samacharsecretary.com

सभी जिलों में महिलाओं के अंदर सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से निकाली गई बाइक रैली

मिशन शक्ति 5 सीएम योगी की यूपी पुलिस के 18 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने प्रदेश भर में निकाली बाइक रैली सभी जिलों में महिलाओं के अंदर सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से निकाली गई बाइक रैली हैशटैग #MissionShakti5  को मिला अपार जनसमर्थन,=टॉप फाइव में कई घंटों ट्रेंड करता रहा #MissionShakti5 डीजीपी बोले, सीएम योगी के मार्गदर्शन में “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” को जन-जन तक पहुंचाने के लिये निकाली गई रैली लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने   “मिशन शक्ति 5” का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं के अंदर सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से बाइक रैली निकालने के निर्देश दिए थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की ओर से पुलिस के विभिन्न रैंक के लगभग 18 हजार महिला अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रदेश भर में बाइक रैली निकाली गई सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस की भागीदारी ने जनता को विश्वास किया मजबूत पुलिस बाइक रैली ने स्पष्ट कर दिया कि अब नारी सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प है। बाइक रैली के दौरान सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा मंत्रीगणों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेकर अभियान को समर्थन प्रदान किया। प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भागीदारी ने जनता के विश्वास को और मजबूत किया। टॉप फाइव में कई घंटों ट्रेंड करता रहा #MissionShakti5 डीजीपी ने बताया कि सभी बाइक रैली की फोटो एवं वीडियो को उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त जनपदों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर साझा करके पोस्ट किया गया। इसी क्रम में #MissionShakti5 को प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। यह हैशटैग  21 सितंबर को शाम 4 बजे सूचीबद्ध हुआ और कुछ ही समय में टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर 1 पर पहुँच गया। इसी हैशटैग *#MissionShakti5 के साथ अन्य की-वर्ड महिला पुलिस, नारी शक्ति,मिशन शक्ति भी ट्रेडिंग लिस्ट में शामिल हुए। शाम 4 बजे से 6:30 बजे तक #MissionShakti5 लगातार टॉप 5 ट्रेंडिंग सूची में शामिल रहा। अब तक इस पर 23 हज़ार से अधिक ट्वीट्स किए जा चुके हैं, जिससे लगभग 28 मिलियन की रीच और 384 मिलियन इंप्रेशन प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर बढ़-चढ़कर अपने सुझाव दे रही यूपी की जनता

विकसित यूपी @2047  अबतक 3 लाख जनता ने दिये अपने सुझाव, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर- मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर बढ़-चढ़कर अपने सुझाव दे रही यूपी की जनता  शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में सुधार के लिए मिल रहे सर्वाधिक सुझाव- मुख्यमंत्री योगी  ग्रामीण क्षेत्रों से 2.40 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 60 हजार से अधिक फीडबैक  प्रयागराज की सुकृति पाण्डेय ने शिक्षा में डिजिटल साधनों पर दिया जोर  देवरिया के प्रवीण ने भ्रष्टाचार और पुलिस व्यवहार में सुधार की मांग की – महोबा के शशिकांत सोनी ने ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल बनाने का सुझाव दिया – पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर फीडबैक प्रक्रिया जारी – 31 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवा दिखा रहे सक्रिय भागीदारी लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत जनता से फीडबैक लेने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारीगण और प्रबुद्धजन, आम जनता, छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों और मीडिया के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य के रोड मैप पर चर्चा कर रहे हैं।  फीडबैक देने में शहर वालों से आगे निकले ग्रामीण  अभियान के तहत रविवार तक विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर कुल 3 लाख फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें से 2.40 हजार ग्रामीण और 60 हजार से अधिक नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 1.12 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम, 1.66 लाख सुझाव 31-60 वर्ष और बाकी सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। इन सेक्टर्स में मिल रहे सर्वाधिक सुझाव  फीडबैक के क्षेत्रवार वितरण में शिक्षा (1.10 लाख), नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र (52 हजार से अधिक), स्वास्थ्य (23 हजार से अधिक), समाज कल्याण (25 हजार से अधिक), कृषि (51 हजार से अधिक) और आईटी एवं टेक्नोलॉजी (6 हजार से अधिक) शामिल हैं। प्रमुख जनपदों जैसे आगरा, फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, गोरखपुर, सहारनपुर, शामली, एटा, मेरठ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, ललितपुर, महाराजगंज, प्रयागराज आदि से 1.11 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। ये हैं प्रमुख सुझाव – प्रयागराज की सुकृति पाण्डेय ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल साधन, कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षक प्रोत्साहन, उच्च शिक्षा और अनुसंधान पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई। – देवरिया के प्रवीण ने शिक्षा, पुलिस और राजस्व विभाग में सुधार, भ्रष्टाचार समाप्त करने और नागरिकों के प्रति सरकारी व्यवहार सुधारने की सिफारिश की। – महोबा के शशिकांत सोनी ने ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर ईमानदारी बढ़ाने और भ्रष्टाचार घटाने का सुझाव दिया। प्रदेशवासियों के सुझावों और फीडबैक को ध्यान में रखते हुए, योगी सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आगामी योजनाओं और विकास कार्यों में इन फीडबैक को शामिल किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश 2047 तक विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर हो।      

उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर बैन, FIR और गिरफ्तारी मेमो से भी बाहर

लखनऊ  यूपी सरकार ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही सार्वजनिक जगहों, पुलिस FIR, अरेस्ट मेमो और सरकारी डॉक्यूमेंट्स में भी किसी की कास्ट नहीं लिखी जाएगी. इस संबंध में मुख्य सचिव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले के अनुपालन में निर्देश जारी किए हैं. मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, अब पुलिस रिकॉर्ड्स जैसे कि एफआईआर और गिरफ्तारी मेमो में किसी भी व्यक्ति की जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही सरकारी और कानूनी दस्तावेजों में भी जाति से संबंधित कॉलम को हटा दिया जाएगा. ये कदम सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करेगा. हालांकि, इस फैसले से कुछ मामलों में छूट रहेगी, जहां जाति एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू है. जाति आधारित रैलियां और कार्यक्रम पर रोक निर्देशों के मुताबिक, जाति आधारित रैलियां या कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी और सोशल मीडिया, इंटरनेट पर जाति का महिमामंडन या नफरत फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ ने 19 सितंबर 2025 को एक शराब तस्करी मामले (प्रवीण छेत्री बनाम राज्य) में सुनवाई के दौरान ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता प्रवीण छेत्री ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान एफआईआर और जब्ती मेमो में अपनी जाति (भील) का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई थी. कोर्ट ने इसे संवैधानिक नैतिकता के विरुद्ध बताते हुए कहा कि जाति का महिमामंडन 'एंटी-नेशनल'(राष्ट्र-विरोधी) है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से पुलिस दस्तावेजीकरण प्रक्रियाओं में बदलाव करने का आदेश दिया था. जिनमें अभियुक्तों, मुखबिरों और गवाहों की जाति से संबंधित सभी कॉलम और प्रविष्टियां हटाने का स्पष्ट निर्देश शामिल है. 'जाति आधारित पहचान की जरूरत नहीं' कोर्ट ने डीजीपी के हलफनामे में दिए गए तर्कों (जैसे पहचान के लिए जाति आवश्यक) को खारिज करते हुए कहा कि फिंगरप्रिंट, आधार, मोबाइल नंबर और माता-पिता के विवरण जैसे आधुनिक साधनों से जाति आधारित पहचान की कोई जरूरत नहीं है. मुख्य सचिव के निर्देश अदालत के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव द्वारा 21 सितंबर 2025 को आदेशों में 10 बिंदु शामिल किए गए हैं जो जातिगत भेदभाव को जड़ से खत्म करने पर फोकस करते हैं.     पुलिस रिकॉर्ड्स और FIR में बदलाव: एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो, चार्जशीट आदि दस्तावेजों से जाति का उल्लेख पूरी तरह हटाया जाएगा. आरोपी की पहचान के लिए अब पिता के साथ-साथ माता का नाम भी जरूरी रूप से लिखा जाएगा.     NCRB और CCTNS सिस्टम: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) में जाति भरने वाले कॉलम को खाली छोड़ा जाए. पुलिस विभाग एनसीआरबी को पत्र लिखकर इस कॉलम को डिलीट करने की अपील करेगा.     सार्वजनिक स्थलों से जातीय संकेत हटाना: थानों के नोटिस बोर्ड, वाहनों, साइनबोर्ड्स और अन्य सार्वजनिक स्थलों से जाति आधारित संकेत, नारे या प्रतीक हटाए जाएंगे. केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर वाहनों पर जाति-आधारित नारों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया जाएगा.     जाति आधारित रैलियों और सोशल मीडिया पर सख्ती: जाति आधारित रैलियों या कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा. सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर जाति का महिमामंडन या घृणा फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.     विशेष छूट: एससी/एसटी एक्ट जैसे मामलों में जहां जाति का उल्लेख कानूनी रूप से आवश्यक हो, वहां छूट रहेगी.  

लाखों छात्रों के लिए राहत! UP-TET फीस बढ़ोतरी पर CM योगी ने लिया बड़ा कदम

लखनऊ  यूपी-टीईटी (UP-TET) परीक्षा देने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा का आवेदन शुल्क अब नहीं बढ़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस बारे में सख्त निर्देश दिए हैं। परीक्षा शुल्क बढ़ाने की थी तैयारी मिली जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने यूपी-टीईटी का आवेदन शुल्क 600 रुपए से बढ़ाकर 1700 रुपए करने का प्रस्ताव तैयार किया था। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता, तो दोनों स्तरों (प्राथमिक और उच्च प्राथमिक) की परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को 3400 रुपए देने पड़ते। लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री को इस प्रस्ताव की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत साफ निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। योगी जी ने स्पष्ट कहा – 'कोई शुल्क वृद्धि नहीं होगी।' अभ्यर्थियों ने ली राहत की सांस सीएम योगी के फैसले के बाद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है। अब यूपी-टीईटी परीक्षा का फॉर्म पुराने शुल्क पर ही भरा जाएगा, यानी कि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1–5) – ₹600, उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6–8) – ₹600, दोनों स्तरों के लिए – कुल ₹1200  । 2026 में होगी परीक्षा उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) अब 29 और 30 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। शिक्षा सेवा चयन आयोग ने परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसी सिलसिले में आयोग ने आवेदन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे अब मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया है।   क्या है UP-TET परीक्षा? यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:- – प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) – उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) योग्यता क्या होनी चाहिए? – बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं: – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र – हिंदी भाषा – गणित – पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर) – विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)  

लाइन में लगने से छुटकारा! 2 मिनट में बनेगा तत्काल टिकट

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इंटरनेट की स्पीड बढ़ाई जाएगी। यह फैसला तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान नेटवर्क की धीमी गति की समस्या को दूर करने के लिए लिया गया है, जहां ज्यादा स्पीड वाला एमपीएस सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड उपलब्ध है, लेकिन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यह पर्याप्त नहीं होती है। स्पीड बढ़ने की वजह से रिजर्वेशन प्रक्रिया आसान होगी और काउंटरों पर लगने वाली भीड़ भी कम होगी। रेलटेल कंपनी इस सुविधा को अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराएगी।   आम थीं नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें बता दें कि तत्काल टिकट बुकिंग के समय नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें आम थीं। एसी कोच के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 11 से 11:30 बजे तक टिकट बुकिंग होती है। लेकिन धीमे नेटवर्क की वजह से कई बार एक टिकट बनाने में 15 से 20 मिनट तक का समय लग जाता था। ऐसे में काउंटरों पर खड़े यात्रियों को टिकट समय पर नहीं मिल पाते थे। दो रिजर्वेशन काउंटरों पर तो कमजोर नेटवर्क के चलते एक समय में केवल दो से पांच टिकट ही बन पाते थे। एक-दो मिनट में बन जाएगा टिकट अब रेलवे अधिकारियों ने उच्च क्षमता वाला नेटवर्क सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद टिकट बनाने का समय घटकर केवल एक से दो मिनट रह जाएगा। इससे अधिक यात्री समय पर टिकट ले सकेंगे और काउंटरों पर भीड़ भी घटेगी। यात्री कमलकिशोर ने कहा कि नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग का यह कदम बेहद सराहनीय है। चूंकि स्टेशन से 35 से अधिक जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है, इसलिए बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टेलीकॉम) संदीप सोनकर के अनुसार, रेलटेल कंपनी द्वारा रायबरेली, बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ और लालगंज स्टेशनों पर यह नया सिस्टम लगाया जाएगा। इसके बाद इसे अन्य स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।

केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन की वार्षिक आमसभा में बोले मुख्यमंत्री

नकली दवाओं की बिक्री के खिलाफ आगे आए फेडरेशन : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश दुनिया का सबसे बड़ा दवा उपभोक्ता बाजार है। प्रदेश में 1.10 पंजीकृत दवा की दुकानों से पांच लाख लोग सीधे तौर पर जुड़े हैं। इससे भी बड़ी संख्या उन लोगों की है जो अप्रत्यक्ष रूप से इस कारोबार से जुड़े हैं। दवा कारोबार बड़ी जिम्मेदारी और जवाबदेही का क्षेत्र है। दवा कारोबारी समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देते हुए जिम्मेदारी के साथ लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराते हैं। दवा कारोबार से जुड़े लोगों को ईमानदारीपूर्वक याद रखना होगा कि जन विश्वास बनाए रखना ही उनके कारोबार की सबसे बड़ी पूंजी है।  सीएम योगी रविवार को केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन उत्तर प्रदेश की वार्षिक आमसभा को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नकली दवाओं के खिलाफ सभी को जन जागरण के अभियान से जुड़ना होगा। यह संकल्प लेना होगा कि किस भी प्रकार की मिलावटी दवाओं के कारोबार के खिलाफ खड़े होंगे। नारकोटिक्स की उन दवाओं को जिनमे डॉक्टर के विशेष परामर्श की जरूरत होती है, आम दवाओं की तरह नहीं बिकने देंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आगरा में नकली दवाओं और कुछ अन्य जगहों पर नारकोटिक्स दवाओं से जुड़े अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नकली दवाओं का कारोबार ईमानदार दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने दवा कारोबारियों को आश्वस्त किया कि मिलावट वाली दवाओं और नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के गलत इस्तेमाल वाली बिक्री के खिलाफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन आगे आए, सरकार फेडरेशन को हर प्रकार का संरक्षण देगी। ईमानदार दवा कारोबारियों के व्यवसाय को सरल और सुगम बनाने में सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व दवा कारोबारियों पर संकट आया था। फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर। तब उन्होंने कहा था कि दवा कारोबारी का व्यावहारिक ज्ञान, फार्मासिस्ट से कम नहीं होता। इस बात को लेकर केंद्र सरकार ने सकारात्मक कदम बढ़ाया था।   यूपी को बनाएंगे फार्मा हब सीएम योगी ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जीएन सिंह को फार्मा एडवाइजर बनाया गया है। साथ ही ललितपुर में एक बड़ा फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दवाओं के मामले में उत्तर प्रदेश दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। फार्मा पार्क से यहीं दवा बनने से लोगों को सस्ती दवाएं मिलेंगी। दवा का एक्सपोर्ट दुनिया को होगा। नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी होगा।  अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज का दौर सीएम योगी ने कहा कि कभी प्रदेश की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया से थी। उनकी सरकार ने अब इसकी पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की कर दी है। जो असंभव था, आज संभव हो गया है। उन्होंने कहा कि 8 साल में सरकार ने 41 नए मेडिकल कॉलेज और दो एम्स स्थापित किए हैं। अस्पतालों की तो लंबी श्रृंखला है। उन्होंने कहा कि यूपी में सुरक्षा के माहौल में नया बिजनेस मॉडल दिया गया है। यह सिर्फ 25 करोड़ की आबादी का राज्य ही नहीं है बल्कि अगल बगल के राज्यों की स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को भी पूरा करता है।  जीएसटी सुधार उपभोक्ता और व्यापारी, दोनों के हित में मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 सितंबर को पीएम मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी परिषद ने दवाओं के कर दरों में भारी छूट दे दी। यह ऐसा क्षेत्र था जिसमें व्यापक संभावना भी है। जीवनरक्षक बीमा पॉलिसी जीएसटी लगभग फ्री हो गई है। कहा कि जीएसटी के नए सुधार उपभोक्ता और व्यापारी, दोनों के हित में हैं। इससे आम उपभोक्ता को फायदा होगा और बाजार भी मजबूत होगा।  नशामुक्ति के लिए फेडरेशन सीएम के हर निर्णय के साथ : अध्यक्ष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष संदीप चतुर्वेदी ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन से दवा कारोबारियों को उत्पीड़न से काफी निजात मिली है। उन्होंने कहा कि केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन नशामुक्ति के लिए मुख्यमंत्री के हर निर्णय के साथ है। कार्यक्रम के शुभारंभ पर फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र प्रदान कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन एवं आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र दयालु, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक एवं प्रदेश सरकार के फार्मा सलाहकार डॉ. जीएन सिंह, केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन उत्तर प्रदेश के महामंत्री सुरेश, कोषाध्यक्ष राजीव त्यागी, केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह, महामंत्री नीरज पाठक, राकेश सिंह, हर्ष बंका, आईएमए के सचिव डॉ. वाई सिंह सहित फेडरेशन के सभी जिलों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सरकारी नौकरी सिर्फ नाम की? शिक्षकों और वैज्ञानिकों से नाराजगी जाहिर की राज्यपाल ने

मेरठ मेरठ में आयोजित दीक्षांत समारोह में पहुंची यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक बार फिर नाराज हो गईं। शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं चल रही हैं, लेकिन हम लोगों को इसका पता नहीं होता। ना ही हम अपने स्टूडेंट को बताना चाहते हैं। अभी असम में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की नींव रखी गई है, लेकिन इसका किसी को नहीं पता होगा। हम लोगों को सरकारी नौकरी चाहिए, लेकिन काम नहीं करेंगे, रिसर्च नहीं करेंगे। राज्यपाल ने इससे पहले कानपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में शिक्षकों और वैज्ञानिकों के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा, आप सभी शिक्षक, छात्र और वैज्ञानिक अपने कैंपस से निकले और गांव गांव जाकर वहां किसानों और महिलाओं से बात करें। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दें। यह हम सब की जिम्मेदारी है। जब हम 85 साल में काम कर सकते हैं तो आप क्यों नहीं। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के 18 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों से इसी अंदाज में बात की। इस समारोह में 583 उपाधियां और 26 मेडल प्रदान किए गए। कुलाधिपति ने कहा कि समाज में महिलाओं को सशक्त करना जरूरी है। महिला पर केवल घर की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि वह समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने सभी निजी स्कूलों को बुलाते हुए वहां पढ़ने वाली नौ से 15 साल की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगवाने को प्रेरित करने के लिए कहा। कुलाधिपति ने कृषि विश्वविद्यालय में उनकी टीम द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट भी पेश की। कहा कि यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी अच्छी है, लेकिन कई बिल्डिंग की छत पर पेड़ उगे हुए हैं। कई हॉस्टल में मैस नहीं चलता। सफाई अच्छी नहीं है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को बिल्डिंग पर जाकर सफाई करने को प्रेरित किया। कहा कि यह हम सब की जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास सफाई रखें। कुलाधिपति ने कहा कि वह दो दिन से इस क्षेत्र में है और यहां पर ड्रग्स की प्रयोग की जानकारी मिल रही है। आखिर हम अपने बच्चों को कैसे संस्कार दे रहे हैं। माता-पिता क्या कर रहे हैं। अभी तक तो केवल शराब का मामला था और अब ड्रग्स भी इसमें जुड़ गया है। लड़कियां भी ड्रग्स ले रही हैं जो अच्छा नहीं है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया । राज्यपाल ने वैज्ञानिकों और छात्रों से किसानों तक नवाचार को पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि नवाचारों को अपनाकर किसान सशक्त बनते हैं और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। कुलाधिपति के अनुसार आपकी उपलब्धि तभी सार्थक होगी जब वह सामूहिक रूप से देश के विकास में योगदान देते हैं।  

बच्चों को गाली देते देख युवक हुआ हक्का-बक्का, आखिरकार सिर फोड़ दिया

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ राम राम बोलने को लेकर विवाद हो गया। इस घटना में दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए। दरअसल गांव जिरोली डोर के समीप राह चलते एक मौलवी से बच्चों ने राम राम कर दी। ये सुनकर मौलवी भड़क गया और वह बच्चों को गाली देने लगा। जिसका बच्चों के परिजनों ने विरोध किया। इसके बाद भी मौलवी के तेवर कम नहीं हुए। इस पर विवाद बढ़ता चला गया। देखते ही देखते एक युवक ने ईंट उठाकर मौलवी के सिर में मार दी। जिससे वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। मौलवी ने भी युवक को घायल कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौलवी को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया है। मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार के भागलपुर निवासी मुस्तकीम पुत्र दिलाबर लोधा के गांव भगवानपुर में बनी मस्जिद में मौलवी हैं। शनिवार की शाम को करीब चार बजे वह जिरोली डोर में बच्चों को पढ़ाने के लिए जा रहे थे, तभी गांव बुलाकगढ़ी के समीप कुछ बच्चों ने उनसे राम राम किया। आरोप है कि बच्चों के राम राम करने पर मौलवी भड़क गया। मौलवी ने जवाब में बच्चों को गाली देने शुरू कर दी।  बच्चों के परिजन ने गाली गलौच का विरोध किया। इस पर विवाद बढ़ गया। आसपास के लोगों की भीड़ गई। मामला पता चला तो एक युवक ने मौलवी के सिर में ईंट से प्रहार कर दिया। ईंट लगते ही मौलवी का सिर फट गया और बुरी तरह से वह लहूलुहान हो गया। इसके बाद मौलवी ने भी युवक से ईंट छीनकर मार दी। विवाद में दोनों घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए सीएचसी नहरा में भर्ती कराया है। जहां दोनों का उपचार चल रहा है।  

पिपरहवा अवशेषों की घर वापसी से उत्तर प्रदेश को मिला वैश्विक गौरव

127 साल बाद पवित्र अवशेषों की हुई घर वापसी जल्द होगा सार्वजनिक प्रदर्शन, सुदृढ़ होगा सांस्कृतिक पर्यटन शांति और करुणा का संदेश समेटे हैं पिपरहवा अवशेष प्रधानमंत्री मोदी ने बताया था राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण शाक्य वंश से जुड़ा है पिपरहवा स्तूप लखनऊ/नई दिल्ली उत्तर प्रदेश एक बार फिर वैश्विक बौद्ध धरोहर के केंद्र में आ गया है। 127 वर्षों बाद पवित्र पिपरहवा अवशेष, जो सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा स्तूप से 1898 में खोजे गए थे, भारत वापस लौट आए हैं। औपनिवेशिक काल में विदेश ले जाए गए ये अवशेष मई 2025 में हांगकांग की एक अंतरराष्ट्रीय नीलामी में रखे गए थे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और गॉदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप के संयुक्त प्रयास से नीलामी रुकवाई गई और 30 जुलाई 2025 को इन्हें भारत वापस लाया गया। जल्द होगा सार्वजनिक प्रदर्शन पिपरहवा अवशेषों की वापसी सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की भूमि के उस गौरवशाली इतिहास की पुनः स्थापना है, जिसने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से पूरी दुनिया को आलोकित किया। इन अवशेषों का सार्वजनिक प्रदर्शन शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध धरोहर का केंद्र बनाने और राज्य की सांस्कृतिक पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। उत्तर प्रदेश: बुद्ध की धरोहर सिद्धार्थनगर का पिपरहवा स्तूप, जहां भगवान बुद्ध के अवशेष खोजे गए; वाराणसी का सारनाथ, जहां उन्होंने प्रथम उपदेश दिया और कुशीनगर, जहां उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया—यह पावन त्रिकोण उत्तर प्रदेश को विश्वभर के करोड़ों बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा और अद्वितीय तीर्थस्थल बनाता है। उत्तर प्रदेश की पावन धरती भगवान बुद्ध की तपोभूमि है। पिपरहवा अवशेषों की घर वापसी न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक महत्ता को भी पुनः स्थापित करती है। यह प्रदेश आज भी पूरी दुनिया को शांति, करुणा और सहअस्तित्व का संदेश देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी 127 वर्षों बाद भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भारत वापसी का स्वागत किया था और इसे राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक गर्व का क्षण बताया था। अवशेषों का महत्व इन अवशेषों में भगवान बुद्ध की अस्थियां, क्रिस्टल की पेटिकाएं, स्वर्णाभूषण और रत्न, बलुआ पत्थर का संदूक शामिल हैं। ब्राह्मी लिपि के अभिलेख इन्हें सीधे शाक्य वंश से जोड़ते हैं। गॉदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष, पिरोजशा गॉदरेज ने कहा कि पिपरहवा अवशेषों की वापसी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति और करुणा का संदेश है।

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला में बोले सीएम योगी

आज प्रदेश के हर सेक्टर में दिख रहा विकास : मुख्यमंत्री विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लिए पीएम मोदी के पंच प्रण से जुड़ना होगा : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ पर काम कर रही है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित 12 सेक्टर्स में से किसी भी क्षेत्र में अपने सुझाव देकर राज्य का हर व्यक्ति यूपी को विकसित बनाने में योजक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ के क्यूआर कोड को मोबाइल में स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दे। सीएम योगी रविवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्व और वर्तमान दशा का विस्तार से उल्लेख किया और भावी दशा के लिए एक रोडमैप सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि आजादी मिलने के बाद 1947 के देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती गई। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी। इस वर्ष के अंत तक सरकार इसे 36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने जा रही है। यानी नौ सालों में तीन गुने की वृद्धि। इसी तरह राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी नौ सालों में 45000 रुपये से बढ़कर 1 लाख 20000 रुपये पर पहुंच रही है। आज प्रदेश में हरेक सेक्टर में विकास देखने को मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, हम सभी को उसके साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उन पंच प्रणों, गुलामी की मानसिकता को सर्वथा समाप्त करना, विरासत का सम्मान करना, सेना, अर्धसेना और यूनिफॉर्मधारी जवानों का सम्मान व उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना, जाति, क्षेत्र या किसी भी तरह के वाद से मुक्त होकर समतामूलक समाज के लिए एकता के सूत्र में बंधना और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। विकसित भारत के लिए यूपी ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने पितृ विसर्जन के पावन पर्व पर आजादी दिलाने वाले देश के पूर्वजों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत दुनिया की एक ताकत बने। पितृ विसर्जन पर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के लिए आयोजित यह कार्यशाला पूर्वजों के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान के तीन साल बाद जब किसी और जगह से आवाज नहीं आई तो विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत यूपी ने की। बताया कि अगस्त माह में विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक विजन बनाने को विधानसभा और विधान परिषद में लगातार 24 घण्टे चर्चा हुई। इस चर्चा ने उस धारणा को बदल दिया है जिसमें कहा जाता था कि विधायिका में काम नहीं होता है। और, उस चर्चा के बाद अब आमजन से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर में इस तरह की चर्चा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु यूपी में तीन सौ से अधिक बुद्धिजीवियों जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, शिक्षक, चिकित्सकों, उद्यमियों की सहभागिता है, को प्रदेश के सभी जिलो में भेजा जा रहा है। ये बुद्धिजीवी प्रदेश के विभिन्न अकादमिक संस्थाओं में जाकर विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर छात्रों व अन्य लोगों से चर्चा कर रहे है। अब तक प्रदेश के 110 से अधिक अकादमिक संस्थाओं में भ्रमण कर ये बुद्धजीवी छात्रों से, जनता से संवाद कर चुके हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बहुमूल्य विचारों को भी आमंत्रित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। यदि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का विचार सामने आया है तो मूर्त रूप अवश्य लेगा। इसी विश्वास के साथ आज हम सब आगे बढ़ रहे हैं।  पीएम मोदी द्वारा दिए संकल्पों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण के साथ 9 संकल्प की भी बात की थी। ये संकल्प बहुत छोटे हैं और हमारी दिनचर्या के हिस्से के रूप में भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए संकल्प की बात की है। एक संकल्प पर्यावरण संरक्षण है जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने तीसरा संकल्प स्वच्छता का दिया। स्वच्छता न होने के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी फैलती थी। आज यह क्षेत्र गंदगी मुक्त हुआ तो यहां इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हुआ। बताया कि 1977 से 2017 तक 50 हजार बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई थी। 2017 के बाद सरकार के प्रयासों के बाद इसे समाप्त करने में सफलता पाई गयी। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नही होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता का संकल्प हमें दिया है। इसके लिए हमें स्वदेशी मॉडल को अपनाना होगा। समय व मांग के अनुरूप हमें उसके मॉडल में परिवर्तन करना होगा। हमें वोकल फार लोकल की दिशा में आगे बढ़ना होगा।  भारत में आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने देश दर्शन का दिया है। हमारे यहां 4 धाम, 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योर्तिलिंग आदि आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र हैं। हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत सम्पन्न है। भारत ने आक्रान्ताओं के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी है। टूरिज्म के लिए हम विदेश क्यों जाएं, जब हमारे पास इतना वैभवपूर्ण टूरिज्म क्षेत्र है। इससे हमारा पैसा भी अपने देश में खर्च होगा। पीएम के संकल्पों को याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। रासायनिक उर्वरको से कैंसर जैसे अनेक रोग होते है। मधुमेह के रोगियों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती … Read more