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छांगुर गैंग का मददगार निकला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, कमिश्नर ने अब्दुल रहमान को किया सस्पेंड

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में ईडी, एटीएस और अन्य एजेंसियों की जांच में वहां तैनात कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जमालुद्दीन उर्फ छांगुर से सांठगांठ के सबूत मिले हैं. तत्कालीन डीएम ने 2 साल पहले ही पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ की 150 पन्ने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी.  इस रिपोर्ट में पुलिस वालों को संगठित रूप से छांगुर के करीबी रहे गैंगस्टर हाशमी और अन्य अपराधियों की मदद करने की बातें लिखी गई थी. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया कि किस तरीके से तीन बार मुकदमा दर्ज करने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया.  नीतू की लाल डायरी में दर्ज कई राज पिछले दिनों ईडी की छापेमारी में छांगुर की करीबी नीतू उर्फ नसरीन के कमरे से एक लाल रंग की करीब 100 पन्नों की डायरी बरामद हुई. इस डायरी में कई अहम लोगों के साथ पैसों के लेनदेन का विवरण है. इसमें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में छांगुर द्वारा उतरौला सीट से चुनाव लड़ने वाले एक प्रत्याशी को 90 लाख रुपये देने का पूरा ब्योरा दर्ज है. हालांकि, वह प्रत्याशी चुनाव हार गया और भाजपा के राम प्रताप वर्मा विजयी हुए. डायरी में उस मुस्लिम नेता का नाम भी दर्ज है, जिसने 2022 में उतरौला से चुनाव लड़ा था.  डीएम ने पहले ही दी थी चेतावनी तत्कालीन डीएम ने 2022 में इसी मुस्लिम प्रत्याशी पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए शासन को पत्र भेजा था. उन्होंने ईडी और आयकर जैसी एजेंसियों से जांच की सिफारिश की थी. साथ ही, पुलिस की अपराधियों के साथ मिलीभगत की भी शिकायत की थी. इसके बाद डीएम और एसपी के बीच विवाद होने पर दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया.  कार्रवाई होती तो पहले ही खुल जाता नेटवर्क गौर करने वाली बात यह है कि अगर पुलिस समय पर सिंडिकेट पर कार्रवाई करती तो बलरामपुर में चल रहा छांगुर का नेटवर्क शायद पहले ही उजागर हो जाता. बताया जा रहा है कि नीतू की डायरी में न केवल पूर्व विधायक को दिए गए पैसों का ज़िक्र है बल्कि कई पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. जैसे-जैसे एजेंसियों की जांच आगे बढ़ेगी और भी महत्वपूर्ण नाम सामने आने की संभावना है.  छांगुर गैंग का मददगार निकला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, कमिश्नर ने अब्दुल रहमान को किया सस्पेंड गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को सस्पेंड कर दिया गया है. सिद्दीकी पर अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के गैंग से मिलीभगत का आरोप है. साथ ही धर्मांतरण मामले की एक पीड़िता को धमकाने का भी गंभीर आरोप लगा है.  दरअसल, मेरठ में पीड़ित लड़की के परिवार ने 2019 में एक मामला दर्ज कराया था. आरोप है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने इस परिवार को चुप रहने की धमकी दी थी, साथ ही मुंह खोलने पर अंजाम भुगतने की बात कही थी.  मालूम हो कि मेरठ की इस पीड़िता को लव जिहाद के जाल में फंसाकर उसका जबरन धर्मांतरण करा दिया था. इसको लेकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद इंस्पेक्टर सिद्दीकी की मामले में एंट्री हुई. सिद्दीकी पर जांच में लापरवाही और पीड़ित पक्ष को धमकाने का आरोप लगा.  आरोपों के मुताबिक, इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने पीड़िता को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न सिर्फ धमकाया बल्कि चुप रहने की चेतावनी भी दी. फिलहाल, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है. इस एक्शन से महकमे में हड़कंप मच गया. हालांकि, पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं कि छांगुर को कई स्तर पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से मदद मिलती रही है.  ये है मामला  जानकारी के मुताबिक, 2019 में मेरठ के सिविल लाइन थाना प्रभारी रहते हुए अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने एक लड़की के अपहरण मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया. उल्टे पीड़ित पक्ष को ही धमका कर भगा दिया. लड़की के परिजनों ने छांगुर गैंग के सदस्य बदर अख्तर सिद्दीकी पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था. वर्तमान में छांगुर एटीएस की गिरफ्त में है. छांगुर से पृछताछ के बाद हुई जांच में अब्दुल रहमान की 6 साल पहले की गई लापरवाही उजागर हई है.  

निवेश प्रस्तावों की पड़ताल: 14 जिलों में जांच के दौरान 40% दिक्कतें सुलझाईं: CM योगी

लखनऊ  वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मैदान में उतार दी गई है। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद के निर्देश पर टीमों ने 14 जिलों का औचक निरीक्षण कर एमओयू में आने वाली दिक्कतों को समझा। इसके लिए जिलों में प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं को 24 मानकों की कसौटी पर कसा गया। इस कवायद की खास बात ये रही कि 40 फीसदी से ज्यादा दिक्कतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। नवंबर में भूमि पूजन समारोह का पांचवां संस्करण प्रस्तावित है। इसके लिए दस लाख करोड़ रुपये की तैयार परियोजनाओं का लक्ष्य रखा गया है। जनवरी-फरवरी में वैश्विक निवेशक सम्मेलन होना है। दोनों बड़े आयोजनों की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी के रूप में इन्वेस्ट यूपी की है। इसे देखते हुए इन्वेस्ट यूपी तैयारी चुस्त-दुरुस्त करने में जुटा है। इसी कड़ी में अधिकारियों की टीम बनाकर 14 जिलों का औचक निरीक्षण कराया गया। इन 24 बिंदुओं पर परखा जिलों का प्रदर्शन उद्यमी मित्रों और जिला उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधकों ने एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए किस तरह से विश्लेषण किया। निवेशकों के साथ कितनी बैठकें कीं। निवेशकों के मुद्दों पर क्या किया। ऑफिस का वातावरण कैसा है। निवेशक ऑफिस में खुद को कितना सहज महसूस करता है। बैठने की व्यवस्थाएं क्या हैं। इन्वेस्ट यूपी की तैयारियों को कैसे पेश कर रहे हैं। कुल कितने लोगों ने निवेश को लेकर रुचि जाहिर की है। कितने एमओयू हुए हैं। कितने एमओयू भूमि पूजन समारोह-4.0 और कितने निवेश समारोह-5.0 के लिए हुए। कितने निवेशक पीछे लौट गए। कितनी इकाइयों का निर्माण और कितने में उत्पादन शुरू हो गया। औद्योगिक भूखंडों की स्थिति। ग्राम सभा की जमीनों की उपलब्धता, बीमार इकाइयों की संख्या और निवेश मित्र से जुड़े मुद्दे आदि। उद्योग बंधु की बैठकों का मांगा तीन महीने का रिकॉर्ड सीईओ विजय किरण आनंद ने उद्योग बंधु की बैठक में उठने वाले मुद्दों को प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी 75 जिलों से पिछले तीन महीने का उद्योग बंधु की बैठकों का रिकॉर्ड मांगा गया है। इसमें निवेशकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्यवाही का ब्योरा भी तलब किया गया है। उन्होंने उद्यमी एसोसिएशन के फीडबैक को गंभीरता से लेेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नए निवेश प्रस्तावों को ब्योरा अलग से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

दरवाजे पर खड़े बुजुर्ग को रौंदा कांवड़ियों के वाहन ने, श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले सकरा थाना क्षेत्र में कांवड़ियों के अनियंत्रित वाहन ने एक बुजुर्ग की जान ले ली और खुद भी पलट गया। हादसे में वाहन सवार कई कांवड़िए घायल हो गए। मृतक की पहचान सहदेव राय 80 वर्ष के रूप हुई है। बताया जा रहा है कि देवघर बाबा बैद्यनाथ से जलाभिषेक कर लौट रही कांवड़ियों की एक गाड़ी अचानक बेकाबू हो गई और सड़क से थोड़ी दूर एक घर के पास में खड़े बुजुर्ग को रौंदते हुए पलट गई। हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार छह कांवड़ियों को चोट आई है, जिसमें दो गंभीर बताया जा रहा है। इस घटना के बाद मौके पर बनी अफरातफरी की स्थिति मामले की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची सकरा थाना की पुलिस मामले की जांच और करवाई में जुटी हुई है। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क को जाम कर दिया। मामला जिले के सकरा थाना क्षेत्र के एनएच 28 मुसहरी के पास की है। इस घटना के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने दुर्घटना में घायल कांवड़ियों को किसी तरह बाहर निकाला। घायल हुए कांवड़िए पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं इस घटना के बाद नाराज होकर ग्रामीण ने सड़क मार्ग को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान में कांवड़ियों को लेकर आ रहे घायल चालक से भी नोक झोंक हुई। पूरे मामले में सकरा थाना प्रभारी राजू कुमार पाल ने बताया कि एक वाहन अनियंत्रित होकर के घर के पास में खड़े बुजुर्ग को रौंद दिया था। उनकी मौत मौके पर ही हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। वाहन में कांवड़िए सवार थे। सभी घायल हुए और प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जाने की कवायद की जा रही है।

STF ने किया बड़ा खुलासा: गाजियाबाद में चल रहा था नकली दूतावास, एक आरोपी दबोचा

नोएडा  उत्तर प्रदेश की नोएडा एसटीएफ (STF) ने 22 जुलाई को गाजियाबाद में एक फर्जी दूतावास का पर्दाफाश किया। पुलिस ने हर्ष वर्धन जैन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हर्ष वर्धन पर आरोप है कि वह खुद को कई देशों का एम्बेसडर बताकर लोगों को ठग रहा था। वह हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन भी करता था। पुलिस के अनुसार, हर्ष वर्धन कविनगर में किराए के मकान में "वेस्ट आर्कटिक दूतावास" चला रहा था। वह खुद को West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia जैसे देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था। लोगों को झांसा देने के लिए वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ अपनी फोटोशॉप की हुई तस्वीरें दिखाता था। पुलिस का कहना है कि हर्ष वर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच में पता चला है कि हर्ष वर्धन पहले चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी (अंतर्राष्ट्रीय हथियार डीलर) के संपर्क में भी था। 2011 में उसके पास से एक अवैध सैटेलाइट फोन भी बरामद हुआ था, जिसके लिए कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इतने दस्तावेज बरामद पुलिस ने हर्ष वर्धन के पास से कई चीजें बरामद की हैं। इनमें डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज, दो फर्जी पैनकार्ड, विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मोहरें, 2 फर्जी प्रेस कार्ड, 44,70000 रुपए नकद और कई देशों की विदेशी मुद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, कई कंपनियों के दस्तावेज और 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। जांच जारी पुलिस ने कविनगर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, उक्त के संबंध में थाना कविनगर गाजियाबाद में अभियोग पंजीकृत कराकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसका मतलब है कि इस मामले में कविनगर थाने में FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ (STF) अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हर्ष वर्धन के इस गोरखधंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है और हवाला के जरिए कितने पैसे का लेन-देन किया है।

बहराइच के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को ध्वस्त करने की स्वीकृति, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट योजना की जमीन मिली

लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में उप्र राज्य जिला न्यायालय सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2025 के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। अब जिला न्यायालय के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति मिलने पर फिर से परिवीक्षा अवधि पर रहने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब तक जिला न्यायालय के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति मिलने के बाद भी परिवीक्षा पर रहने का नियम था। अन्य सरकारी विभागों में कर्मचारी को सेवा आरंभ करने पर केवल एक बार परिवीक्षा अवधि पर रहना होता है। इसके साथ ही दिव्यांगता के आधार पर किसी कर्मचारी को सेवा से हटाया व स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। नियमावली में संसोधान के माध्यम से अन्य सेवाओं में पहले से लागू इस व्यवस्था को जिला न्यायालय के कर्मचारियों के लिए भी लागू कर दिया गया है। कैबिनेट ने मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उपयोग के लिए बोलेरो खरीदे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है। अयोध्या में आइबी का कार्यालय, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट योजना की जमीन मिली अयोध्या में सुरक्षा प्रबंधों को लगातार पुख्ता किया जा रहा है। एनएसजी हब की स्थापना के साथ ही अयोध्या में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) का कार्यालय भी होगा। कैबिनेट ने अयोध्या में आइबी के ओसीआर काम्प्लेक्स (कार्यालय व आवासीय परिसर) के निर्माण के लिए एक हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा अयोध्या में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मंडल इकाई/पुलिस थाना एंटी करप्शन की स्थापना के लिए मुगलपुरा, सदर तहसील क्षेत्र में कुल 4067.87 वर्गमीटर भूमि गृह विभाग को आवंटित किए जाने का प्रस्ताव मंजूर किया। नगर निगम अयोध्या में सरयू नदी जलापूर्ति श्रोत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट फेज-वन योजना के तहत चिन्हित नजूल भूमि को नगर विकास विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने लखनऊ के गणेशगंज फायर स्टेशन के लिए 3404.11 वर्ग मीटर नजूल भूमि का नामांतरण/हस्तांतरण गृह विभाग के पक्ष में किए जाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया। बहराइच के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को ध्वस्त करने की स्वीकृति कैबिनेट बैठक में बहराइच के निष्प्रयोज्य एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के ध्वस्तीकरण की अनुमति दे दी। सेंटर के पुराने जर्जर चार भवन काफी समय से इस्तेमाल में नहीं थे. इन पुराने भवनों दो तोड़ कर नया एएनएम ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। — हमीरपुर में बनेगा आशा ज्योति केंद्र हमीरपुर में आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र-वन स्टाप सेंटर की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने  इस केंद्र के लिए महिला कल्याण विभाग को निश्शुल्क भूमि आवंटन-हस्तांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र पर महिलाओं को विभिन्न विषयों पर परामर्श, चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।  

बम धमकी से मेरठ में सनसनी, 10 स्कूलों को बनाया गया निशाना

  मेरठ,  उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार सुबह कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ईमेल के माध्यम से स्कूलों को धमकी भेजी गई है। दावा किया गया है कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मेरठ के 10 स्कूलों को बुधवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल आया था, जिनमें सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल और मेरठ पब्लिक स्कूल सहित 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। साथ ही उन्होंने स्कूल को ‘खूनी मंजर’ में बदलने की धमकी दी। मेरठ स्कूल फेडरेशन के सचिव अनुज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक धमकी भरा ईमेल आया था। इसके बाद हमने पुलिस को धमकी की जानकारी दी और उन्होंने मौके पर जांच की। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद हमने राहत की सांस ली। मुझे लगता है कि ये शरारती तत्वों का काम है। उन्होंने कहा, “कुछ स्कूलों के पास बुधवार सुबह ईमेल आया था, लेकिन अभी कांवड़ यात्रा की वजह से स्कूल बंद हैं।” इससे पहले, बुधवार सुबह आगरा के भी दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी भरा ईमेल अंग्रेजी में था, जिसमें दावा किया गया कि कुछ ही देर में स्कूलों में विस्फोट कर दिया जाएगा। इस खबर से स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में दहशत फैल गई। स्कूलों ने तुरंत छुट्टी घोषित कर बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया। दोनों स्कूलों के प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन उन्हें स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इससे पहले ताजमहल, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन जांच में ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली। फिलहाल प्रशासन द्वारा स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजने वाले सोर्स के बारे में पता लगाया जा रहा है।  

ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान: अवैध धर्मांतरण को लेकर सरकार सख्त

लखनऊ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्ट ने अवैध धर्मांतरण, चुनाव आयोग और क्यूआर कोड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा है। साथ ही कहा कि बीजेपी कानून सम्मत कार्यवाही करती है तुष्टिकरण करने वालों को इससे दिक्कत होती है। योगी सरकार सभी को साथ लेकर चलती है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार लगातार अवैध धर्मांतरण पर कार्रवाई कर रही है। ऐसे कृत्य बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। धर्मांतरण के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर संदेश दिया गया है। योगी सरकार सभी को साथ लेकर चलती है। पूर्वी पाकिस्तान से जो लोग विस्थापित होकर आए थे। उनको सरकार उनका भू स्वामित्व दे रही है। यह दूसरी सरकारों ने नहीं किया। कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मै स्वागत करता हूं। सभी होटल ढाबा रेस्टोरेंट संचालकों नेम प्लेट व क्यूअर कोड लगाना चाहिए। घुसपैठिया मतदाताओं का नाम हट रहा वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है। घुसपैठिया मतदाताओं का नाम हट रहा है जो विरोध कर रहे हैं वह घुसपैठियों का स्वागत करने वाले लोग है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत है। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले को सही ठहराया। सपा का नारा है जो जमीन सरकारी है वह हमारी है। केशव प्रसाद ने अखिलेश पर बोला हमला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को देश की सर्वोच्च अदालत की टिप्पणी पर बताना चाहिए कि जहां पर भी कोई माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है उन पर कार्यवाही होगी। समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों को कावड़ियों के रूप में भेज कर माहौल खराब करती है। बीजेपी कानून सम्मत कार्यवाही करती है तुष्टिकरण करने वालों को इससे दिक्कत होती है।

दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी चर्चाएं, क्या यूपी कैबिनेट में होगा बदलाव?

लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा इस वक़्त सत्ता में है। जबकि सन्गठन और सरकार के प्रमुख लोग इस समय दिल्ली की खूब यात्रा कर रहे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी सबने दिल्ली के दौरे पर जा चुके है। लेकिन आज यूपी भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली के लिए रवाना हुए है। जिसके बाद यूपी बीजेपी और मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत मिलने लगे है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष दिल्ली में ही रहेंगे साथ ही यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रक्रिया तेज होने की भी संभावना है। सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी दिल्ली के दौरे कर चुके है और अपनी स्थिति की जानकारी केंद्र सन्गठन के साथ साझा कर चुके है। भाजपा उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी अभी दिल्ली में ही रहेंगे। इसके साथ ही सूत्र बताते है कि यूपी बीजेपी संगठन में बदलाव के साथ ही मंत्रिमंडल में भी विस्तार किया जा सकता है। आपको बता दें कि,यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में 6 मंत्रियों के पद रिक्त है। जिसको की पंचायत चुनाव से पहले भरने की उम्मीद की जा रही है।

नारी सम्मान पर सवाल? IG ने DIG का विवादित निर्देश किया निरस्त

गोरखपुर  यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2023 में चयनित महिला सिपाहियों की ट्रेनिंग इन दिनों पीटीएस में चल रही है। डीआईजी ने सभी महिला प्रशिक्षु के गर्भधारण जांच कराने का फरमान जारी किया था। जिसमें अविवाहित महिला प्रशिक्षु भी शामिल थी। यह आदेश जैसे ही सामने आया विवाद खड़ा हो गया। इस आदेश कहा गया था कि यदि कोई आरक्षी गर्भवती है तो उससे शपथ पत्र लेकर अगले बैच में भेजा जाए। विवाद के बाद आदेश निरस्त सीएमओ को पत्र भेजकर पीटीएस के डीआईजी ने महिला रिक्रूट्स की प्रेग्नेंसी जांच कराने के लिए कह दिया था। यह मामला जैसे ही पुलिस मुख्यालय पहुंचा तो आनन-फानन में इस पत्र निरस्त करने स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिसमें कहा गया है कि जांच अनिवार्य नहीं है। गोरखपुर में महिला सिपाहियों के लिए पुलिस लाइन, पीएसी और पीटीएस में आरटीसी बनाई गई है। बता दें कि प्रशिक्षण को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया था कि अगर कोई महिला रिक्रूट गर्भवती है तो उससे शपथ पत्र लेकर उसका प्रशिक्षण अगले बैच में कराया जाए। असल में डीआईजी रोहन पी ने गर्भवती महिला प्रशिक्षु को ट्रेनिंग से अलग करने की सरकारी नीति के तहत सभी 513 महिला प्रशिक्षुओं के गर्भधारण जांच का आदेश दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी चंद्र प्रकाश ने तुरंत कार्रवाई की और आदेश निरस्त कर दिया।

26 जुलाई से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू, जानें यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

गोरखपुर  गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल प्लाजा का संचालन शुरू हो जाएगा। उसके बाद एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों का फास्टैग या नगद टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। फिलहाल टोल बूथों पर सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा है। बस्ती में भदेश्वर नाथ महादेव की कांवड़ यात्रा के लिए तेनुआ टोल प्लाजा से वाहनों का डायवर्जन किया गया है। इस कारण गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इसी दौरान टोल बूथों का ट्रायल किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर करीब 91 किमी दूरी पर 9 टोल बूथ बनाए गए हैं, जिसे सॉफ्टवेयर से आपस में कनेक्ट किया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर 60 किमी या इससे अधिक दूरी पर टोल बूथ पर टोल टैक्स दिया जाता है, जबकि एक्सप्रेसवे पर कम दूरी पर टोल बूथ बनाए गए हैं। इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने पर वाहनों को पर्ची दी जाएगी, जबकि नीचे उतरने पर टोल टैक्स जमा होगा। यह सुविधा मिलेगी कि फास्टैग नहीं होने पर भी उतना ही टोल टैक्स जमा होगा, जितना फास्टैग में जमा करने का नियम है। एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो एवं ट्रैक्टर का भी टोल टैक्स जमा करना होगा। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर स्थानीय बाइक वालों की संख्या अधिक है, उन्हें तीन दिन बाद टोल टैक्स जमा करना होगा। क्या बोले अधिकारी यूपीडा के अधिशासी अभियंता पीपी वर्मा ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू होगी। ट्रायल में जहां कमियां मिल रही हैं, वहां सुधार किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की टीम सिस्टम सही करने में जुटी है। अतिक्रमण का ब्योरा अब पोर्टल पर वहीं, गोरखपुर में नगर निगम ने ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण को लेकर पोर्टल बनाया है। अब अतिक्रमणकारियों को नोटिस या ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं मिलने की शिकायत नहीं होगी। निगम ने अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर लगने वाले आरोपों को देखते हुए यह कवायद की है। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि निगम की वेबसाइट में जाकर डिमोलिशन का लिंक आएगा। इस पर क्लिक कर सीधे आदेश देखें जा सकते हैं। अपर नगर आयुक्त ने कहा कि निगम अब अतिक्रमणकारी को ऑनलाइन और ऑफलाइन नोटिस देगा।