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गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी करेंगे स्वदेशी मेलों का भव्य शुभारंभ

  शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन, सुगमता से पहुंच सकेंगे आमजन प्रदेशभर में जनपद स्तर पर हो रहा स्वदेशी मेलों का आयोजन, स्थानीय उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्योग विभाग की योजनाओं को मिल रहा व्यापक मंच जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाए जाएंगे मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवाओं की भागीदारी से बढ़ेगी उत्सव की गरिमा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर से स्वदेशी मेले का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना, उद्योगों को बढ़ावा देना और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। हालांकि, कई जनपदों में गुरुवार को ही स्वदेशी मेले की अनौपचारिक शुरुआत हो गई है। हालांकि, इसकी औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शुक्रवार को की जाएगी। दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है, ताकि आम जनता सुगमता से पहुंच सके और सक्रिय रूप से सहभागिता कर सके। उल्लेखनीय है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के अंतर्गत जनपद स्तर पर स्वदेशी मेलों के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोजन के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री समेत अन्य जनपद प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक जनपद के उपायुक्त उद्योग नोडल अधिकारी के रूप में मेले की व्यवस्था देखेंगे और जिलाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए मेले की गरिमा एवं गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित कर रहे हैं। उपलब्ध कराए गए निशुल्क स्टॉल स्वदेशी मेला में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, सीएम युवा, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, वित्त पोषित इकाईयों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य उत्पादकों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व में उपलब्ध कराए गए जन उपयोगी योजनाओं/कार्यक्रमों के स्टॉल भी लगवाए गए हैं। मेले में वस्तुओं एवं सेवाओं के क्रय के लिए जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य रूप से किया गया है। स्वदेशी मेले बनेंगे जीएसटी बचत उत्सव का आधार स्वदेशी मेले को जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा की गई जीएसटी दरों में कमी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे दीपावली और अन्य अवसरों पर अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकें। कार्यक्रम को उल्लासपूर्ण और रोचक बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, विभिन्न शैक्षिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के समन्वय और सहयोग से सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों को मिलेगा मंच इन मेलों में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण उद्योगों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में सजने वाले ये मेले दिवाली के पूर्व “वोकल फॉर लोकल” अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग एवं बाजार से सीधा जुड़ाव दिलाना है।

सीएम ने बीडा सहित अन्य विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के दिए निर्देश

 झांसी जनपद झांसी के दौरे पर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में स्थानीय अफसरों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बुंदेलखंड के विकास की परियोजनाओं को लेकर सीएम ने खास तौर पर अफसरों से जानकारी ली। सीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति का ब्यौरा सीएम के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने पेयजल से संबंधित परियोजनाओं को पूर्ण करने में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि बीडा के अंतर्गत जमीन आवंटन कराने वाले निवेशक तीन वर्षों के भीतर निवेश की प्रक्रिया शुरू करें, इस बात को सुनिश्चित किया जाए। जमीनों के लिए प्रस्ताव आने से पूर्व भूमि अधिग्रहीत कर ली जाए। युवाओं के स्वावलंबन के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे इस क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों में उन्हें नौकरी मिल सके। सीएम ने निर्देश दिए कि माफिया के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्ती से कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अधिकारी बैठक करें। जन प्रतिनिधियों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। मिशन शक्ति के अंतर्गत स्कूल जाने वाली बालिकाओं के साथ संवाद करने और उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को अधिक से अधिक फुट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने निर्देश दिए कि एक करोड़ से अधिक की धनराशि वाली विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए जो नियमित रूप से निरीक्षण करें। जनपद के समस्त किसानों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई तत्काल कराने और अनुदान राशि खातों में ट्रांसफर किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए गोबर से बने पेंट से जनपद के सभी सरकारी भवनों को पेंट कराने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी सरकारी भवनों में गोबर से बने पेंट का उपयोग किए जाने का भी निर्देश दिया। सीएम ने जनपद में तुलसी उत्पादन से जुड़े किसानों को लाभान्वित करने के लिए अफसरों को उन्हें प्रेरित करने को कहा। सीएम ने कहा कि तुलसी के उत्पादन को स्थानीय वैद्यनाथ फर्म से जोड़ा जाए, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही सीएम ने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में जन प्रतिनिधियों को अधिक से अधिक मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी, झांसी के मेयर बिहारी लाल आर्य, सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, मऊरानीपुर विधायक डॉ रश्मि आर्य, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, एमएलसी डॉ बाबू लाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे, डीआईजी आकाश कुलहरि, डीएम मृदुल चौधरी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति आदि उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रदान किया टूल किट

झांसी में सीएम योगी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को दिए चेक सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रदान किया टूल किट सीएम ने लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित कर किया प्रोत्साहित सीएम योगी ने नव निर्मित कन्वेंशन सेंटर का भी किया लोकार्पण झांसी जनपद के दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को योजना के चेक प्रदान किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत टूलकिट का वितरण किया। सीएम ने इस अवसर पर लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया। इसी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने नव निर्मित कन्वेंशन सेंटर का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत हृदयेश पाल को आइसक्रीम विनिर्माण के लिए, संतोष कुमार को टेंट हाउस के लिए, प्रतीक को फोटो फ्रेमिंग और पूजन सामग्री निर्माण के लिए, पवन गौहर को डीजे साउंड सिस्टम के लिए, रीना सोनी को ब्यूटी पार्लर के लिए और रोहित कुशवाहा को फ्लावर डेकोरेशन का काम शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से चेक प्रदान किए। इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को सीएम ने टूल किट प्रदान किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुशबू साहू, आशा देवी, ज्योति, मोनू श्रीवास, समित कुशवाहा और सोनिया कुशवाहा को योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के व्यवसाय से संबंधित टूल किट प्रदान किया। इस मौके पर स्थानीय जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

BSP चीफ मायावती ने आकाश आनंद पर किया खुलासा, समर्थकों को दिया यह संदेश

लखनऊ कांशीराम की पुण्यतिथि पर गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की महारैली में मायावती ने इशारों-इशारों में बता दिया है कि बसपा का अगला मुखिया कोन होगा? उन्होंने समर्थकों से कहा कि जिस तरह आपने कांशीराम का साथ दिया। उनके बाद मेरा साथ दिया। उसी तरह मेरे साथ-साथ आप आकाश आनंद का भी साथ दीजिए। इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि मायावती ने अनौपचारिक रूप से आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। लखनऊ में महारैली में आई भीड़ को देखकर उत्साहित पार्टी अध्यक्ष मायावती ने दावा किया कि 2027 में उनकी पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में बनना तय हो गया है। मायावती ने कहा कि 2027 में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनेगी। स्मारक स्थल पर कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए मायावती ने कहा कि भीड़ ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे हैं। रैली में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड राज्यों से आए समर्थक भी शामिल हैं। महारैली को देखते हुए पार्टी की तरफ से पांच लाख भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए हर जिले से कार्यकर्ताओं व समर्थकों के आगमन को लेकर परिवहन की व्यवस्था पदाधिकारियों और नेताओं की तरफ से की गई थी। वहीं दूसरे प्रदेशों में शामिल हरियाणा, पंजाब, दल्लिी आदि राज्यों से भी पदाधिकारी व समर्थक आये थे। खचाखच भीड़ से भरे रैली स्थल को लेकर पार्टी के नेताओं का दावा है कि अपेक्षा के अनुरूप काफी संख्या में समर्थक आये हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में जब उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तब इन जातिवादी पार्टियों के चेहरे बेनकाब हो गए। कांग्रेस, भाजपा और सपा ने मिलकर षड्यंत्र किया कि बसपा को केंद्र की सत्ता तक न पहुंचने दिया जाए। रही-सही कसर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) ने पूरी कर दी। मायावती ने आरोप लगाया कि इन दलों ने बैलेट पेपर की जगह ईवीएम का इस्तेमाल कर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया, जबकि चुनाव बैलेट पेपर से भी शांति और पारदर्शिता के साथ कराए जा सकते हैं। अपने संबोधन में कांग्रेस पर पहला निशाना साधते हुये उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर देश के संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सद्धिांतों का अपमान किया था। कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर और दलित समाज का सच्चा सम्मान नहीं किया। आज वही कांग्रेस नेता संविधान की कापी लेकर नाटकबाजी कर रही है।  

मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ से सम्मान पाकर खिले खिलाड़ियों के चेहरे

सीएम योगी के सम्मान से बढ़ा खिलाड़ियों का हौसला   पदक विजेता बेटियों ने कहा– अब देश के लिए जीतेंगे मेडल  मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ से सम्मान पाकर खिले खिलाड़ियों के चेहरे  मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने किया सम्मान, खिलाड़ियों ने जताया आभार  योगी सरकार की खेल नीति से बदल रहा माहौल, बेटियाँ बोलीं– अब हमारी बारी है झांसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी की धरती पर न केवल खेलों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प दोहराया, बल्कि अपनी प्रेरणादायक उपस्थिति से युवा खिलाड़ियों के सपनों को पंख भी लगा दिए। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के 36वें क्षेत्रीय खेलकूद समारोह के समापन अवसर पर सीएम योगी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को को सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों के चेहरे पर चमकते आत्मविश्वास और आंखों में जगमगाते सपनों ने साबित कर दिया कि योगी सरकार का खेल को बढ़ावा देने की नीति न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत कर रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय पटल पर चमकाने का मंत्र भी दे रहा है। रुद्रिका सिंह, तारा देवी इंटर कॉलेज की होनहार छात्रा हैं, जिन्हें इस साल खेलो इंडिया में मेडल जीतने के लिए सम्मानित किया गया। रुद्रिका ने उत्साह से कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेल का ऐसा अच्छा माहौल बनाया है कि हर सपना साकार लगता है। आगे मैं और मेहनत करूंगी, जिससे देश के लिए खेलने का मौका मिले और मैं अपने देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकूं।  इसी समारोह में संध्या राजपूत, महाराजा अग्रसेन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की तेजतर्रार धाविका ने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी 3000 मीटर और 1500 मीटर दौड़ की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आया। पिछले साल एसडीएफआई के अंडर 14 प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे सम्मानित किया, मैं बहुत खुश हूं। यहां खेल का अच्छा माहौल है, आगे देश के लिए मेडल जीतना चाहती हूं।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाने वाली शीलू यादव, सरस्वती विद्या मंदिर की वेस्ट खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मैं साउथ कोरिया में मेडल जीती हूं। मैं एक अंतरराष्ट्रीय मेडलिस्ट हूं। यहां झांसी में सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ती हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां सम्मानित किया है। मैं बहुत खुश हूं, आगे देश के लिए और मेडल जीतना चाहती हूं। काशी प्रांत की ओवरऑल चैंपियनशिप विजेता पल्लवी सिंह ने कहा कि इस सम्मान से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने प्रदेश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। वह केवल पदक ही नहीं बांटते हैं, बल्कि युवाओं के हौसले को भी मजबूत करते हैं।

बाल विवाह को ना कार्यक्रम के जरिए योगी सरकार का 2030 तक प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प

मिशन शक्ति 5.0: बेटियों ने ठुकराया बाल विवाह, चुना शिक्षा और आत्मनिर्भरता का रास्ता  बाल विवाह को ना कार्यक्रम के जरिए योगी सरकार का 2030 तक प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प योगी सरकार ने किया साहसी बेटियों का सम्मान, समाज में गूँजा संदेश हर बालिका को मिले जीवन का अधिकार  योगी सरकार ने पेश की मिसाल, राष्ट्रीय औसत से नीचे यूपी में बाल विवाह  नाटक, गोष्ठी और संवाद के जरिए योगी सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ चलाया सामूहिक चेतना का अभियान  कानून और सामाजिक जागरूकता के साथ आगे बढ़ा मिशन शक्ति, बदल रही है समाज की सोच लखनऊ  मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत योगी सरकार ने बाल विवाह की कुप्रथा के खिलाफ ऐतिहासिक अभियान छेड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के थीम पर "बाल विवाह को ना" कार्यक्रम के माध्यम से सभी जिलों में एक साथ आयोजित कार्यक्रमों ने बालिकाओं और महिलाओं ने कुप्रथाओं के बंधनों से मुक्त करने का संकल्प दोहराया।  इस अभियान ने न केवल बाल विवाह के दुष्परिणामों पर जन-जागरूकता फैलाई, बल्कि उन साहसी बालिकाओं को सम्मानित कर समाज को नई दिशा भी दिखाई, जिन्होंने दबावों के बावजूद विवाह ठुकराकर शिक्षा और आत्मनिर्भरता का मार्ग चुना। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़ों के दृष्टिकोण से यह प्रयास प्रदेश को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस अभियान में प्रदेशभर के सामुदायिक केंद्रों, स्कूलों और पंचायतों में सामुदायिक संवाद, गोष्ठियां, नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं और व्याख्यान आयोजित किए गए। विशेषज्ञों, अध्यापकों, समाजसेवियों और बालिकाओं ने खुलकर बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक दुष्प्रभावों पर चर्चा की। बाल विवाह से बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है, करियर की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। नाबालिग आयु में गर्भधारण मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर बढ़ाता है, जबकि किशोरावस्था में मातृत्व शारीरिक-मानसिक समस्याएं पैदा करता है। घरेलू हिंसा और शोषण का खतरा भी बढ़ जाता है। यह कुप्रथा समाज की आर्थिक-सामाजिक प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक पहलू रहा उन साहसी बालिकाओं का सम्मान, जिन्होंने सामाजिक दबावों का डटकर मुकाबला किया। इन बालिकाओं ने परिवार और समाज की अपेक्षाओं को तोड़कर किताबों का दामन थामा, स्वाभिमान को चुना। हर बालिका को अपने भविष्य का निर्णय खुद लेने का हक है।  उत्तर प्रदेश में बाल विवाह के खिलाफ अभियान का दिख रहा सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बाल विवाह का औसत 15.8 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3 से काफी नीचे है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर है, लेकिन विगत पांच वर्षों में योगी सरकार के प्रयासों से इसमें उल्लेखनीय कमी आई है। विभाग ने अब तक 2000 से अधिक संभावित बाल विवाह रोककर सैकड़ों बालिकाओं को बचाया है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत यह अभियान सरकार की 2030 तक प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने की संकल्पना को साकार कर रहा है। समाज को आईना दिखा रहा योगी सरकार का अभियान भारत सरकार के बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत विवाह कराना या उसमें शामिल होना दंडनीय अपराध है। प्रदेश में जिला प्रोबेशन अधिकारियों को प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त कर कानूनी क्रियान्वयन मजबूत किया गया है। लेकिन कानून के साथ-साथ परिवार स्तर पर मानसिकता परिवर्तन जरूरी है। मिशन शक्ति 5.0 ने इसी दिशा में काम किया, जहां पिता-भाइयों को भी बालिकाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया गया। योगी सरकार का यह अभियान नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस कार्यक्रम ने बालिकाओं को न केवल संकल्प दिलाया, बल्कि समाज को आईना भी दिखाया।  महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा, "बाल विवाह केवल सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बालिकाओं के अधिकारों का घोर उल्लंघन है। सरकार शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण से बालिकाओं को मजबूत बना रही है। आज बालिकाओं का साहस ही नया उत्तर प्रदेश गढ़ेगा। सामूहिक प्रयास से ही इस कुप्रथा का अंत संभव है।"

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान

आईजीआरएस रैंकिंग में लखीमपुर खीरी ने मारी बाजी, बलरामपुर ने हासिल किया दूसरा स्थान    सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान   आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में डीएम लखीमपुर खीरी ने पहला, बलरामपुर ने दूसरा और बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया खीरी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बोलीं, सीएम योगी के मार्गदर्शन में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम   लखनऊ योगी सरकार ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के सर्वांगीण विकास मेें नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेशवासियों के खुशहाल जीवन के लिए कई निर्णय लिये गये, जो पूरे देश में मॉडल बनकर उभरे। इन फैसलों को देश के कई अन्य राज्यों ने अपने यहां लागू भी किया, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व को दर्शाते हैं। इसी क्रम में सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है।आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में लखीमपुर खीरी ने पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि बलरामपुर ने दूसरा और बरेली  ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  खीरी ने रैंकिंग की रिपोर्ट में सर्वाधिक 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में हासिल किया पहला स्थान आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार लखीमपुर खीरी ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप लखीमपुर खीरी में विकास कार्यों समेत जनसुनवाई की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि लखीमपुर खीरी की सितंबर माह की जनसुनवाई निस्तारण दर 95.71 प्रतिशत है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।  जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में रोजाना प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। साथ ही समस्या के समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए मॉनीटरिंग भी की जाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर काम किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि लखीमपुर खीरी ने आईजीआरएस की सितंबर माह की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जनसुनवाई में आए हर शिकायतकर्ता की समस्या के निस्तारण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। इससे न केवल शिकायतों की संख्या घटी बल्कि जनता का भरोसा भी प्रशासन पर और मजबूत हुआ है। बलरामपुर ने दूसरा, बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, टॉप फाइव जिलों में अंबेडकरनगर, सोनभद्र ने बनायी जगह बलरामपुर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में बलरामपुर दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर किया जाए। बलरामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 133 अंक प्राप्त किये हैं, जिसकी निस्तारण दर 95 प्रतिशत है। इसी तरह बरेली ने भी 133 अंक हासिल कर तीसरा, अंबेडकरनगर ने 132 अंक प्राप्त कर चौथा और सोनभद्र ने 131 अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन जिलों में हाथरस, श्रावस्ती, हमीरपुर, पीलीभीत और बस्ती ने जगह बनायी है।    

मायावती ने सपा-कांग्रेस को घेरा, कहा – सत्ता में रहते PDA की बात क्यों नहीं की गई?

लखनऊ चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती और उनकी अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक्टिव मोड में आ गई है. बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती की पार्टी आज लखनऊ में बड़ी रैली कर रही है. इस रैली को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस स्थल पर मरम्मत का कार्य नहीं होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से मान्यवर कांशीराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पा रहे थे. मायावती ने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि यूपी की वर्तमान सरकार सपा जैसी नहीं है. योगी सरकार ने पूरा का पूरा पैसा इस स्थल के मरम्मत के कार्य पर खर्च किया. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में इन स्थलों की हालत जर्जर हो गई थी. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने एक पैसा भी इन स्थलों के रख-रखाव पर खर्च नहीं किया. मायावती ने कहा कि हमने सरकार में रहते ऐसा सिस्टम बनाया था कि इन स्थलों को देखने आने वाले लोगों से लिया गया टिकट का पैसा इनके रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. सपा की सरकार में टिकट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार आई, तब हमने मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा. हमने आग्रह किया कि टिकट का पैसा जो भारी मात्रा में सरकार के पास इकट्ठा हो गया है, उससे इन स्थलों की मरम्मत कराई जाए. मायावती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इसे दिखवाया और मरम्मत कराई. उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ये सरकार में रहते हैं, तब इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद नहीं आते. आज जब ये विपक्ष में हैं, तब इनको पीडीए याद आ रहा है. मायावती ने पूछा कि सत्ता में रहते इनको पीडीए क्यों नहीं याद रहा. आज इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से पूछना चाहती हूं कि हमने कासगंज जिला बनाकर उसका नाम मान्यवर कांशीराम के नाम से रखा था. सत्ता में आते ही सपा ने उसका नाम बदल दिया. बसपा प्रमुख ने कहा कि हमने सत्ता में रहते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु समेत अपने संतों और गुरुओं को पूरा सम्मान दिया है. ये जातिवादी पार्टियों को रास नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि सपा अब पीडीए के नाम पर बरगलाने का काम कर रही है. सपा के शासन में इन वर्गों का बहुत ज्यादा शोषण और उत्पीड़न हुआ है. बसपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को कोट करते हुए कहा कि वह कहते थे सत्ता एक ऐसी मास्टर चाबी है, जिसके माध्यम से इन वर्गों के लोग अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, खुशहाली और स्वाभिमान का जीवन व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने को पूरा करने के लिए मान्यवर कांशीराम ने अपना पूरा जीवन खपा दिया. यूपी में कई बार सरकार बनाकर, आसपास के राज्यों में भी विधायक-सांसद जिताकर बाबा साहब का कारवां आगे बढ़ाया है. मायावती ने कहा कि कांशीराम की दिली तमन्ना थी कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों की आबादी बहुत अधिक है, इन वर्गों को एकजुट होकर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी. तभी पूरे स्वाभिमान के साथ जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दुख की बात ये है कि कांशीराम के जीते जी यह सपना साकार नहीं हो सका था. मायावती ने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी ने इसे पूरा भी किया है और हमने 2007 में पहली बार अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है. उन्होंने इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आप सभी लोग अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतनी बड़ी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे है. बसपा का दावा- जुटे पांच लाख कार्यकर्ता बसपा का दावा है कि रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के पांच लाख से अधिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. इस रैली के लिए मायावती ने अलग योजना तैयार की है. मायावती करीब तीन घंटे तक मंच पर मौजूद रहेंगी और रैली को संबोधित भी करेंगी. मंच पर मायावती के साथ ही छह और लोग होंगे. कार्यक्रम के मुख्य मंच पर सात कुर्सियां लगाई गई हैं. मंच पर मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार, भतीजे आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्र भी होंगे. कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी देर में होनी है. इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी ने पहली बार कार्यकर्ता सहायता शिविर लगाया है. इस शिविर में युवा नेता-कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से रैली में शामिल होने आ रहे लोगों की सहायता कर रहे हैं. गौरतलब है कि चार साल पहले यानी 2021 बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को ही कांशीराम स्मारक स्थल में रैली की थी. तब कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने थे. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज़ एक सीट पर ही जीत सकी थी. मायावती ने इस बार भी रैली के लिए वही मौका, वही तारीख और वही स्थान चुना है. बसपा की रणनीति अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद को मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने पेश करने की है. खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने की जद्दोजहद में जुटी बसपा और इसकी प्रमुख मायावती की कोशिश छिटके कोर वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है.

मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक

अयोध्या में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार संग उतारी प्रभु श्रीरामलला की आरती मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी आस्था, श्रद्धा और भव्यता के संगम में डूबी रामनगरी अयोध्या अयोध्या  भारत की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुवार का दिन अत्यंत पावन रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने परिवार संग प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और श्रीराम दरबार व जगज्जननी मां दुर्गा के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कुबेर टीला स्थित देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक भी किया।श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने वित्त मंत्री को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। निर्मला सीतारमण ने मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर आस्था और गर्व की भावना व्यक्त की। अयोध्या के आध्यात्मिक तेज में डूबी वित्त मंत्री आरती के दौरान श्रीरामलला का दरबार भक्ति रस से सराबोर हो उठा। सरयू तट से आती मंद बयार और मंदिर प्रांगण में गूंजते भजनों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। वित्त मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद आरती में शामिल श्रद्धालुओं के साथ “जय श्रीराम” का उद्घोष किया। अयोध्या का गौरव बना विश्व का आध्यात्मिक केंद्र अयोध्या अब केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को रामायणकालीन इतिहास और आधुनिक भव्यता का संगम देखने को मिलता है। ट्रस्ट ने किया स्वागत श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री व अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्यक्रम में भाग लिया।

गैंगेस्टर पूजा किन्नर की 3 करोड़ से अधिक संपत्ति पर पुलिस ने कसा शिकंजा

सहारनपुर  यूपी के सहारनपुर में पुलिस टीम ने गैंगस्टर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर की लगभग 2 करोड़ 74 लाख रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर ली. जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(A) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई. अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ जिले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है.  पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि शाहिद उर्फ पूजा किन्नर ने ये संपत्ति अपराध के जरिए अर्जित की थी. इसलिए उसे राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस संपत्ति की सर्किल दर लगभग 68 लाख 85 हजार रुपये और बाजार मूल्य 2.74 करोड़ रुपये आंका गया है.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि शाहिद के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज था, जिसकी विवेचना थाना कुतुबशेर से चल रही थी. जांच में सामने आया कि आरोपी की संपत्ति में 9 प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिन्हें अब प्रशासनिक आदेश के तहत कुर्क कर लिया गया है.  एसपी सिटी ने आगे कहा कि यह कार्रवाई एसएसपी महोदय के निर्देशन में अपराधियों को सख्त चेतावनी है कि अब न केवल जेल और चार्जशीट, बल्कि आर्थिक दंड और संपत्ति कुर्की जैसी कार्यवाहियां भी लगातार होंगी. उन्होंने साफ संदेश दिया कि सहारनपुर अपराधियों के लिए अब सुरक्षित ठिकाना नहीं है, उनका समय यहां सीमित है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे सभी माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोतवाली नगर थाना पर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ ही, डीएम के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(A) के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्त की संपत्ति जब्त की गई है. जब्त की गई संपत्ति में एक प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 74 लाख है.  एसपी सिटी ने यह संदेश दिया कि अपराधियों के विरुद्ध जेल और चार्जशीट के अतिरिक्त आर्थिक दंड और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी होगी. उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है.