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UP में ट्रैफिक चालानों की भरमार, नहीं चुकाया जुर्माना तो 60 हजार लाइसेंस होंगे रद्द

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर अब सख्ती होगी। ट्रैफिक विभाग ने 5000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जुर्माने वसूलने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जो लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किए जाएंगे। जिन गाड़ियों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी रद्द किए जा सकते हैं, ताकि वे सड़कों पर ना चल सकें। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग ने 3 लाख गाड़ियों और 58,893 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी है। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 1,006 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,964 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड किए जा चुके हैं। बरेली ज़ोन में सबसे ज़्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पाए गए हैं। यहाँ 21,000 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 5,833 DL रद्द करने के लिए भेजे गए हैं और 130 RC को चिह्नित किया गया है। मेरठ ज़ोन में 1323 लोगों ने नियम तोड़े, जिनमें से 260 DL सस्पेंड कर दिए गए हैं। आगरा ज़ोन में 1585 DL सस्पेंड करने की सिफ़ारिश की गई है और 30,000 से ज़्यादा गाड़ियों के RC रद्द करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। लखनऊ ज़ोन में 4351 गाड़ियों और 1820 DL पर कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गई है। इन इलाक़ों में नियमों का पालन कराने और मौतों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) के. सत्यनारायण ने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये का चालान बकाया है। यह इसलिए है क्योंकि गाड़ी मालिक और ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके RC ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएँगे, जिससे उनकी गाड़ियाँ अवैध हो जाएँगी। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं ताकि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर रोक लगाई जा सके।" इस महीने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक लिस्ट दी गई है, जिसमें 3,01,410 गाड़ियाँ और 58,893 लाइसेंस धारक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग चालान इसलिए नहीं भरते क्योंकि उन्हें लगता है कि अदालतें जुर्माने की रकम कम कर देंगी। 2021 में, कुल 67 लाख गाड़ियों का चालान किया गया था, जिससे 867 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। 2024 तक, चालानों की संख्या बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली सिर्फ़ 105 करोड़ रुपये ही हुई। इससे पता चलता है कि कितने ज़्यादा जुर्माने बकाया हैं। ट्रैफिक विभाग ने 20 ऐसे ज़िलों की भी पहचान की है, जहाँ ट्रैफिक नियमों का सबसे ज़्यादा उल्लंघन होता है और सड़क हादसे होते हैं। लखनऊ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में यहाँ 1630 सड़क हादसे हुए, जिनमें 576 लोगों की मौत हो गई और 1165 लोग घायल हो गए। ज़्यादा हादसे वाले अन्य ज़िलों में कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली, नोएडा, हरदोई, बुलंदशहर, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, मेरठ, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, लखीमपुर खीरी और कुशीनगर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक अभियान चल रहा है, जिसमें न सिर्फ़ बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अभियान उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका मक़सद है कि लोग लापरवाही से गाड़ी न चलाएँ, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर जुर्माने की वसूली हो।  

यूपी स्कूल मर्जर विवाद: एकल पीठ के फैसले को दी चुनौती, आज डबल बेंच में होगी सुनवाई

लखनऊ प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ के फैसले को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दो न्यायाधीशों की खंडपीठ में विशेष अपीलें दाखिल कर चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष आज विशेष अपीलें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। अपीकर्ताओं के अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने बताया कि पहली विशेष अपील 5 बच्चों ने, और दूसरी 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिए दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को रद्द करने का आग्रह किया गया है। इसके बाद मामले में दाखिल एक जनहित याचिका को भी खंडपीठ ने बीती 10 जुलाई को खारिज कर दिया था। एकल पीठ खारिज कर चुकी है याचिका बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली थी। एकल पीठ ने प्रथामिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती  देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया है। याचियों ने इसे मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला कहा था। साथ ही मर्जर से छोटे बच्चों के स्कूल दूर हो जाने की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया था। याचियों की ओर से खास तौर पर दलील दी गई थी कि स्कूलों को विलय करने का सरकार का आदेश, 6 से 14 साल के बच्चों के मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन करने वाला है। सरकार स्पष्ट कर चुकी है अपना रुख राज्य सरकार की ओर से याचिकाओं के विरोध में प्रमुख दलील दी गई कि विलय की कारवाई, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए बच्चों के हित में की जा रही है। सरकार ने ऐसे 18 प्रथामिक स्कूलों का हवाला दिया था जिनमें एक भी विद्यार्थी नहीं है। कहा कि ऐसे स्कूलों का पास के स्कूलों में विलय करके शिक्षकों और अन्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जाएगा। कहा था कि सरकार ने पूरी तरह शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिहाज से ऐसे स्कूलों के विलय का निर्णय लिया है।  

युवाओं के लिए खुशखबरी! योगी सरकार की नई योजना से बड़ी कंपनियों में मिलेगा रोजगार

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने रोजगार के लिए एक नया प्लान बनाया है. जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत योगी सरकार ने एक ऐसी योजना का खाका तैयार किया है जो न सिर्फ ट्रेनिंग देगी, बल्कि कई बड़ी नामी कंपनियों में सीधे नौकरियों से जोड़ेगी.  इस अभियान की शुरुआत के पहले चरण में 300 गरीब परिवारों के मुखियाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर की जाएगी. जिससे उन्हें 18,400 रुपए प्रति महीने सैलरी  वाली नौकरियों से जोड़ा जा सकेगा. खास बात यह है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन लोगों को नौकरी के लिए परेशान नहीं होना होगा. एक न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक कंपनियां खुद इन लोगों तक पहुंचेंगी. राज्य सरकार उन्हें सीधे टॉप कंपनियों में प्लेस कराएगी. इनमें होटल ताज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एल एंड टी लिमिटेड, अडानी ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह देश में पहली बार है जब कोई सरकार प्रत्यक्ष रूप से गरीबों को कॉर्पोरेट सेक्टर से जोड़ने जा रही है. अब काबिलियत होगी पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि गरीबों को सिर्फ राहत की जरूरत नहीं, बल्कि अवसरों की जरूरत है. उन्हें अगर अवसर मिलें तो कोई भी परिवार आत्मनिर्भर बन सकता है. सरकार की सोच है कि दया नहीं, अवसर दें.  ताकि कमजोर वर्ग खुद पर गर्व कर सके. कौशल विकास विभाग के जिम्मे होगी ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को इस अभियान की कमान सौंपी गई है. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार, पहले चरण में 300 परिवारों को चिन्हित कर लिया गया है. इसके बाद अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा. इसके लिए एक हज़ार से अधिक ट्रेनिंग पार्टनर प्रदेश भर में चयनित किए जा रहे हैं जो व्यावसायिक प्रशिक्षण की प्रक्रिया में भाग लेंगे. नौकरी के लिए हर पहलू पर तैयारी यह योजना पारंपरिक प्रशिक्षण से एकदम अलग होगी. यहां केवल तकनीकी जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा. 360 डिग्री मॉडल के तहत जिन क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा उनमें हॉस्पिटैलिटी, बुनियादी अंग्रेजी व संवाद कौशल, कस्टमर डीलिंग, कार्यालय और शौचालय की सफाई, गेस्ट अटेंडेंट, हाउसकीपिंग के काम है. ट्रेनिंग इस तरह तैयार की गई है कि सभी प्राइवेट सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप ढल सकें और उन्हें काम मिलने में कोई बाधा न हो. 18,400 मासिक वेतन की न्यूनतम गारंटी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चयनित और प्रशिक्षित परिवार प्रमुख को कम से कम ₹18,400 मासिक वेतन मिलेगा. यह राशि उन्हें सिर्फ नौकरी देने के नाम पर नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन देने की नीयत से तय की गई है. उद्योग जगत ने बढ़ाया हाथ अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को न केवल देशभर के बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय जगत का भी समर्थन मिला है. अब तक 40 से अधिक बड़ी कंपनियों ने इन प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी देने की इच्छा जताई है.  मुख्य सचिव ने स्पष्ट करते हुए कहा, हम लोगों को हक़ दे रहे हैं काम करने का, आत्मनिर्भर बनने का. यह योजना किसी भी दृष्टि से दया या रियायत नहीं है, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन की दिशा में उठाया गया व्यावहारिक कदम है. विकास का हिस्सा बनेगा हर नागरिक मुख्य सचिव  ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा कहते हैं  कि जब तक समाज का सबसे पिछड़ा व्यक्ति आगे नहीं बढ़ता, विकास अधूरा रहता है. इस योजना में भी वही दर्शन झलकता है. यह नारा अब नीतियों में तब्दील हो चुका है.

जाकिर नाईक बना अवैध धर्मांतरण का ‘आका’, जांच में SIMI और PFI की भूमिका भी उजाग

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद अब भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले में विदेशी फंडिंग के अहम सुराग मिले हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), तुर्की, दुबई, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम (UK) और अन्य इस्लामिक देशों से धनराशि आने की बात सामने आई है. जांच में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) जैसे प्रतिबंधित संगठनों की भूमिका भी सामने आ रही है. जांच एजेंसियों के अनुसार, बलरामपुर जिले में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के नेतृत्व में एक संगठित गिरोह अवैध धर्मांतरण का जाल चला रहा था. छांगुर बाबा को उत्तर प्रदेश पुलिस की ATS ने हाल ही में गिरफ्तार किया था. जांच में पता चला कि इस नेटवर्क का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा के जिलों, विशेष रूप से बलरामपुर, को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराना था. इस रैकेट में महिलाओं और नाबालिगों को विशेष रूप से टारगेट किया गया, जिन्हें बहला-फुसलाकर या जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था. जाकिर नाईक और विदेशी फंडिंग का कनेक्शन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस अवैध धर्मांतरण रैकेट को विदेशों से भारी फंडिंग प्राप्त हो रही थी, जिसमें जाकिर नाईक और उनकी संस्था IRF की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. सूत्रों के अनुसार, UAE, तुर्की, कनाडा, अमेरिका, UK और अन्य इस्लामिक देशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग का मनी ट्रेल सामने आया है. ED ने छांगुर बाबा के पांच विदेशी बैंक खातों की पहचान की है, जो UAE में हैं, और इन खातों में संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है. इसके अलावा, आयकर विभाग ने फरवरी 2025 में अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में अवैध धर्मांतरण, मस्जिदों, मदरसों और मजारों के निर्माण के लिए विदेशी फंडिंग की आशंका जताई थी, जिसे गृह मंत्रालय को भी भेजा गया था. 2016 से फरार है जाकिर नाईक जाकिर नाईक, जो 2016 में भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों के बाद मलेशिया फरार हो गया था, लंबे समय से अवैध धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल है. उनकी संस्था IRF और पेस टीवी पर भारत, बांग्लादेश, कनाडा, श्रीलंका और UK में प्रतिबंध लगा हुआ है. ED की जांच में यह भी सामने आया है कि नाईक ने अपनी संस्था के जरिए 2003 से 2017 के बीच UAE, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और ओमान जैसे देशों से 64 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध फंडिंग प्राप्त की थी, जिसका उपयोग भारत में संपत्तियां खरीदने और कट्टरपंथी सामग्री प्रसारित करने में किया गया. सिमी और पीएफआई की भूमिका जांच में प्रतिबंधित संगठन सिमी और PFI की भूमिका भी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, छांगुर बाबा का नेटवर्क इन संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा था. PFI के कुछ नेताओं, जो पहले सिमी से जुड़े थे, ने मध्य पूर्व के देशों से फंडिंग जुटाने और भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ED ने PFI के नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में केरल और UAE में रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों के जरिए धन शोधन के सबूत भी पाए हैं. गृह मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई आयकर विभाग की रिपोर्ट में भारत-नेपाल सीमा के जिलों में अवैध धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए विदेशी फंडिंग का जिक्र किया गया था. इस रिपोर्ट के आधार पर ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही हैं. बलरामपुर में छांगुर बाबा के ठिकानों पर ED ने हाल ही में 14 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें मुंबई के बांद्रा और माहिम में भी कार्रवाई की गई. जांच में 2 करोड़ रुपये के एक संदिग्ध लेनदेन का पता चला, जो छांगुर के सहयोगी शहजाद शेख के खाते में ट्रांसफर किया गया था.

पाकिस्तान से आए हिंदुओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी में विस्थापित हिंदुओं को राहत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर यूपी के विभिन्न जिलों में बसे परिवारों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को वैधानिक रूप से भूमि स्वामित्व का अधिकार दिया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल जमीन के कागज देने की बात नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को स्वीकार कर उन्हें सम्मान लौटाने का समय है, जिन्होंने सीमाओं के उस पार से विस्थापित होकर भारत में शरण ली और पिछले कई दशकों से पुनर्वास की उम्मीद में दिन गिना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को संवेदनशीलता से देखा जाए और प्रभावित परिवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. कब और कैसे बसे ये परिवार विभाजन के बाद, खासकर 1960 से 1975 के बीच पूर्वी पाकिस्तान से हजारों हिंदू परिवार जबरन विस्थापित होकर भारत आए. इनमें से बड़ी संख्या को यूपी के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बिजनौर और रामपुर जनपदों में बसाया गया. प्रारंभिक दौर में इन्हें ट्रांजिट कैंपों के जरिए अस्थायी ठिकानों पर रखा गया और फिर विभिन्न गांवों में जमीन आवंटित की गई. लेकिन वर्षों बाद भी इनमें से अधिकतर परिवार विधिसम्मत भूस्वामी नहीं बन सके. क्या आ रही थी दिक्क्तें  – इन लोगों को जमीनें तो दी गईं, मगर कागज अधूरे रहे. – कई मामलों में जमीन वन विभाग के नाम दर्ज रही. – नामांतरण की प्रक्रिया लंबित पड़ी रही. – कुछ लोगों के पास कब्जा है लेकिन वैध दस्तावेज नहीं, वहीं कुछ गांवों में ऐसे परिवार अब मौजूद ही नहीं हैं जिनके नाम पर जमीन थी. – कुछ परिवारों ने कानूनी प्रक्रिया के बगैर कब्जा कर लिया, जिससे विवाद की स्थिति बनी. अधिकारियों ने बताया कि इन सभी परिस्थितियों के चलते हजारों परिवार आज भी उस ज़मीन पर सिर्फ खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि यह विषय कानूनी या प्रशासनिक समस्या मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी और मानवीय दायित्व है. उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भूमि पूर्व में Government Grant Act के तहत दी गई थी, वहां मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुसार विकल्प तैयार किए जाएं, क्योंकि यह कानून 2018 में निरस्त हो चुका है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि इस पूरे मसले को केवल पुनर्वास योजना के रूप में न देखें, बल्कि यह सामाजिक न्याय, मानवता और राष्ट्रधर्म का विषय है.

अडल्ट लड़कियों को निशाना बना धर्मांतरण की साजिश, आगरा गैंग की करतूतें उजागर

आगरा जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा गैंग के बाद आगरा में भी अवैध धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस गैंग के दस लोगों को अरेस्‍ट कर पूछताछ किया। इसमें कई नई बातें पता चली हैं। गैंग के सदस्‍यों ने धर्मांतरण के लिए एक कोड वर्ड रिवर्ट बना रखा था। इसका अर्थ घर वापसी बताया गया है। गिरोह लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद उनको सोशल मीडिया पर 'रिवर्ट' के तौर पर दिखाते थे। पुलिस और एटीएस की पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं, जिनमें गिरोह के तौर-तरीकों और पीड़ितों को फंसाने के जाल का पता चला है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह केवल अडल्‍ट युवतियों को फंसाता था ताकि उन्हें ले जाने में कोई अड़चन न आए। वह कोर्ट में भी खुद को बालिग दर्शा सकती हैं। गिरोह में शामिल छह हिंदू आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के बाद अपने नाम भी बदल लिए। एसबी कृष्णा ने आयशा, रूपेंद्र बघेल ने अबु रहमान, मनोज ने मुस्तफा, शेखर रॉय ने अली हसन और पियूष सिंह पंवार ने मोहम्मद अली नाम रखा है। ये गिरोह लोगों को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था। धर्मांतरण होने के बाद खुद को सोशल मीडिया पर रिवर्ट दिखाते थे। रिवर्ट नाम से कई लोगों की आईडी है। लड़कियों का वापस घर लौटना हो जाता था मुश्किल पुलिस पूछताछ में पता चला कि धर्मांतरण कराने के बाद लड़कियों का वापस घर जा पाना मुश्किल हो जाता था। जिन लोगों का धर्मांतरण कराया जाता है, उनके बारे में पहले न्‍यूजपेपर में विज्ञापन दिया जाता है। इसके बाद कोर्ट में अर्जी लगाकर कागजात तैयार करा लिए जाते हैं। एक बार कागजात बनने और निकाह होने के बाद लड़कियों का वापस घर जा पाना मुश्किल हो जाता है। दस आरोपियों में छह हिंदू, सबने बदल लिए नाम पुलिस ने दस लोगों को पकड़ा है। उन्हें दस दिन की रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों में से छह हिंदू हैं। गिरोह ने इन लोगों को भी जाल में फंसाया था। कोलकाता में वोटर आईडी और आधार कार्ड बनाए जाने के बाद वोट डालने का भी अधिकार मिल जाता था। गिरोह कोलकाता को धर्मांतरण में आने वालों के लिए सेफ जोन बताता था। मेरा बेटा निर्दोष, वह मजदूरी करता है: अबू तालिब की मां आपको बता दें कि डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगरा के धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया था।गिरफ्तार आरोपियों में अबू तालिब भी शामिल है। तालिब के परिवार ने आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया है कि वह निर्दोष है और उसका धर्मांतरण नेटवर्क से कोई संबंध नहीं है। मां जायदा ने कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है। वह दर्जी का काम करता है और मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता है। हम किराए के मकान में रहते हैं। उसके दो भाई और एक बहन हैं, तालिब सबसे छोटा है। उसका बड़ा भाई अलग काम करता है, मिठाइयां बनाता है। 'पुलिसवालों ने हमारा सुकून छीन लिया' मां ने कहा कि पुलिसकर्मी हमारे घर में जबरन घुसकर तालिब को ले गए। उन्होंने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वह अपनी बहन को अस्पताल छोड़ने वाला था, जहां वह काम करती है। वह अभी ठीक से बाहर भी नहीं निकला था कि पुलिस उसे उठा ले गई। पहले पुलिस ने कहा था कि उन्हें सिर्फ कुछ जानकारी चाहिए। जायदा ने रोते हुए कहा कि कुछ पुलिसवाले वर्दी में थे, जबकि कुछ सादे कपड़ों में। उन्होंने हमारा सुकून छीन लिया। तालिब अपनी बहन की शादी की तैयारियों में व्यस्त था। अब सब बर्बाद हो गया।  

CM योगी की चेतावनी: कांवड़ यात्रा में गड़बड़ी करने वालों की तस्वीरें होंगी सार्वजनिक

मेरठ:  कांवड़ यात्रा में तोड़फोड़ और उपद्रव करने वालों के योगी सरकार पोस्टर चस्पा करने जा रही है और कांवड़ यात्रा सम्पन्न होने के बाद उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा। ये बातें खुद सीएम योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में कही। सीएम योगी इन घटनाओं को लेकर बेहद तल्ख तेवरों में नजर आए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कांवड़ यात्रा को बदनाम करने का प्रयास किया है उन सबके सीसीटीवी फुटेज हैं। जो भी उपद्रवियों के भेष में छिपे हैं, वे बेनकाब होंगे।  धार्मिक यात्रा को बदनाम करने वालों पर होगा एक्शन सीएम योगी ने आगाह भी किया कि कांवड़ यात्रा में जहां उत्साह और उमंग है, श्रद्धा और भक्ति है, वहीं इस उत्साह और श्रद्धा को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। सोशल मीडिया के साथ अन्य माध्यमों से इस धार्मिक यात्रा को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।  उपद्रवियों को अपने बीच नहीं घुसने दें उन्होंने अपील की है कि ऐसे लोगों को अपने बीच में ना घुसने दें। कांवड़ को खंडित करने और श्रद्धा से जो खिलवाड़ करता है उनके बारे में प्रशासन को सूचना दें। ऐसे लोगों के खिलाफ खुद कानून हाथ में ना लें बल्कि शासन-पुलिस को इसकी सूचना दें। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा के दौरान जहां कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, वहीं लोगों को उनकी जिम्मेदारी का भी अहसास कराया। सीएम योगी ने कहा कि शिव लोकमंगल के देवता हैं। वो आदिदेव महादेव हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने तो बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हमें दूसरों की परेशानी भी समझनी होगी।  लोगों से साफ-सफाई की अपील सीएम योगी ने कहा कि साफ सफाई को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी तो अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन हमें भी अपना दायित्व समझना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि चौराहों और उनके पास गंदगी ना फैलाएं। सीएम योगी ने शिव भक्तों से भी अपील की है कि वे स्वच्छता के कार्यक्रम से जुड़ें।

मथुरा सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन से टकराई कार, 6 की मौके पर मौत

मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां, अज्ञात वाहन ने एक कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और 6 लोगों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही थी कार यह पूरा मामला जिले के यमुना एक्सप्रेसवे माइलस्टोन संख्या 140 का है। जहां, दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही एक कार को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आस -पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि घायलों को इलाज के अस्पताल रेफर किया गया है। जहां, उनका इलाज जारी है।

सावन माह के दूसरे सोमवार को छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी

वाराणसी सावन के दूसरे सोमवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर समेत तमाम शिव मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े हैं. इसके साथ ही भोले बाबा को जल चढ़ाने के लिए कांवड़ियों का जत्था भी पहुंच गया है. रविवार रात से ही कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के बाहर दर्शन और जल अर्पण करने के लिए कांवड़ियों की लाइन लग गई. सोमवार सुबह से ही भोले के गीत गाते श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़ते रहे. इसी क्रम में आगरा देवाधिदेव महादेव की भक्ति में डूब गया है. आगरा में रविवार शाम चार बजे से शिव भक्त अपने अपने क्षेत्र से परिक्रमा को निकले तो शहर में बम बम भोले के जयकारे गूंजने लगे. माथे पर बाबा के नाम का चंदन, मुंह पर हर-हर महादेव के नारे संग नंगे पैर ही शिव भक्त नाचते और गाते आगे बढ़े. देर रात से महादेव मंदिर में शिव भक्त जलाभिषेक कर रहे हैं. सुबह बल्केश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक के बाद परिक्रमा पूरी होगी. रविवार देर शाम बल्केश्वर महादेव मंदिर का उद्घाटन हो गया है. बता दें कि आगरा के चारों कोने पर प्राचीन शिव मंदिर हैं. जिनमें पूर्व में बल्केश्वर महादेव मंदिर, पश्चिम में पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, उत्तर में कैलाश महादेव मंदिर और दक्षिण में राजेश्वर महादेव मंदिर स्थित हैं. शहर के बीच में बाबा मनकामेश्वर महादेव विराजमान हैं. जिससे शहर में ऊं नम शिवाय और बम-बम के जयघोष गूंज रहे हैं. सावन के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर मेला की पूर्व संध्या पर आगरा में लाखों श्रद्धालु 42 किमी की नगर परिक्रमा कर रहे हैं. लाखों श्रद्धालु नंगे पैर रातभर शहर के चारों कोनों पर स्थित महादेव मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे. परिक्रमा के मार्ग में जगह-जगह पर भंडारे लगते हैं.  प्रयागराज के सोमेश्वर महादेव में उमड़ी भक्तों की भीड़  पवित्र महीने सावन के दूसरे सोमवार सोमेश्वर महादेव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर में जुटने लगे थे. मान्यता है कि यहां दर्शन-पूजन, जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है. इस मंदिर का पुराणों में भी उल्लेख मिलता है.मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. मंदिर के महंत ब्रम्हचारी श्रीधरानंद बताते हैं कि स्कंद पुराण और पदम पुराण में कामेश्वर पीठ का वर्णन है, यह वही कामेश्वर धाम है. काम को भस्म करके भगवान शिव स्वयं यहां पर विराजमान हुए हैं. साथ ही ये भी बताया कि त्रेता काल में वनवास जाते वक्त प्रभु राम ने भी यहां शिव का पूजन और जलाभिषेक किया था. 'छोटी काशी' में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, भीड़ के दबाव से रेलिंग टूटी लखीमपुर खीरी में सावन माह के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। तड़के से ही शिव मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों ने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर शिवलिंग के दर्शन किए और जलाभिषेक किया। गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शिवन के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। यहां भारी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन के इंतजाम भी ध्वस्त हो गए। मंदिर के मुख्य मार्ग पर लोहे के एंगल से बनाई गई दीर्घा भीड़ को रोक नहीं पाई और टूटकर गिर गई। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटनास्थल पर चप्पल-जूतों का ढेर बिखरा नजर आया।  मंदिर में जलाभिषेक के लिए दोपहर 12 बजे के बाद तक कांवड़ियों की कतार लगी रही। कछला और हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।  रविवार शाम गोला मार्ग पर कावड़ियों के जत्थे गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना होते रहे। कावड़ियों के जत्थे में भजनों की धुन पर नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चे और महिलाएं भी कांवड़ लेकर जाती दिखीं।  लखीमपुर शहर के प्रमुख प्राचीन मंदिरों, भुईफोरवनाथ और जंगली नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भुईफोरवनाथ मंदिर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई, जिससे व्यवस्था सुचारू रही।  ओयल स्थित मेंढक मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, जल और बेल पत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।  अयोध्या में उमड़े शिवभक्त, सरयू में डुबकी लगाकर किया जलाभिषेक भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में सुबह से ही सावन के दूसरे सोमवार के मौके पर शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में कावड़िये, रामनगरी के स्थानीय जनमानस के अलावा आसपास के जिलों के श्रद्धालु भी रामनगरी पहुंचे हैं। भगवान श्रीराम के पुत्र कुश की ओर से स्थापित सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर रहे हैं।  सुबह से ही श्रद्धालु मां सरयू में डुबकी लगाकर जल लेकर भगवान शिव के दरबार में कतारबद्ध होकर जलाभिषेक कर रहे हैं। भोर से ही दर्शन पूजन शुरू हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से व्यापक इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती रामनगरी के प्रत्येक शिवालय और सरयू के घाटों पर की गई है। सावन का पवित्र माह शुरू हो चुका है।  आज सावन का दूसरा सोमवार है। लिहाजा रामनगरी भगवान शिव के जयकारों से गूंज रही है। भोलेनाथ के पूजन का विशेष दिन सावन माह में रहता है। इस बार सावन में पांच सोमवार मिलेगा। इस दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और पूजन-अर्चन का विशेष महत्व रहेगा। दूर-दराज से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु भोलेनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं।  श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ से अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए आशीर्वाद भी मांगा। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु खुद को अभिभूत मानते हुए भगवान शिव का दर्शन पूजन कर रहे हैं। भोर में तीन बजे से ही दर्शन पूजन का दौर शुरू हुआ है। देर शाम तक चलता रहेगा। बरेली में कावड़ियों ने थाने के सामने कार पर बरसाए ईंट-पत्थर  बीसलपुर रोड पर एक कार की कावड़िए को साइड लगने के बाद गुस्साए साथियों ने कार में तोड़फोड़ कर दी. इतना ही नहीं, कावड़ियों ने थाने के सामने पुलिस की मौजूदगी में कार पर ईंट-पत्थर बरसा कर कार में तोड़फोड़ की. पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर कार्रवाई की बात कर रही है. पीलीभीत के बिलसंडा का कावड़ियों का एक जत्था रविवार को … Read more

जनता के बीच पहुंचे सीएम योगी, एक-एक पीड़ित की सुनी पीड़ा, अफसरों को दिए सख्त आदेश

 लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' किया। उनके आवास पर प्रदेश भर से 50-55 पीड़ित पहुंचे थे। उन्होंने हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले भी आए। जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की हर समस्या का निराकरण होगा। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सेवा एवं सुरक्षा हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी जिलों में अधिकारियों को सक्रिय भी किया गया है और सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश-हर पीड़ित की समस्या पर करें तत्काल कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दिव्यांग की बात सुनी और उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिलाने को निर्देशित किया। जनता की समस्या सुनते हुए सीएम ने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सबको न्याय मिलेगा। बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी बातचीत की। उनका हालचाल जाना, दुलार किया। बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान कर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।