाँ गर्मी सहन करने वाले बीज, मिट्टी के अनुकूल उर्वरक, पुनर्जीवित करने की तकनीकें, कुशल सिंचाई व्यवस्था और मजबूत बीमा-फाइनेंसिंग प्रणाली किसानों के जीवन को स्थिरता देती है। इसका मकसद यही है कि एक खराब मौसम या एक खराब सीज़न किसी किसान के लिए पूरी ज़िन्दगी का संकट न बन जाए। डिजिटल तकनीक है प्रणाली की रीढ़ विश्व बैंक अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का केंद्र डिजिटल तकनीक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ही वह ग्लू (गोंद) है जो पूरे सिस्टम को जोड़ता है। एक साधारण एआई टूल और बेसिक मोबाइल फ़ोन किसान की फ़सल की बीमारी की पहचान कर सकता है, उर्वरक की जानकारी दे सकता है, मौसम की चेतावनी पहले ही दे सकता है और भुगतान को सुरक्षित बना सकता है। यही डेटा आगे चलकर किसान की क्रेडिट हिस्ट्री बन जाता है, जिससे उसे सस्ता ऋण और बेहतर वित्तीय पहुंच मिलती है। उन्होंने इसे ‘वर्चुअस लूप’ (सकारात्मक चक्र) बताया, जहां डेटा आधारित विश्वास बेहतर अंडरराइटिंग को बढ़ाता है, ऋण सस्ता होता है और अधिक निवेशक इस पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ते हैं। उत्तर प्रदेश बना उदाहरण अजय बंगा ने कहा कि उन्होंने कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश का दौरा किया था, जहां उन्होंने इस मॉडल को वास्तविक रूप में क्रियान्वित होते देखा। उन्होंने कहा कि मैंने वहाँ देखा कि नींव से लेकर सहकारी संस्थाओं तक, किसानों की रेज़िलिएंस और सबसे बढ़कर डिजिटल प्रणाली, सबने मिलकर एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया। यह एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट है, यह मॉडल काम करता है। अब इसे बड़े पैमाने पर लागू करने की आवश्यकता है, और यह पूरी तरह स्केलेबल है। उन्होंने कहा कि इस तरह का मॉडल तभी सफल हो सकता है जब सरकार, व्यवसाय और डेवलपमेंट पार्टनर्स एक ही दिशा में आगे बढ़ें। उत्तर प्रदेश और विश्व बैंक की साझेदारी हाल ही में विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलकर ‘यूपी एग्रीज’ परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि प्रणाली को तकनीकी और वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है। इस परियोजना से लगभग 10 लाख छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम की रूपरेखा भी तैयार की है, जिससे किसानों को मौसम, बीज, बाजार और बीमा से जुड़ी जानकारी वास्तविक समय पर उपलब्ध होगी। विश्व बैंक अध्यक्ष का यह बयान इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि “स्मार्ट कृषि परिवर्तन” का मॉडल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय है जब दुनिया ऐसे मॉडल्स को खुले तौर पर अपनाए, ताकि छोटे किसानों की आजीविका सुरक्षित और समृद्ध हो सके।

गले मिले, संवेदना जताई — हरिओम के परिवार से मुलाकात के दौरान इमोशनल हुए राहुल गांधी

फतेहपुर यूपी के फतेहपुर जिले में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार की सुबह रायबरेली के ऊंचाहार में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से काफी देर तक मुलाकात की। इस दौरान हरिओम के परिजन राहुल से मिलकर भावुक हो गए। बेटे हरिओम को खोने के बाद परिवार सदमे में है। राहुल गांधी ने संवेदना व्यक्त की और परिवार के सदस्यों का हाथ अपने हाथ में थाम लिया। मार्मिक मुलाकात के दौरान राहुल ने हरिओम के पिता को गले भी लगाया। कांग्रेस नेता के सामने हरिओम की मां फूट-फूटकर रोने लगीं। इसपर राहुल ने उनका हाथ थामकर ढांढस बंधाया। शुक्रवार सुबह जब कांग्रेस नेता मृतक हरिओम के घर पहुंचे तो शोकाकुल परिवार सदमे में डूबा था। राहुल गांधी ने हरिओम के पिता का न केवल हाथ थामा बल्कि उन्हें गले भी लगाया। हरिओम की मां के सामने भी राहुल गांधी भी भावुक हो गए।   हरिओम की मां राहुल के सामने फफक पड़ीं। बेटे की मौत पर दुख जताया। कांग्रेस नेता ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान राहुल गांधी ने परिवार को न्याय दिलाने और हर कदम पर उनका साथ देने का आश्वासन दिया।   यूपी के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में 2 अक्तूबर को चोर समझकर भीड़ ने बर्बरता से हरिओम वाल्मीकि की पिटाई की। जिससे उसकी मौत हो गई। मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। बताया जाता है कि पिटाई के दौरान हरिओम ने अपना नाम और पता भी बताया था। इसके अलावा अंतिम सांसों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम भी लिया था। जिसके बाद इस मुद्दे ने बड़ा सियासी रूप ले लिया था। 'हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है' कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दो अक्तूबर को रायबरेली में कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या मारे गए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि, "कुछ दिन पहले दलित अफसर ने आत्महत्या की थी। मैं वहां गया और आज मैं यहां आया हूं। अपराध इस परिवार ने नहीं किया, अपराध इनके खिलाफ किया गया है और लग ऐसा रहा है कि यह लोग अपराधी हैं। इन्हें घर में बंद कर रखा है, इन्हें डराया जा रहा है। ये लोग केवल न्याय मांग रहे हैं। हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है। उसकी हत्या की गई है। हम केवल न्याय मांग रहे हैं। 'इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए' पूरे देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्याएं, दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं, इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए। जो अपराधी हैं उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई कीजिए और उनकी रक्षा करने का प्रयास मत कीजिए…(पीड़ित परिवार) मुझ से मिलें, मुझ से ना मिलें यह जरूरी नहीं है, बल्कि जरूरी बात यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। इन्होंने कोई गलती नहीं की है… अपराधी दूसरे लोग हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैंने आज यहां आकर इनसे बातचीत की, इनका दर्द और दुख सुना और कांग्रेस पार्टी और मेरा प्रयास है कि हम जो मदद कर सकते हैं हम करेंगे। 'परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी' लोकसभा नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज सुबह सरकार ने परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि पीड़ित परिवार मुझसे मिलता है या नहीं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। उन्होंने कोई गलती नहीं की है। मैंने मृतक के परिवार से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। कांग्रेस पार्टी और मैं परिवार को हर संभव मदद प्रदान करने की पूरी कोशिश करेंगे। देश में जहां भी दलितों के खिलाफ अत्याचार होगा, कांग्रेस वहां होगी और हम हर संभव मदद प्रदान करेंगे और न्याय के लिए लड़ेंगे। राहुल गांधी से मुलाकात करने से कर दिया था इनकार इससे पहले शुक्रवार सुबह परिवार ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया था। हरिओम के भाई शिवम ने कहा है कि मैं सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हूं। इस मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते हैं। मेरे भाई के हत्यारों को जेल भेजा गया है और बहन को नौकरी भी दी गई है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस और अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेता राजनीति करने न आएं। माना जा रहा है कि परिवार अब राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहना चाहता है, क्योंकि मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 297 करोड़ की छात्रवृत्ति जारी, सीएम बोले- पहले होती थी अनदेखी

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी से करीब पांच लाख युवाओं के खातों में छात्रवृत्ति ट्रांसफर की। सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर में ही छात्रवृत्ति वितरण की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए छात्रों के चयन की प्रक्रिया में भेदभाव होता था। वर्ष 2016-17 में तो अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही हड़प ली गई थी पर अब ऐसा नहीं होता है। अब प्रदेश के 62 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिल रही है। जब हम सत्ता में आए तो तय किया कि छात्रों को वर्ष के अंत में नहीं बल्कि दो बार में छात्रवृत्ति दी जाए। जो कि अब संभव हो रहा है। यह बदली हुई व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है जिससे कि छात्र-छात्राओें को कहीं भी भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों से स्कूल जाने की अपील की और कहा कि पढ़ाई जरूर करें। इससे पूरा समाज बदलेगा। पहले चरण में लगभग 62.13 करोड़ रुपये कक्षा 9 से 12 तक के 2.5 लाख ओबीसी छात्रों को दिए जा चुके हैं। दूसरे चरण में शुक्रवार को 126.68 करोड़ रुपये 4.83 लाख से अधिक छात्रों को दिए गए। ई से ईजी गवर्नेंस की तरफ बढ़ रही सरकार इस मौके पर यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार यूपी सरकार अब ई गवर्नेंस से ईजी गवर्नेंस की तरफ बढ़ रही है।

जनता की राय जुटाने के लिए पोर्टल पर अब तक 42 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त

विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लिए पूरे प्रदेश से मिल रहे सुझाव जनता की राय जुटाने के लिए पोर्टल पर अब तक 42 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त ग्रामीण क्षेत्रों से मिले 32.9 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 9.36 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु के 20.5 लाख, 31-60 वर्ष आयु वर्ग के 19.7 लाख लोगों ने दिए सुझाव, 2.06 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने भी दी राय फीडबैक देने में संभल, जौनपुर, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर जनपद शीर्ष पर   नागरिकों ने विकास की दिशा तय करने के लिए ग्रामीण विकास, संस्कृति संरक्षण और सिंचाई प्रणाली के सुझाव दिए जन-सहभागिता से उभर रहा विकास का नया मॉडल, ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ ने बदली नीति निर्माण की सोच अब तक 206 नगर पालिकाओं में बैठकें और 205 में सम्मेलन, 15 नगर निगमों में बैठक व सम्मेलन, 55 जिला पंचायतों में सम्मेलन और 51 में बैठकें, 512 नगर पंचायतों में बैठकें और 515 में सम्मेलन, 666 क्षेत्र पंचायतों में सम्मेलन और 637 में बैठकें सम्पन्न लखनऊ उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करने के बड़े लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रारम्भ 'विकसित उत्तर प्रदेश@2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान” लगातार जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह महाभियान प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में जनता की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित कर रहा है। जनता की राय जुटाने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 42,27,215 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें 32,90,660 ग्रामीण क्षेत्रों से और 9,36,556 नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 20,49,797 सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वालों के हैं, 19,70,776 सुझाव 31 से 60 वर्ष के बीच के नागरिकों के हैं, जबकि 2,06,646 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से मिले हैं। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र से 10,11,706, पशुधन एवं डेरी से 1,59,893, उद्योग से 1,43,969, आईटी एवं टेक्नोलॉजी से 1,20,859, पर्यटन से 95,841, ग्रामीण विकास से 8,58,509, अवसंरचना से 36,397, संतुलित विकास से 63,153, समाज कल्याण से 3,11,951, नगरीय एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से 2,99,631, शिक्षा से 10,47,621 और सुरक्षा से 77,692 सुझाव शामिल हैं। जनपदवार फीडबैक में संभल (1,81,255) पहले स्थान पर रहा, इसके बाद जौनपुर (1,80,671), प्रतापगढ़ (1,57,966), बिजनौर (1,49,973) और गोरखपुर (1,47,902) शीर्ष पाँच जिलों में शामिल हैं। वहीं महोबा (10,119), इटावा (18,546), फतेहपुर (19,697), फिरोजाबाद (21,311) और बागपत (21,631) जिलों से न्यूनतम फीडबैक प्राप्त हुए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिले सुझावों में लोगों ने विकास की दिशा स्पष्ट की है। अयोध्या के आलोक द्विवेदी ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हर गाँव में सड़क, बिजली, पानी, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्योगों की सुविधा बढ़ाई जाए तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को टेली-एजुकेशन और टेली-मेडिसिन से जोड़ा जाए। लखनऊ के ऋषभ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सनातन संस्कृति और विरासत का वैश्विक केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने प्राचीन मंदिरों के संरक्षण, संस्कृत व योग शिक्षण संस्थानों की स्थापना और धार्मिक पर्यटन को विश्वस्तरीय पहचान देने का सुझाव दिया। वाराणसी के ज्ञान प्रकाश पांडे ने कहा कि सिंचाई प्रणाली को आधुनिक बनाना आवश्यक है। उन्होंने नहरों को पक्का करने, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने, तालाबों के पुनर्जीवन और सौर ऊर्जा पंपों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। महाभियान के अंतर्गत जनजागरण और संवाद के लिए प्रदेशभर में बैठकें, गोष्ठियाँ और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 206 नगर पालिकाओं में बैठकें और 205 में सम्मेलन, 15 नगर निगमों में बैठकें व सम्मेलन, 55 जिला पंचायतों में सम्मेलन और 51 में बैठकें, 512 नगर पंचायतों में बैठकें और 515 में सम्मेलन, 666 क्षेत्र पंचायतों में सम्मेलन और 637 में बैठकें सम्पन्न हो चुकी हैं। इसके अलावा 41,476 ग्राम पंचायतों के स्तर पर भी बैठकों का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया है। इन आयोजनों से नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने में बड़ी मदद मिली है।  इससे पहले, अभियान के अंतर्गत 16 अक्टूबर तक राज्य के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, किसान, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संगठन, मीडिया प्रतिनिधि और आम नागरिकों के साथ संवाद किया। इन मुलाकातों में प्रदेश की पिछले आठ वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई और आने वाले वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए नागरिकों से सुझाव लिए गए।