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बीजेपी-कांग्रेस पर बरसीं मायावती: OBC आरक्षण पर दोनों की नीयत पर उठाए सवाल

  लखनऊ बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा और कांग्रेस ओबीसी वर्ग के लोगों को लेकर की जा रही राजनीति पर करारा हमला किया है. मायावती ने दोनों पार्टियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताया है. मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा-कांग्रेस पर निशाना साधा है. मायावती ने एक्स पर लिखा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा यह स्वीकार करना कि देश के विशाल आबादी वाले अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) समाज के लोगों की राजनीतिक व आर्थिक आशा, आकांक्षा व आरक्षण सहित उन्हें उनका संवैधानिक हक़ दिलाने के मामलों में कांग्रेस पार्टी खरी व विश्वासपात्र नहीं रही है कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह दिल में कुछ व जुबान पर कुछ और जैसी स्वार्थ की राजनीति ज़्यादा लगती है. आगे मायावती ने ये भी कहा, वास्तव में उनका यह बयान उसी तरह से जगज़ाहिर है, जैसाकि देश के करोड़ों शोषित, वंचित व उपेक्षित एससी-एसटी समाज के प्रति कांग्रेस पार्टी का ऐसा ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण रवैया लगातार रहा है और जिस कारण ही इन वर्गों के लोगों को फिर अन्ततः अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा अपने पैरों पर खड़े होने की ललक के कारण अलग से अपनी पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) यहाँ बनानी पड़ी है. आगे मायावती ने कहा, कुल मिलाकर इसके परिणामस्वरूप कांग्रेस पार्टी यूपी सहित देश के प्रमुख राज्यों की सत्ता से लगातार बाहर है और अब सत्ता गंवाने के बाद इन्हें इन वर्गों की याद आने लगी है, जिसे इनकी नीयत व नीति में हमेशा खोट रहने की वजह से घड़ियाली आंसू नहीं तो और क्या कहा जाएगा, जबकि वर्तमान हालात में बीजेपी के एनडीए का भी इन वर्गों के प्रति दोहरे चरित्र वाला यही चाल-ढाल लगता है. वैसे भी एससी-एसटी वर्गों को आरक्षण का सही से लाभ व संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारतरत्न की उपाधि से सम्मानित नहीं करने तथा देश की आज़ादी के बाद लगभग 40 वर्षों तक ओबीसी वर्गों को आरक्षण की सुविधा नहीं देने तथा सरकारी नौकरियों में इनके पदों को नहीं भरकर उनका भारी बैकलॉग रखने आदि के जातिवादी रवैयों को भला कौन भुला सकता है, जो कि इनका यह अनुचित जातिवादी रवैया अभी भी जारी है. आगे मायावती ने कहा, इतना ही नहीं बल्कि इन सभी जातिवादी पार्टियों ने आपस में मिलकर एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण को किसी ना किसी बहाने से एक प्रकार से निष्क्रिय एवं निष्प्रभावी ही बना दिया है. इस प्रकार दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़ों इन बहुजन समाज को सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक तौर पर गुलाम व लाचार बनाए रखने के मामलों में सभी जातिवादी पार्टियाँ हमेशा से एक ही थैली के चट्टे-बट्टे रहे हैं, जबकि अम्बेडकरवादी पार्टी बी.एस.पी. सदा ही इन वर्गों की सच्ची हितैषी रही है और यूपी में चार बार बी.एस.पी. के नेतृत्व रही सरकार में सर्वसमाज के ग़रीबों, मज़लूमों के साथ-साथ बहुजन समाज के सभी लोगों के जान-माल व मज़हब की सुरक्षा व सम्मान तथा इनके हित एवं कल्याण की भी पूरी गारंटी रही है. अर्थात देश के बहुजनों का हित केवल बी.एस.पी. की आयरन गारंटी में ही निहित है. ख़ासकर दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी समाज) के लोग ख़ासकर कांग्रेस, सपा आदि इन विरोधी पार्टियों के किसी भी बहकावे में नहीं आयें, यही उनकी सुख, शान्ति व समृद्धि के लिए बेहतर है.

सैनिकों के बलिदान से कायम है भारत की अखंडता: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ,  कारगिल विजय दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके परिजनों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के वीर सैनिकों ने अपना बलिदान देकर भारत की एकता और अखंडता को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान हमारे सैनिकों ने पलायन नहीं किया था, उसी का नतीजा है हमें विजय मिली। इस दिन भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। सीएम योगी ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमताओं का नवीन प्रतीक है और यह कारगिल युद्ध की गूंज को और बुलंद करता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था, जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी, जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उस समय पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ अमेरिका गए और भारत पर दबाव डालने की कोशिश की। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत, भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा, और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। सीएम योगी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत माता की रक्षा में वीर जवानों के अदम्य साहस, अद्भुत पराक्रम और अटूट संकल्प की अमर गाथा है। यह बलिदान देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने का उदाहरण है। देश को जोड़ने और उसकी रक्षा करने वाले सैनिक ही सच्चे राष्ट्रनायक हैं। सीएम योगी ने बताया कि अगर कोई जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए, आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को बनाए रखने के लिए कहीं बलिदान होता है, तो हमारी सरकार अपने स्तर पर उस जवान के परिवार को 50 लाख की सहायता अलग से देती है। परिवार के एक सदस्य को प्रदेश सरकार में नौकरी भी देती है। राष्ट्र की एकता और अखंडता सदैव बलिदान मांगती है। उन्होंने आगे कहा कि आज अगर हम चैन से सो पाते हैं, समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ पाते हैं, विकास के नए-नए आयामों का लाभ ले पाते हैं और आधुनिक सुविधाओं से लाभान्वित हो पा रहे हैं, तो इसका कारण है कि भारत के वीर जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।  

सीएम योगी ने खोला शिक्षा का नया अध्याय, बोले- अब यूपी में कानून का राज है

उन्नाव  उन्नाव जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पहले सत्र का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने नाम लिए बिना सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आज से आठ साल पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल रहता था। महिलाएं, व्यापारी कोई भी सुरक्षित नहीं था। इसके चलते प्रदेश में निवेश भी ठप हो गया था। इधर, भाजपा सरकार में पिछले आठ साल में 1.45 लाख करोड़ का निवेश आया है। इसमें 1.1 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि युवाओं को आधुनिकता और संस्कारयुक्त शिक्षा दें। देश का पहला AI-आधारित विश्वविद्यालय, सीएम योगी ने किया उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज देश के पहले एआई-आधारित विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया गया गया। लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर बना यह अत्याधुनिक विश्वविद्यालय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाएगा। सीएम योगी ने आज इसका उद्घाटन किया।  यह परिसर न सिर्फ छात्रों को आधुनिक शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें भविष्य की वैश्विक जरूरतों के लिए भी तैयार करेगा। आइए जानते हैं इस विश्वविद्यालय से जुड़ी कुछ खास बातें… एसआई की मदद से होगी पढ़ाई प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि पिछले छह वर्षों में प्रदेश की सरकार ने उच्च शिक्षा और रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया है। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की स्थापना इसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है।  टॉप-5 विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल है चंडीगढ़ विश्वविद्यालय  उपाध्याय ने बताया कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारत की शीर्ष पांच यूनिवर्सिटी में शामिल है। यहां पर सभी कोर्सेज एआई आधारित टेक्नोलॉजी की मदद से संचालित किए जाएंगे, जिससे छात्र भविष्य की वैश्विक आवश्यकताओं के अनुसार दक्ष बनेंगे। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लक्ष्य योगी सरकार का मकसद है कि हर छात्र को आसान, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में प्रदेश में कई सरकारी और निजि विश्वविद्यालयों की स्थापना भी की गई। इन सभी विश्वविद्यालयों को सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे कोर्स शुरू करें, जो रोजगार देने वाले हों और तकनीक पर आधारित हों। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में क्या खास होगा? चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां पढ़ाई पूरी तरह से तकनीक पर आधारित होगी। छात्रों को वैश्विक स्तर का कौशल दिया जाएगा, जिसके लिए खास पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। यह विश्वविद्यालय छात्रों को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए भी प्रेरित करेगा। इससे युवा नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।  

PDA समाज को अखिलेश यादव की बधाई, कहा – संविधान ही हमारा सुरक्षा कवच

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए की राजनीति पर फोकस है. ऐसे में वे पीडीए की हक की लड़ाई लड़ने की बात कहते हैं. यही वजह है कि संविधान दिवस पर उन्होंने एक्स पर पीडीए समाज को बधाई दी है. साथ ही संविधान और आरक्षण को लेकर खास मैसेज भी दिया है. समस्त पीडीए समाज को ‘आरक्षण दिवस’ एवं ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ के साथ ही, अयोध्या में आयोजित प्रथम ‘पीडीए महासम्मेलन’ की अपार सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! भारत के संविधान की प्रति के सानिध्य में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ आयोजित करके हम ‘सामाजिक न्याय’ व ‘समता-समानता’ और ‘आरक्षण’ को बचाए-बनाए रखने का अपना संकल्प दोहरा रहे हैं. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसके पीछे यही मूल भावना है कि ‘संविधान-मानस्तंभ’ वस्तुतः ‘पीडीए-प्रकाशस्तंभ’ के रूप में हमारे ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के संकल्प का मार्ग सदैव प्रकाशित और प्रशस्त करता रहे. जब संविधान बचेगा तभी आरक्षण बचेगा. संविधान ही ढाल है, संविधान ही कवच है.

अग्निवीरों को मिलेगा पुलिस सेवा में मौका, यूपी सरकार ने दी 20% आरक्षण की मंजूरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अग्निवीरों (Agniveer) को यूपी पुलिस बल (UP Police Force) में 20 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है. सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा, "आपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की वीरता भी देखी होगी."  राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर यूपी पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।” इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल तक सेवा देने वाले अग्निवीरों को अब राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मिलने लगी है।   'ऑपरेशन सिंदूर' का किया जिक्र सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे।” योगी ने यह भी कहा कि उस समय भारत अकेला नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को तुर्की, चीन और कई अन्य देशों से समर्थन मिल रहा था। लेकिन भारतीय सेना की वीरता और तेज कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा।  CM योगी ने कहा, "भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान के सभी आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे." उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. एक तरफ पाकिस्तान को तुर्की, चीन और दुनिया के अन्य देशों से मदद मिल रही थी. लेकिन इन सबके बावजूद, पाकिस्तान भारत की बहादुर सेना के सामने कुछ नहीं कर सका और आखिरकार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यूपी सीएम ने किया भारतीय सेना का बखान इतना ही नहीं यूपी सीएम ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का बखान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की वीरता भी देखी होगी. भारतीय वीरों ने सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए और सभी आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. पाकिस्तान ने टेके घुटने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूपी सीएम ने कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. पाकिस्तान को तुर्की, चीन जैसे कई देशों को सपोर्ट था, लेकिन इन सबके बावजूद पाकिस्तान, भारतीय सेना के आगे कुछ नहीं कर सका. अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलती है? अग्निवीर की नौकरी 4 सालों की होती है. इसमें हर साल की मासिक सैलरी अलग है. अग्निवीर सैलरी स्ट्रक्चर नीचे समझ सकते हैं- अग्निवीर को पहले साल में मासिक सैलरी 30,000 रुपये मिलेगी. इसमें से उम्मीदवार को इनहैंड 21,000 रुपये मिलेंगे. बाकी के 9,000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा किए जाएंगे. भारत सरकार इस फंड में अतिरिक्त 9,000 रुपये का योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद यह पूरी राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी. इसके बाद दूसरे साल में अग्निवीर की सैलरी 33,000 रुपये मासिक होगी. इसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे. फिर तीसरे साल में 36,500 रुपये सैलरी मिलेगी. इसमें से अग्निवीर को इनहैंड 25,550 रुपये दिए जाएंगे. आखिरी यानी चौथे साल में मासिक सैलरी 40,000 रुपये निर्धारित है. लेकिन उसमें से भी इनहैंड 28,000 रुपये ही मिलेंगे.

शौर्य दिवस पर सीएम योगी का नमन, बोले- शहीदों के बलिदान से बना गौरवमयी इतिहास

लखनऊ  कारगिल विजय दिवस 2025 के अवसर पर लखनऊ की कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। इस दिन भारत ने ऑपरेशन विजय को पूर्ण करते हुए पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उस समय पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ अमेरिका गए और भारत पर दबाव डालने की कोशिश पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।  

धर्मांतरण केस में कार्रवाई तेज: जेल में बंद सबरोज का घर धराशायी, बुलडोजर एक्शन जारी

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश में आजकल धर्मांतरण के मामले लागातार सामने आ रहे हैं. यह मुद्दा गरमाता जा रहा है. छांगुर बाबा सिंडिकेट का भांडा फूटने के बाद आगरा, अलीगढ़ समेत अब सुल्तानपुर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया. प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रहा है. अब बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के भतीजे पर बुलडोजर एक्शन का कहर बरपा है. जेल में बंद सबरोज का घर आज बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया गया था. इसलिए ये कार्रवाई हुई है. इससे पहले छांगुर की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चल चुका है. सबरोज का मकान छांगुर की कोठी से 1 किमी दूर रेहरा माफी गांव में ही बना हुआ था. सबरोज एटीएस की गिरफ्त में हैं. छांगुर के बाद एटीएस ने 19 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था. सबसे पहले सबरोज के घर उतरौला कोतवाली की फोर्स यानी 30 पुलिसकर्मी, सीओ राघवेंद्र सिंह और एएसपी विशाल पांडेय पहुंचे. वहां सुरक्षा व्यवस्था देखी. इसके बाद एसडीएम सत्यपाल प्रजापति पहुंचे. फिर सुबह 11 बजे टीम उतरौला तहसील की टीम दो बुलडोजर लेकर पहुंची. दो बुलडोजर ने 7 मिनट में छत ढहाई और 10 मिनट में दीवारें गिरा दी. इसके बाद पिलर खोद दिए. कुल 20-25 मिनट में पूरे घर को जमींदोज कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौजूद थे. मगर, जैसे ही कार्रवाई पूरी तो सब गायब हो गए. वहीं, प्रशासन ने कहा कि सबरोज को 3 बार नोटिस दिया जा चुका था. आखिरी नोटिस 18 जुलाई को दिया गया था. सबरोज का यह घर गौडास बुजुर्ग क्षेत्र के ग्राम रेहरा माफी में बना हुआ है. प्रशासन का कहना है कि यह आवास अवैध कब्जा करके बनाया गया था. लगभग 300 स्क्वायर फीट में बना हुआ था. इसमें एक किचन, एक कमरा और एक बरामदा बना हुआ था. बता दें, सबरोज की पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं. बड़ा बेटा 10 साल और छोटा 6 साल का है. आसपास के लोगों ने बताया कि ​सबरोज की पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई है.

यूपी में 5 लाख किसानों को तगड़ा झटका, पीएम किसान की किस्त नहीं मिलेगी, उलटे पैसे लौटाने होंगे

लखनऊ  किसानों की आर्थिक मदद के लिए चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कुछ ही दिन पहले राजस्थान के जालोर में 33638 फर्जी किसानों के खाते में करोड़ों रुपये की राशि जाने का मामला सामने आया था। अब उत्तर प्रदेश से वेरिफिकेशन ड्राइव में पात्र नहीं होने के बावजूद पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का मामला सामने आ आया है। यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम पीएम किसान सम्मान योजना से कटने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इन अपात्र किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का पैसा नहीं आएगा। जांच में यह बात सामने आई है कि यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे परिवार हैं, जहां पति और पत्नी दोनों ही पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा ले रहे थे। जबकि नियम के मुताबिक किसी एक को ही इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। सबसे ज्यादा मामले प्रतापगढ़ से सामने आए हैं। जांच में ऐसे खुला मामला प्रशासन लगातार अपात्र किसानों के नाम हटाने के लिए वेरिफिकेशन करने में लगा हुआ है। इसी दौरान जब यूपी कृषि विभाग ने राशन कार्ड का डाटा आधार कार्ड और बैंकों से मिलान किया तो सच्चाई सामने आई। प्रतापगढ़ में 37 हजार से ज्यादा पति-पत्नी इस योजना का लाभ ले रहे थे। वहीं प्रयागराज में भी 29 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर सीतापुर और चौथे नंबर पर संभल है। सबसे कम अपात्र किसान गाजियाबाद जिले से मिले हैं। खाते में नहीं आएगी अगली किस्त, वसूली भी होगी इन अपात्र किसानों के खाते में अब पीएम किसान सममान योजना की अगली किस्त नहीं आएगी। यही नहीं प्रशासन इनसे वसूली की भी तैयारी में है। अगर कोई परिवार पहली किस्त से ही योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे अब मोटा पैसा चुकाना पड़ सकता है। अगर सरकार 19 किस्तों की वसूली की तैयारी करती है तो 38000 रुपये लौटाने होंगे। पक्की नौकरी फिर भी ले रहे 2000 आधार कार्ड से वेरिफिकेशन करने के बाद और भी कई खुलासे हो रहे हैं। 3000 से ज्यादा मामले ऐसे हैं, जिनके पास पक्की नौकरी या खुद का बिजनेस है। फिर भी पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ ले रहे थे। इन लोगों के नाम भी लिस्ट से हटा दिए गए हैं। फार्मर आईडी नहीं बनवाने वालों को भी नुकसान यूपी में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों ने फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ऐसे में उनके खाते में 20वीं किस्त आने की संभावना बहुत ही कम है। यूपी के कृषि विभाग की वेबसाइट upfr.agristack.gov.in के मुताबिक अभी तक महज 49.78 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि राज्य में करीब 2.88 किसान पीएम किसान योजना से जुड़े हुए हैं। पीएम किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त कब आएगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त का इंतजार सभी को है। अभी पीएम नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर हैं। 2 अगस्त को यूपी के वाराणसी में उनका कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस दिन किसानों के खाते में 2000 रुपये आ सकते हैं। हालांकि PMO, PIB या कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।  

भर्ती के बाद मरीजों की सुध नहीं, हाई कोर्ट ने निजी अस्पतालों को बताया ‘ATM मशीन चलाने वाला

 इलाहाबाद निजी अस्पताल मरीजों का एटीएम की तरह इस्तेमाल करते हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक केस की सुनवाई के दौरान गुरुवार को यह टिप्पणी की। अदालत ने लापरवाही के एक मामले में डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक केस हटाने की मांग को खारिज करते हुए यह बात कही। जस्टिस प्रशांत कुमार की बेंच ने पाया कि डॉ. अशोक कुमार ने एक गर्भवती महिला को सर्जरी के लिए एडमिट कर लिया था, जबकि उनके पास एनेस्थिटिस्ट की कमी थी। वह काफी देर से पहुंचा और तब तक गर्भ में पल रहे भ्रूण की मौत हो गई थी। अदालत ने कहा कि यह सामान्य हो गया है कि अस्पताल पहले मरीजों को भर्ती कर लेते हैं और फिर संबंधित डॉक्टर को बुलाया जाता है। अदालत ने कहा, 'यह एक सामान्य प्रैक्टिस देखी जा रही है कि निजी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए एडमिट कर लेते हैं। भले ही उनके पास संबंधित बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर न हो। मरीजों को भर्ती करने के बाद ही ये डॉक्टर को कॉल करते हैं। एक बार मरीज को एडमिट करने के बाद ये लोग डॉक्टरों को कॉल करना शुरू करते हैं। यह सामान्य धारणा बन गई है कि निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों का इस्तेमाल एक एटीएम की तरह किया जाता है, जिनसे पैसों की उगाही होती है।' बेंच ने कहा कि ऐसे मेडिकल प्रोफेशनल्स को संरक्षण मिलना ही चाहिए, जो पूरी गंभीरता के साथ काम करते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों पर ऐक्शन जरूरी है, जो बिना पर्याप्त सुविधा के ही अस्पताल खोल लेते हैं। ऐसा सिर्फ इसलिए ताकि वे मरीजों से मनमाने पैसे कमा सकें। अदालत ने सुनवाई के दौरान डॉक्टर के उस दावे को खारिज कर दिया कि उस समय महिला के परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार ही नहीं थे। बेंच ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से लापरवाही और अवैध कमाई करने का है। अदालत ने कहा कि डॉक्टर ने महिला को एडमिट कर लिया। परिवार से यह मंजूरी मिल गई कि ऑपरेशन किया जाए, लेकिन उसे टाला जाता रहा क्योंकि सर्जरी के लिए डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं था। परिजनों से परमिशन के बाद भी ऑपरेशन में हुई लेट, क्योंकि डॉक्टर नहीं था बेंच ने कहा कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए 12 बजे अनुमति ले ली थी। इसके बाद भी सर्जरी नहीं हो सकी क्योंकि असप्ताल में डॉक्टर ही नहीं था। अदालत ने कहा कि एक डॉक्टर का संरक्षण उसी स्थिति में किया जाना जरूरी है, जब वह पूरे मन से काम कर रहा हो। फिर भी गलती हो तो उसे ह्यूमन फैक्टर मानकर नजरअंदाज किया जा सकता है। लेकिन लापरवाही के ऐसे मामलों में इस चीज को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

फतेहपुर विवाद: दिव्यांग के घर गिराने पर SDM पर गिरी गाज, सरकार ने किया सस्पेंड

फतेहपुर यूपी में फतेहपुर में दलित दिव्यांग परिवार का घर बुलडोजर से गिराने के मामले में कानूनगो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल पर ऐक्शन के बाद अब एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को भी सस्पेंड कर दिया। वह निलंबित रहने तक राजस्व परिषद से संबंध रहेंगी। उनके खिलाफ जांच लखनऊ कमिश्नर को दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। आरोप हैं अर्चना ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया और अपने पद के दायित्वों का शिथिलतापूर्वक पालन किया। अर्चना अग्निहोत्री के निलंबन के बाद महकमे में सनसनी फैल गई। ऐसा माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है। बता दें कि बरमतपुर प्रकरण को लेते हुए शासन ने कडी कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। डीएम स्तर पर कानून गो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल आराधना देवी के निलंबन के बाद से मामले में अफसरों व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की बात सामने आ रही थी। खास कर टीम गठित करने वाले तहसीलदार समेत उसमें शामिल अधिकारी कर्मचारी राडार पर थे। खास कर सदर एसडीएम व तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। एसडीएम के बाद अब तहसीलदार व अन्य लेखपाल जद में आ सकते है। वहीं नायब तहसीलदार कांधी के खिलाफ राजस्व परिषद को हुई लिखापढ़ी पर भी जल्द कार्रवाई का आदेश आने की उम्मीद है। वहीं विधायक जयकुमार जैकी का कहना है कि दलित परिवार को बेघर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सूबे में मिशाल बनेगी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रकरण में ढहाने का आदेश देने वाले अफसर भी खुद को बचा नहीं पाएंगे। दिया भरोसा हम साथ हैं: ब्लाक प्रमुख गुरुवार को अमौली ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी बरमतपुर गांव पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ढहाए गए घर और मलबे के नीचे दबी गृहस्थी को देखते हुए अफसरों की कार्रवाई की निंदा की। पी़ड़ितों को भरोसा दिया कि वह मुसीबत की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने परिवार को राशन सामग्री समेत जरूरत का सामान सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने का भरोसा दिया।