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एटा में सीमेंट प्लांट का उद्घाटन, CM योगी बोले- नीति स्पष्ट होने पर मिलते हैं विकास के नतीजे

एटा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटा में सीमेंट प्लांट का सीएम योगी ने उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे किए  सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। औद्योगिक नीति के तहत किए गए सभी वायदे समय पर पूरे कर रही सरकार  सीएम ने श्री सीमेंट को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत किए गए सभी वायदे समय पर पूरे करेगी। एटा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, चार-लेन कनेक्टिविटी और लोक कल्याणकारी योजनाओं के साथ विकास की नई बुलंदियों पर पहुंचेगा।  इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री विधानपरिषद के सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक सत्यपाल सिंह राठौर, संजीव कुमार दिवाकर, वीरेंद्र सिंह लोधी, विपिन कुमार डेविड, आशीष यादव, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगड़ और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखौरी उपस्थित रहे। सीएम योगी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण किया योगी आदित्यनाथ ने एटा में श्री सीमेंट के प्लांट के उद्घाटन से पूर्व पूरे प्लांट की विजिट की। इस दौरान उन्होंने प्लांट में मशीनरी और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें साइट मैप के माध्यम से भी पूरे प्लांट के विषय में जानकारी दी गई। इस दौरान सीएम योगी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण भी किया।   

बिना सूचना लगातार गायब सात डॉक्टर सेवा से होंगे बर्खास्त

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश, कहा- कार्यों के प्रति लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई  लखनऊ बिना किसी सूचना के लगातार गायब डॉक्टरों पर गाज गिरेगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लगातार गैरहाजिर सात डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। झांसी जिला चिकित्सालय में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल मिश्र, अमेठी के बाजार शुक्ल न्यू सीएचसी के डॉ. विकास कुमार मिश्र, अमेठी के जगदीशपुर न्यू सीएचसी के डॉक्टर विकलेश कुमार शर्मा, बरेली सीएमओ के अधीन डॉ. दीपेश गुप्ता, सीतापुर मिश्रिख सीएचसी में गायनी की डॉ. श्वेता सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत आनंद और हाथरस जिला चिकित्सालय के पैथोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद राफे लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने संपर्क किया लेकिन जवाब नहीं आया। डिप्टी सीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। गैरहाजिर डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। गैरहाजिर शिक्षक को आरोप पत्र बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में ईएनटी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक कुमार शाह वर्ष 2023 से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्हें आरोप पत्र देकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। समुचित इलाज न मिलने की शिकायत पर होगी कार्यवाही  पीलीभीत जिला महिला चिकित्सालय में मरीज को समुचित इलाज न मिलने की शिकायत को डिप्टी सीएम ने गंभीरता से लिया है। शिकायत के प्रथम दृष्टया मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार को आरोप पत्र देकर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। निविदा शर्तों में नियमों की अनदेखी पड़ी भारी निविदा प्रक्रिया के नियम और शर्तों की अनदेखी करना हमीरपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी को महंगा पड़ा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हमीरपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गीतम सिंह के खिलाफ आरोप पत्र देकर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अखिलेश यादव भड़के, कहा—स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार खतरनाक

अयोध्या राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में भर्ती न मिलने के कारण 12 वर्षीय बच्चे मोहम्मद आरिफ की मौत हो गई। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर योगी सरकार पर हमला बोला है। यादव ने एक्स पर लिखा इस दुखद घटना के लिए बस इतना ही कहना है कि बदइंतजामी और भ्रष्टाचार में लिप्तता इतनी भी न हो कि किसी की जान चली जाए।  स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में ये बात अगर आए तो पीड़ित परिवार को उनका बेटा तो वापस नहीं करवा सकते लेकिन मुआवजा देकर कुछ तो पश्चाताप कर सकते हैं। और कुछ नहीं कहना है। दशरथ मेडिकल कॉलेज से बच्चे को रेफर करने का अरोप  आप को बता दें कि आरोप है कि राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या में एक बच्चे को बेड और ऑक्सीजन न होने का हवाला देकर प्राइवेट अस्पताल ले जाने की बात कह कर रेफर कर दिया गया। मजबूर पिता मौके पर बेटे को कंधे पर लेकर पिता दूसरे अस्पताल की तरफ बढ़ा कि उसकी रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बेड और ऑक्सीजन की कमी बताकर बच्चे को भर्ती करने से इनकार कर दिया। बेटे को कंधे पर लेकर दौड़े पिता, रास्ते में हुई मौत हैरिंग्टनगंज निवासी मोहम्मद मुनीर का बेटा मोहम्मद आरिफ दो दिन से तेज बुखार से जूझ रहा था। पहले उसे स्थानीय डॉक्टर और फिर सीएचसी ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने बेड और ऑक्सीजन की कमी का हवाला देकर इलाज से मना कर दिया। निराश पिता बेटे को कंधे पर उठाकर निजी अस्पताल की ओर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आक्रोश मृतक के रिश्तेदार मेराज ने कहा “बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, उसे तुरंत इलाज चाहिए था। लेकिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मदद करने की बजाय मना कर दिया। मजबूर होकर हमें निजी अस्पताल जाना पड़ा, पर वहां तक पहुंचने से पहले ही सब खत्म हो गया।” तीन डॉक्टर निलंबित, जांच समिति गठित घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सत्यजीत वर्मा ने लापरवाही मानते हुए तीन डॉक्टरों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा “यह अक्षम्य लापरवाही है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त डॉक्टर तैनात हैं, फिर भी मरीज को मना करना अस्वीकार्य है। मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

देश की प्रगति पर रोक, शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया

इटावा समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि केन्द्र की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार देश का न सिर्फ बंटाधार करने में लगी है, बल्कि देश को विकास के मामले में काफी पीछे धकेल दिया गया है। शिवपाल ने कहा कि प्रजातंत्र का गला घोटने वाले बिलों का सपा हर हाल में विरोध करेगी, ऐसे बिल लाने वालों का विरोध ही किया जायेगा।  'शिक्षा स्वास्थ्य सिंचाई का बहुत बुरा हाल है' शिवपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है जो वादे सरकार ने किए थे वह आज तक पूरे नहीं हुए हैं। शिक्षा स्वास्थ्य सिंचाई का बहुत बुरा हाल है। महंगाई चरम पर पहुंच गई है। रिश्वत वसूली और भ्रष्टाचार इन दिनों चरम पर है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार में रिश्वत महंगाई और भ्रष्टाचार बहुत बढा है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इन्होंने किसानों की आज दोगुनी करने का वादा किया था और एमएसपी भी लेकर आए थे। बेरोजगारों को दो करोड़ नौकरी देने के लिए कहा था वह भी नहीं दे पाये। इस देश को इन लोगों ने बहुत पीछे कर दिया है और इस देश को केवल दो गुजराती व दो पैसे वाले लोग चला रहे हैं।        'गोला बारूद रखना और फेंकने का काम सपा का नहीं' शिवपाल यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार में केवल पूंजीपतियों के काम हो रहे हैं। गरीब, छात्र, बेरोजगार नौजवान इन लोगों के काम नहीं हो रहे है। ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सपा के लोग गोरा बारूद रखने व सिखाने का काम करती है , इस पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि क्या कभी समाजवादी पार्टी के नेताओं के पास गोला बारूद पकड़ा गया या कभी किसी ने फेंकते हुए देखा है। गोला बारूद रखना और फेंकने का काम समाजवादी पार्टी नहीं करती।    

उर्स मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए काम आया अंशिका वर्मा का डिजिटल इनोवेशन

बरेली बरेली में तीन दिवसीय आला हजरत उर्स में पुलिस ने इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए मोबाइल एप व एआई तकनीक का इस्तेमाल किया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा का बनाया डीडीएमएस एप पुलिसिंग का नया हथियार बना। इससे हर पुलिसकर्मी व भीड़ की लाइव लोकेशन अफसरों के मोबाइल कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर दिख रही थी। अंशिका वर्मा ने पूर्व तैनाती के दौरान आईपीएस सोनम कुमार के साथ मिलकर डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस) एप बनाया था। इसका एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बार उर्स में इस्तेमाल किया। जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के साथ ही दूसरे जिले से बुलाकर ड्यूटी पर लगाए गए स्टाफ का ब्योरा इसमें दर्ज किया गया। इससे उनके ड्यूटी स्थल को खोजने की समस्या खत्म हुई तो अधिकारियों ने भी उनकी लोकेशन की मॉनीटरिंग कर ली। कंट्रोल रूम से अफसरों ने की निगरानी एसएसपी अनुराग आर्य ने कुल के दौरान अधूरे स्काई वॉक पर चढ़ी भीड़ को हटाया, वरना ओवरलोडिंग से हादसा हो सकता था। कमिश्नर व एडीजी समेत कई अधिकारी नगर निगम के कंट्रोल रूम में बैठे रहे। इससे शहर में भीड़ व जाम की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित स्थान पर पुलिस टीम भेजी गई। एसएसपी ने बताया कि डीडीएमएस एप का भविष्य में होने वाले अन्य आयोजनों में इस्तेमाल किया जाएगा। अफसरों का जताया आभार बरेली में उर्स-ए-रजवी आयोजन के बाद सर्व सेवा समिति, सिविल डिफेंस वॉर्डन जहीर अहमद, सेवानिवृत्त एडीएम केएल सहगल, अश्वनी ओबेरॉय, मनोज अरोड़ा व सुरेन्द्र त्यागी ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने एडीजी जोन रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य की बेहतर प्रबंधन के लिए सराहना की है।  

टोलकर्मी पिटाई कांड: गिरफ्त में आया आरोपी रवि, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द

मेरठ मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर जवान कपिल के साथ बर्बर मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। मुख्य आरोपी रवि को पुलिस ने दबोच लिया, अब तक आठ गिरफ्तारी हो चुकी हैं। NHAI ने ठेका रद्द कर टोल प्लाजा को फ्री कर दिया, कंपनी पर 20 लाख जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं परिवार अब भी चिंतित है। मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन पर सख्ती की मांग हो रही थी। अब मुख्य आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कुल आठ गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एनएचएआई ने ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर टोल वसूली बंद कर दी है। आगे विस्तार से पढ़ें अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है। मुख्य आरोपी रवि गिरफ्तार सरूरपुर पुलिस ने बुधवार को करनावल निवासी रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वायरल वीडियो में वही पीली कमीज में जवान कपिल पर डंडा बरसाते नजर आया था। पुलिस अब तक आठ आरोपियों को पकड़ चुकी है। टोल कंपनी का ठेका निरस्त एनएचएआई ने टोल वसूली करने वाली कंपनी मैसर्स धर्म सिंह का ठेका रद्द कर दिया है। कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। फिलहाल टोल प्लाजा नया ठेका मिलने तक फ्री कर दिया गया है। पोल से बांधकर की थी पिटाई जवान कपिल ने रविवार शाम टोलकर्मियों से पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया था। इसी बात पर टोलकर्मी भड़क गए और उसे पोल से बांधकर बेरहमी से पीटा। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया गया। वीडियो वायरल, धरना-प्रदर्शन सोशल मीडिया पर मारपीट की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद गांववालों और विधायक संगीत सोम ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने टोलकर्मियों की गिरफ्तारी और टोल बंद करने की मांग की। कपिल का उपचार जारी जवान कपिल का इलाज मेरठ कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। पिता कृष्णपाल और मां सुनीता ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। भूनी टोल प्लाजा की स्थिति 7 नवंबर 2023 से शुरू हुए भूनी टोल से पहले रोजाना करीब 20,000 वाहन गुजरते थे। अब संख्या घटकर लगभग 12,000 रह गई है। टोल फ्री होने से यात्रियों को राहत मिली है।   प्रदर्शन और मांगें जारी किसानों ने भूनी टोल को बपारसी गांव शिफ्ट करने की मांग की। मवाना में पूर्व सैनिक संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर टोलकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।

जनता दरबार में ड्रामा: पूर्व फौजी ने जहर खाकर लगाया बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक रिटायर्ड फौजी जहरीला पदार्थ खाकर सीएम योगी के जनता दरबार में पहुंच गया। उसने वहां पर तैनात सिक्योरिटी स्टॉफ को यह बात बताई। इसके बाद उसे तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। फौजी का आरोप है कि उसने गाजियाबाद से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के उत्पीड़न से तंग आकर यह कदम उठाया है। बताया गया कि गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली निवासी रिटायर्ड फौजी सतबीर गुर्जर सीएम जनता दरबार में पहुंचे थे। यहां सुरक्षा में तैनात स्टाफ को उन्होंने बताया कि वह जहरीला पदार्थ खाकर आए हैं। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। इस दौरान सतबीर ने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर पर कई गंभीर आरोप लगाए। रिटायर्ड फौजी के पास से एक शिकायती पत्र मिला। इसमें उन्होंने लिखा था कि विधायक ने बीते अप्रैल महीने में कलश यात्रा निकाली थी। उनका उद्देश्य सरकार गिराना था। इसकी जानकारी होने पर रिटायर्ड फौजी ने साजिश को पहचानकर सोशल मीडिया पर खुलासा कर दिया था। इसके बाद से विधायक उन पर अत्याचार कर रहे हैं। इंस्पेक्टर गौतम पल्ली रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल सतबीर की हालत ठीक है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार

पहले मुगलों ने लूटा, अंग्रेजों ने तबाह किया, फिर कांग्रेस-सपा ने पहचान मिटाई : सीएम योगी एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार  सीएम बोले- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का कियाः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने कहा- डबल इंजन सरकार ने माफिया के अड्डे को बनाया निवेश का हब डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाः सीएम   मुख्यमंत्री ने एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट का किया उद्घाटन एटा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर करारा वार करते हुए कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। सीएम योगी ये यह बातें जनपद एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।  कांग्रेस-सपा पर सीधा हमला सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। माफिया का गढ़ अब बना निवेश का केंद्र सीएम योगी ने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी? यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में श्री सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। रोजगार और व्यापार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिर्फ सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता?  भारत की अर्थव्यवस्था की कहानी सीएम योगी ने कहा कि भारत 17वीं–18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। 45 लाख करोड़ का निवेश, 60 लाख युवाओं को रोजगार सीएम ने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही है।  साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें। ओडीओपी से एटा की परंपरागत पहचान सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र सीएम ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। सीएम ने श्री सीमेंट को … Read more

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम

योगी सरकार रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा से फालेरिया काे दे रही मात   सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम सीएम की अपील, अभियान से जुड़े प्रदेश का हर नागरिक, खुद खाएं दवा और दूसरों को भी करें प्रेरित  प्रधान लगा रहे रात्रि चौपाल तो बच्चे नुक्कड़ नाटक से फैला हरे जागरूकता, अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता  लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी के तहत योगी सरकार के निर्देश पर  फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के तहत 27 जिलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में यह अभियान जनमानस को फाइलेरिया से बचाव के उपायों और दवा सेवन के महत्व के प्रति जागरूक कर रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासी शत-प्रतिशत दवा का सेवन करें। इसके लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और जनहित के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं की मदद से भी ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। बता दें कि फाइलेरिया उन्मूलन योगी सरकार की  प्राथमिकता में शामिल है। यही वजह है कि प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी बढ़ाई जा रही है। योगी सरकार ने इस अभियान के जरिए राज्य के हर कोने में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया है। रात्रि चौपाल लगा फाइलेरिया के बारे में कर रहे जागरुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप कानपुर, रायबरेली समेत कई जिलों में प्रधान रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को फाइलेरिया के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें यह समझा रहे हैं कि फाइलेरिया के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को दवाओं के सेवन से रोका जा सकता है। कानपुर के बिधनु ब्लॉक के मटियारा गांव में पीएसपी सदस्य प्रधान राहुल चौबे और फाइलेरिया रोगी राकेश ने कई दिनों से रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को वीडियो के माध्यम से फाइलेरिया के बारे में बताया और दवाइयों के सेवन का महत्व बताया। इसी तरह सरसौल ब्लॉक के तिलशहरी बुजुर्ग गांव में सीएचओ आशीष ने लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए उन्हें दवा लेने के फायदे समझाए। घाटमपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी पीएसपी सदस्य प्रधान जयनारायण सिंह और पंचायत सहायक ने लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक से बच्च्चे बता रहे दवा के फायदे फाइलेरिया के प्रति नवयुवकों को जागरूक करने के लिए रायबरेली के राजदुलारी तालुकेदारी इंटर कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। कक्षा 12 की छह छात्राओं ने शिक्षकों और पीएसपी सदस्यों के सहयोग से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में एक फाइलेरिया रोगी की यात्रा और उस व्यक्ति के परिवार द्वारा सामना किए गए संघर्षों को दर्शाया गया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि साधारण दवाइयां वर्षों की पीड़ा से लोगों की जान बचा सकती हैं और इससे फाइलेरिया से बचाव संभव है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एमडीए यात्रा भी निकाली गई। इस यात्रा के जरिए पीएसपी सदस्यों ने जनमानस को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया। यात्रा का पहला चरण उन्नाव से रायबरेली तक रहा, जहां पीएसपी सदस्यों ने स्थानीय लोगों से गहन चर्चा की और फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया। इस यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल हुए। एमडीए यात्रा का दूसरा चरण बाराबंकी से सीतापुर के लिए रवाना हुआ। अभियान से ग्रामीण इलाकों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इसके लिए योगी सरकार द्वारा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की सफलता के लिए जनसहयोग को आवश्यक बताया है और प्रदेश के हर नागरिक से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में अपनी भूमिका निभाएं और दवाइयां जरूर खाएं। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि अभियान के तहत अब तक काफी सफलता प्राप्त हुई है, और उम्मीद जताई है कि इस बार एमडीए अभियान में हम शत-प्रतिशत लोगों को दवा खाने में सफल होंगे। अभियान से न केवल फाइलेरिया की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम हो रहा है, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ रही है। इस प्रयास को हर नागरिक का समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर समस्या का समाधान किया जा सकेगा।    

यूपी के सभी जिलों में विशेष अभियान की शुरुआत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ  योगी सरकार किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान 16 सितम्बर, 2025 से शुरू होगा. इस अभियान का उद्देश्य किसानों के भूमि अभिलेखों को आधार से जोड़ना और किसानों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और उन्हें रोजाना अभियान की प्रगति पर रिपोर्ट देनी होगी. हर जिले में प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन की जाएगी ताकि कहीं भी ढिलाई न बरती जाए. फार्मर रजिस्ट्री क्यों है जरूरी राज्य सरकार का मानना है कि किसान को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी जमीन का रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेटेड होगा. कई बार जमीन के कागजों में मालिकों के नाम अधूरे या गलत पाए जाते हैं. इसी वजह से किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती है. यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया है कि सभी किसानों के अधिकार अभिलेख में नामों का आधार से मिलान कर सही-सही दर्ज किया जाए. इसके लिए राजस्व अधिकारियों को एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि हर जिले में एक जैसी प्रक्रिया अपनाकर रजिस्ट्री पूरी की जा सके. आधे से ज्यादा किसान जुड़े न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक प्रदेश में कुल 2.88 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से अब तक 1.45 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, यानी 50 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है. यह सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, लेकिन शेष किसानों को जोड़ना भी कम चुनौती नहीं है. बिजनौर सबसे आगे अब तक की प्रगति में बिजनौर जिला सबसे आगे है. यहां 58% से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. इसके बाद हरदोई (57.84%), श्रावस्ती (57.47%), पीलीभीत (56.89%) और रामपुर (56.72%) टॉप-5 जिलों में शामिल हैं. इन जिलों के अधिकारियों को सीएम योगी ने सराहा है और अन्य जिलों को भी इसी तरह तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. पिछड़ रहे जिलों पर खास नजर हालांकि कई जिलों ने सराहनीय काम किया है, लेकिन कुछ जिले अभी पीछे चल रहे हैं. सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि ऐसे जिलों पर विशेष नजर रखी जाएगी. जो जिले लक्ष्य से काफी दूर हैं, वहां अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी और अधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर जवाबदेह बनाया जाएगा. यही नहीं, जिन जिलों में किसानों का 100% डाटा वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, उनमें अमरोहा, आजमगढ़, बलरामपुर, एटा और जौनपुर शामिल हैं. यह एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि बिना वेरिफिकेशन के रजिस्ट्री अधूरी है. पीएम किसान योजना से जोड़ने की तैयारी सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों का पंजीकरण हर हाल में 100% होना चाहिए. सरकार चाहती है कि अगली किस्त जारी होने से पहले कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए. इसके लिए जिलाधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है पहली, फार्मर रजिस्ट्री को समय पर पूरा करना और दूसरी, पीएम किसान योजना में 100% पंजीकरण सुनिश्चित करना. अभियान के दौरान आईईसी गतिविधियां सरकार का जोर केवल डेटा एंट्री पर नहीं बल्कि जागरूकता पर भी है. सभी जिलों में आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियां चलाई जाएंगी. पोस्टर, पंपलेट, स्थानीय मीडिया और गांव-गांव जाकर किसानों को समझाया जाएगा कि रजिस्ट्री उनके लिए क्यों जरूरी है और कैसे इससे उन्हें योजनाओं का लाभ जल्दी और आसानी से मिल पाएगा. सीएम योगी का कड़ा संदेश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह अभियान प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है. जो भी जिले पिछड़ेंगे, वहां सीधे डीएम जिम्मेदार होंगे. उन्होंने अफसरों से कहा है कि किसानों से जुड़ा यह कार्य किसी भी कीमत पर टलना नहीं चाहिए. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार लगातार किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली पर जोर देती रही है. पहले फसल बीमा योजना हो या फिर खाद्यान्न वितरण, सरकार ने रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करने पर फोकस किया. अब फार्मर रजिस्ट्री उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है. किसानों की प्रतिक्रिया कई किसानों का मानना है कि यह प्रक्रिया थोड़ी समय लेने वाली जरूर है, लेकिन लंबे समय में इससे बहुत फायदा होगा. अभी तक जिन किसानों को कागजों की गड़बड़ी की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मुश्किल होती थी, उन्हें अब राहत मिलेगी. बिजनौर के एक किसान ने कहा, पहले हमारी जमीन के रिकॉर्ड में नाम अधूरा दर्ज था. सुधार कराने में महीनों लग जाते थे. अब सीधा आधार से मिलान हो रहा है तो उम्मीद है कि जल्दी सब ठीक हो जाएगा.