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UP में सियासी हलचल! संगठनात्मक बदलाव को लेकर CM योगी की बीजेपी नेतृत्व से बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई सियासी प्रयोगशाला बनती जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में घटी सीटों ने बीजेपी के लिए 2027 की चिंता बढ़ा दी है, जिसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार और संगठन में फेरबदल की संभावनाओं के बीच  दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बैक टू बैक मुलाकात की. योगी की ये तीनों मुलाकातें करीब तीन घंटे की रहीं, जिसके सियासी मायने और राजनीतिक मकसद भी है. सूत्रों की मानें तो सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान के सामने अपनी बात को मजबूती से रखा है. खासकर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर, उन्होंने पार्टी के टॉप थ्री लीडरशिप को बता दिया है कि यूपी में प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जानी चाहिए. सीएम योगी ने अपनी पसंद ही नहीं बताया बल्कि ये भी बताया कि यूपी के सियासी समीकरण के लिहाज से पार्टी के लिए कौन बेहतर रहेगा. यूपी में नए पार्टी अध्यक्ष की तलाश दरअसल, यूपी में बीजेपी भूपेंद्र चौधरी की जगह नए अध्यक्ष की तलाश में है, जिसे लेकर सियासी माथापच्ची काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है कि किसे प्रदेश संगठन की बागडोर सौंपी जाए. इसकी वजह यह भी है कि पार्टी जिसे बागडोर सौंपेगी, उसके अगुवाई में ही 2027 का विधानसभा चुनाव होना है. यही वजह है कि बीजेपी काफी सोच समझकर प्रदेश अध्यक्ष का फैसला करना चाह रही है और ऐसे में सीएम का पसंद का भी ख्याल रखना है ताकि सरकार और संगठन का बेहतर तालमेल हो सके. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से सीएम योगी से मुलाकात के दौरान यूपी नेताओं की नाराजगी और शिकायतों को लेकर बात हुई. सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की टॉप लीडरशिप ने योगी के सामने बीजेपी और सहयोगी दलों की उन तमाम शिकायतों को रखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन सभी नेताओं के पूरा चिट्ठे खोलकर रख दिए. नाराजगी जाहिर करने वालों नेताओं की कामकाज से लेकर सारी उनके बात को रखी. इसके अलावा नौकरशाही के के नेताओं के न सुनने वाले नेताओं के मुद्दे पर भी बात हुई है. मंत्रिमंडल में जल्द होगा फेरबदल यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी हो रही है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद यूपी प्रदेश अध्यक्ष का फैसला होगा. इस तरह से प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय से पहले यूपी में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है. सूत्रों की मानें तो इसे लेकर भी सीएम योगी ने पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और जेपी नड्डा से बात हुई है. इस बीच योगी कैबिनेट से कुछ नेताओं के जल्द छुट्टी हो सकती है तो कुछ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है. सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान से अपनी कैबिनेट से किसे हटाने और किन चेहरों को शामिल करने है, उसे लेकर भी अपनी राय ही ही. शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से सुनी योगी की बात बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि सीएम योगी ने मोदी, अमित शाह और नड्डा के सामने जो भी बात रखी है, उसे बीजेपी के तीनों ही लीडरों ने गंभीरता से सुनी है. इसके अलावा अपनी भी बातें रखी है. सूत्रों ने ये भी बताया है कि सीएम योगी को बीजेपी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों के साथ भी सियासी बैलेंस बनाकर चलने का संदेश दिया है.  इसके अलावा यूपी के सियासी बैलेंस बनाकर चलने के साथ-साथ सरकार और संगठन में भी बेहतर तालमेल बनाकर चलने की बात कही गई है. इसके बाद ही दोनों डिप्टी सीएम और सीएम योगी एक साथ पश्चिम यूपी में नजर आए हैं.

प्रिया सरोज का अनोखा अंदाज़, सांसद होते हुए भी खेत में बहाई पसीना

वाराणसी यूपी के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद प्रिया सरोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में प्रिया सरोज धान की रोपाई करती नजर आ रही हैं. वीडियो को खुद उन्होंने शेयर किया है, जिसके कैप्शन में लिखा है- 'हमारा गांव…' इस पोस्ट पर यूजर्स जमकर रिएक्ट कर रहे हैं.  जानकारी के मुताबिक, सांसद प्रिया सरोज  वाराणसी के पिंडरा तहसील क्षेत्र स्थित अपने गांव करखियांव पहुंची थीं. यहां उन्होंने अपनी सहेलियों और गांव की महिलाओं के साथ धान की रोपाई की. वीडियो में प्रिया सरोज नंगे पांव एकदम देसी अंदाज में पानी भरे खेत में धान लगाते देखी जा सकती हैं. सांसद ने करीब आधे घंटे तक खेत में मेहनत की. इस दौरान उन्होंने सपा व पीडीए के उपलब्धियां के बारे में किसानों को बताया. आपको बता दें कि प्रिया सरोज लोकसभा के लिए चुनी गई सबसे युवा उम्मीदवारों में से एक हैं. वह तीन बार के सांसद और वर्तमान विधायक तूफानी सरोज की बेटी हैं. हाल ही में प्रिया की सगाई क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ हुई है. इस कार्यक्रम में सपा मुखिया अखिलेश यादव, उनकी पत्नी डिंपल यादव सहित कई दिग्गज शामिल हुए थे. बीते दिनों प्रिया सरोज का एक और पोस्ट वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर निशाना साधा था. दरअसल अनिरुद्धाचार्य द्वारा अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी के बाद उन्होंने कथावाचक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- जब एक बाबा कृष्ण जी का नाम बताने में असफल हो जाता है, तो अपनी छवि सुधारने के लिए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का नाम हिंदू-मुस्लिम जोड़ कर देश-प्रदेश का माहौल खराब कर देता है. क्या यही सिखाते है अपने प्रवचन में..?

बलरामपुर में दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में रविवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा बरहनी नेशनल हाईवे पर उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे सवारी से भरे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी. पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा शंकरपुर चौराहे की ओर जा रहा था, जबकि कार बलरामपुर से बरहनी की ओर तेज़ गति में आ रही थी. टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए. ई-रिक्शा में सवार 45 साल के मुस्तफा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 70 साल के हुसैन ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. इस हादसे में ई-रिक्शा चालक समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. तुलसीपुर के सीओ बृजनंदन राय ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.  घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक राकेश यादव मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है. हादसे के बाद हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सामान्य किया.   

बिना साइलेंसर बाइक और DJ पर रोक: कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी पुलिस का सख्त निर्देश

मेरठ  सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर इस बार यूपी पुलिस ने सख्ती दिखाने का फैसला किया है। यात्रा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए खास तौर पर मेरठ जोन और अन्य जिलों में कांवड़ियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इन चीजों पर पूरी तरह बैन: – त्रिशूल, डंडा, हॉकी स्टिक या कोई भी हथियारनुमा चीज – बिना साइलेंसर वाली बाइक – तेज आवाज में डीजे बजाना और हुड़दंग मचाना कहां लागू होंगे ये नियम? ये नियम खासतौर पर उन जिलों में लागू होंगे जहां बड़ी संख्या में कांवड़िए आते हैं, जैसे: – मेरठ – मुजफ्फरनगर – शामली – सहारनपुर – बुलंदशहर – हापुड़ – बागपत सख्ती क्यों? पिछले कुछ सालों में कांवड़ यात्रा के दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाएं, सड़क पर हुड़दंग और सामान्य लोगों को परेशान करने की शिकायतें मिली हैं। कई कांवड़िए धार्मिक यात्रा को शक्ति प्रदर्शन में बदल देते हैं — तेज डीजे, झगड़े, मोटरसाइकिल रेसिंग और सड़क पर उत्पात आम हो गया है। इसीलिए अब पुलिस ने नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।   एडीजी मेरठ ने क्या कहा? एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने कहा कि कोई भी कांवड़िया त्रिशूल, डंडा या हॉकी स्टिक जैसे प्रतीकात्मक हथियार भी लेकर नहीं चलेगा। अगर किसी ने नियम तोड़ा तो FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना साइलेंसर बाइक पर रोक पिछले वर्षों में देखा गया है कि कुछ कांवड़िए बिना साइलेंसर की बाइक लेकर तेज आवाज में चलते हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण और लोगों को परेशानी होती है। अब ऐसे वाहनों पर चालान और जरूरत पड़ी तो वाहन जब्त भी किया जाएगा। सुरक्षा के खास इंतजाम – यात्रा रूट पर ड्रोन से निगरानी – CCTV कैमरे हर संवेदनशील जगह पर – PAC और RAF की टीम तैनात – हर जिले में प्रशासन और पुलिस की सतर्क निगरानी प्रशासन की अपील प्रशासन ने सभी शिवभक्तों और कांवड़ यात्रा आयोजकों से अपील की है कि  – शांतिपूर्वक यात्रा करें – नियमों का पालन करें – किसी भी तरह के विवाद या कानून तोड़ने से बचें – प्रशासन का सहयोग करें  

भारी वर्षा का असर – यूपी में आज–कल मौसम बदलेगा, अन्य राज्यों में क्या स्थिति?

लखनऊ  देशभर में इन दिनों खूब बरसात हो रही है। मौसम विभाग ने रविवार को आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 20-26 जुलाई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 20-24 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय ओडिशा में 23 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में आज और कल भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 21-23 जुलाई, पंजाब, जम्मू कश्मीर में 21-24 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20-21 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई, पश्चिमी राजस्थान में 20 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 22 और 26 जुलाई, हरियाणा में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश होने वाली है। वहीं, पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण,गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में 20 से 26 जुलाई, सौराष्ट्र, कच्छ में 20 जुलाई, मराठवाड़ा में 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वी व मध्य भारत में छत्तीसगढ़, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 20 जुलाई, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल में 23-25 जुलाई को बहुत भारी बरसात होगी। मध्य प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड में 23-26 जुलाई, ओडिशा में 20-26 जुलाई, बिहार में 20 और 21 जुलाई और फिर 24-26 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  

मेरठ में कांवड़ियों का स्वागत, सीएम योगी ने हुड़दंगियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी

मेरठ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को मेरठ पहुंचे और कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। सीएम ने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग मचाने वाले और तोड़फोड़ करने वालों का बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी के माध्यम से उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को हक नहीं है। मोदीपुरम की शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम का हेलीकॉप्टर उतरा। दुल्हेड़ा चौकी के पास लगे स्टेज से सीएम ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। स्टेज पर राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपई, राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, निवर्तमान दर्ज प्राप्त मंत्री पंडित सुनील भराला, कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।  पूर्व विधायक संगीत सोम को रोका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम योगी के हेलीकॉप्टर के उतरने का कार्यक्रम था। शोभित विवि के बाहर पूर्व विधायक संगीत सोम को रोक दिया गया। संगीत सोम अपनी गाड़ी से अंदर जाने के लिए अड़ गए, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इस बीच संगीत सोम इधर उधर फोन घुमाते रहे। काफी देर खड़े होने के बाद वह अपनी गाड़ी से आगे चले गए।  

ट्रेलर की टक्कर से बड़ा हादसा: बाबा धाम जा रहे चार श्रद्धालुओं की जान गई

बलिया बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव से रविवार की दोपहर में 25 श्रद्धालु पिकअप वैन पर सवार होकर बाबा धाम जलाभिषेक करने जा रहे थे। बिहार के बेगूसराय में ट्रेलर ने पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में लाची देवी (45) पत्नी मुघुन राजभर और हरेंद्र राजभर (60) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, मुघुन राजभर (48) और घुरूहू राम (45) एंबुलेंस से घर आते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुघुन राजभर की पत्नी लाची देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। ग्राम प्रधान बृज नारायण राजभर सहित 21 घायलों को घर लाने के बाद इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद तेतारपुर गांव में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की माैत हो गई है।

सड़क पर बिछीं लाशें, उजड़ गया परिवार: भंडारे में शामिल होने जा रहे थे सभी

मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई। धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।   अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था। भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई। जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।  

कांवड़ यात्रा में बवाल: जवान से बदसलूकी, कांवड़ियों पर केस दर्ज

मिर्जापुर सावन माह के दौरान पूरे देश में कांवड़ यात्रा जोरों पर है। इस बीच कई जगहों से कांवड़ियों के उपद्रव और मारपीट की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से सामने आया है, जहां कुछ कांवड़ियों ने एक वर्दीधारी CRPF जवान के साथ जमकर मारपीट की। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित जवान का नाम गौतम है और वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात हैं। जवान मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पकड़ने पहुंचे थे, जो उन्हें मणिपुर ले जाने वाली थी। उसी समय स्टेशन पर पहले से मौजूद कांवड़ियों के एक समूह से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कहासुनी के बाद बात इतनी बढ़ गई कि कांवड़ियों ने गौतम की पिटाई शुरू कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि कांवड़िए जवान को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रहे हैं। मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी जवान की मदद के लिए आगे नहीं आया। वीडियो हुआ वायरल, आरोपियों की तलाश जारी यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। घटना के बाद जवान किसी तरह ट्रेन में सवार होकर अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने अब मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।   कांवड़ियों पर दर्ज हुई FIR इस घटना के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट मिर्जापुर पर अज्ञात कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 411/25, 412/25, 413/25 दर्ज किया गया है। इन धाराओं में रेलवे अधिनियम की धारा 145 और 147 शामिल हैं, जो रेलवे परिसर में उपद्रव और झगड़े से संबंधित हैं। फिलहाल आरोपी कांवड़ियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार में भी कांवड़ियों द्वारा एक महिला के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया था। बताया गया था कि गाड़ी पार्किंग को लेकर महिला और कांवड़ियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लड़कियों ने महिला के साथ मारपीट की थी। वहां लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। प्रशासन सख्त, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद सवाल उठ रहे हैं कि धार्मिक यात्रा के नाम पर कुछ लोग कानून को अपने हाथ में क्यों ले रहे हैं। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।  

धर्मांतरण की जड़ों तक पहुंची जांच: छांगुर केस से खुला यूपी में एक्टिव गैंग का राज

लखनऊ  यूपी में धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच शनिवार को यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण की प्रेस कांफ्रेंस में एक नए गैंग का खुलासा हुआ जो आईएसआईएस की तर्ज पर कई राज्यों में अपना जाल फैलाकर लड़कियों को बरगरलाता और उनका धर्मांतरण कराता था। आगरा से लापता दो लड़कियों का धर्मांतरण करने के मामले में आगरा पुलिस ने छह प्रदेशों में दबिश देकर 10 लोग गिरफ्तार किए। इनका छांगुर गिरोह से संपर्क नहीं मिला है। इन्हें कनाडा, अमेरिका, दुबई समेत कई देश से करोड़ो की फंडिंग हुई थी। मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति के तहत पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। कुछ विशिष्ट चुनौतियां हैं जिनका सामना करने के लिए पुलिस ने मिशन अस्मिता लांच किया था जिसमें पूर्व में अवैध धर्म परिवर्तन सिंडिकेट के कुछ अभियुक्त गिरफ्तार किए गए थे। इनमें मोहम्मद उमर गौतम, मुफ्ती जहांगीर आलम कासमी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। डीजीपी ने बताया कि इसी कड़ी में हाल में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन उर्फ जलालुद्दीन के अवैध धर्म परिवर्तन के सिंडिकेट का भी पर्दाफाश किया गया। इसमें एसटीएफ और एटीएस की जांच जारी है जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह अभियान जेहाद के नाम पर अंतरराष्ट्रीय जेहादी फंडिंग प्राप्त करने, रेडिकाइलेशन की कार्रवाई करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के उद्देश्य से अवैध धर्मांतरण, डार्क वेव और अन्य नेटवर्क के जरिए गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों के विरुद्ध है। इसी कड़ी में आगरा में एक उल्लेखनीय काम किया गया है। इसमें छह प्रदेशों में दबिश देकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग देश के विभिन्न राज्यों में विशेष तौर पर कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन, लव जिहाद और अन्य तरीकों से प्रभावित करके अवैध धर्मांतरण के काम में लिप्त थे। अवैध धर्मांतरण का यह मोडस अपरेंडी आईएसआईएस का सिग्नेचर स्टाइल है। प्रारंभिक जांच में इस ग्रुप का संबंध पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी होने के संकेत मिले हैं। डीजीपी ने बताया कि आगरा पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्रवाई के बाद जांच में एसटीएफ और एटीएस को भी शामिल किया गया है। आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। धर्मांतरण का कौन धंधेबाज कहां से पकड़ा गया? आयशा (एसबी कृष्णा)-गोवा अली हसन (शेखर रॉय)-कोलकाता ओसामा-कोलकाता रहमान कुरैशी-आगरा अब्बू तालिब-खालापार, मुजफ्फरनगर अबुर रहमान-देहरादून मोहम्मद अली-जयपुर राजस्थान जुनैद कुरैशी-जयपुर मुस्तफा (मनोज)-दिल्ली मोहम्मद अली-जयपुर