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सीएम योगी का आश्वासन: जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

सीएम योगी का आश्वासन: जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसमस्याओं पर सीएम योगी का बयान: समाधान देना ही सरकार की प्राथमिकता जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री, हर पीड़ित की समस्या का हो समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण गोरखपुर  गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से सबातचीत करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया।

ब्रिटेन से भारत तक निवेश की योजना: यूपी में मेगा प्रोजेक्ट लाएंगे मेयर राज मिश्रा

अयोध्या इंग्लैंड के वेलिंगबोरो शहर के मेयर राज मिश्रा अपने 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ  आध्यात्मिक नगरी अयोध्या पहुंचे. यहां नगर निगम के महापौर और पार्षदों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान मेयर राज मिश्रा ने अयोध्या की भव्यता और सांस्कृतिक महत्व की सराहना की और इसे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रद्धा और आस्था का केंद्र बताया. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजन अयोध्या को वैश्विक पहचान दे चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी लोग अयोध्या का नाम सुनकर यहां आने की इच्छा रखते हैं. मेयर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण अयोध्या अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में उभरी है. किसान के बेटे से इंग्लैंड के मेयर तक राज मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव से हैं. उन्होंने अपने संघर्ष और सफर की कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने इंग्लैंड की राजनीति में अपनी पहचान बनाई. यह सफर उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव रहा. अयोध्या में मेयर मिश्रा ने श्रीराम जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया. दर्शन के दौरान देरी होने पर उन्होंने प्रभु श्रीराम से क्षमा भी मांगी. इसके अलावा उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भी भेंट की. राज मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की. यह निवेश AI Development Solution Project के तहत किया जाएगा, जिससे प्रदेश में 1000 प्रत्यक्ष और 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार विकसित होंगे. उन्होंने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और अब अयोध्या प्रवासी भारतीयों के लिए श्रद्धा और गौरव का केंद्र बन चुकी है. मेयर मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और पर्यटन को मिली नई दिशा की सराहना की. उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन का सबसे सौभाग्यशाली क्षण बताया.

अयोध्या में ध्वजारोहण: पीएम मोदी 25 नवंबर को देंगे राम मंदिर पूरा होने का संदेश

अयोध्या राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि राम मंदिर सिर्फ राष्ट्र मंदिर नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय राम मंदिर बने। यह बात सभी क्षेत्र, सभी वर्ग और सभी विचारधारा के लोग स्वीकार करें, ऐसा प्रधानमंत्री का सपना है और जब ये सपना साकार होता दिखाई पड़ता है तब मन को संतोष मिलता है। 25 नवंबर अयोध्या के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के शिखर पर 21 फीट का ध्वजारोहण करेंगे। यह दिन ऐतिहासिक इसलिए भी होगा कि इस दिन राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने की घोषणा भी की जाएगी। राम मंदिर के ध्वजारोहण के साथ प्रधानमंत्री पूरे विश्व को राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश देंगे। ध्वज का स्वरूप, रंग और प्रतीक चिन्ह तय करने की जिम्मेदारी चंपत राय को सौंपी ध्वज का स्वरूप कैसा होगा, रंग कैसा और प्रतीक चिन्ह कौन सा होगा, इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया था। 22 जनवरी 2024 को रामलला भव्य महल में विराजमान हुए थे। प्रधानमंत्री मुख्य यजमान थे। प्रधानमंत्री के हाथों विराजमान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करेंगे।   राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर किया जाएगा ध्वजारोहण राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण पूरा होने का विश्व को संदेश दिया जाएगा। 21 नवंबर से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय अनुष्ठान चलेगा। वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में अयोध्या और काशी के विद्वान अनुष्ठान कराएंगे।  

बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव

स्वदेशी हो दीपावली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव मुख्यमंत्री ने कहा- खुफिया तंत्र को रखें सक्रिय, पुलिस बल को हर स्तर पर रखें अलर्ट बोले मुख्यमंत्री- धरातल पर उतरें वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री ने कहा- खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए बोले मुख्यमंत्री- लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा- पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस वर्ष की दीपावली स्वदेशी की भावना के साथ मनाई जाए। हर वर्ग का परिवार पर्व-त्योहारों पर कुछ न कुछ खरीदारी करता है और इस बार यह खरीदारी स्वदेशी उत्पादों की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी हो दीपावली” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी धरातल पर उतरें। उन्होंने कहा कि गत माह दुर्गा पूजा, मिशन शक्ति और दशहरा जैसे बड़े आयोजन प्रशासन और पुलिस की कुशलता से संपन्न हुए हैं, जिसने उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ किया है। अब आगामी पर्व भी हमारी कार्यकुशलता और सजगता को सिद्ध करने का अवसर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अक्टूबर और नवंबर माह में पूरे प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला होगी। इनमें नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और लोकमहापर्व छठ का आयोजन प्रमुख हैं। ये पर्व मात्र नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और सामूहिक चेतना के स्पंदन हैं। हर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि इन पर्वों का आयोजन शांति, सुरक्षा और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली न केवल उत्तर प्रदेश की, बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुके हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे अवसरों पर यातायात, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जब लाखों दीप अयोध्या में जगमगाते हैं और काशी के घाटों पर प्रकाश फैलता है, तो यह दृश्य केवल श्रद्धालुओं का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का मन मोह लेता है। इन पावन क्षणों में किसी भी प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि पर्वों और मेलों के इस उल्लासमय वातावरण को असामाजिक और अराजक तत्व बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा जाए और पुलिस बल को हर स्तर पर अलर्ट मोड में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल किया जाए।   मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के अवसर पर लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों की जगह तालाबों में कराया जाए ताकि नदियों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि पटाखों की दुकानें और गोदाम आबादी से दूर हों। पटाखा विक्रेताओं को समय से लाइसेंस और एनओसी उपलब्ध कराई जाए। जहां भी पटाखों का विक्रय हो, वहां फायर टेंडर की पर्याप्त व्यवस्था हो। पर्यावरण और जीवन के लिए हानिकारक पटाखों का उपयोग रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कठोर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।   मुख्यमंत्री ने एफएसडीए और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि दूध, खोआ, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए। पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांच तेजी से की जाए, लेकिन ध्यान रहे कि किसी व्यापारी या विक्रेता का उत्पीड़न न हो। दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि 12 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में 6 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को आयोग का पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध को चिन्हित कर तत्काल जेल भेजा जाए और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर जातिगत आधार पर भावनाएं भड़काने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन संबंधी अफवाहों में यद्यपि कमी आई है, परंतु इसमें गृह विभाग को और भी प्रभावी कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जुम्मे की नमाज के बाद विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए। माताएं-बहनें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, उनकी सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर हर आय वर्ग का परिवार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दृष्टि से 10 अक्टूबर से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसमें लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए और विक्रेताओं को स्वदेशी उत्पाद बेचने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि "गर्व से कहो यह स्वदेशी है" की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होगा।   मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए। सड़कें और गलियां स्वच्छ और प्रकाशमान हों। जलभराव और गंदगी की समस्या का त्वरित समाधान हो। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नगरों और कस्बों में स्पाइरल लाइटें लगाई जाएं ताकि उत्सव का वातावरण और भी भव्य हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों और पूजा स्थलों पर यातायात व्यवस्था इस प्रकार हो कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को कोई असुविधा न हो। पुलिस और यातायात विभाग आपसी तालमेल बनाकर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव … Read more

मथुरा विवाद: जन्मभूमि मामले की सुनवाई टली, अब न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना करेंगे फैसला सुनने की तैयारी

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुरुवार को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। प्रकरण की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने अब न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना को नियुक्त किया है।  पीठ आज उपलब्ध नहीं थी, इसलिए सुनवाई टल गई। नई तारीख क्या नियत की गई है,  यह भी नहीं पता चल सका है। वाद संख्या नौ में (मंदिर पक्ष के)  अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने यह जानकारी दी। अब तक इस प्रकरण में न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायणन मिश्र सुनवाई कर रहे थे। पिछले दिनों उनका स्थानांतरण लखनऊ खंडपीठ  में हो गया है । अब  मुख्य  न्यायमूर्ति ने सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना को नामित किया है।  

योगी सरकार का बड़ा ऐलान: 1317 करोड़ की योजनाओं से यूपी के विकास को नई रफ्तार

उरई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 507 करोड़ 57 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण और 1,317 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान नून नदी पर बनी साढ़े तीन मिनट की लघु फिल्म मंच पर दिखाई जा रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार अपराह्न 3.10 मिनट पर हेलीकाप्टर से उरई पहुंचे और पुलिस लाइन में उनका हेलीकाप्टर उतरा, वहां से शहर के इंदिरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कार से पहुंचे। उनके द्वारा जनपद में 1824 करोड़ 57 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।   165 परियोजनाओं का किया लोकार्पण  मुख्यमंत्री की ओर से जनपद की 165 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। यह परियोजनाएं 507 करोड़ 57 लाख की लागत से तैयार हुई हैं। इसमें ग्राम्य विकास विभाग की ओर से तीन, राज्य सेतु निगम से पांच, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन से दो परियोजनाओं को तैयार कराया गया है। लोक निर्माण विभाग की 23, जल निगम ग्रामीण की 12, पुलिस आवास की दो, ग्रामीण अभियंत्रण की 18, आवास एवं विकास परिषद की 25, राज्य निर्माण सहकारी संघ की तीन, यूपीपीसीएल की 14, राज्य पर्यटन विकास निगम की पांच, परियोजना अधिकारी डूडा की 20, प्रदेश राज्य निर्माण की एक, लघु सिंचाई की नौ, नगरपालिका उरई की 12, नगरपालिका जालौन की चार, नगर पंचायत कोटरा की तीन, नगरपालिका कालपी की चार परियोजनाएं शामिल हैं। जनपद की करीब 140 परियोजनाओं का शिलान्यास  मुख्यमंत्री की ओर से जनपद की करीब 140 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह 1317 करोड़ की लागत की परियोजनाएं हैं। इसमें पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन की चार परियोजनाएं, जलनिगम नगरीय की दस, लोक निर्माण विभाग की 27, यूपीपीसीएल की सात, आवास एवं विकास परिषद की 21, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की दो, यूपी सिडको की सात, प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ की तीन, राजकीय निर्माण विभाग की एक, सीएंडडीएस की एक, नगरपंचायत कोटरा की 12, लघु सिंचाई की 11, नगरपालिका उरई की 24, नगरपालिका जालौन की चार, नगरपालिका कालपी की एक, डूडा की चार, नगरपंचायत एट की एक परियोजना शामिल है।  

MLC चुनाव अपडेट: जानिए सपा ने किसे कहां से मैदान में उतारा

लखनऊ   यूपी में स्नातक और शिक्षक विधानपरिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए प्रत्याशियों के ऐलान के मामले में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने बाजी मार ली है। पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का गुरुवार को ऐलान कर दिया गया। शिक्षक एमएलसी के लिए दो और स्नातक एमएलसी के लिए तीन प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया गया। यूपी में कुल 11 सीटें खाली हो रही हैं। इन सीटों पर फरवरी में चुनाव संभावित है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। सपा ने शिक्षक एमएलसी के लिए वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव को टिकट दिया है। लाल बिहारी यादव इस समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। इसी तरह गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र से कमलेश को मैदान में उतारा गया है। स्नातक एमएलसी के लिए इलाहाबाद-झांसी से डॉक्टर मान सिंह को उतारा गया है। वाराणसी-मिर्जापुर से आशुतोष सिन्हा को दोबारा मौका दिया गया है। लखनऊ से श्रीमति कांति सिंह को टिकट मिला है। यूपी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव अगले साल फरवरी में संभावित है। इसके लिए वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण 30 सितंबर से शुरू हो चुका है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह एमएलसी सीटें खाली हो रही हैं। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आठ व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की आठ सीटें हैं। जिन पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए एमएलसी का कार्यकाल पूरा होगा उनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी निर्वाचन क्षेत्र शामिल है। ऐसे ही छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए एमएलसी का कार्यकाल पूरा होगा, उनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद एवं गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पुनरीक्षण के लिए अर्हता की तारीख एक नवंबर 2025 तय की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने इस अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पूर्व किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की हो। शिक्षक निर्वाचन मतदाता सूची में उन्हीं लोगों का नाम शामिल किया जाएगा जो माध्यमिक स्कूलों में विगत छह वर्षों के भीतर शिक्षण कार्य में न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि से कार्यरत हों। निर्वाचन आयोग के मानक के अनुसार अधिकतम 16 किलोमीटर की दूरी का पालन करते हुए मतदान केंद्र निर्धारित किए जाएंगे। मतदेय स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाएगा जिससे मतदाताओं को कम से कम दूरी तय करनी पड़े। अगर दोनों के ही मतदाता तो मतदान केंद्र एक ऐसे लोग जो स्नातक व शिक्षण निर्वाचन क्षेत्र दोनों के मतदाता हैं तो उनका मतदान केंद्र एक ही जगह होगा। ऐसा नहीं किया जाएगा कि उन्हें अलग-अलग वोट डालना पड़े। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही मतदान केंद्र बनाएं। किस सीट पर कौन-कौन से जिले लखनऊ स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली व प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं। ऐसे ही वाराणसी स्नातक व निर्वाचन क्षेत्र में बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर व सोनभद्र जिले हैं। आगरा स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जिले हैं। मेरठ स्नातक व शिक्षक स्नातक क्षेत्र में बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली व हापुड़ जिले हैं। इलाहाबाद-झांसी स्नातक व शिक्षक क्षेत्र में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी व ललितपुर जिले हैं। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर व संभल जिले हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी व अंबेडकरनगर जिले शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री ने जालौन को दी 1900 करोड़ से अधिक की 305 विकास परियोजनाओं की सौगात

सीएम ने बच्चों का किया अन्नप्राशन,  प्रदर्शनी का किया अवलोकन यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों की नाक रगड़ती हैः योगी जालौन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन की धरती पर समाजवादी पार्टी और उनके नेताओं को खूब धोया। सपा मुखिया अखिलेश यादव उनके निशाने पर रहे। सीएम ने बताया कि आज सपा मुखिया के बयान को पढ़ रहा था, उन्हें भारत के सामाजिक न्याय के पुरोधाओं और संत परंपरा में सांप्रदायिकता दिखती है और दंगाइयों में शांति के दूत नजर आते हैं, लेकिन डबल इंजन सरकार ने दंगा-फसाद करने वाले शांति के कथित दूतों, बेटियों व व्यापारी के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा करने वालों की जगह बता दी है। यह भी तय कर दिया गया है कि दंगा और दंगाई, अपराध-अपराधियों के साथ खड़े होने वालों की जगह कहां होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को 1900 करोड़ से अधिक की 305 विकास परियोजनाओं की सौगात जालौनवासियों को दी। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया। सीएम ने दीपावली से पहले इन योजनाओं के लिए जालौन वासियों को शुभकामनाएं दीं। यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों को नाक रगड़वाती है सीएम ने कहा कि प्रदेश में त्योहार चल रहे हैं। कुछ लोगों को गलतफहमी हुई। उन्हें लगा कि जैसे सपा सरकार के समय उनके द्वारा उत्सव-त्योहारों के पहले दंगा किया जाता था, हिंदुओं के उत्साह पर पानी फेरने का कार्य होता था, यही कार्य वे अब भी कर लेंगे, लेकिन वे भूल गए कि यह भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों को नाक रगड़वाकर त्योहारों के उत्साह को सुरक्षा व सम्मान के साथ आगे बढ़ाती है। 2017 के पहले त्योहारों में दंगाई उत्साह को भंग करते थे। सपा के नेता कहते थे- लड़के हैं, गलती कर देते हैं सीएम ने कहा कि सपा को सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक अच्छे नहीं लगते थे। वे इन्हें तोड़ने की बात करती थी। समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आते ही सामाजिक न्याय व दलित उत्थान से जुड़े महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों को समाप्त करने की घोषणा की थी। समाजवादी पार्टी ने 2012 में सत्ता में आते ही प्रदेश में एक जनपद, एक माफिया पैदा करके अराजकता फैलाना प्रारंभ कर दिया था। यह लोग नौजवानों के रोजगार पर डकैती और बेटी की सुरक्षा पर सेंध लगाते थे। उस समय इनके नेता कहते थे कि लड़के हैं, गलती कर देते हैं। जिस समाजवादी आंदोलन को लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा आज माफिया, अपराधियों व गुंडों का जमावड़ा बन गई है जिस समाजवादी आंदोलन को डॉ. राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, जनेश्वर मिश्र,  मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा आज गुंडे, पेशेवर माफिया व अपराधियों का जमावड़ा बन गई है। 2017 के पहले भी लोग कहते थे कि देख सपाई, बिटिया घबराई। यह भी कहते थे कि जिस गाड़ी में सपा का झंडा,  देखो होगा सपा का गुंडा। यह लोग गरीबों को लूट रहे थे। राशन, मकान, शौचालय, राहत कार्य, विकास, रोजगार नहीं मिल रहा था। डबल इंजन सरकार को आपने समर्थन दिया तो प्रदेश में गरीब उत्थान के अनेक कार्य हुए। सीएम ने डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं के आंकड़े भी गिनाए। एमएसएमई में दो करोड़ से अधिक नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ तो बड़े निवेश के माध्यम से 60 लाख नौजवानों को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिली है। सपा की गुंडागर्दी की हरकतों से सावधान होइए, बंटेंगे तो कटेंगे- एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे सीएम ने फिर कहा कि किसी किसान, गरीब, वंचित, कमजोर, बेटी, किसान, व्यापारी का शोषण- अत्याचार किया तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। जिस सपा ने पहचान का संकट दिया था। अराजकता का माहौल पैदा किया था। उसकी गुंडागर्दी की हरकतों से सावधान होइए। यह लोग जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। आपस में लड़ाने की चेष्टा करते हैं। इनकी मंशा सफल न होने दीजिए। सीएम ने दोहराया- बंटेगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। जातिवादी मानसिकता के लोगों के चक्कर में नहीं पड़ना है। अन्याय-अत्याचारियों के खिलाफ लड़ना है। यहां के लहलहाते खेतों को सबसे उर्वरा भूमि के रूप में बदलेंगे जालौन ऋषि जलवान की पावन साधना स्थली और भगवान वेदव्यास की पावन स्थली है। इसका पौराणिक महत्व है। फिरंगियों के दांत खट्टे करने में कालपी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। कालपी के हस्तशिल्पियों द्वारा हैंडमेड कागज जनपद को नई पहचान दिलाती है। ओडीओपी के माध्यम से हमने उसे अलग पहचान दिया है। जालौन की विशेषता है कि यहां पांच नदियां (यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी व पहूज) पंचनदा के रूप में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जालौन जनपद के बीच से निकली है तो पंचनदा का प्रोजेक्ट भी बनाकर जालौन जनपद के लहलहाते खेतों को सबसे उर्वरा भूमि के रूप में बदलेंगे। सीएम ने नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने सम-विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए विकास के साथ सोच रखने वाले जनप्रतिनिधियों को विजयी बनाने में योगदान दिया। उन्हीं जनप्रतिनिधियों के परिश्रम के कारण 1900 करोड़ की परियोजना जालौन को उपहार के रूप में प्राप्त हो रही है। सुरक्षा, संरक्षण, खुशहाली व रोजगार के लिए संकल्पित है प्रदेश सरकार सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सरकार विकास, रोजगार, सुरक्षा व स्वावलंबन लेकर आती है। आज भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। किसी ने बेटी की सुरक्षा पर सेंध और गरीब की जमीन पर कब्जे का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमदूत उसका इंतजार कर रहा होगा। अराजकता फैलाने या त्योहारों के रंग में भंग डाला तो ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने के लिए पुलिस की जीरो टालरेंस की नीति कार्य कर रही है। अब प्रदेश में माफिया, अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बेटी की सुरक्षा, व्यापारी का संरक्षण, किसानों की खुशहाली, नौजवानों को रोजगार देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित है। जिन लोगों ने यूपी को बीमारू बनाया था, उनकी मानसिकता बीमार थी सीएम ने कहा कि विकास के पैमाने पर यूपी नए प्रतिमान को स्थापित करता दिखाई दे रहा है। … Read more

गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी करेंगे स्वदेशी मेलों का भव्य शुभारंभ

  शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन, सुगमता से पहुंच सकेंगे आमजन प्रदेशभर में जनपद स्तर पर हो रहा स्वदेशी मेलों का आयोजन, स्थानीय उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्योग विभाग की योजनाओं को मिल रहा व्यापक मंच जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाए जाएंगे मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवाओं की भागीदारी से बढ़ेगी उत्सव की गरिमा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर से स्वदेशी मेले का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना, उद्योगों को बढ़ावा देना और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। हालांकि, कई जनपदों में गुरुवार को ही स्वदेशी मेले की अनौपचारिक शुरुआत हो गई है। हालांकि, इसकी औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शुक्रवार को की जाएगी। दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है, ताकि आम जनता सुगमता से पहुंच सके और सक्रिय रूप से सहभागिता कर सके। उल्लेखनीय है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के अंतर्गत जनपद स्तर पर स्वदेशी मेलों के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोजन के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री समेत अन्य जनपद प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक जनपद के उपायुक्त उद्योग नोडल अधिकारी के रूप में मेले की व्यवस्था देखेंगे और जिलाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए मेले की गरिमा एवं गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित कर रहे हैं। उपलब्ध कराए गए निशुल्क स्टॉल स्वदेशी मेला में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, सीएम युवा, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, वित्त पोषित इकाईयों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य उत्पादकों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व में उपलब्ध कराए गए जन उपयोगी योजनाओं/कार्यक्रमों के स्टॉल भी लगवाए गए हैं। मेले में वस्तुओं एवं सेवाओं के क्रय के लिए जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य रूप से किया गया है। स्वदेशी मेले बनेंगे जीएसटी बचत उत्सव का आधार स्वदेशी मेले को जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा की गई जीएसटी दरों में कमी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे दीपावली और अन्य अवसरों पर अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकें। कार्यक्रम को उल्लासपूर्ण और रोचक बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, विभिन्न शैक्षिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के समन्वय और सहयोग से सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों को मिलेगा मंच इन मेलों में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण उद्योगों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में सजने वाले ये मेले दिवाली के पूर्व “वोकल फॉर लोकल” अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग एवं बाजार से सीधा जुड़ाव दिलाना है।

सीएम ने बीडा सहित अन्य विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के दिए निर्देश

 झांसी जनपद झांसी के दौरे पर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में स्थानीय अफसरों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बुंदेलखंड के विकास की परियोजनाओं को लेकर सीएम ने खास तौर पर अफसरों से जानकारी ली। सीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति का ब्यौरा सीएम के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने पेयजल से संबंधित परियोजनाओं को पूर्ण करने में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि बीडा के अंतर्गत जमीन आवंटन कराने वाले निवेशक तीन वर्षों के भीतर निवेश की प्रक्रिया शुरू करें, इस बात को सुनिश्चित किया जाए। जमीनों के लिए प्रस्ताव आने से पूर्व भूमि अधिग्रहीत कर ली जाए। युवाओं के स्वावलंबन के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे इस क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों में उन्हें नौकरी मिल सके। सीएम ने निर्देश दिए कि माफिया के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्ती से कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अधिकारी बैठक करें। जन प्रतिनिधियों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। मिशन शक्ति के अंतर्गत स्कूल जाने वाली बालिकाओं के साथ संवाद करने और उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को अधिक से अधिक फुट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने निर्देश दिए कि एक करोड़ से अधिक की धनराशि वाली विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए जो नियमित रूप से निरीक्षण करें। जनपद के समस्त किसानों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई तत्काल कराने और अनुदान राशि खातों में ट्रांसफर किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए गोबर से बने पेंट से जनपद के सभी सरकारी भवनों को पेंट कराने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी सरकारी भवनों में गोबर से बने पेंट का उपयोग किए जाने का भी निर्देश दिया। सीएम ने जनपद में तुलसी उत्पादन से जुड़े किसानों को लाभान्वित करने के लिए अफसरों को उन्हें प्रेरित करने को कहा। सीएम ने कहा कि तुलसी के उत्पादन को स्थानीय वैद्यनाथ फर्म से जोड़ा जाए, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही सीएम ने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में जन प्रतिनिधियों को अधिक से अधिक मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी, झांसी के मेयर बिहारी लाल आर्य, सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, मऊरानीपुर विधायक डॉ रश्मि आर्य, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, एमएलसी डॉ बाबू लाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे, डीआईजी आकाश कुलहरि, डीएम मृदुल चौधरी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति आदि उपस्थित रहे।