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लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी

माटीकला मेलों में बिक्री का बना रिकॉर्ड, ₹4.20 करोड़ का आंकड़ा पार लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी 70 जनपदों में आयोजित लघु माटीकला मेलों में ₹2.19 करोड़ की उल्लेखनीय बिक्री हुई दर्ज, पिछले वर्ष से ₹91 लाख अधिक विक्रय संपन्न कारीगरों को सीधे उपभोक्ता से जोड़ने का सफल रहा प्रयास योगी सरकार ने पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन करने के लिए बोर्ड गठन सहित किए हैं कई अभिनव प्रयास लखनऊ  उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित माटीकला मेलों में प्रदेश के कारीगरों व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में बोर्ड ने 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 07 दिवसीय क्षेत्रीय माटीकला मेले और 03 दिवसीय लघु माटीकला मेले आयोजित किए। इन सभी मेलों में कुल 691 दुकानें लगाई गईं और ₹4,20,46,322 की बिक्री हुई। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज कुल बिक्री ₹3,29,28,410 की तुलना में ₹91,17,912 अधिक है, जो लगभग 27.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे ज्यादा फोकस परंपरागत शिल्पों व उद्योगों में कार्यरत कारीगरों की उन्नति पर है। प्रदेश समेत देश-विदेश में उनके उत्पादों को वृहद स्तर पर खरीदार मिलें, इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और माटीकला बोर्ड इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 70 जनपदों में बड़े स्तर पर हुई खरीदारी लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों द्वारा ₹1,22,41,700 की बिक्री हुई। गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 07 दिवसीय क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने ₹78,84,410 का विक्रय किया। इसी क्रम में प्रदेश के 70 जनपदों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 03 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से ₹2,19,20,212 की बिक्री दर्ज की गई। सहयोग व उत्पादों की गुणवत्ता बनी सकारात्मक परिणाम की कुंजी वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित मेलों में कुल 878 दुकानों द्वारा ₹3,29,28,410 की बिक्री हुई थी। यद्यपि इस वर्ष कुल दुकानों की संख्या कम रही, फिर भी विक्रय में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शनी की व्यवस्था और विपणन सहयोग अधिक प्रभावशाली रहा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि माटीकला उत्पादों के प्रति आमजन में जागरूकता और आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है। माटीकला बोर्ड का लक्ष्य है कि निरंतर मेलों, उन्नत प्रदर्शनी प्रबंधन, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास व ब्रांडिंग गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया जाए। आने वाले सत्रों में अधिक उपभोक्ता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन से कारीगरों की उत्पादकता, विपणन दक्षता तथा आय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार के प्रयासों से संरक्षित हो रही परंपरागत कला परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों की कला को संरक्षित व संवर्धित करने, उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी विकास और विपणन सुविधा बढ़ाने तथा नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इस पहल के माध्यम से न केवल पारंपरिक माटीकला को नई पहचान मिली है, बल्कि हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार भी प्राप्त हुआ है। योगी सरकार ने प्रजापति समुदाय के उन सभी लोगों के लिए, जो माटीकला उद्योग से जुड़े हैं, एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की है कि गांव के तालाबों से मिट्टी निकालने की व्यवस्था निःशुल्क कर दी गई है। इससे कारीगरों को उत्पादन की मूल सामग्री सुलभ हुई है और उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। ये कदम दर्शाते हैं कि योगी सरकार परंपरागत शिल्प को केवल संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे आधुनिक विपणन, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। योगी सरकार के समग्र समर्थन से लाभान्वित हो रहे कारीगर सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक ने बताया कि योगी सरकार के समग्र समर्थन और बोर्ड के लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेलों में आए खरीदारों ने स्थानीय शिल्प व पारंपरिक उत्पादों को उत्साहपूर्वक अपनाया, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है तथा माटीकला उत्पादों की ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में इन मेलों के दायरे का विस्तार कर और अधिक जिलों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।

सूचना निदेशक विशाल सिंह के जन्मदिन पर उत्सव, जनप्रियता और योगदान को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री के विज़न को जन-जन तक पहुँचाने वाले लोकप्रिय सूचना निदेशक विशाल सिंह का धूमधाम से मनाया गया जन्मदिन पुष्प गुच्छ व अंगवस्त्र पहनाकर पत्रकारों और कर्मचारियों ने दी सूचना निदेशक को जन्मदिन की बधाई ​ लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय योगदान देने वाले, युवा और ऊर्जावान सूचना निदेशक विशाल सिंह (आई.ए.एस.) का जन्मदिन आज सूचना निदेशालय में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया।पत्रकारों और विभाग के अधिकारियों की भारी उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।पत्रकारों ने निदेशक को पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र भेंट किए और केक काटकर हर्षोल्लास के साथ उनका जन्मदिन मनाया।इस अवसर पर पत्रकारों ने निदेशक के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।निदेशक विशाल सिंह ने स्वयं केक काटा और सभी उपस्थित लोगों को मिठाई खिलाकर अपना स्नेह और आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त ​पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद एवं सचिव जुबैर अहमद ने उनकी कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विशाल सिंह के नेतृत्व में सूचना निदेशालय नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वह पत्रकार हित संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, मुख्यमंत्री के विज़न को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुँचा रहे हैं, जिससे उन्होंने प्रदेश के मुखिया और मीडिया जगत दोनों का दिल जीत लिया है।​जन्मदिन ​के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिव शरण सिंह,अब्दुल वहीद,जुबैर अहमद, सय्यद गुलाम हुसैन,देवराज सिंह,नज़्म अहसन,कौसर जहां,अजय सिंह,राघवेंद्र त्रिपाठी,सुनील कुमार,नवीन लाल सूरी जैसे प्रमुख पत्रकारों के साथ-साथ अपर सूचना निदेशक अरविंद मिश्रा,सहायक निदेशक जे पी सिंह,लेखाधिकारी संजय सिंह,परशुराम मौर्या,प्रमोद कपिल सिंह,शालिनी तोमर, अशोक सिंह,प्रमोद,संदीप ओझा,दीपक बाजपेई,अनिल सिंह,राहुल,मनोज यादव आदि मौजूद थे।अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। ​

वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव: यूपी में 50 लाख लोग हो सकते हैं हटाए जाने वाले

यूपी पंचायत चुनाव: 50 लाख नाम हो सकते हैं वोटर लिस्ट से बाहर, जानें कौन प्रभावित होंगे वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव: यूपी में 50 लाख लोग हो सकते हैं हटाए जाने वाले यूपी पंचायत चुनाव 2025: 50 लाख नामों के कटने की संभावना, किसका होगा असर लखनऊ  यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.  राज्य निर्वाचन आयोग को कई जिलों में हजारों-लाखों ऐसे मतदाता दर्ज हैं जिनका नाम एक ही सूची में दो या तीन बार मौजूद है.  पता चला है कि पीलीभीत, वाराणसी, बिजनौर और हापुड़ जैसे जिलों में इस तरह के दोहराव सबसे ज्यादा हैं. केवल पीलीभीत जिले के पूरनपुर ब्लॉक में ही करीब 97 हजार मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनके नाम एक से अधिक बार सूची में दर्ज हैं. यानी एक व्यक्ति अलग-अलग वार्डों में मतदाता के रूप में दिख रहा है. गहन पुनरीक्षण अभियान की जरूरत  आयोग ने माना है कि यह समस्या इतनी बड़ी है कि इसे ठीक करने के लिए एक गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) चलाना पड़ेगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्लॉकवार डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची तैयार कर जिलाधिकारियों को भेज दी है ताकि तुरंत सुधार कार्य शुरू किया जा सके. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर जांच करें और जिन नामों की पुनरावृत्ति है, उन्हें सूची से हटाएं. बड़े जिलों में भारी गड़बड़ी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 826 विकास खंडों में से 108 ब्लॉकों में 40 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं. इनमें सबसे ज्यादा नाम वाराणसी के आराजीलाइन ब्लॉक (77,947), गाजीपुर के सैदपुर (71,170), वाराणसी के पिंडरा (70,940) और जौनपुर के शाहगंज सोंधी (62,890) में पाए गए हैं. इन जिलों के अधिकारियों को विशेष निगरानी में रखा गया है.  50 लाख नाम हटने की संभावना एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर सभी जिलों में सही जांच की जाए, तो करीब 50 लाख डुप्लीकेट नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं. उनका कहना है कि पहले भी ऐसे प्रयास किए गए थे, लेकिन इतने व्यापक स्तर पर जांच पहली बार की जा रही है. इस बार आयोग चाहता है कि पंचायत चुनाव से पहले ही मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाई जाए. आयोग की कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे जल्द से जल्द अपने जिले की मतदाता सूची का सत्यापन करें. निर्देशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी कीमत पर डुप्लीकेट नाम चुनावी प्रक्रिया में बाधा नहीं बनने चाहिए. जिलाधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष टीम बनाएं, जो मतदाताओं की पहचान और उनके दस्तावेजों की दोबारा जांच करे. खंडवार और ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजने की अंतिम तारीख भी तय कर दी गई है.  

रामद्रोही कांग्रेस-RJD को जवाब देगा मिथिला, अब बिहार में होगा रामराज्य का उदय- सीएम योगी

बिहार विधानसभा चुनाव इंडी गठबंधन के तीन बंदरों, पप्पू, टप्पू और अप्पू को नहीं दिख रहा विकास- सीएम योगी – रामद्रोही कांग्रेस-RJD को जवाब देगा मिथिला, अब बिहार में होगा रामराज्य का उदय – बिहार के केवटी विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी मुरारी मोहन झा के समर्थन में सीएम योगी ने जनसभा को किया संबोधित – यह कांग्रेस और आरजेडी की वही जोड़ी है जिसने बिहार को हिंसा, नरसंहार और अराजकता की आग में झोंका – केवटी में गरजे सीएम योगी- बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं और बिहार सेफ रहेगा – जो राम और मां जानकी के विरोधी हैं, वे भारत के भी विरोधी हैं, अब बिहार में रामराज्य का उदय होने जा रहा है – कांग्रेस-आरजेडी के राज में हुआ था नरसंहार, अब बिहार में विकास की बहार है- मुख्यमंत्री – मिथिला को मिला सम्मान, मखाना बोर्ड और लाख चूड़ी उद्योग को मिली नई पहचान – एनडीए का मतलब है विकास, विरासत और विश्वास, एनडीए विजयी होगा तो बिहार विजयी होगा- सीएम योगी – मोदी सरकार ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर मिथिला के हर व्यक्ति को दिया सम्मान- योगी दरभंगा बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक बाद एक रैली व जनसभा ने न सिर्फ चुनावी सरगर्मी को बढ़ा दिया है। सीएम योगी ने सोमवार को दरभंगा जिले के केवटी विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी मुरारी मोहन झा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। आज इंडी गठबंधन के तीन बंदर हैं पप्पू, टप्पू और अप्पू। पप्पू सच बोल नहीं सकता, टप्पू अच्छा देख नहीं सकता और अप्पू सच सुन नहीं सकता। इनको न प्रधानमंत्री मोदी का विकास दिखता है, न देश की प्रगति की खुशबू महसूस होती है। सीएम योगी ने कहा कि आज मिथिला की यह पावन धरती, जो मां भगवती जानकी की आत्मा कही जाती है, उन सभी रामद्रोही ताकतों को स्पष्ट संदेश दे रही है कि अब बिहार में रामराज्य का उदय होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि भगवान राम हुए ही नहीं। यही कांग्रेस, यही आरजेडी और इनके साथी यूपी की समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। आज वही लोग बिहार में धर्म और विकास के नाम पर जनता को छलने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस और आरजेडी की वही जोड़ी है जिसने न केवल बिहार को हिंसा, नरसंहार और अराजकता की आग में झोंका, बल्कि मां जानकी और भगवान श्रीराम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाया था। जो राम का विरोधी है, वह भारत का विरोधी है, वह मिथिला का भी विरोधी है और वो हम सब का विरोधी है। डबल इंजन की सरकार ने बदल दी काशी से लेकर मिथिला तक की तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष पहले मैंने यहां आकर कहा था कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है और आज रामलला विराजमान हैं। जैसे रामलला अयोध्या में विराजमान हुए, वैसे ही सीतामढ़ी में मां जानकी का मंदिर भी डबल इंजन की सरकार बना रही है। यही होती है अच्छी सरकार का फायदा—आस्था का सम्मान और विकास का संकल्प। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज राम-जानकी मार्ग का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है, जो अयोध्या और मिथिला को एक बार फिर भावनात्मक रूप से जोड़ देगा। सीएम योगी ने कहा कि 2005 से पहले अयोध्या से दरभंगा आने में 16 घंटे लगते थे, अब लखनऊ से दरभंगा आने में मात्र 45 मिनट लगते हैं। यही है डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड। मिथिला को मिला सम्मान, मखाना बोर्ड और लाख चूड़ी उद्योग को मिली नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिथिला की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने दरभंगा के मखाना उद्योग को राष्ट्रीय बोर्ड बनाकर सम्मानित किया और लाख की चूड़ियों को नई पहचान दिलाई। बिहार में सड़क, रेल, एयर और अब जलमार्ग हर दिशा में कनेक्टिविटी का नेटवर्क तैयार हुआ है। हल्दिया से अयोध्या तक इनलैंड वॉटरवे के जरिए बिहार, बंगाल और यूपी को जोड़ा गया है। यही विकास की असली गंगा है। कांग्रेस-आरजेडी के राज में हुआ था नरसंहार, अब बिहार में विकास की बहार- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि आरजेडी की सरकार के समय बिहार नरसंहारों से दहला रहता था, बेटियां असुरक्षित थीं, व्यापारी भयभीत थे। उन्होंने जाति के नाम पर समाज को तोड़ा, अपहरण को उद्योग बना दिया। लेकिन अब एनडीए की सरकार में न दंगा है, न भय। यूपी की तरह बिहार को भी माफिया और अराजकता से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि आज यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर चलता है। जो लूटेगा, उसका सब कुछ जाएगा और वही संपत्ति गरीबों को घर बनाकर दी जाएगी। यही है गरीबों के हित में न्याय की नई परिभाषा। कश्मीर से धारा 370 हटना, मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि सीएम योगी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कश्मीर को विवादित कांग्रेस ने बनाया था। वहां हिंदुओं को विस्थापित किया गया, मिथिला का व्यक्ति वहां नहीं बस सकता था। प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर यह अन्याय खत्म किया। अब बिहार और मिथिला का कोई भी व्यक्ति वहां जाकर सम्मानपूर्वक रह सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के पाप को धोने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने किया है। इंडी गठबंधन के तीन बंदरों—पप्पू, टप्पू और अप्पू को नहीं दिख रहा विकास- सीएम योगी सीएम योगी ने इंडी गठबंधन में व्यंग्य करते हुए कहा कि गांधी जी के तीन बंदर थे जिनके माध्यम से उपदेश दिया था कि बुरा मत देखो, बुरा मत बोलो, बुरा मत सुनो। लेकिन आज इंडी गठबंधन के तीन बंदर हैं पप्पू, टप्पू और अप्पू। पप्पू सच बोल नहीं सकता, टप्पू अच्छा देख नहीं सकता और अप्पू सच सुन नहीं सकता। इनको न प्रधानमंत्री मोदी का विकास दिखता है, न देश की प्रगति की खुशबू महसूस होती है। एनडीए का मतलब है विकास, विरासत और विश्वास सीएम योगी ने कहा कि एनडीए सुशासन का प्रतीक है। यह गरीब को आवास देता है, किसान को सम्मान निधि देता है, नौजवान को रोजगार देता है, माताओं-बहनों को उज्ज्वला … Read more

जनता दर्शन :प्रदेश भर से आए एक-एक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री

प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्पित है सरकार: मुख्यमंत्री जनता दर्शन :प्रदेश भर से आए एक-एक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें आईं मुख्यमंत्री ने समयबद्ध निस्तारण व फीडबैक लेने का दिया निर्देश    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवम्बर माह के पहले सोमवार को भी 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये एक-एक पीड़ितों के पास पहुंचकर उनकी समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं और पीड़ितों से फीडबैक लें। इस दौरान लगभग 60 से अधिक पीड़ितों ने एक-एक कर अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्पित है।  पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा- पीड़ितों की संतुष्टि आवश्यक 'जनता दर्शन' के दौरान कई पीड़ितों ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताया। पीड़ितों ने चोरी की घटना के अनावरण के बाद भी रिकवरी न होने पर असन्तुष्टि जताई। साथ ही जमीन कब्जे की भी शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।  आप सिर्फ एस्टिमेट भिजवाइये और मरीज का ध्यान रखिये एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सिर्फ अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाइये और अपने मरीज का ध्यान रखिये। बाकी हम पर छोड़ दीजिए। धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज नहीं रुकेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज के लिए पहले दिन से ही खड़ी है।     मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो-जमकर खेलो और माता-पिता का नाम रोशन करो।    

आखिरकार सबके लिए खुल गए दरवाज़े

लखनऊ ‘हेरिटेज ऑफ अवध‘ नामक ट्रस्ट द्वारा एक नाटक ‘दरवाज़े खोल दा‘ का मंचन इंटीग्रल युनिवर्सिटी,कुर्सी रोड,लखनऊ में किया गया । जिसमें विभिन्न किरदारों ने अपनी कला से र्दशकों को लगातार नाटक से जोड़े रखा । देश में करोड़ो लोग रोज़ी-रोटी की तलाश में एक शहर से दूसरे शहर में जाते रहते है । इस दौरान जो सबसे बड़ी समस्या से सबको गुज़रना पड़ता है वह है सही किराये में और सही जगह पर एक अदद मकान की । जिसमें वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ सुकून से रह सके । इसी किराये के मकान की तलाश में आने वाली दिक्कतों को इस नाटक में अच्छी तरह से दिखाया गया है । नाटक में कई मकानों के मालिक गुरुदत्त पांडे ने रामदयाल के रुप में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें वह किरायेदारों के इंटरव्यू लेते दिखते हैं और किसी न किसी वजह से वह किसी को भी मकान नहीं देते हैं । किरायेदारों के रुप में कई परिवार रामदयाल से मकान लेने आते हैं जिसमें मुख्य रुप से पहले किरायेदार कृपा राम भारद्वाज व उनकी पत्नी सावित्री देवी नकली नाम से आते हैं लेकिन जब उनकी असलियत पता लगती है कि वह मुसलमान हैं तो पंडित रामदयाल काफी नाराज़ होकर उनको घर से भगा देते है। दूसरे किरायेदार के रुप में मुन्नन(रोहित श्रीवास्तव) आते है जो लखनऊ के कायस्थ फैमिली से होते है इनको भी पंडित रामदयाल मकान इस वजह से मकान नहीं देते हैं कि यह उर्दू बोलते हैं और मांस मछली खाते है । तीसरे किरायेदार हिन्दू पठान आफताब रॉय (सौरभ शुक्ला)आते है । उनको भी रामदयाल मकान नहीं देते है क्योंकि वह भी मांस मछली खाते है और शराब और मुजरे के भी शौकीन है ।  चौथे किरायेदार के रुप में दक्षिण भारतीय वेल्लू (जावेद अहमद)आता है जो कि काफी बड़ा आदमी है लेकिन बाद में पता चलता है कि वह दलित है इस कारण पंडित रामदयाल उनसे बहुत नाराज ़होते है। और कहते हैं कि हम किसी दलित को मकान नहीं देेंगे । अन्त में एक क्रिशिचियन डाक्टर और उनकी बेटी आते है पंडित रामदयाल उनको भी मकान देने से इस वजह से मना करते है कि यह तो अंग्रेज है यह तो सब कुछ खाते होंगे । लेकिन यहीं पर पंडित रामदयाल को अचानक दिल का दौरा पड़ जाता है । पंडित रामदयाल को दौरा पड़ने के कारण उनका बेटा कमलकान्त डाक्टर कोएलू (बी डी नकवी)से खुशामद करता है कि वह उसके पिता जी को देख लें वह मरने वाले है तब डाक्टर कोएलू राज़ी होते हैं पंडित रामदयाल को चेक करते है और उनको दवा देते है जिससे रामदयाल सही हो जाते है । रामदयाल दोबारा जीवित होते हैं तब उनकी आत्मा भी जीवित हो जाती जिससे उनका मन भी बदल जाता है । पंडित रामदयाल कहते है कि मुझे रास्ते में मेरी आत्मा मिली जिसने मुझसे कहा कि इस रास्ते पर चलकर ना तुम कभी मंजिल पर पहुंच सकोगे न मैं। क्योंकि यह रास्ता पुराना हो गया है । अब यह रास्ता कहीं नहीं जाता। मैंने पूछा तो आगे जाने की तरकीब क्या है? वह बोली आगे वही लोग जाते हैं जो अपने घर के दरवाजे खुले रखते हैं । यह घर जैसे हिंदू मुसलमान सिख ईसाई पारसी यहूदी ने मिलकर बनाया है । अगर यह सब मिलकर इस घर में नहीं रहेंगे तो यह घर कैसे आबाद होगा । और कैसे तरक्की करेगा । और कैसे इसका झंडा आसमान पर बुलंद होगा। इस बेहतरीन नाट्य रूपांतर को देखने के लिए इंटीग्रल यनिवर्सिटी के प्रोफेसर व बड़ी तादाद में स्टूडेन्ट व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।नाटक का निद्रेशन बी0डी0नकवी (रिटायर्ड जज) , सहायक निद्रेशक रियाज़ अल्वी,जावेद एवं विनीता सिंह, कार्यशाला निद्रेशक रहमान खान , प्रोडयूसर मुजतबा खान व म्यिुजिक डायरेक्टर धीरेन्द्र, सेट डिजाइन-शकील अहमद मेकअप-सोनी , स्टेज इंचार्ज -तारिक़ खान , डांस डायरेक्टर -नावेद ने हिस्सा लेकर इस नाटक को कामयाब बनाने में अपना योगदान दिया ।

लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी

योगी सरकार ने पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन करने के लिए बोर्ड गठन सहित किए हैं कई अभिनव प्रयास लखनऊ, उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित माटीकला मेलों में प्रदेश के कारीगरों व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में बोर्ड ने 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 07 दिवसीय क्षेत्रीय माटीकला मेले और 03 दिवसीय लघु माटीकला मेले आयोजित किए। इन सभी मेलों में कुल 691 दुकानें लगाई गईं और ₹4,20,46,322 की बिक्री हुई। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज कुल बिक्री ₹3,29,28,410 की तुलना में ₹91,17,912 अधिक है, जो लगभग 27.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे ज्यादा फोकस परंपरागत शिल्पों व उद्योगों में कार्यरत कारीगरों की उन्नति पर है। प्रदेश समेत देश-विदेश में उनके उत्पादों को वृहद स्तर पर खरीदार मिलें, इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और माटीकला बोर्ड इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 70 जनपदों में बड़े स्तर पर हुई खरीदारी लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों द्वारा ₹1,22,41,700 की बिक्री हुई। गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 07 दिवसीय क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने ₹78,84,410 का विक्रय किया। इसी क्रम में प्रदेश के 70 जनपदों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 03 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से ₹2,19,20,212 की बिक्री दर्ज की गई। सहयोग व उत्पादों की गुणवत्ता बनी सकारात्मक परिणाम की कुंजी वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित मेलों में कुल 878 दुकानों द्वारा ₹3,29,28,410 की बिक्री हुई थी। यद्यपि इस वर्ष कुल दुकानों की संख्या कम रही, फिर भी विक्रय में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शनी की व्यवस्था और विपणन सहयोग अधिक प्रभावशाली रहा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि माटीकला उत्पादों के प्रति आमजन में जागरूकता और आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है। माटीकला बोर्ड का लक्ष्य है कि निरंतर मेलों, उन्नत प्रदर्शनी प्रबंधन, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास व ब्रांडिंग गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया जाए। आने वाले सत्रों में अधिक उपभोक्ता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन से कारीगरों की उत्पादकता, विपणन दक्षता तथा आय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार के प्रयासों से संरक्षित हो रही परंपरागत कला परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों की कला को संरक्षित व संवर्धित करने, उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी विकास और विपणन सुविधा बढ़ाने तथा नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इस पहल के माध्यम से न केवल पारंपरिक माटीकला को नई पहचान मिली है, बल्कि हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार भी प्राप्त हुआ है। योगी सरकार ने प्रजापति समुदाय के उन सभी लोगों के लिए, जो माटीकला उद्योग से जुड़े हैं, एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की है कि गांव के तालाबों से मिट्टी निकालने की व्यवस्था निःशुल्क कर दी गई है। इससे कारीगरों को उत्पादन की मूल सामग्री सुलभ हुई है और उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। ये कदम दर्शाते हैं कि योगी सरकार परंपरागत शिल्प को केवल संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे आधुनिक विपणन, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। योगी सरकार के समग्र समर्थन से लाभान्वित हो रहे कारीगर सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक ने बताया कि योगी सरकार के समग्र समर्थन और बोर्ड के लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेलों में आए खरीदारों ने स्थानीय शिल्प व पारंपरिक उत्पादों को उत्साहपूर्वक अपनाया, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है तथा माटीकला उत्पादों की ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में इन मेलों के दायरे का विस्तार कर और अधिक जिलों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।

रामलला के दरबार में फिर गूंजेगा जय श्रीराम! 25 नवंबर को अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह

अयोध्या  यह वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के कारण समूचे देश में शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इसी शताब्दी वर्ष में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के पुनर्निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प की पूर्णता ध्वजारोहण समारोह से होगी। 25 नवम्बर को संघ के सर संघचालक डॉ. मोहनराव भागवत की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वज स्थापित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर उन्हें आमंत्रण भी दिया। इसके पूर्व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी से भेंटकर ट्रस्ट की ओर से औपचारिक निमंत्रण पत्र दिया व उनके अयोध्या आने की सहमति भी प्राप्त की। यह जानकारी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मीडिया के हवाले से दी गयी। बताया गया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के अतिरिक्त संघ प्रमुख डॉ मोहनराव भागवत समेत प्रमुख धर्माचार्य, महंत, संत, विभिन्न संप्रदायों के लोगों सहित गांव के अंतिम व्यक्ति के लिए काम करने वाले जमीन से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है। अनुमान है कि लगभग 10 से 15 हजार के आसपास श्रद्धालु रामभक्त अयोध्या पहुंचेंगे। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर “ऱघुवंश” के ध्वज का आरोहण कर सम्पूर्ण विश्व को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की पूर्णता का संदेश दिया जाएगा। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि राम मंदिर पर लगने वाले ध्वज की लंबाई 22 फीट व चौड़ाई 11 फीट होगी। श्रीराम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगे 42 (दस फीट ढांचे में, 32 बाहर) फीट ऊंचे ध्वजदंड पर यह ध्वज आरोहित किया जाएगा। इस ध्वज पर वाल्मीकि रामायण में वर्णित रघुवंश के प्रतीक सूर्य, ॐ व कोविदार वृक्ष के प्रतीकों को रखा गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपतराय के अनुसार मंदिर का निर्माण परंपरागत नागर शैली में हुआ है। मंदिर की लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट है। मंदिर तीन मंजिल है और प्रत्येक की ऊंचाई 20 फीट है। मंदिर में कुल 392 खंभे और 44 द्वार हैं। भूतल गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बाल रूप अर्थात् श्रीराम लला का विग्रह, प्रथम तल पर श्रीराम सभा के दर्शन हो रहे हैं। परिसर में पंचायतन के सभी मंदिरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। लिफ्ट संग बुजुर्गों को मिलेगी गोल्फ कार्ट की सुविधा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव के मुताबिक तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए अपोलो अस्पताल की ओर से मंदिर परिसर स्थित श्रद्धालु सुविधा केंद्र भवन के भूतल में 24 घंटे चलने वाला नि:शुल्क आपातकालीन मेडिकल केयर सेंटर भी है। दर्शन को आने वाले राम भक्तों के लिए भक्त निवास की विशाल व्यवस्था तैयार की जा रही है। बुजुर्गों और दिव्यांग जनों के लिए लिफ्ट व्यवस्था और साथ ही नि:शुल्क कार्ट से ले जाने लाने की सुविधा भी दी गई है। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए हरियाली और पेड़ पौधे भी लगाए गए हैं, साथ ही पंचवटी भी बनायी जा रहा है।  

बम की खबर से दहली विक्रमशिला एक्सप्रेस, घंटों चली तलाशी अभियान

अलीगढ़  बिहार के भागलपुर से आनंद विहार (दिल्ली) को जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम की सूचना से रविवार सुबह हड़कंप मच गया। यूपी के अलीगढ़ स्टेशन पर दौड़ी-दौड़ी पहुंची फोर्स ने ट्रेन का कोना-कोना खंगाला। जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी के अधिकारी-जवान और डॉग स्क्वायड द्वारा ट्रेन की जांच की गई। इसके पहले भी हाल ही में इसी ट्रेन को लेकर ऐसी ही सूचना आई थी। पहले की तरह ही इस बार भी यह सूचना अफवाह निकली। करीब एक घंटे तक चली गहन तलाशी के बाद ट्रेन को आनंद विहार की ओर रवाना किया गया।   ट्रेन नंबर 12367 भागलपुर से चलकर आनंद विहार की ओर जा रही थी। रविवार तड़के जीआरपी आगरा कंट्रोल से सूचना मिली कि ट्रेन में आतंकवादी और बम है। सूचना मिलते ही स्टेशन पर हड़कंप मच गया। सूचना के बाद जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी, डॉग स्क्वायड की टीम प्लेटफार्म नम्बर पांच पर पहुंची। ट्रेन की एक घंटे गहन तलाशी ली गयी। हर डिब्बे के कोने-कोने में तलाश की गई। सुरक्षा बलों को किसी कोच में कोई संदिग्ध नहीं मिला। एक घंटे की तलाशी के बाद ट्रेन आनंद विहार की ओर रवाना किया गया। इटावा जीआरपी को फोन से मिली थी सूचना विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम की सूचना एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा इटावा जीआरपी को दी गयी थी। ट्रेन की जांच के साथ ही सूचना देने वाले शख्स के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। उस शख्स की लोकेशन की जानकारी पर पता चला कि सूचना देने वाले ने इटावा जसवंत नगर से फोन किया था। फोन करने के बाद उसने मोबाइल बंद कर लिया है। जीआरपी शिकायत करने वाले कि तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।  

सालभर तक जोड़े सिक्के, फिर दिया प्यार का तोहफा — ज्वेलर भी रह गया हैरान!

कानपुर   यूपी के कानपुर शहर में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया. यहां एक 22 साल का पान बेचने वाला युवक अपनी पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता था. इसके लिए उसने एक साल तक मेहनत कर 20 रुपये के सिक्के जमा किए और पूरे 1 लाख रुपये कर लिए. ये सिक्के लेकर ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंच गया. युवक का सपना था कि वह अपनी पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करे. हालांकि उसकी पत्नी ने कभी इसकी डिमांड नहीं की, लेकिन वह पत्नी के दिल की ख्वाहिश को समझता था. कानपुर के एचएएल चौराहे पर पान की दुकान चलाने वाले अभिषेक यादव की शादी एक साल पहले हुई थी. छोटी सी दुकान से घर का खर्च चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में पत्नी कभी कोई मांग नहीं करती थी. लेकिन उसके मन में एक सोने की चेन की इच्छा थी, जिसे अभिषेक ने महसूस कर लिया.   पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देने की चाह में अभिषेक ने अपनी दुकान पर आने वाले 20 रुपये के सिक्कों को जमा करना शुरू किया. धीरे-धीरे उसने एक साल में 1 लाख रुपये के सिक्के इकट्ठा कर लिए. इसके बाद अभिषेक 20-20 के सिक्के एक झोले में भरकर अहिरवां इलाके के सर्राफा कारोबारी महेश वर्मा की दुकान पर पहुंचा. उसने ज्वेलर्स की टेबल पर सिक्के लाइन से रखकर कहा- भैया, मुझे पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट में सोने की चेन देनी है, ये एक साल में जुटाए हुए 1 लाख के सिक्के हैं. कृपया ले लीजिए. शुरुआत में महेश वर्मा ने इतने सिक्के लेने से इनकार कर दिया और कहा कि बैंक भी इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के नहीं लेता. लेकिन जब अभिषेक ने हाथ जोड़कर अपनी भावनाएं बताईं, तो ज्वेलर भावुक हो गया.   बिना गिने दे दी सोने की चेन अभिषेक ने कहा कि मुझे अपनी पत्नी को सरप्राइज देना है. कभी उसने कुछ कहा नहीं और सोने की चेन चाहती है, लेकिन मेरी छोटी सी पान की दुकान देखकर वह डिमांड नहीं करती. यह सिक्के मैंने एक लाख के 1 साल में इकट्ठे किए हैं. इस पर ज्वेलर्स महेश वर्मा ने पत्नी के प्रति उसका लगाव देखकर सिक्के लेकर सोने की चेन दे दी. अभिषेक दिवाली से पहले करवा चौथ पर पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करना चाहता था. लेकिन सोना एक लाख के पार पहुंच गया तो उसका हौसला टूट गया. फिर भी वह सिक्के इकट्ठा करना जारी किए था. इधर उसके पास जब एक लाख के सिक्के हो गए तो उसने सबको झोले में भरा और दुकान पर पहुंच गया. पत्नी के प्रति अभिषेक का प्रेम देखकर ज्वेलर मान गए. सारे सिक्के बिना गिने हुए ही बोरी में रखवा लिए और करीब 1 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन अभिषेक को दे दी. महेश वर्मा का कहना है कि मेरे इतने साल की ज्वेलर्स की दुकान में कभी इस तरह का कोई चेन खरीदने वाला नहीं आया. मुझे लगा कि मैं भी अपनी पत्नी को चाहता हूं. लेकिन उसका पत्नी के प्रति प्रेम देखकर मुझे लगा कि उसकी फरमाइश जरूर पूरी करनी चाहिए. सिक्के किसी तरह मैं एडजस्ट कर लूंगा.  महेश वर्मा ने कहा कि इतनी सच्ची भावना और प्यार मैंने कभी नहीं देखा. पैसे बाद में संभाल लेंगे, लेकिन उसकी इच्छा अधूरी नहीं रहने देना चाहता था. इसके बाद अभिषेक अपनी पान की दुकान बंद कर पत्नी को लेने ससुराल चला गया. वह चाहता है कि वहीं मायके में ही उसे यह सोने की चेन गिफ्ट करे, ताकि उसकी खुशी दोगुनी हो जाए.