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योगी सरकार के प्रयास से देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की सुनाई देगी गूंज

काशी गंगा महोत्सव में भजनों से भक्ति रस की सरिता बहाएंगे हंसराज रघुवंशी योगी सरकार के प्रयास से देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की सुनाई देगी गूंज नामो घाट व राजघाट पर देशभर के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर काशी की सांस्कृतिक परंपरा को बनाएंगे भव्य व समृद्ध लोक गायन से उत्तर भारत की लोक परंपराओं को जीवंत करेंगी पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पद्मश्री गीता चन्द्रन देंगी भरतनाट्यम की प्रस्तुति -1 से 4 नवम्बर तक माँ जान्हवी के पावन तट पर होगा भव्य आयोजन, काशी गंगा महोत्सव बनेगा माध्यम -नमो घाट पर काशी सांसद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता के प्रमुख कलाकार भी देंगे विभिन्न प्रकार की प्रस्तुति वाराणसी  देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य व लोक कलाओं की संगीतमय सरिता बहेगी। माँ जान्हवी के पावन तट पर इस वर्ष गंगा महोत्सव का आयोजन 1 से 4 नवम्बर तक किया जाएगा। योगी सरकार के प्रयास से राजघाट पर देशभर के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर काशी की इस सांस्कृतिक परंपरा को और भव्य बनाएंगे जिनमें शास्त्रीय, भक्ति तथा लोक संगीत का अद्भुत संगम दिखाई देगा। इस महोत्सव में गायक हंसराज रघुवंशी अपने भजनों से श्रोताओं को भक्ति रस से ओत-प्रोत करेंगे। वहीं, पद्मश्री मालिनी अवस्थी अपने लोक गायन से उत्तर भारत की लोक परंपराओं को जीवंत करेंगी। पद्मश्री गीता चन्द्रन का भरतनाट्यम नृत्य भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगा। वहीं, नमो घाट पर काशी सांसद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता के प्रमुख कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कई मायनों में विशिष्ट होगा आयोजन संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि चार दिवसीय इस उत्सव में गीत, संगीत, नृत्य और वादन की गंगा बहेगी। गंगा महोत्सव के मंच पर लोक और शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां गूंजेंगी तो साथ ही पारंपरिक नृत्य शैलियों की झलक भी देखने को मिलेगी। महोत्सव में विशेष रूप से गायक हंसराज रघुवंशी आयोजन के अंतिम दिन अपने भजनों से श्रद्धा और भक्ति का भाव जगाएंगे। वहीं, पद्मश्री मालिनी अवस्थी 3 अक्टूबर को लोक गायन से काशी की धरती पर उत्तर भारत की लोक परंपराओं को सजीव करेंगी। इसके अतिरिक्त, 2 अक्टूबर को पद्मश्री गीता चंद्रन भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगी। गंगा महोत्सव के अंतर्गत होने वाली प्रस्तुतियां शाम 4 बजे से शुरू होंगी।  काशी गंगा महोत्सव ये प्रमुख कलाकार देंगे प्रस्तुति… प्रथम दिन, 1 नवंबर पं० माता प्रसाद मिश्र एवं पं० रविशंकर मिश्र–कथक युगल नृत्य कविता मोहन्ती–ओडिसी नृत्य विदुषी श्वेता दुबे–गायन विदुषी कमला शंकर–स्लाइड गिटार डॉ० रिपि मिश्र–शास्त्रीय गायन डॉ० दिवाकर कश्यप एवं डॉ० प्रभाकर कश्यप–उपशास्त्रीय गायन रवि शर्मा एवं समूह–ब्रज लोक नृत्य एवं संगीत पं० नवल किशोर मल्लिक–शास्त्रीय गायन दूसरा दिन, 2 नवंबर शिवानी शुक्ला–गायन प्रवीण उद्भव–तालयात्रा राजकुमार तिवारी उर्फ राजन तिवारी–गायन डॉ० अर्चना आदित्य महास्कर–गायन सवीर, साकार कलाकृति–पारम्परिक लोक नृत्य वन्दना मिश्रा–गायन प्रो० पं० साहित्य नाहर एवं डॉ० पं० संतोष नाहर–सितार एवं वायलिन जुगलबन्दी ओम प्रकाश–भजन गायन पद्मश्री गीता चन्द्रन–भरतनाट्यम तीसरा दिन 3 नवंबर मीना मिश्रा–गायन विशाल कृष्ण–कथक नृत्य दिव्या शर्मा–हिन्दुस्तानी खयाल गायकी  राकेश कुमार–जनजातीय लोक नृत्य  इन्दु गुप्ता–लोक गायन चेतन जोशी–बांसुरी वादन  विदुषी कविता द्विवेदी–ओडिसी नृत्य  पद्मश्री मालिनी अवस्थी–लोक गायन  चौथा दिन, 4 नवंबर डॉ० शुभांकर डे–गायन डॉ० प्रेम किशोर मिश्र एवं साथी-सितार, सरोद जुगलबन्दी व गायन राहुल रोहित मिश्र–शास्त्रीय गायन रूपन सरकार समन्ता–शास्त्रीय गायन वासुमती बद्रीनाथन–शास्त्रीय गायन शिवानी मिश्रा–कथक समूह नृत्य मानसी रघुवंशी–गायन हंसराज रघुवंशी–भजन गायन

विकसित यूपी @2047 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चल रहा विकसित यूपी @2047 महा अभियान

विकसित यूपी @2047 2047 का विजन बना जनआंदोलन, 60 लाख सुझावों से सजे ‘समर्थ यूपी’ के सपने – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चल रहा विकसित यूपी @2047 महा अभियान – छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, महिलाओं और किसानों ने रखी अपनी राय – कृषि और शिक्षा रहे सबसे ज्यादा चर्चा के विषय – ग्रामीण युवाओं ने रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर दिया जोर – एमएसएमई को सशक्त बनाने, महिला सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण पर मिल रहे सुझाव – पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर नागरिकों ने जताई अपेक्षा – खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के स्थानीय विस्तार की मांग – साफ-सुथरे प्रशासन और बेहतर कानून व्यवस्था की मांग – शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाने की अपील – महिला उद्यमिता और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के सुझाव – आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी बढ़ती रुचि दिखी – अभियान बना जनता और शासन के बीच संवाद का सेतु लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रहा “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महा अभियान” जनभागीदारी का प्रतीक बनता जा रहा है। मंगलवार तक प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों छात्र, शिक्षक, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संगठन, मीडिया एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान लोगों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य के रोडमैप पर सुझाव लिए गए। अब तक पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर करीब 60 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से 75 फीसदी से ज्यादा सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से मिले हैं। ग्रामीण जन से लेकर उद्यमियों तक सभी ने रखी राय बुलंदशहर के रिकेश कुमार ने कहा कि गांव में उद्योग और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि सरकार निजी साझेदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता दे, तो पलायन की समस्या खत्म हो सकती है। वहीं, शकील खान ने कहा कि राज्य को औद्योगिक शक्ति बनाने के लिए एमएसएमई को आसान ऋण, तकनीकी सहयोग और जिला-आधारित उद्योग पार्क की जरूरत है। निगार फातिमा ने निवेश आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और महिला स्किल मिशन पर जोर दिया। सीमा कुमारी ने कढ़ाई, सिलाई और अगरबत्ती निर्माण जैसे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। जोगिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल स्तर से ही शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाया जाए ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें। नागरिकों ने पर्यटन विकास पर जोर दिया अंकित गुप्ता ने मां बेला देवी धाम व शनिदेव मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के विकास की बात की, डॉ. सुनील शाह ने बेल्हा देवी मंदिर के आसपास कॉरिडोर निर्माण का सुझाव दिया, जबकि रीता जायसवाल और रामेन्द्र त्रिपाठी ने पर्यटन स्थलों पर सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था और सांस्कृतिक पुनर्जीवन की जरूरत बताई। खेलो इंडिया और डिजिटल लाइब्रेरी के लिए सुझाव बलिया से गीता देवी ने खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर पर विस्तार देने का सुझाव दिया, जबकि प्रदीप कुमार ने गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी और रोजगार सृजन केंद्र खोलने की मांग रखी। साफ-सुथरा प्रशासन, बेहतर कानून व्यवस्था पर जोर बरेली के राजकुमार सिंह ने भिखारियों व साधुओं की पहचान प्रणाली, फलदार वृक्षारोपण अनिवार्यता और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की बात कही। बस्ती की शाइस्ता फिरोज ने महिला सुरक्षा, स्किल मिशन, डीबीटी व्यवस्था और बाल विकास योजनाओं को सशक्त करने पर जोर दिया। गाजियाबाद के राजेश अग्निहोत्री ने साफ-सुथरा प्रशासन, बेहतर कानून व्यवस्था और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार की मांग की। युवाओं ने दिखाई सबसे अधिक भागीदारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 30 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं ने दिए हैं, जबकि 26 लाख से अधिक सुझाव 31-60 वर्ष आयु वर्ग से और 3 लाख से अधिक सुझाव वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। कृषि और शिक्षा सबसे बड़े फोकस सेक्टर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि (16 लाख) और शिक्षा (15 लाख) सबसे आगे हैं। इसके अलावा ग्रामीण विकास (12 लाख), समाज कल्याण (5 लाख), स्वास्थ्य (4 लाख), पशुधन (3 लाख), इंडस्ट्री (2.5 लाख) और आईटी-टेक (2 लाख) से भी भारी संख्या में सुझाव मिले हैं। जनपदवार आंकड़ों में जौनपुर पहले, संभल दूसरे, गाजीपुर तीसरे, प्रतापगढ़ चौथे और बिजनौर पांचवें स्थान पर हैं। वहीं, इटावा, महोबा, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर और ललितपुर में सुझाव अपेक्षाकृत कम प्राप्त हुए हैं। जन-जागरूकता बैठकों से बढ़ा संवाद महाभियान के तहत राज्यभर में व्यापक जनसंवाद अभियान चलाया गया है। अब तक 214 नगर पालिकाओं, 18 नगर निगमों, 63 जिला पंचायतों, 556 नगर पंचायतों, 751 क्षेत्र पंचायतों और करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में बैठकों व गोष्ठियों का आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागों के बीच संवाद को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047' के अनुरूप प्राप्त सुझावों के आधार पर अब विजन डॉक्यूमेंट निर्माण प्रक्रिया जारी है। यह अभियान न केवल विकास का खाका तैयार कर रहा है, बल्कि साझा भागीदारी के माध्यम से जन-जन तक संवाद का सशक्त सेतु बनता जा रहा है।    

इतिहास में नया अध्याय: राम मंदिर निर्माण हुआ पूरा, रामलला और अन्य भगवानों की भी प्रतिष्ठा

अयोध्या  पूरे विश्व में प्रभु राम के भक्तों में एक अलग ही उत्साह आज देखने को मिल रही है. अयोध्या में आखिरकार वह दिन आ गया. जब प्रभु राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है. राम मंदिर से जुड़ी एक बड़ी जानकारी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साझा की है. चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में बनने वाला प्रभु राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है. इसके अलावा राम मंदिर के साथ ही परकोटे में बनाए जा रहे सभी मुख्य मंदिरों में, जिसमें भगवान शंकर, भगवान गणेश, हनुमान जी, सूर्य, भगवती माता, माता अन्नपूर्णा, शेषअवतार मंदिर पूर्ण रूप से तैयार कर लिया गया है. इन मंदिरों का हो चुका है निर्माण इस पर ध्वज दंड एवं कलश भी स्थापित कर दिया गया है. सप्त मंडप में जितने भी मंदिर हैं, जिसमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त, निषादराज, माता शबरी, माता अहिल्या के मंदिर भी पूर्ण हो चुके हैं. इसके अलावा संत तुलसीदास जटायु गिलहरी की प्रतिमा भी स्थापित कर दी गई है. दरअसल, अयोध्या में 25 नवंबर को ध्वजारोहण का कार्यक्रम होना है, जिसके मौके पर 10000 विशेष मेहमान और खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में मौजूद रहेंगे. 25 नवंबर की वह तारीख है, जब राम मंदिर से प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर की पूर्णता का संदेश देंगे तो विश्व में बैठे राम भक्त भी उत्साहित होंगे. दर्शनार्थियों से जुड़े सभी कार्य पूरे चंपत राय ने स्पष्ट किया कि दर्शनार्थियों की सुविधा और व्यवस्था से जुड़े सभी कार्य पूरे कर दिए गए हैं. वहीं मानचित्र अनुसार सड़कें और फर्श पर पत्थर लगाने का काम एलएंडटी (L&T) द्वारा किया जा रहा है. साथ ही भूमि सौंदर्यीकरण और हरियाली का कार्य जारी है. जबकि 10 एकड़ में पंचवटी का निर्माण GMR कंपनी द्वारा तेज़ी से किया जा रहा है. सिर्फ प्रशासनिक व तकनीकी कार्य शेष ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि ऐसे कार्य ही शेष हैं, जिनका सीधा संबंध जनता से नहीं है. जिसमें 3.5 किलोमीटर लंबी परिसर की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल),ट्रस्ट कार्यालय भवन, अतिथि गृह, भव्य सभागार (ऑडिटोरियम) जैसे कार्य साल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.  

बच्चों की पढ़ाई अब किताबों के ज्ञान के साथ प्रयोगशाला और जीवन से जुड़ेगी

'लर्निंग बाय डूइंग' को नई उड़ान दे रही योगी सरकार, 3288 विज्ञान-गणित शिक्षक बनेंगे कौशल शिक्षक बच्चों की पढ़ाई अब किताबों के ज्ञान के साथ प्रयोगशाला और जीवन से जुड़ेगी ‘लर्निंग बाय डूइंग’ से बदलेंगे कक्षाओं के रंग' बुनियादी शिक्षा में नवाचार की पाठशाला होगी शुरू  3 नवंबर से शुरू होगा नव चयनित 3288 अध्यापकों का महाकैंप दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 03 नवम्बर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक तथा उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ में 16 फरवरी से 18 मार्च तक चलेगा प्रशिक्षण अब स्कूल शिक्षक तैयार करेंगे जिज्ञासा और कौशल-आधारित कक्षाएं, निखरे नौनिहाल गढ़ेंगे भारत का भविष्य  बच्चों को समझने और खोजने की शिक्षा देना है लक्ष्य: संदीप सिंह लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुनियादी शिक्षा को प्रयोगधर्मी, कौशल-आधारित और भविष्य-केंद्रित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर ‘सीखो करके’ (Learning by Doing) की संस्कृति विकसित करने के लिए सरकार शिक्षण पद्धति में व्यापक नवाचार लागू कर रही है। इसी के तहत प्रदेश के 3288 चयनित परिषदीय विद्यालयों और डायट संस्थानों में एलबीडी मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करने की विस्तृत कार्ययोजना पर मिशन मोड में काम जारी है। योगी सरकार अब 3 नवंबर 2025 से दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 1888 अध्यापकों तथा उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ में 16 फरवरी से 18 मार्च तक 1400 (कुल 3288) विज्ञान एवं गणित अध्यापकों के त्रिदिवसीय कौशल आधारित ट्रेनर्स प्रशिक्षण महाकैंप की शुरुआत करने जा रही है। यह आवासीय प्रशिक्षण इस अवधि में कुल 66 बैचों में पूरा होगा। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे कौशल युक्त शिक्षक तैयार करना है, जो आगे विद्यालय स्तर पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रयोगशाला, प्रोजेक्ट, मॉडल, गतिविधि और वास्तविक जीवन अनुभवों से जोड़कर पढ़ाएंगे।  बच्चों को 'समझने, परखने और खोजने' की शिक्षा देना है लक्ष्य:  बेसिक शिक्षा मंत्री बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के कक्षाकक्ष ऐसे हों, जहाँ 'याद करने' की जगह 'समझने, परखने और खोजने' पर ज़ोर हो। यह पहल NEP-2020 के मूल दर्शन और भविष्य की स्किल-इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग और नवाचार-प्रधान भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप भी है। बच्चों को निष्क्रिय श्रोता से सक्रिय शिक्षार्थी में बदलता 'लर्निंग बाय डूइंग' शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो जब एक बच्चा स्वयं प्रयोग करता है, वस्तुओं से खेलते-खेलते सीखता है, प्रश्न पूछता है और समाधान खोजता है; तब उसकी जिज्ञासा, तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टि, अभिव्यक्ति और समस्या-समाधान क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है। यही 'लर्निंग बाय डूइंग' की सबसे बड़ी शक्ति है। यह बच्चों को निष्क्रिय श्रोता से सक्रिय शिक्षार्थी में बदलता भी है। बुनियादी शिक्षा में नई संस्कृति विकसित करने का है प्रयास इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बुनियादी शिक्षा में एक नई संस्कृति विकसित करने का प्रयास माना जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा की एक नई संस्कृति विकसित होगी, जहाँ विद्यालय ज्ञान देने के केंद्र के साथ अनुभवों की प्रयोगशाला बनकर उभरेंगे। यह प्रयास आने वाली पीढ़ी को अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी और रचनात्मक बनाकर नए भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका को मजबूत करेगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने कहा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि हमारा प्रयास है कि बच्चे, निःसंकोच रूप से प्रश्न पूछें, विद्यालयों की प्रयोगशालाएं जीवंत हों, वे मॉडल बनें और अध्यापक, हर कक्षा के विद्यार्थी में सोचने की ताकत जगाने का माध्यम बनें। यही भविष्य के उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था की नई पहचान होगी।

लखनऊ में मुख्यमंत्री ने किया चरण सुहावे गुरु चरण (जोड़े साहिब) यात्रा का स्वागत

गुरु परंपरा ने भारत को दिया त्याग और बलिदान का संदेश- सीएम योगी  लखनऊ में मुख्यमंत्री ने किया चरण सुहावे गुरु चरण (जोड़े साहिब) यात्रा का स्वागत  जहां गुरु के चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य की तरह पवित्र बन जाता है- सीएम योगी   यह यात्रा हमें उस गौरवशाली गुरु परंपरा से जोड़ती है, जिसने भारत की संस्कृति, साहस और बलिदान की भावना को नई दिशा दी- सीएम योगी सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है- मुख्यमंत्री – यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है- मुख्यमंत्री लखनऊ  सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक 'चरण सुहावे गुरु चरण  यात्रा' के पवित्र जोड़ा साहिब का लखनऊ में भव्य स्वागत हुआ। यह यात्रा सिख समुदाय के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर के पवित्र जोड़ा साहिब से जुड़ी है, जो सिख आस्था का अत्यंत पवित्र प्रतीक मानी जाती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवाणी सुनी और यात्रा सदस्यों को पटुका पहनाकर सम्मानित किया। गुरुद्वारा कमेटी ने सीएम योगी को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी परंपरा में यह कहा गया है, ‘जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे।’ अर्थात जहां भी गुरु महाराज के पावन चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य की तरह पवित्र और पुण्यभूमि बन जाता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हमें उस गौरवशाली गुरु परंपरा से जोड़ती है, जिसने भारत की संस्कृति, साहस और बलिदान की भावना को नई दिशा दी। यह त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देने वाली यात्रा है- सीएम सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शुरू हुई है। यह केवल श्रद्धा की यात्रा नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देने वाली यात्रा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और उनके चार साहिबजादों ने जिस प्रकार धर्म, देश और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, वह भारत के इतिहास को नई प्रेरणा देता है। यहियागंज गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई सौ वर्षों से गुरु महाराज के पावन चरण पादुकाएं, जो पहले अखंड भारत के हिस्से पाकिस्तान में थीं, अब पटना साहिब में स्थापित की जा रही हैं। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा इसलिए भी विशेष है क्योंकि गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की स्मृतियां इस स्थान से जुड़ी हैं। यह गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने सिख समुदाय के प्रति आदर व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज की यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस “गुरु चरण यात्रा” को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के संदेश के रूप में आगे बढ़ाएं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परबिंदर सिंह के अलावा गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए महाअभियान, मिशन शक्ति फेज-5.0 की शुरुआत

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति एक क्रांतिकारी पहल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। फेज-5.0 का शुभारंभ 20 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया, यह एक माह लंबा अभियान है, जो महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने पर केंद्रित है। मिशन शक्ति की आधिकारिक वेबसाइट (upmissionshakti.in) के अनुसार, यह पहल जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित वातावरण बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती है। अब तक के चरणों में लाखों महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाली यह योजना फेज-5.0 में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें स्वास्थ्य हेल्पलाइन, ड्राइविंग प्रशिक्षण और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता जैसे नवीन आयाम जोड़े गए हैं। मिशन शक्ति फेज-5.0 का उद्देश्य- मिशन शक्ति फेज-5.0 का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को हिंसा, शोषण और असमानता से मुक्त समाज प्रदान करना है। यह तीन प्रमुख स्तंभों—सुरक्षा (Safety), सम्मान (Dignity) और स्वावलंबन (Self-Reliance)—पर आधारित है। • सुरक्षा: अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे कि अभियान के दौरान 2,500 से अधिक FIR और 3,900 गिरफ्तारियां। • सम्मान: सामाजिक जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को समाज का अभिन्न अंग मानना। • स्वावलंबन: कौशल विकास, उद्यमिता और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च के दौरान कहा, "मिशन शक्ति महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता का मार्ग दिखा रहा है, और इसके सकारात्मक परिणाम हर जगह दिखाई दे रहे हैं।" यह अभियान न केवल सरकारी योजना है, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने वाला जन आंदोलन बन चुका है। सरकार द्वारा महिलाओं को जागरूक करने के तरीके: उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत बहुआयामी जागरूकता अभियान चला रही है, जो ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। यह अभियान स्कूलों, पंचायतों, पुलिस स्टेशनों और सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रहा है। यहां कुछ प्रमुख उदाहरण दिए जा रहे हैं: 1. बाइक रैलियां और सड़क नाटक: 21 सितंबर 2025 को सभी जिलों में विशाल बाइक रैलियां आयोजित की गईं, जिसमें हजारों महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं। इसके अलावा, 45,000 से अधिक स्कूलों में छात्राओं द्वारा नौ दुर्गा रूपों पर आधारित स्ट्रीट प्ले (नुक्कड़ नाटक) प्रस्तुत किए गए, जो महिलाओं की शक्ति और सुरक्षा पर केंद्रित थे। ये कार्यक्रम जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। 2. महिला बीट ऑफिसर तैनाती: अभियान के दौरान 44,177 महिला पुलिसकर्मियों को 57,000 ग्राम पंचायतों और 14,000 शहरी वार्डों में तैनात किया गया। ये अधिकारी घर-घर जाकर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090, 181) और सेल्फ-डिफेंस तकनीकों के बारे में जागरूक कर रही हैं। 3. स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता कार्यशालाएं: 10 अक्टूबर 2025 को मासिक धर्म स्वच्छता पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जहां विशेषज्ञों ने सैनिटरी पैड के सुरक्षित उपयोग और निपटान पर चर्चा की। मिथकों को दूर करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया, जिससे हजारों महिलाओं को लाभ हुआ। इसके अलावा, 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल के तहत 3,000 से अधिक लड़कियों को मुफ्त ड्राइविंग ट्रेनिंग दी जा रही है, जो उनकी स्वावलंबन को बढ़ावा दे रही है। 4. कन्या पूजन और सम्मान समारोह: नवरात्रि के दौरान 5 लाख से अधिक बालिकाओं का कन्या पूजन किया गया, जो शिक्षा, सम्मान और आर्थिक सहायता (कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से) पर जोर देता है। झांसी जैसे जिलों में विशेष आयोजनों में महिलाओं को सम्मानित किया गया, जहां मिशन शक्ति की सफलताओं पर चर्चा हुई। ये अभियान न केवल जागरूकता फैला रहे हैं, बल्कि महिलाओं को सक्रिय भागीदार बना रहे हैं, जिससे अपराध दर में कमी आ रही है। महिलाओं के सम्मान की प्रेरणादायक कहानियां मिशन शक्ति फेज-5.0 ने कई महिलाओं को नई दिशा दी है, जो अब समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं। यहां कुछ चुनिंदा कहानियां हैं: • जौनपुर की रानी देवी: मत्स्य पालन की 'लाखपति दीदी': जौनपुर जिले की रानी देवी एक साधारण गृहिणी थीं, लेकिन मिशन शक्ति और ब्लू रेवोल्यूशन योजना के तहत 15 लाख रुपये की अनुदान राशि और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने मत्स्य पालन व्यवसाय शुरू किया। आज वे न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी सशक्त बना रही हैं। उनकी सफलता उत्तर प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में लहरें पैदा कर रही है। • लखपति दीदी कार्यक्रम की लाभार्थी: आशा और उद्यमिता की मिसाल: नवंबर 2024 तक लाखपति दीदी योजना के तहत हजारों महिलाओं ने स्वरोजगार अपनाया। लखनऊ की एक महिला, जिन्होंने मिशन शक्ति के कौशल विकास केंद्र से सिलाई प्रशिक्षण लिया, आज अपना बुटीक चला रही हैं और 10 अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। यह योजना महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी दिला रही है। • कन्या सुमंगला की कहानी: शिक्षा से सशक्तिकरण: नवरात्रि के कन्या पूजन में सम्मानित एक बालिका, वाराणसी की प्रिया, ने योजना की सहायता से अपनी पढ़ाई पूरी की और अब आईएएस की तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं उत्तर प्रदेश को महिलाओं के सशक्तिकरण में अग्रणी बना रही हैं।" ये कहानियां साबित करती हैं कि मिशन शक्ति केवल योजना नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला आंदोलन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषणों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति फेज-5.0 के लॉन्च और विभिन्न आयोजनों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर गहन चर्चा की है। उनके भाषण समाज को दिशा दे रहे हैं: • लॉन्च समारोह (20 सितंबर 2025): लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, "महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन एक मजबूत समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं। मिशन शक्ति केवल अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। 2017 से पहले बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं, लेकिन आज अंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर पुलिस स्टेशनों तक परिवर्तन आया है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की भी प्रशंसा की। • झांसी सम्मान समारोह (27 सितंबर 2025): "उत्तर प्रदेश ने महिलाओं को सशक्त करने में मजबूत उदाहरण स्थापित किया है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं को मजबूत कर रहे हैं। महिलाओं को शक्ति देना राष्ट्र निर्माण का मूल मंत्र है।" • नवरात्रि कन्या पूजन (अक्टूबर 2025): "कन्या पूजन से हम न … Read more

विकसित उत्तर प्रदेश: 57 लाख से ज्यादा नागरिकों ने साझा किया अपना फीडबैक

विकसित यूपी के लिए अब तक 57 लाख से अधिक लोगों ने दिया फीडबैक फीडबैक में शीर्ष पर रहे जौनपुर, संभल और गाजीपुर 75 जिलों में नोडल अधिकारियों ने किया जनसंवाद  ग्रामीण इलाकों से आए 45 लाख से अधिक सुझाव  28 लाख युवाओं ने दिया भविष्य के विकास पर मत  करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में हुई बैठकें और गोष्ठियां  शिक्षा, कृषि और आईटी पर जनता ने दिए सर्वाधिक सुझाव मुख्यमंत्री योगी का विजन 2047 बना जनआंदोलन  जनता के सुझावों से बनेगा यूपी का विजन डॉक्यूमेंट  सामूहिक भागीदारी से साकार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश' का सपना लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक समर्थ और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान' जनसहभागिता का एक ऐतिहासिक अभियान बन गया है। इस महाभियान के तहत सोमवार तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर जनता से संवाद स्थापित किया और प्रदेश के विकास यात्रा से संबंधित जानकारी साझा की। इस दौरान छात्रों, शिक्षकों, व्यापारियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम नागरिकों के साथ विकास के रोडमैप पर चर्चा कर सुझाव लिए गए। प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 57 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 45 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और 12 लाख नगरीय क्षेत्रों से सुझाव आए हैं। फीडबैक देने वालों में करीब 28 लाख युवा (31 वर्ष से कम आयु), 26 लाख मध्यम आयु वर्ग (31-60 वर्ष) और करीब 3 लाख वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) शामिल हैं। इन सेक्टर के लिए मिले अमूल्य सुझाव विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में लगभग 14.4 लाख, पशुधन एवं डेरी में 2.3 लाख, उद्योग क्षेत्र में 2 लाख, आईटी एवं टेक सेक्टर में 1.6 लाख, पर्यटन क्षेत्र में 1.4 लाख, ग्रामीण विकास में 11.4 लाख, इन्फ्रास्ट्रक्चर में 50 हजार, संतुलित विकास में 83 हजार, समाज कल्याण में 4.4 लाख, नगरीय एवं स्वास्थ्य में 3.9 लाख, शिक्षा क्षेत्र में 13.4 लाख और सुरक्षा सम्बंधित 1 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। सुझाव देने में ये हैं टॉप और बॉटम जिले जनपदवार सर्वाधिक फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (4.5 लाख), संभल (3.8 लाख), गाजीपुर (2.5 लाख), प्रतापगढ़ (1.8 लाख) और बिजनौर (1.7 लाख) रहे। वहीं सबसे कम फीडबैक इटावा (20 हजार), महोबा (26 हजार), हापुड़ (29 हजार), गौतमबुद्ध नगर (29 हजार) और ललितपुर (30 हजार) से मिले। व्यापक जनसंवाद और गोष्ठियों का हुआ आयोजन महाभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में नगर निकायों से लेकर ग्राम पंचायतों तक संवाद बैठकों और गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इनमें 214 नगर पालिकाओं में बैठकें, 227 नगर पालिकाओं में सम्मेलन/गोष्ठियां, 18 नगर निगमों में बैठकें एवं सम्मेलन, 63 जिला पंचायतों में गोष्ठियां, 556 नगर पंचायतों में बैठकें और 577 में सम्मेलन, 751 क्षेत्र पंचायतों में बैठकें और गोष्ठियां तथा करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में भी सफल आयोजन किए गए। इन बैठकों से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद और समन्वय को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047' के अनुरूप प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य सरकार विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है। यह महाभियान जनसहभागिता और सामूहिक विकास की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।    

युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री

61 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश की मेजबानी में आयोजित होगी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जंबूरी, मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में होगा 19वां राष्ट्रीय जंबूरी, 30,000 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की मुख्यमंत्री ने महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और खानपान की व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए 300 एकड़ क्षेत्र में फैले जंबूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम और 100 रसोईघरों की होगी व्यवस्था मुख्यमंत्री का निर्देश, सुरक्षा, सुविधा और समन्वय का मानक होगी राष्ट्रीय जंबूरी, कहा, डिजिटल इंडिया की झलक भी दिखे पहली बार होगा दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो, आरएफआईडी स्मार्ट आईडी कार्ड और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन नेटवर्क राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी देखने को मिलेंगी आयोजन पूर्णतः ग्रीन और सस्टेनेबल हो, कचरा पृथक्करण, ई-कार्ट और ग्रीन वॉल जैसी व्यवस्था भी हो: मुख्यमंत्री विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक बनेगी 19वां राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री जंबूरी में रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज, प्लैंक ब्रिज जैसी स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट एक्टिविटीज का भी होगा आयोजन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगामी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 29 नवम्बर 2025 तक लखनऊ स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिलना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवसर युवा शक्ति के अनुशासन, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की दक्षता, व्यवस्था, सुरक्षा और आतिथ्य क्षमता का परिचायक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आवास, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी व्यवस्थाएं पूरे समन्वय के साथ की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की थीम 'आत्मनिर्भर-स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत' हर स्तर पर प्रतिबिंबित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबिली का ग्रैंड फिनाले होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 28,000 से 29,000 स्काउट्स एवं गाइड्स, विदेशों से लगभग 1,000 से 2,000 प्रतिभागी तथा करीब 5,000 स्वयंसेवक एवं स्टाफ सदस्य सम्मिलित होंगे। आयोजन स्थल लगभग 300 एकड़ क्षेत्रफल में फैला होगा, जिसकी परिधि 7 किलोमीटर से अधिक होगी। योजना के अनुसार, 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम, 100 रसोई और 4 सेंट्रल किचन की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 10 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल वाले मुख्य एरीना स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की सुविधा होगी, जिसमें 12 प्रवेश द्वार, 11 एलईडी स्क्रीन और 5 जर्मन हैंगरयुक्त वीवीआईपी गैलरी बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एक्सपो ग्राउंड में प्रदर्शनी स्टॉल स्थापित किए जाएं, जिनमें राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन युवाओं में तकनीकी, सामाजिक और नेतृत्व कौशल को विकसित करने का अवसर बनेगा। इस उद्देश्य से आईटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना की जा रही है, जहां डिजिटल लर्निंग, लीडरशिप और इनोवेशन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट स्काउटिंग की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी। बैठक में बताया गया कि आयोजन स्थल पर 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, नियंत्रण कक्ष, 11 फायर टेंडर सहित फायर स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय, ओवरसीज कैफेटेरिया और मीडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संपूर्ण आयोजन परिसर को 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रखा जाए, जिसमें नाइट विजन, फेस डिटेक्शन और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली हर समय सक्रिय रहे। प्रकाश व्यवस्था अच्छी हो। उन्होंने यह भी कहा कि देश-विदेश से आ रहे प्रतिभागी युवाओं का लखनऊ प्रवास सुखद हो, इसके लिए आवश्यक है कि विभिन्न विभागों द्वारा तैनात कार्मिकों को अच्छे व्यवहार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और सतत विकास की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जंबूरी पूरी तरह ग्रीन और सस्टेनेबल हो। अधिकारियों ने बताया कि गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण तथा 'ग्रीन वॉरियर्स' कार्यक्रम के माध्यम से यह लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। ई-कार्ट परिवहन, ग्रीन प्लेज वॉल और थीमैटिक सेल्फी पॉइंट्स जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जंबूरी में आने वाले देश-दुनिया के अतिथियों के उत्तर प्रदेश भ्रमण के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। बैठक में यह भी बताया गया कि पहली बार जंबूरी में दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों ड्रोन समन्वित रूप में आकाश में स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, आरएफआईडी आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड से प्रतिभागियों की एंट्री और उपस्थिति प्रबंधन किया जाएगा। व्हाट्सएप आधारित संचार प्रणाली के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि जंबूरी में स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट गतिविधियाँ जैसे रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज और प्लैंक ब्रिज आयोजित की जाएंगी।

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

छठ हमारी सामाजिक एकता, आध्यात्मिक उन्नयन और प्राचीन विरासत का प्रतीक है- सीएम योगी  लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक निर्मल होगी नदी- सीएम योगी  छठ पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है- सीएम योगी – नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता- सीएम – मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में दी शुभकामनाएं, कहा- छठ मईया सबके जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेके आवें – स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक ही आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं- सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने की अपील- सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, स्वच्छता ही ईश्वर की सेवा है – तपस्या, आस्था और नारी शक्ति का अद्भुत संगम है छठ, बहनों की साधना लोककल्याण की भावना को सशक्त करती है- मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा न केवल आध्यात्मिक उन्नयन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता, प्राचीन भारतीय विरासत और प्रकृति से संवाद का प्रतीक भी है। गोमती तट के किनारे लक्ष्मण मेला मैदान में छठ घाट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने छठ गीतों का आनंद लिया और भोजपुरिया सनेश स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में संबोधन देकर श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती निर्मल व अविरल होगी। सीएम योगी ने कहा कि छठ महापर्व विश्वभर में बसे भोजपुरी समाज को आत्मशुद्धि और लोक कल्याण के मार्ग से जोड़ता है। उन्होंने भोजपुरी में शुभकामनाएं देते हुए कहा, "छठ मईया के कृपा सबके ऊपर बनल रहे सभन लोगन के परिवार मे शुख समृद्धि और खुशहाली रहे एकरे खातिन हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत आनी जितना लोग व्रत बाटें उहें खातिर हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत बानी की सबके भगवती उनके सपने के पूरा करें।"  छठ पर्व परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन विरासत को दर्शाता है और प्रकृति से संवाद सिखाता है। चार दिनों की कठिन साधना में बहनों की तपस्या को विशेष रूप से सराहते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक काल से चली आ रही यह परंपरा अब पूरे भारत में फैल चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी इलाकों तक लाखों श्रद्धालु जुड़ रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद और नोएडा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 50 हजार से एक लाख तक भक्त छठ मना रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि कोई मंदिर, सरोवर या तालाब ऐसा नहीं जहां श्रद्धालु न जुड़े हों। यह एकता न केवल सांस्कृतिक है, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है। स्वच्छता सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि कोई देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसके नागरिक राष्ट्रीय कर्तव्य से नहीं जुड़ते। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को छठ से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का आधार है। सीएम योगी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और कूड़े के अंधाधुंध उपयोग पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारकों को हटाएं, उसे नदी-नालों में न फेंकें। अगर हर व्यक्ति इसका पालन करे, तो आधे से अधिक समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में यह प्रयास मदद करेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गोमती में जल स्तर कम होने और बदबू की शिकायतें आईं, लेकिन इस बार प्रशासन, सिंचाई विभाग, नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों की मेहनत से सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले बैठकें हुईं और अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ने स्वच्छता अभियान चलाया। परिणामस्वरूप, गोमती का जल शुद्ध और पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि जल का अर्घ्य अगर शुद्ध न हो, तो भगवान कैसे स्वीकार करेंगे? पूजा स्थल की तरह नदी भी साफ-सुथरी होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि एक से डेढ़ वर्ष में लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि कल प्रातः आयोजन समाप्त होने के बाद स्वच्छता अभियान चलाएं। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है, हर लखनऊवासी और प्रदेशवासी की जिम्मेदारी। सीएम योगी ने की अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना कार्यक्रम में सीएम ने अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना की और कहा कि सम-विषम परिस्थितियों में उन्होंने आयोजन को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री ने छठ को घरों से लेकर नदी तट तक मनाने की परंपरा का जिक्र किया और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठी मैया से प्रार्थना है कि सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, परिवार और समाज में सुख-समृद्धि आए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय, मॉरिशस प्रधानमंत्री के पूर्व सचिव सुरेश रामबरन समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहे।

योगी आदित्यनाथ की बड़ी सौगात: एक और शहर का नाम बदला, विपक्ष पर बोला हमला

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद में विश्व कल्याण आश्रम में आयोजित स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम करने की घोषणा की और पूज्य संतों को नमन करते हुए डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण पर काम कर रही है, जबकि पहले यह पैसा "कब्रिस्तान की बाउंड्री" बनाने में खर्च होता था। कबीरधाम और धार्मिक स्थलों की पहचान बहाल मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया था, जिसे उनकी सरकार ने ठीक किया। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "यह सब सेक्युलरिज्म के नाम पर किया जाता था, जो पाखंड है।" योगी ने संत कबीरदास की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा, "‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई,’ यह वाणी समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। कबीर ने निर्गुण भक्ति की धारा प्रवाहित कर समाज की विसंगतियों को तोड़ा और आत्मा-परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में समझाया।" उन्होंने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कबीर का दोहा उद्धृत किया, "‘गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पांव…’ यह आज भी हमें गुरु की महत्ता याद दिलाता है।" देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहें सीएम योगी ने चेतावनी दी कि समाज विरोधी ताकतें आस्था और जाति के नाम पर देश को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, "समय रहते कमजोरियों को न पहचाना गया, तो यह बीमारियां कैंसर बनकर समाज को खोखला कर देंगी। राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "माता भूमि पुत्रोहम्… यह भूमि केवल मिट्टी नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इसकी सेवा ही सच्ची उपासना है।" भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति के संकट से जूझ रहा था। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। लखीमपुर में विकास की नई धारा सीएम ने बताया कि सीमावर्ती जिला लखीमपुर खीरी में भी विकास की नई लहर चल रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं, एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर बल मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज की धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें।" उन्होंने गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने की बात कही। योगी ने बताया कि सरकार हर गाय के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गोशालाओं की देखरेख करने और रासायनिक खेती को छोड़कर नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, "एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद दे सकती है।" कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशाला का भूमि पूजन भी किया। इस अवसर पर संत असंगदेव जी महाराज, मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संतजन मौजूद रहे।